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ग्राहक को परोसे खाना मे निकला कीड़ा !

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जगदलपुर, 18 जुलाई। जिला मुख्यालय जगदलपुर शहर के बीचो- बीच स्थित केरला होटल वेज एंड नॉन वेज रेस्टोरेंट में ग्राहकों को दिए जाने वाले भोजन में निकला तला हुआ कीड़ा ।

होटल में भोजन करने पहुंचे अजय चंद्राकर ने बताया कि वह आज दोपहर भोजन करने के लिए अपने साथी के साथ होटल पहुँचे थे। जहां पर खाने के दौरान प्लेट में( तला पूरी तरह काला ) कीड़ा पाया गया। इसके बाद जब चंद्राकर ने होटल के प्रबंधक से इस विषय पर शिकायत की तो प्रबंधक ने कहा कि छोटी मोटी गलती तो होती रहती है, इतने सारे लोगों का खाना यहां बनता है, कीड़ा निकल गया होगा।

जहां एक तरफ सरकार कोविड-19 के नियंत्रण को लेकर हर दिन लाखों रुपए खर्च कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में लगी है कि लोगों को इस महामारी से बचाया जा सके, इसके लिए होटल प्रबंधक को जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश भी दिए हैं। बावजूद इसके शहर के मध्य चल रहे केरला होटल” वेज एंड नॉन वेज रेस्टोरेंट” में खाने के साथ कीड़ा भी परोसा जा रहा है। वहां मौजूद खाना खा रहे कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि इससे पहले भी लगातार इस प्रकार की शिकायते यहाँ आती रही है कभी खाने से बाल निकलता है कभी कीड़ा, लेकिन होटल प्रबंधक द्वारा इस ओर धयान नहीं दिया जा रहा, इतना ही नहीं होटल में कोविड के तमाम नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही है। दूसरी लहर का असर अब भी परइ तरह से गया नहीं है। जहां एक ओर शासन प्रशासन तीसरी लहर को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस महामारी से बचाया जा सके, बावजूद इसके होटलों में लापरवाही कर कोरोना महामारी को खुलेआम दावत दिया जा रहा है। कहीं ऐसा ना हो कि होटल प्रबंधक की गलती की वजह से बस्तर कोरोना का ऐपी सेंटर ना बन जाए ।

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इस विषय पर जब होटल के प्रबंधक से बात करनी चाहिए तो उनके द्वारा इस पूरे मामले पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया ।

इस संबंध मे निगम आयुक्त प्रेम कुमार पटेल का कहना है कि मुझे जानकारी प्राप्त हुई है, जिसकी वीडियो भी मैंने देखी है जिस पर मैंने तत्काल राजस्व अधिकारी को उचित नियम के तहत कार्रवाई करने का आदेश किया है, साथ ही सेफ्टी एंड फूड ऑफिसर को भी इसकी सूचना दी है, और होटल की साफ सफाई को लेकर जो भी नियम व शर्त है उसे ध्यान में रख कर उचित कार्रवाई करने निर्देशित किया गया है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए हमारे अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, चार टीमों के द्वारा आज शहर के विभिन्न जगहों पर कार्रवाई भी की गई है।

फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर जाहिरा खान ने बताया कि मुझे जानकारी मिली है जाँच किया जाएगा जांच सही पाए जाने पर नियम अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

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इस पूरे मामले पर शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता संकल्प दुबे का कहना है कि खाने में कीड़ा निकलने का मामला काफी गंभीर है। वीडियो ओर फोटो के आधार पर मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारी को बिना समय गवाएँ तत्काल कार्यवाही करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ का साज और बस्तर की आवाज बने दीपक…केंद्र में संघर्ष के लिए बघेल के स्वाभाविक सहयोगी हैं बैज

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। लोकसभा में छत्तीसगढ़ के युवा सांसद दीपक बैज ने अपने आक्रामक अंदाज से कैसी छाप छोड़ी है, उसकी बानगी यह है कि विपरीत विचारधारा की केंद्र सरकार के गृह मंत्री अमित शाह ने उनके जन्मदिन पर बधाई दी। यह केवल एक रस्म अदायगी नहीं है। अमित शाह की फितरत ऐसी नहीं कि वे हर किसी को याद करते रहें। स्मरण किया जा सकता है कि शाह अपनी पार्टी के सांसदों के प्रति भी ऐसी उदारता कब कब दिखाते हैं। अमित शाह ने बस्तर सांसद दीपक बैज को उनके जन्मदिन पर हाल ही बधाई देकर सबको चौंका दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सांसद बैज को शुभकामनाएं दी तो यह अपने अनुज स्वरूप सांसद के प्रति स्वाभाविक स्नेह है। लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर सांसद को शुभ कामना देकर यह आभास करा दिया कि बस्तर के इस युवा शेर ने उन्हें किस तरह प्रभावित किया है।

मौजूदा वक्त में दीपक बैज छत्तीसगढ़ के तमाम सांसदों के बीच सबसे ज्यादा मुखर माने जाते हैं। सत्ता पक्ष के सांसद तो दलीय भावनावश केंद्र से संबंधित छत्तीसगढ़ से जुड़े मामलों में लगातार ठंडे नज़र आते हैं। ऐसी स्थिति में दीपक बैज न केवल बस्तर की आवाज बने हैं, बल्कि केंद्र की राजनीति में छत्तीसगढ़ का साज भी बन गए हैं। यदि क्षेत्रीय राजनीति की बात की जाय तो बस्तर इलाके की बारह विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने वाली कांग्रेस को लोकसभा सीट दिलाकर दीपक बैज ने कांग्रेस की क्षेत्रीय राजनीति में अपना कद काफी बढ़ा लिया है। उन्होंने विधायक रहते हुए तत्कालीन राज्य सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों पर जिस तरह से आक्रात्मकता दिखाई, उससे प्रभावित होकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस ने उन्हें बस्तर लोकसभा सीट जीतने की ज़िम्मेदारी सौंपी। दीपक अपनी पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे। उन्होंने भाजपा से यह सीट छीन कर साबित कर दिया कि अब बस्तर टाइगर वे ही हैं। बस्तर के सियासी जंगल में अब उनके मुकाबले कोई नहीं। पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता बलीराम कश्यप और कांग्रेस के दिवंगत नेता महेंद्र कर्मा बस्तर की राजनीति में शेर कहलाते थे। अब ये दोनों शेर इस दुनिया में नहीं हैं तो उभरे हुए शून्य को भरने में सक्षम दीपक बैज पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। आक्रामकता के साथ सकारात्मक राजनीति का जो मार्ग बलीराम कश्यप और महेंद्र कर्मा ने चुना, वही शैली दीपक बैज की राजनीति में झलकती है। इसलिए वे बस्तर की निर्भीक राजनीतिक परंपरा में इन दोनों नेताओं के स्वाभाविक उत्तराधिकारी बन गए हैं। अब बात वर्ग पर की जाय तो आदिवासी वर्ग के नेताओं की जमात में दीपक बैज नई संभावनाओं के प्रतीक बन गए हैं। छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज ने बहुत सारे दिग्गज नेता दिए हैं। इस वर्ग के नेताओं ने यथासंभव योगदान देकर छत्तीसगढ़ के विकास में अहम भूमिका निभाई है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की प्रादेशिक कमान भी आदिवासी वर्ग के नेता संभाल रहे हैं। राज्य से इकलौती केंद्रीय राज्य मंत्री भी आदिवासी समाज से हैं।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज का नेतृत्व राजनीति में विशिष्ट पहचान रखता है। दलीय राजनीति को परे रखकर देखा जाए तो बस्तर के साल के जंगलों में घूमते सियासी युवा शेर दीपक बैज आज आदिवासी समाज की आशा का नया केंद्र बन गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र में सर्व हित की भावना से काम करते हुए जब कोई नेता आगे बढ़ता है तो वह न केवल अपने वर्ग, अपितु सबके दिल में जगह बना लेता है। तब वह किसी वर्ग विशेष के दायरे से काफी ऊपर उठकर जननेता बन जाता है। दीपक की कर्मठता में आशा की यही किरण फूटती दिखाई पड़ रही है। जहां तक बस्तर की कांग्रेसी राजनीति की बात है तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुजरे जमाने के आदिवासी दिग्गज अरविंद नेताम को यह पैगाम दे चुके हैं कि अब वक्त दीपक का है। जाहिर है कि दीपक ने यह भरोसा हासिल किया है तो इसके पीछे उनके साथ बस्तर की जनशक्ति का हाथ है। कांग्रेस नेतृत्व के लिए यह विचार करना बेहतर हो सकता है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के हक की आवाज संसद में उठाने तत्पर रहने वाले युवा सांसद दीपक बैज की ऊर्जा और राजनीतिक ऊष्मा का पार्टी हित में उपयोग किया जाए। पार्टी में केंद्र और राज्य के राजनीतिक संतुलन के लिहाज से देखा जाए तो केंद्र की राजनीति में छत्तीसगढ़ के ध्वज वाहक के तौर पर भूपेश बघेल को एक ऐसे भरोसेमंद सहयोगी की जरूरत है जो उनकी मंशा के मुताबिक केन्द्र में छत्तीसगढ़ के हित में संघर्ष कर सके, तो इस मामले में दीपक बैज का कोई विकल्प दूर दूर तक नहीं है।

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जब साँसद ने बीच सड़क पर गाड़ी रोक पुलिया निर्माण के एक्सन प्लान पर की अधिकारियों से चर्चा..

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साँसद दीपक बैज आज धमतरी के नजदीक नेशनल हाइवे पर अपनी गाड़ी रोक पी. डब्ल्यू. डी. ब्रिज के अधिकारी ए. सी. एवं सी. ई. से पुलिया निर्माण के एक्सन प्लान पर की चर्चा…

ज्ञात हो कि विकासखंड लोहंडीगुड़ा के घाटी नीचे बसे गांव सतसपुर से चंदेला को जोड़ने वाली इंद्रावती नदी पर 650 मीटर लंबी लगभग 25 करोड़ रुपये के लागत से बनने वाले पुलिया के एक्सन प्लान पर बीच सड़क नेशनल हाईवे पर बस्तर साँसद दीपक बैज ने धमतरी के नजदीक पी डब्ल्यू डी ब्रिज के अधिकारियों से चर्चा की।

ज्ञात हो कि लगभग 15 साल से ग्रामीणों ने की थी इस पुलिया की माँग। बस्तर साँसद दीपक बैज विधायक रहते हुए इस पुल के लिए राज्य सरकार से लगातार मांग करते रहे और आज बस्तर साँसद दीपक बैज की अनुसंसा से इस पुलिया की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसका आज रायपुर जाते वक्त नेशनल हाईवे में सड़क किनारे गाड़ी रोक कर उक्त ब्रिज निर्माण मुआयना के लिए जा रहे अधिकारियों से ब्रिज के एक्सन प्लान में चर्चा हुई साथ ही इस पुलिया के लिए साँसद दीपक बैज ने मा0 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी व पी डब्ल्यू डी मंत्री ताम्रध्वज साहु जी का आभार माना…

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रेत माफिया नदियों के सीना चिरने में जुटे तो अफसर दफ्तरों में दुबके

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खनिज विभाग के संरक्षण में सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में रेत का अवैध उत्खनन

प्रभारी के भरोसे खनिज विभाग

जगदलपुर – खनिज विभाग से मिले संरक्षण में रेत माफिया नदियों का सीना चिरने मे लगे है तो वहीं विभाग के अफसर ऐसे माफियों पर कार्रवाई करने के बजाये दफ्तरों में दुबके है। सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में शबरी नदी तो बीजापुर जिले के इंद्रावती एवं मिंगाचलम तो दंतेवाड़ा में भी कई स्थानों पर रेत का अवैध उत्खनन कर जगह-जगह भंडार कर सीमावर्ती राज्य आंध्रप्रदेश तेलंगना एवं महाराष्ट्र रेत की सप्लाई की जा रही है। शासन को मिलने वाली रायल्टी राशि खनिज विभाग के अधिकारी के जेब में पहुंच रहा है। एक अधिकारी को तीन जिले का प्रभार। ज्ञातव्य हो कि दक्षिण बस्तर के बीजापुर सुकमा एवं दंतेवाड़ा जिले में रेत का अवैध उत्खनन कर जगह-जगह डम्प कर सीमावर्ती राज्यों में भेजा जा रहा है।

रेत का अवैध भंडारणः

सुकमा जिले के कोन्टा क्षेत्र में शबरी नदी से रेत का अवैध उत्खननन कर जगहजगह डम्प किया गया है। कोंटा विकासखंड के चिकलगुड़ा में रेत उत्खनन की अनुमति दी गई है इसके एवज में फंदीगुड़ा,ढोढरा, कोंटा के पुरानी बस्ती में कई स्थानों में रेत का अवैध भंडारण कर अवैध रूप में आंध्रप्रदेश एवं तेलंगना भेजा जा रहा है। खनिज विभाग के अधिकारी को भी इसकी जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई करने को लेकर पंगु बना हुआ है। रेत माफिया यह कहा करते है कि हमें किसी का डर नहीं क्योंकि खनिज विभाग को भी इसका प्रसाद दिया जाता है। पूर्व में रेत डम्प मामले में कार्रवाई को लेकर महज खानापूर्ति मात्र किया गया था।

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बीजापुर में रेत माफिया सक्रियः

बीजापुर जिले में भी इंद्रावती नदी से तिमेड़ पुल के समीप तो मिंगाचलम नदी में नैमेड़ के समीप रेत का अवैध उत्खनन कर तिमेड़ एवं नैमेड़ के आसपास भारी मात्रा में रेत डम्प कर रखा गया है जिसे सीमावर्ती राज्य महाराष्ट्र एवं आंध्रप्रदेश भेजा जाता है। दंतेवाड़ा जिले में भी बालूद, समलुर, गमडा, छिंदनार में अवैध उत्खनन कर जगह-जगह रेत का भंडार किया गया है। खनिज विभाग को इसकी जानकारी होने के बाद भी अनदेखी की जाती है।

भंडारण के लिए अनुमति अनिवार्यः

जानकारी के अनुसार शासन के द्वारा रेत उत्खनन कर भंडारण के लिए खनिज विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसके लिए कई प्रक्रिया से गुजाना पड़ता है। रेत खदान निगम क्षेत्र में है तो निगम से पंचायत क्षेत्र में है तो संबंधित पंचायत से एनओसी लेना अनिवार्य होता है किसी निजी व्यक्ति के जमीन पर डम्प किया जा रहा है तो उक्त व्यक्ति की अनुमति अनिवार्य होती है। इन सारी प्रक्रिया का पालन करने के बाद खनिज विभाग से रेत भंडारण की अनुमति देने का प्रावधान है लेकिन अधिकांश जगहों पर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। खनिज विभाग के संरक्षण में ही अवैध उत्खनन एवं भंडारण का कार्य दक्षिण बस्तर में जारी है।

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रायल्टी राशि की बंदरबाटः

शासन को जितनी रायल्टी मिलनी चाहिए वह खनिज विभाग के उदासिनता के कारण नहीं मिल पा रही है। शासन को मिलने वाली रायल्टी का कुछ हिस्सा विभाग के अधिकारी के जेब तक पहुंच रहा है जिसका भरपूर फायदा रेत माफिया उठा रहे है।

एक अधिकारी को तीन जिले का प्रभारः

दक्षिण बस्तर के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में एक ही अधिकारी को तीनों जिलों का प्रभार सौंप दिया गया है जिसके कारण रेत माफियाओं की बल्ले-बल्ले है। अधिकारी आये दिन मीटिंग में व्यस्ततता का हवाला देकर अवैध उत्खनन पर नकेल कसने में असमर्थता जाहिर की है।

अवैध उत्खनन की जानकारी नहीं

खनिज अधिकारी दंतेवाड़ा योगेश सिंह से जब रेत एवं मुरूम के अवैध उत्खनन की जानकारी चाही गई तो साहब गोल-मोल जवाब देते हुए जानकारी उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया और कहा कि अवैध उत्खनन को देखु की मीटिंग में उपस्थित होऊ क्योंकि बीजापुर एवं सुकमा जिले का भी प्रभारी हूं।

अवैध उत्खनन मामले में कलेक्टर को देना होगा जवाब:

कमिश्नर बस्तर कनिशर जीआर चुरेन्द्र ने बताया कि सभी जिलों के कलेक्टर को निर्देशित कर रेत के अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किये जाएंगे। जिस जिले में भी रेत एवं मुरूम का अवैध उत्खनन पाये जाने पर खनिज विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित जिले के कलेक्टर से जवाब मांगा जायेगा।

अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा की शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल

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पढ़ना लिखना अभियान का किया वार्ड क्रमांक 11 में शुभारंभ निरक्षर नागरिक होंगे साक्षर कोविड-19 के चलते शालाओं में मोहल्ला क्लास संचालन करने के लिए छात्र छात्राओं को प्रदान किए गए कार्य पर ग्रीन मैट जहां पेड़ के नीचे छांव में बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे बच्चे इस दिशा में पहल किए गए। शासकीय बालक प्राथमिक शाला, शासकीय प्राइमरी इंग्लिश मीडियम एवं शासकीय मिडिल इंग्लिश मीडियम स्कूल के संस्था प्रमुखों द्वारा छात्र हित को ध्यान में रखते हुए और मोहल्ला क्लास के संचालन हेतु कारपेट की मांग की गई थी इस पर पहल करते हुए साहू जी ने तीनों स्कूलों को 4 नग कारपेट प्रदान किए इससे बच्चों को किसी भी खुले जगह में बैठकर पढ़ाई करने में किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसलिए तीनों संस्था को कारपेट प्रदान किए गए |

इस कार्यक्रम के दौरान संस्था प्रमुख छगन बंसोर एवं बीसेलाल सिन्हा, शिक्षक विजय वैदे, जागृति तिवारी, खिलेश्वरी साहू, मिलिंद नागदेवे, खिलेश्वर गंजीर, राधामनी नायर, पार्वती प्रसाद, शिल्पा पूसतकर, शीतल झंवर, प्रसाद मैडम उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा का आभार व्यक्त किया इस कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष विद्या शर्मा वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद ममता शर्मा वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद अनीता साहू वार्ड क्रमांक 9 के पार्षद घोषणा वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद जसोदा भू आर्य और नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोपी साहू और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष विकास जैन उपस्थित रहे इन सभी जनप्रतिनिधियों के सानिध्य में कारपेट प्रदान किया गया। आगे साहू जी ने कहा की वार्ड क्रमांक 11 में निरक्षर नागरिक पढ़ना लिखना शासन के योजना के तहत साक्षर बनेंगे इस दिशा में पहल करते हुए साहू जी ने विजय वैदे के मार्गदर्शन पर कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है उसके लिए विजय वैद्य जी को शुभकामनाएं दी और आम नागरिकों को जो पढ़े लिखे नहीं हैं उसे अंबेडकर भवन में आकर साक्षर होने के लिए अपील की गई और अध्यक्ष द्वारा निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने के लिए पेन कॉपी एवं शिक्षा से संबंधित अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की बात कही गई।

इस कार्यक्रम में वार्ड 15 के पार्षद अनीता साहू और वार्ड के गणमान्य नागरिक गण उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया इसी तरह नगर के सभी वार्डों में पढ़ना लिखना अभियान की शुरुआत की गई है पूरे नगर के निरक्षर नागरिक साक्षर बन सकेंगे। पढ़ना लिखना शासन की महत्वपूर्ण योजना का नगर वासियों से अधिक से अधिक योजना का लाभ लेने के लिए नगर पंचायत द्वारा अपील की गई।

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ग्राम मोरठ पाल से गुजरने वाली एक छोटी नदी में एक मगरमच्छ देखा गया

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ग्राम मोरठ पाल से गुजरने वाली एक छोटी नदी में एक मगर मच्छ है। करीब 5 फिट का है।

वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई
इस इलाके में पहलीबार इंद्रावती नदी से होकर मगरमच्छ आये है। धन रोपा करने आये ग्रामीणों ने देखा।

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’’धर्मान्तरण पर शासन-प्रशासन का परस्पर विरोधी बयान अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक-नेताम’’, ’’केन्द्रीय गृह मंत्री से हस्तक्षेप की मॉंग’’

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रायपुर/छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सुकमा सहित अन्य क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ सरकार के संरक्षण में हो रहे धर्मान्तरण पर राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने चिंता जाहिर की है। उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में आदिवासियों के धर्मान्तरण होने पर पुलिस अधीक्षक की स्वीकारोक्ति एवं सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों के परस्पर विरोधी बयानों को अत्यंत गंभीर व चिन्ताजनक बताया है।

इस पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस संबंध में आज ही पत्र लिखकर अवगत कराते हुए केन्द्र सरकार से हस्तक्षेप की मॉंग की है । नेताम ने आगे कहा है कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में हो रहे धर्मान्तरण में प्रदेश सरकार का संरक्षण और संलिप्तता स्पष्ट है । यह स्थिति केवल सुकमा जिले में ही नहीं है, कमोबेश यही स्थिति पूरे प्रदेश में है । प्रदेश सरकार के मंत्रियों द्वारा धर्मान्तरण के पक्ष में बयान देकर आदिवासियों की मूल संस्कृति, अस्तित्व एवं अस्मिता को नष्ट करने का कुत्सित प्रयास़ किया जा रहा है। इस पर आने वाले समय में आदिवासी समाज एकजुट होकर करारा जवाब देगी।

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रेड क्रॉस सोसाइटी के पहल पर वृहद रक्तदान शिविर, 38 रक्त दाताओ ने किया रक्तदान…

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बस्तर कलेक्टर रजत बंसल के प्रयास से विभिन्न ग्रामीण अंचल में चलाए जा रहे रक्तदान शिविर के जरिए जरूरतमंद मरीजों को रक्त मुहैया हो रहा है, रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष व कलेक्टर के मार्गदर्शन व बस्तर एसडीएम गोकुल रावटे के निर्देशन पर शुक्रवार को बस्तर ब्लॉक के भानपुरी पंडित नेहरू बालक छात्रावास में आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और 38 रक्त दाताओ ने दिया रक्त..रक्त दाताओं को प्रेरित करने नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप, जिला पंचायत बस्तर अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, जनपद अध्यक्ष टिकेश्वरी मंडावी, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान,भूषण गुप्ता, सरपंच संतोष बघेल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर किया इलाके के एसडीएम गोकुल रावटे एबीईओ सुशील तिवारी भी मौके पर मौजूद थे |

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प्रमाण पत्र देकर किया सम्मान..

रेड क्रॉस सोसायटी के जिला उपाध्यक्ष एलेकजेंडर चेरियन के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज से रेड क्रॉस की टीम पहुंची थी इस दौरान रक्तदान करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम के दौरान , श्याम सुंदर पांडे, श्याम दिवान, अंचल बाजपेयी, समीर मिश्रा, किरण सेठिया, कमलेश दीवान, अंकितपारख,आर सी वर्मा, असगर खान, संतोष बघेल, संजय तिवारी श्रीनिवास तिवारी,गंगूराम कुर्रे, सहित मेडिकल टीम से डॉ राजकिशोर नायक, शोभा कांबले, रुचिका राय, स्मृता स्वामी, लक्ष्मी सिन्हा सहित रक्तदान महादान शिविर में युवोदय वालिंटियारो की महत्वपूर्ण भूमिका योगदान रहा |

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लंबित महँगाई भत्ता को लेकर 19 जुलाई को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर जिला बस्तर के माध्यम से सौपा जाएगा ज्ञापन, छ ग प्रदेश सँयुक्त शिक्षक संघ के बैनर तले

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छतीसगढ़ प्रदेश सँयुक्त शिक्षक संघ जिला बस्तर के द्वारा संघ के प्रांतीय आह्वान पर 19 जुलाई को संघ की प्रमुख माँग ( 20 जुलाई 2021 को राज्य सरकार के कैबिनेट की बैठक के पूर्व) राज्य के शिक्षक, कर्मचारियों के जुलाई 2019 से लंबित महँगाई भत्ता को एरियर्स सहित , केन्द्र के समान 28% महँगाई भत्ता प्रदान करने के उद्देश्य से कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री , मुख्य सचिव छतीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन कलेक्टर बस्तर जिला को सौपा जाएगा। संघ के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए उक्त प्रक्रिया में प्रांतीय,जिला,पदाधिकारी,सहित सभी ब्लॉक अध्यक्ष समल्लित होंगे, शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि प्रदेश के यसस्वी मुख्यमंत्री निरन्तर कर्मचारियों के हित मे निर्णय ले रहे हैं जिसका संग स्वागत करता है। शिक्षको सहित कर्मचारियों के द्वारा निरन्तर कोरोना काल मे भी विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। जिन्हें देखते हुए हम आस्वस्थ है कि हमारी इस हक की माँग पर सहानभूति पूर्वक विचार कर पूर्ण करेंगे।

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हिंदुस्तान धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, यहां धर्म परिवर्तन कानूनी प्रक्रिया है तब क़ानून का पालन किए बगैर धर्मपरिवर्तन करने – कराने वालों पर कार्यवाही क्यों नही? – शिवसेना

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जगदलपुर / शिवसेना । छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में धर्मपरिवर्तन के विषय पर शिवसेना के ज़िला अध्यक्ष अरुण पाण्डेय् अपने शोसल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सवाल उठाते रहें हैं। बीते दिनों समाचार पत्र में सुकमा पुलिस अधीक्षक के एक पत्र अनुसार समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मामले पर ईसाई फोरम द्वारा दिये बयान को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया जिसमें उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक के कार्यवाही को ग़लत भी बताया जा रहा है। देशभर में हिंदुत्व का झंडा बुलंद करने वाली शिवसेना ने अब इस विषय पर प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा हैकि हिंदुस्तान तो धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और यहां धर्म परिवर्तन एक कानूनी प्रक्रिया है तब क़ानून का पालन किए बगैर ही जो लोग वर्षों से बस्तर अंचल में धर्मपरिवर्तन कर चुके हैं या जिसके माध्यम से यह कार्य करवाया जा रहा है ऐसे तमाम लोगों की पहचान करके उनपर अब तक कार्यवाही क्यों नही की गई?

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शिवसेना के जिलाध्यक्ष अरुण पाण्डेय् ने बताया कि संवैधानिक नियमानुसार धर्म परिवर्तन करने के लिए ऐसा करने वाले को एक शपथ पत्र बनाना होता है। जब कोई व्यक्ति धर्म बदलने का फैसला करता है, तो प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा भी करना होता है ताकि नया धर्म अपनाने वाले व्यक्ति का देश भर में सभी स्वीकृत सरकारी परिचय पत्र में परिलक्षित हो। ऐसा करने के लिए, धर्म परिवर्तन शपथ पत्र को अनिवार्य रूप से तैयार करना होगा। शपथ पत्र एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें नाम, नया धर्म, पुराना धर्म और पता जैसे विवरण शामिल हैं। इसे स्टांप पेपर पर बनाया जाना चाहिए और नोटरी पब्लिक द्वारा नोटरी किया जाना होता है। ऐसे व्यक्ति को किसी प्रचलित राष्ट्रीय या क्षेत्रीय समाचार पत्र में विज्ञापन देना होता है, यह भी सुनिश्चित किया जाता हैकि उस व्यक्ति के धर्म परिवर्तन करने पर कोई सार्वजनिक आपत्ति तो नहीं है और यह किसी भी कपटपूर्ण या अवैध कारणों से नहीं किया जा रहा है।

ऐसे विज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा होता हैकि उस व्यक्ति द्वारा अपना धर्म बदला जा रहा है और किसी भी भविष्य के संदर्भ के लिए विज्ञापन की एक प्रति को सहेजना भी आवश्यक है। अंतिम चरण राष्ट्रीय राजपत्र में अधिसूचना है, जो भारत सरकार के केंद्र द्वारा प्रकाशित एक ऑनलाइन रिकॉर्ड है। सभी सरकारी आईडी में भी धर्म परिवर्तन होना आवश्यक है।

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शिवसेना के जिलाध्यक्ष का कहना हैकि वैसे तो बस्तर अंचल में धर्मपरिवर्तन पृथक राज्य निर्माण के बाद ही किसी विशेष मदद के कारण पैर पसारना आरंभ कर चुका था, और तब किसी ने इसका विरोध भी नही किया लेकिन अब धीरे धीरे यह मिशनरियों द्वारा बढ़ाया जाने लगा है, इस बात से कोई गुरेज नही कर सकता है। मिशनरियों को बस्तर की भूमि पर किसने लीज़ दिया और वह दी गई लीज़ कैसे कब और किसने आगे बढ़ाई ऐसे तमाम विषयों सहित अब तो बस्तर अंचल के प्रत्येक देवालयों में प्रार्थना के लिए पहुंचने वालों की भी जांच करनी ही चाहिए कि वे मूलतः उसी धर्म के हैं या संविधान अनुसार बताएं गए विधि से धर्म परिवर्तन करके यहां आते जाते हैं..? बस्तर के आदिवासियों में जिन्होंने संवैधानिक तरीक़े से धर्म परिवर्तन किया हो उन्हें संरक्षण भी क़ानून दें लेकिन ऐसे आदिवासी जिन्होंने क़ानून के बताएं नियमों के विरुद्ध धर्म परिवर्तन किया है ऐसे लोगों पर तथा इस कार्य के लिए प्रेरित करने वाले पर क़ानूनी कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करना चाहिए। बस्तर अंचल के माननीय संभाग आयुक्त महोदय जी से प्रत्येक ज़िला अनुसार सीस धर्म से किस किस धर्म में परिवर्तन आज़ादी के बाद से व मुख्यरूप से पृथक राज्य निर्माण पश्चात हुए हैं, इसकी जनाकरी को इस समय सार्वजनिक करके अंचल में इनकी संख्या से आम लोगों को अवगत कराना चाहिए ऐसा भी शिवसेना की मांग है।

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