City Media - Page 1623 of 1847 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1623

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला बुनकरों का हुआ सम्मान, महिलाओं ने केक काटकर मनाया अपने मार्गदर्शक का जन्मदिन

0

दल्ली राजहरा । 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर “उत्कृष्ट महिला बुनकर सम्मान समारोह” का आयोजन राजहरा महिला बुनकर सहकारी समिति द्वारा किया गया। इसी कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने मार्गदर्शक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता का जन्मदिन, केक काटकर मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका दल्ली राजहरा अध्यक्ष शिबू नायर ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने वाले इन क्रियाकलापों की प्रशंसा करते हुए, हर संभव सहयोग का वादा किया। नगर के नियोगी पुस्तकालय भवन में आयोजित इस समारोह में नगरपालिका एल्डरमैन प्रमोद तिवारी, बघमारा से आए प्रशिक्षक सालिक राम, राजहरा महिला बुनकर सहकारी समिति मर्यादित दल्ली राजहरा की अध्यक्ष श्रीमती प्रिया निर्मलकर, उपाध्यक्ष श्रीमती रीनेश्वरी साहू मंचस्थ थे। कार्यक्रम संचालन समिति के प्रबंधक कु. कीर्ति साहू व जितेंद्र साहू ने किया। कार्यक्रम में राजहरा महिला बुनकर सहकारी समिति की महिलाएं तथा मशरूम उत्पादन कार्य से जुड़ी ज्ञानगंगा स्व सहायता समूह एवं प्रदीप स्व सहायता समूह की महिलाएं भी शामिल थी |

बुनकर भवन पूर्णता की ओर, नगर पालिका हरसंभव मदद के लिए तैयार – शीबू नायर

नगर पालिका दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शीबू नायर ने अपने उद्बोधन में समिति की महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाएं अब प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर कार्य कर रही हैं। अपनी गृहस्थी संभालने के साथ-साथ परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नगर के लोगों के स्वावलंबन व रोजगार देने वाली प्रत्येक गतिविधियों में नगर पालिका दल्ली राजहरा पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार है। आवश्यकता पड़ने पर नगर के खाली पड़े सामुदायिक भवन को भी उपयोग के लिए दिया जा सकता है। नगर पालिका द्वारा महिला बुनकर सहकारी समिति के कर्मशाला के लिए बन रहा भवन भी पूर्णता की ओर बढ़ चुका है, शीघ्र ही उसका भी लोकार्पण किया जाएगा।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

नगर पालिका दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शीबू नायर ने अपने उद्बोधन में समिति की महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाएं अब प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर कार्य कर रही हैं। अपनी गृहस्थी संभालने के साथ-साथ परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नगर के लोगों के स्वावलंबन व रोजगार देने वाली प्रत्येक गतिविधियों में नगर पालिका दल्ली राजहरा पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार है। आवश्यकता पड़ने पर नगर के खाली पड़े सामुदायिक भवन को भी उपयोग के लिए दिया जा सकता है। नगर पालिका द्वारा महिला बुनकर सहकारी समिति के कर्मशाला के लिए बन रहा भवन भी पूर्णता की ओर बढ़ चुका है, शीघ्र ही उसका भी लोकार्पण किया जाएगा।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

सहकारिता से स्वावलम्बन की मिशाल राजहरा महिला बुनकर सहकारी समिति – झुनमुन गुप्ता
राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता ने कहा कि राजहरा महिला बुनकर सहकारी समिति के माध्यम से अब नगर तथा आसपास गांव के 100 से अधिक परिवारों को घर बैठे रोजगार प्राप्त होने लगा है। मात्र 3 वर्ष पूर्व 21 महिलाओं ने मिलकर इस समिति का गठन किया था। वर्तमान में समिति का स्वयं का ताना ड्रम यूनिट स्थापित है। नगर पालिका दल्ली राजहरा के माध्यम से समिति के लिए कर्मशाला भवन भी बनकर लगभग तैयार हो चुका है। पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं के बुनाई कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण भी शीघ्र प्रारंभ होने वाला है। छत्तीसगढ़ शासन व छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास में विपणन सहकारी संघ के माध्यम से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात महिलाएं अब डिजाइनर कपड़े भी बुन सकेंगे तथा अपने आय में वृद्धि कर सकेंगे इसके अलावा छग शासन व राज्य हथकरघा संघ के माध्यम से 12 महिलाओं को उन्नत उपकरण प्रदान किया जाएगा।

इन महिलाओं का हुआ सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित होने वाली उत्कृष्ट महिला बुनकरों में श्रीमती गोदावरी केराम, संगीता श्रीवास, चन्द्रकला निर्मलकर, अमृत साहू, उर्मिला यादव हैं। कार्यक्रम में समिति के संचालक सदस्य निर्मला यादव, विशाखा ठाकुर, भगवती देवांगन, भानु देवांगन, नीलम ठाकुर तथा सदस्य शांति श्रीवास, सरस्वती कोरी, डामेश्वरी देवांगन, अरुणा यादव, उतरा यादव, सुनमदेवी, संगीता वर्मा, गोदावरी विश्वकर्मा, सोनबती, भोलेश्वरी साहू, दीपिका देवांगन, हेमा देवांगन, संगीता निषाद, सरोज निषाद व पूर्णिमा देवांगन भी उपस्थित थे।

रेल की टक्कर से शेर की मुत्यु

0

राजनादगांव – राजनादगांव जिले के डोंगरगढ़ के पास दर्रेकसा के हाजराफाल के बाजु रेल की टक्कर से शेर की मुत्यु होने की घटना सामने आई है | बता दे कि दर्रेकसा गाँव के आसपास

काफी ज्यादा वन्य क्षेत्र होने से जंगली जानवर पाए जाते है | शेर का शव पटरी के बीचोबीच मिलने से माना जा रहा है कि शेर की मृत्यु रेल की चपेट में आने से हुई होगी, शेर के शरीर के काफी हिस्से में चोट के निशान है | वन विभाग द्वारा शेर के शव को पटरी से हटाया गया और आगे की कार्यवाही की जा रही है |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

गर्मी को देखते हुए मोहल्ला क्लास के समय मे बदवाल की सँयुक्त शिक्षक संघ ने की माँग

0

प्रातः 7.30 से 10 .30 तक संचालन के लिए कलेक्टर से लगाई गुहार

छत्तीसगढ़ प्रदेश सँयुक्त शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने कलेक्टर बस्तर रजत बंसल जी से मांग की है कि जिले में संचालित मोहल्ला क्लास जो कि प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की शालाओं के द्वारा संचालित किया जा रहा है। जिसका समय 10:00 बजे से 1:00 बजे तक निर्धारित है गर्मी के मौसम को देखते हुए संघ के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने कलेक्टर महोदय से मांग की है। कि मोहल्ला क्लासों के संचालन का समय प्रातः 7:30 से 10:30 तक किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में जो असुविधाएं बच्चों को हो रही हैं ।उससे उन्हें निजात मिल सके, ज्ञात हो कि विभिन्न नवाचारओ के माध्यम से बस्तर जिला समूचे भारत देश में 112 आकांक्षी जिलों शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य करते आ रहा है जिसके कारण पूरे भारत देश मे बस्तर जिला में 4 था स्थान पाया है।इसके लिए जिला प्रशासन की मुखिया कलेक्टर रजत वंशल व शिक्षा विभाग से जुड़े समस्त अधिकारी कर्मचारी शिक्षक बधाई के पात्र हैं। उक्त बातें छत्तीसगढ़ प्रदेश सँयुक्त शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने जारी विज्ञप्ति में दी।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, नारी शक्ति उपलब्धियों का पर्व

0

8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत आज से करीब एक सदी पहले समाजवादी आंदोलनों से हुई थी। आज इसका स्वरुप बदल चुका है। दुनिया के हर हिस्से में महिला दिवस अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरूआत आज से 112 वर्ष पहले यानी साल 1908 में हुई थी। जब अमेरिका के न्यूयार्क शहर में करीब 15000 महिलाएं सड़कों पर उतरी थी ये महिलाएं काम के कम घंटो, बेहतर तनख्वाह और वेटिंग के अधिकार की मांग के लिए प्रदर्शन कर रही थी। महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन के एक साल बाद अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी  पहले राष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने की घोषणा की। पहला अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस 1911 में आस्ट्रिया,डेनमार्क,जर्मनी और स्विजरलैंड में मनाया गया। इसका शताब्दी समारोह वर्ष 2011 में मनाया गया था। इसलिए तकनीकी रूप से इस वर्ष हम 109 वां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस माना रहे है। बैंगनी हरा और सफेद ये तीनों अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रंग है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कैंपेन के अनुसार बैगनी रंग न्याय और गरिमा का सूचक है। हरा रंग उम्मीद का रंग है और सफेद रंग को शुद्धता का सूचक माना जाता है। ये तीनों रंग 1908 में ब्रिटेन की वोमेन्स सोशल एंड पालिटिक्स युनियन ने तय किये थे। मुख्यतः अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं का सम्मान करने और उनकी उपलब्धियों का उत्सव  मनाने का दिन है। समाज की महिलाओं के अधिकार और उनकी स्थिति के बारे में वास्तविक संदेश देने में ये दिवस एक बड़ी भूमिका निभाता है।

हजारो फूल चाहिए,एक माला बनाने के लिए ।

हजारों दीपक चाहिए,एक आरती सजाने के लिए ।

हजारों बूद चाहिए, एक समुद्र बनाने के लिए ।

मगर एक स्त्री अकेली ही काफी है |

हर समाज,देश को स्वर्ग बनाने के लिए ।

तो आईए

सैल्यूट करते हैं समस्त नारी शक्ति को

और

इनके उल्लेखनीय योगदान के लिए

समस्त नारी शक्ति का नमन करते हैं…

काम करने के लिए उम्र बाधा नही…

सुश्री करीमणि नायडू : अध्यक्ष महात्मा गांधी बाल कल्याण संस्थान कार्य करने का जुनून हो तो उसने उम्र बाधा नहीं बन सकती इस इस बात को यथार्थ करती है लगभग 88 वर्ष उस पार कर चुकी महात्मा गाधी बाल कल्याण संस्थान जमादलपुर की अध्यक्षा सुश्री करी मणि नायडू जिन्होंने जिंदर्गी भर शासकीय सेवा करते हुए समाज की सेवा तो की ही उसके साथ रिटायर्ड होने पर समाज कल्याण से जुड़कर महिलाओ एवं बालिकाओं के शिक्षा एवं उत्थान के लिए दिन रात लगी हुई है सुश्री नायडू मैडम ने कहा कि मेरा संकल्प है कि जब तक मेरे शरीर में जान है तब तक में महिलाओ तो सशक्त और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करती रहूंगी और महिलाओं की सहभागिता आज हमारे समाज में चारों ओर है बगैर महिलाओं के सहयोग के अपले भविष्य और अच्छे समाज की परिकल्पना संभव नहीं |

महिला हर क्षेत्र में अपना मुकाम बना सकती है।

टिक्की रानी नाराजू (नेटवर्कर) : टिक्की रानी नायडू जी अपने आपको एमएलएम इंडस्ट्री में स्थापित कर चुकी है। शुरुआती संघर्षों से उबरते हुए आज वो एक स्थापित हो चुके एमएलएम कंपनी में अपने मुकाम पर है। इनका मानना है कि आज महिला हर क्षेत्र में अपना विशेष मुकाम बना सकती है। बशर्ते उसमें कुछ कर गुजने की ललक हो। इन्होंने हर महिला को जो अपने आपको सफल बनाना चाहती है एक बार नेटवर्क मार्केटिंग के क्षेत्र को अजमाने का आव्हान किया है ताकि वो इस प्लेटफार्म में समय पैसा और सुरक्षा एक ही प्लेटफार्म में पा सके। साथ ही इन्होंने सबकी सफलता के लिए शुभकामनाए प्रेषित की है।

लगन से हर नारी मुकाम को हासिल कर सकती है।

सीता देवांगन (वकील): सीता देवांगान एक सीनियर वकील है। इन्होने विगत 35 वर्षों से वकालत के क्षेत्र में अपना एक अलग मुकाम बनाया है। इनसे बातचीत करने पर इन्होंने बताया कि आज हर नारी अपनी लगन और दृढ इच्छा शक्ति से अपना हर मनचाहा मुकाम को हासिल कर सकती है वो अपनी जिंदगी में भी अपनी लगन और दृढ इच्छाशक्ति से अपने आपको स्थापित किया है। उन्होंने ये भी कहा कि आज नारी हर क्षेत्र में पुरुषों के समकक्ष नजर आ रही है। इन्होंने हर महिलाला को अपने आपको मजबूत कर समाज और देश में स्थापित करने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की है।

कड़ी मेहनत से सफलता मिली

अंजु झा (टेरीटरी मैनजर एसबीआई लाईफ | इश्योरेस): अजू झा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपना एक खास मुकाम हासिल किया है। इनसे बातचीत करने पर इन्होंने बताया कि हर युग में नारी का नाम पुरुषों से पहले ही आया है चाहे वो सीता-राम हो या फिर राधे कृष्ण फिर नारी अबला कैसे हो सकती है। नारी अगर ठान ले तो हर क्षेत्र में अपने आपको शिखर पर प्रतिष्ठित कर सकती है। बशर्ते जब तक मनचाहा स्थान हासिल न हो जब तक वो रूके नहीं इन्होने हर महिलाओं को शिखर तक पहुंचने के लिए अपनी शुभकताना प्रेषित की है।

शहर का नाम किया रौशन

रीना एक्का (मिसेज इंडिया चैरिटी क्वीन खिताब विजेता)। रीना एक्का आज जाना पहचाना जाता है। इन्होने जगदलपुर का नाम रोशन किया है। इन्होने मिसेज इंडिया के प्रतिष्ठित इवेट में हिस्सा लेते हुए चैरिटी क्वीन का खिताब अपने नाम किया है। अपनी सफलता का पूरा श्रेय वे कड़ी मेहनत और लगन को बताती है। इनका कहना है कि नारी बस एकबार ठान ले तो अपनी मनचाही मंजिल को जरूर पा सकती है। इन्होंने हर महिला को अपना संदेश देते हुए कहा कि बस एक बार नही कई बार कोशिश करे अक्सर आपकी राह देख रहा है,सफलता आपको मिलकर ही रहेगी।

साहित्य के क्षेत्र में अपना स्थान बनाया

धनेश्वरी देवांगन घरा (शिक्षिका लेखिका) साहित्य के क्षेत्र में धनेश्वरी देवांगन (घरा) एक प्रतिष्ठित नाम है। इन्होने शिक्षकीय कार्य का निर्वहन करते हुए साहित्य के क्षेत्र में बहुत कम समय में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है। इनसे बातचीत करने पर इन्होंने कहा कि नारी आज किसी भी क्षेत्र में पुरुष से कम नहीं है। नारी ठान ले तो आज इस पुरुष प्रधान समाज में अपना अग्रणी स्थान हासिल कर सकती है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि नारी अपने आपको कमजोर न समझे अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से खुदको शिख पे हर क्षेत्र में पहुंचा सकती है। इन्होंने हर महिला को सफलता के नये सोपान हासि करने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की है।

शिक्षित महिलाएं पिछड़ी महिलाओं की दशा सुधारने में अपना विशेष योगदान दे सकती है|

वीना वासनीकर : वीना वासनीकर अपने परिश्रम से लगन से एक खास मुकाम हासिल किए है। इनके अनुसार महिला दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा एवं इनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों के लिए अवसर की तलाश है। पहले महिलाओं को कमजोर माना जाता था। मगर वर्तमान स्थिति में नारी ने जो साहस का परिचय दिया है वो काबिले तारीफ है। आज नारी की भागीदारी के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं है। समाज के हर क्षेत्र में नारी का प्रवेश परोक्ष अपरोक्ष रूप में हो पुका है। विभिल्ल प्रतियोगी परीक्षाओं में भी महिलाए आगे आ रही है। इन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर हर क्षेत्र में प्रवीण्यता अर्जित कर ली है। ये आगे कहती है कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा हम अपनी सर्वोच्चता हासिल कर सकते है।

इन्होने समस्त नारी शक्ति को शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश में कहा है कि शिक्षित महिलाए पिछड़ी महिलाओं की दशा सुधारने में अपना विशेष योगदान दे सकती है। विभिन्न परिस्थितियों में महिलाओं को सकारात्मक होकर चीजों को देखकर समस्याओं का हल निकालना होगा और अधिक प्रभावशाली बनने के लिए हर कौशल को सीखने एवं दक्ष होना आवश्यक है।

महिलाओ के अधिकारों को बढ़ावा देना है…

श्रीमती लिपि मोहती (सखी सहेली लेडिस क्लब,नगरनार)18 मार्च यानी सोमवार को हम सब विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलक्षियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं। यह दिन महिलाओं के अधिकारों के लिए आदोलन का प्रतीक है, और इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य भी महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देना है। इस दिन दफ्तरों, स्कूल, सरकारी संस्थानों आदि जताहो पर महिलाओं का सम्मान भी किया जाता है, ताकि तो इस दिन खास महसूस कर सके। हमें यह नहीं भूलना चाहिए की सबेरे होते ही जो बाई हमारे घर आकर हमें घर की काम काज में जो हाथ बटाती हैं उनकी अवदान अतुलनीय है। और रहा सवाल खाने की क्या हम उन औरतों को भूल जाए जो घंटो भर खेत में काम करके हम सबके थाली में अनाज भरती हैं। आज हम इन्ही महिला श्रमिक के वजह से आलीशान मकान में रहते है। धन्य हो महिला जो भगवान ने ऊपर से बना के भेजे है की उनकी किरदार बहुत ही विशेष है। तो नारी है, जननी है, समाज सुधारक है, आध्यापिका भी है,डाक्टर भी है, वकील भी हैं, उच पट में भार भी सम्भाल रखी है, हवाई जहाज भी उड़ा रही है, सैनिक बन के देश को दुशमन से बचाने के लिए आगे आ जाती है,आत्म निर्भर होकर कभी टैक्सी और ऑटो भी चला कर अपने घर परिवार सम्भाल लेती है जय हो नारी और में भी एक महिला होकर दूसरे महिलाओं को आगे बढ़ने को जरुर प्रोत्साहन करुँगी छत्तीसगढ़ के दन्तेवाड़ा हो या हमारी शहर जगदलपुर महिलायें खूब अच्छी तरह से पुलिस के कार्य भी निभाती है, अच्छे समाजसेविका की काम भी करती है, स्कूल में अच्छे शिक्षिका उनके हमारे भविष्य नागरिक को उज्जवल भविष्य तैयार करती है इसलिए हम सब महिलायें एक दूसरे की सम्मान करनी चाहिए ।

नारी शक्ति आज नहीं हमेशा से ही महाशक्ति रही है…

श्रीमती के दास: अध्यक्ष नगरनार स्टील प्लांट सखी लेडीज क्लब नगरनार स्टील प्लांट सखी लेडीस क्लब की अध्यक्षा श्रीमती के दास ने महिला दिवस पर कला की नारी शक्ति आज नठी हमेशा से ही महाशक्ति रही है| देवताओं के युग में भी संकट आने पर नारी स्वरूप मा दुर्गा महाशक्ति ने देवताओं की मदद की थी और आज के युग में भी नारी शक्ति छोटे-छोटे काम से लेकर बड़े कार्य यहाँ तक की अंतरिक्ष में भी अपना परचम लहरा रही है।

पुरुषों के बराबर सब कुछ करने में सक्षम..

श्रीमती विनती दास(व्याख्याता): शासकीय उच्च माध्य विद्यालय रेलवे कॉलोनी जगदलपुर समाज की हर महिला को सम्मान मिलना चाहिए महिला दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है आज की महिला किसी दूसरे पर निर्भर नहीं है वह हर मामले में आत्म निर्भर और स्वतंत्र है और पुरुषों के बराबर सब कुछ करने में सक्षम भी है|

हर महिला विशेष होती है चाहे वह घर हो या ऑफिस में और यह हमारी जिम्मेदारी है की हम उस महिला की सराहना करें और उसका सम्मान करें जो अपने जीवन में सफलता हासिल कर रही है।

महिलाओं के हालातों में बदलाव आया है…

चमेली कुर्रे (सुवासिता)(लेब टेक्नोलोजिस्टलेखिका): चमेली कुर्रे सुवासिता जी शासकीय सेवा करते हुए भी लेखनी के क्षेत्र में खूब नाम कमाया है। इनसे बातचीत करने पर इन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को बंधनो में रहना पड़ता थाहे घर की चार दीवारी के अंदर रहने को मजबूर थी। उस समय के लिए में ये कह सकती हूँ कि पग-पग पीडा, पग-पग मिलती.. बता कहा है आज नयापन ? मगर वर्तमान में महिलाओं की स्थिति में बहूत बड़े स्तर पर बदलाव हुआ है। अब वो हर क्षेत्र में अपना योगदान बिना किस डर के दे ही नहीं रही बल्कि अपने अधिकारों के लिए बदलते वक्त के साथ अधिक जागरूक भी हो रही है और आत्मविश्वास के साथ हर स्थान पर हर कार्य का प्रतिनिधित्व भी बढ़चढ़कर करते हुए अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही है। अंत में समस्त नारी शक्ति को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए ये कहती है कि

नारी निर्बल रहना छोड़ों, देख जगत का अत्याचार।

तुझमे सब है सामर्थ्य सकल मांग नहीं छीन लो अधिकार।।

शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है…

डॉ. रश्मि शुक्ला (प्रोफेसर दंतेश्वरी महिला महाविद्यालय) : रश्मि शुक्ला जी सहज, सरल एवं शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी नाम है। ये वर्तमान में देतेश्वरी महिला कॉलेज जगदलपुर में प्रोफेसर पद पर कार्यरत है। इनसे बातचीत करने पर इन्होंने कहा कि आज जीवन को चाहे कोई भी क्षेत्र हो सफलता के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। इनके कॉलेज से पड़े हुए अनेक विद्यार्थी आज अंचल के दूरस्थ इलाकों में भी अपनी शिक्षा का लाभ अनेक सेवाओं को करते हुए दे रहे है और समाज व देश में अपना प्रमुख स्थान बना रहे है। इन्होंने आगे कहा कि नारी आज अबला नहीं रही। आज वो सबल है और पुरुष के साथ जीवन में कदम से कदम मिलकर चल रही है। अपनी शुभकामना संदेश में उन्होंने निरंतर सफलता को पाने के लिए प्रयास करते रहने को प्रमुखता से कहा है।

महिला दिवस जब सार्थक होगा जब विश्वभर में महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से आजादी मिलेगी…

जी. कविता नायडू (व्याख्याता) करंजी : महिला दिवस सभी विकसित और विकासशील देशों में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं को उनकी समता, सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक तरक्की दिलाने व महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए अथक प्रयास किये।

सही मायने में महिला दिवस तब सार्थक होगा ब विश्व भर में महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से संपूर्ण आजादी, मिलेगी जहां उन्हें कोई प्रताड़ित नहीं करेगा और समाज के हर महत्वपूर्ण फैसलों में उनके नजरिये को महत्वपूर्ण समझा जायेगा।

वास्तविक सशक्तिकरण तभी होगा जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्म निर्भर होगी

विजय लक्ष्मी – जगदलपुर विकासखाड के जमावड़ा हायर सेकेण्डी स्कूल की शिक्षिका विजय लक्ष्मी गुप्ता ने महिला दिवस पर सभी महिलाओं को बधाई दी। श्रीमती गुप्ता का कहना है कि आज के युग तो सबसे ज्यादा महिला सतावितकरण की बात होती है। महिला सशक्तिकरण क्या है यह कोई नही जानता। सशक्तिकरण एक विवेकपूर्ण प्रक्रिया है। इनका मानना है कि महिला दिवस का औचित्य तब तक प्रमाणित नहीं होगा जब तक कि सच्चे अर्थों में महिलाओं की दशा नही सुधरती। वास्तविक सशक्तिकरण तभी होगा जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होगी और तब उनमें कुछ करने का आत्मविश्वास जागेगा।

समूह की महिलाएं तैयार कर रही औषधि

आदिवासी बाहुल्य इलके के महिलाएं भी अब पीछे नही है। महिलाओं के द्वारा तैयार की जा रही औषधि कई घातक बीमारियों के लिए वरदान साबित हो रही है जो कुरदी की महिलाओं के लिए जीविका का साधन बना हुआ है। माँ दंतेश्वरी ज्योति महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष अंजलि ने बताया कि 12 महिलाएं इस समूह की सदस्य है। वन विभाग के सहयोग से

महिलाओं को रोजगार का साधन उपलब्ध हुआ है। वन संपदा से कई प्रकार की औषधि तैयार कर बस्तर ही नहीं प्रदेश के अन्य राज्यों में नाम कमा रही है। महिलाओं के लिए रोजगार का साधना है इसके लिए वन विभाग एवं सरकार को धन्यवाद भी दिया। वही वन-धन केन्द्र के माध्यम से आसना में भी समूह की महिलाएं चोकलेट अगरबत्ती तैयार कर रही है। समूह के महिलाओं के द्वारा तैयार की गई अगरवती की बाबू बस्तार ठी नटी प्रदेश के कई जिलों में बिखर रही है। बस्तर की महिला भी अन्य जिलों से पीछे नहीं है।

जीवन के प्रति हार नहीं मानना चाहिए….

संगीता नाग (शिक्षिका,बीजापुर): पेशे से शिक्षिका संजीता नाग जनादलपुर की रहने वाली है। इनका ससुराल बीजापुर में है। इनका सपना था कि ये जीवन में एक खास मुकाम को हासिल करे। अकस्मात इनके पति के देहात के बाद इनको जालरा सदमा लगा मनार ये टूटी नहीं और इन्होने जीवन के प्रति हार नहीं मानी और एक नेय जज्बे के साथ शिक्षण कार्य के प्रति समर्पित हो सकी। वर्तमान में ये अपने दो बच्चों का कुशलता के साथ लालन पालन करते हुए अपने सपने को पूरा करने में अबसर है। ये नारी शक्ति को कती हार न मानने की सलाह देते हुए सभी को बधाई प्रेषित की है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए…

श्रीमती सोनी यादव (ब्यूटिशियन) : जगदलपुर निवासी श्रीमती सोनी यादव अपने पूरी पढ़ाई अपने मायके काकेर से करके जगदलपुर में ब्याहकर आई। इन्होने ब्यूटी पार्लर का कोर्स किया था सो जनादलपुर में ब्यूटी पार्लर के माध्यम से लोगो को सेवाएं देने लगी। परिवार से इन्हे इस कार्य हेतू सपोर्ट भी मिला। इसके अलावा ये पार्ट टाईत बच्चों को ट्यूशन मी पढ़ाती है। इस तरह से  आत्मनिर्भर हो सकी और अपने हर सपने को पूरा करते हुए गौरान्वित महसूस कर रही है। इन्होने सभी को शुभकामनाएं  प्रेषित करते हुए आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी है।

नारी का सर्वत्र सम्मान होना चाहिए……

श्रीमती कविता साहू (सभापति जगार पालिक निगता जगदलपुरा नारी शक्ति महाशक्ति है नारी का सर्वत्र सम्मान होना चाहिए नारी शक्ति महाशक्ति है और नारी का सर्वत्र सम्मान होना चाहिए आज की नारी अबला नही सबला है और नारी का जहाँ सम्मान होता है वहां खुशहाली समृद्धि होती है वहां देवताओं का वास होता है| आज के युग में नारी किसी से कम नही है आज हर कार्य में नारी शक्ति का बराबर का योगदान है आज सफाई का से लेकर ऑटो रिक्शा चलाने एवं हवाई जहाज चलने तक महिलाएं आगे| आकर कार्य कर रही है यहां तक की अंतरिक्ष में भी महिलाओं ने अपना योगदान दिया है आज हमारे समाज को चाहिए कि महिलाओं के अधिकार एवं सम्मान का पूर्ण ध्यान रखा जाए तभी एक अच्छे भविष्य का निर्माण संभव है।

सशक्त महिला ही एक सशक्त समाज की निर्माता…

मनीषा शर्मा : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का मुलभुत उद्देश्य समाज में महिलाओं को सशक्त करना या उन्हें समान अधिकार व सम्मान प्रदान करना है। कि महिलाए ही समाज का आधार है। इसलिये एक सशक्त महिला ही एक सशक्त समाज की निर्माता हो सकती है। महिलाएं हमेशा से ही अनेकानेक भूमिका जैसे – (माँ, बहन,बेटी,पत्नी ) के साथ ही अपने कर्तव्य (नौकरी)का निर्वहन करते हुये समाज एवं परिवार में अदृश्य संघर्षों का सामना करती आती है और कर रही है। में उन समस्त नारियो कि संघर्षों को सलाम करती हूं। समाज की प्रत्येक महिला सम्मान की हकदार है |

महिलाओं के बिना दुनियां की कल्पना नहीं की जा सकती…

चन्द्रिका गुप्ता (भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष) महिला दिवस के उपलक्ष्य में सभी को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि- एक महिला मा, बहन, पत्नी और बहू का अपना अपना कर्तव्य निभाती है. इसलिए समाज आगे बढ़ता है। महिलाओं के बिना दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती, क्योंकि महिलाएं ही वंश को आगे बढ़ाती हैं और देश की प्रगति बढ़ाती है आज महिला हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रही है।

महिलाओं को बराबरी के अवसर हैं उसका लाभ उठाये…

डा.सरिता निर्मल (नेत्र रोग विशेषज्ञ)। भारत ने महिलाओ की स्थिति ने पिछली कुछ सदियों में कई बड़े बदलावे का सामना किया है। प्राचीन काल में पुरुषों के साथ बराबरी की स्थिति से लेकर मध्ययुगीन काल के निम्न स्तरीय जीवन और साथ ही कई सुधारको द्वारा समान अधिकारों को बढ़ावा दिए जाने तक,भारत ‘में महिलाओं का इतिहास काफी गतिशील रहा है। आधुनिक भारत में महिलाएं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोक सभा अध्यक्ष, प्रतिपक्ष की नेता आदि जैसे शीर्ष पदों पर आसीन हुई है।

भारत का संविधान सभी भारतीय महिलाओं को समान अधिकार (अनुच्छेद 4), राज्य द्वारा कोई भेदभाव नहीं करने (अनुच्छेद 15 (1)), अवसर की समानता (अनुच्छेद 16), समान कार्य के लिए समान वेतन (अनुच्छेद 39 (घ)) की गारंटी देता है। इसके अलावा यह महिलाओं और बच्चे के पक्ष में राज्य द्वारा विशेष प्रावधान बनाए जाने की अनुमति देता है| (अनुच्छेद 15(3)), महिलाओं की गरिमा के लिए अपमानजनक प्रशाङका परित्यावा करने (अनुच्छेद 51(ए)(ई)) और साथ ही काम की उचित एवं मानवीय परिस्थितियों सुरक्षित करने और प्रसूति सहायता के लिए राज्य द्वारा प्रावधानो को तैयार करने की अनुमति देता है। (अनुच्छेद 42)]

वर्तमान समय में देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के साथ, कार्यस्थलों पर व्याप्त भेदभाव और महिला सक्षा संबंधी चुनौतियों को दूर करने के लिये बहू-पक्षीय प्रयासों को अपनाया जाना चाहिए |

सरकार को असंगठित क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओ के लिये लचित योजनाओं (प्रशिक्षण, सामाजिक और आर्थिक सूरक्ष आदि) के साथ अर्थव्यवस्था के सभी स्तने पर महिलाओं की भागीदारी और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित करने से जुड़े प्रयासों पर विशेष ध्यान देना होगा।

कार्यस्थलो पर महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिये यातायात साधनों की पहूँच मे विस्तार के सश सार्वजनिक स्थलो पर प्रसाधन केटो आदि के तंत्र को मजबूत करना बहुत ही आवश्यक है।

उच्च शिक्षा और पेशेवर प्रशिक्षणों में शामिल लेने के लिये महिलाओ को सहयोग प्रदान करने के साथ वामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पच को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके सश ही नीति निर्माण और महत्त्वपूर्ण संसाधनों के शीर्ष तंत्र में महिला प्रतिनिधित्व को बनाने हेतु विशेष प्रयास किये जाने चाहिये।मेरी निजी राय से महिलाओं और पुरुषो की बराबरी एक निरर्थक प्रयास है कुछ क्षेत्रों में महिलाओ की बराबरी के लिए पुरुष को नी अभी काफी समय लगेगा। भारत जैसे देश में जन महिलाओ को बराबरी के अवसर है उसका लाम पर अपनी एक अलवा पञ्चान और भारत के विकास में योगदान देने का प्रयास करना चाहिए।

शिक्षा के साथ आत्म विश्वास स्त्रियों को सबल बनाता है…

रंजना झा (पीओ बाल संरक्षण): विश्व महिला दिवस के अवसर पर हजारों महिलाएं अपने आत्मविश्वास से लबरेज होकर अपने पूरे परिवार का ख्याल रख रही है। इसी तारतम्य में शहर की श्रीमती रंजना झा जो बाल संरक्षण विभाग में कार्यरत है। आज विश्व महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने महिलाओं को दिये अपने संदेश में कहा कि शिक्षा ग्रहण करना अति आवश्यक है। शिक्षा के साथ आत्मविश्वास बढ़ता है। यही आत्मविश्वास महिलाओं को उसके गृहस्थ जीवन अथवा नौकरी पेशा जीवन में मजबूत बनाकर रखता है। जिससे वह आनेवाली कई परेशानियों को सहजता से झेलकर अपनी सास और मेरे पति का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे हमेशा साथ देकर मुझे इस काबिल बनाया कि मैं आज अपने दोनो दायित्वों का सफलता पूर्वक निर्वहन कर रही हूं।

महिलाओं के आत्म सम्मान हेतु शिक्षा आवश्यक:

भावना झाली (शिक्षिका मिशन स्कूल): स्त्रियों को अपने परिवार के प्रति जागरूक रहने के लिए उनका शिक्षित होना अति आवश्यक है। शिक्षा के कारण उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। किसी भी प्रकार के पारिवारिक दायित्व को समझने एवं संभालने के लिए उनको शिक्षित होना आवश्यक है। अपने परिवार का दायित्व पालन हेत शिक्षिका बिनी भावना झाली बताती है कि मेने बचपन से ही शिक्षा के प्रति जागरूकता दिखाई एवं शिक्षिका बनने का फैसला लिया। एक शिक्षक के रूप में में विशेषकर बालिकाओं के बीच शिक्षा का दीपक सदा जलाते रहूंगी क्योंकि बालिका पढ़ेगी तभी नारी सम्मान, स्वाभिमान की बातें समाज में सार्थक होगी।

सुकमा जिले में सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में बढ़ता हुआ नाम…

दीपिका शोरी सुकमा जिले के विकासखंड छिन्दगढ़ के छोटे से गाँव पाकेला में जन्म लेकर आज पूरे छत्तीसगढ़ में सामाजिक व राजनीतिक स्तर से अपने कद को बढ़ाया है दीपिका शोरी ने विदित हो कि दीपिका सुकमा जिले के धुर नक्सल क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर पानी,आवास एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करने के साथ साथ महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ उनका कानूनी हक दिलाने की दिशा में भी कार्य कर रही है दीपिका ने बताया कि उनका सपना है कि सुकमा जिले में हर गाँव में महिला अदालत की स्थापना करना जिसमें गॉव की ही सासर 10 महिलाएं लो जो गाँव में महिलाओं के हित व उनके अधिकारों के लिए आवाज उखार समाज में महिलाओं के प्रति जो दुर्भावना बनी हुई है उसे दूर करने हेतु प्रयास करें व इस कार्य हेतु में हमेशा उनके साथ खड़ी रहूंगी।

ज्ञात हो कि दीपिका ने वकालत की परीक्षा में बस्तर यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल भी हासिल किया है व वर्तमान में एलएलएम में अध्ययनरत है |

आपको बता दे कि लॉक डाउन के दौरान जब लोगों का घरों से निकलना भी दूभर था ऐसे विषम परिस्थितियों में दीपिका ने कई गांव में जाकर बच्चों को निःशुल्क कॉपी,पेन,पुस्तके बांटी जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति अरुचि जागृत न हो साथ ही क्षेत्र की पानी, आवास व मजदूरी भुगतान की समस्या को दिखकर एक वाट्सअप ग्रुप बनाकर उसके माध्यम से मिली जानकारी पर सैकड़ो क्षतिग्रस्त हैंडपंप को बनवाकर पानी की सुविधा करवाई इतना ही नही अधूरे अवासो व बकाया मजदूरी की भुगतान भी गाँव गाँव जाकर करवाया जिसके कारण आज सभी ग्रामीणों के बीच इन्हे स्नेह प्राप्त हो रहा है| आज महिला दिवस के अवसर पर दीपिका ने कहा कि जब तक सुकमा जिले में महिलाओ को उनके कानूनी हक व जानकारी नही होगी में इसी प्रकार उनके बीच कानून की अलख जगाती रहूंगी |

सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी व फोटो पोस्ट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया

0

सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी व फोटो पोस्ट करने वाले आरोपी का पतासाजी कर, गिरफ्तार किया गया | पुलिस थाना कोतवाली में पीड़िता द्वारा रिपोर्ट दर्ज करायी कि घटना दिनांक 24.04.2020 को हेमराज सिंह राठौर के नाम के व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर महिलाओं के बारे में अश्लील टिप्पणी एवं फोटो सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट करने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक-194/2020 धारा 292,509-ख, भादवि0, 67 आई0टी0 एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया।

जिस पर पुलिस अधीक्षक महोदय, श्री दीपक झा व अति0 पुलिस अधीक्षक श्री ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अमित सिदार, संजय वट्टी, आरक्षक प्रकाश नायक, डोमेन्द्र कुमार ठाकुर, नकुल नुरेटी व कृष्णा कुमार गावडे सायबर सेल के द्वारा घटना दिनांक से फरार आरोपी का लगातार पता तलाश किया जा था। जिस दौरान आरोपी के मोबाईल __ लोकेशन के आधार पर आरोपी का लोकेशन जिला-गोरेला पेण्ड्रा मारवाही होने पर तत्काल टीम रवाना किया गया। जहाँ पर आरोपी हेमराज राठौर पिता तिरथ प्रसाद राठौर उम्र 27 साल निवासी ग्राम बचरवार नयापारा थाना पेण्ड्रा जिला गोरेला पेण्ड्रा मारवाही का पतासाजी कर, गिरफ्तार किया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस – महिलाओं के कानूनी अधिकार

0

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को प्रदत्त संवैधानिक व कानूनी अधिकारों के बारे में जानेंगे ।भारतीय संविधान में महिला एवं पुरूष दोनों को समानता का अधिकार दिया गया है |

भारतीय संविधान में महिलाओं के लिए अनुच्छेद:-

  1. अनुच्छेद 14 से 18 में देश के प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार।
  2. अनुच्छेद 15 (3) के अनुसार कोई बात राज्य की स्त्रियों एवं बालकों के लिए कोई विशेष उपबंध करने से निवारित नहीं करेगी।
  3. अनुच्छेद 15 के अनुसार ही धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
  4. अनुच्छेद 23 के अनुसार मानव का दुर्व्यापार, बेगार प्रथा इसी प्रकार का अन्य बलात श्रम प्रतिषिद्ध किया जाता है।
  5. अनुच्छेद 24 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के लड़के एवम लड़कियों को कारखाने या खान में या अन्य किसी परिसंकटमय नियोजन काम करवाना अपराध है।
  6. प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का कानून:- अनुच्छेद 21 एवं 22 दैहिक स्वाधीनता का अधिकार प्रदान करते हैं एवं हर व्यक्ति को अपने शरीर एवं प्राण की सुरक्षा का हक है।
  7. स्वरोजगार का अधिकार:- संविधान के अनुच्छेद 16 में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है हर व्यस्क लड़की एवं महिला को कामकाज के बदले वेतन प्राप्त करने का अधिकार पुरुषों के बराबर है।
    8.राजनीतिक अधिकार:- कोई भी महिला चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकती है तथा वोट देने के लिए पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त है।
    7.संपत्ति का अधिकार:- कोई भी बेटी अपने पिता की संपत्ति पर अपना अधिकार मांग सकती है तथा पिता भी अपनी इच्छा अनुसार अपनी संपत्ति अपनी पुत्री के नाम पर कर सकता है।
    महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध को रोकने के लिए उसके जन्म से वृद्धावस्था तक कानून बनाये गए है जैसे ,भ्रूण हत्या ,लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम,बाल विवाह निषेध अधिनियम ,दहेज प्रताड़ना अधिनियम,घरेलू हिंसा निवारण
    अधिनियम,परित्यक्त महिलाओं के लिए 125 जा फो के तहत भरण पोषण का अधिकार, किसी भी महिला की शादी के 7 वर्ष के भीतर संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से जांच ,60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत अधिकार ,प्रत्येक जिले में महिला थाना ,थानो में महिला सेल की स्थापना,किसी भी स्थान/थाने में शून्य पर प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार सतर्क रहें सावधान रहें।
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई

This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंदन ग्वाल ने सड़क दुर्घटना को नियंत्रित करने के लिए यातायात टी आई से की मुलाकात

0

ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंदन ग्वाल ने सड़क दुर्घटना को नियंत्रित करने के लिए यातायात टी आई आर एस सिन्हा से की मुलाकात ।

मानपुर चौक से दल्ली राजहरा के मध्य आए दिन सड़क दुर्घटना को देखते हुए ब्लॉक अध्यक्ष चंदन ग्वाल युवा कांग्रेस( ग्रामीण) ने यातायात टी आई आर एस सिन्हा से मुलाकात कर मानपुर चौक और दल्ली राजहरा के मध्य सीसीटीवी कैमरा, सड़क किनारे बिजली की व्यवस्था एवं स्पीड ब्रेकर की मांग की गई है ताकि सड़क पर आने जाने वाले ग्रामीण, क्षेत्रीय लोगों को

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

किसी भी प्रकार का दुर्घटना का सामना ना करना पड़े ,जहा स्पीड ब्रेकर के बनाए जाने से वाहनों की तेज रफ्तार की गति में धीमी आएंगी वहीं सड़क किनारे बिजली की व्यवस्था और कैमरे के लग जाने से सड़क दुर्घटना के साथ अपराधों में भी कमी आयेंगी इसके साथ ही मानपुर चौक पर एक से अधिक पुलिस, पुलिस द्वारा वाहन के जांच के दौरान आम नागरिक को ज्यादा परेशानी ना हो यह सभी कथन यातायात टी आई आर एस सिन्हा को पत्र के माध्यम से दिया गया ।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक दल्ली राजहरा का 29 वा त्रिवार्षिक सम्मेलन दिनांक 7 मार्च को हुआ, नई कार्यकारी समिति की घोषणा

0

संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक दल्ली राजहरा का 29 वा त्रि वार्षिक सम्मेलन दिनांक 7 मार्च को हुआ ।जिसमें लौह अयस्क खदान समूह की सभी खदानों से प्रतिनिधि बनाए गए थे। जिसमें नियमित कर्मचारी तथा ठेका कर्मचारी को प्रतिनिधि बनाया गया था। 188 प्रतिनिधि बनाए गए थे ।10 सदस्यों पर एक प्रतिनिधि बनाया गया था ।सम्मेलन में केवल प्रतिनिधियों ने भाग लिया सम्मेलन के प्रथम सत्र में सभी ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन कि दूसरे सत्र में केवल प्रतिनिधियों को भाग लेने की अनुमति थी प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सचिव प्रतिवेदन पेश किया गया सचिव प्रतिवेदन पर उपस्थित समस्त विभागों के प्रतिनिधियों ने चर्चा में भाग लिया ।
अंत में पुरानी पदाधिकारियों की बॉडी को भंग कर नई कार्यकारी समिति की घोषणा की नई कार्यकारिणी के लिए

1) अध्यक्ष पद
2) सचिव
3) कार्यकारी अध्यक्ष
4) संगठन सचिव
5) कार्यालय सचिव
6) कोषा अध्यक्ष के लिए चुनाव हुआ

जिसमें सचिव पद के लिए कमलजीत सिंह मान निर्विरोध निर्वाचित हुए संगठन सचिव के लिए तोरण लाल साहू निर्विरोध निर्वाचित हुए ।

अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में श्री राजेंद्र बहरा को 100 तथा श्रीनिवासलु को 83 मत मिले

कार्यकारी अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में अनिल यादव को 86 तथा डी एस चंद्राकर को 97 वोट मिले।

कार्यालय सचिव के लिए अरिंदम चौधरी को 68 तथा राजेश कुमार साहू को 112 मत प्राप्त हुए

कोषाध्यक्ष पद के लिए त्रिलोकी नाथ को 61 मत तथा आर पी बरेट को 121 मत प्राप्त हुए |

इस चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए सेंटर एसकेएम एस के अध्यक्ष कामरेड सी आर बक्शी, महासचिव कामरेड आर डी सी पी राव, कामरेड राजेश संधू , कामरेड श्रीधर, कामरेड शाह, कामरेड भगत राम पटेल, कामरेड साजी ने संपन्न कराया |

नई कार्यकारिणी में

सचिव कामरेड कमलजीत सिंह मान

अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र बेहेरा
कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड डी एस चंद्राकर

संगठन सचिव कामरेड तोरण लाल साहू

कार्यालय सचिव कामरेड राजेश कुमार साहू
कोषाध्यक्ष कामरेड आर पी वरेट की घोषणा की गई।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

इस कार्यक्रम में नंदनी माइंस के किरंदुल बचेली माइंस के साथियों ने भाग लिया कार्यक्रम को सम्मेलन को सफल बनाने में संयुक्त खदान मजदूर संघ दल्ली राजहरा के सभी साथियों ने अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

खदान मजदूर संघ द्वारा खदानों में साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य कराने के एवज में कर्मियों को ओवरटाइम देने प्रभारी निदेशक बीएसपी को ज्ञापन

0

महारत्न सेल के विभिन्न इकाईओं में अलग अलग नियम और कानून प्रभावशील हैं। जहाँ कुछ इकाईओं में केंद्र सरकार के द्वारा बनाये गए नियम और कानून के तहत कर्मियों को लाभ दिया
जा रहा है वहीं कुछ इकाई ऐसे भी हैं जहाँ केंद्र अथवा राज्य सरकार के नियम और कानून की
खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और कर्मियों का खुले आम शोषण किया जा रहा है। भिलाई
इस्पात संयंत्र प्रबंधन कर्मियों के शोषण करने के मामले में सबसे आगे है। मामला चाहे फेस्टिवल एडवांस का हो या फिर साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य कराने के एवज में दिए जाने वाले प्रतिपूरक राशि (ओवर टाइम ) या प्रतिपूरक अवकाश का हो भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन पूरी तरह से अवैधानिक कार्य कर रहा है। उक्त आरोप भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के महामंत्री एम.पी.सिंह ने लगाते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में संघ ने प्रभारी निदेशक भिलाई इस्पात संयंत्र को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि बी.एस.पी. के बंधक खदानों में अगर कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाया जाता है तो उसे उक्त दिवस का दुगुना वेतन दिया जावे। अगर कंपनी दुगुना वेतन देने में सक्षम नहीं है तो आरएमडी के खदानों की तरह कर्मियों को एक दिन का एक्स्ट्रा वेतन और एक दिन की प्रतिपूरक अवकाश दी जावे।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए संघ के महामंत्री ने बताया कि माइंस एक्ट 1952 के सेक्शन 33(1) में यह उल्लेखित है कि अगर किसी भी हफ्ते में कोई कर्मी 48 घंटे से अधिक कार्य करता है तो ऐसे में उक्त कर्मी 48 घंटे से अधिक कार्य हेतु अपने सामान्य वेतन से दुगुना वेतन का हकदार होगा। आरएमडी के खदानों में साप्तहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाये गए कर्मियों को जहाँ एक दिन का एक्स्ट्रा वेतन और एक दिन का प्रतिपूरक अवकाश दिया जाता है जिसका समुचित प्रमाण संघ के पास मौजूद है जिसे सही समय पर सही जगह उजागर किया जावेगा। वहीं बीएसपी के खदानों में केवल एक दिन का अनाधिकारिक प्रतिपूरक अवकाश दी जाती है। जिस दिन कर्मी प्रतिपूरक अवकाश लेता है उस दिन कर्मी की हाजिरी लगाई जाती है लेकिन कर्मी कार्यस्थल पर उपस्थित न होकर अपने निजी कार्यों में बाहर व्यस्त रहता है। एक ही महारत्न सार्वजानिक उपक्रम के दो इकाईओं में एक जगह कर्मियों को समुचित लाभ दिया जाता है तो दूसरी तरफ बीएसपी में कर्मियों का शोषण किया जा रहा है और अवैधानिक तरीके से प्रतिपूरक अवकाश दी जा रही है, ऐसा क्यों?

This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

एम.पी.सिंह ने इस अवैधानिक कृत्य के लिए बी.एस.पी. प्रबंधन से अधिक खदान के वामपंथी
श्रम संगठनों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आजतक खदान कर्मियों ने वामपंथी श्रम संगठनों को मान्यता दिलाया लेकिन इन 06 दशकों में वामपंथी श्रम संगठनों के पदाधिकारिगणों ने प्रबंधन के साथ मिलकर खदान कर्मियों को केवल बेवकूफ बनाया और अपनी उल्लू सीधा करते रहे। पूर्व में भी इन वामपंथी श्रम संगठनों के मिलीभगत से कर्मियों का फेस्टिवल एडवांस बंद हो गया था जिसे भारतीय मजदूर संघ ने आरएमडी एवं अन्य इकाईओं के पेस्लिप को आधार बनाकर बीएसपी प्रबंधन को इसे दुबारा शुरू करने हेतु मजबूर किया।

विगत कई महीने से प्रोडक्शन का हवाला देते हुए प्रबंधन साप्ताहिक अवकाश के दिन
कर्मियों को कार्य पर बुला रहा है और ये वामपंथी श्रम संगठन जो कि अपने आपको कर्मियों का
मसीहा कहता है मौन धारण करते हुए प्रबंधन का लगातार सहयोग करते हुए कर्मियों का शोषण होते देख रहा है। इस सम्बन्ध में संघ ने पूर्व में भी कई बार ज्ञापन देते हुए प्रबंधन से चर्चा की जिस पर प्रबंधन के अधिकारीयों ने केवल मामले पर समुचित कारवाई करने का आश्वासन दिया लेकिन कोई ठोस कारवाई नहीं की। साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाने एवं अवैधानिक तरीके से प्रतिपूरक अवकाश देने से जहाँ एक तरफ कर्मियों को इंसेंटिव का नुकसान होता है वहीं दूसरी तरफ अवैध प्रतिपूरक अवकाश के दिन अगर किसी कर्मी का दुर्भाग्यवश किसी तरह की दुर्घटना हो जाती है तो उसे किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिलेगा। अतः संघ खदान प्रबंधन के इस कृत्य का पुरजोर विरोध करते हुए मांग करता है कि साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य पर बुलाये जाने वाले कर्मियों को आरएमडी के खदानों के तर्ज पर एक दिन का एक्स्ट्रा वेतन और एक दिन की आधिकारिक प्रतिपूरक अवकाश दी जावे। साथ ही सभी कर्मियों से भी यह अपील करता है कि प्रबंधन के अधिकारीयों के झांसे में आकर अपने हक की तिलांजलि न देवें अन्यथा किसी तरह की दुर्घटना होने पर प्रबंधन अपना पल्ला झाड़ लेगा और परेशानी केवल कर्मियों और उनके परिवार के परिजनों को ही होगी।

राष्ट्रीय महिला दिवस क्लस्टर परचन पाल में आयोजन किया गया।

0

मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत महूपालबर‌ई के सरपंच श्री लक्ष्मण सिंह सूर्यवंशी ग्राम पंचायत परचंपाल के जयति नेताम द्वारा महिला दिवस का शुभारंभ किया गया नारी शक्ति संगठन स्व सहायता समूह में काम करते हुए अपने समाज में गांव मे पंचायत एवं जिला में राज्य में स्व सहायता समूह के माध्यम से आजीविका मिशन कार्य को पूरा करने का प्राण लिया अध्यक्ष ,प्रिया ठाकुर, सचिव आसमती कोषा अध्यक्ष ,दसाय बघेल आरवीके ,विमला ठाकुर ऐसी लालमन ,पीआरपी सुनीता, रत्ना ,वाय पी ,भावना ध्रुव। असमिती ,विमला ठाकुर लुपते ठाकुर ,चैनसिंह ठाकुर ,सतेंद्र ठाकुर, तेजू ठाकुर, वेभन ठाकुर भागवती ,दयो बघेल नीला ,निषाद, अगति शिरो ,बबीता ,खेमवती ममता, रीता ,लिखेशवरी, किरण, आयोजन में शामिल रहे

MOST POPULAR

HOT NEWS