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शो पीस बनकर रह गया सिविल अस्पताल भानपुरी का शव वाहन

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  • वाहन चालक की नहीं हो सकी है आज तक नियुक्ति, लोग परेशान
  • ऑटो या ट्रेक्टर से ले जाना पड़ता है अस्पताल से शवों को
  • यह प्रमाण है विधायक चंदन कश्यप की निष्क्रियता का : मौर्य

भानपुरी सिविल अस्पताल भानपुरी में शव वाहन तो है, मगर वह किसी का काम का नहीं रह गया है। एक अदद ड्राईवर की नियुक्ति न हो पाने से शव वाहन अनुपयोगी साबित हो रहा है। आज आलम यह है कि शवों को ऑटो या ट्रेक्टर से ढोना पड़ता है। भानपुरी मंडल भाजयुमो के महामंत्री रामप्रसाद मौर्य ने इसे विधायक चंदन कश्यप की निष्क्रियता का प्रमाण बताया है।दिसंबर 2022 में नारायणपुर क्षेत्र के विधायक चंदन कश्यप ने इस अस्पताल को विधायक निधि से शव वाहन उपलब्ध कराया था। छः माह बीत जाने के बाद भी आज तक शव वाहन के लिए चालक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रबंधन के शेड में लाखों का शव वाहन खड़े खड़े कबाड़ में तब्दील हो रहा है।

क्षेत्र की जनता ऑटो, ट्रैक्टर और किराए के वाहन से अपने परिजनों के शव ले जाने पर विवश हैं। भाजयुमो भानपुरी मंडल के महामंत्री रामप्रसाद मौर्य ने क्षेत्र की जनता से जुड़े इस गंभीर और संवेदनशील मसले को उठाते हुए कहा कि विधायक चंदन कश्यप अस्पताल प्रबंधन को शव वाहन देते हुए फोटो खिंचवाकर बाद की अपनी जिम्मेदारी भूल गए। उन्होंने ड्राईवर नियुक्त कराने की जरूरत ही नहीं समझी। मौर्य ने इसे विधायक चंदन कश्यप की निष्क्रियता का प्रमाण निरुपित किया है। रामप्रसाद मौर्य ने कहा कि अस्पताल में शव वाहन होने के वावजूद उसका क्षेत्रवासियों को लाभ नहीं मिल पाना और वाहन चालक नियुक्त नहीं करा पाना विधायक चंदन कश्यप का क्षेत्र के जनता के प्रति असंवेदनशीलता का भी उदाहरण है। आगे उन्होंने कहा कि अस्पताल के शेड ड में खड़े खड़े लाखों का शव वाहन कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है। मौर्य ने कहा कि विधायक अपनी जिम्मेदारी से भागें नहीं, बल्कि तत्काल वाहन चालक नियुक्त करवाकर व्यवस्था को सुचारू बनाएं।

कलेक्टर ने बिखेर दी गरीब बेटी देवकी की अंधेरी जिंदगी में रौशनी

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  • डीएम की पहल पर मोतियाबिंद पीड़ित देवकी की आंख का हुआ सफल ऑपरेशन
  • जनचौपाल में देवकी की मां ने कलेक्टर से लगाई थी गुहार

लोहंडीगुड़ा विकासखंड लोहंडीगुड़ा के हर्राकोडेर गांव की गरीब बेटी देवकी और उसकी मां के लिए बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. मसीहा बनकर पहुंचे। कलेक्टर ने देवकी की अंधेरी जिंदगी में रौशनी बिखेर दी है। मोतियाबिंद पीड़ित देवकी की आंख का सफल ऑपरेशन कलेक्टर की पहल पर हुआ। अब देवकी अपनी पढ़ाई बेहतर ढंग से जारी रख सकेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप पहल करते हुए बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. और तमाम प्रशासनिक अधिकारी गांवों में जाकर ग्रामीणों का दुख दर्द साझा करते हुए लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए जमीनी पहल कर रहे हैं प्रशासन का प्रयास है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को शासन की योजनाओं, सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं आदि का लाभ मिले। इसी कड़ी में बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के अति संवेदनशील क्षेत्र स्थित हर्राकोडेर गांव में कलेक्टर विजय दयाराम के. की मौजूदगी में जिला प्रशासन द्वारा 1 जून को चौपाल लगाई गई थी।

इसी दौरान गांव की एक आदिवासी महिला अपनी पंद्रह वर्षीय बेटी देवकी ठाकुर के साथ चौपाल में पहुंची थी। महिला ने कलेक्टर को बताया कि सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली देवकी की दोनों आंखों में बचपन से मोतियाबिंद है तथा उसे कुछ मानसिक बीमारी भी है। नजर कमजोर होने के कारण देवकी ढंग से पढ़ाई नहीं कर पाती। कलेक्टर ने तुरंत मौके पर उपस्थित लोहंडीगुड़ा के बीएमओ डॉ. नारायण नाग को निर्देश दिया कि देवकी को यथाशीघ्र मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल डिमरापाल अथवा जिला चिकित्सालय जगदलपुर ले जाकर उसकी आंखों का ऑपरेशन और मानसिक बीमारी का ईलाज कराएं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंडीगुड़ा की टीम ने देवकी ठाकुर को स्व. बलिराम कश्यप मेडिकल कॉलेज डिमरापाल पहुंचाया, जहां उसकी दांयी आँख के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन शनिवार को नेत्र चिकित्सक एवं नोडल अधिकारी डॉ. सरिता थॉमस और उनकी टीम ने किया। ऑपरेशन के उपरांत देवकी को ठीक से दिखाई देने लगा है। दूसरी आंख के ऑपरेशन के बाद देवकी की मानसिक बीमारी का भी ईलाज शुरू किया जाइगा।*बॉक्स**मां – बेटी के लिए मसीहा बनकर आए कलेक्टर* दोनों आंखों से ठीक से दिखाई न देने के कारण देवकी की पढ़ाई में बाधा आ रही थी और उसका भविष्य अंधेरे में गुम होता जा रहा था। कलेक्टर विजय दयाराम के ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए देवकी की अंधेरी जिंदगी में उजियारे की किरण बिखेर दी है। देवकी और उसकी मां कलेक्टर विजय दयाराम के. को देवतुल्य मानने लगी हैं। उन्होंने कहा कलेक्टर साहब हमारे लिए मसीहा बनकर हमारे गांव में आए थे। देवकी और उसकी मां की मंशा है कि पूरी तरह ईलाज हो जाने के बाद दोनों मां बेटी कलेक्टर का आभार जताने जगदलपुर जाएंगी, लेकिन गरीबी और आर्थिक तंगी उन्हें अपने मसीहा से मिलने से रोकती प्रतीत हो रही है। कलेक्टर की सादशयता की चर्चा समूचे विकासखंड में हो रही है।*बॉक्स**मोतियाबिंद मुक्त होगा बस्तर जिला*जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग बस्तर जिले को मोतियाबिंद मुक्त जिला बनाने हेतु मिशन मोड में कार्य कर रही है। जिस हेतु सघन सर्वे अभियान 15 मई से प्रारंभ किया गया था, सर्वेक्षण में चिन्हांकित मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन प्रारंभ कर दिया गया है। मोतियाबिंद सर्वे के दौरान कुल 35 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किये गये हैं। नियमित रूप से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, डिमरापाल में ऑपरेशन किये जा रहे है। अभियान अंतर्गत सभी आयु वर्ग के लोगों का निःशुल्क स्क्रिनिंग, जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने मनाया शहीद दिवस

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कल दिनाँक 03 जून को जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने 2,3 जून 1977 के दल्ली राजहरा के लाल मैदान पर अपने हक अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे मजदूरों के ऊपर पुलिसकर्मियों ने गोली चला दिया जिसमें एक बालक सुदामा सहित 11 मजदूर साथी शहीद हो गए जिनके याद में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ प्रति वर्ष 2,3 जून को लाल सलामी दिवस के रूप में मनाते आ रहे है। कल जन मुक्ति मोर्चा के सैकड़ों मजदूर कार्यकर्ता साथी साम 05 बजे जन मुक्ति मोर्चा कार्यालय में एकत्रित होकर लगभग 06 बजे के आस पास रैली निकाल कर शहीद स्मारक पहुंच कर सभी 11 शहीद साथियो को श्रद्धांजलि अर्पित किए और नव बिहान के साथियो ने जन गीत भी प्रस्तुत किये।…इस शहादत दिवस के कार्यक्रम पर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के मूलचंद चंदेल, बसन्त रावटे, यादराम कोर्राम, पवन विश्वकर्मा, सुशील निषाद, पुसउ राम साहू, चंद्रशेखर यादव, संजय निषाद, हितेश साहू, के साथ सैकड़ो मजदूर साथी उपस्थित हुए।

जन्म से लेकर मृत्यु तक हमें जोड़े रखती है डाकसेवा : दीपक बैज

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  • ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण, उनकी मांगों से हम हैं सहमत : रेखचंद जैन

जगदलपुर अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ का द्विवार्षिक सम्मेलन यहां आयोजित किया गया। सम्मेलन में बस्तर के सांसद दीपक बैज और संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन बतौर अतिथि उपस्थित थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद दीपक बैज ने कहा कि आज भले ही संचार के आधुनिक तकनीक आ गए हैं, अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। बावजूद डाक सेवा का महत्व आज तक कम नहीं हो सका है। जन्म से लेकर मृत्यु तक हर परिस्थिति में डाक सेवा हमें जोड़ने का काम करती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी डाक सुविधाओं का महत्व कायम है। डाक विभाग से हम सभी की खट्टी-मीठी यादें जुड़ी हुई हैं। केंद्र की भाजपा सरकार डाक सेवा को धीरे धीरे बंद करने का प्रयास कर रही है। पर हम सभी आपके साथ हैं और केंद्र सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध करते रहेंगे। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि डाक विभाग के साथ मेरा बचपन से संबंध रहा है, क्योंकि बस्तर का डाक सेवा मुख्यालय और मेरा घर आमने-सामने हैं। बचपन से मैं आपके कार्यों को देखते आ रहा हूं। उन्होंने डाक सेवकों की मांगों पर सहमति जताते हुए कहा कि हमारे लोकप्रिय और युवा सांसद दीपक बैज हर मुद्दे पर संसद में मुखर रहते हैं और आपकी मांगों को भी वे संसद में जरूर उठाएंगे।

अब महिला आयोग के लपेटे में आए डॉ. राजन, आज होगी पेशी

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  • स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव ने दर्ज कराया है प्रताड़ना का मामला

जगदलपुर बीएमओ से संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं पद तक पहुंचे डॉ. डी राजन का विवादों से पुराना नाता रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद भी विवाद से उनका पिंड छूटता नजर नहीं आ रहा है। अब उन्हें एक महिला स्वास्थ्य कर्मी को प्रताड़ित और अपमानित करने के मामले में राज्य महिला आयोग के समक्ष हाजिरी और सफाई देनी होगी। महिला आयोग में डॉ. राजन की पेशी 5 जून को होने वाली है।बीएमओ और सीएमएचओ पदों पर रहने के दौरान डॉ. डी राजन पर आर्थिक गड़बड़ी के आरोप तो लगते ही रहे, कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के भी संगीन आरोपों से वे घिरे रहे। स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव उन्हीं प्रताड़ित स्वास्थ्य कर्मियों में शुमार है। आरोप है कि बीएमओ और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पदों पर रहने के दौरान डॉ. राजन स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव को भरी बैठक में असंसदीय और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल कर प्रताड़ित करते रहे। वे सोनिया यादव के खिलाफ निम्न स्तर की भाषा इस्तेमाल करते थे। इस मामले की शिकायत सोनिया यादव ने जिला प्रशासन से तथा विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष की थी। जिला प्रशासन की समझाईश के बाद डॉ. राजन ने सोनिया प्रमोद यादव का फिर कभी अपमान न करने की बात कही थी, मगर उनका रवैया नहीं बदला। प्रमोशन मिलने के बाद तो डॉ. राजन हमेशा सोनिया प्रमोद यादव को अपने टारगेट पर रखने लगे। अंततः सोनिया यादव ने राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। महिला आयोग ने कार्य स्थल पर महिला कर्मी को प्रताड़ित किए जाने का मामला दर्ज किया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक 5 जून को जगदलपुर कलेक्टर कार्यालय स्थित प्रेरणा सभाकक्ष में मामले की सुनवाई करेंगी।

आज होगी आठ मामलों की सुनवाई

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक कलेक्टर कार्यालय जगदलपुर के सभागृह में 5 जून को स्टॉफ नर्स सोनिया प्रमोद यादव के मामले के अलावा सात अन्य मामलों पर भी सुनवाई करेंगी। इन मामलों में जगदंबा सेना, कविता नेगी, रीता बघेल, मीनाक्षी पराशर, प्रीति ठाकुर, शांति देवांगन और भारती ठाकुर की प्रताड़ना से जुड़े मामले शामिल हैं।

कलेक्टर – मेयर की अगुवाई में चला दलपत सागर में सफाई अभियान

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  • जलाशय की सफाई के लिए स्वस्फूर्त हो पहुंचे दर्जनों लोग

जगदलपुर शहर के दलपत सागर में रविवार को कलेक्टर विजय दयाराम के. और महापौर सफीरा साहू के नेतृत्व में वृहद सफाई अभियान चलाया गया। दर्जनों नागरिकों और समाजसेवी तथा पर्यावरण प्रेमी युवाओं ने इसमें सहभागिता दी। नगर के पर्यटन स्थल और सैरगाह के रूप में विकसित हो रही दलपत सागर झील जल कुंभियों, गाद, जलीय घांस और कचरे से पटती जा रही थी। शहर के पर्यावरण प्रेमी युवाओं और दलपत सागर बचाओ अभियान से जुड़े लोगों ने झील की सफाई का बीड़ा उठाया। उनके साथ अन्य नागरिक और समाजसेवी संगठनों के लोग भी जुड़ते चले गए।

अब तो जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन भी इसमें हाथ बंटाने लगे हैं। हर रविवार को दलपत सागर में सफाई अभियान चलाया जाता है। इसी कड़ी में 4 जून रविवार को भी कलेक्टर विजय दयाराम के. एवं महापौर सफीरा साहू की अगुआई में वृहद सफाई अभियान चलाया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, नगर निगम आयुक्त केएस पैकरा, एसडीएम नंदकुमार चौबे, राज्य आपदा मोचन बल, नगर सेना के जवानों, वन विद्यालय के प्रशिक्षुओं, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर, दलपत बचाओ अभियान के सदस्यों, युवोदय के स्वयंसेवकों, स्वच्छता दीदियों, ग्रामीण स्वच्छता मिशन के कार्यकर्ताओं, जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी – कर्मचारियों ने श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में योगदान दिया।

सुने मकान से पीतल कांसा के बर्तन चोरी करने वाले का गुरूर पुलिस ने किया गिरफ्तार

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दिनांक 03.06.2301 चोरी गये माल मशरूका को बरामद कर आरोपी को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर रामजी साहू पिता स्व. इंदल राम साहू उम्र 58 वर्ष साकिन दियाबाती थाना गुरूर जिला बालोद (छ.ग.) हाल थाना गुंडरदेही (छ.ग.) ने दिनांक 02.06.2023 को थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि ग्राम दीयाबाती स्थित प्रार्थी के सुने मकान मे कोई अज्ञात चोर द्वारा घर अंदर प्रवेश कर कमरे के ताला को तोडकर कमरे अंदर रखे बर्तन जिसमें 04 नग पराट पीतल का, 05 नग थाली कांसा, 06 नग लोटा कांसा, 01 नग बटकी कांसा,02 नग बल्टी पीतल, 01 नग हंडा पीतल, 05 गघरा पीतल कुल कीमती 25000 हजार रूपये को को कोई अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है कि प्रार्थी के रिपोर्ट पर अपराध सदर धारा कायम कर विवेचना कार्यवाही मे लिया गया। गंभीरता को देखते हुये उच्च अधिकारियो के दिशा निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक भानुप्रताप साव के नेतृत्व में टीम गठित कर प्रकरण के माल मशरुका एवं आरोपी का पता तलाश हेतु मुखबीर तैनात किया गया मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर संदेही देवकुमार यादव पिता राजेश यादव उम्र 20 वर्ष निवासी धनोरा हाल दियाबाती थाना गुरूर जिला बालोद से पुछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करने पर समक्ष गवाहन के आरोपी देव यादव का मेमोरण्डम कथन लिया गया जो अपने मेमोरण्डम कथन में उक्त चोरी गये मशरूका को चोरी कर अपने घर ग्राम धनोरा मे रखना बताये एवं समक्ष गवाहन एवं आरोपी को साथ लेकर आरोपी के घर ग्राम धनोरा बरामद कर बरामदगी पंचनामा तैयार किया गया है। प्रकरण के आरोपी देव यादव के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से दिनांक 03.06.2023 के 13.30 बजे गिर0 किया गया है। प्रकरण अजमानतीय होने से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।उक्त कार्यवाही में सराहनीय भुमिका:- निरीक्षक भानुप्रताप साव,प्र आर. राजेश टंडन म.प्रआर नर्मदा कोठारी, आरक्षक संजय साहू, योगेन्द्र सिन्हा, प्रवीण राजपुत, पिताम्बर निषाद, बेनीराम साहू म.आरक्षक सुमन साहू का विशेष योगदान रहा।

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बदल डालो वह कानून, जो है बेटियों की हत्या में सहभागी

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  • लिव इन रिलेशन में बेटियों की हत्या पर कवियों ने जताई चिंता
  • छत्तीसगढ़ की कवियित्री शिरोमणि माथुर ने झकझोर कर रख दिया समाज को

रायपुर देश के नामचीन कवियों ने लिव इन रिलेशन की आड़ में बेटियों की हो रही निर्मम हत्याओं पर अपनी रचनाओं के माध्यम से चिंता जताई और ऐसे कानून को रद्द करने पर जोर दिया। दल्ली राजहरा की वरिष्ठ कवियित्री एवं साहित्य मनीषी श्रीमती शिरोमणि माथुर समेत छत्तीसगढ़ की अन्य कवियित्रियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं के जरिए इस सामाजिक विद्रुपता पर जमकर प्रहार किए और समाज को झकझोर कर रख दिया। अभा हिंदी साहित्य सभा की इंदौर शाखा द्वारा ऑनलाईन आयोजित इस काव्य गोष्ठी का विषय ‘नारी अस्मिता का सम्मान, यानि भारत की संस्कृति महान’ था। विषय पर केंद्रित रचनाएं प्रस्तुत करते हुए सहभागी सभी 41 कवियों ने लिव इन रिलेशन कानून को बेटियों की निर्मम हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। कहा गया कि इस कानून की वजह से लव जिहाद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सभी कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिए ऐसी घटनाओं पर चिंता जाहिर की और समाज तथा देश को आगाह किया। कलमकारों ने ऐसे कानून को तुरंत खत्म करने पर जोर दिया, जिसकी वजह से देश में बेटियों का कत्लेआम हो रहा है। संस्था के अध्यक्ष डॉ. बनवारी लाल जाजोदिया यथार्थ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी हमेशा पूजनीय रही है। नारी के रूप में हमारे बीच देवता निवास करते हैं। सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, सीता, पार्वती सभी शक्तिरूपा हैं। लिव इन रिलेशन कानून की छाया में लव जिहाद चलाकर बेटियों की हत्या, धर्म परिवर्तन कराने जैसे घिनौने कृत्यों को अंजाम दिया जा रहा है।टीवी न्यूज चैनल्स और समाचार पत्र इस तरह की खबरों से भरे पड़े रहते हैं। श्री जाजोदिया ने कहा कि एकल परिवार की परिपाटी ने संस्कारों का सर्वनाश कर डाला है। मां – बाप अपनी संतान से अपेक्षा रखते हैं कि बच्चे बुढ़ापे में सहारा बनेंगे, कन्यादान कर पुण्य कमाएंगे, लेकिन वर्तमान में श्मशान तक पहुंचाने के लिए आज के बुजुर्गों की अर्थी को दूसरों के कंधों की जरूरत पड़ने लगी है। मां -बाप के दुख की यह चरम सीमा है। इस दर्द को कानून निर्माता समझें और सख्त कानून बनाएं। ताकि बेटियां सुरक्षित जीवन व्यतीत कर सकें। मुख्य अतिथि के रूप में सहभागी बनी सहायक आयुक्त जीएसटी, भोपाल रक्षा दुबे के उद्बोधन का सार था कि वे स्त्री पुरुष की योग्यता के आधार पर विरोध और प्रतिस्पर्धा का विरोध करती हैं। सबको समान अवसर दिया जाना चाहिए। कल्पना चावला से लेकर इंदिरा गांधी तक ने अपनी अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए देश को नई दिशा दी। जिस नारी को लक्ष्मी माना जाता है, वह आर्थिक संकट में रहती है, जिसे सरस्वती माना जाता है, उसी के पल्ले अशिक्षा आती है और जिसे दुर्गा का रूप माना जाता है, उसी नारी की अस्मिता पर आंच आ जाती है। सुश्री दुबे ने कहा कि सामाजिक समानता की आकांक्षा रखते हुए भी यदि एक पहिया सायकल का और और एक पहिया हवाई जहाज का हो तो यह कैसी समानता? अतः इस विषय पर चिंतन से और स्त्रियां अपने स्वज्ञान से अपने शौक पूरे करें तभी महिलाओं के मनुष्य होने का पहला चरण निरूपित होगा। सरस्वती वंदना आशा जाखड़ ने तथा स्वागत गीत शोभा तिवारी ने प्रस्तुत किया। मुख्य अथिति का परिचय डॉ. स्वाति सिंह ने दिया।सम्मान पत्र का वाचन अशोक द्विवेदी ने, संचालन शोभारानी तिवारी व राजकुमार हांडा ने तथा आभार प्रदर्शन डॉ. राजेंद्र खरे ने किया। इस गंभीर विषय पर अपनी सख्त लेखनी से कहा कि नारी की अस्मिता हमारे देश की पुरानी संस्कृति की धरोहर है। इसे हर हाल में कायम रखना होगा।वर्तमान वातावरण पर गंभीर चिंता जताई गई। अपनी ओजस्वी वाणी से रचना पाठ करने वालों में रानी नारंग, शोभारानी तिवारी, मीना अग्रवाल, संतोष तोषनीवाल, शेषणारायण चौहान बेंगलोर, राजकुमार हांडा, डॉ. रामस्वरूप साहू मुंबई, हुकमचंद कटारिया सनावद, अरविंद अरविंद श्रीवास्तव, पूर्णचंद्र शर्मा, राज गोस्वामी, मनीराम शर्मा सभी दतिया, अंजुल कंसल, दिनेद्र दास कबीर आश्रम, जयप्रकाश नेपाल, मोहन त्रिपाठी गुजरात, राजेश रामनगीना, डॉ. बनवारी जाजोदिया, शिशिर देसाई सनावद, डॉ. राजेंद्र खरे, शिरोमणि माथुर दल्ली राजहरा छ्ग, प्रो. शुभकुमार मधुबनी, निर्मल सिंघल, महेंद्र शर्मा, बिनोद हंसोड़ा, डॉ. विजयलक्ष्मी आगरा, रक्षा दुबे भोपाल, अनिल वर्मा अलीगढ़ शामिल थे।

समर कैंप से होता है बच्चों का मानसिक – बौद्धिक विकास : जैन

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  • राग द म्यूजिकल ग्रुप ने किया था समर कैंप का भव्य आयोजन

जगदलपुर राग द म्यूजिकल ग्रुप द्वारा 11 से 31 मई तक आयोजित “राग रंग” समर कैंप के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने शिविरार्थी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और आयोजकों को साधुवाद दिया। समर कैंप में प्रशिक्षित बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने अतिथियों समेत उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। जैन ने कैंप के प्रतिभागी बच्चों एवं प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया। उपस्थित बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों का मानसिक और बौद्धिक विकास करने के साथ ही उनके भीतर छुपी हुई प्रतिभाओं को भी निखारा जा सकता है। आज जब बच्चों में पढ़ाई को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है और मानसिक तनाव हावी होता जा रहा है।

तब ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता सिद्ध होती है। ऐसे शिविरों के जरिए बच्चों को तनाव मुक्त किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नगर निगम की सभापति कविता साहू ने संस्था के कार्यों को सराहते हुए कहा कि जब कोरोना वायरस संक्रमण अपने चरम पर था आपके ग्रुप ने आन लाइन म्यूजिक के जरिए लोगों का मनोरंजन करने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। इसके अलावा लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जोड़ने का सराहनीय काम आपकी संस्था कर रही है। इस अवसर पर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, नगर निगम सभापति कविता साहू, वरिष्ठ रंगकर्मी हिमांशु शेखर झा, गजल गायक एवं पत्रकार देवशरण तिवारी, वरिष्ठ रंगकर्मी सुरेश जैन, वरिष्ठ नेता राजीव नारंग, सुनील जैन संस्था के अध्यक्ष बीजू विश्वास, सचिव प्रशांत दास, कोषाध्यक्ष ज्योति गर्ग, समीर जैन, रास परब संस्था के अविनाश प्रसाद, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह, विधि विभाग के जिला अध्यक्ष अवधेश झा, कांग्रेस नेत्री एस. नीला, संस्था के पदाधिकारी तथा बच्चों के अभिभावक उपस्थित थे।

संतोसा पंचायत में गोठान योजना का कर दिया गया गुड़ गोबर

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  • बकावंड ब्लॉक की अनेक पंचायतों में एक वर्ष से गोबर खरीदी बंद, उजड़ गया मुर्गी – बकरियों का शेड भी

अर्जुन झा

बकावंड विकासखंड बकावंड की अनेक ग्राम पंचायतों में गोठान और गोधन न्याय योजना का सरेआम गुड़ गोबर करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट को जमीन पर रौंदा जा रहा है। ताजा उदाहरण सतोसा ग्राम पंचायत का है, जहां सालभर से गोबर खरीदी बंद है और मुर्गियों एवं बकारियों के लिए निर्मित कमरे का शेड देखरेख के अभाव में उड़ गया है। लाखों रुपए खर्च कर सतोसा ग्राम पंचायत मुख्यालय में गोठान को विकसित किया गया था। वहां गोबर क्रय करने व वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए टीन शेड वाला स्ट्रक्चर खड़ा किया गया है और मुर्गे, मुर्गियों तथा बकरे बकरियों को रखने के लिए एक बड़ा सा कमरा भी बनाया गया है। लाखों रुपए फूंक डाने के बाद भी सतोसा में एक साल से गोबर की खरीदी नहीं की जा रही है। गोबर खरीदी और मवेशियों के चारा पानी के लिए शासन द्वारा दी जा रही रकम किसकी जेब में जा रही है, यह सवाल ग्रामीण उठा रहे हैं। गौठान में एक वर्ष से गोबर खरीदी बंद रहने की पुष्टि सतोसा के अनेक ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन पंचायत प्रतिनिधियों संस्था के लोगों को गोठान संचालन तथा गोबर खरीदी एवं वर्मी कंपोस्ट बनाने की जिम्मेदारी दी गई है, वे गोठान की तरफ झांकने के लिए भी नहीं आते।

न चूजा है, न मेमना, कमरा हुआ जर्जर

वहीं उन्नत नस्ल की मुर्गी एवं बकरी पालन के लिए तैयार कराए गए कमरे की हालत भी बेहद खराब हो चली है। चारों ओर कमरे की दीवारें खड़ी कर छांव के लिए कमरे के ऊपर टीन का जो शेड लगाया गया था, वह भी उड़ चुका है। जबकि इस कमरे का इस्तेमाल भी शुरू नहीं हो पाया है। इस कमरे में एक चूजा और एक अदद मेमना भी नहीं पहुंच सका है। हैरत की बात तो यह है कि इस मुर्गी – बकरी पालन केंद्र में दरवाजा तक नहीं लगाया गया है। दरवाजे के नाम पर पुरानी साड़ी का पर्दा मात्र लगा दिया गया है। शेड के उड़ जाने से इस कमरे का आधा भाग छत विहीन हो चला है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां आज तक उन्नत नस्ल की मुर्गियां और बकरियां नहीं पहुंचाई गई हैं। इस मद की रकम कहां गई? यह भी एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है। वहीं वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए सीमेंट के जो बड़े बड़े टैंक बनाए गए हैं, उनमें मिट्टी और कचरे का मलबा भरा हुआ है तथा खर पतवार उग आई है।

भूपेश सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास

गोठान एवं गोधन न्याय योजना भूपेश बघेल सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस अभिनव योजना को देश कुछ अन्य राज्यों की गैर कांग्रेसी सरकारों ने भी आत्मसात किया। यह छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गौरव की बात है, मगर बड़े दुख की बात तो यह है दीगर राज्यों के लिए नजीर बन चुकी छत्तीसगढ़ शासन की यह योजना अपने ही जन्मदाता राज्य के एक हिस्से में चरमरा गई है। चर्चा है कि ऐसा करके भूपेश बघेल सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और चंद अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना रवैए और भ्रष्टाचार के चलते विपक्षी दल भाजपा को भूपेश बघेल सरकार पर हमलावर होने का मौका मिल रहा है। बता दें कि भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर गोठान योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरे राज्य में ‘चलबो गोठान, खोलबो पोल’ अभियान चला रखा है। बस्तर संभाग के कई बड़े नेता इस अभियान के तहत गोठानों में लगातार पहुंच रहे हैं।सतोसा ग्राम पंचायत में गोठान योजना की मौत हो गई है और इसके लिए वहां के सरपंच व सचिव ही जिम्मेदार माने जा रहे हैं। गोबर खरीदी बंद रहने, वर्मी कंपोस्ट न बन पाने और मुर्गी – बकरी पालन कक्ष की दुर्दशा पर ग्राम पंचायत के सचिव गोलमोल जवाब देते रहे। वे ठोस कारण नहीं बता पाए।

होगी कड़ी कार्रवाई

आपके जरिए सतोसा ग्राम पंचायत का यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। जल्द ही जनपद पंचायत से एक टीम सतोसा जाकर पड़ताल करेगी। गोबर खरीदी और कंपोस्ट निर्माण का काम बंद रहने तथा अन्य गड़बड़ियों के लिए जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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