अवैध रूप से शराब, गांजा की तस्करी को रोकने हेतु पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज ओ.पी.पाल के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक बालोद गोवर्धन ठाकुर के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद प्रज्ञा मेश्राम एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक मनीष शर्मा के नेतृत्व में थाना स्तर पर एक विशेष टीम तैयार किया गया।
जिसके तारतम्य में दिनांक 22/03/2022 को पेट्रोलिंग करते समय सूचना प्राप्त हुआ एक व्यक्ति लोहारा की ओर से मोटर सायकल में मालीधोरी (दुधली) की ओर अवैध रूप से अधिक मात्रा में शराब रखकर परिवहन करने की सूचना पर ग्राम कोरगुड़ा ईट भट्टा के पास घेराबंदी कर पकड़ने पर संदेही का नाम पता पुछने पर अपना नाम खेमराज जैन पिता शिवलाल जैन उम्र 53 साल ग्राम दुधली(मालीधोरी) वार्ड क्र 05 थाना व जिला बालोद व अपने मोटर सायकल क्रमांक सी.जी 07 एल. एच. 3264 के डिक्की में रखे कुल 33 नग देशी प्लेन शराब कुल 5.940 ब्लक लीटर बरामद किया गया। संदेहियों को बरामद शराब के साथ थाना लाकर अपराध क्रमांक 132/22 धारा 34(2)आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया।
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प्रकरण की संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष शर्मा, प्र.आर.भगवान सिंह धुव्र आरक्षक छन्नु बंजारे, पुनमचंद खरे, विवके आनंदधीर, मुकेश देवागंन, संदीप यादव, भागीरती उईके का सराहनीय भूमिका रही है। आरोपियों पर अपराध क्र 132/2022 व 133/2022 धारा 34 (2) खेमराज जैन पिता शिवलाल जैन उम्र 53 साल ग्राम दुधली(मालीधोरी) वार्ड क्र 05 थाना व जिला बालोद 33 नग देशी प्लेन शराब कुल 5.940 ब्लक लीटर कीमती 2640 रू. प्लेटिना बजाज क्रमांक सी.जी. 07 एल.एच. 3264 कीमती 10,000 रू. एवं टीकम देशमुख पिता तेजराम देशमुख उम्र 40 साल ग्राम दुधली(मालीधोरी) वार्ड क्र 03 थाना व जिला बालोद | बरामद सामग्री 30 नग देशी प्लने शराब कुल 5.400 ब्लक लीटर कीमती 2400 रू. जब्त कर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई |
महिला सबंधित अपराध की गंभीरता को देखते हुऐ पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज ओ.पी.पाल के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक बालोद गोवर्धन ठाकुर के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद प्रज्ञा मेश्राम एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक मनीष शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम तैयार किया गया।
थाना बालोद क्षेत्र की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि घटना दिनांक 01/06/2015 से 22/02/22 तक आरोपी पति 01.आकाश धीवर पिता शिव कुमार धीवर, सास 02. संतोषी धीवर पति शिव कुमार साकिनान महादेव पारा देवकर साजा जिला बेमेतरा के द्वारा प्रार्थिया (पिड़िता) को दहेज की बात व रंग रूप को लेकर प्रताड़ित एवं मारपीट करने की रिपोर्ट थाना बालोद में अपराध क्रमांक 72/22 धारा 498 ए, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया था।
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आरोपी आकाश ढीमर पिता शिव कुमार ढीमर उम्र 30 साल सा. वार्ड क 06 महादेवपारा देवकर थाना साजा जिला बेमेतरा जो पुलिस की डर से ग्राम अंम्बागढ़ चौकी जिला राजनांदगांव में इसाफ फाईनेंस बैंक में काम करता था व छुप कर रहता था जिसे विशेष टीम थाना बालोद के द्वारा गिरफतार कर थाना लाया गया व अपराध धारा की घटना घटित करना पाये जाने से आरोपी को दिनांक 23.03.2022 को गिरफतार कर न्याययिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
प्रकरण में विवेचना एवं आरोपियों के पतासाजी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक मनीष शर्मा, सउनि धरम भुआर्य, आरक्षक भोपसिंह साहू एवं उमाशंकर सिन्हा की सराहनीय भूमिका रही है। अपराध क्रमांक :- 72/22 धारा :- 498ए, 34 भादवि आरोपी :- 01.आकाश ढीमर पिता शिव कुमार ढीमर उम्र 30 साल सा. वार्ड क्र 06 महादेवपारा देवकर थाना साजा जिला बेमेतरा
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बासीन स्कूल में निशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत 15 पात्र हितग्राही छात्राओं को साइकिल वितरण किया गया…
बालोद–शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बासीन में दिनांक 23.03.2022 को निशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत 15 पात्र हितग्राही छात्राओं को साइकिल वितरण किया गया जिसमें शाला विकास प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष तोषण लाल साहू जनपद उपाध्यक्ष जनपद पंचायत गुरुर, राजश्री यादेश्वर महिला बाल विकास सभापति,गांव के गणमान्य सदस्य शिव लाल साहू, हुमन लाल साहू, के.आर देशलहरा जी प्राचार्य समस्त स्टाफ तथा छात्राएं उपस्थित रहे।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बस्तर क्षेत्र के चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठा
बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए यह मामला उठाते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र के चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सा विशेषज्ञ चिकित्सीय उपकरणों व टेक्निशियन आदि प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है, लेकिन चिकित्सा महाविद्यालय की स्थिति देखे तो सीनियर रेसिडेसियल डॉक्टर नहीं है, शिशुरोग, स्त्री रोग, सर्जरी विभाग एवं अन्य विभागों में चिकित्सकों को कमी से हो रही कठिनाईयों को चिकित्सा महाविद्यालय ही नहीं वरन् आज जनता भी झेल रही है |
बस्तर विधायक लखेस्वर बघेल जी ने कहा कि मेकॉज में इस समय 115 आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थान पर मात्र 55-60 डॉक्टर्स ही है, जो डॉक्टर्स थे उन्हें पदोन्नति उपरात मेकॉज में आवश्यकता होने के बावजूद अन्यत्र संस्थाओं के लिए पदस्थापित कर दिया गया है जहां तक चिकित्सीय जांच उपकरणों की बात करें जांच की मशीनें तो हैं, लेकिन या तो वे खराब है अथवा उपलब्ध मशीनों के लिए पर्याप्त टेक्निशियन नहीं हैं गरीब आम जनता को मजदूरी वश निजी जांच प्रयोगशालाओं की शरण लेना पड़ रहा है इस बात को राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों ने अपने स्थानीय संस्करण में प्रमुखता से उठाया है विभाग के द्वारा बस्तर को इस प्रकार से नजर अंदाज किये जाने से स्थानीय जनप्रतिनिधि व आम जनता में आकोश व्याप्त है |
इसका जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सा विशेषज्ञा एवं चिकित्सकीय उपकरणी की आवश्यकता है, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर मे सीनियर रेसीडेंट चिकित्सक नहीं है, अपितुस्थिति यह है कि वर्तमान में 10 सीनियर रेसीडेंट चिकित्सक कार्यरत है। साथ ही शिशु रोग विभाग में 00 चिकित्सक, स्त्री रोग विभाग में 04 एवं सर्जरी विभाग में भी 12 चिकित्सक कार्यरत है अन्य विभाग जैसे तीन विभाग में 14, अस्थि रोग विभाग में 05, नेत्र रोग विभाग में 02 एवं नाक कान गला विभाग में 05. निश्चेतना विभाग में 08 एवं पैथोलॉजी विभाग में 13 चिकित्सक उपलब्ध है |
स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने स्वीकार किया कि वर्तमान में केवल बस्तर ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश एवं साथ ही पूरे देश में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी व्याप्त है उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा समय-समय पर नियमित भर्ती की कार्यवाही की जा रही है एवं साथ ही महाविद्यालय सर पर भी प्रतिमाह वाक-इन-इन्टस्यू के माध्यम से संविदा आधार पर रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही की जाती है राज्य में सहायक प्राध्यापक के 156 पद एवं सीनियर रेसीडेंट के 386 पदों पर नियमित भर्ती की कार्यवाही प्रकियाधीन है स्व. श्री बलीराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, जगदलपुर में विषय विशेषज्ञ के 105 स्वीकृत पदों में 59 चिकित्सक कार्यरत् है। चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में चिकित्सकों को पदोन्नति उपरांत अन्यत्र सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पदस्थापित किया गया है |
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चिकित्सकीय जांच हेतु सी.टी. स्कंग मशीन एक्स-रे मशीन, सोनोग्राफी मशीन, सी.बी.सी. मशीन, ऑटो एनालाईजर, इलेक्ट्रो फ ोरेसिस जैसी अत्याधुनिक मशीने स्थापित एवं संचालित है उक्त मशीनों के संचालन हेतु महाविद्यालय में 41 पदों के विरूद्ध 32 टेक्निशियन कार्यरत है अत: स्पष्ट है कि महाविद्यालय एवं सम्बद्ध चिकित्सालय में चिकित्सक एवं टेक्निशियन उपलब्ध है, जिसमें गरीबी रेखा से आने वाले परिवार को नि:शुल्क चिकित्सा एवं जांब की सुविधा उपलब्ध है, साथ ही अन्य मरीजों को भी न्यूनतम दर पर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ आम जनता को मिल रहा है इस प्रकार बस्तर को नजर अंदाज करने का प्रश्न ही उद्बुद्ध नहीं होता है बस्तर के स्थानीय जनप्रतिनिधि व आम जनता में कोई आक्रोश व्याप्त नहीं है |
बालोद–कांग्रेस पार्टी के जनघोषणापत्र में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ( स्वास्थ्य संयोजको ) कि मांगो का निराकरण एवं चर्चा 3 दिवस बाद भी न होने एवं शासन – प्रशासन द्वारा सुध नही लिए जाने से नाराज स्वास्थ्य संयोजको ने अब 24 मार्च को मुख्यमंत्री निवास घेरने कि तैयारी कर ली है । ज्ञात हो कि प्रदेश के 15 हजार स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे है जिसके कारण पूरे प्रदेश भर के 5200 उप स्वास्थ्य केंद्र एवं हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ताले लटके हुए है ।
स्वास्थ्य संयोजको के हडताल से टीकाकरण के साथ – साथ शिशु संरक्षण माह जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूरी तरह प्रभावित होते दिखा । कोविड टीकाकरण जो की पूरी तरह से जिले में बंद है जहां सेंटर दिया गया है वहा स्वास्थ्य संयोजकों की हड़ताल से निरंक ही रहा।ज्ञात हो कि प्रदेश के 20199 गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का काम स्वास्थ्य संयोजको द्वारा किया जाता है, छ.ग. के गांवो मे प्रसव, टीकाकर, सामान्य बीमारीयों के ईलाज के लिए गरीजों को भटकना पड़ रहा है जिसके कारण लोग झोलाछाप डॉक्टर के पास जाने लगे है, साथ ही घर प्रसव भी होने कि जानकारी प्राप्त हो रही है और नवजात बच्चे को निर्धारित समय पर लगाया जाने वाला टीका भी प्रभावित हो रहा है।
बस्तर एवं सरगुजा जैसे सुदूर इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरा दारोमदार स्वास्थ्य संयोजको के उपर ही होता है। इसी तरह स्वास्थ्य संयोजको का आंदोलन चलता रहा तो ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा अभाव में किसी अन्होनी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है । स्वास्थ्य संयोजको कि 6 सुत्रीय मांग निम्नानुसार है|
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समान शैक्षणिक योग्यता एवं प्रशिक्षण अवधि के आधार पर एवं विभागीय प्रस्ताव अनुरूप ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको का वेतनमान समतुल्य करते हुए वेतनमान 5200-20200 व ग्रेड पे 2800 किया जाए ।
ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको का मनोबल बढाने हेतु पदनाम परिवर्तित कर ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक अधिकारी किया जाए ।
प्रदेश के समस्त उप स्वास्थ्य केंद्र / हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कलेक्टर दर पर एक वार्डआया / सफाई कर्मी कि नियुक्ति किया जाए ।
ऑनलाईन डाटा एंट्री के कार्य हेतु अलग से प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि 5000 रू निर्धारित किया जाए । अतिरिक्त गानदेय निर्धारित नहीं करने कि स्थिति में प्रशिक्षित पीएडीए के माध्यम से ऑनलाईन डाटा एंट्री का कार्य लिया जाए ।
हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर में पदस्थ सीएचओं के इंसेटीव के आधार पर स्वास्थ्य संयोजको के गासिक इंसेटीव में वृद्धि किया जाए ।
विगत कोरोना काल मे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष ( कोरोना भत्ता प्रदान किया जाए ।
इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष व कलेक्टर जनमेजय महोबे सर के निर्देशानुसार व सीएम.ओ.राजहरा के सहयोग से आज दल्ली राजहरा में स्थित डैम साइड के एक छोर को साफ कर जल संरक्षण दिवस पर संदेश दिया गया। जल को बचाने के लिए बरसात के जल को वाटर हार्वेस्टिंग से सीधे भूमि पर भेज सकते है जिससे भूजल स्तर बना रहेगा और गर्मियो मे जल की कमी नही होगी।
आज हम देखते है कि मार्च अप्रैल मे ही जल की कमी होने लगती है, तालाब सुख जाते है,जिससे निस्तारी की समस्या उत्पन्न होती है,पशुओ व जंगली जानवरो को पीने के पानी की समस्या होती है,
पेड पौधो को भी को भी जल की आवश्यकता होती है अर्थात समस्त जीव मण्डल को जल की आवश्यता होती है इसलिए हमे जल का संरक्षण करना चाहिए, जितना जल की आवश्यता होती है उतना ही खर्च करना चाहिए। आज रेडक्रास के तत्वाधान मे दल्ली राजहरा की जीवन दायिनी डेम जहां पहले पूरा क्षेत्र पानी से लबालब रहता था पर आज फाइंस से पट चुका है जिसे बचाने की सक्त आवश्यकता है।क्योकि कहा गया है जल है तो कल है,जल ही जीवन का आधार है।जल संरक्षण दिवस पर कलेक्टर सर ने सभी रेडक्रास एन.एस.एस. के वालेन्टियरो को सेल्फ सुरक्षा के सभी मानको को अपनाते हुए समाजिक जुडाव के कार्यो को करने प्रेरित किये एवं जल संरक्षण दिवस की बधाई देते हुए कहा कि इसके लिए बी.एस.पी के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाने व उसको क्रियान्वित करने की बात कही गयी।
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इस जल संरक्षण दिवस पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के.के.मेश्राम,ग्रीन कमाण्डो विरेन्द्र सिंह, रेडक्रास जिला संगठक चन्द्रशेखर पवार, वार्ड 12 के वर्तमान पार्षद यंगेश देवांगन, ब्लाक प्रभारी रेडक्रास श्रीमती शशीकला देशमुख,संजय बंजारे, नरेन्द्र ग्वाल, रौशनी साहु, बालोद रेडक्रास प्रभारी कमला वर्मा, युथ रेडक्रास से कैलाश रावटे, दिनेश उइके, मितेश, भोजेश्वर, एन.एस.एस. से कल्पना बंबोडे व पूर्व पार्षद हीरालाल पवार, सुनील गोटे, रमेश,व अन्य साथी के साथ नगर पालिका के स्वच्छता कर्मचारी उपस्थित थे।
जगदलपुर। विगत कई वर्षों से कांग्रेस पार्टी का विजय रथ कवासी लखमा थामें हुए हैं और इनको रोकने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पुरेंदश्वरी ने अमेठी मॉडल लागू करने पर विचार कर रही है क्योंकि कांग्रेस पार्टी के अभेद किले अमेठी में राहुल गांधी को हराकर स्मृति ईरानी ने हरा दिया था और महिला नेत्री दीपिका सोरी की पैठ लगातार बढ़ रही है क्योंकि वह पार्टी के लिए जमीन स्तर पर कार्य कर रही है।
सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा में इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अंदरुनी तौर पर सक्रिय है और इनकी महिमा विंग की पदाधिकारी दिपीका सोरी हर उस जगह पहुंच रही हैं जहां उस क्षेत्र का भाजपाई पदाधिकारी नहीं पहुंच रहा है जिसके कारण दिपीका सोरी पर भाजपा भरोसा जताकर चुनाव लड़ा सकती है। भाजपा को खोने के लिए कुछ नहीं है जिसके कारण वह इस क्षेत्र में अपनी ताकत ज्यादा दिखाने के बजाए महिला को आगे कर सकता है।
कलेक्टर घेराव में आरएसएस का हाथ, कांग्रेसी मुगालते में
विधायक कवासी लखमा व उसके सहयोगी इन दिनों मुगालते में है कि लखमा अजेय योद्धा हैं और अपने क्षेत्र को भाजपाई विचारधारा के लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं तेलगु भाषी महिला डी पुरंदेश्वरी के बैठक के बाद भाजपाईयों में एक आस जगी है तो कल जो कलेक्ट्रेट घेराव का मामला सामने आया है उसके पिछे अंदरुनी क्षेत्र के आरएसएस के लोगों की जुगलबंदी के कारण बड़ा प्रदर्शन इतिहास में पहली बार हो गया जिसको खुफिया एजेंसियों ने नोटिस भी नहीं किया और आंदोलन को विफल करने का प्रयास भी नहीं किया गया है।
खैरागढ़। कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी के उस पत्र के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि रिक्त हुए इस विधानसभा के लिए स्व देवव्रत सिंह के परिवार से प्रत्याशी कांग्रेस से नहीं होंगे। परन्तु अब सवाल यह उठता है, कि गत चुनाव मे भाजपा के सत्ता मे रहते त्रिकोणीय मुकाबले मे अपने नेता को कठिन हालातों से जीताकर लाने वाले वे रणनीतिकार आख़िरकार इस बार किसके साथ है या होगे? इसके साथ ऐसे दर्जन भर सवाल है, जिसकी देखी अनदेखी इस उपचुनाव के परिणाम को प्रभावित कर सकती है।
(वनांचल मे सिर्फ देवव्रत कोई पार्टी नही) देश में प्रारंभ हुए आम चुनाव के साथ ही साथ इस विधानसभा सहित आने वाले वनांचल को खैरागढ राजपरिवार के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है ।जहां से उनके रणनितिकारों ने विषम हालातों में भी इस बार भी उस इलाके से गारंटी के साथ जिताकर लाए थे ।परन्तु इस बार हालात अब बदल चुके हैं तो ऐसे में जब आज वे कांग्रेस में भी नही है तो अब क्या होगा?
(30हजार के नाव से नैया पार कैसे होगी
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यदि गत चुनाव का अध्यन करें तो पता चलता है कि तब कांग्रेस को मात्र एक्त्तिस हजार मतों से संतोष करना पडा था । जबकि कांग्रेस प्रत्याशी वर्तमान विधायक भी थे । उन सबके बावजूद भी स्व देवव्रत सिंह ने लाए 61 हजार मत प्राप्त कर इस सीट पर कब्जा जमाया था । जबकि दूसरे स्थान पर पहुंची भाजपा लगभग साठ हजार मत प्राप्त करने में सफलता पाई थी ऐसे में अब की बार कांग्रेस को जीत के लिए कम से कम अस्सी से नब्बे हजार मतों की आवश्यकता होगी।
(दो लाख से अधिक मतदाता) जानकारी के मुताबिक इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो लाख से अधिक मतदाता है। और यदि अस्सी प्रतिशत मतदान होता है तो, पर भी जीतने के लिए लगभग अस्सी से नब्बे हजार मतों की जरूरत होगी ही। उसे पाने के लिए कांग्रेस को बहुत ज्यादा मेहनत करना पड़ेगा ,जिसके लिए अब समय बहुत ही काम है।
(देवव्रत जी का वोट रणनितिकारों के बिना किसी का नहीं) यह बात अब आम चर्चा का विषय है कि बिना देवव्रत सिंह के उनके सिपहसलारों का साथ किसको मिलेगा ? क्योंकि उनमें से आज भी अनेकों का कांग्रेस पार्टी में प्रवेश नही हुआ है । यद्यपि कानूनी उलझनों के कारण श्री सिंह व साथियो का कांग्रेस प्रवेश नही हो सका था परन्तु उनका साथ कांग्रेस के साथ ही रहा, विधायक निर्वाचित होने के उपरांत वे सदैव कांग्रेस के साथ ही रहे साथ ही राज्य सरकार को प्रेषित विकासपरक प्रस्ताव पर भी शासन द्वारा मुहर लगते रहा है , जो उनके कार्यप्रणाली को स्पष्ट करता है। देवव्रत सिंह ने लोक सभा में बहु खुलकर भोलाराम साहू के लिए वोट मांगा था। उसके बाद हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस प्रत्यासियों के घर घर जाकर प्रचार किये ,और तो और उनके ही नेतृत्व में जनपद की नैया कांग्रेस की पार लगाई थी।जिसकी चर्चा जनमानस में आज भी जीवित है, जिसे नकारा नहीं जा सकता है।
(एकमंच पर लाना कठिन पर जीत की गारंटी) विष्लेशकों की माने तो स्व राजा देवव्रत सिंह के उन ईमानदार साथियों सहित जमीनी कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियो को एक मंच पर लाना शायद एक कठिन राह हो सकती है ।परन्तु असंभव नही है। मगर एक बात साफ है कि उनका साथ होना कांग्रेस की नैया पार लगने की उम्मीद जरूर जगाती है।
(वनांचल के 39 मे से 36 बूथ जितने का रिकार्ड) याद हो कि इस विधानसभा क्षेत्र मे जीत हार के फैसले मे वनांचल स्थित मतदान केन्द्र का महत्वपूर्ण स्थान रहता चला आया है , गत चुनाव में भी यहां के लगभग उनचालीस बूथो में से छत्तीस मे स्व देवव्रत सिंह को भारी भरकम बढत मिली थी । और यंही से उनका विजयरथ रवाना हुआ था । जो कि विजयी तिलक लगाकर ही लौटा जिसके लिए कांग्रेस को आज भी रणनिति की जरूरत होगी। ज्ञात हो कि अकेले वनांचल ने स्व, राजा देवव्रत सिंह को लगभग 4750 वोटों से बढ़त दिलाकर विधान सभा पहुचने का रास्ता साफ कर दिया था। जो स्व, राजा देवव्रत सिंह के प्रति अपनी कृतज्ञता दिखाने के लिए काफी था।
इस प्रकार से स्व देवव्रत सिंह के निधन के बाद रिक्त हुए इस विधानसभा क्षेत्र मे होने वाला उपचुनाव किसी भी के लिए परोसी हुई खीर साबित नही होने वाली है। अपितु अपने भूले बिसरे छिटके साथियो को लेकर एक विजयी रणनिति के साथ चलने से ही दलो को विजयी तिलक प्राप्त हो सकेगा।
एक ओर बढ़ते हुई रोड दुर्घटनाओं को लेकर नगरपालिका उपाध्यक्ष ने आज चक्का जाम की घोषणा की थी किन्तु प्रशासन द्वारा आज सुबह ही उन्हें चक्का जाम स्थल में पहुँचने से पहले ही घर से गिरफ्तार कर लिया गया |
वहीँ दूसरी ओर नामदेव कॉलोनी के पास मेन रोड में आज सुबह 10 बजे के आसपास एक 14 चक्का ट्रक साइकिल से जा रहे युवक जोहन राम उम्र 40 वर्ष निवासी अरमुरकसा को कुचल कर फरार हो गया | युवक की मौके पर ही मौत हो गई | मौके पर पुलिस पहुँच ट्रक के चपेट में आये युवक को 108 की सहायता से ले जाया गया | दल्लीराजहरा में हो रही लगातार सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु के कारण लम्बे समय से बायपास रोड की मांग की जा रही है किन्तु प्रशासन की अनदेखी एवं स्थानीय नेताओं की उदासीनता के कारण यह मांग आज पर्यंत तक घोषणा के बाद भी लंबित है इन्ही मांगो को लेकर नगरपालिका के उपाध्यक्ष संतोष देवांगन द्वारा तीन सूत्रीय मांग जिसमे बायपास सड़क, शराब बंदी एवं 100 बिस्तर अस्पताल को लेकर आशा टाकिस के सामने मुख्य मार्ग पर आज चक्काजाम किया जाने की घोषणा की थी किन्तु प्रशासन द्वारा आज सुबह ही उन्हें घर से गिरफ्तार कर रेस्ट हाउस ले जाया गया है |
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खैरागढ़ विधानसभा क्रमांक 73 के उपचुनाव के लिए लंबी बैठको और मंथन के बाद आज कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। कांग्रेस पार्टी ने खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस की अध्यक्ष यशोदा वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है।
खैरागढ़ विधानसभा क्रमांक 73 के उपचुनाव को लेकर प्रत्याशी चयन करना राजनीतिक दलों के सामने टेढ़ी खीर साबित हो रहा था, दावेदारों की लंबी फेहरिस्त के बीच कांग्रेसी पार्टी ने अपने विधानसभा उपचुनाव प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस की अध्यक्ष यशोदा नीलांबर वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। यशोदा वर्मा के नाम की घोषणा होने के बाद उनके समर्थक उन्हें बधाई देने पहुंचने लगे। कांग्रेस पार्टी के द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर यशोदा वर्मा ने कहा कि वह जनता के बीच प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार के विकास कार्य और उनकी योजनाओं को लेकर जाएंगी, उन्हें पूरी उम्मीद है कि खैरागढ़ क्षेत्र की जनता कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान करेगी।
यशोदा वर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से की गई है। यशोदा वर्मा वर्ष 1999 से 2014 तक देवारीभांट से सरपंच रह चुके हैं, तो वही पूर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ ही वह कांग्रेस पार्टी के संगठन में कई पदों पर रही हैं और वर्तमान में वे खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष है। इसके अलावा यशोदा वर्मा लोधी समाज महिला विंग की जिलाध्यक्ष भी है। खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया की जा रही है। खैरागढ़ के राजा स्वर्गीय देवव्रत सिंह कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव जीते आए हैं, लेकिन वर्ष 2018 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर जनता कांग्रेस-जे से चुनाव लड़ कर जीत हासिल की थी। ऐसे में यहां उपचुनाव के लिए राजपरिवार से ही किसी को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा भी रही, लेकिन लोधी समाज की बाहुल्यता वाले खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जाति समीकरण को देखते हुए कांग्रेस ने लोधी समाज से ही यशोदा वर्मा पर भरोसा जताया है और उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है।