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छेरछेरा पुन्नी का त्यौहार हमारे पूर्वजों की विशेष पहचान यह छत्तीसगढ़ परंपरा की धरोहर इसे सहेज कर कायम रखना हम सब की जिम्मेदारी – लोकेश्वरी गोपी साहू

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डौंडीलोहारा – छेरछेरा पुन्नी का त्यौहार हमारे पूर्वजों की विशेष पहचान यह छत्तीसगढ़ परंपरा की धरोहर इसे सहेज कर कायम रखना हम सब की जिम्मेदारी लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा ने आम जनता को को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के मुख्या माननीय भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे छत्तीसगढ़ में लुप्त हो रही छत्तीसगढ़िया खेल सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़िया खेल का आयोजन कराया और छत्तीसगढ़ के बेटियों के लिए तीजा पोरा के त्यौहार में अवकाश घोषित किए वह मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक परंपरा जो लुप्त हो रही है उसे लाकर छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाई इसी के अनुरूप आज छेरछेरा पुन्नी त्यौहार को सहेजने के लिए हम आम नागरिकों के बीच निकल कर इसे बरकरार रखने की अपील करते हैं|


आज छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया माननीय भूपेश बघेल जी के पूर्व निर्देशानुसार और कैबिनेट के मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया के मार्गदर्शन में छेरछेरा पुन्नी के त्यौहार जो की हमारे पूर्वजों की अनूठी परंपरा जो लुप्त हो रही है उसे सहज कर बरकरार रखने की लिए आज नगर पंचायत डौंडीलोहारा की अध्यक्ष श्रीमती लोकेश्वरी गोपी साहू और नगर पंचायत के पार्षद झुमुक लाल कोसमा शोभा राजपूत अनीता साहू दशोदा भुआर्य शोहदरा देवांगन नगर पंचायत कर्मी राजेश यादव शुकालू भैया दुर्जन पटेल की उपस्थिति में डौंडीलोहारा नगर भ्रमण करते हुए 50 वर्षों से चली आ रहे पुरानी सांस्कृतिक परंपरा छेरछेरा पुन्नी त्यौहार जो लुप्त हो रही है उसे बरकरार रखते हुए आम जनता को संदेश देने का प्रयास जनमानस से की गई और नगर पंचायत के अध्यक्ष पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि घर घर दुकान दुकान जाकर छेरछेरा पुन्नी का त्यौहार को बरकरार रखने के लिए प्रेरित करते हुए आम नागरिकों से अपने अपने अपने स्वेच्छा अनुरूप दान करने की अपील की गई और छेरछेरा पुन्नी त्यौहार को सहेज कर रखने के लिए प्रेरित की गई फिर नगर के आम नागरिक और व्यापारी बंधुओं ने शिक्षण रूप खुश होकर नगर पंचायत अध्यक्ष और सभी जनप्रतिनिधियों के टोकरी में स्वस्फूर्त दान करते चले गए और छेरछेरा पुन्नी के त्यौहार को बरकरार रखने का प्रयास समस्त नागरिकों द्वारा की गई जिसमें विशेष रूप से मंत्री प्रतिनिधि माननीय अनिल


लोढ़ा प्यारे निषाद दिलीप गुजराती मिश्री लाल लोढा इकबाल अरोरा नरेंद्र यादव नरेंद्र भंसाली दिनेश कुमार लोढा जय सिन्हा आसकरण जैन दीपक बरतिया रविंद्र सेन राजाराम निषाद महामाया कृषि केंद्र दिलीप यादव सुशील लोढ़ा पदम संचेती सुरेंद्र राजपूत दूध गंगा के संचालक प्रकाश शर्मा सुरेश कुमार लोढा सावंत गुप्ता संतोष यादव पवन देवांगन जय लाल मालेकर नरेंद्र जैन विद्या शर्मा माया ठाकुर संजय गुप्ता कोमल मालेकर शैलेश ओटवानी जैसे तमाम सम्मानित जनप्रतिनिधि व्यापारी बंधुओं ने नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों को छेरछेरा पुन्नी के अवसर पर दान देकर पहल करते हुए छेरछेरा पुन्नी त्यौहार को बरकरार रखने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष सभी पार्षद साथियों को सहयोग प्रदान किए |

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ग्राम धोबनी (अ) में क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्धघाटन मुख्य अतिथि मिथलेश निरोटी ने बैटिंग कर खेल का किया शुभारंभ

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कुसुमकसा –ग्राम धोबनी (अ) में आयोजित टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्धघाटन मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद के मुख्य अतिथि व बिरबल तारम सरपंच धोबनी (अ) की अध्यक्षता व छगनलाल ,रायसिंह,बहुर सिंह, तुलसि राम, के विशेष अतिथि में किया गया ,मिथलेश निरोटी सहित अतिथियों ने खेल मैदान में पूजा अर्चना व फीता काटकर कर क्रिकेट प्रतियोगिता का उदघाटन किया इस दरम्यान मुख्य अतिथि ने बैटिंग कर खेल का शुभारंभ किया

मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ने मुख्य अतिथि की आसंदी से सभी खिलाड़ियों को संबोधित कर। खेल प्रतियोगिताओं द्वारा मनुष्य की अद्भुत शारिरीक क्षमता का उच्च प्रदर्शन देखने को मिलता है7 टीम तभी विजेता बनती है जब टीम का प्रत्येक खिलाड़ी अपनी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिभा का खेल दिखाता है। सभी कहि किसी भी खेल में हमें हार जीत की परवाह ना करते हुए खेल को खेल भावना और शांति तरीके से खेलेने की अपील की इस अवसर पर टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजक समिति के अनिल कोवाची, अनिल निषाद, मनोज ,सिमेश ,जनक , पुराणिक,प्रमोद,लोकेश ,महेन्द्र, सहित सभी सदस्यगण व ग्रामीणजन उपस्थित थे आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता में प्रथम ईनाम 10,000 स्व. जग्गु राम निरोटी और स्व.धनाय बाई निरोटी के स्मृति में प्रदान किया गया है दिव्तीय ईनाम 6000 और तृतीय ईनाम 4000 रखा गया है ।

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धूमधाम से मनाई गई मां शाकंभरी देवी की जयंती

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  • जगदलपुर में मरार समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
  • कांग्रेस कार्यालय में राजीव शर्मा व अन्य कांग्रेसियों ने शाकंभरी देवी की पूजाअर्चना की

जगदलपुर मरार समाज के लोगों ने अपनी आराध्य देवी शाकंभरी माता की जयंती धूमधाम से मनाई। इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों ने कोसरिया मरार समाज द्वारा निकाली गई मां शाकंभरी देवी की शोभायात्रा का स्वागत अभिनंदन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव शर्मा व महापौर सफीरा साहू ने मरार समाज के लोगों को मां शाकंभरी देवी की जयंती की शुभकामनाएं दी।

बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा कोसरिया मरार (पटेल, माली) समाज द्वारा आयोजित जयंती समारोह के अवसर पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में जिला, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, सेवादल, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई सहित अन्य मोर्चा/प्रकोष्ठ व विभागों के अध्यक्ष व पदाधिकारियों आईटीसेल व समन्वय समिति के सदस्यों तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति मे मरार समाज की मां शाकम्भरी देवी शोभायात्रा का राजीव भवन में दर्शन कर भव्य स्वागत किया और यात्रा में शामिल समाज के महिला, पुरुष व बच्चो को शुभकामनाएं दी। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राजीव शर्मा ने कहा कि मां शाकम्भरी देवी की अनुकंपा से हम फलफूल रहे हैं। उनकी असीम कृपा से ही हमारी पहचान है। हम आप सभी को कुंठित मानसिकता से बाहर निकलकर सामाजिकता की भावना के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित करने का अनवरत प्रयास करते हुए एकता का प्रदर्शन करना चाहिए। भारत ही विश्व का एकमात्र ऐसा देश है, जहां युगों युगों से सभी धर्म, जाति व समुदायों के लोग एक छत के नीचे आपसी भाईचारा के साथ रहते आ रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर सफीरा साहू, सतपाल शर्मा, यशवर्धन राव, अनवर खान, दिनेश सिंह, सुशीला बघेल, सुनीता सिंह, बी ललिता राव, राजेश राय, शुभम यदु, कमलेश पाठक, सुशीला बघेल, लता निषाद, शहनाज़ बेगम, सुखराम नाग, कोमल सेना, कौशल नागवंशी, एस दंतेश्वर राव, योगेश पाणिग्रही, बटोही शर्मा, जावेद खान, अब्दुल रशीद,माधुरी शर्मा, नेहा ध्रुव, दयाराम नाग, जोहन सुता, सुभाष गुलाटी, अंकित सिंह, अंफ़ाज़, महेश ठाकुर, अरूपानंद, अशोक मंडावी, पापिया गाईन, मोईन अख्तर, राजकुमार सेठिया, बोटी नाग, सुखमन कश्यप, अजय बिसाई, विशाल खंभारी, आदर्श नायक, मानसिंह ठाकुर, नरेंद्र तिवारी, छबिश्याम तिवारी, किरण गुप्ता, विक्की नायडू, तरनजीत सिंह, रोशन राज गौरव, आयंगर सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेसी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

धर्मांतरित लोगों द्वारा हिंदू आदिवासियों पर हमला निंदनीय, धर्मपरिवर्तन के खेल पर तत्काल प्रतिबंध लगाए सरकार -शिवसेना

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छत्तीसगढ़ बीते दिनों बस्तर अंचल के नारायणपुर ज़िला में धर्मांतरित लोगों द्वारा क्षेत्र के आदिवासियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई। जिसके बाद गुस्साए आदिवासियों ने स्थानीय चर्च में घुसकर तोड़फोड़ किया, जैसा समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है। छत्तीसगढ़ राज्य में धर्मांतरण का खेल कई दशकों से लगातार जारी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों राष्ट्रीय दलों द्वारा ईसाई और हिंदू दोनों समाज़ को ख़ुश करने की राजनीति के चलते आज यह द्वंद की स्तिथि उत्पन हो गई है।शिवसेना बकावंड ब्लाक अध्यक्ष टिकेंद्र उके ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुये बताया कि जिस समय धर्म परिवर्तन का खेल आरंभ हुआ ठीक उसी समय अगर रोक गया होता तब स्तिथि भिन्न होती। आज मिशनरियों द्वारा ग़रीब तबके के भोले भाले लोगों को उपचार और अन्य लालच से धर्मांतरित करवाया जा रहा है। सरगुजा और बस्तर जैसे आदिवासी बहुत क्षेत्रों में आज लगभग आधी जनसंख्या बिना सरकारी नियमों को माने धर्मांतरित हो चुकी है। ये धर्मांतरित लोग अन्य लोगों को हिंदू देवी देवताओं की पूजा ना करने मंदिर ना जाने यहां तक कि प्रसाद ग्रहण करने से भी रोकते हैं। अब बस्तर जैसे क्षेत्र में धर्मांतरित लोगों की संख्या बढ़ने के कारण अब वे उन्माद की स्तिथि में हैं और लगातार हिंदुओं पर आक्रमण करने से भी पीछे नही हट रहे हैं।समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ हैकि नारायणपुर में धर्मांतरित लोगों द्वारा पुलिस अधीक्षक पर भी प्राणघातक हमला किया गया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया गया उनके सिर पर टांके लगाने पड़े हैं। इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना द्वारा राज्य व केंद्र की सरकार को तत्काल संवैधानिक शक्ति का प्रयोग करते हुए धर्मांतरण के खेल पर प्रतिबंध लगाने तथा धर्मांतरित लोगों को सामान्य वर्ग घोषित करने की मांग की गई है।

महामाया माइंस से निकलने वाले लाल पानी से प्रभावित किसान को नहीं मिल रहा उनका हक

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जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में दिनाँक 15/12/2022 से क्रमिक भूख हड़ताल के रूप शान्ति पूर्ण तरीके से अपना विरोध करते आ रहे है, लेकिन स्थानित BSP प्रबन्धन द्वारा 21वे दिन तक कोई भी सकारात्मक पहल तो बात की बात अभी तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी पूछने भी नही आया जब कि जिला कलेक्टर बालोद के आदेशानुसार सभी 42 किसानों जो महामाया माइंस से निकलने वाले लाल पानी से प्रभावित है, उनको BSP के अंतर्गत जून 2020 तक स्थाई काम देने का मौखिक व लिखित आदेश दिया गया है, उसके बावजूद स्थानित BSP द्वारा जिला कलेक्टर के आदेश का उलंघन कर अभी तक किसी भी लाल पानी प्रभावित किसान को स्थाई काम नही दिया गया है।

यह कितनी बड़ी विडम्बना है कि जिला कलेक्टर के आदेश का पालन कराने के लिए जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ को आंदोलन करना पड़ रहा है। लाल पानी से प्रभावित किसानों की आंदोलन को दिनाँक 05/01/2023 को 22वे दिन BSP प्रबंधन द्वारा कोई भी सकारात्मक पहल नही होने के करण शान्ति पूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन अपना उग्र रूप लेते हुए आज दल्ली राजहरा के माइंस ऑफिस के पास हजारो की संख्या ने जन मुक्ति मोर्चा के साथी धरने पर बैठ गए और महामाया (नलकसा) पर क्रमिक भूख हड़ताल के रूप में विरोध दर्ज कर रहे और आज साम तक कोई भी निर्णय नही होने के कारण सभी आंदोलनकारी धरना स्थल दल्ली राजहरा के माइंस ऑफिस गेट के सामने पंडाल लगा कर यही खाना -पीना, सोना बैठना करते हुए शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षक करने की कोशिश कर रहे है ।

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बंसल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, देवेंद्र नगर रायपुर में भी आयकर की दबिश हुई है

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रायपुर और दुर्ग भिलाई समेत कई जिलो में आयकर विभाग की दबिश बिल्डर, ट्रासपोर्टर्स समेत सप्लायर के ठिकानो पर दबिश रायपुर में आर.के.रोड़वेज,स्वास्तिक ग्रुप और दुर्ग भिलाई में सप्लायर,फाइनेंस कारोबारी कमलेश वैध पर आयकर की टीमों ने दी दबिश करीब 50 से ज्यादा आयकर अधिकारी और 70 सुरक्षाकर्मियो ने करीब 20 ठिकानो पर दी दबिश

एसडीएम ने संयुक्त कलेक्टर के आदेश को उलझाया दांवपेंच में

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  • सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी देने में हिलहवाला
  • संयुक्त कलेक्टर ने कार्रवाई से अवगत कराने भी कहा था


बकावंड प्रशासन के चंद नुमाइंदों ने फर्जीवाड़ा कर एक आदिवासी युवक के हक की नौकरी दूसरे राज्य के मूल निवासी युवक को दिला दी, अब वही अधिकारी सूचना के अधिकार अधिनियम का मखौल उड़ाते हुए आदिवासी युवक को परेशान करने पर आमादा हो गए हैं। वहीं ये अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश को भी दांवपेंच में उलझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस मामले में एसडीएम ने संयुक्त कलेक्टर के आदेश को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
मामला बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा का है। इस गांव के भतरा आदिवासी युवक मानसिंह को इंसाफ पाने के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। मानसिंह का आरोप है कि ओड़िशा से आकर छोटे देवड़ा में कुछ सालों से रह रहे कथित गैर आदिवासी युवक कमलोचन पिता पाकलू ने मानसिंह के नाना पक्ष की फर्जी वंशावली पेश कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया और इसी जाति प्रमाण पत्र के जरिए बस्तर फाइटर की नौकरी भी हथिया ली। मानसिंह अपने आरोप के पक्ष में अनेक सबूत सामने ला चुका है। ग्राम पंचायत ने भी कमलोचन द्वारा पेश वंशावली को फर्जी करार दे दिया है, बावजूद मानसिंह को इंसाफ दिलाने के बजाय उसकी राह में लगातार कांटे ही बिछाए जा रहे हैं। कमलोचन को एक बार नहीं, बल्कि दो बार जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। दूसरी बार जाति प्रमाण पत्र तब जारी किया गया, जब इस प्रकरण की जांच चल रही थी। जाति प्रमाण पत्र बकावंड के उसी एसडीएम ने जारी किया, जो मामले के जांच अधिकारी रहे हैं और सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में हिलाहवाला करने वाले अधिकारी भी वही एसडीएम ही हैं।
ओड़िशा के मूल निवासी युवक कमलोचन को भतरा आदिवासी जाति प्रमाण पत्र जारी करने और उसी जाति प्रमाण पत्र के जरिए बस्तर फाइटर में नौकरी पाने के मामले में न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे असली भतरा आदिवासी मानसिंह ने संयुक्त कलेक्टर बस्तर को आवेदन देकर सूचना के अधिकार के तहत कमलोचन के नाम पर जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र और इस हेतु कमलोचन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रतियां उसे उपलब्ध कराई जाएं। संयुक्त कलेक्टर ने मानसिंह का आवेदन एसडीएम बकावंड ओपी वर्मा के पास प्रेषित कर एसडीएम को निर्देशित किया था कि मानसिंह को वांछित जानकारियां तय समय सीमा में उपलब्ध कराई जाएं और की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाए।

इस तरह किया गया है फर्जीवाड़ा
बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा निवासी भतरा अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवक मानसिंह भतरा ने शिकायत की थी कि उसके गांव में आकर कुछ सालों से रह रहे ओड़िशा के युवक कमलोचन ने अपने पिता पाकलू और दादा दिशा को छोटे देवड़ा निवासी भतरा आदिवासी और खुद को सोमारु भतरा का पुत्र बताते हुए फर्जी वंशावली के जरिए पटवारी से मिसल रिपोर्ट एवं उसके आधार पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर बस्तर फाइटर में नौकरी हथिया ली है। मानसिंह, सोमारु भतरा की बेटी घासनी का पुत्र है। सोमारु का एकमात्र पुत्र था, जिसका नाम सुखराम था। कमलोचन नाम का कोई बेटा सोमारु का नहीं है। मानसिंह की शिकायत पर जिला प्रशासन ने जांच शुरू कराई। जांच की जिम्मेदारी बस्तर के अनुविभागीय दंडाधिकारी ओपी वर्मा को सौंपी गई। श्री वर्मा ने गांव जाकर मामले की जांच की। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी पुष्टि की है कि मानसिंह सोमारु का बेटा नहीं है तथा वह भतरा आदिवासी समुदाय से भी नहीं है। मामले की जांच जारी रहने के दौरान जांच अधिकारी और बस्तर के एसडीएम ओपी वर्मा ने बीते अक्टूबर माह में कमलोचन को छोटे देवड़ा निवासी बताते हुए उसके नाम पर भतरा आदिवासी का जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। अब सवाल उठने लगा है कि जब ग्राम पंचायत ने भी कमलोचन के भतरा आदिवासी ना होने तथा सोमारु भतरा के परिवार से उसका कोई ताल्लुक ना रहने की पुष्टि कर दी है, तब किस आधार पर कमलोचन को जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया ?
फिर से पैदा कर दी नई पेंच
मानसिंह ने पूर्व में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर मांग की थी कि कमलोचन द्वारा बस्तर फाइटर की नौकरी पाने के लिए जो जाति प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज पेश किए हैं, उनकी प्रतियां उसे उपलब्ध कराई जाएं। मगर मानसिंह को दस्तावेज दिए ही नहीं गए। इसके लिए वह कई दिनों तक भटकता रहा। आखिरकार मानसिंह ने जिला प्रशासन के समक्ष फिर से आवेदन प्रस्तुत कर कमलोचन से जुड़े सारे दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की। उसके आवेदन पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, बस्तर को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि मानसिंह को चाही गई जानकारी तय समय सीमा में उपलब्ध कराई जाए। मगर फिर वही ढाक के तीन पात कहावत को चरितार्थ करते हुए एसडीएम ने मानसिंह के आवेदन में एक नई पेंच फंसा दी है। इस बार एसडीएम ने मानसिंह के आवेदन में प्रकरण क्रमांक और किस व्यक्ति से जुड़े दस्तावेज चाहिए, इसका उल्लेख न होने का हवाला देते हुए मानसिंह को किसी तरह की जानकारी देने में असमर्थता जता दी है। जब इस संवाददाता ने एसडीएम श्री वर्मा से उनका पक्ष जानना चाहा, तो उनका जवाब गोलमोल रहा। उनका कहना था कि मानसिंह ने आवेदन में प्रकरण क्रमांक नहीं लिखा है और न ही किससे संबंधित दस्तावेज चाहिए इसका उल्लेख ही किया है।
छानबीन समिति के पास हैं दस्तावेज
प्रकरण से जुड़े सारे मूल दस्तावेज राज्य स्तरीय छानबीन समिति रायपुर को प्रेषित की जा चुकी हैं, मेरे पास सिर्फ छायाप्रतियां हैं। आवेदक चाहे, तो उसे छायाप्रतियां उपलब्ध करा दी जाएंगी।
ओपी वर्मा
अनुविभागीय दंडाधिकारी, बकावंड.

मुख्यमंत्री ने केक काटकर बस्तर के प्रभारी मंत्री को दी बधाई

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  • कवासी लखमा को शुभकामना देने जुटे मंत्री- विधायक

रायपुर प्रदेश सरकार के उद्योग, वाणिज्य व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जन्म दिवस पर आयोजित पार्टी में बधाई देने यहां के एक होटल में छत्तीसगढ़ के मंत्री और विधायक पंहुचे थे। अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पंहुचे। बघेल ने केक काटकर कवासी लखमा का मुंह मीठा कराया और उन्हें जन्म दिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री बघेल ने वहां मौजूद लोगों से उनका कुशल क्षेम भी पूंछा।

इस दौरान मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम, अनिला भेड़िया, अमरजीत भगत, विधानसभा के नव निर्वाचित उपाध्यक्ष संतराम नेताम, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, कुंवर सिंह निषाद, यूडी मिंज, विधायक देवती कर्मा, अनूप नाग, सावित्री मंडावी, विक्रम मंडावी, रामकुमार यादव, केके ध्रुव, उत्तरी जांगड़े, अवधेश गौतम, राम भुवन कुशवाहा, सुशील ओझा, संतोष सिंह, बलराम यादव, राजीव बाजपेयी, रफीक खान, इमरान खान समेत अनेक विशिष्ट जन तथा कांग्रेस कार्यकर्ता- पदाधिकारी उपस्थित थे।

बिकने से बच पाएगा नगरनार स्टील प्लांट ?

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  • केंद्र ने नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का फैसला कर लिया
  • टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2023 निर्धारित

अर्जुन झा

नगरनार तमाम विरोधों को दरकिनार करते हुए केंद्र सरकार ने एनएमडीसी के आधिपत्य वाले बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट को खुली बोली लगाकर बेचने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। केंद्र सरकार के निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख 27 जनवरी 2023 तय की है। विघटन के बाद एनएसएल (नगरनार स्टील) के शेयर बीएसई, एनएसई और कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हो जाएंगे। इधर स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ मजदूरों का आंदोलन लगातार चल रहा है। उनका कहना है कि प्रभावितों ने केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खनिज विकास निगम को प्लांट लगाने के लिए अपनी जमीन दी थी, मगर अब इसे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। निजीकरण के बाद उनकी नौकरी पर भी खतरा पैदा हो जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार, बस्तर के सांसद दीपक बैज, आदिवासी समाज तथा अन्य संगठन संयंत्र के निजीकरण का शुरू से विरोध करते आ रहे हैं। सांसद बैज तो निजीकरण की आड़ में आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करने का आरोप केंद्र सरकार पर संसद के भीतर लगा चुके हैं।


यह बस्तर के साथ विश्वासघात: बैज
दो साल पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक शासकीय संकल्प पारित किया गया था। इसमें विपक्ष के सुझाए गए संशोधनों के बाद सर्वसम्मति से कहा गया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र का यदि निजीकरण किया गया, तो राज्य सरकार इसे खुद खरीद लेगी और संचालित करेगी। बस्तर के लोगों की भावनाएं भी लगभग 24 हजार करोड़ रुपए के विशाल संयंत्र से जुड़ी हुई हैं। बस्तर सांसद दीपक बैज यह मामला लोकसभा में उठा चुके हैं। उन्होंने कहा है कि क्षेत्र में पेसा कानून 1996 लागू है। नियमों की अनदेखी कर नगरनार प्लांट का निजीकरण व्यवहारिक नहीं है। केंद्र के फैसले से बस्तर की जनता आंदोलित है और प्लांट में नौकरी का सपना टूटते देख नौजवान गुस्से में हैं। यह बस्तर के साथ विश्वासघात है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आज बंद का आह्वान
इधर कल 6 जनवरी को सर्व आदिवासी समाज ने इस मसले पर और इससे जुड़े कुछ अन्य मुद्दों पर बंद का आह्वान किया है। चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित तमाम संगठनों का इस बंद को समर्थन मिल रहा है। बस्तर संभाग आदिवासी बाहुल्य है और सर्व आदिवासी समाज के बंद के आह्वान का व्यापक असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
केंद्र ने बांधे छ्ग सरकार के हाथ -पैर
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित प्रस्ताव और लोकसभा में सांसद दीपक बैज द्वारा उठाए गए सवालों को दरकिनार करते हुए नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के फैसले में कोई बदलाव नहीं किया है। इधर अभी अभी यह जानकारी भी आ गई है कि नगरनार स्टील प्लांट की नीलामी के लिए जो शर्त केंद्र सरकार ने तय कर रखी है, उसके अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार को टेंडर में भाग लेने का मौका ही नहीं मिल पाएगा। यानि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के हाथ पैर ही बांध दिए हैं। ऐसी बंदिश क्यों लगाई गई है, यह अभी साफ नहीं है। पर इसे खरीदने की क्षमता कौन रखता है इसका अनुमान जरूर लगाया जा सकता है। इसी महीने स्थिति साफ भी हो जाएगी।

कोशर एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के इमली प्रोसेसिंग यूनिट बस्तर फार्म्स प्रसंस्करण केंद्र

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2 टन उत्पादित ईमली प्रोडक्ट की पहला खेप को साँसद दीपक बैज व कलेक्टर चंदन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर महाराष्ट्र किया रवाना.

कलेक्टर बस्तर चंदन कुमार ने कहा कि इमली प्रोसेसिंग फैक्ट्री से आस पास के युवाओं को रोजगार मिलेगा जो की एक सराहनीय पहल होगा

जगदलपुर कार्यक्रम में बस्तर सांसद दीपक बैज सहित जगदलपुर कलेक्टर चंदन कुमार,लोहोंडीगुडा जनपद अध्यक्ष महेश कश्यप,ब्लॉक कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष लक्ष्मण पटेल,इंडस्ट्री डिपार्टमेंट GM BR निकुंज,एसडीएम मायानंद चंद्रा नायब तहसीलदार लोहोंडीगुड़ा,लोहोंडोगुडा सीईओ प्रवण दीवान,केदार ढेक एवं सांसद सोशल मीडिया प्रतिनिधि जगदलपुर जॉर्ज टोप्पो,इमली एग्रो प्रोसेसिंग केंद्र के मैनेजर, संचालक, एवम् समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति रही ।

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