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अबूझमाड़ मुठभेड़ में दर्जनों नक्सलियोंके मारे जाने की संभावना; मिले गोला बारूद और 6 लाख कैश

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  • मारे गए साथियों के शव ले भागे नक्सली, छोड़ गए कैश और गोला बारूद 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों के हाथों फिर दर्जनों नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने की खबर आई है। मुठभेड़ के बाद नक्सली अपने मृत साथियों के शव और घायल साथियों को उठा ले गए हैं। इस फेर में वे भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद छोड़ भागे हैं।

सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी माड़ बचाओ अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है।अबूझमाड़ के थाना कोहकामेटा क्षेत्र के कसोड़- कुमुरादी के जंगल में नक्सली संगठन माड़ डिवीजन के साथ शुक्रवार को मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में हथियारबंद सीनियर कैडर माओवादी भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री एवं आवश्यक दैनिक उपयोगी सामग्री छोड़ कर भाग खड़े हुए। मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने अथवा घायल होने की प्रबल संभावना पुलिस ने जताई है। इस मुठभेड़ से नक्सलियों को भारी आर्थिक तथा रणनीतिक क्षति हुई है।भय और हिंसामुक्त माड़ अब दूर नहीं ग्रामीणों में जगी नक्सल भय से आजादी की आशा। नक्सल मुक्त बस्तर का सपना साकाr हो रहा है।नारायणपुर डीआरजी एवं आईटीबीपी 41वीं वाहिनी की इस मुठभेड़ में सराहनीय भूमिका रही है।

ये सामग्रियां हुईं बरामद* मुठभेड़ स्थल से फोर्स ने नगदी राशि, लेपटॉप, बारूद, शोरा नामक पदार्थ, पेट्रोल-डीजल, कुकर बम, एसएलआर, 303 और 12बोर के जिंदा कारतूस, कार्डेक्स वायर सहित भारी मात्रा में अन्य नक्सल दैनिक उपयोगी सामान बरामद किए हैं। कोहकामेटा क्षेत्रान्तर्गत पदमकोट कैंप से 14 अप्रैल को डीआरजी नारायणपुर एवं आईटीबीपी 41वीं वाहिनी की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी। सर्चिंग गश्त के दौरान 15 अप्रैल को ग्राम कसोड़-कुमुरादी के बीच जंगल पहाड़ी में सुरक्षा बलों का हथियारबंद सीनियर माओवादी कैडरों के साथ 2 से 3 घंटे तक भीषण मुठभेड़ हुई। सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख हथियारबंद सीनियर नक्सली सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख भारी मात्रा में नगदी रकम सहित विस्फोटक सामग्री एवं दैनिक उपयोगी सामग्री छोड़कर जान बचाकर भागे।फायरिंग बंद होने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में सघन सर्चिंग की गई। मुठभेड़ स्थल से नगद 6 लाख रूपए, लेपटॉप 11 नग, 50 किग्रा बारूद, 30 किग्रा शोरा नामक पदार्थ, 20-20 लीटर पेट्रोल-डीजल, 2 कुकर बम, एसएलआर के जिंदा कारतूस 130 नग, 12 बोर के जिंदा कारतूस 25 नग, .303 के जिंदा कारतूस 18 नग, कार्डेक्स वायर 2 बंडल, बिजली वायर 10 बंडल, 1 नग नक्सली वर्दी, विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रानिक डिवाईस, दवाईयां, टिफिन, नक्सल साहित्य, जूते सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामान मिले, बारूद, शोरा, पट्रोल-डीजल, कुकर बम, इलेक्ट्रीक वायर एवं विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रानिक डिवाईस, दवाईयों, टिफिन, नक्सल साहित्य, जूते सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामान को मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नष्ट किया गया।

माड़ को बचाना लक्ष्य: एसपी

एसपी नारायणपुर प्रभात कुमार ने कहा कि अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें

आईजी की खुली चेतावनी

पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी.ने कहा कि वर्ष 2025 के शुरूआत में ही माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बलोें द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है। जिसमें डीकेएसजेडसी, डीव्हीसी, एसीएम एवं अन्य छोटे कैडरों के माओवादियों का भारी संख्या में मारे जाने से काफी क्षति हुई है। प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है, इसलिए माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुडे़ अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहें।

बस्तर जिले में आएगी शिक्षा की नई क्रांति

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  •  वालेंटियर्स बच्चों को जोड़ेंगे स्कूल से, समुदाय से संवाद को करेंगे मजबूत 
  • स्वयंसेवी वालेंटियर्स की जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित 

जगदलपुर बस्तर जिले में शिक्षा को जनांदोलन का रूप देने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत स्वयंसेवी वालेंटियर्स को बच्चों को स्कूल से जोड़ने तथा स्कूल और समुदाय के बीच संवाद मजबूत करने के उद्देश्य से सक्रिय रूप से जोड़ा गया है।

यह पहल जिले के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक प्रभावी कदम साबित होगी। साथ ही दीर्घकालीन रूप से एक शिक्षण मॉडल की नींव रखने में सहायक होगी। शुक्रवार को स्थानीय श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार में जिला प्रशासन और यूनिसेफ के तत्वावधान में आयोजित स्वयंसेवी वालेंटियर्स की जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान इस महति पहल के लिए करीब 450 स्वयंसेवी वालेंटियर्स ने अपनी सक्रिय सहभागिता दी। इस दौरान वालेंटियर्स ने एक कदम आगे आकर जागरूक समाज-उन्नत समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यशाला की शुरुआत करते हुए कलेक्टर हरिस एस. ने कहा कि बस्तर के विभिन्न गांवों से चयनित वालेंटियर्स बच्चों के साथ नियमित संवाद करने सहित ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूल में वापस लाने का प्रयास करेंगे और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि इन वालेंटियर्स को आगे विशेष प्रशिक्षण देकर बाल संरक्षण, स्वास्थ्य और पोषण जैसे अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी काम पर लगाया जाएगा, जिससे समग्र बाल विकास सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने वालेंटियर्स से आह्वान करते हुए कहा कि स्वयं से समाज को देने की इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना श्रेष्ठतम योगदान देवें। कलेक्टर ने इस दौरान वालेंटियर्स से सीधे संवाद कर सुझाव लेने सहित उनके शंकाओं का समाधान भी किया। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन ने वालेंटियर्स को सशक्त समाज बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जागरूक युवाओं की यह टीम समाज में बदलाव लाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसका बस्तर के परिप्रेक्ष्य में दायित्व ज्यादा है। यहां के अंदरूनी इलाकों में जहां बच्चों को स्कूल से जोड़ने सहित शिक्षा के प्रति समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है, उन क्षेत्रों में इन वालेंटियर्स की अहम भूमिका होगी।

डीईओ बघेल का संस्मरण

कार्यशाला के आरंभ में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने बताया कि जिले में पहले भी कोविड के दौरान वालेंटियर्स द्वारा कई गांवों में सीख कार्यक्रम और मोहल्ला क्लास के द्वारा बच्चों की पढ़ाई में योगदान दिया गया है। साथ ही बाल सभा, शिक्षा जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। इससे न केवल बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है, बल्कि अभिभावकों और स्कूलों के बीच विश्वास और सहयोग का वातावरण भी बना है। अब पुनः इनकी सेवाओं के माध्यम से शत-प्रतिशत बच्चों को स्कूल से जोड़ने में सफलता अवश्य मिलेगी। यूनिसेफ के रीजनल हेड रवि कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए वालेंटियर्स से आह्वान किया कि स्वयंसेवा एक कर्म नहीं, बल्कि एक संस्कार है। इसलिए स्वयं के साथ समाज को देने के इस पुनीत कार्य में सक्रिय रूप से सहभागी बनें। वहीं युवोदय के जिला प्रमुख भोला शांडिल्य ने उम्मीद जताई कि यह पहल बस्तर में शिक्षा सुधार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी और राज्य के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

वालेंटियर्स ने सुनाए अनुभव

कार्यशाला में अनेक वालेंटियर्स ने अपने अनुभव साझा कर समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने के लिए हरसंभव योगदान देने की कटिबद्धता व्यक्त की। कार्यशाला के दौरान चार दिव्यांग बच्चों को मोबाईल एप से पढ़ाई के लिए मोबाइल एवं किट प्रदान किया गया। इस मौके पर जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और वालेंटियर्स उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में डीएमसी समग्र शिक्षा अखिलेश मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।

देश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में बदलाव की बयार, बड़ेसेट्टी ग्राम पंचायत हुई नक्सल सदस्य मुक्त

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  • बंदूक नहीं, विकास की राह ही बदलाव का मार्ग: उपमुख्यमंत्री शर्मा 
  • एक करोड़ रुपए के विकास कार्यों की हकदार बनी बड़ेसेट्टी पंचायत 

अर्जुन झा-

जगदलपुर देश के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में भी अब बदलाव की बयार बहने लगी है। यहां केंद्र और राज्य सरकार की पहल के शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं।सुकमा जिले की ग्राम पंचायत बड़ेसेट्टी प्रदेश की पहली नक्सल सदस्य मुक्त ग्राम पंचायत बनने का गौरव हासिल कर चुकी है। इसी के साथ यह पंचायत अब एक करोड़ रुपए के विकास कार्यों का हकदार भी बन गई है। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने सुकमा जिले में 11 सक्रिय नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण को ऐतिहासिक बताया है।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद के समाधान के लिए जिस संवेदनशील और दूरदर्शी नीति को अपनाया है, उसका परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। आज का आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि विश्वास, पुनर्वास और विकास की त्रिस्तरीय रणनीति से नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा- मैं आत्मसमर्पण करने वाले सभी का स्वागत करता हूं और उन्हें एक नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देता हूं।छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पीड़ित राहत पुनर्वास नीति- 2025 एवं नक्सली इलवद पंचायत योजना के तहत आज सुकमा जिले की ग्राम पंचायत बड़ेसट्टी से कुल 11 सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में आत्मसमर्पण किया। इस प्रकार बडेसट्टी ग्राम नक्सल सदस्य मुक्त होने वाला प्रदेश का पहला ग्राम पंचायत होगी। इस योजना के तहत ग्राम पंचायत को 1 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यो की स्वीकृति मिलेगी।

पूरे प्रदेश को मिला बड़ा संदेश

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना, पुलिस जवानों की सतत उपस्थिति, नक्सली संगठनों की क्रूरता और भेदभाव तथा शासन की नई नीतियों से मिले भरोसे से मिली यह सफलता न केवल बड़ेसट्टी पंचायत के लिए, बल्कि समूचे सुकमा और बस्तर अंचल के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि अब बंदूक नहीं, विकास की राह ही बदलाव का मार्ग है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नक्सलमुक्त ग्राम पंचायत घोषित होने की शुरुआत सुकमा जिले से हो चुकी है, निश्चित रूप से बस्तर सहित पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतें अब नक्सलमुक्त हो जाएंगी। नक्सलमुक्त होते ही ग्राम पंचायत का भी विकास होगा। नक्सली इलवद पंचायत योजना के तहत ऐसी ग्राम पंचायतों को जहां से सभी सक्रिय नक्सली संगठन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटते हैं, उसे नक्सल-मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जाता है। शासन की इस योजना के अंतर्गत ऐसे ग्राम पंचायतों को एक करोड़ की राशि निर्माण कार्यों हेतु तत्काल स्वीकृत की जाती है। यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन जैसे प्राथमिक ढांचे के विकास में व्यय की जाती है, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके। आत्मसमर्पित नालंस्लियों में से चार पर दो-दो लाख रुपए और एक पर पचास हजार रुपये समेत 8.50 लाख का इनाम घोषित था। सभी आत्मसमर्पि नक्सलियों को पुनर्वास नीति के अंतर्गत 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं हैं। शासन द्वारा उन्हें आगे स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक पुनःस्थापन की दिशा में हर संभव सहायता दी जाएगी।

शर्मा के सुकमा दौरे की उपलब्धि

उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा बस्तर संभाग के सर्वाधिक नक्सलग्रस्त सुकमा और बीजापुर जिलों का लगातार दौरा करते रहे हैं। छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा नक्सली देने वाले सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का भी दौरा श्री शर्मा कर चुके हैं। यह कुख्यात नक्सली हिड़मा का गृहग्राम है। पूवर्ती में नक्सली किसानी भी करते हैं और वहां उनके परिजन रहते हैं। पूवर्ती के पास ही सुरक्षा बलों का कैंप स्थापित हो चुका है, जहां जवान नक्सलियों और उनके परिजनों के बच्चों को पढ़ाई के लिए कोचिंग देते हैं। सीआरपीएफ के डॉक्टर्स और मेडिकल टीम पूवर्ती के ग्रामीणों का इलाज करते हैं। यह मेडिकल टीम कुख्यात नक्सली हिड़मा की बुजुर्ग मां का भी इलाज कर चुकी है। गृहमंत्री विजय शर्मा पूवर्ती में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की चौपाल लगा चुके हैं। इसके अलावा विजय शर्मा इन दोनों जिलों के दूरस्थ नक्सलग्रस्त कई गांवों में बाइक पर बैठकर भी जा चुके हैं।

कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता का उदाहरण पेश किया महापौर संजय पाण्डेय ने

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  • जनता की तकलीफ को देखते हुए खत्म करा दी प्लेसमेंट कर्मचारियों की हड़ताल 

जगदलपुर अपने जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डेय अपनी अवाम की तकलीफों से हमेशा बावास्ता रहते हैं, हर पल अवाम को राहत पहुंचाने की फिक्र करते रहते हैं। इसका ताजा उदाहरण है प्लेसमेंट कर्मचारियों की हड़ताल है। मेयर संजय पाण्डेय ने शहर के लोगों को आ रही दिक्क़तों और इन कर्मचारियों के दर्द को महसूस किया। उन्होंने शानदार पहल करते हुए कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करा दी है। अब शहरवासियों को पेयजल, साफ सफाई, कचरा संग्रहण की दिक्क़त से निजात मिल जाएगी।

प्लेसमेंट कर्मचारियों के काम बंद कर हड़ताल पर चले जाने से शहर में पेयजल आपूर्ति, साफ सफाई, डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसी जरूरी व्यवस्थाएं चरमराने लगी थीं। हालांकि महापौर संजय पांडे और आयुक्त  वर्मा नगर निगम के अन्य कर्मचारियों की मदद से इन सभी व्यवस्थाओं को बहाल कर रहे थे। जिस वजह से शहरवासियों को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई। फिर भी महापौर ने प्लेसमेंट कर्मचारियों के दर्द को महसूस किया। उन्होंने स्वयं हड़ताली कर्मचारियों के बीच जाकर उनसे सार्थक चर्चा की, उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों के निराकरण के लिए शासन स्तर पर जरूर पहल की जाएगी। इसके बाद प्लेसमेंट कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। महापौर ने इस आशय की जानकारी स्वयं दी है। उन्होंने कहा है कि नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को सुचारू करने सार्थक प्रयास शुरू किए है, आज प्लेसमेंट कर्मचारियों के हड़ताल को लेकर सार्थक चर्चा महापौर हुई और हड़ताल समाप्त कर दी गई। महापौर संजय पाण्डेय नगर के सभी पार्षदों से अपील की है कि पेयजल आपूर्ति, डोर टू डोर कचरा संग्रहण ऑटो एवं सफ़ाई व्यवस्था सुचारु रूप से शुरू हो सके इस बात की जानकारी सभी पार्षद एवं अधिकारी कर्मचारी अपने वार्ड में जुटाएं और जहां व्यवस्थाएं बहाल नहीं हुई हैं, उन क्षेत्रों की जानकारी महापौर को दें। ऎसी होती है जन सरोकारों के प्रति एक कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि की सजगता, सदशयता और संवेदनशीलता। महापौर की यह सजगता बताती है कि वे शहर के प्रथम नागरिक होने के अपनए दायित्व को कितनी संजीदगी से निभा रहे हैं। हड़ताली प्लेसमेंट कर्मचारी काम पर लौट आए हैं, यह शहरवासियों के लिए बड़ी राहत की बात है।

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी; उसूर, जांगला एवं नेलसनार क्षेत्र से 2 ईनामी सहित 22 नक्सली गिरफ्तार

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  • टिफिन बम, कार्डेक्स वायर, जिलेटिन स्टीक, डेटोनेटर, बैटरी बरामद 

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने 22 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो नक्सली ईनामी हैं।

बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत 15 अप्रैल को थाना उसूर से पुलिस बल, कोबरा 205वीं और 210वीं वाहिनी की टीम टेकमेटला की ओर एरिया डॉमिनेशन पर निकली थी।अभियान के दौरान टेकमेटला के जंगल से विस्फोटक के साथ 7 सक्रिय नक्सलियों को पकड़ा गया, उनके पास से टीफिन बम, कार्डेक्स वायर, बिजली का तार एवं प्रतिबंधित संगठन का पाम्पलेट आदि बरामद किe गए। इन गिरफ्तार नक्सलियों में रेखापल्ली मिलिशिया सदस्य देवा माड़वी, चैनू माड़वी व रेमल्ला माड़वी, रेखापल्ली डीएकेएमएस सदस्य माड़वी लखमा, रेखापल्ली कृषि शाखा सदस्य लाला मीड़ियम, आरपीसी जनताना सदस्य अंदा माड़वी, रेखापल्ली डीएकेएमएस सदस्य गंगा माड़वी शामिल हैं। थाना जांगला से थाना पुलिस एवं डीआरजी का संयुक्त बल बेलचर, भुर्रीपानी एवं कोटमेटा की ओर एरिया डॉम‍िनेशन पर निकली थी। अभियान के दौरान बेलचर के जंगल से विस्फोटक के साथ 6 सक्रिय नक्सलियों को पकड़ा गया। इनके कब्जे से टिफिन बम, कार्डेक्स वायर, डेटोनेटर, बिजली का तार, बैटरी, खुदाई का औजार, टंगिया आदि बरामद किए गए। इनमें समिला ओयाम आरपीसी सीएनएम सदस्य, संतू ओयाम भूमकाल मिलिशिया सदस्य, सायबो माड़वी भूमकाल मिलिशिया सदस्य, रमेश आरकी आरपीसी मिलिशिया सदस्य, शंकर आरकी आरपीसी मिलिशिया सदस्य, कोहले ओयाम केएएमएस सदस्य शामिल हैं।

इसी तरह थाना नेलसनार से थाना बल एवं कैंप हेमलापारा 8 सी वाहिनी की टीम ने अभियान के दौरान कांदाकरका के जंगल से विस्फोटक के साथ 9 सक्रिय नक्सलियों को पकड़ा। इनके कब्जे से टिफिन बम, कार्डेक्स वायर, डेटोनेटर, बिजली का तार, बैटरी, खुदाई का औजार, नक्सल साहित्य, टंगिया आदि बरामद किए गए। कांदा करका के जंगल से पकड़े गए नक्सलियों में सोमा ओयाम मूलवासी बचाओ मंच अध्यक्ष, मुन्ना ओयाम मूलवासी मंच सदस्य, पीलू ओयाम आरपीसी सदस्य, मोटू ओयाम मूलवासी मंच सदस्य, मंगड़ू ओयाम कोलनार आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, मंगड़ू ओयाम संघम सदस्य, पंडरू ओयाम संघम सदस्य, रामू ओयाम भूमकाल मिलिशिया सदस्य, मुन्नी ओयाम केएएमएस सदस्य शामिल हैं। सभी नक्सलियों के खिलाफ थाना उसूर, जांगला एवं नेलसनार में अलग अलग वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी नक्सलियों को न्यायालय बीजापुर में पेश किया गया।

मनीष कुंजाम के घर छापे के विरोध में सुकमा बंद

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जगदलपुर पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के निवास पर ईओडब्ल्यू और एसीबी की छापेमारी के विरोध में आज सुकमा जिला बंद का आह्वान किया गया है। बंद का असर सुकमा जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में नजर आ रहा है।

पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के सर्मथन में सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता बंद कराने निकल पड़े थे। सुकमा मुख्यालय, कोंटा, छिंदगढ़, केरलापाल, दोरनापाल, तोंगपाल, सभी जगहों पर बंद का असर नजर आ रहा है।

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई विभागीय समीक्षा बैठक, अधिकारीयों को दिए नियत समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश 

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जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप संभाग स्तरीय दौरा कर करेंगे विभागीय कार्यों की समीक्षा निविदा में दोषी पाए गए 108 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर जल संसाधन विभाग के कार्यों के निरिक्षण हेतु बनाया गया संभाग स्तरीय उड़न दस्ता

विभागीय अधिकारीयों को सौ दिन के भीतर टेंडर पूर्ण करने के मंत्री ने दी हिदायत, अन्यथा की जाएगी कड़ी कार्रवाई 

रायपुर। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज विभागीय समीक्षा बैठक शिवनाथ भवन अटल नगर में सम्पन्न हुआ। बैठक में मुख्य अभियंताओं के साथ कार्यपालन अभियंता स्तर तक के सभी अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव के द्वारा बैठक का संचालन करते हुए विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

दोषी पाए गए 108 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश 

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्रवाई कर रही है। पूर्व बैठक में दिए गए दिशा निर्देशों पर किये गए कार्यवाही की जानकारी अधिकारीयों द्वारा नहीं दिए जाने पर मंत्री ने कहा कि 7 जनवरी को आयोजित बैठक में ठेकेदारों के विरुद्ध टेंडर सम्बंधित शिकायतों पर कार्रवाई करने कहा था। मंत्री ने आज समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव और प्रमुख अभियंता को निर्देशित किया है कि जिन ठेकेदारों के द्वारा निविदा में भाग लेते समय गलत जानकारी दिया गया है एवं टेंडर लेने का प्रयास किया गया है, ऐसे दोषी पाये गये लगभग 108 ठेकेदारों के विरूद्ध एक सप्ताह के भीतर ईएमडी राजसात एवं 1 साल के लिए निविदा प्रकिया से बाहर करें

कार्रवाई नहीं जानकरी होने पर उन्होंने प्रमुख अभियंता को एक सप्ताह के भीतर तत्सम्बन्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देशित किया है।

जल संसाधन विभाग के कार्यों की भौतिक निरिक्षण के साथ करेंगे अंतर्रराज्यी और संभाग स्तरीय दौरा

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार की मंसा जल नियोजन की दिशा में बेहतर कार्य करना है। छत्तीसगढ़ प्रदेश का जल प्रबंधन पुरे देश में आदर्श बने इसके लिये हमें कार्य करना हैं। उन्होंने अधिकारीयों से कहा कि विभागीय कार्यों की समीक्षा के साथ वे संभाग स्तरीय दौरा कर किये जा रहे कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन भी करेंगे। मंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में जल संसाधन विभाग के कार्यों के लिये अनेकों संभावनाएं हैं. वर्तमान में हमारी योजना देऊरगांव और मटनार को लेकर स्पष्ट है। जल्द ही कार्य प्रारम्भ होगा. इस योजना के माध्यम से बस्तर क्षेत्रवासियों को जल समस्या से राहत मिलेगी और किसानों को भी सिंचाई समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और इंद्रावती के जल का समुचिय उपयोग होगा। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वे स्वयं इस योजना और कार्य की मॉनिटरिंग करेंगे। केदार कश्यप ने बताया की वर्तमान समय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के दिशा निर्देश पर अंतरराज्यी जल विवादों को सुलझाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं समक्का,जोरानाला, पोलावरम का स्थल भ्रमण करेंगे।

सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का हो जल्द निराकरण

जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा की सुशासन तिहार विष्णुदेव साय सरकार द्वारा लोगों की समस्यायों के निराकरण हेतु मनाया जा रहा है. इस तिहार के माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों एवं मांगों का वर्गीकरण कर मई माह के अंतिम तिथि तक सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें। मंत्री ने कहा की इस कार्य के लिये सभी कार्यालयों से समन्वय स्थापित करने और प्रमुख अभियंता कार्यालय में प्रभारी अधिकारी भी नामित करें। साथ ही जो आवेदन विभाग से संबंधित नहीं है, उसे संबंधित विभाग को 02 दिवस के भीतर हस्तांतरित करें।

स्थानीय जनप्रतिनिधि से समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता सूची बनाये

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिये विधानसभावार 5-5 कार्यों की प्राथमिकता सूची स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा करने के पश्चात एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने इसके साथ ही विभाग में नये दर अनुसूची 2025 का विमोचन आगामी 7-10 दिवस के भीतर करने अधिकारीयों के निर्देश अधिकारीयों को दिए। प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्राथमिकता सूची में शामिल योजनाओं का डी.पी.आर. नये SOR दर पर तैयार करने, प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं में निविदा स्वीकृति का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का दिशा निर्देश प्रदान किया गया।

कार्यों के निरिक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारीयों पर होगी कार्रवाई

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग के अंतर्गत प्रगतिरत् कार्यों को समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की बात करते हुए कहा कि विभागीय कार्यों को पूर्ण करने में कठिनाई उत्पन्न होने पर विभागीय अधिकारीगण आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य को पूर्ण करने हेतु विशेष प्रयास करें ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय में मिल सके।

उन्होंने अधिकारीयों से कहा कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित किया जाये । निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोताही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निरिक्षण हेतु संभाग स्थरीय उड़नदस्ता

समीक्षा बैठक के दौरान आज मंत्री केदार कश्यप ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के निरीक्षण हेतु 03 संभाग स्तरीय उड़नदस्ता की टीम बस्तर संभाग, रायपुर-दुर्ग संभाग एवं बिलासपुर-सरगुजा संभाग में सुशासन तिहार के मध्य में निरीक्षण किये जाने हेतु तत्काल गठित किया किया है।

मुख्य अभियंता अधीक्षण अभियंता भी करेंगे कार्यों का निरिक्षण

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार किसी भी स्थिति में विभागीय कार्यों में लापरवाही नहीं चाहती। जल संसाधन विभाग के निर्माण कार्यों में अब मुख्य अभियंता 5 प्रतिशत कार्यों का और अधीक्षण अभियंता 10 प्रतिशत कार्यों का एवं कार्यपालन अभियंता 100 प्रतिशत कार्यों का अलग – अलग निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन से बदलेगा छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभागीय के कार्यों कि दिशा

समीक्षा बैठक के समापन में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जल संरक्षण और जल श्रोतों का संवर्धन सिर्फ़ नीतिगत मामला नहीं है, यह एक प्रयास भी है और एक गुण भी है। इसमें उदारता भी है और ज़िम्मेदारी भी। उन्होंने कहा, “जल वह पहला मापदंड होगा जिसके आधार पर हमारी आने वाली पीढ़ियां हमारा मूल्यांकन करेंगी।” मंत्री कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि जल सिर्फ़ एक संसाधन नहीं है, बल्कि यह जीवन और मानवता के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्पों के स्मरण करते हुए कहा कि जल संरक्षण, टिकाऊ भविष्य के लिए 9 संकल्पों में सबसे प्रमुख है। उन्होंने जल संरक्षण के सार्थक प्रयासों में जन भागीदारी को बढ़ावा देने कहा । इस दिशा में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट कार्य के लिये उन्होंने अधिकारीयों को बधाई भी दी।

 

सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार हुआ घायल

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  • 24 घंटे में दूसरी सड़क दुर्घटना मानपुर चौक से और अरमुरकसा के बीच 

Big breaking दल्ली राजहरा से अरमुरकसा मार्ग पर मानपुर चौक डायवर्सन रोड के पास मोटरसाइकिल सवार एवं स्कूटी चालक के बीच टक्कर स्कूटी चालक को गंभीर चोट आई।

कल रात घटना की बाद 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी सड़क दुर्घटना घटना मानपुर दल्ली राजहरा डाइवर्सन के पास अंधेरे की वजह से नेशनल हाईवे क्रमांक 930 में दुर्घटना घटी मानपुर से आने वाली गाड़ी है दल्ली राजहरा से आने वाली गाड़ियों में अक्सर संदेह हो जाता है।

विभाग द्वारा नहीं लाइट की व्यवस्था की गई है नाहि रेडियम का कोई बोर्ड लगा है छोटा सा बोर्ड लगाकर अपनी दायित्व से इतिश्री कर ली है लाइट के अभाव में डायवर्सन अक्सर दुर्घटना का कारण बन रहा है।

*कई बार दल्ली राजहरा की ओर आने वाले यात्री मानपुर की ओर चले जाते हैं ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत के बाद भी विभाग के द्वारा कोई भी सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया है। आज की घटना भी इसी का परिणाम है।

बताया जा रहा है कि अरमुरकसा निवासी गुड्डू आपने रिश्तेदार छगन के साथ दल्ली राजहरा से अरमुरकसा अपने निवास की ओर जा रहा था मानपुर की ओर से आ रही मोटरसाइकिल की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया घायल छगन खैरागढ़ निवासी है बताया जा रहा है वह अपने रिश्तेदार के यहां अरमुरकसा आया हुआ था उसे गंभीर चोट आई है वही साथ में पिछे बैठे गुड्डू को मामूली चोट आई है।

लगातार आसपास के लोगों के द्वारा एंबुलेंस के लिए 108 पर फोन लगाने के बावजूद भी कोई फोन रिसीव नहीं किया गया तथा आनंद फाइनल में थाने में सूचना की गई तथा थाना प्रभारी थूल सिंह पट्टावी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे तथा पिकअप के माध्यम से घायल को अस्पताल भेजा गया।

सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल

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बिग ब्रेकिंग – दल्ली राजहरा बालोद मार्ग में जमही टोल प्लाजा के पास बाइक सवार की अज्ञात वाहन से टक्कर मोटरसाइकिल सवार को गंभीर हालत में जिला स्तर अस्पताल भेजा गया मोटर साइकिल क्रमांक सीजी 07 ए सी 3594 सवार का नाम प्रीतम पिता शिवचरण किल्लेकोड़ा का निवासी बताया जा रहा है घटनास्थल पर एक दूसरी गाड़ी का नंबर प्लेट मिला है अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रक से टक्कर हो सकती है मौके पर पुलिस पहुंची घायल को जिला अस्पताल भेज आगे की कार्यवाही जा रही है।

 

कछाला में जैन संतों पर हुए प्राण घातक हमले के विरोध में सकल जैन समाज द्वारा जुलूस निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोपा गया

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ग्राम कछाला नीमच मध्य प्रदेश में जैन संतों पर हुए प्राण धातक हमले के विरोध में सकल‌ जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर कर अनुभागीय दण्डाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोप कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की इस अवसर पर सकल जैन समाज के लोग सहित नगर पालिका उपाध्यक्ष पार्षद व्यापारी संघ के प्रतिनिधि जल प्रतिनिधि सहित सैकड़ो की संख्या में लोग शामिल थेl

दिनांक 13 अप्रैल 2025 को सिंगोली के पास कछाला गांव (म.प्र.) के हनुमान मंदिर में रात्रि विश्राम कर रहे जैन संतो पर कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा जान लेवा हमला कर निर्ममता पूर्वक मारपीट की गई। जिससे पूरा जैन समुदाय स्तब्ध है।

ज्ञात रहे जैन संत सर्व विरत त्यागी होते हैं उनके पास परिग्रह नाम की कोई वस्तु नहीं होती है। अहिंसा के प्रतीक समस्त मानव एवं जीवों के कल्याण हेतु जीने वाले जैन संतो के साथ यह घटना न केवल समाज की शांति और अहिंसा के विरूद्ध है, अपितु मानवीय मूल्यों का भी अपमान है। इस तरह की हृदय विरादक घटना से सम्पूर्ण जैन समाज आहत एवं चिंतित है।

सविनय निवेदन है कि उक्त घटना को संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष जॉव करवायी जाये, एवं जो भी इस घटना के अपराधी है उन पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाये ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही यह भी मांग करते हैं कि राष्ट्र की धरोहर जैन संतो के “विहार” के समय स्थानीय प्रशासन द्वारा समूचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इसी आशा एवं विश्वासके साथ।

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