कोरोना महामारी से बचाव के लिये देशभर में चल रहे टीकाकरण को लेकर कई तरह भ्रांतियां लोगों के मन में है. इन भ्रांतियों को दूर किया जाना बेहद आवश्यक है. इन भ्रांतियों को दूर करने के लिये सिटी मजिस्ट्रेट डौंडीलोहारा क्षेत्र ऋषिकेश तिवारी ने जानकारी साझा की है –
कोरोना भ्रांतियां और उनके सही जवाब-
1) मुझे हृदय रोग/डाय बिटीज/अन्य गंभीर रोग है इसलिए मैं वैक्सीन नही लगाऊंगा।
जवाब – आपको तो कोरोना संक्रमण से औऱ अधिक ख़तरा है।इसीलिए ऐसे लोगो को कोरोना के प्रथम चरण में ही टीका लगवाया गया है।यदि आपने नही लगवाया है तो तुरंत लगवाए।
2) टीका लगवाने के बाद लोगो को बुखार आ जा रहा है।
जवाब – बच्चो में भी उनके टीकाकरण के बाद हल्का बुखार आ जाता है।यह स्वाभाविक है।इससे प्रतिरक्षा शक्ति का निर्माण होता है।आप डॉक्टर से संपर्क कर आवश्यकता अनुसार सलाह भी ले सकते है।
3) कोरोना टीका लगाने के बाद भी लोगो को कोरोना हो रहा है।
जवाब – कोरोना टीका के बाद कोरोना संक्रमण की संभावना कम हो जाती है।कोरोना होने पर भी गम्भीर लक्षण नही होंगे और आप शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे।
4) कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ लोगो की मृत्यु हो गई है।
जवाब – अभी तक प्रदेश में कोरोना वैक्सीन लगवाने से किसी की भी मृत्यु नही हुई है।जिन लोगो की मृत्यु की बात कही जा रही है वह अन्य वजहों से हुई है।
कोविड वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित है । 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगो को वैक्सीन लगेगी । अतः 45 वर्ष से अधिक के व्यक्ति असुविधा व भीड़ से बचने तत्काल अपने निकटस्थ केंद्र में वैक्सीन लगवाए और स्वयं व अपने परिवार को कोरोना से सुरक्षित करें।
मंडल अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर ने जिला कलेक्टर से जिले में कोरोना महामारी लॉकडाउन की वजह से किसानों को विभिन्न दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जनप्रतिनिधि होने के नाते समस्याओं का निराकरण करने की मांग की जिसमे ग्रीष्मकालीन धान फसल काटने हेतु हारवेस्टर ट्रेक्टर चलाने हेतु डीजल आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए एवं रिपेयरिंग पार्ट्स व गैरेज दुकान खोलने की अनुमति प्रदान की जाए। धान व सब्जी के फसलों में मौसम परिवर्तन की वजह से ज्यादा बिमारी लग रही है। समय में सुरक्षित बचाव की आवश्यकता है
कीटनाशक दुकान को एक निर्धारित समय पर खोलने की अनुमति प्रदान करे। 3. दुध व्यवसायी किसान के दूध को 21 अप्रैल से गंगा मैय्या दुग्ध उत्पादक एवं प्रसंस्करण सहकारी समिति मर्यादित बालोद पंजीयन क्रमांक 87 दूध गंगा द्वारा किसानों को दूध का भूगतान 35 रूपए के स्थान पर 24 रूपए पर खरीदा जा रहा है जिससे किसानों को पूरा नुकसान हो रहा है अतः 35 रूपए की राशि दिलाई जाए. 4. किसानो को दूध बिक्री का पैसा बैंक के माध्यम से मिलता है उन्हे किसानो के खाते में अतिशीघ्र डाला जाए ताकि समय पर आवश्यकता के अनुसार आहरण किया जाए।
बालोद जिला में कोरोना महामारी अपना विकराल रूप धारण कर रही है उपलब्ध संसाधन पर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम अच्छा लडाई लड़ने का प्रयत्न कर रही है परंतु संसाधनों की कमी के कारण हमें हमारे कार्यो का बेहतर प्रमाण प्राप्त नहीं हो रहा है | प्रदेश मंत्री भाजपा ने कहा कि जिला खनिज न्यास निधि से 42 करोड रूपए प्रति वर्ष प्राप्त होता है केन्द्र सरकार के एक पत्र जारी कर 30 प्रतिशत राशि कोरोना के प्रबंधन में खर्च करने की अनुमति दे दी है अत: बालोद जिला में बेहतर स्वास्थ्य सविधाओं के लिए निम्नलिखित कार्यों को जिला खनिज न्यास निधि से स्वीकृति प्रदान करने की मांग की । जिसमे जिला चिकित्सालय बालोद में सीटी
स्कैन मशीन अति शीघ्र आवश्यकता खरीदी करें । जिला चिकित्सालय बालोद में 15 नग वेंटीलेटर की आवश्यकता की पूर्ति की जाए । दल्लीराजहरा, डौण्डी, गुरूर, डौण्डीलोहारा, गुण्डरदेही में 5-5 नग वैंटीलेटर लगाया जाए । जिला चिकित्सालय में रेमडीसीवी इंजेक्शन 3000 नग की पूर्ति की जाए । जिला चिकित्सालय में 2 एम्बूलेंस ड्रायवर की आवश्यकता है जिनकी अतिशीघ्र भर्ती की जाए । जिला चिकित्सालय में 1 नग अतिरिक्त शव वाहन की व्यवस्था करें । मुख्य चिकित्सा अधिकारी व विकास खण्ड चिकित्सा अधिकारी को तत्काल आवश्यकता के अनुरूप डीएमएफ फंड से राशि उपलब्ध कराया जाए। कोविड-19 वैक्सीनेशन हेतु 5 करोड़ रूपए की व्यवस्था कराई जाए।
ऑक्सीजन व सीटी स्कैन मशीन की सुविधा तत्काल प्रभाव में बालोद में करें सरकार – राकेश यादव
सरकार मरीजों को व्यवस्था देने में असफल, ऑक्सीजन की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराएं सरकार – सुरेश निर्मलकर
भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कोरोना काल में प्रयत्नों मै कमी बताकर तत्काल प्रभाव में व्यवस्था को दुरुस्त करने कहां, भाजपा शहर मंडल ने शासन प्रशासन से निवेदन किया है बालोद में पर्याप्त व्यवस्था के लिए जो भी संसाधन लगे उसे दुरुस्त किया जाए ताकि आगे और हानि जनता को ना हो |
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री राकेश यादव ने कहा कि भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच मतभेद का खामियाजा भुगत रही है छत्तीसगढ़ की जनता पूरे छत्तीसगढ़ में अव्यवस्था का आलम है लोग अपनी जिंदगी बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, बालोद जिला में डीएम का फंड है जिसका उपयोग कोरोना महामारी के लिए किया जाना चाहिए, विपक्ष अपनी भूमिका मजबूती से निभा रहा है मगर सरकार में बैठी अहंकारी सरकार अभी तक नींद में है जिसका खामियाजा पूरा छत्तीसगढ़ राज्य भोगा रहा है मैं बालोद की प्रबुद्ध जनता से निवेदन भी करता हूं कि मैं बढ़-चढ़कर वैक्सीन लगाने के लिए आगे आए हैं और लोगों को भी प्रेरित करें,
भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल के अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर ने कहा कि बालोद में जिला चिकित्सालय हो या कोविड सेंटर सरकार व्यवस्था देने में नाकाम है बात ऑक्सीजन की हो या दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता की अस्पतालों में नहीं है, मैं सरकार से मांग करता हूं कि बालोद में वेंटिलेटर की सुविधा भी दी जाए, बालोद जिला अस्पताल में मृत शव को ले जाने के लिए 1 से 2 दिनों का इंतजार परिवार जनों को करना पड़ रहा है मैं इस अवसर पर बालोद के सभी समाज सेवी संगठनों का दानदाताओं का आभार करता हूं जिनके प्रयासों से बालोद की स्थिति में थोड़ी सुधार आती दिख रही है, परंतु यह सरकार जनता को भगवान के भरोसे छोड़ दी है |
इस आधुनिक युग में जब सब जगह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर समय का बचत किया जा रहा है ऐसे में दल्ली राजहरा के बहुत से शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर आज भी मैनुअल तराजू का उपयोग किया जा रहा है। नगर के भाजपा पार्षद राजेश काम्बले किसान मोर्चा जिला कार्यसमिति सदस्य शंकर साहू ने प्रशासन से ये मांग की है कि नगर की सभी उचित मूल्य की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन लगाया जाए जिससे किसी भी प्रकार की कोई भी धांधली नहीं हो सके। ज्ञात हो मैनुअल तराजू होने के कारण दुकानों में बहुत समय लगता है जिससे लंबी कतार एवं ग्राहकों को असुविधा होती है साथ ही साथ कुछ दुकानों पर तराजू में हेरफेर कर
धांधली करने की बात भी सामने आई है। दल्ली राजहरा में कुल 10000 के आसपास राशन कार्ड धारी है और दुकानों की संख्या भी इसके अनुरूप बहुत ही कम है जिसके कारण हर दुकान पर प्रत्येक माह लंबी कतार लगती क्योंकि दल्ली राजहरा नगर मैं प्रशासन द्वारा हर वार्ड राशन दुकान की योजना को अब तक लागू नहीं किया गया है जिस कारण ग्राहकों को असुविधा होना तय है । ऐसे में अगर संचालित दुकानों द्वारा अपने कार्यप्रणाली को बेहतर करने की कोशिश की जाए तो असुविधा से बचा जा सकता है । भाजपा नेताओं द्वारा
प्रशासन से मांग की गई है कि जल्द से जल्द नगर के सभी दुकानों का दौरा कर सभी को इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन उपयोग करने का आदेश दें एवं हर वार्ड में राशन दुकान की लंबित योजना को जल्द से जल्द प्रारंभ करें साथ ही साथ कोविड-19 के मद्देनजर पूरे जिले में लॉकडाउन लगा हुआ है एवं सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकान को टोकन सिस्टम प्रणाली से कार्य करने का निर्देश प्राप्त है प्रशासन इस ओर भी ध्यान दे कि इस पद्धति से कार्य हो रहा है कि नहीं इसकी भी अवलोकन कर नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों पर कार्यवाही करें।
भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल के आह्वान पर कल रामनवमी के उपलक्ष्य में शहर मंडल के कार्यकर्ताओं ने एक एक दीप जलाकर कोरोना रूपी अंधकार को भगाने के लिए अंधेरे को प्रकाश में बदलने के लिए प्रभु राम की स्तुति की और अपने घर पर दीप जलाकर रामनवमी मनाया |
शहर मंडल अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर ने बताया कि इस महामारी में दवाओं के साथ-साथ दुआओं की भी जरूरत होती है इसलिए हमने कल राम नवमी के अवसर पर अपने कार्यकर्ताओं से कहा था कि भगवान की स्तुति करते हुए शाम 7:00 बजे एक साथ एक – एक दीपक घर पर जलाएं ताकि इस विषम परिस्थितियों से हम जल्द निकल पाए और कल हमारे आह्वान पर लगभग 50 कार्यकर्ता परिवार ने अपनी सहभागिता इस पुनीत कार्य में थी |
वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ के अध्यक्ष संजय बांठिया मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष प्रदीप लोढा दिगंबर जैन संघ के अध्यक्ष मुकेश जैन एवं गौतम बाफना क्रांति व् सुमित जैन द्वारा सकल जैन समाज दल्ली राजहरा के सहयोग से ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक आक्सीजन मशीन एवं सिलेंडर की व्यवस्था सर्वसमाज एवं जरूरत मंद लोगो के लिए की गई है।जिस किसी स्वजन या उनके परिजन को इस मशीन की आवश्यकता हो वो हमसे संपर्क कर अपने उपयोग हेतु लेकर जा सकते है।
मशीन लेने वाले व्यक्ति को अपना पाइप किट खरीदना होगा। किट भी उपलब्ध होंगे। किट की लागत 150 रुपये है
आधार कार्ड मशीन को लेने के लिए आवश्यक है। मौजूद व्यक्ति आधार कार्ड की तस्वीर लेगा।
यह उम्मीद की जाती है कि जैसे ही उपयोग खत्म हो जाएगा (आमतौर पर ज्यादा जरूरत हो तो अधिकतम समय सीमा 2 दिन उस बीच में दूसरी व्यवस्था करें ) मशीन को वापस दिया जाएगा |
मशीन को बॉक्स में ठीक से पैक किया जाना चाहिए। यह आसान हैंडलिंग में मदद करेगा।
कृपया मशीन का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से राय लें।
कृपया मशीन का उपयोग के बाद उसे साफ एवं सेनेटाइज कर के ही वापस करें।
मशीन को अपना समझ कर उसे साफ सुथरा एवं सुरक्षित ले जावे एवं उपयोग के बाद जल्द ही वापस देवें।
बकावंड 21 कपावडर पुलिस थाना अंतर्गत करपावंड के गदिया पारा जयमनी देवागन लॉकडाउन के नियम को खुला उल्लंघन करते दोषी पर करपावंड के पुलिस दर्द के साथ गदिया पारा पहुंचे इस दौरान जयमनी देवागन के निवास मैं विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था जिसमें कई लोग की मौजूदगी रही जबकि प्रशासन द्वारा कोविड नियम के चलते विवाह आयोजन मे खासकर लॉकडाउन अवधि मे 20 लोगो को शामिल होने की अनुमति दी गई है कि नतु विवाह कार्यक्रम में लॉकडाउन के नियमो का खुला मामला करपावड गदिया पारा का उल्लंघन करते पाया गया दोषी के विरूध्द दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 5000 का जुर्माना वसूला गया |
डॉ विनायक सेन और शहीद अस्पताल की देन है मितानिन योजना
दल्लीराजहरा – मज़दूरों के लिए अस्पताल चालू करने वाले छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध मजदूर-किसान नेता छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शहीद शंकर गुहा नियोगी है। जिनकी महज 48 वर्ष की उम्र में 28 सितंबर 1991 को भिलाई स्थित उनके अस्थायी निवास पर तड़के चार बजे के करीब खिड़की से निशाना बनाकर गोली मारी गई थी।
1981 में दो डॉक्टरों, आशीष कुंडू और विनायक सेन ने अपने सपने को साझा करने के लिए ‘नियोगी जी’ (जैसा कि उन्हें लोकप्रिय कहा जाता था) की टीम में शामिल हो गए और इसके बाद डॉ पवित्र गुह मेडिकोज ने इसे अभ्यास में डाल दिया। ठीक एक साल बाद डॉ सैबाल जाना उनके साथ शामिल हो गए और केवल दल्लीराजहरा के निवासी रह गए जो अभी वर्तमान समय मे शहीद अस्पताल चलाने के लिए सबसे वरिष्ठ चिकित्सक के रूप में बने हुए हैं और चिकित्सा के अलावा, वे सर्जरी और प्रसूति-स्त्रीरोग विज्ञान को समान दक्षता के साथ करते हैं।ज्ञात हो कि डॉ विनायक सेन और शहीद हॉस्पिटल के द्वारा ही प्रथम बार दल्लीराजहरा में मितानिन योजना अभियान चलाया गया था जो आज पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में लागू किया गया है।
वर्तमान समय मे चल रहे महामारी कोरोना वायरस में शहिद अस्पताल को आइसोलेशन सेंटर बनाने के साथ साथ कोरोना से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग ने अनुमति प्रदान की है। सन 1991 में नियोगी जी के सपनो के विरुद्ध जाकर बीएसपी के पूंजीपति कर्मचारियों ने नियोगी जी की हत्या की थी आज वही बीएसपी के कर्मचारी अपने बीएसपी प्रबंधन के बनाये अस्पताल में इलाज कराना छोड़ कर शहीद अस्पताल में अपना इलाज कराने के लिए राजनीतिक जुगाड़ और इधर उधर से फोन कर अपना इलाज कराने के लिए बाधित हो रहे है। नियोगी जी के विचारधारा को ना मानने वाले बीएसपी के पूंजीपति कर्मचारी आज नियोगी विचारधारा से चलने वाले शहीद अस्पताल के आगे झुकने को मजबूर हो चले है। ज्ञात हो कि बीएसपी द्वारा संचालित अस्पताल में बीएसपी के कोरोना मरीजों का इलाज नही किया जा रहा है। अस्पताल मात्र रिफर सेंटर बना हुआ है। जिस पर वर्तमान सीजीएम तपन सूत्रधार ने चुप्पी साध ली है। और बीएसपी कर्मचारियों को नियोगी विचारधारा के आगे नसमस्तक होना पड़ा।
वर्तमान समय मे चल रहे महामारी कोरोना वायरस में शहिद अस्पताल को आइसोलेशन सेंटर बनाने के साथ साथ कोरोना से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग ने अनुमति प्रदान की है। सन 1991 में नियोगी जी के सपनो के विरुद्ध जाकर बीएसपी के पूंजीपति कर्मचारियों ने नियोगी जी की हत्या की थी आज वही बीएसपी के कर्मचारी अपने बीएसपी प्रबंधन के बनाये अस्पताल में इलाज कराना छोड़ कर शहीद अस्पताल में अपना इलाज कराने के लिए राजनीतिक जुगाड़ और इधर उधर से फोन कर अपना इलाज कराने के लिए बाधित हो रहे है। नियोगी जी के विचारधारा को ना मानने वाले बीएसपी के पूंजीपति कर्मचारी आज नियोगी विचारधारा से चलने वाले शहीद अस्पताल के आगे झुकने को मजबूर हो चले है। ज्ञात हो कि बीएसपी द्वारा संचालित अस्पताल में बीएसपी के कोरोना मरीजों का इलाज नही किया जा रहा है। अस्पताल मात्र रिफर सेंटर बना हुआ है। जिस पर वर्तमान सीजीएम तपन सूत्रधार ने चुप्पी साध ली है। और बीएसपी कर्मचारियों को नियोगी विचारधारा के आगे नसमस्तक होना पड़ा।
विदित हो कि शहीद अस्पताल ने उन ग्यारह संविदा कर्मियों से अपना नाम कमाया जिन्होंने अपनी मांगों के लिए पुलिस फायरिंग और 1977 के 2-3 जून को दल्ली-राजहरा में छत्तीसगढ़ खान श्रमिक संघ (सीएमएसएस) के अधीन रहते हुए अपनी जान की बाजी लगा दी। 3 जून, 1983 को शहीद दिवस पर, अस्पताल में एक बूढ़े खनकदार लाहर सिंह और एक बूढ़े किसान हलाल खोर द्वारा 15-बिस्तरों और एक आउटडोर क्लिनिक के प्रतीक को खोला गया।
जल्द ही ये प्रयास एक बड़े लोगों के स्वास्थ्य आंदोलन में बदल गए और डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम ने 1994 तक अपनी क्षमता को बढ़ाकर 60 बेड कर दिया और वर्तमान समय मे नयी केंद्रीय कमेटी के 7 सदस्यों की टीम के साथ शहीद अस्पताल लगभग 170 बिस्तर वाला अस्पताल है जो लगभग 100 किमी से अधिक के जलग्रहण क्षेत्र की सेवा करता है। यह चिकित्सा, शल्यचिकित्सा, प्रसूति और स्त्री रोग, दंत चिकित्सा, बाल चिकित्सा और भौतिक चिकित्सा जैसी चौतरफा स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करता है, जो बहुत ही उचित लागत पर विनम्र आजीविका के साथ आबादी की सेवा करता है। यह एक अपडेटेड पैथोलॉजिकल लेबोरेटरी चलाता है और सप्ताह में 6 दिन ओपन आउट पेशेंट सेवाएं उपलब्ध हैं। और यह राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के तहत आईसीटीसी केंद्र और तपेदिक के लिए एक डॉट केंद्र भी रखता है। शहीद अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत गरीब लोगों को सेवाएं प्रदान करने का एक चैंपियन है।
शहीद अस्पताल को एक नीति के रूप में किसी भी फंडिंग एजेंसियों से कोई पैसा नहीं मिलता है। यह अभी भी देश भर में और विदेशों में भी एक स्वयंसेवक के रूप में शहीद शंकर गुहा नियोगी के सपने को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य स्वयंसेवकों को आकर्षित करता है।
बस्तर ब्लॉक के मावलीगुड़ा पंचायत में छेपडा पारा में पानी की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लोग पानी के लिए हाहाकार मचा रहे हैं त्राहि-त्राहि हो रहे हैं। वही छेपडा पारा के पंच जलन राम के द्वारा अपने खर्च पर वार्ड वासियों को पानी पिलाने की बीड़ा उठाया और प्रति टैंकर रु 300 की दर पर अपने खर्च से वार्ड वासियों को पानी पिलाकर प्यास बुझाने में काफी मदद कर रहा है ज्ञात हो कि नल जल योजना की सुविधा गांव के आधे वार्ड में होने के कारण आधा से ज्यादा गांव पेयजल की संकट से जूझ रहा है। जिसे पंचायत के सचिव सरपंच का ध्यान भटका हुआ नजर आता है।