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मुख्यमंत्री की ‘बारी’ में अफसर – नेताओं ने कर डाली भ्रष्टाचार की खेती

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  • नरवा, घुरवा, गरवा, बारी योजना की आड़ में किए जमकर वारे न्यारे
  • परंपरागत खेती को बढ़ावा देने की भूपेश बघेल की मंशा को पलीता
  • हार्डवेयर, स्टेशनरी दुकान वालों से कराई फसलों के बीज की आपूर्ति

अर्जुन झा

बकावंड बस्तर संभाग के कुछ स्वार्थी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ‘बारी’ में भ्रष्टाचार की खेती कर डाली है। जो जनप्रतिनिधि मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर, स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं, उन्हें विभिन्न फसलों के बीज की आपूर्ति का काम दे दिया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल की दूरगामी सोच रही है कि परंपरागत खेती को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री की इस सोच और मंशा को भ्रष्ट अफसरों और जनता के तथाकथित नुमाइंदों ने रौँद कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ में परंपरागत कृषि प्रणाली और खेती को पुनर्जिवित करने के नेक इरादे के साथ प्रदेश के किसान पुत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नरवा, घुरवा, गरवा, बारी योजना का सूत्रपात किया है। जिन जिलों में इस योजना पर ईमानदारी से काम किया जा रहा है, वहां इसके उत्साहजनक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। वहीं बस्तर संभाग में तो भ्रष्ट तंत्र ने इस योजना को भी अपने लिए दुधारू गाय बना लिया है। यहां के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बारी ( बाड़ी ) में ही भ्रष्टाचार की खेती शुरू कर दी है। बस्तर संभाग में एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जगदलपुर द्वारा नरवा, घुरवा, गरवा, बारी योजना की अवधारणा के तहत आदिवासी कृषि प्रणालियों के पुनरोद्धार, मिल्ट्स रिज्यूविनेशन प्रोजेक्ट और बाड़ी विकास कार्यक्रम सन 2019 से चलाया जा रहा है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले किसानों को परंपरागत खेती के लिए प्रोत्साहित करने का प्रावधान है। ऐसे किसानों को मक्का, कोदो, कुटकी, कुलथी तथा स्थानीय सब्जियों के बीज के किट उपलब्ध कराए जाते हैं। ये बीज कृषि संबंधी खाद, बीज आदि विक्रय करने वाले व्यापारी उपलब्ध करा सकते हैं, मगर बस्तर संभाग में लोहे का सामान बेचने वाले हार्डवेयर दुकानदारों तथा स्टेशनरी बेचने वालों से अफसरों ने सांठगांठ कर बीज किटों की आपूर्ति करवा डाली है। बकावंड जनपद पंचायत में ऐसे व्यापारियों ने तथाकथित बीज किटों की आपूर्ति की है, जो मेडिकल स्टोर्स, हार्डवेयर शॉप, स्टेशनरी शॉप आदि के संचालक हैं। यही नहीं ये व्यापारी निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि भी हैं। यह खेल सन 2019 से चल रहा है। इस अवधि में शासन से योजना के क्रियान्वयन के लिए करोड़ों रुपए एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जगदलपुर को प्राप्त हुए। इस सरकारी रकम की जमकर हेराफेरी हुई है। गरीब आदिवासी किसानों को तो मुख्यमंत्री की अभिनव योजना का लाभ मिला नहीं, अपितु अधिकारी और जनप्रतिनिधि व्यापारी जरूर मालामाल हो गए हैं। अकेले बकावंड विकासखंड में इस तरह का गोलमाल हुआ है, ऐसी बात नहीं है। इस तरह का खेल समूचे बस्तर संभाग में हुआ है।

इन गांवों का हुआ था चयन

आदिवासियों की कृषि प्रणाली के पुनरोद्धार, मिल्ट्स रिज्यूविनेशन प्रोजेक्ट समेत बाड़ी विकास कार्यक्रम के लिए दो कलस्टर में बकावंड विकास खंड के डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों के किसानों का चयन हुआ था। बकावंड – 1 के तहत ग्राम बजावंड, कोरटा, कोसमी, दाबगुड़ा, दशापाल, भेजरीपदर, तोंग कोंगेरा, कवड़ावंड, उड़ियापाल, पीठापुर व नलपावंड के आदिवासी किसान चयनित हुए थे। वहीं दूसरे कलस्टर में बकावंड – 2 के तहत बेड़ा उमरगांव, कचनार, मोंगरापाल, मीरलिंगा, नेगानार, पंडानार, सरगीपाल, छोटे देवड़ा, चोलनार, मोहलई व रामपाल गांवों के हितग्राही किसानों को योजना का लाभ देने का दावा किया गया है। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। इन दोनों कलस्टर के लिए कुल 23 लाख 10 हजार रु. स्वीकृत किए गए थे।

टूट गया परंपरागत खेती का सपना

परंपरागत कृषि को प्रोत्साहन देने का जो सपना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संजो रखा था, उसे भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों की जुगलबंदी ने बस्तर में तोड़कर रख दिया है। अनुसूचित जनजाति के किसानों को योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पाया। फर्जी बीज सप्लायर बने जनप्रतिनिधि व्यापारियों ने निहायत ही घटिया और कम मात्रा के बीजों वाले किट्स की आपूर्ति की। जो व्यापारी दवाओं, कॉपी, पुस्तकों, बाल्टी, रस्सी, कील, व लोहे का सामान बेचते रहे हैं, उनसे बीजों की गुणवत्ता की उम्मीद करना भी बेमानी है। जिन्हें कृषि क्षेत्र का कोई विशेष अनुभव ही न हो, वे भला कैसे स्तरीय बीज उपलब्ध करा सकते हैं ?*रजिस्ट्रेशन नंबर वही पुराना*तथाकथित बीज सप्लायर जनप्रतिनिधियों ने बीज किट्स की आपूर्ति के लिए अपने फर्म के जो रजिस्ट्रेशन नंबर व जीएसटी नंबर जनपद पंचायत कार्यालय में पेश किए हैं, वे उनकी मूल दुकानों के हैं। ये रजिस्ट्रेशन व जीएसटी नंबर मेडिकल स्टोर, स्टेशनरी व हार्डवेयर शॉप के नाम पर हैं। इस तरह शासन की आंखों में धूल झोंककर बड़े पैमाने पर टैक्स की भी चोरी की गई है। व्यापारी बने जनप्रतिनिधियों ने शासन के साथ धोखाधड़ी की है, जो कि अपराध की श्रेणी में आता है।

आदिवासी आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर बरसे सांसद बैज

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  • राज्यपाल पर दबाव डालकर मसला लटकाने का लगाया आरोप


जगदलपुर :- बस्तर के यंग टाईगर कहे जाने वाले कांग्रेस सांसद दीपक बैज बुधवाआदिवासी आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर बरसे सांसद बैजर को लोकसभा में फिर गरजे। इस दफे वे आदिवासियों के आरक्षण के मसले को लटकाने का आरोप सीधे प्रधानमंत्री, गृहमंत्री पर लगाया। बैज ने कहा कि राजयपाल पर दबाव डालकर आदिवासियों को उनके हक से वंचित करने का प्रयास केंद्र सरकार कर रही है।


लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सांसद दीपक बैज ने अनुसूचित जनजाति पांचवा संशोधन विधेयक लाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों की जातियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में लाने का प्रावधान है। बिल में छत्तीसगढ़ की 12 और जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाना स्वागत योग्य पहल है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को पहले ही पत्र लिखकर इन जातियों को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में लाने का आग्रह किया था। अभी तक 30 जातियों के 80 लाख लोग अनुसूचित जनजाति के श्रेणी में थे। नए बिल से छत्तीसगढ़ की 78 तहसीलों में निवासरत अन्य जातियों के करीब एक लाख और लोग अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आ जाएंगे। बैज ने कहा इसके लिए केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मैं आभार व्यक्त करता हूं।
छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार
छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के आरक्षण में कटौती का मसला उठाते हुए बैज ने कहा कि छ्ग की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने हाईकोर्ट में सही ढंग से अपना पक्ष नहीं रखा। इस वजह से आदिवासियों के आरक्षण में कटौती हुई है। वर्तमान भूपेश बघेल सरकार ने आरक्षण को यथावत रखने संबंधी प्रस्ताव पारित कर स्वीकृति के लिए राजयपाल के पास भेजा है, मगर राजभवन में फाइल लटकी हुई है। बैज ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री, गृहमंत्री ने राजयपाल पर दबाव डालकर आरक्षण का मामला रुकवा दिया है? उन्होंने केंद्र सरकार पर छत्तीसगढ़ सरकार के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते कहा कि भूपेश बघेल सरकार जनता की सेवा में समर्पित होकर काम कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार हर काम में अड़ंगा डाल रही है। श्री बैज ने कहा कि पूरे देश में केवल दो आदिवासी केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं। एक केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय बस्तर में भी खोला जाना चाहिए।
उपक्रमों के निजीकरण का विरोध
सांसद दीपक बैज ने केंद्र सरकार द्वारा सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि यह कदम आरक्षण विरोधी साबित हो रहा है। बस्तर में स्थापित नगरनार इस्पात संयंत्र को भी निजी हाथों में दिया जा रहा है। यह बस्तर और वहां निवासरत आदिवासियों पर कुठाराघात है। श्री बैज ने कहा कि सरकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण से आरक्षण का लाभ अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को नहीं मिलेगा। सरकार या तो निजीकरण का फैसला वापस ले, या फिर निजी क्षेत्र में भी आरक्षण का प्रावधान करे।
माहरा, अमृत जाति को भी करें शामिल
सांसद बैज ने अपना वक्तव्य जारी रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में माहरा जाति के लोग बड़ी तादाद में निवासरत हैं और ये लोग लंबे समय से माहरा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग करते आ रहे हैं। अविभाजित मध्यप्रदेश में माहरा, महरा और मेहर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की पहल हुई थी। राज्य विभाजन के बाद मध्यप्रदेश में इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह नहीं हो पाया। इसी तरह अमृत जाति की भी बड़ी आबादी बस्तर में है। बैज ने इन दोनों जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की।

सड़क दुर्घटना में दो युवक की मौत

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बालोद सडक दुर्घटना में दो युवक की दर्दनाक मौत हो गई सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा हैं की टैक्टर विपरीत दिशा में गन्ना भरकर खड़ा रखने के कारण घटना घटी| जानकारी के अनुसार घटना बालोद – धमतरी मुख्य मार्ग से ग्राम करहीभदर स्थित पेट्रोल पंप मोड़ के पास हुई है जिसमे धमतरी से अपने गांव मालीघोरी खपरी जा रहे दो व्यक्ति तामेश्वर उर्फ गोलू और विनायक ट्राली से जा टकराए. जिससे एक व्यक्ति की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई तो वहीं दूसरे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाते वक्त बीच रास्ते में दम तोड़ दिया. घटना के बाद बालोद पुलिस मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कार्यवाही कर जांच जुट गई है। बालोद थाना प्रभारी नवीन बोरकर ने कहा ट्रैक्टर ट्राली को विपरीत दिशा में खड़ा किया गया था जिसके वजह से हादसा हुआ है कोई सूचना संकेत नहीं लगाया गया था मामले में आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति ऐसे आधार पर तैयार किया गया है जो भारत को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगी- कुलपति, मनोज कुमार श्रीवास्तव

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  • बस्तर में नक्सली समस्या अपनी अंतिम सांसे गिन रही है – बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक, पी. सुन्दराज

भारत सरकार की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मीडिया इकाई पत्र सूचना कार्यालय रायपुर द्वारा आज जगदलपुर में ग्रामीण पत्रकारों के लिए एक मीडिया कार्याशाला वार्तालाप का आयोजन किया गया । इस कार्याशाला में जगदलपुर शहर सहित ग्रामीण अंचल के पत्रकार काफी संख्या में शामिल हुए । कार्याशाला का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया । दीपप्रज्वल्लन के बाद पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) रायपुर के निदेशक कृपा शंकर यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यालय के उद्देश्‍यों और पत्रकार कल्याण योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर के कुलपति मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भारत सरकार के नई शिक्षा नीति के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी । उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति नीतिकारों ने ऐसे आधार पर तैयार किया है भारत को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगी । भारत की नई शिक्षा नीति प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति की तरह है जिसमे विद्यार्थियों को हर प्रकार की शिक्षा दी जाती थी । नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को समग्र शिक्षा दी जाएगी जिसमें कोई विद्यार्थी विज्ञान के साथ-साथ संगीत की भी पढ़ाई कर सकता है । वह भूगोल के साथ साथ विज्ञान के कुछ भागों का भी अध्ययन कर सकता है। नई शिक्षा प्रणाली लोचशील है। जिसमें विद्यार्थियों को रोजगार परक शिक्षा दी जाएगी। बीच मे पढ़ाई छोड़ देंगे वाले विद्यार्थी बाद में भी अपनी पढ़ाई को पूरी कर सकते हैं।

भारत सरकार के शिक्षा विभाग अवर सचिव गजमोहन मीणा ने छात्रवित्ती के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। श्री मीणा ने बताया कि छात्र जब आठवी कक्षा में अध्ययनरत होता है उस समय विभाग द्वारा छात्रवित्ती परीक्षा आयोजित की जाती है। उस परीक्षा में आरक्षित वर्ग के लिए 35 प्रतिशत तथा अनारक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही उस छात्र के अभिभावक का अधिकतम वार्षिक आय तीन लाख पचास हजार रूपये तक होनी चाहिए, ऐसे छात्रों को कक्षा नवमीं से बारहवीं तक अर्थात चार सालों तक 12-12 हजार रूपये प्रत्येक वर्ष छात्रवित्ती भारत सरकार की ओर से छात्र को मिलती है ।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज ने बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था एवं पत्रकारों तथा विकास के बारे में बताया । पी. सुन्दरराज ने कहा कि एक दशक पहले के बस्तर और आज के बस्तर में बहुत परिवर्तन हुआ है। बस्तर में नक्सली समस्या अपनी अंतिम सांसे गिन रही है। बस्तर के विशाल भू-भाग से अब बहुत कम स्थानों में सिमट कर रह गया है और इसका खात्मा भी जल्द ही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पुलिस त्रिवेणी को आधार बनाकार कार्य रही है। जिसमें विश्वास, विकास और सुरक्षा को आधार बनाकर ग्रामीणों को पहले विश्वास में लिए और उसके बाद सुरक्षा देते हुए विकास कार्य में पुलिस महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बस्तर वरिष्ठ पत्रकार एस. करीमुद्धीन ने बस्तर के भौगोलिक स्थिति की जानकारी देते हुए ग्रामीण क्षेत्र में पत्रकारों को होने वाली समस्याओं से अवगत कराते हुए कर्तव्य निर्वहन में नक्सलियों के प्रताडऩा के शिकार हुए तथा नक्सलियों द्वारा मारे गए पत्रकारों की जानकारी भी दी। एस. करीमुद्धीन ने कहा कि बस्तर आदिवासी बहुल वनांचल क्षेत्र है यहां ग्रामीण क्षेत्रों में आवागम एवं संचार के सुविधाओं का विस्तार अभी पर्याप्त नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकार ही सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंच कर जानकारी देता है जिसे शहर के लोग अपने-अपने तरीके से प्रस्तुत करते है लेकिन सबसे पहले मौका-ए-वारदात पर पहुंचने वाले पत्रकार पीछे छूट जाते है। इसलिए उनका समय-समय पर सम्मान आवश्यक है।

इसके पश्चात एक शिक्षक एवं शोधार्थी गंगाधर कश्यप द्वारा बस्तर की सामाजिक व्यवस्था तथा स्वाधीनता आंदोलन में बस्तर के वीर शहीदों, जाड़ा सिरहा, शहीद वीर गूण्डाधूर की भूमिका पर प्रकाश डाला। भारत सरकार के नेहरू युवा केन्द्र के अधिकारी अंजली कुमारी ने अपने विभागीय गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय कार्याे की जानकारी देते हुए बताया कि सुकमा जिला का एक विद्यार्थी ‘छात्र संसद’ में भाग लेते प्रदेश में छठवां स्थान प्राप्त किया जिसे संसद की कार्यवाही देखने का मौका मिला।भारत सरकार की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना आयुष्मान भारत के संबंध में जानकारी देते हुए आयुष्मान योजन के जिला नोडल अधिकारी पृथ्वी साहू ने कार्ड बनाने तथा इसके लाभ के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एपीएल कार्डधारियों के लिए 50 हजार तथा बीपीएल कार्ड धारियों के लिए पांच लाख रूपये तक के नि:शुल्क स्वास्थ उपचार का लाभ आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राप्त कर सकते हैं । इस अवसर पर पत्रसूचना कार्यालय के कर्मचारी और क्षेत्रीय प्रचार कार्यालय जगदलपुर के अधिकारी बी.एस. ध्रुव, आकाशवाणी के केन्द्र निदेशक बलवीर कच्छ, शशांक शेण्डे उपस्थित थे ।

जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष बने संतोष, राहुल भूतड़ा महासचिव

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बालोद – जिला प्रेस क्लब बालोद की पंजीयन के बाद दूसरी बैठक बुधवार को स्थानीय विश्राम गृह पर आयोजित की गई। जिसमे जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी पर विचार विमर्श किया। बैठक के दौरान चुनाव प्रक्रिया के तहत संतोष साहू का नाम अध्यक्ष पद के लिए सामने आया। जिस पर उपस्थित पत्रकारो द्वारा सर्वसम्मति से सहमति जताई गई। वही राहुल भूतड़ा को पत्रकारों की सर्वसम्मति से महासचिव बनाया गया।

जिला प्रेस क्लब में 8 लोगो की कोर कमेटी बनाई गई हैं। जिसमे ओम टुवानी, मोहन दास मानिकपुरी ,दीपक मित्तल, अफजल रिजवी,मंजू शर्मा, नितेश वर्मा,अरुण उपाध्याय को शामिल किया गया हैं। अध्यक्ष पद का कार्यकाल तीन साल रहेगा। इस अवसर पर जिला प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संतोष साहू व महासचिव राहुल भूतड़ा ने उपस्थित सभी पत्रकार साथियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यालय में लंबे समय से जिला प्रेस क्लब के गठन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। आज सभी पत्रकार साथियों को साथ लेकर पहले चरण में क्लब का गठन किया गया। क्लब का उद्देश्य सभी पत्रकारों को एक मंच पर इकट्ठा करना है। साथ ही जिला प्रेस क्लब के लिए भूमि व भवन निर्माण सहित अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक के दौरान वरिष्ठ पत्रकार मोहन दास मानिकपुरी ने कहा कि बालोद जिला बने इतने साल हो चुके हैं लेकिन यहां जिला प्रेस क्लब बालोद स्थायित्व के साथ गठन नहीं हो पाया है। मैं आशा करता हूं कि यह संगठन जिनका विस्तार हो गया हैऔर इसे अच्छे तरीके से चलाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल हो। हमें मीडिया की साख जो कुछ लोगों की वजह से खराब हो जाती है उसे सुधारना है। जिला प्रेस क्लब का नाम अच्छे कार्यों के लिए जाना जाए इस पर भी ध्यान देना है।

आपसी मनमुटाव मतभेद से दूर हट कर हमें मिलजुल कर कुछ अच्छा काम करना है। संगठन के नाम पर कहीं कोई अवैधानिक कार्य करता है तो गलत है। ऐसे लोगों की शिकायत आने पर आठ लोगों की कमेटी गठित कर उनका अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वही वरिष्ठ पत्रकार ओम टुवानी ने कहा जिस बड़ी सोच के साथ जिला प्रेस क्लब के गठन किया गया है उम्मीद है उस सोच के साथ क्लब कार्य करेगी क्लब सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतरी से कदम से कदम मिलाकर कार्य करेंगे।इस दौरान प्रमुख रूप से संतोष साहू,राहुल भूतड़ा, ओम टुवानी, दीपक मित्तल ,, मंजू शर्मा, रवि भूतड़ा, नितेश वर्मा, संजय दुबे, बलराम गुप्ता ,दीपक यादव, अफजल रिजवी, फुरकान खान, नरेश श्रीवास्तव, किशोर साहू, दीपक देवदास, प्रमिला सेन, विकास साहू, , सुप्रीत शर्मा, जगन्नाथ साहू, राजेश साहू राकेश साहू , मोहित साहू, अरुण उपाध्याय, आरके देवांगन, परसराम साहू, दुर्गा शंकर साहू, लक्ष्मीकांत बंसोड़ , किशोर कुमार, राज सोनी ,,आदि प्रमुख विभिन्न संस्थान के संपादक और ब्यूरो चीफ मौजूद रहे।

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मंत्री लखमा का भव्य स्वागत

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जगदलपुर बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री तथा छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा फिलहाल सिमगा और बलौदा बाजार के दौरे पर हैं। लखमा का गांव गांव में भव्य स्वागत किया जा रहा है।सिमगा के सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केबिनेट मंत्री लखमा का जोशीला स्वागत किया। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी मंत्री का फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम, कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित थे।

संत से मंत्री लखमा ने लिया आशीर्वाद

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जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं आबकारी मंत्री तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने अमरकंटक के तपस्वी संत बाबा कल्याण दास महाराज से आशीर्वाद लिया। मंत्री लखमा संत बाबा कल्याण दास से अपेक्षा की कि वे अपने इष्ट से छत्तीसगढ़ राज्य की खुशहाली और प्रगति के लिए प्रार्थना करें। लखमा संत के चरणों में काफी देर तक रहे।

शहीद वीर नारायण सिंह ने बढ़ाया छग का मान: लखमा

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  • ध्रुव गोंड़ समाज ने किया शहादत दिवस समारोह का आयोजन

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री कवासी लखमा ध्रुव गोंड़ समाज द्वारा बलौदाबाजार जिले के ग्राम केसदा में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में समाज के लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह सिर्फ गोंड़ समाज ही नहीं, अपितु समूचे छत्तीसगढ़ की शान हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की बहन बेटियों के सम्मान और छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता के लिए अंग्रेजों से लोहा लिया। अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए वीर नारायण सिंह ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। ऐसे वीर योद्धा पर हमें गर्व है।

इस दौरान विभिन्न ग्रामों से पहुंचे समाज के पदाधिकारियों और प्रमुखों ने लखमा का भव्य स्वागत किया।आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा को आदिवासी पगड़ी एवं कलगी पहनाकर उनका सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि लखमा स्वयं आदिवासी बिरादरी से हैं। ध्रुव गोंड़ समाज के लोग उन्हें अपने बीच पाकर अभिभूत हो उठे। मंत्री लखमा की उपस्थिति में समाज के युवाओं तथा लोक कलाकारों ने पारंपारिक लोकगीतों, नृत्य तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री के आश्वासन के बाद आंगनबाड़ी संघ का आंदोलन स्थगित

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़
पंजीयन क्रमांक – 36


अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ बी. एम. एस से संबंध आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर पूरे प्रदेश भर में पिछले 8 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन को आज महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया के आश्वासन के उपरांत स्थगित कर दिया गया है। एक प्रेस बयान में संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष सोनिया मरावी एवं महामंत्री संतोषी राजवाड़े ने बताया कि आज दोपहर संघ के एक प्रतिनिधिमंडल महिला एवं बाल विकास मंत्री जी से उनके निवास पर मुलाकात कर आंगनबाड़ी बहनों की प्रांत व्यापी समस्याओं पर चर्चा की तथा उनसे इसके निराकरण का अनुरोध किया गया साथ ही वर्तमान राज्य सरकार द्वारा चुनाव पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं / सहायिकाओं को न्यूनतम वेतन देने के वायदे की याद दिलाकर उन्हें पूरा करने का निवेदन किया गया, जिस पर मंत्री महोदया ने बजट सत्र में इस पर प्रावधान करने का वचन दिया

और कहा कि सचमुच में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बेहद ही कम मानदेय में सेवा कार्य कर रही हैं जिसे बढ़ाया जाना चाहिए इस संदर्भ में मंत्री महोदय ने आगे कहा कि वह मुख्यमंत्री महोदय व मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों से भी चर्चा हुई है और सरकार आंगनबाड़ी बहनों से किए गए वायदे के प्रति वचनबद्ध है साथ ही अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए भी शीघ्र कार्यवाही करने की बात कही मंत्री महोदय से हुई चर्चा के उपरांत बी. एम. एस. प्रदेश कार्यालय में संघ की एक आपात बैठक हुई जिसमें अनिश्चितकालीन आंदोलन को आज से ही स्थगित करने का निर्णय लिया गया । प्रतिनिधि मंडल में भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ नेता एवं
राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा विकास बोर्ड के चेयरमैन राधेश्याम जयसवाल, प्रदेश संगठन मंत्री योगेश दत्त मिश्र, उपाध्यक्ष माधुरी, संतोषी राजवाड़े महामंत्री, अंजली पटेल संयुक्त महामंत्री कोरबा, चंदा राजवाड़े, मीना सोनी, चंपा, कुलेश्वरी, मीना साहू आदि उपस्थित थे।
मुश्ताक अहमद जिला मंत्री भारतीय मजदूर संघ
जिला बालोद

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मुख्यमंत्री बघेल की नीतियों का नतीजा है सबसे कम बेरोजगारी दर: जैन

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  • रोजगाररत आबादी में युवाओं की अधिकता भारत की विशेषता
  • बस्तर विश्वविद्यालय के अंतर महाविद्यालयीन युवा उत्सव में शामिल हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन


जगदलपुर :- युवा राष्ट्र की धरोहर हैं। देश की प्रगति व विकास का आधार युवा ही हैं। युवाओं के देश में आज अगर छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोजगारी दर है, तो यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व व दूरगामी नीतियों का परिणाम है।


शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित अंतर महाविद्यालयीन युवा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते जगदलपुर के विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने उक्त बातें कही। उन्होने आगे कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या में लगभग 60 फीसद हिस्सा युवाओं का है, जिसे जनान्किकी लाभांश के रूप में परिभाषित किया गया है। चीन में जहां 2040 के आसपास यह लाभांश समाप्त हो जाएगा, वहीं भारत में 2055- 56 तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी। जैन ने कहा कि देश में जहां बेरोजगारी दर सितंबर 2022 में 6. 50 प्रतिशत थी वहीं छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शिता एवं कुशल नेतृत्व के कारण इसी अवधि में बेरोजगारी दर मात्र 0.12 प्रतिशत रही। देश में सबसे कम बेरोजगारी दर मुख्यमंत्री की गोठान जैसी योजनाओं के कारण है। गो उत्पादों का जैसा इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में किया जा रहा है, उसका विस्तार राष्ट्रीय स्तर पर किया जाना जरूरी है। राष्ट्रीय स्तर पर मुख्यमंत्री की योजनाओं की सराहना होने के साथ उनका सम्मान भी हो रहा है। संबोधन के दौरान विधायक जैन ने युवाओं को समर्पित करते कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, की पंक्तियां सुनाई और इसे जीवन में अमल में लाने का आव्हान भी किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. बीएल झा व कुलपति प्रो. डॉ मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भी प्रेरक उद्बोधन दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव अभिषेक कुमार बाजपेयी, डॉ. शरद नेमा, डॉ. स्वपन कोले, डॉ. विनोद कुमार सोनी, डॉ. सजीवन कुमार, सोहन मिश्रा समेत अन्य प्राध्यापक, सैकड़ों छात्र- छात्राएं मौजूद थे। कार्यक्रम में हेमू उपाध्याय, अमर सिंह समेत अन्य कांग्रेस जन सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आनंदमूर्ति मिश्रा व रानी मैथ्यू ने किया। कार्यक्रम के अंत में विधायक रेखचंद जैन व अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

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