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यादों के झरोखे से…..

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दो वर्ष पूर्व आज ही के दिन विधायक निर्वाचित होने के बाद पहली बार संसदीय सचिव रेखचंद जैन,अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार व शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव शर्मा राजधानी रायपुर रवाना हुए थे और ठीक दो दिनों के बाद छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार का गठन हुआ था।

मुख्यमंत्री के पिता द्वारा समय-समय पर हमारे आराध्य पेन पुर का राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह उठा समाज को भी विभिक्त करने का प्रयास कर रहें हैं

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जगदलपुर – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्री राम के ननिहाल इस पवित्र बंधन क्षेत्र को राम के द्वारा त्रेता युग में गुजरे हुए मार्गों को राम वन गमन सर्किट पर्यटन एवं आस्था के साथ संरक्षित करने की योजना राम गमन वन पर सर्किट का निर्माण किया जा रहा है जो कि स्वागत योग्य है किंतु महोदय लगातार देखा जा रहा है कि नंद कुमार बघेल मुख्यमंत्री के पिता के द्वारा समय-समय पर हमारे आराध्य पेन पुर का राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह उठाते हैं समाज को भी विभिक्त करने का प्रयास कर रहें हैं इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के श्रेष्ठ नेतृत्व के द्वारा भी राम एवं सेतु जैसे संस्कृतिक धरोहर को काल्पनिक बतना भी मुख्य रहा है तीसरी कड़ी में आप सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के नाम से संगठन द्वारा राम वन गमन पथ का विरोध किया जा रहा है |

बस्तर मूल आदिवासी समाज सहित अन्य अनुसूचित जाति अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के अतिरिक्त विभिन्न पंथ सिख बौद्ध जैन द्वारा भी राम को पूजा जा रहा है एवं सदियों से समस्त समाज सामाजिक सद्भाव के साथ रहते हुए आये हैं बस्तर में आदिवासी समाज द्वारा पुरातन काल से ही सनातन संस्कृति पर आस्था रखते हुए उन्हें मनाते आ रहे हैं जिसका प्रमाण बस्तर के हर कोने कोने में विद्यमान श्री राम जी की आराध्य बूढ़ादेव शिव के अनेकों अनेकों शिवलिंग केशकाल रामपाल देवड़ा ढोल काल गणेश जी की प्रतिमा बारसूर मामा भांजा मंदिर कंकालिन काली माता देवी शीतला मां सीता नारायण पाल शिव जैसे कई प्रमाण मिलते हैं जनजाति समूह ने अपने बड़ों का नाम के साथ राम जुड़ा होता है हिडकोराम बलीराम संतराम यह नाम रखना सिर्फ नाम नहीं अपितु ईश्वर का नाम लेकर स्वयं को पूर्ण मानते हैं ऐसेऔर कई आदर्श द्वारा मिलते हैं तथाकथित सर्व आदिवासी समाज बस्तर का समुचित जनजाति समाज विरोध करता है जनजाति गौरव समाज बस्तर संभाग के द्वारा माननीय कलेक्टर महोदय जगदलपुर को ज्ञापन सौंपा गया |


परीश बेसरा, राम प्रसाद मौर्य, धनेश्वर नेताम ,सुखदेव मंडावी, कमलेश विश्वकर्मा ,निलंबर बघेला, यमरु राम यादव ,डूमर बघेल ,गौरव कश्यप ,पवन कुमार नाग ,बंसी कश्यप ,सुदाम कश्यप, महेस कश्यप ,पूरन सिंह बघेल, सेमसिग बेसरा ,सुकलदर कश्यप

सूत न कपास, कहीं आस, कहीं प्यास…दो साल का जश्न और ये सियासी सरगर्मी

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अर्जुन झा – जगदलपुर

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने के जश्न के दौर में सियासी सरगर्मी तेज है। नेतृत्व परिवर्तन का कहीं सूत नज़र आ रहा न ही राजनीतिक कपास के फूल। लेकिन सियासी गलियारों में कहीं आस और कहीं प्यास का आलम चर्चा का सबब बना हुआ है। भूपेश बघेल के राज में विपक्ष राहत का पानी चाहता है। भूपेश बघेल के अंदाज से विरोधियों का गला सूख रहा है। वे चाहते हैं कि यदि कांग्रेस में फिफ्टी फिफ्टी का कोई खेल हो जाय तो भूपेश की सख्ती से छुटकारा मिले। जबकि कांग्रेस का वह खेमा आस लगाए बैठा है, जो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सक्रियता के बीच सामंजस्य स्थापित नहीं कर पा रहा और खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। इस खेमे को उम्मीद है कि प्रयास करने से कुछ हासिल हो सकता है।

नेतृत्व न सही, अहमियत मिल जाय, यही कुछ कम नहीं। अभी तो केवल नाम की ओहदेदारी से काम चलाना पड़ रहा है। इस प्रसंग में राज्य की राजनीति में इस समय भारी खलबली मची हुई है। क्या कोई राजनीतिक तूफ़ान आने वाला है? आसार तो नहीं हैं, लेकिन राजनीति में कुछ भी असम्भव नहीं होता। वैसे कांग्रेस में बमुश्किल निष्प्रभावी हुईं गुटबाजी इस माहौल में फिर से पनपने के आसार दिखते महसूस किए जा रहे हैं। इस समय प्रदेश में ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री की चर्चाओं ने जनता को भ्रम में डाल रखा है कि क्या छह माह बाद वाकई नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है? राज्य में तीन चौथाई बहुमत वाली कांग्रेस सरकार गठित होते समय ढाई ढाई साल के सीएम का फार्मूला चर्चा में आया था। मगर जल्द ही वह चर्चा बंद हो गई थी। अब दो साल पूरे होने के समय नए सिरे से यह बात सामने आ रही है तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहली बार इस मामले में स्पष्ट कर दिया है कि आलाकमान का आदेश होगा तो वे फौरन इस्तीफा दे देंगे। भूपेश बघेल का कहना है कि आलाकमान के कहने पर ही वे मुख्यमंत्री बने हैं और अगर पार्टी आलाकमान कह दे तो अभी पद से इस्तीफा दे दूंगा।

उनका कहना है कि मुझे मुख्यमंत्री पद से मोह नहीं है। इस तरह उन्होंने खुलासा कर दिया है कि पार्टी आलाकमान जो चाहे वह तत्काल प्रभाव से मंज़ूर है। अब मूल बात तो यह है कि आलाकमान क्या चाहता है? भाजपा ने मांग उछाल दी है कि कांग्रेस आलाकमान स्पष्ट करे कि कौन मुख्यमंत्री होगा। अब यह तो स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री जो भी हो, वह कांग्रेस का ही होगा तब भाजपा बेगानी शादी में नाचने क्यों उतावली हो रही है? बात यह है कि विपक्ष के तौर पर भाजपा सीएम बघेल को लेकर आरम्भ से ही सहज नहीं है। सीएम बघेल के आक्रामक तेवर उसे बदलापुर की राजनीति नज़र आते हैं। वैसे यदि सरकार और विपक्ष के नेता के बीच सहज संबंध हों तो विपक्ष को सियासी नुकसान होता है। यह बात भाजपा बेहतर तरीके से जानती है। जब कांग्रेस संगठन अध्यक्ष की हैसियत से भूपेश बघेल ने तीखे तेवरों के साथ भाजपा सरकार को घेरा तो उसके डेढ़ दशक की सत्ता छिन गई। कांग्रेस सरकार के मुखिया की भाजपा के प्रति आक्रामकता ही भविष्य में उसके लिए उम्मीद के द्वार खोल सकती है, यह बात उसके नेताओं को समझना चाहिए। विपक्ष में रहते हुए राहत की तलाश करना संघर्ष की धार को खत्म करने की कोशिश के समान होता है।

कांग्रेस सरकार में मौजूदा हालात ही भाजपा के भविष्य के लिए उपयुक्त हैं। यदि हालात में बदलाव होगा तो भाजपा की आक्रामकता पर प्रभाव पड़ेगा, यह उसके लिए घातक हो सकता है। वैसे मुख्यमंत्री बघेल का कहना है कि जो लोग ऐसी गलतफहमी पैदा कर रहे हैं वे राज्य के साथ अच्छा नहीं कर रहे। उनसे राज्य का विकास नहीं देखा जा रहा है। विकास देखकर तकलीफ हो रही है। यानी सीएम बघेल को अपने कामकाज पर पूरा भरोसा है कि वे राज्य का विकास जनता की भावनाओं के अनुरूप कर रहे हैं। उनकी अपनी पार्टी का आला कमान तो यह महसूस कर ही रहा है। तभी उन्हें चुनाव में दीगर राज्यों में स्टार प्रचारक बनाया जाता है। इसके अलावा केंद्र की विपरीत विचारधारा की सरकार भी भूपेश बघेल सरकार के काम की तारीफ कर रही है। तब काम के मामले में तो नेतृत्व परिवर्तन की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं है। अगर ढाई ढाई साल वाली कोई बात है तो वह अब तक एक अबूझ पहेली ही है। मुख्यमंत्री बघेल का कहना है कि जनादेश 5 साल के लिए मिला है तो यह समझा जा सकता है कि वे यह बात अपने नेतृत्व वाली सरकार के बारे में कह रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले को तूल देने की क्या जरूरत है, जबकि नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की मांग है कि कांग्रेस आलाकमान स्थिति स्थिति साफ करे।

कौशिक का कहना है कि प्रदेश के एक कद्दावर नेता के बयान पर मुख्यमंत्री का बयान आया है। कांग्रेस आलाकमान को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि क्या प्रदेश में ढाई-ढाई साल के सीएम का कार्यकाल तय किया गया या नहीं। वैसे भाजपा इसी बहाने सत्ताधारी दल की उथल पुथल से उत्साहित हैं। उसके राजधानी रायपुर के शहर जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक श्रीचन्द सुंदरानी ने ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री वाले बयान पर कहा है कि भूपेश बघेल द्वारा अभी इस्तीफा देने और यहां से चले जाने की बात दो साल की विफलता का अहसास है। राहुल गांधी हस्तक्षेप कर मध्यप्रदेश के उदाहरण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बीच सुलह करवाएं। अब यहां प्रश्न यह है कि भाजपा यह सुलह क्यों चाहती है और उसके अपने भीतर क्या सब ठीक ठाक चल रहा है? कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी जवाबी फायरिंग करते हुए कह रहे हैं कि भाजपा यह देखने की बजाय कि कांग्रेस के भीतर क्या चल रहा है, यह देखे कि भाजपा के अंदर क्या चल रहा है। वैसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तो अपनी बात खुलकर सामने रख दी। फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है, लेकिन भाजपा में जो कलह चल रही है और जिसके कारण वह विधानसभा चुनाव में बस्तर से पूरे सफाए के साथ ही प्रदेश में चौदह सीटों पर सिमट गई, उसका समाधान कब और कैसे होगा, यह भी तो एक बड़ा विषय है। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा के भीतर से ही सवाल उभरते हैं तब भाजपा मौन व्रत धारण कर लेती है। सियासी लिहाज से यही सही होगा कि भाजपा अपनी जमीन मजबूत करने और कमजोरी दूर करने की कोशिशों पर ध्यान देते हुए सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करे। दो साल बीत गए। देखते ही देखते बाकी वक्त और गुजर जायेगा। इन पांच सालों में सरकार और विपक्ष दोनों को ही जनता अच्छे से जान लेगी। भूपेश बघेल सरकार अपने काम और भाजपा अपने संघर्ष को किस तौर तक ले जाते हैं, ये आने वाला समय बताएगा। अभी तो भाजपा सत्ताधारी कांग्रेस की खिड़कियों के सुराख में झांकने की बजाय अपना घर देखे तो ज्यादा अच्छा होगा।

Breaking Corona Alert – दल्लीराजहरा में आज 18 कोरोना संक्रमित मिले

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दल्लीराजहरा – आज दल्लीराजहरा में 18  कोरोना संक्रमित मिले |

एक नजर – दल्लीराजहरा के किस वार्ड से कितने संक्रमित मिलें |

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आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 04 से 03, वार्ड क्र 07 से 03, वार्ड क्र 11 से 01, वार्ड क्र 17 से 01, वार्ड क्र 19 से 01, वार्ड क्र 22 से 03, वार्ड क्र 23 से 02, वार्ड क्र 24 से 01, वार्ड क्र 26 से 01 और  वार्ड क्र 27  से 02 की पुष्टि हुई है |

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इस प्रकार आज एंटीजन से 05, आरटीपीसीआर से 12 और ट्रू नॉट से 01 की रिपोर्ट के आधार पर कुल 18 लोग कोरोना संक्रमित मिले |

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विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |

युवाओं को राजनीति में लाने का श्रेय संजय गांधी के नाम, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर श्रीमती सफीरा सहित कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि

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जगदलपुर।किसी भी पार्टी की रीढ़ युवा होते हैं और युवाओं को राजनीति के क्षेत्र में आगे लाने का श्रेय तत्कालीन महामंत्री स्व.संजय गांधी को जाता है और उन्हीं के बदौलत युवा राजनीति के क्षेत्र में ऊंचे मुकाम पर हैं। उक्त बातें छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय व श्रम विभाग के संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने संजय गांधी की जयंती के अवसर पर कहीं।बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) द्वारा संजय गांधी की 74 वीं जयंती कांग्रेस भवन में सादगी और गरिमामय के साथ मनाई गई सर्वप्रथम उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने स्व. संजय गांधी का जीवन वृत्तांत , राजनीति के क्षेत्र में योगदान, इंदिरा गांधी की सरकार में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी सहित अन्य विषयों को कार्यकर्ताओं के सामने रखा। इस दौरान महापौर सफीरा साहू, जिला महामंत्री अनवर खान, खेल प्रकोष्ठ शहर जिलाध्यक्ष जावेद खान ने भी संबोधित करते हुए स्व.संजय गांधी की जीवनी पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेसी सतपाल शर्मा ने किया।

पार्षद कमलेश पाठक,हरीश साहू,कौशल नागवंशी, हरिशंकर सिंह,मोईन अख्तर,राम साहू,कुलदीप भदौरिया, छबिश्याम तिवारी,नरेंद्र तिवारी,महेश ठाकुर,अवधेश झा,छोटू ध्रुव,अंकित सिंह,प्रवीण जैन,पूरन ठाकुर,एम वेंकट राव,ललित नाहटा,बंटी भदौरिया,गायत्री मगराज, उमेश सेठिया,मातीयस नम्रर्शिल,गणेश झा,संजय पाठक,संदीप दास सहित कांग्रेस परिवार के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।

Breaking प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल को लेकर कलेक्टर को कारवाई का आदेश, जिले के पटवारियों ने मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में किया धरना प्रदर्शन

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रायपुर – आज से शुरू हुई पटवारियों की प्रदेश स्तरीय हड़ताल को प्रदेश सरकार ने अवैध बताया है। राजस्व पटवारी संघ लगातार अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन कर रहा था। 1 दिसंबर को एक दिनी प्रदर्शन के बाद 2 से 12 दिसंबर तक पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद अब आज से पटवारियों की हड़ताल शुरू हुई है।

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पटवारियों के हड़ताल से राज्य में कई काम बाधित हो सकते हैं, सबसे ज्यादा नुकसान मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शुरु हुए गिरदावरी सुधार कार्य में होगा, क्योंकि पटवारी के बगैर त्रुटि सुधार ही बंद हो जायेगा। वहीं खरीफ फसल कटाई प्रयोग, लघु सिंचाई संगणना, कृषि संगणना, खरीफ फसल का पूर्वानुमान और भू-अभिलेख से संबंधित काम भी बंद हो जायेंगे।

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राजस्व सचिव रीता शांडिल्य ने आदेश जारी कर पटवारियों के इस आंदोलन को अवैध करार दिया है। हड़ताली  पटवारियों ने सीधे सीधे कहा है कि वे सस्पेंड होने को तैयार हैं, लेकिन अपनी मांगों से पीछे हटना मंजूर नहीं है।

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क्या है पटवारियों की प्रमुख मांगे

* ऑनलाइन भुइँया सॉफ्टवेयर की समस्या एवं संसाधन।
* वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति।
* बिना विभागीय जकनच के एफ. आई.आर. दर्ज न हो।
* फिक्स टी.ए.।
* स्टेशनरी भत्ता।
* नक्सल भत्ता।
* मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त हो।
* अतिरिक्त प्रभार के हल्के का भत्ता।

* वेतन विसंगति दूर किया जाए।

कृषि संशोधन बिल 2020 के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे पूर्व सांसद अभिषेक सिंह

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बालोद – केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कृषि संशोधन विधेयक बिल 2020 पर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से चर्चा हेतु राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे जहां प्रेस वार्ता में उन्होंने कृषि संशोधन बिल पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह बिल किसानों के भविष्य से जुड़ा है किसान की उन्नति तरक्की और बेहतरी के लिए यह तीन बिल देश की विभिन्न पार्टियों के समर्थन से लोकसभा एवं राज्यसभा में पास हुआ है मुख्य रूप से दो विषय आज चर्चा में है एपीएमसी एक्ट और एमएसपी भारत में एमएसपी अंग्रेजों के शासन काल में ब्रिटेन इंग्लैंड को काटन की आवश्यकता होती थी भारत के सस्ते दाम पर खरीदने के लिए अंग्रेजों द्वारा एपीएमसी एक्ट लाया गया था एमएसपी अंग्रेजों से पहले अलाउद्दीन खिलजी के शासन में उनके सैनिक को अनाज खरीदने हेतु प्राइस कंट्रोल कंपैरिजन लागू हुआ आजादी के बाद 1960 में सत्ता की अस्थिरता थी 3 प्रधानमंत्री बदले गए देश में खाद्यान्न की भारी कमी से जूझ रहा था भुखमरी से अकाल से बंगाल आदि प्रदेशों में लोग मर रहे थे अनाज के लिए दूसरे देश पर निर्भर थे जहाजों में भरकर खाद्यान्न लाया जाता था |

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इससे उबरने के लिए कृषि के क्षेत्र में सुधार को लेकर विषय एक्सपर्ट से राय लेकर हरित क्रांति के लिए प्रयास किया गया खिलजी के नियमों को हटाकर एमएसपी लाया गया किसानों को पानी बिजली उर्वरक कीटनाशक आदि कम दामों पर उपलब्ध कराए गए जिसका अधिक लाभ पंजाब हरियाणा जैसे उपजाऊ प्रदेशों को हुआ भंडारण को लेकर पंजाब हरियाणा से गेहूं चावल के दोनों फसलों में एपीएमसी मंडी की व्यवस्था का लाभ मिला कांग्रेस के शासनकाल मे सरकारी व्यवस्था पर कहते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में किसानों को केवल 300 करोड़ रुपए ऋण मिलता था वह भी 18% ब्याज पर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लगभग 3000 करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराया वह भी 0% ब्याज पर भाजपा की सरकार ने देश किसानों के हित में रोल मॉडल का काम किया केंद्र और राज्य को मिलाकर कुछ आमूल चुक परिवर्तन कर किसानों को उन्नति की राह पर लाया किसानों को मंडी टैक्स खड़ा किया बिचौलियों के कमीशन के चक्कर में पिस रहे थे उदाहरण के तौर पर अकेले पंजाब में 3% मंडी कमीशन 3% सरकार का टैक्स व ढाई प्रतिशत अढतियो को मिलाकर 8.5 प्रतिशत का नुकसान किसानों को होता था यह बिल इससे मुक्ति दिलाकर वन नेशन वन मार्केट के रूप में लाया गया एक जानकारी के अनुसार किसानों को 100% उत्पादन को बेचने तक 33% का नुकसान हो जाता है |

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इससे उबरने के लिए कृषि के क्षेत्र में सुधार को लेकर विषय एक्सपर्ट से राय लेकर हरित क्रांति के लिए प्रयास किया गया खिलजी के नियमों को हटाकर एमएसपी लाया गया किसानों को पानी बिजली उर्वरक कीटनाशक आदि कम दामों पर उपलब्ध कराए गए जिसका अधिक लाभ पंजाब हरियाणा जैसे उपजाऊ प्रदेशों को हुआ भंडारण को लेकर पंजाब हरियाणा से गेहूं चावल के दोनों फसलों में एपीएमसी मंडी की व्यवस्था का लाभ मिला कांग्रेस के शासनकाल मे सरकारी व्यवस्था पर कहते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में किसानों को केवल 300 करोड़ रुपए ऋण मिलता था वह भी 18% ब्याज पर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लगभग 3000 करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराया वह भी 0% ब्याज पर भाजपा की सरकार ने देश किसानों के हित में रोल मॉडल का काम किया केंद्र और राज्य को मिलाकर कुछ आमूल चुक परिवर्तन कर किसानों को उन्नति की राह पर लाया किसानों को मंडी टैक्स खड़ा किया बिचौलियों के कमीशन के चक्कर में पिस रहे थे उदाहरण के तौर पर अकेले पंजाब में 3% मंडी कमीशन 3% सरकार का टैक्स व ढाई प्रतिशत अढतियो को मिलाकर 8.5 प्रतिशत का नुकसान किसानों को होता था यह बिल इससे मुक्ति दिलाकर वन नेशन वन मार्केट के रूप में लाया गया एक जानकारी के अनुसार किसानों को 100% उत्पादन को बेचने तक 33% का नुकसान हो जाता है |

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कांग्रेस के विरोध पर कटाक्ष करते हुए कहां की 2010 में शरद पवार जी यूपीए के शासनकाल में एपीएमसी में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते रहे 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में यह कृषि बिल लाने की बात कहते थे उनका विरोध करना एक अचरज की बात है वर्षों से कांग्रेश लिखित रूप से इस पर काम कर रही है किंतु आज राजनीतिकरण के लिए इसका विरोध कर रही है कांग्रेस पार्टी यह भ्रम फैला रही थी कि एमएसपी बंद हो जाएगा मोदी जी ने अनेकों बार स्पष्ट रूप से कहा है कि एमएसपी पर खरीदी जारी रहेगी किसानों में यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि मंडी का प्राइवेट करण किया जा रहा है जिससे सरकारी मंडी बंद हो जाएगी किंतु मोदी जी के इस बिल से जहां सबसे अच्छा दाम मिले वहां अपना उत्पादन बेचने की आजादी किसानों को दी है यह अफवाह फैलाया जा रहा है कि किसानों को कीमत का निर्धारण नहीं कर पाएंगे किंतु यह स्पष्ट है कि किसान स्वतंत्र है वह कांट्रैक्ट में अपना दाम स्वयं तय करेगा सामूहिक व लाभदायक खेती के लिए प्रयास किया जा रहा है |

यूपीए के शासनकाल में 2009 से 2014 तक एमएसपी पर 3.74 लाख करोड़ टन की खरीदी की गई वहीं एनडीए के शासनकाल में आठ लाख करोड़ एमएसपी पर खरीदी की गई कांग्रेस द्वारा 1.29 मिट्रिक टन दाल की खरीदी गई जबकि बीजेपी के द्वारा 112 लाख मैट्रिक टन दाल की खरीदी की गई भ्रम और झूठ का जाल फैलाकर विरोधी पार्टियां राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है एवं भीड़ का सहारा लेकर देश विरोधी ताकतें देश को तोड़ने के लिए अपना एजेंडा पूरा कराना चाह रही है किंतु देश विरोधी ताकतों के साथ देश की जनता नहीं है नरेंद्र मोदी जी के देश के प्रति निष्ठा और कार्यों को आम जनता देख रही है जनता मोदी जी के साथ खड़ी है |

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जिले के नेताओं व कार्यकर्ताओं से सौजन्य भेंट व चर्चा किया गया संगठन के कार्य पर चर्चा हुई प्रमुख रूप से प्रदेश मंत्री राकेश यादव जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार पूर्व विधायक प्रीतम साहू राजेंद्र राय महामंत्री प्रमोद जैन किशोरी साहू कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह वरिष्ठ नेता पवन साहू छगन देशमुख नंदकिशोर शर्मा होरीलाल रावटे अश्वनी यादव नरेश यदु संध्या भारद्वाज राकेश छोटू यादव त्रिलोकी साहू ठाकुर राम चंद्राकर अनीता कॉमेटि शरद ठाकुर नरेश साहू कीर्तिका साहू प्रेम साहू सुरेश निर्मलकर कौशल साहू रुपेश सिन्हा लोकेश श्रीवास्तव राजीव शर्मा खिलेश्वरी साहू प्राची लालवानी अमित चोपड़ा कमलेश सोनी सुरेंद्र देशमुख टोमन साहू धर्मेन्द्र गडियोक सौरभ लुनिया संजय साहू गजेंद्र यादव अबरार सिद्दीकी तोमन साहू विश्वास दारासिंह भैसार्य गिरजेश गुप्ता अमित दुबे प्रशांत भारद्वाज तेजराम साहू राजेश दीवान योगेंद्र सिंह विक्रम लालवानी आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम के पश्चात सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पूर्व विधायक स्वर्गीय लाल महेंद्र सिंह टेकाम पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बालोद के ससुर लिला शर्मा के ससुर स्वर्गीय सोमेश शर्मा लाटाबोर्ड के युवा कार्यकर्ता सतीश साहू को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया

दल्लीराजहरा निवासी पर जान से मार डालने की नियत से हमला करने वाले नगर के ही 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

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दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा निवासी पर जान से मार डालने की नियत से लोहे की रॉड और डंडे से हमला करने वाले नगर के ही 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है | प्राप्त जानकारी के अनुसार दल्लीराजहरा के वार्ड क्र 04 में रहने वाले युगेन्द्र यादव पिता  स्व0  चंदेश्वर यादव उम्र 49 वर्ष के साथ हुए मारपीट का मामला है |

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बताया जा रहा है मामला 09 दिसबर की रात्रि करीब साढ़े ग्यारह बजे घर पर था उसी समय उनके रिश्तेदार राहुल रंजय के साथ किसी अन्य व्यक्ति द्वारा झगड़ा विवाद करने की सूचना पर युगेन्द्र यादव जैन भवन के पास गया और जहां झगड़ा हो रहा था झगडे को शांत करना चाहा किंतु उसी समय बलवंत, सुमित, परमेश्वर,दिपेश, देवनिषाद, आयुश करण, अनिल सिंधी, किरण(बबलू) और सुशील निषाद लाठी, डंडा एवं लोहे के रॉड के साथ गुस्से में गाली गलौज करते हुए वहां आ धमके और उन्ही 10 लोगों में से बलवंत ने युगेन्द्र यादव को लोहे के राड से सिर हाथ और घुटने में ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया और साथ में युगेन्द्र यादव के बेटे हिमांशु के साथ भी मारपीट किया गया |

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इस प्रकार हमला करते देख मौके पर मौजूद रंजय, राहुल, नवल किशोर और सुरेन्द्र सिंह बीच बचाव किया | उसके बाद युगेन्द्र यादव द्वारा उन 10 लोगों के खिलाफ मारपीट किये जाने को लेकर दल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिसमे पुलिस ने 10 लोगो के खिलाफ धारा भादवि 147,149,294,323 506 के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है ।

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कांग्रेस पर हमलावर हुए भाजपा प्रवक्ता केदार, किसानों को कुछ कांग्रेसी बरगला रहे

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जगदलपुर।पूर्व मंत्री व प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों की हित में कृषि बिल लाकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि बीते 70 सालों तक केंद्र में कांग्रेस ने राज किया। इस बीच किसानों को उनके उपज का सही मूल्य नही मिला। किसानों को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा। किसान ऋण लेने को मजबूर थे। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि बिल के माध्यम से किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। कृषि बिल के नीति से देश के किसानों की आय दुगुनी हो जाएगी। किसानों के हित में यह बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला मोदी सरकार द्वारा लिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब ही कृषि बिल तैयार किया गया था। तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार कृषि बिल का पूरा समर्थन कर रही थी। लेकिन अब उनके द्वारा ही बनाये गए कृषि बिल का कांग्रेस विरोध कर रही है। केदार कश्यप ने कहा कि यह बिल किसानों के हित में है, जिसका समर्थन कांग्रेस को भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ तथाकथित लोग किसानों के बीच पहुंचकर उनको भ्रमित करने का काम कर रहे है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल के नीति के अनुसार किसान अपना उपज स्थानीय बाजार समेत अन्य राज्यों में भी बिना किसी रोकटोक के उचित दाम में बेच सकते है।

उन्होंने कहा कि इस बिल के नीति के अनुसार किसान बिना किसी बिचौलियों की मदद लिए सीधे व्यापारी से सम्पर्क कर उचित मूल्य में अपना उत्पादन बेच सकते है। बिल में बने प्रावधान में किसानों को खाद भी मिलेगा। केदार कश्यप ने बताया कि इस बिल में बकायदा यह भी उल्लेख किया गया कि किसान और व्यापारी के बीच अगर किसी तरह का विवाद उतपन्न होता है तो ऐसे विवादों के निपटारे के स्थानीय स्तर पर एक कमिटी का गठन किया जाएगा। यह कमिटी 30 दिनों के भीतर ही विवाद सुलझाएगी। विवाद के दौरान किसान को न्यायालय तक जाने की जरूरत नही पड़ेगी। किसान द्वारा बेचे गए उसके उत्पादन का भुगतान खरीददार द्वारा 3 दिनों के भीतर ही कर दिया जाएगा। कृषि बिल की नीति से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। जिससे किसानों को सीधे फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वन नेशन वन मार्केट (एक देश एक बाजार) का सपना इस बिल को लागू करने के बाद पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि बिल के माध्यम से किसानों को कृषि सम्बन्धित उपकरण खरीददार द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसमें फसल बीमा और खेती करने के लिए वित्तीय ऋण भी किसानों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कृषि बिल लागू होने के बाद भी किसानों का उत्पादन मंडियों में एमएसपी में खरीदना बंद नही होगा। उन्होंने कहा कि वैसे भी मंडियां राज्य सरकार द्वारा संचालित की जाती है। कृषि बिल लागू होने बाद कृषि मंडी बंद नही होगी। केदार कश्यप ने कहा कि कृषि बिल लागू होने के बाद किसान मंडी के अलावा अपना उत्पादन किसी भी अन्य शहर या राज्य में बेच सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तथाकथित लोग किसानों के बीच पहुंचकर उनको भ्रमित करने का काम कर रहे है। कांग्रेस के द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस बिल से छोटे स्तर के किसानों को नुकसान होगा, और बड़े कंपनियों को फायदा मिलेगा। लेकिन ऐसा कुछ नही होगा, कृषि बिल से सभी तरह के किसानों को सीधे फायदा ही मिलेगा। कृषि बिल लागू होने से किसान कमजोर नही बल्कि शक्तिशाली बनेंगे। ई – ट्रेडिंग के माध्यम से किसान अपना उत्पादन उचित मूल्य में कहीं भी बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी किसानों के हित में काम नही करेगी

प्रशिक्षण से ही कार्यकर्ताओं में आती है निखार : साय

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जगदलपुर । भाजपा के दो दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग शिविर का समापन आज प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय की उपस्थिति में हुआ। इस मौके पर श्री साय ने कहा कि प्रशिक्षण से ही कार्यकर्ता प्रखर और प्रमाणिक बनता है। संगठन में वैचारिक आधार को और मजबूत बनाने के लिए हमें हमेशा प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।

भाजपा जिला कार्यालय साय
आयोजित अखिल भारतीय मण्डल प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र को संबोधित करते प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय ने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही समाजिक जीवन में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए पार्टी की विचारधारा को मजबूत करता है। संगठन की शक्ति सामुहिकता का प्रतीक है और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता से सांगठनिक शक्ति का विस्तार होता है। कर्मयोग के साथ हर परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं को हर किसी के लिए प्रेरणा का पात्र बनना चाहिए।आज प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन प्रमुख वक्ता के रूप में पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, डॉ. सुभाऊ कश्यप, शेषनारायण तिवारी, सुधीर पाण्डे, नेताप्रतिपक्ष संजय पाण्डे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर उन्हें अनुशासित व संगठन के लिए समर्पित कार्यकर्ता बनने के गुर बताये। जगदलपुर नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने अपने संबोधन में सभी के सहयोग का आभार माना।

भाजपा के दो दिवसीय कार्यकर्ता वर्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश महामंत्री किरण देव, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपसिंह मण्डावी, श्रीनिवास राव मद्दी, विद्याशरण तिवारी, बैदुराम कश्यप, योगेन्द्र पाण्डेय, रामाश्रय सिंह, राजेन्द्र बाजपेयी, आर्येन्द्र सिंह आर्य, टेकेश्वर जैन, रजनीश पानीग्राही, नरसिंह राव, राजपाल कसेर, अश्वनी कुमार सरडे, दंतेश्वर राव नायडू, झुन्नूराम बघेल, संतोष जैन, श्रीमती प्रमीला कपूर, दीप्ति पाण्डे, संतोष त्रिपाठी, ममता पोटाई, रीना घोष, शंभूनाथ, महेन्द्र पटेल, सविता गुप्ता, दिगम्बर राव, धनसिंह नायक, श्रीपाल जैन, नवीन ठाकुर, अविनाश श्रीवास्तव, रंजीत पाण्डे, लक्ष्मण झा, आलोक अवस्थी सहित कार्यकर्ता मौजूद थे।

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