दल्ली राजहरा:- इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन 2021(ICSE) class 12th में राजकुमार कॉलेज रायपुर में अध्ययनरत दल्ली राजहरा निवासी आरोही खोबरागड़े ने 97.25% अंक प्राप्त कर नगर को गौरवान्वित किया है। दल्ली राजहरा निवासी अनिल खोबरागड़े एवं डॉ.बीना खोबरागडे की सुपुत्री आरोही खोबरागड़े प्रारंभ से ही प्रतिभाशाली छात्रा रही है । आरोही खोबरागड़े के दादा जी .एस. खोबरागड़े एवं दादी श्रीमती जी. बी. खोबरागड़े सेवानिवृत्त शिक्षक है।
दल्लीराजहरा:- देश में प्रतिदिन बढ़ती महंगाई पेट्रोल डीजल रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी होने के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अकाश शर्मा जी के निर्देश पर एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथिलेश नरेटी के मार्गदर्शन में आजNSUI डौंडीलोहारा विधानसभा अध्यक्ष भरत देवांगन एवं उनकी टीम द्वारा दल्ली राजहरा में साइकिल रैली निकाल कर बढ़ती महंगाई के विरोध प्रदर्शन किया गया। यह साइकिल रैली कि शुरुआत जैन भवन चौक से कि गयी थी। जो मुख्य मार्ग होते हुए वापस जैन भवन चोक में आकर ही खत्म हुई |
इसके अलावा दल्ली राजहरा एनएसयूआई कार्यकर्ताओ द्वारा हाथों से पोस्टर बनाकर एवं नारे बाजी कर केंद्र सरकार को होश मे आने के लिए भी कहा है और केंद्र सरकार कि ओर इशारा कर उन्हें यह बताया भी की देश में बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों को बहुत परेशानी से उलझना पड़ रहा है। जिसका जवाब जनता आने वाले समय में देगी |
इस प्रदर्शन मेंNSUI विधानसभा उपाध्यक्ष दिनेश यादव,एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव,अभय, संभाग संयोजक एस निशा, आदित्य रामटेके,अकाश सिंह, नीरज साहू,तरुण देशमुख,हेमंत पटेल,निहाल उईके,मुकेश साहू कल्पना बम्बोड़े,हर्ष साहू,रौनक साहू,अमन जयसवाल,राज निर्मलकर,सुमित ,डिम्पल एवं बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता उपस्तिथ थे।
NSUI उपाध्यक्ष दिनेश यादव ने बताया कि मोदी सरकार केवल और केवल देश के युवाओं,छात्रों ,महिलाओ का शोषण करने का काम कर रही है रोज डीजल ,पेट्रोल ,रसोई गैस ,सरसो तेल के दामो में बेतहासा वृद्धि कर रही है जिससे गरीब तबके से आये लोगो को भारी दिक्कतों का सामान करना पड़ रहा है आने वाले लोकसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी |
केदार कश्यप ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र , बस्तर में आदिवासियों की ज़मीन को सरकार द्वारा बलात् अतिक्रमण करने बाबत तीन बिन्दुओं पर लगाया आरोप ..!!
12 अप्रैल 2021 को बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन की स्थिति थी ! बस्तर में 144 धारा लागू थी,तब ऐसी कौन सी इमरजेंसी आ गई कि राज्य सरकार को आनन-फानन में 12 गांव के ग्रामीणों को बुलाकर जनसुनवाई कार्यक्रम रखा गया,जहां पर कांग्रेस के स्थानीय विधायक उद्योग के पक्ष में जाकर,खेती व उपजाऊ जमीन देने के लिए उद्योगपतियों के साथ मिलकर मंच के माध्यम से बात किया! जिसका पूरजोर विरोध कर स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जमीन देने से इनकार कर दिया ! ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने पर स्थानीय आदिवासियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया और फर्जी ग्राम सभा के लिए दबाव बनाने लगे! जबकि ग्रामसभा मे कोई भी प्रस्ताव पारित करने सम्बंधित बैठक नही हुआ था।
सीलगेर के निवासी लक्ष्मी मुचाकी के साथ घटी घटना किसी से छुपी नहीं है ! उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरकार को अपनी पीड़ा गोंडी भाषा में बताई , जिसके तहत उसके 5 एकड़ जमीन को राज्य सरकार ने कैंप बसाने के लिए कब्जा कर लिया ! वह गरीब,अपने तीन बच्चों के साथ में न्याय मांगती फिर रही हैं,लेकिन सरकार का इस और कोई ध्यान नहीं है ! लक्ष्मी मुचाकी के पति को नक्सलियों ने मारा ,उसके बाद सरकार ने उस पीड़िता की पीड़ा को गंभीरता से संज्ञान में नहीं लिया ! क्या नक्सलियों के द्वारा मारे गए आम नागरिकों को सरकारी नौकरी में या मुआवजा में पात्रता हैं ? क्या उस पीड़िता को उसका लाभ मिलना चाहियें या नही ? कैंप की जमीन के लिए उस नक्सली पीड़िता को उसके एवज में दूसरी ज़मीन दी गयी क्या ? क्या उसका मुवावजा दिया गया ?
दंतेवाड़ा जिले के गीदम के हीरानार के लगभग 450 एकड़ में लघु उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से ले आउट लेने गई हुई टीम व जवानों पर आक्रोशित ग्रामीणों ने टँगीया व फरसी लेके दौड़ाने की खबर आई ! ग्रामीण अपने जमीन पर किसी भी तरह से सरकार को जमीन देने के पक्ष में नहीं है ! आपकी सरकार में यहां भी जबरन जमीन हथियाने का प्रयास किया जा रहा है ! ऐसे कई अन्य मामले हैं ! पूरे बस्तर में आदिवासियों के जमीन के विषय को लेकर लगातार मामले सामने आ रहे हैं , लेकिन सरकार इन मामलों में चुप्पी साधे बैठी हुई है! उक्त किसी भी मामलों में स्थानीय ग्राम पंचायत के बिना जानकारी व विश्वास में लिए कार्यवाही किया जा रहा है ! ज्ञात हो इन सभी विषयों में पांचवी अनुसूची व पेसा एक्ट संबंधी नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है !
एक तरफ तो आपकी सरकार टाटा की जमीन आदिवासियों को वापस करने के संदर्भ में पूरे देश मे ढिंढोरा पीटते हुए घूम रही है और अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है ! वहीं दूसरी ओर इन सारे मामलो में आदिवासियों के जमीन पर अतिक्रमण के साथ आदिवासियों के विरोध में खड़ी हुई दिखाई दे रही है !आपकी सरकार की यह दोहरी नीति समझ से परे हैं ! क्या आपकी सरकार उन ग्रामीणों के आवाज में अपना साथ देगी या उद्योगपतियों साथ खड़ी रहेगी ! आप की सरकार से अपेक्षा है कि उपरोक्त मामलो में उचित न्याय की व्यवस्था आदिवासियों को प्राप्त हो सकेगी !
जगदलपुर । पंचायत बस्तर भरवापदर के कल्याण नाग पिता सिताबी नाग जाति गड़वा ने कमीश्रर, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बस्तर को एक आवेदन प्रस्तुत कर अपने कब्जे की कृषि भूमि संपदा को उसी ग्राम के शोभा सिंह सेठिया पिता शिवराम सेठिया से मुक्त कराने की मांग की है।
कल्याण नाग ने बताया कि भरवापदर ग्राम बस्तर में खसरा नंबर 733/1 रकबा 02.10 एकड़ जमींन राजस्व अभिलेख के अनुसार मेरे कब्जे में अंकित है जिसपर हमारे पूर्वजों के समय से हमारा निर्विवाद कब्जा है इसकी जानकारी पंचायत के सभी ग्रामवासियों को है लेकिन शोभा सिंह सेठिया द्वारा जबरदस्ती मेरी उक्त जमींन पर कब्जा करने के उद्देश्य से हमारे विरूद्ध थाना बस्तर में झूठा प्रकरण ईस्तगासा क्रमांक 10/65/2021 दिनांक 14/06/2021 को कायम करवा कर हमें 151,107,16 (3) कायम करवा कर हमें जेल भेजने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि मैं और मेरा परिवार ऐसे किसी मामले से ताल्लुक नहीं रखते हैं जिससे कि हमारे ऊपर इस प्रकार की प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया जा सके। कल्याण नाग ने अपने जमींन को शोभा राम सेठिया द्वारा कूटरचना कर 733/1 रकबा के किसी दूसरे नजदीकी हिस्से को अपना बताकर इस दस्तावेज को थाना बस्तर में प्रस्तुत किया गया एवं उन्हें यह अवगत कराया गया कि इस जमींन पर हमारा कब्जा है जिसे कल्याण नाग कब्जा किए बैठे हैं। इस मामले पर आनन-फानन में कार्यवाही करते हुए बस्तर थाना के प्रभारी द्वारा कल्याण नाग पिता सीताबी को तत्काल थाने बुलाकर उसे उक्त कब्जे को छोडऩे कहा गया। अन्यथा मुझे एवं मेरे परिवार को जेल भेजने की धमकी भी दी गई। लेकिन मुझपर प्रतिबंधात्मक धारा के तहत कार्यवाही कर मुझे मानसिक रूप से हलांकान करने की कोशिश अवश्य की गई।
दरअसल इस जमींन एवं उसपर जबरन कब्जा कर बस्तर थाना के प्रभारी से कल्याण नाग को प्रतिबंधित धारा में फंसाकर जेल भेजने का कुत्सित प्रयास करने वाला शोभा सिंह सेठिया के कुछ परिवार वाले पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। इनके द्वारा ही कूटरचना कर पुलिस का धौंस देकर कल्याण नाग के जमींन के समानांतर ही किसी दूसरी जमींन का फर्जी दस्तावेज पंचायत के पटवारी एवं उनके सहयोगी के माध्यम से बनवा लिया गया एवं उक्त फर्जी दस्तावेज को ही असली जमींन का दस्तावेज बताकर एवं उसे थाने में प्रस्तुत कर एक सोची समझी चाल के अनुसार बस्तर थाना के माध्यम से कल्याण नाग को उसके जमींन से बेदखल करने का प्रयास किया गया। लेकिन इस मामले की पुष्टि इस बात से होती है कि बस्तर थाना प्रभारी द्वारा जिस दिन शोभा सिंह सेठिया द्वारा उक्त कथित दस्तावेज को प्रस्तुत कर उस जमींन को अपना बताने का दावा किया गया था तब बस्तर थाना प्रभारी ने उस दस्तावेज की आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर ही आनन-फानन में कल्याण नाग के ऊपर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर उसे अनुविभागीय दंडाधिकारी बस्तर के समक्ष प्रस्तुत भी कर दिया गया।
फर्जी दस्तावेज के आधार पर दूसरे के जमींन पर अपना कब्जा बताने जैसे संगीन मामले की पूरी छानबीन किए ही बस्तर थाना प्रभारी महोदया ने एकतरफा कार्यवाही कर कल्याण नाग को जेल भिजवाने की कोशिश की एवं शोभा सिंह सेठिया को उक्त जमींन का दावेदार बताकर पूरे पंचायत में एक विवाद सा खड़ा कर दिया है। वर्तमान में कल्याण नाग के पक्ष में पंचायत बस्तर के सैकड़ों लोगों ने एक हस्ताक्षर युक्त बयान जारी कर उक्त जमींन का असली वारिस कल्याण नाग को ही बताया है। सभी ग्रामीणों का कहना है कि शोभा सिंह सेठिया अपने कुछ पुलिस वाले रिश्तेदारों के बल पर ग्राम के लोगों से हमेशा धमकी देकर उनसे उनकी जमींन पर कब्जा करने का कुत्सित प्रयास करता है। आवेदक कल्याण नाग भरवापदर बस्तर द्वारा कमीश्रर बस्तर एवं जिलाधीश को दिए आवेदन के आधार पर कमीश्रर बस्तर ने अनुविभागीय अधिकारी बस्तर को तत्काल इस शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि 15 दिनों के भीतर इस मामले की संपूर्ण जांच कर इस कार्यालय को अवगत कराया जाए।
वहीं इन सारे मामलों पर जब थाना प्रभारी महोदया बस्तर से जानकारी प्राप्त करनी चाही गई तो उनका कहना था कि मैने शोभा सिंह सेठिया द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर कार्यवाही करने के आदेश दिए थे, चूंकि इस मामले की विवेचना हमारे ही थाने के मुंशी डहरिया कर रहे हैं। अत: मैने उसके विवेचना के आधार पर उपरोक्त कार्यवाही की।
इस सारे मामले पर जब भरवापदर ग्राम बस्तर के कुछ लोगों से बातचीत कर राय ली गई तो उनका स्पष्ट कहना था कि उक्त जमींन कल्याण नाग की ही है। एवं उनके पूर्वज ही उस जमींन पर कृषि कार्य करते हुए आ रहे हैं। शोभा सिंह सेठिया द्वारा उक्त भूमि पर अपना कब्जा जमाना एवं बस्तर थाना प्रभारी महोदया द्वारा कल्याण नाग के ऊपर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करना हम लोगों के समझ से परे है जो एकतरफा प्रतीत होता है।
रायपूर। सरगुजा क्षेत्र के विधायक बृहस्पति सिंह के काफिले पर हुए हमले पर के बाद सरगुजा पैलेस से संबंधित युवाओं की गिरफ्तारी और विधायक बृहस्पति सिंह द्वारा सिधे तौर पर मंत्री टी.एस.सिंहदेव का नाम लेने के बाद इस मामले में सिंहदेव के मीडिया प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह परिहार ने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरा है। मीडिया प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह परिहार ने कहा है कि राजनीति के शुचिता के प्रतीक मंत्री टी.एस.सिंहदेव के खिलाफ कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है। यह आका के इशारे पर षड्यंत्र है। इन सबके बीच कौन आका और कौन प्यादा है,उसको लेकर राजनीति सरगर्मियां तेज हो गई है। टी.एस.बाबा के मीडिया प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह परिहार कभी भूपेश बघेल व बाबा के करीबी थे किन्तु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक सहयोगी के कारण दोनों में खट-पट हुई और प्रदेश अध्यक्ष रहते परिहार को आईटी सेल प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया जिसके बाद से परिहार बाबा के साथ कनेक्ट हो गए हैं और आज के ताजा बयान से कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना वाली कहावत को चरितार्थ कर रहें हैं।
दिनांक 22.06.2020 को पुलिस थाना कोतवाली में प्रार्थिया उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि इनकी नाबालिक पुत्री जो दिनांक 21.06.2020 को घर से बिना बताये कहीं चली गई है, कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 287/2020 धारा 363 भादवि0 दर्ज कर विवेचना मे लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र सिंह मीणा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्षन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अमित सिदार,संजय वट्टी, गुनेशवरी नरेटी एवं प्रआर0 चोवादास गेंदले, आरक्षक गायत्री प्रसाद तारम का टीम गठित किया गया। टीम के द्वारा लगातार गुमशुदा नाबालिका का पता तलाश कर, टीम पश्चिम बंगाल रवाना किया गया। जहां पर उक्त टीम के द्वारा 5-6 दिनों तक लगातार अपृहता का पता तलाश कर, दिनांक 22.07.2021 को स्थान रायदिगी, हावड़ा पश्चिम बंगाल में टीम के द्वारा मौके पर पहुंचकर गुम बालिका को आरोपी के कब्जे से बरामद कर, दस्तयाब किया गया। जहाॅ पर बालिका से विधिवत् पुछताछ पर अपने कथन मे बतायी कि आरोपी जहीरूल ईस्लाम मलिक पिता नुरहसन मलिक उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम रायदिगी, थाना श्यामपुर, हावड़ा पश्चिम बंगाल के द्वारा बहला फुसलाकर, भगा ले जाकर जबरन इच्छा के विरूद्व शारीरिक शोषण किया है जिस पर, आरोपी के खिलाफ अपराध धारा 366,376, भादवि0 06 पाक्सो एक्ट घटित करना पाये जाने से आरोपी को विधिवत् गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिस्ट रिमांड पर लिया गया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर जी के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा के पदाधिकारियों द्वारा आज दिनांक 25/07/2021 को वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का सम्मान उनके घर जा कर किया गया।
सर्वप्रथम कश्मीर सिंह चीमा जी अति वरिष्ठ कांग्रेसी नेता का सम्मान उनके घर वार्ड नं 27 में जा कर शॉल व श्रीफल से सम्मान किया गया।
उसके पश्चात मोती लालवानी जी वरिष्ठ कांग्रेस नेता का सम्मान उनके घर वार्ड नं 18 में जा कर शॉल और श्रीफल से सम्मान किया गया।
इस अवसर पर मंत्री मीडिया प्रभारी विवेक मसीह, जिला महामंत्री रतिराम कोसमा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष काशी राम निषाद, जिला सचिव द्वय के ईश्वर राव, रवि जायसवाल,ब्लॉक उपाध्यक्ष जीवन लाल साहू,पारसमल जैन,जोगेंद्र ठाकुर ब्लॉक महामंत्री प्रवीण शर्मा, श्रीनिवास राव,हरिश खस, राधे मंडावी, सयुक्त महामंत्री सुरेश कुमार ठाकुर,रूबी एंथोनी,जागेश्वर गंधर्व,अर्जुन यादव,सचिव विल्सन मैथ्यू,लखन बक्शी,राकेश बेहरा,तरनजीत सिंह,अजय बिहारी,मोहन गोदी, प्रभातिन बाई, मीना बाई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित थे।
आमचो सुघ्घर गार्डन के तहत आज शहर के दलपत सागर के पार्क को जनसहयोग से विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमे महापौर श्रीमती सफीरा साहू शामिल होकर पार्क मे श्रमदान कर योगदान दिया,साथ ही पार्क मे ग्रास कटिंग मशीन चलाकर संदेश दिया, वही पार्क परिसर मे पौधरोपण करने के साथ पार्क के दीवार पर पेटिंग कर गढबो नवा जगदलपुर का नारा चित्रित किया ,जिसमे एम आई सी सदस्य उदयनाथ जेम्स,विक्रम सिंह डांगी ,पार्षद सूर्या पानी मनोनीत पार्षद हरिश साहू ,आयुक्त प्रेम कुमार पटेल ,कार्यपालन
अभियंता एके दत्ता ,युवोदय टीम व स्थानीय नागरिकों ,छोटे बच्चों के जनसहयोग से पूरे पार्क मे सफाई अभियान चलाया गया। साथ ही दलपत साइर पार्क परिसर मे पौधरोपण किया गया ,साथ ही पार्क मे रंगोली डालकर अतिथि द्वारा स्वचछता का संदेश दिया गया महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने बताया आमचो सुघ्घुर गार्डन अभियान के तहत प्रति रविवार को शहर के पार्कों का चरणबद्ध रूप से सफाई अभियान व रखरखाव के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत कर शहर के पार्कों सफाई व मूलभूत विकास योजना प्रांरभ किया गया है जिसके तहत आज दलपत सागर तालाब पार्क का सफाई ,पौधरोपण,सभी के सहयोग से किया गया ,साथ ही पार्क के रखरखाव व अन्य व्यवस्था के संबंध मे आयुक्त से चर्चा किया गया ,इसी तरह आज छठवें रविवार को शहर के पार्को का प्रशासन, युवोदय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, व जनसहयोग से सभी की सहभागिता सुनिश्चित करते पार्को के लिये अभियान चलाया जायेगा।साथ ही पार्को को उचित रखरखाव व आकर्षक बनाने का भी कार्य किया जायेगा।मूलभूत सुविधाओं को दूरस्त किया जायेगा ।
हमे गढबो नवा जगदलपुर की परिकल्पना को करना है ,जिसमे आप सभी का सहयोग से हम इस कल्पना को पूरा कर सकते है हम सभी को मिलकर हमारे शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाना है,आयुक्त प्रेम कुमार पटेल ने सुध्धुर गार्डन के विषय पर जानकारी दिया। इस अभियान का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है ।शहर की जनता इस अभियान से जुड रहे है वही इस अभियान के दौरान निगम के स्वचछता विभाग के हेमंत श्रीवास, ,सुशील कर्मा ,योगेश पांडे, भास्कर व अधिकारी, कर्मचारी व वार्डवासी उपस्थित थे।
जगदलपुर। 12 अप्रैल 2021 को भानपूरी थाना क्षेत्र के बस्तर ब्लॉक के चपका ग्राम में निजी उद्योग को लेकर जनसुनवाई आयोजित की गई थी. इस दौरान नारायणपुर विधायक और हस्त शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप के वाहन का घेराव कर उन पर हमला कर दिया था जिनके हमलावरों को तीन माह के बाद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। .नाराज ग्रामीणों की आड़ में तथाकथित भाजपा के लोगों ने इन पर हमला किया था जिसके बाद बहुत बवाल मचा था किंतु उसके बाद भी पुलिस के द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किया जाना कई संदेहों को जन्म दे रहा है।
ज्ञात हो कि जगदलपुर के सराफा व्यापारी सिसोदिया पर हमले के बाद पुलिस ने दस हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था किंतु इस मामले पुलिस की कार्यवाही सवालों के घेरे में हैं।
भानपुरी थाना क्षेत्र के चपका ग्राम पंचायत में एक जनसुनवाई के दौरान विधायक चंदन कश्यप पहुंचे थे और जनसुनवाई से वापस लौटने के दौरान ग्रामीणों की शक्ल में कुछ भगवाधारी गुंडे पत्थर व डंडे के जोर पर हमला कर दिया। इस घटना में भले ही विधायक चंदन कश्यप बाल-बाल बचे किंतु उनके सहयोगियों को बहुत मार पड़ा। लेकिन सवाल यह है कि पुलिस विभाग के आधा दर्जन से अधिक खुफिया एजेंसियों को ऐसे घटनाओं के घटित होने की जानकारी नहीं होना कई तरह की सवालों को जन्म दिया है। नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा अब अपने खुफिया एजेंसियों को मजबूत करना होगा और पूराने अधिकारी व कर्मचारियों को खदेड़ना होगा जिसकी वजह से पुलिस की कार्यप्रणाली सुधरे। दूसरी तरफ यह चर्चा भी जोरों पर है कि सराफा व्यापारी सिसोदिया के हमलवारों को पकड़ने दस टीम दौड़ रही है किंतु उनके हाथ पांच दिनों बाद भी खाली है।
आज सुबह 7 से 8 बजे के बीच राजहरा माइंस के सेन्ट्रल गैरेज का वाहन टेस्टिंग के दौरान डौण्डी मार्ग पर स्थित एयरो ड्रम में पलट कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में दो ठेका श्रमिक, एक बीएसपी कर्मी व एक सीआईएसएफ का जवान सहित कुल चार लोग सवार थे। जिसमे से वाहन में सवार ठेका श्रमिक बहल राम का दुर्घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गया, ठेका श्रमिक कलिराम गंभीर रुप से घायल है जिसे तत्काल भिलाई सेक्टर ९ अस्पताल रिफर किया गया है। बाकी दो घायलो का इलाज राजहरा माइंस अस्पताल में चल रहा है।
मृतक ठेका श्रमिक बहल राम व कलिराम जन मुक्ति मोर्चा के कर्मठ कार्यकता है व आदिवासी समाज से है, दोनो ठेका श्रमिक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते है व अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य है।
दुर्घटना का समाचार प्राप्त होते ही जन मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी व मजदूर सुबह से राजहरा माइंस अस्पताल में मौजुद है व माइंस प्रबंध को सूचित कर दिये है की जबतक मृत श्रमिक बहल के परिवार के एक सदस्य को बीएसपी में स्थाई नौकरी दिये जाने का लिखित पत्र नही दिया जाता तबतक मृत मजदूर साथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए नही भेजा जायेगा। चुकि ऐसा नियम है व पूर्व में भी दुर्घटनाओं में जान गवाने वाले श्रमिको के परिवार को प्रबंधन द्वारा स्थाई नौकरी देने का तत्काल लिखित पत्र दिया गया है।
इस दौरान आज एक बार फिर बीएसपी राजहरा माइंस प्रबंधन का घोर असंवेदनशील चेहरा उजागर हुआ है। इतना गंभीर हादसा होने के बाद भी माइंस प्रबंधन के उच्च अधिकारी अस्पताल पहुंचकर जरुरी कार्यवाही को अपने मार्गदर्शन में अविलंब पुरा करने की बजाय अपने अधिनस्त अधिकारीयो को भेजकर माइंस आफिस के अपने एसी कार्यालय में बैठकर निर्देश दे रहे थे।
इनके घोर असंवेदनशील रवैया का आलम ये था की सुबह की दुर्घटना का थाना में रिपोर्ट दोपहर तक नही कराया गया था और दुर्घटना में मृत ठेका श्रमिक के परिवार के एक सदस्य को बीएसपी में स्थाई नौकरी देने का पत्र देने में भारी आना-कानी किया जा रहा था।
माइंस प्रबंधन के इस असंवेदनशील व्यवहकार के खिलाफ जन मुक्ति मोर्चा के साथीयो द्वारा नाराजगी जाहिर करने व १० मिनट के भीतर थाना में रिपोर्ट दर्ज नही कराने पर व मृत ठेका श्रमिक बहल राम के परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी देने का पत्र नही दिये जाने पर मृत ठेका श्रमिक के शव को माइंस आफिस गेट पर रखकर विरोध प्रदर्शन करने का चेतावनी दिये जाने के बाद प्रबंधन हरकत में आया और पुलिस थाना की कार्यवाही व मृत बहल राम के बड़े भाई को परिवार के सदस्य को स्थाई नौकरी दिये जाने पत्र सौपा गया।
इस दौरान माइंस अस्पताल में सुबह से जन मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी, सचिव बसंत रावटे, कुलदिप नोन्हारे, ईश्वर निर्मलकर, होमन तुमरेकी, यादराम कोर्राम, भंवर सिंह मसिया, तरुण उर्वसा, कोमल, सुनिल आदि साथी अंत तक उपस्थित रहे।