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वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न

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  • वनोपज से वनांचल के लोगों में आ रही है आर्थिक समृद्धि

रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति(आईडीसी)की 306वीं बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास कार्यालय एम-10 के हॉल में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अंतविभागीय समिति(आईडीसी) की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को मजबूती मिलेगी और वनांचल के लोगों की आय में बढ़ोत्तरी होगी साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 305वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही 2021 सीजन के वनोपजों की लॉट क्रमांक 123(ब) के आवंटन हेतु प्रस्ताव पर चर्चा की ।

बैठक में वर्ष 2023-24, तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों—महुआ फूल, तेंदूपत्ता (बीज रहित), गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज आदि वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इसके अलावा गोदामशुल्क रहित महुआ फूल (बीज रहित) की एक लाख क्विंटल (101 लॉट) के विक्रय को पूर्व स्वीकृत दरों पर निर्यात हेतु स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत गोदामशुल्क रहित वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल साहू, कार्यकारी संचालक मनीवासगन, श्रीमती सलमा फारूकी सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑपरेशन संकल्प को लेकर साय सरकार में नजर आई आपसी विश्वास की कमी: दीपक बैज

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  •  मारे गए नक्सलियों की पहचान में भी विरोधाभास

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन संकल्प से साय सरकार में आपसी विश्वास तथा मुख्यमंत्री और गृहमंत्री में सामंजस्य न होने का तथ्य उजागर हुआ है।

दीपक बैज ने कहा कि पिछले दिनों राज्य सरकार द्वारा नक्सल अभियान चलाया गया जिसका गृहमंत्री ने पुरजोर खंडन करते हुए ऐसे किसी ऑपरेशन से इंकार किया था। जबकि मुख्यमंत्री ने अभियान चलाए जाने की बात कही थी। श्री बैज ने कहा कि इतने बड़े ऑपरेशन पर सरकार एक राय नहीं थी। कैसे गृह मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी? इस घटनाक्रम से साबित होता है सरकार मे आपस मे विश्वास का संकट है। दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दावा किया कि ऑपरेशन संकल्प में 22 नक्सली मार गिराए गए हैं। उसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कोई ऑपरेशन संकल्प नहीं चल रहा है और ऐसी कोई संख्या नहीं है, यह झूठ है। लेकिन पता चला कि बीजापुर ज़िला अस्पताल में 22 शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे हैं। बीजापुर की स्थानीय मीडिया, बस्तर की मीडिया और प्रदेश की भी मीडिया को अस्पताल में नहीं जाने दिया गया। चारों ओर सवाल उठे, शव मोर्चुरी में सड़ने लगे तब पुलिस ने 12 मई की शाम प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि ऑपरेशन संकल्प में कुल 31 नक्सली मारे गए हैं। बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्रान्तर्गत विगत दिनो में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ में बरामद नक्सलियों के शवों में से अब तक कुल 20 नक्सलियों के शवों की पहचान कर ली गई है। पहचाने गए 20 नक्सलियों के शवों में से 11 शवों को पोस्टमार्टम और कानूनी औपचारिकता के पूरा होने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। मुठभेड़ में बरामद शेष 11 नक्सलियों के शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उनके शव भी परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। दीपक बैज ने कहा कि इस प्रेस रिलीज़ में भी विरोधाभास है। अगर 20 की पहचान कर ली गई है तो सिर्फ़ 11 क्यों सौंपे गए? अगर 20 की पहचान हो गई तो 11 की पहचान की प्रक्रिया कैसे जारी हो सकती है? हमारा सवाल है क्या ऑपरेशन संकल्प चल रहा है? अगर हां तो इसका क्या विवरण है? ऐसा कैसे हो सकता है कि पुलिस कोई ऑपरेशन चला रही है और गृहमंत्री को इसकी जानकारी नहीं है? कुल कितने शव बरामद किए गए? अगर 31 नक्सली मारे गए तो बीजापुर में 22 शव ही कैसे पहुंचे और बाक़ी शव कहां हैं? अगर सुरक्षा बलों को इतनी बड़ी सफलता मिली तो इसकी घोषणा करने में इतना समय क्यों लगा? जिनकी पहचान की गई उनके क्या-क्या नाम हैं? जिन शवों को पहचान कर हैंडओवर किया गया, उनके क्या नाम हैं और मृतकों से उनका क्या क्या रिश्ता है? कितने शव को पहचानना अभी बाक़ी है?

खनिज संपदा मित्रों के हवाले

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बस्तर की बहुमूल्य खदानों को मित्रों को सौंप रही डबल इंजन की सरकार। बस्तर के संसाधनों पर भाजपा सरकार की बुरी नजर है, विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक बार फिर कॉरपोरेट घरानों का चारागाह बना दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की चार बड़ी लौह अयस्क खदानें निजी पूंजीपतियों कोदे दी गई हैं। 2 खदानें बैलाडीला-1 और बैलाडीला-1ए की खदान आर्सेलर मित्तल को 50 साल के लिए लीज पर दी गई है। बैलाडीला 1 बी खदान रूंगटा स्टील को 50 साल के लिए दिया गई है।कांकेर जिले के हाहालादी खदान सागर स्टोन को 50 साल के लिए दे दिया गया है। यह शुरूआत है इसके बाद बस्तर की सभी बहुमूल्य खनिज संपदा को अडानी को सौंपने की तैयारी की जा रही है। अडानी के लिए बस्तर में रेड कार्पेट बिछाई जा रही है। दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर में खनन आधारित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्थापित करने के बजाय, बहुमूल्य खनिज संसाधन औने-पौने दाम पर पूंजीपतियों को लुटा रही है।विगत दिनों केंद्रीय इस्पात मंत्री छत्तीसगढ़ आए थे, तमाम विरोध के बावजूद भारत सरकार का सरकारी उपक्रम फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड भिलाई स्थित यूनिट को मात्र 320 करोड़ में बेच दिया गया। जबकि यह उपक्रम कभी घाटे में नहीं रहा बल्कि लगभग 100 करोड़ प्रति वर्ष का मुनाफा कमा रहा था। श्री बैज ने कहा कि रमन सिंह की सरकार के दौरान बस्तर के नागराज पर्वत मोदी के मित्र अदानी को बेचा गया। ग्राम सभा की फर्जी एनओसी लगाई गई, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने जांच के बाद आवंटन रद्द करने का प्रस्ताव केंद्र की मोदी सरकार को भेजा था, लेकिन वह भी आज तक लंबित है। बस्तर के नगरनार में 20 हजार करोड़ से अधिक के सार्वजनिक क्षेत्र एनएमडीसी के प्लांट को बेचने के लिए केंद्र की मोदी सरकार विनिवेशीकरण की सरकारी साइट ‘‘दीपम’ पर सेल लगाकर रखी है। बस्तर के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अधिकार को बेच रही है मोदी सरकार। चुनाव के समय मोदी और अमित शाह ने बस्तर की जनता से वादा किया था कि नगरनार नहीं बिकेगा लेकिन बेचने की प्रक्रिया आज भी जारी है।भाजपा की सरकार की बुरी नजर केवल बस्तर के संसाधनों पर है। कांग्रेस पार्टी बस्तर के संसाधनों के बंदरबांट के खिलाफ शीघ्र ही बड़ा जन आंदोलन चलाने जा रही है। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना, रविशंकर तिवारी, राजेश राय, महामंत्री जाहिद हुसैन, सुभाष गुलाटी, असीम सुता,युंका अध्यक्ष अजय बिसाई, राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान, अनुराग महतो, पार्षद अफरोज बेगम, शुभम् यदु, लोकेश चौधरी, शादाब अहमद, एस नीला,ज्योति राव, सलीम जाफर आदि मौजूद रहे।

फोरलेन सड़क को सिक्सलेन करने पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मंत्री गडकरी को लिखा पत्र

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  • संतोष बाफना ने दिया यातायात में हुए बेतहाशा इजाफे का हवाला 

जगदलपुर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष बाफना ने पत्र लिखकर धमतरी से जगदलपुर मार्ग की बदली हुई परिस्थितियों का हवाला देकर स्वीकृत फोरलेन सड़क मार्ग को धमतरी से धनपूंजी तक सिक्स लेन में परिवर्तित करने की मांग की है।

बता दें कि धमतरी से जगदलपुर तक फोरलेन सड़क बनाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक संतोष बाफना वर्ष 2019 से लगातार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पत्राचार कर रहे थे। वर्ष 2023 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी फोरलेन से संबंधित दस्तावेजी पत्राचार कर बस्तर की इस बहुप्रतीक्षित मांग को केंद्रीय स्तर पर उठाने का आग्रह किया था। जिसके पश्चात् हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा बहुप्रतिक्षित धमतरी से जगदलपुर तक फोरलेन की मांग को स्वीकृति प्रदान की गई। श्री बाफना ने अपने पत्र में कहा है कि पत्राचार करने के बीते 5 वर्षों में इस मार्ग की यातायात संबंधी परिस्थितियां पहले की तुलना में अब पूरी तरह से बदल चुकी हैं एवं स्वीकृत फोरलेन सड़क परियोजना को संशोधित कर इसे धमतरी से धनपूंजी तक सिक्सलेन में परिवर्तित करने की ज्यादा आवश्यकता है। क्योंकि 20 हजार से भी अधिक छोटे-बड़े वाहन प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जो कि फोर लेन की तुलना से कहीं अधिक हैं। यातायात दबाव अधिक होने की वजह से प्रतिदिन यह मार्ग खून से लाल हो रहा है। रोज घटित होने वाली 3 से 4 दुर्घटनाओं में औसतन 5 से 6 लोगों को अपनी जान इस मार्ग पर प्रतिदिन गंवानी पड़ रही है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। आप चाहें तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं परिवहन मंत्रालय से भी इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के 7 से भी अधिक जिले व सीमावर्ती राज्यों के नजदीकी जिलों के आवागमन की निर्भरता पूरी तरह से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं. 30 के इसी हिस्से पर टिकी हुई है। यातायात की दृष्टि से बस्तर संभाग के लोगों की यही एकमात्र लाईफ लाइन भी है। इस मार्ग के अलावा बस्तर को प्रदेश की राजधानी रायपुर से जोड़ने के लिए अभी वर्तमान में अन्य कोई विकल्प नहीं है

सिक्सलेन से बस्तर में होगा निवेश

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कहा है कि बस्तर में एनएमडीसी माईनिंग, एस्सार जैसी बड़ी खनन कंपनियां पूर्व से स्थापित हैं और बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल, रूंगटा स्टील, सागर स्टोन, श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, निको जायसवाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बस्तर में निवेश को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई है जबकि टाटा, जिंदल, सारडा स्टील, लायड स्टील जैसी देश- दुनियां की बड़ी कंपनियां बस्तर में निवेश की दौड़ में शामिल हैं। सिक्सलेन जैसी बेहतर कनेक्टिविटी होने से बस्तर में निवेश को आकर्षित करने में और भी सहायक सिद्ध हो सकती है।

परिवहन लागत में आएगी कमी

पूर्व विधायक श्री बाफना ने कहा है कि बस्तर के नगरनार में स्थापित एनएमडीसी के इस्पात संयंत्र से भी उत्पादन कार्य शुरू हुए दो-ढाई वर्ष हो चुके हैं और निकट भविष्य में संयंत्र के पास ही कई सहायक उद्योगों के प्रारंभ होने की प्रबल संभावनाएं है। एनएमडीसी के इस्पात संयंत्र के साथ बस्तर संभाग में जितनी भी लौह अयस्क व अन्य खनिज की खदानें संचालित हैं वह सभी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं. 30 से जुड़ी हुई हैं। एवं इस मार्ग से ही प्रतिदिन सैकड़ों-हजारों की संख्या में ट्रकों के माध्यम से एनएमडीसी नगरनार में उत्पादित एचआर कॉयल व बस्तर की खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क व अन्य खनिजों का परिवहन होता है। धमतरी से धनपूंजी तक सिक्स लेन सड़क होने से माल व श्रम की आवाजाही सुलभ रूप से स्थानांतरित करने में मदद मिल सकेगी व इसमें लगने वाला समय भी कम होगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और उद्योगों को लाभ होगा।

सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी

संतोष बाफना ने कहा है कि धमतरी से धनपूंजी तक मार्ग को सिक्स लेन में परिवर्तित करना सड़क की सुरक्षा में सुधार कर सकता है जिससे प्रतिदिन इस मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगाई जा सकती है। एवं बेहतर सड़क सुरक्षा के लिए भी यही केवल एकमात्र उपाय भी है।

सांसद कश्यप को लड्डुओं से तौलकर रेल आंदोलन समिति और संजय बाजार के व्यापारियों ने जताया आभार

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  •  सांसद कश्यप ने कहा- आपके स्नेह और आशीर्वाद नेसेवा के मेरे संकल्प को और मजबूती दी है
  • बस्तर को नई रेल लाईन की सौगात पर सांसद महेश कश्यप का अभिनंदन

जगदलपुर बस्तरवासियों को केंद्र सरकार ने रावघाट – जगदलपुर नई रेल लाईन की स्वीकृति देकर बड़ी सौगात दी है। इसे लेकर बस्तर संभाग के लोगों में हर्ष का माहौल है। बस्तर वासियों द्वारा डबल इंजन सरकार के जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से इस बड़ी सौगात हेतु उनका धन्यवाद ज्ञापित किया जा रहा है। आज जगदलपुर शहर के संजय मार्केट में बस्तर रेल आंदोलन समिति के सदस्यों और संजय बाजार व्यापारी कल्याण संघ के सदस्यों एवं नागरिकों ने बस्तर सांसद का महेश कश्यप का अभिनंदन स्वागत कर बस्तर को नई रेल लाईन की स्वीकृति दिलाने के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

संजय मार्केट चौक पर व्यापारियों और रेल संघर्ष समिति के सदस्यों ने आतिशबाजी कर बस्तर सांसद का बाजे गाजे और पुष्प वर्षा के साथ सांसद महेश कश्यप का भव्य किया। ततपश्चात मार्केट के भीतर बस्तर सांसद महेश कश्यप को लड्डुओं से तौलकर इस रेल लाईन के स्वीकृति हेतु सभी लोगो ने उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। बता दें कि बस्तर सांसद श्री कश्यप चुनाव में विजयी होने के बाद से ही बस्तर के रेल मामले सहित अन्य मामलों को लेकर आवाज उठाते आ रहे हैं। बस्तर क्षेत्र की रेल लाईन परियोजना हो या नई ट्रेनों के संचालन का मामला हो सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए सांसद महेश कश्यप द्वारा इन विषयों से केंद्र सरकार को अवगत कराया जाता रहा है। इस स्वागत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने बस्तर सांसद को फूल माला पहनाकर इस सौगात हेतु धन्यवाद दिया। सांसद महेश कश्यप ने स्वागत हेतु सभी लोगो को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज आप सभी से मिले प्यार, स्नेह और आशीर्वाद ने मेरे सेवा के संकल्प को और मजबूत बनाया है। इसके लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी के सहयोग व सुझाव के माध्यम से बस्तर को उच्च शिखर पर ले जाना है। श्री कश्यप ने कहा कि लोकसभा चुनाव में आप सभी लोगों ने मुझ पर विश्वास जताकर मुझे लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर तक पहुंचाने का कार्य किया है, बस्तर का विकास ही मेरा लक्ष्य है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से सहकारिता से लेकर रेलवे एवं अन्य सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ एवं बस्तर डबल स्पीड से विकास कर रहे हैं। हमारे राज्य में डबल इंजन वाली सरकार है, यहां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से काम हो रहा है। देश के यशश्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा बस्तरवासियो को दी गई रावघाट-जगदलपुर रेल लाईन की नई स्वीकृति से इस पूरे क्षेत्र के विकास की आकांक्षाओं को बल मिलेगा। जनता की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा कर सौगात देने हेतु मै देश के प्रधानमंत्री व रेलमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करता हूं। इस दौरान पंकज सिंघल, हरेश नागवानी, विष्णु ठाकुर, दशरथ कश्यप, किशोर पारख, संपत झा, शिव चांडक, टीके शर्मा, रोहित सिंह बैंस, सुनील खेड़ुलकर, चंद्रेश चांडक, सुनील गिरधरज़, राजेश सोनी, कन्हैया पुरोहित, सुरेश जैन, शिखर मालू, गाजिया अंजुम, अनिता राज, उर्मिला आचार्य, लक्ष्मी कश्यप, ज्योति गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह का पुतला दहन कल

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जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण ने देश की जांबाज बेटी भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई शर्मनाक व अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में 15 मई को दोपहर 12 बजे मध्यप्रदेश शासन के मंत्री व भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय शाह का पुतला दहन करने का फैसला किया है। शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य और ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेम शंकर शुक्ला ने राजीव भवन के सामने आयोजित पुतला दहनमें सभी कांग्रेसजनों से उपस्थिति की अपील की है।

नजर से बचाने हैंडपंप पर टोटका

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जगदलपुर नगर निगम ने शहर के हृदय स्थल पर स्थानीय चाय दुकान वालों को सुविधाएं देने के उद्देश्य से बोर कराकर हैंडपंप लगवाया था, किंतु किसी कारण शायद पानी निकल नहीं पाया, अथक प्रयास के बावजूद जल सुविधा नहीं मिलने से परेशान लोगों ने अब नजर बट्टू का सहारा लिया है। सनातन धर्म में नजर न लग जाए इस उद्देश्य से ऐसे प्रयोग किए जाते हैं। आज नगर के वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास रथ ने नजर बट्टू लगा कर यह प्रयोग किया है। शायद किसी की बुरी नजर निगम के सार्थक प्रयास पर लग गई हो और ऐसा करने से वह ठीक हो जाए। अब देखने वाली बात यह है कि श्री रथ की मनोरथ कब पूरी होती है और टोटका कितना असरकारी होगा।

दलपत सागर में मंदिर के पास मछली दुकान का विरोध

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जगदलपुर शहर का दलपत सागर अब मछली विक्रय केंद्र बन गया है। सुबह शाम ताजी हवाखोरी करने वाले लोग मछली की बदबू से परेशान हो रहे हैं। लोगों ने दलपत सागर के किनारे मछली व्यापार बंद कराने की मांग महापौर संजय पाण्डेय से की है।इसके लिए अलग से मछली बाजार बना हुआ है। मंदिर के आसपास यह काम तो कम से काम नहीं होना चाहिए।

खरीदी बंद कर तेंदूपत्ता श्रमिकों से छल किया सरकार और अधिकारियों ने: दुर्गेश राय

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  •  महज दो दिन ही की गई तेंदूपत्ता खरीदी: राय 

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सुकमा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दुर्गेश राय तेंदूपत्ता खरीदी को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। दुर्गेश राय का कहना है कि सुकमा जिले में इस तेंदूपत्ता सीजन के दौरान महज दो दिन ही तेंदूपत्ता की खरीदी कर जिले के गरीब आदिवासी तेंदूपत्ता श्रमिकों से छल किया गया है। हजारों तेंदूपत्ता श्रमिकों को बेरोजगार कर दिया गया है, उनके सामने आर्थिक समस्या खड़ी कर दी गई है।

कांग्रेस के प्रदेश सचिव दुर्गेश राय ने कहा कि सरकार और वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हजारों हितग्राहियों को रोजगार के अवसर वंचित कर दिया है।एक तरफ सरकार तेंदूपत्ता के नाम से वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी तरफ सुकमा जिले में सरकारी तंत्र ने सिर्फ 2 ही दिन तेंदूपत्ता संग्रहण का काम किया और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। कांग्रेस नेता दुर्गेश राय ने कहा है कि सुकमा जिले के बहुत से हितग्राही सिर्फ तेंदूपत्ता संग्रहण के भरोसे खेती बाड़ी, अपने पढ़ाई करने वाले बच्चों की कॉपी पुस्तक, एडमिशन फीस का इंतजाम करते हैं।वहीं कुछ पढ़े लिखे छात्र फड़मुंशी, सहायक फड़मुंशी बन छुट्टी के दिनों में कुछ आमदनी कमाकर अपनी आगे की पढ़ाई और अन्य जरुरतों के लिए धन की व्यवस्था करते हैं। आज यह सबसे उनको पृथक कर सरकार वन विभाग के द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण करवा रही है। इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण का ठेका न होना तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए नुकसान दायक साबित हो रहा है।सुकमा जिले के तेंदूपत्ता श्रमिकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। तेंदूपत्ता संग्रहण के कार्य से मिलने वाली रकम का यहां के गरीब आदिवासी अपने बच्चों के शादी विवाह, सगा संबंधियों के शादी विवाह, सामाजिक कार्यक्रम और सुख दुख के कार्यों में उपयोग किया करते थे। सरकार ने आदिवासियों के हितों से मुंह मोड़ लिया है। इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है वही जाने, लेकिन ग्रामीणों मे जो रोष सरकार एवं वन विभाग के खिलाफ है, वह गरीब आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार को भारी पड़ सकता है। आज इस नुकसान की भर पाई कौन करेगा? सरकार और वन विभाग के अधिकारियों को जबाब देना चाहिए कि उन्होंने सिर्फ 1- 2 दिन ही तेंदूपत्ता खरीदा क्यों की? सुकमा के व्यपार पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

ओड़िशा जा रहा है तेंदूपत्ता: राय

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दुर्गेश राय ने आगे कहा कि खरीदी बंद कर दिए जाने से सुकमा जिले के लोग अपनी जमीन से तेंदूपत्ता की तोड़ाई नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरीवश ऐसे लोग ओड़िशा एवं सुकमा मे बसे ओड़िशा के लोगों के पास औने पौने दामों में अपना जंगल बेच दे रहे हैं। ओड़िशा के लोग यहां से तेंदूपत्ता तोड़कर ओड़िशा ले जा रहे हैं और वन विभाग के नुमाइंदे उनसे रकम लेकर उनके इस अवैध कृत्य को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके चलते पूरा राजस्व ओड़िशा सरकार को मिल रहा है और छत्तीसगढ़ शासन को राजस्व की बड़ी क्षतिपहुंच रही है। श्री राय ने कहा है कि वन विभाग के अधिकारी अपने एसी वाले चेंबर मे बैठकर आदिवासी हितग्राहियों की बर्बादी का तमाशा देख रहे हैं।

आरपीएफ बैरक की कंटीली बाड़ रोक रही है एंबुलेंस, शव वाहन, फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाओं की राह; वार्डवासी हो रहे हलाकान

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  •  एसडीएम और रेल मंडल प्रबंधक ने नहीं सुनी नागरिकों की गुहार 

दल्लीराजहरा लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा के वार्ड 21 एवं 26 के बीच आरपीएफ बैरक के लिए लगाई गई कंटीले तारों की बाड़ ने एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, शव वाहन जैसी जरूरी सेवाओं की राह रोक दी है। इससे नागरिकों को बड़ी परेशानी हो रही है।. नागरिकों और नगर के जनप्रतिनिधियों ने सांसद, रेल मंडल प्रबंधक और एसडीएम तक से गुहार लगाई लेकिन किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी।

वार्ड 21 के पार्षद भूपेंद्र श्रीवास, वार्ड 24 पार्षद विशाल मोटवानी एवं नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू व वार्डवासियों ने रेलवे मंडल प्रबंधक रायपुर, स्थानीय एसडीएम और सांसद भोजराज नाग को पत्र सौंप कर बताया गया है कि रेलवे द्वारा नगर के वार्ड 26 एवं 21 के बीच स्थित रेलवे कालोनी को आरपीएफ बैरक में परिवर्तित कर दिया गया है। वार्ड क्रमांक 26 रेलवे कालोनी से सटकर वार्ड क्रमांक 21 शास्त्री नगर में बैरक बनने से पहले रेलवे कालोनी से ही शास्त्री नगर के लोगों के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल, मार्केट, स्कूल कालेज जाने का पहुंच मार्ग थाl

एवं रेलवे कर्मचारी एवं उनके परिजन भी शास्त्री नगर की दुकानों से खरीदी करते थे। बैरक बनने से शास्त्री नगर के बीचों बीच कंटीले तारों की बाड़ लगा दी गई है। इससे लोगों का आना जाना दुश्वार हो गया है। पालतू पशु यहां तक कि बच्चे भी इस कंटीले तार में फंसकर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। चूंकि वार्ड क्रमांक 21 में बहुत बड़ी जनसंख्या निवास करती हैं जिन्हें आपात परिस्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, शव वाहन जैसी गाड़ियों की आवश्यकता होती है, पर कंटीले तार की वजह से गली सकरी हो गई है जिस कारण गाड़ियों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है। जबसे बैरक बना है तबसे अब तक फोर्स के साथ आपसी सहयोग की भावना और भाईचारे के साथ निवास कर रहे हैं जिसके परिणाम स्वरुप इस बैरक में अभी तक चोरी या किसी प्रकार की अन्य अप्रिय घटना न होने के बावजूद रेलवे द्वारा अब सीमेंट की बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है। इससे लोगों को चलने तक की भी जगह नहीं मिल पाएगी।

शास्त्री नगर वासियों का ध्यान रखते हुए मानवता के नाते बाउंड्री वॉल का निर्माण पर्याप्त दूरी पर करवाया जाए ताकि आपात परिस्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, शव वाहन जैसी गाड़ियों को रास्ता मिल सके। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक, स्थानीय एसडीएम को पत्र दिया गया था।एसडीएम नूतन सिंह कंवर ने रेलवे के पक्ष में फैसला दे दिया, जिससे वार्डवासियों में बेहद निराशा हैं

चेंबर ने भी उठाया था मुद्दा

छत्तीसगढ़ चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स दल्ली राजहरा इकाई के सदस्यों द्वारा पूर्व में रेल्वे महाप्रबंधक नीनू इटियेरा एवं सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी को पत्र सौप कर कहा था कि आरपीएफ बैरक के चारों तरफ लगाई गई कंटीले तारों की बाड़ शहर वासियों और पशुओं के तकलीफदेह है। चेंबर ने बाड़ का दायरा चारों तरफ से 8 फीट कम करने की मांग की थी। जिसमे रेलवे महाप्रबंधक नीनू इटियेरा ने चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के सदस्यों की बातों को गंभीरता से लेते हुए कहा था कि कंटीली बाड़ को लेकर बहुत जल्द सार्थक पहल की जाएगी, मगर आज तक कोई सार्थक पहल नही की गई है। इस कंटीली बाड़ के कारण बच्चों और मवेशियों की जान खतरे में पड़ गई है।बच्चों का खेलना-कूदना दुश्वार हो गया है और कई राहगीर, वाहन चालकों के साथ पशु भी इन कंटीले तारों से घायल हुए हैं। वार्डवासियों ने मिल कर तारों में फंसी गाय की जान बचाई थी।रेलवे द्वारा बैरक के चारों ओर शास्त्री नगर के बीचों बीच किसी दो देश के बॉर्डर के समान कंटीले तारों का घेरा बनाने के बाद शास्त्री नगर के मार्ग के बीच से घेरा लगाया जा रहा था, जिसे सीमित दूरी पर लगाने सभी वार्डवासियों ने मिल कर रेलवे अधिकारियों से कई बार चर्चा की और बहुत कोशिशों के बाद कंटीले तारों का घेरा सड़क से जरा सी दूरी में बनाया गया।

बाड़ के बाद अब दीवार

कंटीले तारों के बाद अब रेलवे ने उन तारों की जगह बॉउंड्रीवॉल बनाने का एक और फरमान जारी कर दिया गया है। पहले ही कंटीले तारों से चोटिल और जगह न होने के कारण बच्चे खेलकूद नहीं पाते थे, अब उस जगह दीवार खड़ी कर दी जाने से आपात सुविधा जैसे एम्बुलेंस, शव वाहन, अग्निशमन वाहन और अन्य वाहनों का आवागमन असंभव हो जाएगा। ऐसे में इस फरमान के खिलाफ वार्डवासियों में रोष व्याप्त है।

नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने कहा है वार्ड क्रमांक 21 एवम 26 के बीच बने आरपीएफ बैरक की कंटीली बाड़ एवं दीवार को 8 फीट अंदर लेने और वार्डवासियों की सुविधा को देखते हुए रेलमंडल प्रबंधक रायपुर से मुलाकात कर सार्थक हल निकाला जाएगा। इस मसले को लेकर

हुई बैठक में मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे, वार्ड पार्षद भूपेंद्र श्रीवास, वार्ड 24 के पार्षद विशाल मोटवानी, जयदीप गुप्ता, विजय जोगदंड, मोहम्मद फारुक, मोहम्मद असलम, दीपक कुमार, राजा डहरवाल, शेख आलम, मलयाद्री, नवाब बडगुजर, मोहम्मद फरीद, दानी पटेल, मीना दास, रुखसाना बेगम, सुनीता भांडेकर, लता, पुष्पा यादव समेत बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

दीपक बैज का संघर्ष भा गया राहुल गांधी को, पत्र लिखकर की तारीफ

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुलगांधी को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के जनहित में संघर्ष का तौर तरीका बहुत पसंद आया है। राहुल गांधी ने इसका जिक्र दीपक बैज को भेजे पत्र में किया है।

राहुल गांधी ने दीपक बैज में क्या कुछ लिखा है, उसे हम अक्षरशः आपके सामने रख रहे हैं – प्रिय श्री दीपक बैज,

मुझे उम्मीद है कि यह पत्र आपको अच्छा लगेगा। मैं छत्तीसगढ़ कांग्रेस द्वारा महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों और राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ पदयात्रा निकालने की सराहना करता हूं। हमें न्याय के लिए लड़ना जारी रखना चाहिए और लोगों तक आशा का संदेश पहुंचाना चाहिए-राहुल गांधी। तो देखा आपने संघर्ष के दीपक बैज मॉडल का जलवा। बता दें कि दीपक बैज जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार प्रदेश में पदयात्राएं निकालते आए हैं।कवर्धा से लेकर बलौदाबाजार तक और बिलासपुर से लेकर बस्तर तक के मसलों को लेकर उन्होंने पदयात्राएं की हैं। हाल ही ही में उन्होंने बस्तर जिले के चित्रकोट से जगदलपुर तक इंद्रावती बचाओ किसान आदिवासी संघर्ष पदयात्रा निकाली थी।

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