बस्तर सांसद दीपक बैज व विधायक राजमन बेंजांम ने आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विकासखंड लोहंडीगुड़ा में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन करते हुए निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत हाई स्कूल धाराउर में 33,हाई स्कूल कुम्हली में 16,हाई स्कूल चित्रकोट में 57,उ०मा०वि० बड़ांजी में 35,कन्या उ०मा०वि० लोहहण्डीगुड़ा में 41,बालक उ०मा०वि० लोहण्डीगुड़ा में 25 कुल मिलाकर 207 नग साईकिल वितरण किया गया।साइकिल मिलते ही बच्चियों के चेहर खिल उठे.बेटियों की खुशी फूली नही समा रही थी।
सांसद ने सरस्वती साइकिल वितरण के पहले अपने उद्बोधन दिया और बच्चों को अच्छी पढ़ाई करने के लिए प्रेरित भी किया. साथ ही बच्चों को साइकिल नहीं होने के कारण आने वाली परेशानियों और इस योजना के लाभ के बारे में जानकारी दी,सांसद ने कहा अब बच्चियां साइकिल चलाकर स्कूल पहुंचेंगी ,ये समाज और बेटियों की शिक्षा में एक महत्वपूर्ण योगदान देने वाली योजना है.और साथ ही सभी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी…
इस दौरान साँसद दीपक बैज,विधायक राजमन बेंजांम,जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी बलराम मौर्य,लोहंडीगुड़ा ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लक्ष्मण पटेल,जनपद अध्यक्ष महेश कश्यप,उपाध्यक्ष योगेश बैज,जनपद सदस्य गोमती ठाकुर,जगबंधु ठाकुर,सरपंच बडॉजी,उसरिबेडा, कुम्हली, बी.ई.ओ चंद्रशेखर यादव,बी.आर.सी इंदर सिंह कश्यप, श्रीमती पूनम बैज,समस्त प्राचार्य,अमित अवस्थी मौजूद रहे।
जगदलपुर – बस्तर संभाग में वर्ष 2020 में 2 लाख 33 हजार 921 हेक्टेयर भूमि पर धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस वर्ष राज्य शासन बस्तर अंचल में 73 हजार 753 हेक्टेयर भूमि पर फसल परिवर्तन का लक्ष्य निर्धारित रखा है। धान के बदले कोदो,कुटकी, गन्ना, अरहर, मका, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगधित धान एवं अन्य फसल के उत्पादन करने वाले राज्य सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रत्येक किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार आदान सहायता राशि देगी। फसल परिवर्तन के मिले लक्ष्य को पूरा करने में कृषि विभाग के अधिकारी जुट गये है। फसल पविर्तन के कारण गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष एक लाख 60 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसी लक्ष्य के आधार पर समर्थन मूल्य पर किसानों की धान खरीदी की जायेगी। ऐसा अधिकारियों का राज्य सरकार धान के उत्पादन के साथ-साथ दलाहन, तिलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने को लेकर किसानों को प्रेरित कररने में जुटी है। इसके लिए शासन को बकायदा फसल परिवर्तन करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार प्रोत्साहन राशि भी देने की घोषणा कर चुकी है।
कृषि विभाग के कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बस्तर अंचल में इस वर्ष खरीफ सीजन में 73 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान के बदले अन्य फसला का उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें सर्वाधिक फसल परिवर्तन का लक्ष्य कोण्डागांव जिले में 18 हजार हेक्टेयर से अधिक है। बताया जा रहा है वहां लगभग लक्ष्य के करीब फसल परिवर्तन कराने में कृषि विभाग भी कारगर साबित हो रहा है।
कहां कितनी भूमि पर फसल परिवर्तन का लक्ष्यः
कृषि विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 73753 हेक्टेयर भूमि पर खरीफ सीजन वर्ष में फसल परिवर्तन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें बस्तर जिले में 14438 हेक्टेयर, कोण्डागांव 18 हजार 890 हेक्टेयर, नारायणपुर 7 हजार हेक्टेयर, दंतेवाड़ा १ हजार हेक्टेयर, सुकमा 10 हजार हेक्टेयर, बीजापुर में 6 हजार 2 सौ हेक्टेयर तो ककिर जिले में सर्वाधिक धान उत्पादन किया जाता है वहां 7 हजार 8 सी हेक्टेयर भूमि पर फसल परिवर्तन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
समर्थन मूल्य की मांग:
क्षेत्र के कई किसानों फसल परिवर्तन को अच्छा बताया लेकिन उन फसलों के लिए सही बाजार नहीं होने के कारण किसान रुचि नहीं दिखा रहे है। कुछ किसानों ने यह कहा कि प्रोत्साहन राशि के साथसाथ दलहन, तिलहन एवं अन्य उपज का धान की तरह समर्थन मूल्य निर्धारित होने पर किसान बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। शासन द्वारा फसल परिवर्तन का लक्ष्य निर्धारित तो कर दिया गया है लेकिन कृषि विभाग को इस लक्ष्य तक पहुंचने काफी मशकत करनी पड़ रही है। कोण्डागांव जिला जो 70 प्रतिशत लक्ष्य पूर्णता की ओर है तो वहीं अन्य जिला 25 से 30 फिसदी तक नहीं पहुंच सका है। ऐसे में फसल परिवर्तन की योजना कितनी सार्थक होगी वह आने वाला वक्त ही बतायेगा।
दलहन तिलहन उत्पादन से किसानों को मिलेगा लाभ: कृषि विभाग
कृषि विभाग संयुक्त संचालक एमएल ध्रुव ने बताया कि सरकार किसानों को धान के साथ-साथ अन्य फसल उत्पादन करने को लेकर प्रोत्साहित कर रही है। सभी जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों को फसल परिवर्तनको लेकर दिये गये लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया जा चुका है। विभाग के अधिकारी किसानों को फसल परिवर्तन से फायदा बताने के अलावा अन्य फसल लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है |
संसद में सोते नहीं रहते तो आज कान दांव पर लगाना नहीं पड़ता पूर्व सांसद दिनेश कश्यप को-जावेद खान
सबसे पहले खुद का लाखों का कर्जा माफी कराने वाले पूर्व सांसद दिनेश कश्यप बरसाती मेंढक की तरह टर-टराना करें बंद-जावेद खान
बस्तर सांसद दीपक बैज से लें प्रेरणा दिनेश कश्यप संसद में सोने की नहीं बस्तर की आवाज बनने की थी उन्हें जरूरत-जावेद खान
युवा कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त सचिव बीजापुर जिला प्रभारी जावेद खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप को जमकर लथेडा है, जावेद ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि बरसात के आते ही बस्तर में सक्रिय हो गए हैं भाजपा के बरसाती मेंढक जिनमें से एक हैं पूर्व सांसद दिनेश कश्यप जिन्हें कुछ नहीं मिला दांव पर लगाने के लिए तो उन्होंने अपने कान दांव पर लगा दी है वैसे कान ही बचा है उनके पास दांव पर लगाने के लिए क्योंकि पिछले चुनाव में ही उनकी कट चुकी है हमारी सहानुभूति है दिनेश कश्यप जी से सत्ता जाने का गम उनसे भुलाए ना भूलाया जा रहा है और प्रदेश एवं खासकर बस्तर में हो रहे विकास कार्य जैसे मानो उन्हें चुभने लगे हैं और चुभे भी क्यों ना बस्तर की जनता ने उन्हें और उनके भाजपा परिवार को बस्तर का विकास करने के लिए एक लंबा अवसर दिया परंतु कश्यप परिवार एवं भाजपा ने हमेशा से बस्तर को चारागाह के रूप से ही देखा और अपने केंद्र के भाजपाई मित्रों को बस्तर को चारागाह के रूप में उपयोग करने के लिए आमंत्रित किया, स्वयं को आदिवासी नेता स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाले कश्यप परिवार ने केवल आदिवासियों का शोषण कियाऔर बस्तर को बारूद के ढेर में ढकेल दिया,जब भी यह सत्ता में आए जब भी जनता ने इन्हें अवसर दिया यह हवा में उड़ने लगे इनके पैर कभी जमीन पर टिकते नहीं थे, महीने के 25 दिन रायपुर और दिल्ली में बिताते थे 5 दिन के लिए बस्तर घूमने आते थे, इनकी इन्हीं नाकामियों और बस्तर को लूटने की शैली को देखते हुए जनता ने इनका बस्तर में सूपड़ा साफ कर दिया ना दिनेश कश्यप अपनी टिकट बचा पाए ना इनके भाई केदार कश्यप अपनी सीट बचा पाए आज जब कांग्रेस की सरकार में प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा बस्तर को जो प्यार दुलार और प्राथमिकता दी जा रही है उससे भयभीत होकर और हताश होकर इस तरह की बयान बाजी पूर्व सांसद दिनेश कश्यप जी के द्वारा किए जा रहे हैं।
कहीं ना कहीं सत्ता की दूरी उन्हें रात भर सोने नहीं दे रही और बारिश के दिनों में बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता का भोग ना कर पाने की पीड़ा बरसाती मेंढक की तरह भाजपा के नेताओं के दिल पर लगातार प्रहार कर रही है जिसकी वजह से आज कल बरसात के समय में भाजपा के बरसाती मेंढक सक्रिय हो गए हैं और आधारहीन बयान बाजी कर अपनी हताशा और निराशा को प्रकट कर रहे हैं।और इनकी हताशा और निराशा आज बस्तर की फिजाओं में बरसाती मेंढकों की टर-टराहट से गूँज रही है, ज़नता भी अब इनकी हताशा निराशा पर खुलकर मजे ले रही है।क्योंकि इससे ज्यादा कुछ करने के लिए इनके पास अब बचा नहीं है। आज बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप को बस्तर के वर्तमान युवा सांसद दीपक बैज से सीख लेनी चाहिए उन्हें सीखना चाहिए के एक सांसद को किस तरह से कार्य करना चाहिए क्षेत्र में हवा में नहीं क्षेत्र के लोगों के दिलों में राज करने की प्रेरणा लेनी चाहिए, संसद में सोने की नहीं बस्तर की आवाज बन कर उभरने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
जगदलपुर। बस्तर के राजनीतिक दिग्गज बलीराम कश्यप की सियासी विरासत सम्हालते हुए बस्तर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके दिनेश कश्यप और मौजूदा सांसद दीपक बैज के बीच का सियासी संवाद बस्तर में धूम मचा रहा है। पार्टी की बैठक में पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने कह दिया कि प्रदेश में अगर दोबारा कांग्रेस की सरकार बनी तो मैं अपना कान काट लूंगा। जवाब में बस्तर सांसद और कांग्रेस नेता दीपक बैज ने मोर्चा खोलते हुए कह दिया कि नाक तो पहले ही कट चुकी है। पंद्रह साल तक राज करने के बाद भाजपा को सिर्फ पंद्रह विधायक मिले। अब कान कटवाने के लिए तैयार रहें। दरअसल बस्तर भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और बस्तर संभाग प्रभारी शिवरतन शर्मा शामिल हुए। बैठक शुरू होने से पहले पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने राज्य सरकार पर कांग्रेस सरकार के आधे गुजर चुके कार्यकाल को लेकर हमला बोलते हुए कह दिया कि पिछले ढाई सालों में सरकार ने केवल लूटमार का काम किया है। एक भी विकास कार्य नहीं हुआ। भूपेश बघेल सरकार पर बरसते हुए पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल में एक भी जन कल्याणकारी योजना नहीं बनाई है. किसानों के साथ-साथ प्रदेश के बेरोजगार युवा, आम जनता और शासकीय कर्मचारी अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कांग्रेसियों ने जिस तरह से गंगाजल हाथ में रखकर शराबबंदी और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की कसम खाई थी, वह सभी कसमें ढकोसला साबित हुई है। कांग्रेस चुनावी वायदे भूल गई। बस्तर के साथ-साथ पूरे प्रदेश के किसान त्रस्त हैं। कांग्रेस की सरकार अब दोबारा प्रदेश में नहीं आने वाली। यदि अगले चुनाव में कांग्रेस की सरकार दोबारा बनती है तो मैं अपना कान काट लूंगा।
जब दिनेश के ऐसे बोल दीपक के कानों तक पहुंचे तो उन्होंने भी भाजपा की खुली हुई पोल खोलने में कोई कंजूसी नहीं की। उन्होंने वह सब कुछ कह दिया, जो उनसे कांग्रेसियों को अपेक्षित था। राजनीति में बोलने और सुनने की आदत डालना चाहिए। बोलोगे तो सुनने भी मिलेगा और सुनोगे तो बोलने में और धार आयेगी। बोलने के मामले में दिनेश और दीपक सही टक्कर के प्रतिद्वंद्वी हैं। कोई किसी से कम नहीं। दिनेश कांग्रेस की राज्य सरकार पर निशाना साधते हैं तो दीपक छत्तीसगढ़ से जुड़े मामलों को लेकर भाजपा की केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नीतियों की पैरोकारी बड़ी दमदारी से करते हैं। दीपक बैज पहले विधायक की हैसियत से छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भाजपा सरकार को जमकर घेरते थे। अब बस्तर सांसद के रूप में संसद में बस्तर और छत्तीसगढ़ की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। दिनेश जब सांसद थे तब मोदी की पहली सरकार के समय संसद में उनके तीखे तेवरों का सवाल ही नहीं उठता था। राज्य में भी भाजपा की सरकार थी। लिहाजा वे केवल सकारात्मक ऊर्जा प्रदर्शित किया करते थे। अब विपक्षी दल के नेता के तौर पर वह आक्रामक तरीके से राज्य सरकार पर हमला बोलते हैं लेकिन दीपक उन्हें आइना दिखा देते हैं। राजनीति के गलियारों में अक्सर यह बात चलती है कि अगर भाजपा ने लोकसभा चुनाव में सारे तत्कालीन सांसदों की टिकट काटने का फार्मूला नहीं आजमाया होता तो मुकाबला दिनेश और दीपक के बीच होता। बस्तर से भाजपा ने दिनेश की टिकट काटकर बैदूराम कश्यप को टिकट दी थी, जिन्हें दीपक बैज ने पराजित कर दिया। दिनेश अपराजित हैं, इसलिए अगले लोकसभा चुनाव में उनकी दावेदारी सशक्त है। कदाचित इसका अंदाजा दीपक को भी है। इसलिए वे दिनेश के सियासी हमले पर तीखा जवाब दे रहे हैं। अन्यथा राज्य सरकार पर साधे गए निशाने का जवाब देने के लिए बस्तर में मंत्री कवासी लखमा सहित पूरे बारह विधायक मौजूद हैं। बस्तर में भाजपा का पूरी तरह सफाया हो चुका है। अब कांग्रेस सरकार का आधा कार्यकाल गुजर जाने के बाद भाजपा बस्तर में नए सिरे से जमीन तलाश रही है। चलिए आगे देखते हैं कि दिनेश कश्यप का कान सलामत रहता है या अब की बार कांग्रेस की नाक कटने की नौबत आती है।
जगदलपुर । छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ जिला बस्तर के आह्वान पर जिले के बस संचालकों द्वारा एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। डीजल के मूल्य में लगातार हो रहे वृद्धि के कारण यात्री किराया बढ़ाये जाने को लेकर कोई ठोस नीति मांग भी यातायात महासंघ बस्तर ईकाई द्वारा की गई। इसके साथ साथ बसों के परमिटो के निषयोग के लिए दो माह की तय सीमा भी समाप्त करने की मांग की गई। आज सुबह से ही नये बस स्टंैड प्रांगण में स्थानीय बस संचालकों ने भारत ट्रेवल्स के सामने एकत्र होकर इस विषय पर चर्चा की एवं जिला कलेक्टर से मिलकर एक मांग पत्र सौंपा जिसमें बसों के किराया बढ़ाये जाने एवं बसों की परमिट संबंधित मामले को दूर करने की मांग रखी गई थी।
बस स्टैंड परिसर में खड़े कबाड़ वाहनों को तत्काल हटाने निगम प्रशासन ने बस संचालकों को समझाया
न्यू बस स्टैंड परिसर में खड़ी कबाड़ बसों को वहां से तत्काल हटाने निगम अमले ने स्थानीय चौकी प्रभारी के साथ मिलकर बस मालिकों से चर्चा की। निगम प्रशासन का कहना था कि लगातार चर्चा के बावजूद भी बस संचालकों द्वारा नये बस स्टैंड प्रांगण से कबाड़ खड़ी बसों को हटाया नहीं जा रहा है।
ऐसी बसों के बस स्टैंड प्रांगण में खड़े रहने से क्षेत्र में असामाजिक तत्व इन बसों में अपना ठिकाना बनाकर यात्रियों के साथ बदसलूकी करते हैं एवं रात्रि पहर उनके साथ छीना झपटी भी करते हैं। बस स्टैंड के क्रमबद्ध विकास को देखते हुए ऐसी कबाड़ बस को वहां से हटा देने से बस स्टैंड के सम्पूर्ण क्षेत्र का निगम के माध्यम से उचित विकास किया जायेगा जिसका लाभ स्थानीय व्यापारी एवं यात्रियों को मिलेगा। वहीं बस स्टैंड के व्यापारी एवं आने वाले यात्रियों को सम्पूर्ण सुरक्षा भी मिलेगी। आज हुए चर्चा के दौरान निगम अमले के दिनेश सिंह सहायक राजस्व अधिकारी एवं मुन्ना नायक स्वच्छता प्रभारी के साथ स्थानीय बस स्टैंड के चौकी प्रभारी कांतोपाणी भी उपस्थित थे। अंत में चर्चा के दौरान निगम प्रशासन के राजस्व अधिकारी ने बताया कि बस संचालकों के साथ सौहाद्र पूर्ण वातावरण में बस को हटाने हेतु चर्चा हुई। उनका कहना था कि 15 दिवस के भीतर हम अपनी-अपनी कबाड़ हुए बसों को यहां से हटा लेंगे।
दल्ली राजहरा लौह नगरी के वार्ड नंबर 2 पंडरदल्ली में एक महिला रहती है रमतुल बाई साहू उनके घर की जर्जर हालत जो कि एक नरकीय जिंदगी से कम नहीं है | टूटी फूटी झोपड़ी और 6 बाय 6 का कमरा जिसमें वहीं पर रहना, चूल्हे में खाना बनाना और वही पर सो जाना ऊपर से टूटी हुई खपरैल का छप्पर, बरसात का पानी जब चालू हो जाए तो माताजी एक कोने में दुबक कर बैठ जाती है इनकी स्थिति को देखकर वार्ड नंबर दो के युवाओं जीवन लाल साहू भोज राम साहू भूषण निर्मल कर द्रोपती साहू कुंदन साहू सेवक राम साहू और शिव प्रसाद साहू ने माता जी को नया मकान बनाकर देने का बीड़ा उठाया इन युवाओं ने माता जी का घर 10 बाय 10 का कमरा 10 बाय 6 का किचन तथा शौचालय बनवा रहे हैं लगभग 90 हजार की बजट है।
इन्होंने माताजी की स्थिति को देखकर राजहरा के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में डालें राजहरा के जनमानस उनकी स्थिति को तथा युवाओं की इच्छाशक्ति को देखकर बढ़-चढ़कर मदद करने की बात कही ।चारों ओर से इनको मदद मिल रही है किसी ने ईटा तो किसी ने सीमेंट तथा किसी ने नगद रकम देने की बात कही समाज सेवियों व्यापारी वर्ग जूनियर चैंबर के सदस्य राजहरा नगर के पत्रकारों राजनेताओं बीएसपी कर्मचारियों तथा बीएसपी के अधिकारियों एवं सर्व समाज की ओर से कृष्णा साहू ने भी ₹5000 के लगभग रकम या सामान देने की घोषणा की है इन युवाओं ने माता जी के घर निर्माण हेतु सहयोग के लिए हर तरफ कोशिश की इनका परिणाम यह हुआ कि आज माता जी के घर निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ इन लोगों की दृढ़ संकल्प है कि कोशिश रहेगी कि इस माह के अंत तक माता जी को नए घर में प्रवेश मिल जाए माता जी के घर निर्माण के लिए आज भूमि पूजा में वार्ड नंबर 2 की प्रथम नागरिक ममता नेताम वार्डवासियों मातृशक्ति का भरपूर योगदान रहा |
यदि आप इस अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं या अपने सहयोग देना चाहते हैं तो इन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं भोज राम साहू 9893 76 5541 जीवन लाल साहू 626 124 9991 ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, और अति. पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में बस्तर जिले में अपराध नियंत्रण हेतु अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही
कोतवाली अंतर्गत सूचना प्राप्त हुआ था कि कोई व्यक्ति महारानी वार्ड में अवैध रूप से शराब का संग्रहण कर विक्रय कर रहा है सूचना पर नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में कार्यवाही हेतु टीम गठित कर रवाना किया गया था उक्त टीम के द्वारा महारानी वार्ड में संदिग्ध व्यक्ति की पहचान दो लोगों को पकड़ा गया जिनसे पूछताछ पर अपना नाम कार्तिक नाग एवं कनकदेइ बघेल निवासी तुसेल थाना परपा होना बताए जिनकी तलाशी लेने पर दोनों के कब्जे से कुल 14 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया जो अपने पास शराब रखकर विक्रय करने हेतु उपयुक्त दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया मामले में आरोपी कार्तिक नाग पिता महादेव नाग उम्र 25 वर्ष और और कनकदेइ बघेल पति सोमारु बघेल उम्र 45 वर्ष दोनों निवाड़ी तुसेल थाना परपा के विरुद्ध धारा 34 (2) आबकारी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया और 14 लीटर महुआ शराब जिसकी अनुमानित कीमत 2100 ₹ आंकी गई है उक्त शराब आरोपियों के कब्जे से जप्त कर दोनों की गिरफ्तारी की गई है जिन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजा गया है !
शहर के अति-महत्वपूर्ण कार्यों में अध्यक्ष की अनदेखी का सार कहीं निगम के जनप्रतिनिधियों में अघोषित खींचतान तो नहीं?
जगदलपुर
नगर पालिक निगम विगत कई वर्षों से विवादों के घेरे में तो है ही, इसे सुधारने के लिए समय-समय पर विपक्षी दलों द्वारा मुद्दे उठाए भी जाते रहे हैं। बावजूद, यहां की आंतरिक एकजुटता जनता के सामने नही आ पा रही है। बल्कि इसके उलट चंद मामलों को छोड़ हमेशा से ही आंतरिक गुटबाजी व खींचतान ने शहर की जनता को दुमुहे राह पर लाकर खड़ा कर दिया है। ऐसा ही एक और ताज़ा मामला सामने आया है।
दरअसल, बुधवार को निगम में एक कर्मचारी को सानि में अनुकंपा नियुक्ति दी गयी थी, जिसमें बाकायदा महापौर सफिरा साहू ने नियुक्ति पत्र संबंधित कर्मचारी को दिया था। इस कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष कविता साहू का नही बुलाया जाना, यहां के विपक्षी दलों व शहर की जनता को रास नही आ रहा और यह खबर आग की तरह शहर में फैलने लगी है कि निगम में सत्तादल के ही राजनेता अपने की दल के अध्यक्ष की अनदेखी कर रहे हैं।
दूसरे मामले में बुधवार को ही प्रवीर वार्ड में भूमि पूजन का कार्यक्रम रखा गया था, इस कार्यक्रम में भी अध्यक्ष व वार्ड पार्षद को न्योता नही दिया गया।
भूमि पूजन मामले में अधिक जानकारी लेने के लिए निगम के पीडब्ल्यूडी विभाग के सभापति यशवर्धन राव को फोन से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि निगम के ही एक इंजीनियर को इस बाबत कहा गया था, किंतु इंजीनियर के मुताबिक, दो बार अध्यक्ष महोदया को फोन किया गया, किंतु उनका फोन निरंतर कवरेज क्षेत्र से बाहर आता रहा; जिसके बाद संपर्क नहीं किया जा सका. वही, इस वार्ड के पार्षद की स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की वजह से भी उपस्थित नहीं हो सके।
अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में विभाग के सभापति राजेश राय को भी फोन लगाया गया था किंतु खबर प्रकाशित किये जाने तक ना तो उन्होंने फोन रिसीव किया और ना ही कॉल बैक किया।
यहां यह कहना लाजमी हो जाता है कि चाहे इन सब के पीछे कारण जो भी हो पर कई दफा ऐसा होने से शहर में दबे पांव निगम में हो रही है ऐसे घटनाओं की किरकिरी तो हो ही रही है, साथ ही आगामी चुनाव में भी ऐसी घटनाएं गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।
कोरोना और लॉकडाउन के कारण बस संचालकों की माली हालत काफी खराब हो चुकी है. पिछले 16 महीने से यात्री बसों का संचालन अधिकांश बंद था, वर्तमान में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिसे देखते हुए बस संचालकों द्वारा यात्री किराया बढ़ाने जाने एवं किराये वृद्धि के सम्बन्ध में स्थायी नीति बनाये जाने की मांग की है इसके साथ ही बसों एवं परमिटों के निष्प्रयोग के लिए 2 माह की सीमा समाप्त किये जाने की मांग की है | बस संचालकों का कहना है कि डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. यात्री किराया नहीं बढ़ने से केवल 10 प्रतिशत बसों का ही संचालन हो रहा है. संचालकों का कहना है कि इतने कम किराये में सभी बसों का संचालन संभव नहीं है.
उपरोक्त कारणों को देखते हुए छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ जगदलपुर के आव्हान पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया है | धरना प्रदर्शन में भारत ट्रेवल्स, कांकेर रोडवेज, दुबे ट्रेवल्स आदि शामिल है |
बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने कांग्रेस सरकार पर हमला किया तो कांग्रेस ने कश्यप पर पलटवार किया है. बस्तर सांसद दीपक बैज ने कहा कि,15 साल सत्ता में रहने वाली बीजेपी विधानसभा चुनाव में करारी हार को पचा नहीं पा रही है. इस हार में बीजेपी की नाक
तो पहले कट ही गई थी. अब 2023 में बीजेपी को अपना कान भी कटवाना पड़ेगा क्योंकि एक बार फिर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी. दीपक बैज यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा किसानों के लिए किए गए कर्ज माफी में सबसे ज्यादा कर्ज माफी पूर्व सांसद दिनेश कश्यप का हुआ है. केंद्र की बीजेपी सरकार ने देश वासियों को महंगाई की आग में झोंकने का काम किया है. इस पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप कोई भी बयानबाजी नहीं कर रहे हैं |