पुलिस प्रशासन की तरफ़ से कोई पहल नहीं, वो अपने आकाओं के दबाव में ग़ुलामी करने मजबूर – संजय पाण्डेय
★ मुख्यमंत्री आए और चले गए पीड़ित महिलाएं इंतजार करते रह गई पीड़ित ★ आई जी से मिल अपनी व्यथा बताई संजय गांधी वार्ड की पीड़ित महिलाएं ★ 12 दिन बाद भी पुलिस के द्वारा इस प्रकरण में एक कदम भी नही बड़े
★ पीड़ित महिलाओं ने आई जी महोदय से मुलाकात की सुनाई अपनी व्यथा
कल शाम पीड़ित महिलाओं ने आई जी बस्तर से मिलकर अपनी बात रखी, उन्होंने कहा अपनी व्यथा हमने एसपी महोदय को भी बताई मगर अबतक कोई कार्यवाही नही की जा रही है |
पीड़ित महिला कस्तूरा भारती ने कहा FIR के नाम पर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने जांच करवाने की बात कहकर हम पीड़ित महिलाओं के साथ न्याय नही किया, जांच हो चुकी, और FIR नही हो रही है, सभी महिलाओं ने अपना बयान दर्ज करा दिया और शपथ पत्र भी साथ में संलग्न करवाया है 22 तारीख से धरने में बैठने के बाद तत्काल सभी के बयान दर्ज हुआ, प्रक्रिया पूरी कर ली गई लोगों ने बैंक स्टेटमेंट भी दे दिया, मगर जांच के नाम पर हमें सिर्फ मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है, हम पीड़ित शोषित महिलाओं को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है हमें प्रलोभन तक दिया जा रहा है भविष्य मैं हमारे साथ अनहोनी करने की बातें भी सामने आ रही है हम मानसिक रूप से भी परेशान हो रहे हैं, हमारी अज्ञानता का लाभ पुलिस के द्वारा उठाया जाकर FIR नहीं कर कार्यवाही नहीं करने से गरीबों में पीड़ितों में भय का वातावरण बना हुआ है, थाने के सामने लगातार बैठने के बाद भी किसी भी उच्च अधिकारी का पीड़ित परिवारों से अब तक आकर नहीं मिलना सरकार की असंवेदना को दिखाता है |
पीड़ित परिवार बहुत ही गरीब छोटे-मोटे काम धंधे करके जीवन यापन करते हैं ऐसे में लगातार धरने पर ठंड में बैठना और सरकार के किसी जिम्मेदार अधिकारी या कांग्रेस के जनप्रतिधि/नेताओं की ओर से पीड़ितों को न्याय दिलाने हो देने हेतु कोई पहल नहीं किया जा रहा है |
पुलिस के ऊपर सत्ता का दबाव है और सत्ता के दबाव में क्या गरीबों को न्याय नहीं मिलेगा पीड़ितों ने आमजन से अपील की है कि वह भी हमें न्याय दिलाने में हमारा सहयोग करें !
पुलिस महानिरीक्षक से मिलने प्रतिनिधि मंडल में झरना बघेल राजकुमारी बेसरा सिमरन नाग अंजना भारती बालमति बघेल शामिल थीं !
जगदलपुर, 28 जनवरी 2022 – अधिक दर पर उर्वरक की बिक्री की शिकायत के बाद की गई जांच के बाद सोनारपाल में संचालित भानु कृषि सेवा केन्द्र का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। शुक्रवार को कृषि विभाग के उप संचालक ने लाइसेंस निरस्ती का आदेश जारी कर दिया। पिछले दिनों भानु कृषि सेवा केन्द्र में अधिक दाम पर उर्वरक बिक्री का वीडियो वायरल होने पर कलेक्टर रजत बंसल के निर्देश पर मामले में तेजी से जांच करते हुए भानु कृषि सेवा केन्द्र के विरुद्ध यह सख्त और त्वरित कार्रवाई की गई।
कृषि विभाग के उप संचालक एसएस सेवता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पिछले दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें ग्राम देवड़ा के किसान चतुर सिंह बघेल द्वारा भानु कृषि सेवा केन्द्र में शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की शिकायत थी। इस मामले की जांच के लिए कृषि विभाग के सहायक संचालक लखनधर दीवान, अनुविभागीय अधिकारी तरुण कुमार प्रधान, कृषि विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह तोमर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस मामले में 266 रुपए प्रति बोरी के यूरिया को 500 रुपए की दर पर और पोटाश को 1000 रुपए प्रति बोरी व डीएपी को 1450 रुपए प्रति बोरी की दर पर विक्रय करते हुए 8400 रुपए के उर्वरक के बदले 12500 लिए जाने की शिकायत सही पाई गई। इस मामले में दुकानदार को लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन तय समय-सीमा के भीतर दुकान संचालक द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया गया। इस फर्म के विरुद्ध शिकायतों के कारण पूर्व में भी लाइसेंस को निलंबित करने की कार्यवाही की जा चुकी है। वहीं दुकान संचालक द्वारा बार-बार की जा रही नियमों के उल्लंघन को देखते हुए दुकान के लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की गई। दुकान संचालक को समस्त उर्वरक को समाप्त करने के लिए एक माह का समय दिया गया है तथा एक माह के बाद शेष उर्वरक को राजसात करने की चेतावनी दी गई है।
जगदलपुर – कई प्रकार के आरोपों में घिरे प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डी. राजन के विरुद्ध उन्ही के विभाग में पदस्थ महिला कर्मचारी नेत्र सहायक अधिकारी ने मासिक समीक्षा बैठक के दौरान अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है. उक्त महिला अधिकारी जो मूल रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाहकापाल, तहसील तोकापाल में पदस्थ है, महिला आयोग, स्थानीय विधायक, कमिश्नर, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक व स्वास्थ्य कर्मचारी संघ को एक शिकायत पत्र भेजकर प्रभारी सीएमओ द्वारा भरी बैठक में उसके साथ अश्लील एवं अभद्रतापूर्ण किये गए व्यवहार की जांच कर ऐसे अधिकारी को दण्डित करने की मांग की है.
महिला नेत्र सहायक ने प्रभारी सीएमओ द्वारा 6 जनवरी 2022 के पूर्व भी लगातार किये जा रहे अभद्र व्यवहार एवं प्रताड़ना का खुलासा किया है. महिला के अनुसार, जब से प्रभारी सीएमओ ने अपना पदभार ग्रहण किया है उनके द्वारा लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मोस्ट डिफाल्टर जैसे शब्दों से संबोधित किया है जिससे मुझे एवं मेरे परिवार को मानसिक आघात पहुंचा है. अपने अधीनस्थ एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए दुर्व्यवहार करना कहाँ तक न्यायोचित है.
विदित हो कि प्रभारी सीएमओ डी राजन के ऊपर इसके पूर्व तोकापाल में पदस्थापना के समय उनपर कई प्रकार के आर्थिक अनियमितताओं का भी आरोप लग चुका है. इसके अलावा कोरोना संक्रमण काल के दौरान अपने साथी स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ हमेशा दुर्व्यवहार कर उनको निलंबन कर कई मामलों में फंसने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लग चुका है. प्रभारी सीएमओ डी राजन के खिलाफ बस्तर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कई प्रकार के आरोप लगाते हुए उसे इस महत्वपूर्ण पद से हटाने की मांग भी स्वास्थ्य मंत्री एवं अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों से की थी लेकिन अब तक ऐसे भ्रष्ट एवं महिलाओं के प्रति दुर्भावना रखकर उनकी मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले प्रभारी सीएमओ के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाई नहीं किया गया है.
जानकारी के अनुसार, उक्त भ्रष्ट प्रभारी सीएमओ को स्वास्थ्य मंत्री से जुड़े बस्तर के एक कांग्रेसी नेता जो पूर्व में महापौर रह चुके हैं, उनका वरदहस्त प्राप्त है. इन्ही की आड़ में उक्त प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बारम्बार महिलाओं के प्रति अभद्रपूर्ण व्यवहार के साथ-साथ अपने साथी कर्मचारियों को स्थानांतरण एवं निलंबन जैसे धमकी दी जाती है. अगर समय रहते ऐसे प्रभारी पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यवाई नहीं की जाती है तो बस्तर में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े महिला कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा होगी.
जगदलपुर। बस्तर जिला पत्रकार संघ की आम सभा 28 जनवरी को संपन्न हुई। गणपूर्ति के अभाव की वजह से इसी महीने 06 जनवरी को पत्रकार भवन में प्रस्तावित सन् 2008 की सदस्यता सूची में शामिल पत्रकारों की आम सभा को स्थगित कर, आज की आम सभा बुलाई गई थी। बस्तर जिला पत्रकार संघ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र बाजपेई की अध्यक्षता में आहूत आम सभा में तय एजेंडे के आधार पर विषय वार चर्चा संपन्न हुई।
एजेंडे के सबसे अहम विषय पर चर्चा करते हुए संघ की नई सदस्यता सूची में शामिल सभी 102 नामो पर नाम दर नाम विचार करते आम सभा ने सभी नामों पर अपनी सर्वसम्मति दी। नई कार्यकारिणी के गठन हेतु निर्वाचन की तिथि के निर्धारण संबंधी विषय पर चर्चा करते आम सभा में बस्तर जिला पत्रकार संघ के निर्वाचन अधिकारी एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री दिनेश नाग से आगामी 07 दिनों में चुनाव संपन्न करवाने संबंधी आग्रह करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। आमसभा को संबोधित करते हुए आज की सभा के अध्यक्ष राजेन्द्र वाजपेयी ने कहा कि जिन बिंदुओं पर आम सभा होनी थी उन सभी पर आज सार्थक चर्चा हुई और सभी की सहमति से एक राय होकर चुनाव करवाने एक समयसीमा प्रशासन को सौपी जाएगी। आज की आम सभा मे नई सदस्यता सूची को सहमति दे दी गयी है साथ ही चुनाव की तिथि को लेकर लेकर भी एक राय बनने के बाद प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर चुनाव की करवाई प्रारंभ करने निवेदन किया जा रहा है। उन्होंने सभी नए सदस्यों से भी अपील की पत्रकारिता के जो दायित्व है उनका सभी ईमानदारी से निर्वहन करें। आम सभा में अपने विचार रखते संघ के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि, चुनाव लोकतांत्रिक ढंग से एवं पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। प्रशासन ने चुनाव को लेकर पूरी कार्रवाई को विधिपूर्वक अंजाम दिया है। इसी तारतम्य में संघ की नए मतदाता सूचि को अंतिम रूप देने 2008 के सदस्यों से आमसभा कर सहमति चाही गयी थी। आज आम सभा में सर्वसम्मति से मतदाता सूची पारित कर दी गयी है। अब सभी पत्रकार साथियों को प्रशासन से निष्पक्ष चुनाव करवाने की अपेक्षा है। जो बहुमत से चुनाव जीत कर आएगा उसका सभी सम्मान करेंगे।संघ के कोषाध्यक्ष भंवर बोथरा ने कहा कि विगत 38 वर्षों से संघ में कोई विधिसम्मत चुनाव ही नही हुआ है। फर्म एंड सोसाइटी ने 2008 की कार्यकारिणी को ये आदेशित किया था कि नए सदस्यों की सूची बनाकर अधतन करें एवं जल्द से जल्द चुनाव करावें लेकिन महत्वपूर्ण पदों में बैठे पदाधिकारियों ने ऐसा नही किया और लगातार चुनाव पक्रिया को टालने का प्रयास करते आये हैं। आज सभी पत्रकार साथियों ने एकजुट होकर चुनाव की मांग प्रशासन से की है। प्रशानिक करवाई को देखकर एसा प्रतीत हो रहा है कि इस बार चुनाव लोकतांत्रिक ढंग से सम्पन्न होगा।
प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा द्वारा 5 सूत्री मांग को लेकर 31 जनवरी को प्रदेश के सभी धान खरीदी केंद्र पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता सांसद विधायक पूर्व विधायक मंत्री भी किसी एक सोसाइटी के आंदोलन में शामिल होंगे एक दिवसीय इस धरना के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाएगा।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि राज्य सरकार के पास किसानों के हित में कोई स्पष्ट नीति नहीं है प्रदेश के किसानों को लगातार छला जा रहा है प्रदेश में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई सरकार को तुरंत करना चाहिए भाजपा किसान मोर्चा द्वारा
घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
2: रबी फसल हेतु खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें । 3: असमय वृष्टि ओला एवं बारिश से क्षतिपूर्ति तत्काल प्रदान किया जाए। 4: लंबित स्थाई विद्युत कनेक्शन तत्काल दिया जाए । 5: पिछले वर्ष के धान की बकाया राशि एवं 2 वर्ष का बकाया बोनस शीघ्र दें।
ये सभी पांच प्रमुख मांग को लेकर धरना दिया जाएगा।
उपरोक्त जानकारी भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष तोमन साहू देते हुये भाजपा के समस्त पदाधिकारियों जेस्ट श्रेस्ट कार्यकर्ताओं व समस्त किसान बंधुओं को अपने अपने सोसाइटी के अंतर्गत उक्त धरना प्रदर्शन में सम्मिलित होने की अपील की है
जगदलपुर – हरी-भरी वादियों से भरी सुगम्य बस्तर को न जाने किसकी नजर लग गयी कि देश-विदेश से बस्तर की सैर करने आने वाले सैलानी अब बस्तर आने से कतराने लगे हैं. बस्तर का नाम देश-विदेश में नक्सलगढ़ के रूप में प्रचारित किया गया था किन्तु, शासन-प्रशासन एवं आम बस्तरियों के सहयोग से अब बस्तर सबके बीच आमचो बस्तर के रूप में अपनी प्रसिद्धि पा रहा है. सरकार, बस्तर में आने वाले पर्यटकों की संख्या को देखते हुए अब इसे पर्यटन उद्योग के रूप में विकास करते जा रही है. जगदलपुर शहर के पास से गुजरने वाले इन्द्रावती नदी एवं शबरी नदी के तटबंधों से लगे हुए जंगली क्षेत्रों में पर्यटकों के सैर-सपाटे एवं ठहरने की व्यवस्था को व्यावसायिक रूप दिया जा रहा है ताकि पर्यटक, इन्द्रावती और शबरी से लगे हुए क्षेत्रों के सुगम्य स्थलों के नैसर्गिक सुन्दरता को देखकर अभिभूत हो सकें.
सरकार की इस योजना को पिछले कई वर्षों से बस्तर प्रशासन द्वारा अमलीजामा पहनाया गया. दलपत सागर से लेकर आसपास के बस्तरिया प्राकृतिक धरोहरों को पर्यटकों के सामने पेश किया गया ताकि वे बस्तर की खूबसूरती के साथ-साथ यहाँ की संस्कृति से भी परिचित हो सकें. बस्तर में पर्यटक आमतौर पर स्वास्थ्य मनोरंजन एवं बस्तर की हरी-भरी वादियों के दर्शन करने आते हैं लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से समूचे बस्तर के शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशे के सौदागर अपने नशीले व्यापार के माध्यम से बस्तर की खूबसूरत छटा को काली घटा में बदलने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं. जगदलपुर शहर में तफरी करने आये कई पर्यटकों में अब आम शिकायत हो रही है कि नशे में झूमते नशेडी युवक, बच्चे एवं महिलाएं बाहर से आने वाले पर्यटकों के साथ, छीना-झपटी के साथ-साथ दुर्व्यवहार करने तक को उतारू हो जाते हैं. इन्ही पर्यटकों के अनुसार, शहर के नए बस स्टैंड से उतरते ही ऐसे नशेड़ियों के साए में आने वाले पर्यटक पढ़कर अपना धन एवं प्रतिष्ठा खो बैठते हैं. एअरपोर्ट से आने वाले पर्यटक भी कुम्हार पारा से जब शहर की ओर आते हैं तब भी ऑटो या टैक्सी वालों के बीच ऐसे नशेडी उन्हें परेशान करने मिल जाते हैं.
एक जानकारी के अनुसार, कुम्हार पारा से लेकर पुराना बस स्टैंड, नए बस स्टैंड से लेकर चांदनी चौक, एवं अनुपमा चौक से लेकर दलपत सागर क्षेत्र का मुहाना के साथ धरमपुरा पीजी कॉलेज से कालीपुर क्षेत्र के दर्जनों दुकानों में नशीली दवाइयों के सौदागर, दवाई दुकान अथवा किराना दुकानों के माध्यम से बेचते मिल जाते हैं. विलिअम-10, नायत्रोंवेट जैसी नशीली दवाई के साथ कोरेक्स के सिरप यहाँ आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. नशीले पदार्थ का सेवन करने वालों में बड़े घरों के बिगडैल संतान के साथ स्लम एरिया के नाबालिग बच्चे भी सुगमता से इन दवाईयों का उपयोग कर अपनी जान के साथ ही साथ अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डालते हुए दिख जाते हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के भीतर वर्षों से तैनात सीआरपीएफ कैंप के जवान जो देश के विभिन्न राज्यों से नौकरी करने यहाँ आये हुए हैं उनके द्वारा भी सस्ती, सुलभ व नशीली दवा व्हाइटनर, आयोडेक्स को ब्रेड में लेकर नशा के रूप में उपयोग करते हुए देखा जा सकता है. नया बस स्टैंड के आसपास रहने वाले कई संभ्रांत परिवार के लोगों द्वारा बस्तर जिला प्रशासन से कई बार इस कैंप को यहाँ से हटाने हेतु आवेदन भी दिया जा चुका है लेकिन प्रशासन न जाने क्यों इसे अब तक यहाँ से हटाने तैयार नहीं हुई है. नया बस स्टैंड के आसपास सूर्य अस्त होते ही ऐसे नशा करने वाले जवान आसपास के झुग्गी-झोपडी इलाकों के नाबालिग बच्चे-बच्चियों को ऐसे नशों का पान कराकर उनका शारीरिक शोषण किये जाने की बात भी कई बार सामने आई है लेकिन इस क्षेत्र के लोग इसका प्रतिरोध करने के बजाय ऐसे जवानों से चंद रुपये लेकर अपना मूंह बंद करने में ही भलाई समझते हैं.
बस्तर जिले के संभागीय मुख्यालय में कई जिलों से आने वाले नौकरी-पेशा, रोजगार एवं खिलाडी तबके के लोग भी जगदलपुर में नए बस स्टैंड, इंदिरा स्टेडियम परिसर, पुराने बस स्टैंड, एअरपोर्ट के समीप नशीली दवाइयों की खोज करते हुए देखे जा सकते हैं. हालाँकि, शहर के कोतवाली थाना एवं बोधघाट थाना के अधिकारी एवं कर्मचारी ऐसे नशेड़ियों के खिलाफ धरपकड़ की कार्यवाई करती है लेकिन नशेड़ियों के बीच नशा का सामान उपलब्ध कराने वाले कुछ नशे के सौदागरों जो शहर में ऐसी नशीली दवाइयों का व्यापार कर रहे हैं, पुलिस उनकी हद तक अब भी नहीं पहुँच पायी है.
शहर की कुछ सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने बताया कि सरकार बस्तर जैसे खूबसूरत एवं उन्मुक्त क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की सुख-सुविधा हेतु कई प्रकार के उपाय कर रही है लेकिन ऐसे असामाजिक तत्व जो अपने नशे के व्यापार को इनके बीच में फैलाकर प्रतिमाह लाखों रुपये कमा रहे हैं. अगर समय रहते ऐसे नशेडी व्यापारी एवं बिगडैल नशेडी जवानों से उनके ऐसे किये जा रहे क्रियाकलापों पर तत्काल रोक नहीं लगायी गयी तो बस्तर का हाल भी उड़ता पंजाब जैसे स्तिथि में हो जायेगा.
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के जिलाध्यक्ष जगमोहन सोनी द्वारा दिए गए एक आंकड़ों के अनुसार बस्तर जिले में स्लम क्षेत्रों सहित स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाले करीब 20-25 हज़ार से अधिक बच्चे ऐसे नशीली दवाइयों की चपेट में आ चुके हैं, जिनसे इनका भविष्य अंधकारमय हो गया है. इनमें से कई बच्चों की तो ऐसे ही नशे के चलते मौत भी हो चुकी है. सोनी ने कहा है कि इस सम्बन्ध में विशेष योजना बनाये जाने हेतु वे शीघ्र ही कलेक्टर से मुलाकात कर चर्चा करेंगे.
रायपुर – उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति सामंत की बेंच में याचिका के माध्यम से टेक्नो प्रिंट्स , रामराजा प्रिंटर्स एवम प्रगति प्रिंटर्स को पाठय पुस्तक निगम द्वारा जनवरी 2021 को काली सूची में डाले जाने के विरुद्ध याचिका में अंतिम सुनवाई हुई । अंतिम सुनवाई पश्चात आदेश सुरक्षित रख लिया गया था, जिस पर उच्च न्यायालय ने अंतिम आदेश पारित करते हुए पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा उपरोक्त सभी प्रिंटर को काली सूची में डाले जाने के निर्णय को अनुचित ठहराते हुए याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश पारित किया | याचिकाकर्ता की ओर से आशुतोष पाण्डेय,शशांक ठाकुर, एव्ही श्रीधर एवं हिमांशू सिन्हा ने पैरवी की | न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए,पाठय पुस्तक निगम को अंतिम रूप से सुनने के पश्चात याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश पारित किया एवं पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रिंटर को काली सूची में डाले जाने वाले आदेश जनवरी 2021 को असंवैधानिक एवं अनुचित करार दिया |
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब मजदूर परिवारों की पहली दो बेटियों को उनकी शिक्षा, रोजगार और विवाह के लिए 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा गणतंत्र दिवस के मौके पर की है। योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक श्रमिक को छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत होना आवश्यक है। योजना के लिए प्रतिवर्ष 10 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। छत्तीसगढ़ में करीब 21 लाख श्रमिक कर्मकार मंडल में पंजीकृत हैं। उन्हें नोनी सशक्तिकरण योजना का लाभ मिलेगा।
प्रोत्साहन राशि को पात्र हितग्राही की बेटियों के 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उनके बैंक खाते एकमुश्त भेजी जाएगी। इसके लिए आवेदक का बैंक खाता और मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। इसका उपयोग बेटियों की शिक्षा, रोजगार, कौशल उन्नयन, स्व-रोजगार, स्वावलंबन और उनके विवाह के लिए भी किया जा सकेगा। पात्र हितग्राहियों में लड़की के माता-पिता में से एक या दोनों कम से कम एक साल पूर्व श्रमिक मंडल में वैध रूप से पंजीकृत होने चाहिए। योजना में आश्रित पुत्री, जिसके लिए आवेदन किया गया है, वह किसी अन्य विभाग में या बीओसी मंडल की पंजीकृत हितग्राही नहीं होनी चाहिए।
घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत जिला श्रम कार्यालय में श्रम निरीक्षक, श्रम उपनिरीक्षक द्वारा आवेदन सत्यापन उपरांत सहायक श्रम आयुक्त, श्रम अधिकारी या सहायक श्रम पदाधिकारियों के पास नियमानुरूप आवेदन जमा कर सकेंगे। इसके बाद राज्य सरकार पंजीकृत मजदूर की अविवाहित दो बेटियों को 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
महिलाओं के स्वावलंबन के लिए ठोस कदम
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष सन्नी अग्रवाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा, राज्य सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी शिक्षा, सेहत, स्वावलंबन और आत्मसम्मान के लिए अनेक ठोस कदम उठाए हैं। सरकारी योजनाओं और आर्थिक नवोन्मेष से महिलाओं को जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल जारी है। पंजीकृत 21 लाख श्रमिक परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र मार्च 2022 में संभावित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सवाल पूछने और विभागों की ओर से जवाब आने की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। विधायकों को ऑनलाइन सवाल पूछने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन होगा। बताया जा रहा है, मार्च में प्रस्तावित बजट सत्र से यह बदली हुई प्रक्रिया लागू होने की संभावना है।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि, बजट सत्र में छत्तीसगढ़ विधान सभा के प्रश्नों की सूचनाएं ऑनलाइन ली जाएंगी। इसके लिए एक नया वेब एप्लीकेशन तैयार कराया गया है। उस वेब एप्लीकेशन के माध्यम से विधायक आसानी से ऑनलाइन प्रश्नों की सूचनाएं पेश कर सकें इसके लिए विधान सभा सचिवालय में 28 जनवरी को एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण सत्र में विधायकों के साथ उनके निजी सहायक भी उपस्थित रहेंगे। किन्हीं कारणों से कोई विधायक अथवा उनका निजी सहायक नहीं आ पा रहे हैं तो वे लोग उस प्रशिक्षण में ऑनलाइन सम्मिलित हो सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद विधानसभा सचिवालय में विधायकों से डमी सवाल लेगा। यह प्रशिक्षण मॉड्यूल का हिस्सा होगा। विधायक ऐसे डमी सवालों की सूचना 29 जनवरी से एक फरवरी तक ऑनलाइन दे सकेंगे।
विभागों को भेजे गए सवाल
विधानसभा ने इस बीच सरकार के विभिन्न विभागों को नए वेब एप्लिकेशन के जरिए जवाब देने का प्रशिक्षण दे दिया है। विभागों के लिए 20 जनवरी को एक डमी प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुआ था। गुरुवार को विभागाें को प्रश्नों की सूचनाएं ऑनलाइन भेजी गईं। अब विभागों से उनके उत्तर 31 जनवरी तक प्राप्त किये जाएंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग तैयारी में जुटा, आधे घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी कार्यालयों में अब सप्ताह में पांच दिन काम होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस सौगात के बाद सामान्य प्रशासन विभाग तैयारी में जुट गया है कहा जा रहा है कि इस संबंध में आदेश अगले सप्ताह जारी हो जाएंगे। बताते हैं कि पांच दिन कार्यावधि होने पर काम के घंटे बढ़ाए जाएंगे। अब तक कर्मचारियों को माह में 24 दिन काम करना पड़ता था। मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में 10 से 5.00 बजे तक । वहीं जिला कार्यालय में 10:30 से 5:30 तक काम होता है। कुल 6.30 घंटे काम होता था, इसमें 30 मिनट का लंच भी शामिल है। इस प्रकार माह में 154 घंटे काम करने पढ़ते थे। पांच दिन शासकीय कार्यालयों के संचालन में माह में 22 दिन काम होगा। अतः इसी आधार पर कार्यालय का समायावधि बढ़ाकर इसे पूरा किया जाएगा। कार्यालय समय 10 से 5.30 बजे तक 7.30 घंटे करने का प्रस्ताव जीएडी ने दिया है। इसमें 30 मिनट लंच का समय भी शामिल है। इस प्रकार 22 दिन में 152 घंटे काम होंगे।
मुख्यमंत्री बघेल ने गणतंत्र दिवस पर जगदलपुर में कई अहम घोषणाएं की। इनमें पांच दिवस कार्यावधि भी शामिल है। इसकी घोषणा के बाद जीएडी ने कर्मचारियों के लिए इसे लागू करने से पूर्व काम के शेड्यूल में कैसे परिवर्तन किया जाए, मंथन शुरू कर दिया है। पांच दिनों कार्यालय संचालन में कर्मचारियों से प्रतिदिन 7 घंटे काम लेने हर दिन एक से डेढ़ घंटे की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। अब तक महीने में कर्मचारियों को 6 दिन छुट्टी मिलती थी। इसमें रविवार और शनिवार का अवकाश भी शामिल है। नया नियम लागू होने से कर्मचारियों को महीने में आठ दिन का अवकाश मिलेगा। माना जा रहा है कि हफ्ते में सिर्फ 5 दिन ही काम करने का यह फैसला कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के में मददगार होगा।
30 साल पहले शुरू हुई थी दूसरे और तीसरे शनिवार को अवकाश
सरकारी कार्यालयों में दूसरे और तीसरे शनिवार को अवकाश के संबंध में बताया जाता है कि यह लगभग 30 साल पहले शुरू हुई थी। मध्यप्रदेश के समय से चली आ रही इस व्यवस्था को छत्तीसगढ राज्य बनने पर भी चलता रहा। अब नई व्यवस्था लागू होने से शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। कई केंद्रीय कार्यालयों में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू है।
जल्द जारी होंगे आदेश-सिंह
जीएडी सचिव डीडी सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था की घोषणा के बाद दो-चार दिन में आदेश जारी होंगे। अभी इस संबंध में व्यवस्था बनाने को लेकर चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि पांच दिन काम होने से कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ेंगे, यह तय है।