डौंडी लोहारा — स्थानीय विकास खंड अंतर्गत जामडी पाटेश्वर धाम के संत रामबालक दास महात्यागी द्वारा आज वनांचल क्षेत्र कुई कुकदुर जिला कवर्धा में जामडी पाटेश्वर धाम के संत राम बालक दास जी के आमंत्रण पर ज्योतिष पीठ बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी का आगमन हुआ भव्य बाइक रैली के द्वारा युवाओं ने धर्म के जयघोष के साथ महाराज को नगर प्रवेश करवाया इसके पश्चात रथ यात्रा और पाटेश्वर संस्कार वाहिनी के माताओं के कलश यात्रा के साथ जगतगुरु शंकराचार्य जी का भव्य स्वागत किया यज्ञ स्थल की सुंदरता और पवित्रता देखकर जगतगुरु शंकराचार्य जी भाव विभोर हो उठे और उन्होंने संत श्री राम बालक दास जी और कुई कुकदर क्षेत्र के आयोजक समिति की भूमि भूमि प्रशंसा कर आशीर्वाद दिया।
इस अवसर में जामडी पाटेश्वर सेवा संस्थान के संचालक राम बालक दास जी ने जगत गुरु शंकराचार्य जी को एक आवेदन पत्र सौंपा जिसमें फॉरेस्ट विभाग के द्वारा जामडी पाटेश्वर धाम में ब्रह्मलीन राज योगी बाबा जी के समाधि निर्माण को रोकने का नोटिस दिया गया है उसकी कॉपी संलग्न थी इस पत्र को पढ़कर जगतगुरु शंकराचार्य जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का वन विभाग सतर्क हो जाए राज योगी बाबा ने कठिन तपस्या जामडी पाटेश्वर धाम में कि जहां हम भी जा चुके हैं और आने वाले राज योगी बाबा जी की पुण्यतिथि में स्वयं जगतगुरु शंकराचार्य जी अविमुक्तेश्वरानंद जी श्री जामडी पाटेश्वर धाम में कथा करने वाले हैं। जगतगुरु शंकराचार्य जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के अंतर्गत वन विभाग अच्छी तरह समझ ले कि परम पूज्य ब्रह्मलीन राज योगी बाबा जी की समाधि मंदिर निर्विघ्न रुप से जामडी पाटेश्वर धाम में बनेगी इसमें किसी भी प्रकार से विघ्न डालने का प्रयास ना करें नहीं तो संत समाज एवं सनातनी हिंदू समाज इसका विरोध करेगा उन्होंने कहा कि 10 दिन के अंदर समाधि निर्माण कार्य की स्वीकृति शासन प्रदान करें तत्पश्चात वनांचल क्षेत्र के सैकड़ों गांव से आए हुए श्रद्धालु भक्तों माताओं को पूज्य महाराज ने मंच से संबोधित किया वहां पर भी उन्होंने जामडी पाटेश्वर धाम एवं संत राम बालक दास जी के कार्यों की प्रशंसा कर उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि ब्रम्हलीन राज योगी बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में जन्म लिया और सारा जीवन सीता राम नाम का प्रचार किया और पाटेश्वर धाम के द्वारा लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन किया आज ऐसे ब्रह्मलीन संत राज योगी बाबा जी का समाधि मंदिर निर्माण होना है जिस पर रोक लगाकर छत्तीसगढ़ विभाग का वन विभाग बहुत गलत कर रहा है।
सरकार इस पर तत्काल संज्ञान ले जगतगुरु शंकराचार्य जी ने कुई कुकदर क्षेत्र में हो रहे ईसाई धर्मांतरण कार्यों से भी सावधान रहने को कहा और संत राम बालक दास जी के द्वारा यज्ञ का आयोजन और पाटेश्वर संस्कार वाहिनी का गांव गांव में गठन कार्य को उचित ठहराते हुए इस कार्य को और आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने संत को प्रेरित किया
24 दिसंबर को कुम्हारपारा स्थित बंद मकान अंदर बेडरूम में मिला था मृतक का शव मृतक व्यक्ति घेवरचंद खत्री निवासी कुम्हारपारा जगदलपुर क्षेत्र का आरोपियो के द्वारा चोरी करने के नियत से घटना को दिया अंजाम तीनों आरोपी जिला कांकेर निवासी सिटी सर्विलेंस सिस्टम अंन्तर्गत लगाये गये कैमरो की महत्वपूर्ण भूमिका
नाम आरोपी-ः 1. साधना मंडल पति स्व0 सुनील मंडल उम्र 35 वर्ष नि0 अंचला थाना उमरकोट, जिला नवरंगपुर उडिसा हाल-रमाकांत शर्मा गली, अन्नपूर्णापारा जिला कांकेर (छ0ग0) 2. सुहेल उर्फ शाहरूख खान पिता याकुब खान उम्र 28 साल नि0 अन्नपुर्णापारा जिला कांकेर (छ0ग0)
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में दिनांक 24 दिसंबर 2022 को कुम्हारपारा घर अंदर मिले, संदेहास्पद शव एवं वारदात की गुत्थी को सुलझाने में बस्तर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
विवरणः- (कुम्हारपारा स्थित बंद मकान में मिला था मृतक का शव)
दिनांक 23 दिसंबर को प्रार्थी अरूण कुमार खत्री निवासी सनसिटी लालबाग जगदलपुर ने थाना आकर बताया कि अपने भाई घेवरचंद खत्री का दिनांक 20.12.2022 से घर पर ताला लगा होना व फोन बंद होने से कोई संपर्क न होने की सूचना थाने पर मिलने से गुमशुदगी का रिपोर्ट किया गया था। दिनांक 24.12.2022 को गुम इंसान जाॅच के दौरान प्रार्थी अरूण खत्री के साथ गुमशुदा व्यक्ति के घर जाकर ताला तोड़कर अंदर जाकर देखने पर कुम्हारपारा स्थित बंद मकान में संदेहास्पद स्थिति में एक व्यक्ति का शव मिला था। जिसकी पहचान घेवरचंद खत्री उम्र 64 साल निवासी कुम्हारपारा जगदलपुर के रूप में हुई। उक्त मामले में मर्ग जाॅच व घटनास्थल निरीक्षण एवं परिस्थतिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक घेवरचंद खत्री का हत्या होना पाये जाने से मामले में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अप0क्र0 451/2022 धारा 302 (भादवि0) का अपराध दर्ज कर, अनुसंधान में लिया गया था।
अनुसंधानः- प्रकरण में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाॅल के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार एवं उप पुलिस अधीक्षक सायबर सेल गीतिका साहू व नासिर बाठी के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर, मामले को अनुसंधान किया जा रहा था। पूर्व में मिशन सिक्योर सिटी अंतर्गत लगाये गये सीसीटीव्ही कैमरे से प्राप्त फुटेज, घटनास्थल पर मिले साक्ष्य, तकनीकी साक्ष्य एवं परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के अनुरूप आरोपी की पतासाजी की जा रही थी। दौरान अनुसंधान के सुचना प्राप्त हुआ कि एक संदेही महिला मृतक के घर से बाहर जाती देखी गई है। सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू,तारीक हरीश,जितेन्द्र कोसले के नेतृत्व में टीम गठित कर, आरोपिया की गिरफ्तारी के लिये कांकेर रायपुर की ओर टीम रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा रायपुर में मामले से संबंधित एक संदिग्ध महिला की पहचान कर, घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिससे पुछताछ करने पर उसने अपना नाम साधना मंडल निवासी अन्नपुर्णापारा कांकेर का होना बतायी। जिससे विस्तृत पुछताछ करने पर उसने घटना दिनांक 20,21 दिसंबर 2022 को रात्रि में जमाल मिल के पीछे श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड कुम्हारपारा में स्थित मृतक घेवरचंद खत्री के घर में अपने साथी सुहेल उर्फ शाहरूख, गोलू जो कांकेर निवासी है, के साथ मिलकर गला दबा कर हत्या करना स्वीकार करने पर साधना मंडल व सुहेल उर्फ शाहरूख खान की गिरफ्तारी कर, न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजा जा रहा है। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी शेष है।
तरीका वारदातः-
प्रकरण के मुख्य आरोपिया साधना मंडल के द्वारा बताया गया कि मृतक घेवरचंद खत्री के साथ संपर्क होने से उसका लगातार मृतक के घर में आना-जाना था। जो विगत 06 माह से मृतक घेवरचंद खत्री के संपर्क थी। बीच-बीच में मृतक से मिलने एक दो दिन के लिये कांकेर से जगदलपुर आते रहती थी कुछ दिनो से पैसा कम मिलने की बात को लेकर मृतक से लड़ाई झगड़ा हो जाता था। ये जब लड़ाई करके कांकेर चली जाती थी तो इसे बार-बार फोन करता था और वापस आने को कहता था। कुछ समय से इसे घर चलाने के लिये पैसे की आवश्यकता थी। एक दिन कांकेर निवासी सुहेल उर्फ शाहरूख खान से इसकी मुलाकात हुई सुहेल अच्छी तरह से जानता था कि साधना घेवरचंद खत्री के यहाॅ आना-जाना करती है। जो ठीक ठाक व पैसे वाला आदमी है, सुहेल इसे रोज उसके पैसे को लेने के लिये कहता था। घटना के दिन दिनांक 20.12.2022 को सुहेल के कहे अनुसार ये, सुहेल व गोलू तीनो एक किराये की स्कोडा कार में जगदलपुर आये। ये शाम को मृतक घेवरचंद खत्री के घर चली गई तथा सुहेल व गोलू स्कोडा कार में जगदलपुर शहर में घुमने लगे। देर रात को मृतक के शराब पीकर सो जाने के बाद ये घर में लगे सीसीटीव्ही कैमरा को बंद करके समय का इंतजार कर रही थी। देर रात्री फोन से बात होने के बाद सुहेल उर्फ शाहरूख दरवाजा खोलने बोला तब साधना मंडल घर का दरवाजा खोली जिसके बाद सुहेल व गोलू घर अंदर आये और उसके बाद योजना के अनुसार घेवरचंद खत्री की तीनों मिलकर गला एवं मुंह दबाकर तथा पैर बांधकर हत्या कर दिये जिसके बाद घर में लगा लाॅकर को तोड़ने लगे और लाॅकर नहीं टुटने पर दिवाल से निकालकर साथ ले गये। जाते समय घर का दरवाजा में बाहर से ताला लगाकर चले। जाते समय जंगल में रूककर लाॅकर को तोडकर, लाॅकर में रखे 10,000/-रूपये व चांदी के सिक्के व पायल को आपस में बाट लिये। दिनांक 21.12.2022 को मैं बचने के हिसाब से बस में बैठकर रायपुर चली गई तथा गोल और सुहेल कांकेर में ही रूक गये।
महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी:- निरीक्षक- एमन साहू, धनंजय सिन्हा, तारिक हरीश, जितेन्द्र कोसले उप.निरी.- प्रमोद ठाकुर, अमित सिदार,रनेश सेठिया सहा.उप.निरी- सुधराम नेताम प्र.आर. – अनंतराम बघेल,मौसम गुप्ता, आरक्षक- भुपेन्द्र नेताम, रवि सरदार, प्रकाश नायक, युवराज सिंह ठाकुर, पितवास आचार्य, तोमिन कुंजाम, सोनु गौतम, हिमांशु यादव, दीपक कुमार।
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प्रेस विज्ञप्ति जिला बस्तर,जगदलपुर (दिनाॅंक 27.12.2022)
शहर में संदेहास्पद हत्या की गुत्थी बस्तर पुलिस ने सुलझायी 24 दिसंबर को कुम्हारपारा स्थित बंद मकान अंदर बेडरूम में मिला था मृतक का शव मृतक व्यक्ति घेवरचंद खत्री निवासी कुम्हारपारा जगदलपुर क्षेत्र का आरोपियो के द्वारा चोरी करने के नियत से घटना को दिया अंजाम तीनों आरोपी जिला कांकेर निवासी सिटी सर्विलेंस सिस्टम अंन्तर्गत लगाये गये कैमरो की महत्वपूर्ण भूमिका
नाम आरोपी-ः 1. साधना मंडल पति स्व0 सुनील मंडल उम्र 35 वर्ष नि0 अंचला थाना उमरकोट, जिला नवरंगपुर उडिसा हाल-रमाकांत शर्मा गली, अन्नपूर्णापारा जिला कांकेर (छ0ग0) 2. सुहेल उर्फ शाहरूख खान पिता याकुब खान उम्र 28 साल नि0 अन्नपुर्णापारा जिला कांकेर (छ0ग0) –000– उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में दिनांक 24 दिसंबर 2022 को कुम्हारपारा घर अंदर मिले, संदेहास्पद शव एवं वारदात की गुत्थी को सुलझाने में बस्तर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
विवरणः- (कुम्हारपारा स्थित बंद मकान में मिला था मृतक का शव)
दिनांक 23 दिसंबर को प्रार्थी अरूण कुमार खत्री निवासी सनसिटी लालबाग जगदलपुर ने थाना आकर बताया कि अपने भाई घेवरचंद खत्री का दिनांक 20.12.2022 से घर पर ताला लगा होना व फोन बंद होने से कोई संपर्क न होने की सूचना थाने पर मिलने से गुमशुदगी का रिपोर्ट किया गया था। दिनांक 24.12.2022 को गुम इंसान जाॅच के दौरान प्रार्थी अरूण खत्री के साथ गुमशुदा व्यक्ति के घर जाकर ताला तोड़कर अंदर जाकर देखने पर कुम्हारपारा स्थित बंद मकान में संदेहास्पद स्थिति में एक व्यक्ति का शव मिला था। जिसकी पहचान घेवरचंद खत्री उम्र 64 साल निवासी कुम्हारपारा जगदलपुर के रूप में हुई। उक्त मामले में मर्ग जाॅच व घटनास्थल निरीक्षण एवं परिस्थतिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक घेवरचंद खत्री का हत्या होना पाये जाने से मामले में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अप0क्र0 451/2022 धारा 302 (भादवि0) का अपराध दर्ज कर, अनुसंधान में लिया गया था।
अनुसंधानः- प्रकरण में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाॅल के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार एवं उप पुलिस अधीक्षक सायबर सेल गीतिका साहू व नासिर बाठी के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर, मामले को अनुसंधान किया जा रहा था। पूर्व में मिशन सिक्योर सिटी अंतर्गत लगाये गये सीसीटीव्ही कैमरे से प्राप्त फुटेज, घटनास्थल पर मिले साक्ष्य, तकनीकी साक्ष्य एवं परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के अनुरूप आरोपी की पतासाजी की जा रही थी। दौरान अनुसंधान के सुचना प्राप्त हुआ कि एक संदेही महिला मृतक के घर से बाहर जाती देखी गई है। सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू,तारीक हरीश,जितेन्द्र कोसले के नेतृत्व में टीम गठित कर, आरोपिया की गिरफ्तारी के लिये कांकेर रायपुर की ओर टीम रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा रायपुर में मामले से संबंधित एक संदिग्ध महिला की पहचान कर, घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिससे पुछताछ करने पर उसने अपना नाम साधना मंडल निवासी अन्नपुर्णापारा कांकेर का होना बतायी। जिससे विस्तृत पुछताछ करने पर उसने घटना दिनांक 20,21 दिसंबर 2022 को रात्रि में जमाल मिल के पीछे श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड कुम्हारपारा में स्थित मृतक घेवरचंद खत्री के घर में अपने साथी सुहेल उर्फ शाहरूख, गोलू जो कांकेर निवासी है, के साथ मिलकर गला दबा कर हत्या करना स्वीकार करने पर साधना मंडल व सुहेल उर्फ शाहरूख खान की गिरफ्तारी कर, न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजा जा रहा है। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी शेष है।
तरीका वारदातः-प्रकरण के मुख्य आरोपिया साधना मंडल के द्वारा बताया गया कि मृतक घेवरचंद खत्री के साथ संपर्क होने से उसका लगातार मृतक के घर में आना-जाना था। जो विगत 06 माह से मृतक घेवरचंद खत्री के संपर्क थी। बीच-बीच में मृतक से मिलने एक दो दिन के लिये कांकेर से जगदलपुर आते रहती थी कुछ दिनो से पैसा कम मिलने की बात को लेकर मृतक से लड़ाई झगड़ा हो जाता था। ये जब लड़ाई करके कांकेर चली जाती थी तो इसे बार-बार फोन करता था और वापस आने को कहता था। कुछ समय से इसे घर चलाने के लिये पैसे की आवश्यकता थी। एक दिन कांकेर निवासी सुहेल उर्फ शाहरूख खान से इसकी मुलाकात हुई सुहेल अच्छी तरह से जानता था कि साधना घेवरचंद खत्री के यहाॅ आना-जाना करती है। जो ठीक ठाक व पैसे वाला आदमी है, सुहेल इसे रोज उसके पैसे को लेने के लिये कहता था। घटना के दिन दिनांक 20.12.2022 को सुहेल के कहे अनुसार ये, सुहेल व गोलू तीनो एक किराये की स्कोडा कार में जगदलपुर आये। ये शाम को मृतक घेवरचंद खत्री के घर चली गई तथा सुहेल व गोलू स्कोडा कार में जगदलपुर शहर में घुमने लगे। देर रात को मृतक के शराब पीकर सो जाने के बाद ये घर में लगे सीसीटीव्ही कैमरा को बंद करके समय का इंतजार कर रही थी। देर रात्री फोन से बात होने के बाद सुहेल उर्फ शाहरूख दरवाजा खोलने बोला तब साधना मंडल घर का दरवाजा खोली जिसके बाद सुहेल व गोलू घर अंदर आये और उसके बाद योजना के अनुसार घेवरचंद खत्री की तीनों मिलकर गला एवं मुंह दबाकर तथा पैर बांधकर हत्या कर दिये जिसके बाद घर में लगा लाॅकर को तोड़ने लगे और लाॅकर नहीं टुटने पर दिवाल से निकालकर साथ ले गये। जाते समय घर का दरवाजा में बाहर से ताला लगाकर चले। जाते समय जंगल में रूककर लाॅकर को तोडकर, लाॅकर में रखे 10,000/-रूपये व चांदी के सिक्के व पायल को आपस में बाट लिये। दिनांक 21.12.2022 को मैं बचने के हिसाब से बस में बैठकर रायपुर चली गई तथा गोल और सुहेल कांकेर में ही रूक गये।
महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी:- निरीक्षक- एमन साहू, धनंजय सिन्हा, तारिक हरीश, जितेन्द्र कोसले उप.निरी.- प्रमोद ठाकुर, अमित सिदार,रनेश सेठिया सहा.उप.निरी- सुधराम नेताम प्र.आर. – अनंतराम बघेल,मौसम गुप्ता, आरक्षक- भुपेन्द्र नेताम, रवि सरदार, प्रकाश नायक, युवराज सिंह ठाकुर, पितवास आचार्य, तोमिन कुंजाम, सोनु गौतम, हिमांशु यादव, दीपक कुमार।
अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा समाज 18 गढ़ महासभा मुख्यालय बड़ेडोंगर के तत्वाधान में गढ़ बड़ाजी के आश्रित पाली ग्राम अलवा में जिला स्तरीय शक्ति दिवस कार्यक्रम 26 दिसम्बर को सम्पन्न हुआ । प्रदेश मीडिया प्रभारी रूपेंद्र मांझी हल्बा समाज छ ग व अध्यक्ष जिला बस्तर हल्बा समाज युवा प्रभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि आज के इस ऐतेहासिक दिन में हल्बा समाज हर राज्य हर गांव हर जिले में ग्रामीण स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक इस बड़े ही हर्षोल्लास एवं एक उस्तव के रुप में मनाया जाता है , आज के ही दिन हल्बा समाज ने अपनी मूल शक्ति का परिचय देते हुये विभिन्न राज्यो में निवासरत हलबाओ को एक मंच में लाया था और समाज को मजबूत किया था इसलिय सन 1998 से लगातार हर वर्ष 26 दिसम्बर को शक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है । इस वर्ष जिला स्तरीय शक्ति दिवस कार्यक्रम जिला बस्तर गढ़ बड़ाजी के पाली ग्राम अलवा में आयोजित हुई जिसके मुख्यातिथि थे माननीय राजमन बेंजाम जी विधायक चित्रकोट विधानसभा ,व विशिष्ट अतिथि थे आदरणीय जानकी राव जनपद अध्यक्ष तोकापाल , मिठू राम लेकाल सम्भागीय संरक्षक सम्भाग बड़ाजी , सीता राम बाकड़ा जी गढ़ अध्यक्ष गढ़ बड़ाजी , श्रीमती निलावती मांझी अध्यक्ष महिला प्रकोष्ट , सदन राम लेकाल अध्यक्ष कर्मचारी प्रकोस्ट के सानिध्य में कार्यक्रम की शुरुआत हुई , सर्वप्रथम सेकड़ो की संख्या में समाज के लोगो के द्वारा माई दंतेश्वरी जी की प्रभात फेरी के साथ गांव के चारो ओऱ माई जी की डोली की प्रक्रिमा किया गया , तत्पश्चात कार्यक्रम स्थल में समाज का ध्वजा रोहण किया गया और माई जी की सेवा अर्जी कर मंचासीन कार्यक्रम शुरुआत हुई जिसमें मुख्यातिथि व विशिष्ठ अतिथियो ,समाज प्रमुख पधादिकारी जनों का पुष्प गुच्छ व माल्यार्पण से स्वागत हुआ । कार्यक्रम में विभिन्न रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम , सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता , अतिथियों का उध्बोधन हुआ , उद्धबोधन की श्रेणी में मुख्यातिथि माननीय राजमन बेंजाम जी विधायक चित्रकोट ने कहा कि समाज की एकता ,अखंडता के लिये समाज मे विभिन्न कार्यक्रम होते है ,और इस प्रकार का कार्यक्रम का आयोजन समाज को मजबूत बनाता है , विधायक जी ने ढोढरेपाल पाली ग्राम को सामाजिक भवन बनाने की घोषणा की है। उपयुक्त कार्यक्रम में उपस्तिथ थे , देवी प्रसाद बेंजाम मंडल अध्यक्ष बेजेपी तोकापाल , श्रीमती जानकी राव जनपद अध्यक्ष , ताराबत्ती बेंजाम सम्भागीय सचिव लोकेश्वर बाकड़ा सम्भागीय सचिव , अनंत बाकड़ा गढ़ नाइक बड़ाजी , शम्भूनाथ चालकी , श्रीधर बाकड़ा , दिगपाल बाकड़ा , मिठुराम लेकाल , जमुना बाकड़ा ,रयमती खीरसान , टेमनाथ शार्दूल , जयदेव गागड़ा , भदरु ख़िरसान , लखबन्धु बाकड़ा , चंद्रशेखर बघेल ,आदि सेकड़ो की संख्या में समाज के लोग मौजूद थे ।
जिसने राज्य बनाया कांग्रेस उनकी मूर्ति का विरोध कर रही- धुर्वे
दल्लीराजहरा जिलाध्यक्ष बालोद भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा व सांसद प्रतिनिधि नगर पंचायत चिखलाकसा विक्रम ध्रुवे ने भिलाई में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापना का विरोध करने पर कांग्रेस की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जिसने छत्तीसगढ़ निर्माण किया, उस महान नेता का कांग्रेस अपमान कर रही है। एक खानदान विशेष की गुलामी कर रहे कांग्रेसियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि यदि अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण नहीं किया होता तो आज न यह सत्ता सुख भोग रहे होते और न इस राज्य को कांग्रेस का एटीएम बनाकर लूट रहे होते। कांग्रेसी इतने कृतघ्न हो गए कि छत्तीसगढ़ राज्य बनाने वाले की मूर्ति लगाने का विरोध करते हुए मारपीट और पथराव कर रहे हैं। यह है कांग्रेस का चरित्र।
धुर्वे ने कहा कि भिलाई में वहां के नागरिकों की पर्यावरण समिति 5 साल से चित्र रखकर अटल उद्यान में अटल जी की जयंती मनाती है। उद्यान की भूमि भिलाई स्टील प्लांट की है। इसलिए स्थानीय नागरिकों की मांग पर 20 दिसंबर 2019 को जोन आयुक्त ने भिलाई स्टील प्लांट को पत्र भेजा था और विधिवत मूर्ति स्थापित करने की अनुमति भी मांगी थी। कांग्रेस के नेता और कांग्रेस के गुंडों ने अपने आकाओं के निर्देश पर राजनीतिक द्वेषवश वहां का माहौल खराब करने का प्रयास किया। कांग्रेस का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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भुपेश सरकार की उदासीनता के कारण लोगो को आवास का नहीं मिल रहा लाभ -संतोष पांडेय
जिस जनता ने कांग्रेस को सत्ता मे बिठाया उसी जनता का भुपेश बघेल सरकार ने आवास छीना – केदार कश्यप
भानपुरी – भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व के आव्हान पर मोर आवास मोर अधिकार के तहत आज भाजपा मण्डल भानपुरी के ग्राम बनियागाँव में सभा आयोजित कर मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम कर सर्वे सूची में नामदर्ज ऎसे हितग्राहियों का फार्म भरवाकर इस राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों को आम जनों को अवगत करवाया इस दौरान कार्यक्रम के मुख्यवक्ता के रूप में भाजपा बस्तर संभाग प्रभारी व सांसद संतोष पांडेय व विशिष्ट अतिथि भाजपा प्रदेश महामंत्री व पूर्व मंत्री केदार कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपसिंह मंडावी उपस्थित हुए।
इस दौरान सभा को सम्बोधित करते हुए सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से प्रदेश भर के लाखो परिवारो को वंचित रखा गया है। उंन्होने कहा कि पक्का घर हासिल करना प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है इसे उनका अधिकार मानते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत की गई आज प्रदेश भर में लाखो लोग इस योजना का लाभ उठा चुके है,परन्तु राज्य सरकार के रवैये से प्रदेश के लोगो को इसका लाभ नही मिल पा रहा है। आगे उन्होंने कहा की केंद्र सरकार द्वारा लगभग स्वीकृत करीब 12 लाख प्रधानमंत्री आवास छत्तीसगढ़ सरकार ने रोक रखा है। प्रदेश कांग्रेस सरकार की उदासीनता के कारण हितग्राहियों के आवास अधूरे पड़े लोगो को किस्तों के किये भटकना पड़ रहा है। आज गरीबो के लिए समस्या बनी हुई है कि उनका पक्का मकान में जीवन व्यतीत करने का सपना कैसे पूरा होगा उन्होने प्रदेश में हत्या चोरी भ्रष्टाचार और अन्य आपराधिक घटनाओ में बढ़ोतरी को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। तत्पश्चात सभा को भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने भी सम्बोधित करते हुए कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब परिवार के बारे में इतना अच्छा सोच विचार रखा है कि मेरे देश के गरीब परिवारो के पास पक्का छत पक्का मकान हो जाए पर राज्य की कॉंग्रेस सरकार ऎसा बिल्कुल नही चाहती जैसे जनता ने कांग्रेस पार्टी को राज्य में सत्ता पर बैठाया है उसी तरह राज्य की जनता सत्ता छीनना भी जानती है सरकार अपने घमंड मे चूर है इन्हे प्रदेश की जनता की फ़िक्र नहीं है। पुरे प्रदेश मे विकास के सारे कार्य ठप्प पड़े है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रुपसिंग मंडावी, शेखर जोशी, यशवंत ठाकुर, सरपंच लुदरू राम, केशव ठाकुर, भास्कर जोशी, प्रवीण संखाला, लुदू राम कश्यप, संभू, लेजा राम, बड़ी संख्या में हितग्राही, ग्रामीणजन व भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
भाजपा नेताओं पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन का करारा हमला
जनता के बार -बार रिजेक्ट किए जाने के बाद भी नहीं ली सीख
एनएमडीसी के मसले पर मोदी सरकार से बातचीत करें भाजपाई
जगदलपुर संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि बस्तर में भाजपा निगेटिव पॉलिटिक्स की शिकार है। बस्तर में स्थित सभी 12 विधानसभा सीटें गंवाने और उप चुनावों में लगातार हारने के बाद भी भाजपा नेताओं ने सबक नहीं सीखा है। जनहित की राजनीति करने की बजाय वे ढकोसला कर रहे हैं। यदि वे जनता के सच्चे हमदर्द हैं, तो केंद्र की मोदी सरकार से कहकर नगरनार के एनएमडीसी स्टील प्लांट का काम शीघ्र पूरा कराएं और केंद्र के रूख को तत्काल स्पष्ट करवाएं। रेखचंद जैन ने एक बयान में कहा है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह साफ कह दिया है कि अगर केंद्र सरकार स्टील प्लांट का संचालन नहीं कर सकेगी, तो छत्तीसगढ़ सरकार इसे चलाएगी। उनके इस बयान से भयभीत होकर केंद्र सरकार ने आनन फानन में यह कानून बनाया कि कोई भी राज्य सरकार ऐसे उपक्रमों का संचालन नहीं कर सकती। इस कानून का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मित्रों को लाभ पहुंचाना है। जैन ने कहा है कि नगरनार स्टील प्लांट को लेकर बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल आदि हमारे पार्टी नेताओं की राय भी मुख्यमंत्री की जैसी ही है। वहीं भ्रमित भाजपा नेता दोमुंही बातें कर रहे हैं। अगर वे बस्तर की जनता के सच्चे हितैषी हैं, तो केंद्र की मोदी सरकार से बात कर शीघ्र प्लांट का काम पूरा करवाएं। नगरनार स्टील प्लांट पर अपनी पार्टी व केंद्र सरकार की नीति भी स्पष्ट कराएं। तब क्या इनके मुंह में दही जम गया था ? जैन ने यह भी कहा है कि चार साल पहले जब बस्तर संभाग के सबसे बड़े महारानी अस्पताल में भाजपा की राज्य सरकार ताला लगा रही थी, तब भाजपा के यहां के किसी भी नेता का मुंह नहीं खुल रहा था। आज जनता को भ्रमित करने उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की बात वे कह रहे हैं। तब प्रदेश सरकार में मंत्री, सांसद, विधायक, आयोग, निगम व मंडल अध्यक्ष भाजपा के थे। भाजपा और इसके नेताओं ने अपने 15 साल के कार्यकाल में जिस प्रकार की तकलीफें दी हैं, उससे बस्तर की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। पिछले चुनाव में भी जनता ने इन्हें सबक सिखाया था और आगामी चुनावों में भी ऐसा ही होगा।
बाफना ने वर्षो के कार्यकाल में कितने बार इस ज्वलंत गंभीर मसले पर अपने आकाओं से वार्तालाप या चर्चा सहित अब तक क्या समाधान निकाला….. पूछता है बस्तर – राजीव शर्मा
बस्तर की जनता को स्वास्थ्य लाभ से वंचित करने का षड्यंत्र करने तथा महारानी अस्पताल को उजाड़ने की साजिश रचने वाले राजनैतिक लाभ के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल का मचा रहे हल्ला….
संगठन को लेकर अपने आपको अनुशासित कहने वाली भाजपा व्यक्ति विशेष के पीछे चलने को हुई मजबुर…. मुद्दाविहीन भाजपा बस्तर में अपना अस्तित्व पूर्ण रूप से खो चुकी है…..
अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और दायित्वों का निर्वहन कर पाने में असफल पूर्व विधायक अब केवल सुर्खियां बटोरने के लिए पद की प्राप्ति का सपना सँजोये कर रहे यात्रा….
पदयात्रा का क्षेत्रवासियों पर कोई असर नही, भाजपा को चुनावी वर्ष में हुआ जिम्मेदारियों का एहसास और निकल पड़े अपनी खोई जमीन तलाशने….
पूर्व विधायक सन्तोष बाफना की जन आक्रोश पदयात्रा पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बाफना व भाजपा के द्वारा सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल निर्माण के नाम पर पदयात्रा को महज एक चुनावी स्टंट बताया। शर्मा ने कहा कि आठ वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है और वर्षों तक विधायक रहने के बाद केंद्र सरकार पर दवाब नहीं डाल पाए चुनावी वर्ष को देखते हुए सुर्खियों में बने रहने के लिए पद प्राप्ति हेतु यह पदयात्रा की है। शर्मा ने कहा कि विगत कई वर्षों से क्षेत्र की जनता अस्पताल निर्माण की बाट जोह रही है 23 हजार करोड़ का इस्पात संयंत्र खड़ा हो गया लेकिन ढाई सौ करोड़ की लागत से निर्माण किये जाने वाले इस अस्पताल की आज तक नींव नहीं रखी जा सकी, शर्मा ने कहा कि विनिवेशिकरण के लिए तय सेवा शर्तों में पुनर्वास नीति के पालन की अनिवार्यता शामिल है लेकिन सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल, खेल परिसर आदि पुरानी घोषणाओं का क्रियान्वयन अब तक नहीं हो सका जो बस्तर के लिए बेहद ही दुर्भाग्यजनक है इसके कारण क्षेत्र की जनता को आशंका है कि केंद्र सरकार द्वारा विनीवेशीकरण के बाद इन घोषणाओं को भुला दिया जाएगा तथा क्षेत्र के परिक्षेत्रीय विकास का एनएमडीसी का वादा भी अधूरा व लम्बित रह जायेगा। पूर्व विधायक अपने आलाकमान के समक्ष बस्तरवासियों के हित में इस ज्वलन्त समस्या पर चर्चा कर निदान कराने का पहले साहस जुटाएं और अपनी सरकार से इस गंभीर मसले पर निर्णायक कदम सहित क्रियान्वयन का दबाव बनाएं। पूर्व विधायक तो मात्र स्मृति लोप के शिकार हैं जिस विधायक के कार्यकाल में बस्तर जिले खासकर जगदलपुर जनता की जीवनदायिनी महारानी अस्पताल में तालाबंदी कर दिया व शहर की लाखों गरीब जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया अब वही लोग ग्रामीण जनता को सब्जबाग दिखा रहें हैं। श्री शर्मा ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की उपक्रम नेशनल मिनरल डेवलपमेंट (एनएमडीसी) के अधिकारियों को 10 दिसंबर 2022 के दिन बीजापुर में हुए प्राधिकरण की बैठक में बस्तर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल व बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने 26 जनवरी तक का अल्टिमेटम दिया है अब इसका असर भी दिखने लगा है इसका झूठा श्रेय लेने के लिए पूर्व विधायक बाफना अब शिगुफा छोड़ रहें है। शर्मा ने कहा कि जिन्होंने अपने कार्यकाल में बस्तर की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी उनके द्वारा स्वास्थ सेवाओं को लेकर इस तरह का आंदोलन अंधेरे में काली बिल्ली ढूंढने के समान है जिसे बस्तर की जनता भलीभांति पूर्वक समझती है, वह भाजपा के इस झूठे छलावे में अब आने वाली नही है।
दिनाँक 24/12/2022 दिन शनिवार को 18 पंचायत ग्रामीणो ने चिलपरस में पेसा दिवस मनाया गया जिसमें हजारों की संख्या में कोयलीबेड़ा क्षेत्र के हजारों लोग सामिल हुए, इस पेसा दिवस पर भोमरा परगना पानीडोबीर सेक्टर सर्व समाज द्वारा बस्तर में लग रहे कैम्प का भी विरोध किया गया और कुछ मुख्य मांगे भी मंच व बैनर के माघ्यम से रखा गया जिसमें
1.बस्तर संभाग से अर्ध सैनिक बल BSF कैम्प हटाओ। 2.बस्तर में फर्जी गिरफ्तार गस्त अभियान को बंद करो।
3.पांचवी-छटवी अनुसूची तहत पेसा कानून को अमल करो। 4.बस्तर संभाग से रावघाट, चारगांव, आमदाई, पल्लामारी कुवे छोटे डोंगर खदानों को बंद करो। 5.चिलपरस पानिडोबीर में लग रहे नये कैम्प को बंद करो। 6 सर्व आदिवासी जो जेल में बंद है उन्हें रिहा करो। 7 जल जंगल जमीन पर सर्व समाज का अधिकार हो। यह कार्यक्रम कांकेर जिला के कोयलीबेड़ा ब्लाक के सुदूर वनांचल ग्राम चिलपरस में सम्पन हुआ जिसमें जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के साथियों के साथ हज्जरों लोग उपस्थित थे।
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बकावंड ब्लॉक में 13 जगहों पर बनाए जा रहे हैं तेंदूपत्ता गोदाम
20 – 20 लाख रु. की लागत वाले गोदामों के निर्माण में भारी गड़बड़ी
अर्जुन झा बकावंड यहां पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी का एक और कारनामा सामने आया है। इस बार वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा तेंदूपत्ता गोदामों के निर्माण में अनियमितता बरती जा रही है। गोदाम निर्माण की आड़ में अधिकारी अपना भंडार भरने पर तुले हुए हैं। बकावंड विकास खंड में कुल तेरह जगहों पर गोदामों का निर्माण कराया जा रहा हैमें तेरह जगहों पर गोदाम बनाए जा रहे हैं और हर जगह धांधली चल रही है। प्रत्येक गोदाम की लागत 20 लाख रु. है।
बकावंड के वन परिक्षेत्र अधिकारी विभागीय कार्यों में की जाने वाली अफरा तफरी को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। उनके माध्यम से एवं उन्हीं की देखरेख में इन दिनों बकावंड के वन विभाग डिपो, ग्राम पंचायत सरगीपाल समेत तेरह स्थानों पर बीस – बीस लाख रुपए की लागत से तेंदूपत्ता गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। हर निर्माण कार्य में जमकर गड़बड़ी की जा रही है। सभी स्थानों पर गोदाम निर्माण के लिए ओड़िशा के मजदूरों को लगाया गया है। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत सरगीपाल में वन विभाग द्वारा केंद्रीय कैंपा मद के 20 लाख रु. की लागत से तेंदूपत्ता गोदाम का निर्माण स्थानीय वन परिक्षेत्र अधिकारी राजकुमार देवांगन की देखरेख में कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में जमकर अनियमितता बरती जा रही है। ग्राम की जमीन पर गोदाम बनवाया जा रहा है, लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी ने ग्राम पंचायत सरगीपाल से अनुमति तथा अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की भी जरूरत नहीं समझी। सरपंच को भी विश्वास में नहीं लिया गया। वनोपज प्राथमिक सहकारी समिति सरगीपाल के प्रबंधक ने इस बात की पुष्टि की है। अगर आगे चलकर ग्राम पंचायत सरगीपाल निर्माण के विरोध में कोई कार्यवाही करती है, तो निर्माण में जो लाखों रु. खर्च हो चुके हैं, उसकी भरपाई किससे की जाएगी ? ग्रामीणों का आरोप है कि वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा गोदाम निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। सीमेंट का उपयोग बहुत ही कम मात्रा में किया जा रहा है। दीवारों की मोटाई भी मापदंड के अनुरूप नहीं है। बाहर से लाए गए मजदूरों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दी जा रही है। निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित जानकारी वाला बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, ताकि भ्रष्टाचार की पोल न खुल जाए। वन परिक्षेत्र अधिकारी राजनीतिक रसूख रखते हैं, इसलिए उनके खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। वे अक्सर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आते हैं। पहले भी इस वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा कराए गए तमाम निर्माण कार्यों में ऐसी ही गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ग्रामीण इन घटिया निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ओड़िशा के मजदूरों से करा रहे हैं कार्य तेंदूपत्ता गोदामों के निर्माण के काम में ओड़िशा के मजदूरों को लगाया गया है। इसके लिए इन मजदूरों को बकावंड विकासखंड के सीमावर्ती ओड़िशा के गांवों से विशेष तौर पर लाया गया है। जबकि बकावंड ब्लॉक में मजदूरों और राजमिस्त्रियों की कमी नहीं है। यहां के मजदूर और राजमिस्त्री हर तरह के निर्माण कार्य में दक्ष हैं। स्थानीय मजदूरों को रोजगार का अवसर न देकर वन परिक्षेत्र अधिकारी शासन के नियमों का उल्लंघन किया है। ग्रामीण बताते हैं कि ओड़िशा से लाए गए मजदूरों और राजमिस्त्रियों को कम मजदूरी दी जा रही है और वे इसके खिलाफ आवाज भी नहीं उठाते, जबकि स्थानीय मजदूर कम मजदूरी का विरोध करने लग जाते। वजह साफ है कि निर्माण की आड़ में वन परिक्षेत्र अधिकारी ज्यादा से ज्यादा कमाई करने की फिराक में हैं।
पेड़ों की छंटाई की आड़ में हुई थी अवैध कटाई वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा पेड़ों की छंटाई और शाख कर्तन की आड़ में भी बड़े पैमाने पर मनमानी की जा चुकी है। बकावंड विकासखंड के जंगलों के पेड़ों की छंटाई कराने के नाम पर उन्होंने लकड़ी माफियाओं को पेड़ों की बेतहाशा अवैध कटाई की खुली छूट दे दी थी। लकड़ी माफिया ने सागौन, बीजा व अन्य कीमती प्रजातियों के सैकड़ों विशाल पेड़ों को धाराशाई कर डाला। इन पेड़ों के गोलों की बाहर तस्करी की गई। संबंधित गांवों के ग्रामीणों ने मामले की शिकायत भी की थी, लेकिन न तो जांच हुई और ना ही वन परिक्षेत्र अधिकारी पर किसी तरह की कार्रवाई। वहीं दूसरी ओर जलावन के लिए जंगलों से गिरी पड़ी सूखी लकड़ियां लाने वाले ग्रामीणों को वन विभाग के अधिकारी पकड़ लेते हैं और प्रताड़ित करते हैं।
धर्म स्थल के काम में किया अधर्म वन परिक्षेत्र अधिकारी पर अवैध कमाई का नशा इस कदर हावी है, कि वे धर्म स्थल के निर्माण और संरक्षण कार्य के लिए स्वीकृत राशि में भी गड़बड़ी करने में गुरेज नहीं करते। बकावंड के नजदीक एक गांव में स्थित मातागुड़ी के जीर्णोद्धार और सुरक्षा संबंधी निर्माण कार्य के लिए क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने राशि की स्वीकृति प्रदान की थी। इस कार्य की जिम्मेदारी इसी वन परिक्षेत्र अधिकारी को सौंपी गई थी। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने देवगुड़ी की चारदीवारी का बहुत ही घटिया निर्माण कराया। अन्य कार्य भी गुणवत्ता के अनुरूप नहीं हुए। ग्रामीणों ने गांव के दौरे पर पहुंचे विधायक लखेश्वर बघेल से जब इसकी शिकायत की, तब श्री बघेल ने स्थल निरीक्षण किया। घटिया निर्माण पर वन परिक्षेत्र अधिकारी को ग्रामीणों के सामने ही कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद भी वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अपना ढर्रा नहीं बदला है। वे अब भी अन्य निर्माण कार्यों में भी गोलमाल करते आ रहे हैं।
पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा एवं पूर्व युवा आयोग सदस्य संग्राम सिंह राणा थे उपस्थित
एम्स खुलने से बदलेंगे हालत – संतोष पांडे
जगदलपुर – छत्तीसगढ़ के बस्तर में एम्स की स्थापना को लेकर भाजपा बस्तर प्रभारी व राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा एवं पूर्व युवा आयोग सदस्य संग्राम सिंह राणा ने भारत देश के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडावीया से गुरुवार को सौजन्य भेंट की। भाजपा बस्तर संभाग प्रभारी एवं राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने कहा बस्तर जिले की लचर स्वास्थ्य सेवाएं को बेहतर बनाने और एम्स हॉस्पिटल खुलवाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। बस्तर की नक्सल प्रभावित आदिवासी भाई हजारों की संख्या मे इलाज के अभाव में हर साल मारे जाते हैं इसलिए यहां पर बस्तर में प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाएं बहुत अच्छी नहीं है केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि यहां एम्स खुलनी चाहिए। एम्स खुलने से बस्तर की हालत बदलेंगे। पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा बस्तर मे स्वास्थ्य सेवा बहुत ही लचर हैं, एम्स खुलने की दरकार हैं।एम्स खुलने से स्वास्थ्य सेवा ठीक हो जाएगी।बस्तर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं। एम्स खुलने से बस्तर मे नई ऊर्जा आएगी।ओड़िसा से लेकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं महाराष्ट्र के लोग भी बस्तर से जुड़ेंगे।इनकी सीमाएं बस्तर से जुडी हैं।इन आदिवासी इलाकों मे स्वास्थ्य को लेकर कोई बेहतर सुविधा नहीं हैं।एम्स खुलने से तीन राज्यों के लोग बस्तर मे आ कर गरीब आदिवासियों अपना बेहतर इलाज करा पायेगे बस्तर के आस पास के लोगो को जीवन दान मिलेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के दौरान पूर्व युवा आयोग सदस्य संग्राम सिंह राणा ने बताया कि बस्तर में जगदलपुर के पूर्व विधायक संतोष बाफना के द्वारा स्वास्थ्य सुविधा को लेकर एनएमडीसी के द्वारा घोषित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के देरी के लिए 26 दिसंबर को शासन का ध्यान आकर्षित कराने हेतु 07 किलोमीटर पैदल मार्च करने का कार्यक्रम भी बना है।