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विकास के संकल्प के साथ चुनाव मैदान में पत्रकार ओमप्रकाश

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  •  बकावंड जनपद के क्षेत्र-15 से लड़ रहे चुनाव 

बकावंड अपनी कलम से जन समस्याओं को शासन प्रशासन तक पहुंचाता रहा पत्रकार ओमप्रकाश अब खुद समस्याओं को दूर करने का बीड़ा उठाया है। अपने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ओमप्रकाश बकावंड जनपद पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 15 से जनपद सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे हैं।

जोश, जज्बा और ऊर्जा से भरे ओमप्रकाश की मंशा विकासखंड बकावंड की समस्याएं से लोगों को मुक्ति दिलाना क्षेत्र के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना, बिजली की कटौती से जूझ रहे किसानों को राहत पहुंचाना, स्कूलों की समस्याएं दूर कर बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा दिलाना, युवाओं बच्चों को तकनीकी जानकार बनाने की पहल करना है। ओमप्रकाश का कहना है कि वे पद, प्रतिष्ठा या पैसे के लिए यह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि उनका मकसद जनता की सेवा करना है। ओमप्रकाश कहते हैं कि जनपद सदस्य चुने जाने के बाद वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीणों की सलाह पर चलते हुए काम करेंगे और उन्हें हर सुविधा, हर योजना का लाभ दिलाएंगे। बिना किसी राजनीतिक दल की बैसाखी का सहारा लिए ओमप्रकाश स्वतंत्र रूप से यह चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। बरगद पेड़ चुनाव चिन्ह वाले ओमप्रकाश पूरे क्षेत्र को विकास और तरक्की की छांव देने संकल्पित हैं।

बकावंड के भाजपाई जनपद अध्यक्ष की करनी से भाजपा की इज्जत लग गई है दांव पर

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  • 15वें वित्त की राशि की अफरा तफरी ले डूबेगी भाजपा को

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्रीय मद से मिलने वाली 14वें एवं 15वें वित्त की राशि की बकावंड जनपद में बड़े पैमाने पर घपलेबाजी चल रही है। जनपद कार्यालय स्तर पर केवल दो सर्वेसर्वा लोगों ने सभापति एवं सदस्यों को विश्वास में लिए बगैर लाखों रुपयों का फर्जी तरीके से भुगतान अपने चहेतों को कर दिया गया है। अब शासन द्वारा मामले की जांच कराने की बात सामने आ रही है। 23 फरवरी को पंचायत चुनाव निपटने के बाद कभी भी जांच अधिकारियों की टीम इनमें लिप्त लोगों से पूछताछ कर सकती है।

बताते हैं कि जनपद पंचायत की सामान्य सभा में बिना प्रस्ताव पारित कराए विभिन्न ग्राम पंचायतों में बोर खनन, पानी टैंकर उपलब्ध कराने वाटर प्यूरीफायर लगवाने और अन्य कार्यों के नाम पर जनपद अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अपनी ही मर्जी से सभी भुगतान हेतु प्रस्ताव बना दिया गया। ग्राम पंचायतों में पेयजल वितरण हेतु पानी टैंकर उपलब्ध कराने के बाद नाली निर्माण, सफाई के नाम पर भुगतान करना दर्शाया गया है। जबकि ग्राम पंचायतों में ऐसा कोई भी काम नहीं कराया गया है। न बोर कराया गया है, जो टैंकर दिए गए हैं, वे स्तरहीन हैं और महंगी दर पर अपनी चहेती एजेंसी से खरीदा गया है। प्यूरी फायर स्तरहीन हैं। नाली निर्माण या सफाई जैसे कार्य तो करवाए ही नहीं गए हैं। केवल सरकारी धन पर हाथ साफ कर दिया गया है। इस बाद की तस्दीक कई ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने की है। वहीं खेल सामग्री सप्लाई जिन पंचायत में करने की बात सामने आई है उनमें से दो पंचायतों में तो एक भी खेल सामग्री नहीं दी गई है। जहां भेजी गई है, वहां खेल सामग्री की गुणवत्ता पर युवक सवाल उठाने लगे हैं।

तत्कालीन सीईओ एसएस मंडावी और जनपद अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप ने मिलकर यह सारा खेल किया है। पूर्व जनपद सीईओ श्री मंडावी का कार्यकाल बड़ा ही दागदार रहा है। उन्होंने सरपंचों और सचिवों को भ्रष्टाचार की खुली छूट दे रखी थी। पूरे जनपद क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र और राज्य सरकार तथा डीएमएफटी मद से प्राप्त करोड़ों रुपयों के वारे न्यारे किए गए हैं। पंचायत चुनाव के पूर्व एक राष्ट्रीय दल से संबद्ध जनपद अध्यक्ष द्वारा ऐसा कृत्य किए जाने से उस दल की साख क्षेत्र में गिर गई है। वहीं भ्रष्टाचार के चलते जनपद के तत्कालीन सीईओ को कलेक्टर ने बकावंड से हटाकर अन्यत्र पदस्थ कर दिया है। किंतु अब कांग्रेस कार्यकाल के 17 वसूलीबाज सचिवों के माध्यम से जनपद अध्यक्ष बयानबाजी कर अपने ही पार्टी को कटघरे में खड़े करने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार ये 17 सचिव कांग्रेस कार्यकाल में वसूलीबाजी और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात थे। उन्हें पूर्व सीईओ का खुला समर्थन मिल रहा था। इन्हीं सचिवों को अब जनपद अध्यक्ष का सहारा मिल गया है। इन सचिवों के सहयोग से 15वें वित्त कार्ययोजना की रकम की बंदरबांट की गई है। बिना सभी सदस्यों को भुगतान की जानकारी दिए खेल कर दिया गया है। यह मामला पूरा मामला अब विकासखंड के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। अगर ऐसे जनपद अध्यक्ष और पूर्व के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सरकार जल्द दंडित नहीं करती है तो इस विकासखंड में भाजपा को निश्चित रूप से नुकसान होना तय है।

जनपद विकास निधि में भी लोचा

15वें वित्त की कार्ययोजना में गफलत के बाद अब जनपद विकास निधि की राशि में भी लोचा होने की जानकारी सामने आई है। सन 2023- 24 में एक सचिव के माध्यम से पूर्व सीईओ की सहमति से अध्यक्ष द्वारा जनपद विकास निधि की राशि उड़ा दी गई है। अब 2024-25 की राशि को भी उड़ाने की योजना बन रही है। जनपद कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि जनपद विकास निधि के लाखों रुपयों का खेल कर दिया गया है। इस मामले की भी जांच होनी चाहिए तभी जनपद अध्यक्ष की कारगुज़ारी का खुलासा होगा।

भाजपा को दागी पर भरोसा

इस बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले भाजपाई जनपद अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप को दंडित करने के बजाय भाजपा ने उन्हें जनपद व जिला पंचायत चुनाव की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। भारतीय जनता पार्टी ने धनुर्जय कश्यप को तीन चार निर्वाचन क्षेत्रों का प्रभारी बनाया है। जब 15वें वित्त की राशि की अफरा तफरी की चर्चा हर जुबान पर है, तब धनुर्जय कश्यप को चुनाव प्रभारी बनाकर भाजपा ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। लोगों और कई भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस फर्जीवाड़े के बाद भाजपा की बड़ी बदनामी हो चुकी है और अब दागी नेता को प्रभारी बनाकर भाजपा ने अपनी ही इज्जत दांव पर लगा दी है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष रह चुके मनीराम कश्यप के जनपद सदस्य पद का चुनाव हारने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अब भाजपा को और भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सरपंच पति, सचिव की पत्नी और शिक्षक के खातों में पहुंची सड़क मरम्मत के नाम पर राशि

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  • सड़क मरम्मत कराए बिना निकाल लिए लाखों रुपए 
  • सतोषा-1 पंचायत में सचिव- सरपंच का खेल 

अर्जुन झा-

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत सतोषा-1 में कागजों पर सड़क मरम्मत कराकर लाखों रूपयों की राशि हजम करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी बिल लगाकर लगभग 5 लाख की राशि सरपंच पति धरमू राम कश्यप और मोहलई के शिक्षक बलदेव कश्यप और पंचायत सचिव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पत्नी के खातें में मई 2023 में ट्रांसफर कर दी गई। वहीं आंगनबाड़ी भवन मरम्मत के नाम पर भी राशि की बंदरबांट करने का आरोप ग्रामीणों लगाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत सतोषा-1 में तेतरगुड़ा से मरदामुंडा मार्ग एवं आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत के नाम पर 14वें एवं 15वें वित्त की राशि में घपलेबाजी की गई है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच- सचिव ने फर्जी बिल पेश किए और राशि की बंदरबांट की है। सड़क मरम्मत एवं अन्य कार्यों को सिर्फ कागजों में कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। तेतरगुड़ा से मरदामुंडा तक सड़क मरम्मत के नाम पर राशि का आहरण किया गया है। इसका जियो टैग नंबर 76324160 है। 21 मई 2023 को एक लाख रूपए पंचायत के खाते से डीएससी के माध्यम से बलदेव कश्यप के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। बलदेव कश्यप पेशे से सरकारी शिक्षक और मोहलई संकुल के समन्वयक भी हैं। बलदेव कश्यप के नाम से दूसरी दफे भुगतान 3 जून 2023 को किया गया है जिसका टेग नं. 58810786 है। इसी प्रकार सड़क मरम्मत के नाम पर 21 मई 2023 को पंचायत खाते से डी.एस.सी के माध्यम से धरमू राम कश्यप के खाते में एक लाख 50 हजार ट्रांसफर किए गए हैं, जिसका टैग नं. 76324160 है। धरमू राम उसी पंचायत की सरपंच के पति हैं। जिनके नाम से आंगनबाड़ी में दरवाजा खिड़की मरम्मत के नाम पर 10 जून 2024 को 15 हजार ट्रांसफर किए गए हैं। उसी सड़क मरम्मत के नाम पर 21 मई को लछिम कश्यप के खाते में 50 हजार ट्रांसफर किए गए हैं। बताया गया है कि लछिम कश्यप पंचायत सचिव की पत्नी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है।

हुई ही नहीं सड़क मरम्मत

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस सड़क मरम्मत के नाम पर लाखों रूपयों का भुगतान किया गया है। उक्त सड़क पर मुरूम डालना तो दूर क्या एक फावड़ा तक नहीं चलाया गया है। कागजी कार्रवाई पूर्ण कर शासकीय राशि की बंदरबांट कर ली गई है। सरपंच और सचिव ने सांठगांठ से फर्जी बिल तैयार कर अपने रिश्तेदारों के खातों में राशि ट्रांसफर करा ली है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। मोहलई संकुल समन्वयक बलदेव कश्यप ने इस बात को स्वीकार किया है कि सतोषा पंचायत-1 से उनके खाते में दो-तीन बार राशि ट्रांसफर की गई है। यह राशि लगभग 250 ट्रेक्टर मुरूम ढुलाई के एवज में दी गई है। सरपंच पति से संपर्क नहीं होने के कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं ली जा सकी।

वर्सन:

ग्रामीणों के आरोप झूठे

सड़क मरम्मत एवं आंगनबाड़ी मरम्मत कार्य कराया गया है, जिसके एवज में सरपंच पति, शिक्षक एवं अन्य ट्रेक्टर मालिकों के खातों में राशि ट्रांसफर की गई है। चुनाव के कारण ग्रामीण झूठे आरोप लगाकर सरपंच सचिव को बदनाम कर रहे हैं।

महेश कश्यप,   पंचायत सचिव, सतोषा 

वर्सन

होगी मामले की जांच* मामले की जांच कराई जाएगी जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी

परमेश्वर कुर्रे, जनपद सीईओ बकावंड

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने त्रिवेणी संगम में किया पवित्र कुंभ स्नान

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  • पूजा-अर्चना कर की सर्व कल्याण की कामना 

रायपुर महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देशवासियों के सर्वकल्याण की कामना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक है, जहां श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर आत्मशुद्धि एवं मोक्ष प्राप्ति का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम का यह पुण्य स्नान न केवल आध्यात्मिक उन्नयन का अवसर है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की अद्वितीय छटा भी प्रस्तुत करता है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने त्रिवेणी संगम में स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कुंभ क्षेत्र में मौजूद श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका कुशलक्षेम भी पूछा।

मनीराम कश्यप की हुई हार

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बकावंड भारतीय जनता पार्टी का दांव बकावंड जनपद में अक्सर उल्टा पड़ जाता है। पार्टी ऐसे व्यक्ति को चुनावी समर में उतार देती है, जो जीतने का जरा भी माद्दा नहीं रखता। ऐसे ही भाजपा नेता हैं मनीराम कश्यप, जो पहले विधानसभा का चुनाव हारे थे और अब जनपद सदस्य का चुनाव हार गए हैं।

मनीराम कश्यप बकावंड विकासखंड में जाने पहचाने चेहरे हैं। वे सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहे हैं। इसी वजह से बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बस्तर सीट से उम्मीदवार बनाया था, मगर वे कांग्रेस के लखेश्वर बघेल से यह चुनाव हार गए। इसके बाद पार्टी ने उन्हें त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 19 मैदान पर उतार दिया। इस चुनाव में भी मनीराम कश्यप को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसका मतलब है कि क्षेत्र में भाजपा का जनाधार खिसक चुका है। इसके पीछे बहुत सारे कारक हैं। एक बड़ा कारक तो मौजदा जनपद अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप की कार्यशैली भी है। आरोप है कि धनुर्जय कश्यप ने केंद्र सरकार से मिलने वाली 15वें वित्त की राशि में बड़ा गोलमाल किया है। यह मामला उजागर होने के बाद भाजपा की साख पर बट्टा लग गया है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि मनीराम कश्यप की हार भी इसी वजह से हुई है।

नक्सलियों को पसंद नहीं है आदिवासी बच्चों की पढ़ाई लिखाई

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  • बच्चों के सामने स्कूल से उठा ले गए शिक्षादूत को
  • तोड़मा के शिक्षादूत और युवक की जन अदालत लगाकर की हत्या
  • बच्चों के सामने ही बेरहमी से पीटा गया शिक्षादूत को 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर नक्सली नहीं चाहते कि बस्तर के आदिवासी बच्चे पढ़ लिखकर तरक्की करें। यही वजह है कि वे बच्चों के कल्याण का कार्य कर रहे शिक्षा दूत और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक की हत्या करने लगे हैं। नक्सली बीजापुर जिले के एक स्कूल में अध्यापन करा रहे एक शिक्षा दूत को बच्चों की नजरों के सामने उठा ले गए और फिर उसे मार डाला। इसके अलावा एक ग्रामीण युवक की भी हत्या नक्सलियों द्वारा कर दी गई। कुछ माह पहले ही नक्सलियों ने एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भी हत्या कर दी थी। ये घटनाएं साबित करती हैं कि नक्सली बस्तर के आदिवासी बच्चों और उनके परिवारों को शिक्षित एवं सुपोषित होते देखना पसंद नहीं करते।

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के माड़ क्षेत्र में तुसवाल संकुल की प्राथमिक शाला तोड़मा में पदस्थ 25 वर्षीय शिक्षादूत बामन राम कश्यप और 22 वर्षीय ग्रामीण युवक अनीस की सशस्त्र नक्सलियों ने दिनदहाड़े हत्या कर दी। सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों ने पहले शिक्षादूत बामन राम कश्यप को स्कूल से बच्चों के सामने पकड़ा फिर युवक अनीस को पकड़ लिया। दोनों को नक्सली जंगल में ले गए। जहां जन अदालत लगाकर उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। इसके बाद धारदार हथियार से बामन राम और अनीस की हत्या कर दी गई। इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक यह घटना उस वक्त हुई जब शिक्षादूत बामन राम अपने स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा था। स्कूल में 10-15 हथियारधारी नक्सली आ धमके और बच्चों के सामने ही शिक्षादूत के साथ बेरहमी से मारपीट की। इससे सारे बच्चे डर गए थे। बामन राम को पीटते हुए नक्सली पास के जंगल में ले गए। घटना के समय मौजूद बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे। स्कूल में पढ़ने वाले पहली व दूसरी के 20-22 बच्चे अपने घर भाग खड़े हुए। नक्सली ग्रामीण युवक अनीस को भी साथ ले गए‌। सूत्रों ने बताया कि होनहार शिक्षादूत बामन राम ने गांव के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए स्कूल अपने प्रयास से खुलवाया था और लगभग एक सत्र ही स्कूल चल पाया है। जानकारों ने बताया कि तोड़मा स्कूल जो वर्षों से बंद था उसे खोल कर बच्चों को शिक्षा देने का काम शिक्षादूत बामन राम कर रहा था। बामन कश्यप के शिक्षा के प्रति ललक से संकुल के शिक्षक भी प्रभावित रहे हैं।हथियारधारी नक्सलियों ने ग्रामीणों के सामने बुधवार को दिन में जन अदालत लगाकर शिक्षादूत बामन राम और ग्रामीण युवक अनीस के संबंध में गहन पूछताछ करने के बाद जंगल ले जाकर हत्या की। सूत्रों ने बताया कि माड़ क्षेत्र के एरिया कमेटी ने इस घटना को अंजाम दिया है।

शिक्षादूत ने खुलवाया था बंद स्कूल को

अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित तोडमा स्कूल वर्षों से बंद था। ग्रामीणों के मांग पर बामन राम कश्यप एक साल से स्कूल संचालित कर रहा था। तुसावल संकुल के अंतर्गत तोड़मा स्कूल तक इंद्रावती नदी को पार करके जाना पड़ता है। तोड़मा स्कूल के अलावा नदी पार आधा दर्जन से ज्यादा स्कूल संचालित हैं। शिक्षादूत की हत्या से शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षकों के लिए ऐसे क्षेत्रों में कार्य करना जोखिम से कम नहीं है। नक्सली ऐसे इलाके में कार्य करने वालों को शक की नजर से देखते हैं। इस कारण कर्मचारियों का आवासीय स्थान से आना-जाना लगा रहता है। नक्सली निराधार शक में और बेवजह आरोप लगाकर निरीह ग्रामीणों की हत्याएं करते आ रहे हैं।

जला चुके हैं पचासों स्कूल

एक दौर था जब नक्सली सरकारी सांपत्तियों को बेतहाशा नुकसान पहुंचाया करते थे। वे पचासों स्कूल भवनों को जला चुके हैं, सैकड़ों पुल पुलिया ध्वस्त कर चुके हैं। अब वे शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने लगे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदिवासी बच्चों को सुपोषित करने व उन्हें अक्षर ज्ञान देने का काम करती हैं। नक्सली बीजापुर जिले में एक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मौत की नींद सुला चुके हैं, अब शिक्षादूत को उन्होंने मार डाला। ये सारी घटनाएं जाहिर करती हैं कि नक्सली आदिवासी बच्चों की शिक्षा दीक्षा, उनके सुपोषण और गांवों की तरक्की होते देखना पसंद नहीं करते। खुद को आदिवासी हितैषी बताने वाले नक्सली असल में आदिवासियों के दुश्मन हैं।

सरपंच पति और शिक्षक के खातों में पहुंची सड़क मरम्मत की राशि

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  •  कागजों में सड़क मरम्मत कर राशि की बंदरबांट 
  • सतोषा-1 पंचायत में सचिव- सरपंच का खेल 

अर्जुन झा-

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत सतोषा-1 में कागजों पर सड़क मरम्मत कराकर लाखों रूपयों की राशि का बंदरबांट करने का मामला सामने आया है।ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी बिल लगा कर लगभग 5 लाख की – राशि सरपंच पति धरमू राम कश्यप और मोहलई के संकुल समन्वयक बलदेव कश्यप के खातें में मई 2023 में राशि भुगतान की गई है। वहीं आंगनबाड़ी मरम्मत के नाम पर भी राशि बंदरबांट करने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव में कई वादे तो किये जा रहे वर्षों बाद भी सड़क पानी की समस्या से ग्रामीणों को राहत नहीं मिल पाई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सतोषा-1 में तेतरगुड़ा से मरदामुंडा मार्ग मरम्मत एवं आंगनबाड़ी मरम्मत एवं 14वें एवं 15वें वित्त मद की राशि की बंदरबांट की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच- सचिव ने साठगांठ कर फर्जी बिल तैयार के जरिए राशि की बंदरबांट की है। कागजी सड़क मरम्मत एवं अन्य कार्यों को कागजों में कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया है। जो इस चुनाव में सरपंच एवं जिला-जनपद सदस्यों को सबक सिखाने का कमर कसी है। जनपद कार्यालय से सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेतरगुड़ा से मरदामुंडा तक सड़क मरम्मत के नाम पर राशि का आहरण किया गया है। इसका जियो टैग नंबर 76324160 है। 21 मई 2023 को एक लाख रूपए पंचायत के खाते से डी.एस.सी के माध्यम से बलदेव कश्यप के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। बलदेव कश्यप पेशे से सरकारी शिक्षक हैं। वे मोहलई के संकुल समन्वयक हैं। बलदेव कश्यप के नाम से दूसरी दफे भुगतान 3 जून 2023 को किया गया है जिसका टेग नं. 58810786 है। इसी प्रकार उक्त सड़क मरम्मत के नाम पर 21 मई 2023 को पंचायत खाते से डी.एस.सी के माध्यम से धरमू राम कश्यप के खाते में एक लाख 50 हजार ट्रांसफर किए गए हैं, जिसका टैग नं. 76324160 है। धरमू राम उसी पंचायत की सरपंच के पति हैं। जिनके नाम से आंगनबाड़ी में दरवाजा खिड़की मरम्मत के नाम पर 10 जून 2024 को 15 हजार ट्रांसफर किए गए हैं। उसी सड़क मरम्मत के नाम पर 21 मई को लछीम कश्यप के खाते में 50 हजार ट्रांसफर किए गए हैं।

हुई ही नहीं सड़क मरम्मत

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस सड़क मरम्मत के नाम पर लाखों रूपयों का भुगतान किया गया है, उक्त सड़क में मुरूम डालना तो दूर क्या एक फावड़ा तक नहीं चलाया गया है। कागजी कार्रवाई पूर्ण कर शासकीय राशि की बंदरबांट कर ली गई है। सरपंच और सचिव ने सांठगांठ से फर्जी बिल तैयार कर अपने रिश्तेदारों के खातों में राशि ट्रांसफर करा ली और पंचायत के विकास कायों की राशि की बंदरबांट कर अपनी जेब गर्म की है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। मोहलई संकुल समन्वयक बलदेव कश्यप ने इस बात को स्वीकार किया है कि सतोषा पंचायत-1 से उनके खाते में दो से तीन बार राशि ट्रांसफर की गई है। यह राशि लगभग 250 ट्रेक्टर मुरूम ढुलाई के एवज में दी गई है। सरपंच पति से संपर्क नहीं होने के कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं लिया जा सकी।

वर्सन:

ग्रामीणों के आरोप झूठे

सड़क मरम्मत एवं आंगनबाड़ी मरम्मत कार्य कराया गया है, जिसके एवज में सरपंच पति, शिक्षक एवं अन्य ट्रेक्टर मालिकों के खातों में राशि ट्रांसफर की गई है। चुनाव के कारण ग्रामीण झूठे आरोप लगाकर सरपंच सचिव को बदनाम कर रहे हैं।

महेश कश्यप,

     पंचायत सचिव, सतोषा 

वर्सन 

होगी मामले की जांच* मामले की जांच कराई जाएगी जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

श्री कुर्रे,जनपद सीईओ बकावंड

मेयर संजय पांडे ने लिया बागेश्वर सरकार से आशीर्वाद

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जगदलपुर महापौर संजय पांडे ने मध्यप्रदेश के ग्राम गढ़ा स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में आज बालाजी बागेश्वर हनुमान जी एवं सन्यासी बाबा और गुरुजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर संजय पांडे ने बागेश्वर धाम सरकार पीठाधीश्वर आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

भाजपा और कांग्रेस के लिए चुनौती बन गए हैं बनवासी मौर्य; मिल रहा है व्यापक जनसमर्थन

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  •  जिला पंचायत के क्षेत्र -9 से उम्मीदवार हैं बनवासी
  •  काम आ रही है क्षेत्र में उनकी सतत सक्रियता 
    अर्जुन झा-
    बकावंड पंचायत चुनाव के घमासान के बीच जिला पंचायत सदस्य हेतु चल रहे चुनाव में क्षेत्र क्रमांक 9 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी हेमकांत ठाकुर, कांग्रेस समर्थित तुलाराम सेठिया के साथ निर्दलीय बनवासी मौर्य मैदान पर हैं। लंबे समय से बीजेपी से जुड़े होने के बावजूद पार्टी का साथ न मिलने पर बनवासी मौर्य ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्हे व्यापक जनसमर्थन भइ मिलता दिख रहा है कई पंचायतों में उनके द्वारा कराए गए कार्यों को लोग अभी भूले नहीं है।


32 ग्राम पंचायतों ओर 53 बूथों वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में 40 हजार 328 मतदाता हैं।एक सर्वे के अनुसार मुरिया आदिवासी बाहुल्य इस इलाके में खुद बनवासी मौर्य इसी आदिवासी समुदाय के हैं। इस कारण वे इस चुनाव में खासे लोकप्रिय साबित हो रहे हैं। मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार अपने इलाके में सक्रिय रहे हैं। उनका योगदान इस चुनाव में उनके काम आ रहा है। बनवासी मौर्य इस क्षेत्र के कद्दावर भाजपा नेता रहे हैं।40 साल तक भाजपा के लिए अपनी युवावस्था और जवानी खपा देने वाले संघर्षशील नेता बनवासी मौर्य का बागी तेवर भाजपा ही नहीं, कांग्रेस के लिए भी चुनौती का सबब बन गया है।
बनवासी की बगावत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ गया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंडल अध्यक्ष रहे बनवासी मौर्य को भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बनवासी मौर्य 1985 से बीजेपी के प्राथमिक सदस्य रहे हैं और उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे बूथ अध्यक्ष, मंडल उपाध्यक्ष, बकावंड से एसटी मोर्चा अध्यक्ष और वर्तमान में बस्तर संभाग के सह-प्रभारी के रूप में सक्रिय रहे हैं। मगर पार्टी द्वारा उपेक्षा किए जाने के कारण उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है।. उनका यह फैसला भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है।बीजेपी ने जिला पंचायत सदस्य के लिए हेमकांत सिंह ठाकुर को टिकट दिया है, लेकिन कार्यकर्ताओं में असंतोष साफ नजर आ रहा है। बनवासी मौर्य 40 वर्षों से संगठन के प्रति समर्पित रहे हैं, जबकि हेमकांत सिंह को पार्टी से जुड़े मात्र 5 वर्ष हुए हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि मौर्य की पकड़ जनता में कहीं अधिक मजबूत है।बीजेपी के फैसले से असंतुष्ट कई कार्यकर्ता मौर्य के समर्थन में खुलकर आ चुके हैं।

जन मुद्दों पर जोर, विकास का वादा
बनवासी मौर्य ने किसानों, युवाओं और महिलाओं के विकास को अपनी प्राथमिकता में रखा है। उनके प्रमुख चुनावी मुद्दे इस प्रकार हैं- किसानों के लिए न्याय, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 5,931 किसानों को अपात्र घोषित कर दिया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई थी। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उलनार में कॉलेज स्थापना के लिए संघर्षरत हैं। धोबीगुड़ा से तारापुर सड़क के चौड़ीकरण की मांग को प्रमुखता दी है।महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा, शौचालयों की उचित व्यवस्था, पेयजल और बिजली की समस्याओं के समाधान का संकल्प लिया है। सरकारी योजनाओं को हर जरूरतमंद तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई है।

बीजेपी कार्यकर्ताओं का समर्थन
बनवासी मौर्य के समर्थन में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता जुट चुके हैं, जो उन्हें निर्विरोध विजयी बनाने की अपील कर रहे हैं।नामंकन भरने के दिन भव्य बाइक रैली निकालकर सर्व प्रथम बस्तर की आराध्य देवी, मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल गर्म हो गया है। 40 वर्षों से बीजेपी के अनुयायी रहे बनवासी मौर्य की अनदेखी करना पार्टी के लिए एक बड़ी रणनीतिक गलती साबित हो सकती है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर बीजेपी ने उन्हें उचित सम्मान दिया होता, तो यह बगावत देखने को न मिलती। अब देखने वाली बात यह होगी कि बीजेपी इस चुनौती से कैसे निपटती है, और क्या बनवासी मौर्य की बढ़ती लोकप्रियता उन्हें ऐतिहासिक जीत दिला पाएगी?

नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया

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बालोद जिला पंचायत बालोद के सभागार में रिटर्निग अधिकारी पंचायत जिला बालोद संजय कन्नोजे ने जिला पंचायत क्षेत्र 12 नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य मिथलेश निरोटी पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद व जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 11 से नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य कु. नीलिमा श्याम को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान प्रदान किया गया इस अवसर पर अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य, कुमान सिंह कुरेटी, गणेश सेवता ,सहित अनेक समर्थक उपस्थित थे।

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