जगदलपुर।राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशाअनुरूप तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य तेजी से जारी है अब तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जा रहा है। इस वर्ष राज्य में 16 लाख 71 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता के संग्रहण का लक्ष्य है और इसका संग्रहण दर वर्ष 2021 में 4 हजार प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है । जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने जिलेवार कोरोना संक्रमण की स्थिति के संबंध में ली गई समीक्षा के दौरान निर्देशित किया था कि राज्य में लघु वनोपजों का कार्य को भी निरंतर जारी रखा जाए ताकि जरूरतमंदों को रोजगार के लिए भटकना ना पड़े और उनकी अतिरिक्त आमदनी भी सुनिश्चित हो। इनमें लघु वनोपज के संग्रहण के दौरान कोविड-19 के गाइडलाइन तथा आवश्यक सावधानी का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। शहर अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण वनवासियों के जीवकोपार्जन में प्राचीन काल से ही अहम भूमिका निभाता आया है ,राज्य का 44 फीसदी से ज्यादा भू-भाग वनों से आच्छादित है तथा वन संपदा से भरपूर इस राज्य में वन उपज संग्रह लोगों की जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा रहा है। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने शुरू से ही वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के विकास को अपने सरकार की प्राथमिकता में रखा है। वनांचलों में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करने वालों की सुविधा पर सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने हमेशा फोकस किया है और समय-समय पर उनके हित संवर्धन की दिशा में अहम फैसले लिए हैं खासतौर पर कोरोना संकट और लॉकडाउन जैसे विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार ने वनवासियों के हितों का ख्याल रखा और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद तेंदूपत्ता संग्रहण के कार्य को निर्बाध गति से चलने दिया।
श्री शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष भी विश्वव्यापी कोरोना महामारी के दौर में राज्य सरकार के प्रयासों से रिकॉर्ड तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था, उस दौरान सरकार ने वन संपदा के संग्रहण खरीदी बिक्री को तमाम सुरक्षा मानकों के बीच जारी रखने का फैसला किया। आदिवासियों की जीविका का सबसे बड़ा आधार लघु वनोपज के मद्देनजर सरकार ने इस मामले में अपनी नीति नीयत को बेहद साफ रखा। लॉकडाउन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विवेकपूर्ण निर्णय लेते हुए तय किया कि आदिवासियों की पूंजी को बेकार जाने नहीं दिया जाएगा। लघु वनोपज से आदिवासियों को सालाना होने वाली आय पर किसी तरह के संकट का प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा ,नतीजा यह हुआ कि छत्तीसगढ़ में लघु वन उपज की 90% से अधिक की खरीदी कर पूरे देश में नंबर वन होने का गौरव हासिल कर एक रिकॉर्ड बना लिया था। इस साल भी कमोबेश वैसी परिस्थितियों में वनांचलों में तेंदूपत्ता संग्रहण जारी है और स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों का भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा गया है। कांग्रेस की भूपेश सरकार की दूरदर्शिता सोच से वन अधिकार कानून के तहत वन भूमि पर मिले व्यक्तिगत सामुदायिक और वन संसाधन के अधिकारों से वनवासियों का जीवन संवर रहा है।
कांग्रेस की भूपेश सरकार ने कोरोना संकट काल की घड़ी में लाखों गरीब परिवारों को दिया बेहतर रोजगार का अवसर-राजीव शर्मा
सेवा ही संगठन,भाजपा ने खाद्यान,सेनेटाईजर,मास्क बांटे
मोदी सरकार के सात वर्ष पूर्ण होने पर सभी शक्ति केन्द्रों में हुए कार्यक्रम
कोरोना योद्धाओं का हुआ सम्मान,आमजन से वैक्सीनेशन कराने की अपील
जगदलपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सफल सात वर्ष पूर्ण होने पर आज भारतीय जनता पार्टी ने जिले के समस्त 135 शक्तिकेन्द्रों में सेवा ही संगठन के तहत कार्यक्रम आयोजित किये और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में खाद्यान्न,सेनेटाईजर व मास्क का वितरण,कोरोना योद्धाओं व टीकाकरण कराने वाले जागरुक नागरिकों का सम्मान किया। साथ ही लोगों को अधिक से अधिक संख्या में वैक्सीनेशन कराने के लिये प्रेरित भी किया।अनेक जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता के प्रति अलख जगाने सफाई कार्य भी किये। वरिष्ठ नेताओं में भाजपा अजजा मोर्चा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश कश्यप,प्रदेश महामंत्री किरण देव,प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप,पूर्व विधायक संतोष बाफना,भाजपा जिलाअध्यक्ष रूपसिंह मंडावी,श्रीनिवास राव मद्दी,कमलचंद्र भंजदेव शामिल थे।

भाजपा नेताओं ने सेवा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कोरोना से बचने व लापरवाही न करने की अपील करते हुए अपने संबोधन में कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने सात वर्षों में गरीबों को पक्के मकान,राशन देने का काम,गृहणियों के लिये उज्जवला योजना से गैस कनेक्शन घर-घर पहुँचाया।काश्मीर में धारा 370 समाप्त करने व अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण प्रांरभ करने जैसे बडे़ निर्णय लिये। कोरोना के वैश्विक संकट में महामारी से देशवासियों को बचाने हमारे भारतीय वैज्ञानिकों के सहयोग से एक वर्ष में दो-दो वैक्सीन तैयार की और समस्त देश वासियों का निशुल्क टीकाकरण भी कराया जा रहा है।वरिष्ठ नेताओं से लोगों से अधिक से अधिक टीकाकरण कराने जोर दिया।

भाजपा के वृहद सेवा कार्यक्रम में आज उपाध्यक्ष योगेन्द्र पांडे,श्रीनिवास मिश्रा,श्रीधर ओझा,महामंत्री रामाश्रय सिंह,वेदप्रकाश पांडे,रजनीश पाणिग्रही,नरसिंह राव,नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे,दीप्ति पांडे,मनोहर तिवारी,आर्येन्द्र सिंह आर्य,संग्राम सिंह राणा,आलोक अवस्थी,भाजयुमो जिलाअध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव,बृजेश भैदोरिया,राकेश तिवारी,लक्ष्मी कश्यप,प्रमिला कपूर,शशिनाथ पाठक,बृजेश शर्मा,रवि कश्यप,सूर्यभूषण सिंह,लक्ष्मण झा,अमर झा,तनिष्क जैन,विनय राजू आदि सहित बडी़ संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ संविदा कर्मचारी आखिर कैसे बना महामारी विशेषज्ञ
जगदलपुर । कोरोना संक्रमण काल के दौरान पूरी कर्तव्य निष्ठा के साथ अपना कार्य को बखूबी अंजाम देने वाले स्वास्थ्य संयोजक के निलंबन एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को धमकी देकर उनकों निलंबन कराने के धौंस देने वाले तथाकथित दीपक पाणीग्राही जो महामारी विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ हैं। के खिलाफ छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अपना अभियान जारी रखते हुए आयुक्त बस्तर को एक पत्र लिखकर संविदा कर्मचारी के रूप में पदस्थ दीपक पाणीग्राही सलाहकार महामारी को तत्काल बर्खास्त कर मामले की समूचित जांच करने की मांग की है। जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने आयुक्त बस्तर से इस मामले की जांच कर निवेदन करते हुए मांग की है कि कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर में पदस्थ दीपक पाणीग्राही सलाहकार महामारी आईडीएसपी में संविदा कर्मचारी के रूप में पदस्थ है एवं खुद को महामारी विशेषज्ञ एवं डॉक्टर बताते हैं। जो पूर्ण रूप से असत्य है। उनके द्वारा जिला प्रशासन को भ्रामक जानकारी दी गई है। उनका कार्य केवल जिले में होने वाले महामारी का डाटा संबंधित जानकारी विकासखंड स्तर से प्राप्त कर उसका डाटा तैयार कर जिला कलेक्टर एवं राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी को भेजना होता है। उन्हें केवल इसी कार्य का संपादन किया जाना होता है लेकिन उनके द्वारा अपने परिचय का गलत उपयोग कर विभाग के अन्य कर्मचारियों को धमकी देकर कई प्रकार के अनर्गल कार्य करने हेतु उनपर दबाव बनाया जाता है। इसकी शिकायत कई बार वहां कर्मचारियों द्वारा की गई जिसपर विभाग के उच्चअधिकारियों सहित सीएमओ बस्तर द्वारा भी जांच कराने का आदेश दिया गया है। लेकिन संविदा के रूप में कार्यरत ऐसे गैर जिम्मेदार कर्मचारी को जबसे महामारी सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया है। तबसे वे अपने मूल कार्य के प्रति उदासिन रहकर केवल अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को डराने धमकाने एवं निलंबन कराने में लगे हैं।

उनकी इसी हरकत पर तत्कालीन नोडल अधिकारी डॉ. टी एस नाग द्वारा उनसे स्पष्टिकरण भी मांगा गया था। दीपक पाणीग्राही द्वारा अपने आप को धरमपुरा कोविड सेंटर के कर्मचारियों को भी उनका तथाकथित बॉस हूं बताकर भर्ती मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजने को कहा जाता है। इसकी शिकायत भी धरमपुरा कोविड सेंटर के कई कर्मचारियों द्वारा अपने उच्चअधिकारियों को समयानुसार की गई है। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष ने आयुक्त से मांग की है कि वर्ष 2020 में अपने बदले पदनाम के बाद भी अपने आप को विशेषज्ञ एवं डॉक्टर बताकर स्वास्थ्य कर्मचारियों को डराने-धमकाने का प्रयास करता है जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। यही नहीं उक्त महामारी विशेषज्ञ द्वारा अवैध रूप से सरकारी वाहन का भी दुरूपयोग किया जा रहा है। उसकी गतिविधियां एवं कार्य शासन के नियमों के विरूद्ध है। ऐसे व्यक्ति को तत्काल निलंबित कर उसके खिलाफ जांच की आदेश दिया जाये ताकि कोरोना संक्रमण काल में आम लोगों के जीवन को सुरक्षित करने ऐस स्वास्थ्य कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रहे और वे आम जनता की सेवा शासन-प्रशासन के नियमों के तहत करते रहे।

बस्तर के एक सौ तेरह शिक्षकों के परिवार को मिलेगा तीन दिन में नौकरी
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के मृत शिक्षकों के परिजनों के साथ-साथ अब के एक सौ तेरह परिवार के लोगों को भी अनुकंपा नियुक्ति मिलेगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका घोषणा किया है और इसतारतम्य में रायपुर में 75 शिक्षक, दुर्ग में 68, राजनांदगांव में 69, बिलासपुर में 37, बेमेतरा में 24, गरियाबंद में 45, धमतरी में 53, बालौदाबाजार में 59, कबीरधाम में 29, बालोद में 33, जांजगीर में 47, गौरेला पेंड्रा मरवाही में 11, मुंगेली में 21, रायगढ़ में 72, कोरबा में 37, सरगुजा में 6, बलरामपुर में 16, जशपुर में 41, कोरिया में 10, बस्तर में 32, कोंडागांव में 24, नारायणपुर में 24, कांकेर में जिला में 33, दंतेवाड़ा में 3 बीजापुर में 9 शामिल हैं। इस तरह प्रदेश में 929 शिक्षकों की मौत हुई है, जिनके परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया गया है।


वर्दी का धौंस दिखा आरक्षक कर रहा था अवैध वसूली, आक्रोशित ग्रामीणों ने की एसपी व गृह मंत्री से की शिकायत
गुरुर – बालोद जिले में जिला कलेक्टर द्वारा 31 मई तक लॉकडाउन किया गया है और इसके मद्देनजर दुकानों के खुलने व बंद होने का भी समय निर्धारित किया गया है बस इसी का फायदा उठाकर एक आरक्षक द्वारा अपनी वर्दी का धौंस दिखा अवैध वसूली किया जा रहा था | घटना 27 मई गुरुर ब्लाक के कंवर चौकी क्षेत्र का है | गाँव का होटल संचालक सुनील साहू निर्धारित समय के बाद तक अपनी दुकान खुली रखा था जिसे देख आरक्षक वीरू कोसरे उस दुकान पर पहुंचा और सुनील साहू से पैसे की मांग कर रहा था और होटल संचालक सुनील साहू द्वारा आरक्षक को पैसा दिया गया लेकिन और पैसे की मांग कर रहा था तभी मौके पर कुछ ग्रामीण आये और आरक्षक को घेरने लगे कि किस कारण वसूली की जा रही है और अवैध वसूली के नाम पर आरक्षक पर दबाव बनाने लगे | ग्रामीणों द्वारा बढ़ते दबाव को देख आरक्षक द्वारा लिए गए पैसे को वहीँ फेंक दिया और कुछ ग्रामीण शिकायत करने के नाम पर आरक्षक का बैच न पूछने लगे तभी कंवर चौकी के बाकि स्टाफ भी पहुंचे और उल्टा ग्रामीणों को धमकाने लगे |

ग्रामीणों द्वारा आरक्षक की शिकायत कंवर चौकी में पदस्थ बड़े अफसरों से की लेकिन उन्होंने आरक्षक का पक्ष लेकर ग्रामीणों को ही धमकाने लगे | मामले में किसी प्रकार का कोई हस्तक्षेप न होता देख ग्रामीणों ने आरक्षक की शिकायत एसपी एवं गृह मंत्री से की |


Corona Breaking – जाने ! आज कितने कोरोना संक्रमित मिले
दल्लीराजहरा – आज डौंडी ब्लाक से कूल 10 संक्रमितों की पुष्टि हुई जिसमे दल्लीराजहरा से 02, चिखलाकसा से 01 और ग्रामीण क्षेत्रों से 07 संक्रमित मिले |

डौंडी ब्लॉक में डौंडी एवं आसपास के क्षेत्र एवं दल्लीराजहरा में वार्डवार मिले संक्रमितों कि जानकारी इस प्रकार है –

|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||


सीटू स्थापना दिवस के अवसर पर स्थानीय हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन के सदस्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क की अनिवार्यता के साथ सादगीपूर्ण स्थापना दिवस मनाया
30 मई सीटू स्थापना दिवस के अवसर पर स्थानीय हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन के सदस्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग,एवं मास्क की अनिवार्यता के साथ सादगीपूर्ण, स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर सुबह 8:00 बजे यूनियन कार्यालय में उपस्थित यूनियन सदस्यों ने ध्वजारोहण किया तथा मजदूर आंदोलन एवं कोरोना महामारी में मारे गए लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी । इसी कड़ी में शाम 5:00 बजे यूनियन कार्यालय में ही एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष कामरेड प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि देश में तत्कालीन समय में वर्ग संघर्ष को प्रखर बनाने की आवश्यकता को देखते हुए 30 मई 1970 को सीटू की स्थापना हुई थी, अपने स्थापना के बाद सीटू ने देश में मजदूर आंदोलन को काफी ऊंचाइयों तक पहुंचाया । लगभग 17 राष्ट्रीय हड़ताले एवं अनेक उद्योगों में बड़े-बड़े मजदूर आंदोलन के जरिए मजदूर वर्ग के एक बड़े हिस्से को शोषण से मुक्ति दिलाने में सीटू ने कामयाबी हासिल की है।

ईमानदारी और संघर्ष ही सीटू का मूल मंत्र है और इसी के नाम से सीटू पहचाना जाता है । इसलिए सीटू के सदस्यों मे सीटू के सिद्धांतों के प्रति अटूट आस्था रहती है । यूनियन के सचिव पुरुषोत्तम सिमैया ने कहा कि पूरे देश में सीटू हमेशा संयुक्त संघर्ष की वकालत करता है तथा सरकार की उदारवादी एवं निजीकरण की नीतियों के खिलाफ संघर्ष के लिए हर संभव लामबंदी का प्रयास करता है, जिसमें सभी यूनियनों को एक मंच में लाने का प्रयास भी शामिल है। संयुक्त एकता एवं संयुक्त मोर्चा के जरिए सीटू ने सरकार की तमाम जनविरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध किया और सफलता भी हासिल की है। हम कई उद्योगों के निजीकरण को रोक पाने में भी सक्षम रहे है। वर्तमान समय में केंद्र की सरकार मजदूरों के अंदर भी धर्म, के नाम पर विभाजनकारी बीज बो रही है जिसे हम किसी भी हालत में कामयाब नहीं होने देंगे । यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि सीटू के सिद्धांत हर क्षेत्र में आज ही प्रासंगिक है ।, सीटू केवल मजदूर वर्ग के लिए नहीं बल्कि किसानों के लिए, नौजवानों के लिए, महिलाओं के लिए एवं तमाम शोषित वर्गों के लिए लगातार संघर्ष करता आ रहा है। सेल में वेज रिवीजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रबंधन के अड़ियल रवैया के खिलाफ भी सीटू चट्टान की तरह खड़ा हुआ है, और हम किसी भी हालत में कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने वाले समझौते का समर्थन नहीं करेंगे।

मजदूरों ने कोरोना महामारी के दौरान अपने एवं अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर कंपनी और देश की सेवा की है, कर्मचारियों के योगदान को मैनेजमेंट और सरकार इस तरह नजरअंदाज नहीं कर सकती है।आज मैनेजमेंट जो भी कर रहा है वह सरकार के इशारों पर कर रहा है। चूंकि सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी है इसलिए प्रबंधन का रवैया भी मजदूर विरोधी है। इस रवैया के खिलाफ सभी को लामबंदी के साथ संघर्ष करना होगा तभी सेल में नियमित एवं ठेका मजदूरों के शोषण को रोका जा सकता है । इसके लिये सीटू द्वारा लगातार जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । समाज के हर वर्ग व क्षेत्र में शोषण को समाप्त करना ही सीटू. का अंतिम लक्ष्य है ।

बस्तर जिले के सब्जी उत्पादक की फसलें खेत में ही सड़ रही, कुछ ने किया पशुओं के हवाले
जगदलपुर । कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से बस्तर जिले के सब्जी की खेती करने वाले किसानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है। जिससे सब्जी उत्पादक किसान की माली हालत काफी खराब हो चली है। बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत घाटलोहंगा के किसान जिन्होंने सैकड़ों एकड़ जमींन में टमाटर सहित कई प्रकार के सब्जियों की खेती की थी। उन्हें लॉकडाउन होने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बस्तर के इन किसानों ने अपनी नुकसान के बारे में बताया कि करीब 200 से 300 किसानों को 70 से 80 लाख रूपए तक का केवल टमाटर की खेती में नुकसान हुआ है। उठाव नहीं होने के कारण टमाटर की फसलें खेत में सड़ गई अथवा किसानों ने इन फसलों को पशुओं के हवाले कर दिया। बस्तर विकासखंड के ही ग्राम कोलचूर के सब्जी उत्पादक किसानों की भी कुछ इसी तरह की कहानी है। इस ग्राम पंचायत के अलावा घरनी पंचायत के सैकड़ों किसानों ने सैकड़ों एकड़ जमींन में सब्जी की खेती की थी लेकिन लॉकडाउन के बाद कोरोना संक्रमण में आई तेजी के कारण शासन का निर्देश पालन कर सभी पंचायतों की घेराबंदी कर दी गई। जिससे फसल तोड़कर बाजार भेजना तो दूर फसलें खेत में ही सड़ गईं। कई किसानों ने बताया कि हमने पचासों एकड़ में फूलगोभी, पत्तागोभी, करेला, भींडी की खेती की थी। किंतु इस कोरोना महामारी काल के कारण लगे लॉकडाउन ने हमारे अलावा हजारों किसान परिवार की खुशियां छीन ली। हमने बैंक से ऋण लेकर या कुछ साहूकारों से कर लेकर सब्जी की खेती की थी लेकिन अब फसल की बीक्री नहीं होने के कारण हमारी फसल हमारे आंखों के सामने खेतों में ही सड़ गई।

यहां गौरतलब हो कि शासन एवं प्रशासन कोरोना संक्रमण से आम व्यक्तियों को सुरक्षित रखने कई प्रकार के उपाय कर रहा है जो कि स्वागत योग्य कदम हैं किंतु प्रशासन ऐसे वो किसान जिनकी कई लाख की फसल खेतों में ही सड़ गई ऐसे लोगों पर अबतक उनका ध्यान नहीं गया है। बस्तर जिले के कई अन्य विकासखंड के किसान भी इसी प्रकार सब्जी का उठाव नहीं होने के कारण भारी नुकसान में है लेकिन अबतक इनकी ओर शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं गया है।


सेवा ही संगठन है, प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री केदार कश्यप जी पहुँचे बेनूर व बयानार शक्ति केंद्र
“सेवा ही संगठन हैं” भाजपा की राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के निमित नारायणपुर विधानसभा के बेनूर शक्ति केंद्र व भाजपा कोंडागांव जिला के मर्दापाल मंडल के बयानार शक्ति केंद्र के अंर्तगत ग्रामों के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर केंद्र की मोदी सरकार के सात वर्ष का सफल कार्यकाल होने पर देशवासियों को बधाई व केंद्र की मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बताए साथ ही जरूरतमंदों मास्क, सेनिटाइजर वितरण कर एवम शतप्रतिशत टिकाकरण के लिए प्रेरित किया।


बस्तर पुलिस लगातार ड्यूटी के साथ-साथ मानवता का भी परिचय दे रही
जगदलपुर | पुलिस लगातार ड्यूटी के साथ-साथ मानवता का परिचय देती दिखाई दे जाती है आज भी बस्तर पुलिस की मानवता की तस्वीर अचानक हमारे कैमरे में कैद हो गई जब कुछ पुलिस वाले 70 वर्षीय बेहोश हुई महिला को गाड़ी में बैठाते नजर आए जानकारी ली गई तो पता चला कि धनपूंजी उड़ीसा से स्कूटी चालक मनोज नाग अपनी सास सोनामती जिनकी उम्र 70 वर्ष है|

उन्हें पीछे बैठा कर जगदलपुर आते समय अचानक गाड़ी से गिरकर बेहोश हो गई तभी चोवा दास गेंदले की टीम कोतवाली से पेट्रोलिंग के लिए एनएमडीसी चौक निकली थी टीम के सदस्यों ने देखा कि महिला बेहोश पड़ी है और कोई उसकी मदद के लिए नहीं आ रहा है तभी उन्होंने गाड़ी रोकी और उस महिलाओं को गाड़ी में बैठाकर महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया कुछ देर के बाद महिला की तबीयत में सुधार आया और उसे छुट्टी दे दी गई इस टीम ने अस्पताल में इलाज कराने के बाद उस महिला को घर छुड़वाया मनोज नाग और उसकी सास ने बस्तर पुलिस का धन्यवाद भी किया जगदलपुर पुलिस अधीक्षक दीपक झा हमेशा ही ऐसे कार्य करने वाले जवानों को सम्मानित करते रहते हैं |



