City Media - Page 505 of 1856 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
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मजदूरों के बिना राष्ट्र की उन्नति संभव नहीं: ममता राणा

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  • इनरव्हील क्लब ने किया मजदूरों का सम्मान
    जगदलपुर अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर इनरव्हील क्लब ऑफ़ जगदलपुर द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर मजदूरों का सम्मान किया गया। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कामगारों एवं मजदूरों को टीका लगाकर एवं आरती उतारकर और उन्हें शॉल श्रीफल,साड़ी भेटकर उन्हें सम्मानित किया गया। मजदूरों के कल्याण की कामना करते हुए मजदूर एकता जिंदाबाद, मजदूर दिवस जिंदाबाद का उद्घोष के साथ अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया। मजदूरों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। श्रमिकों के शोषण के खिलाफ जागरुक होने का आह्वान किया।इनरव्हील क्लब जगदलपुर की अध्यक्षा ममता सिंह राणा ने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की परिकल्पना में श्रमिकों का अहम योगदान होता है। मजदूर और कामगारों के बिना राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है, इसलिए मजदूरों का सम्मान करना हमारे लिए न सिर्फ गर्व की बात है, बल्कि हमारा नैतिक उत्तरदायित्व भी है। कार्यक्रम में श्रमिकों को तिलक लगाकर माल्यार्पण कर मुंह मीठा कराकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सचिव डॉ. सरिता थॉमस, प्रियंका गुप्ता सहित सदस्य उपस्थित थीं।

 

चिखलाकसा के वेटरनरी डॉक्टर कुंभकर्णी नींद में, मवेशियों की जान की उन्हें परवाह नहीं

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  •  कांग्रेस के युवा मुस्लिम नेता अयान अहमद ने बचाई घायल बछड़े की जान 
    दल्लीराजहरा खनिज नगरी दल्ली राजहरा में कार्यरत शासकीय वेटरनरी डॉक्टर की लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता चरम पर है। घायल और बीमार मवेशियों के इलाज में कोताही आम बात हो गई है। उन्हें पशु पालकों से कमाई करने से ही फुरसत नहीं मिलती, तो भला बेसहारा मवेशियों की फिक्र वे क्यों करें? ऐसा ही एक मामला यहां तब सामने आया, जब एक घायल बछड़ा सड़क पर तड़पता पड़ा रहा। बार बार फोन करने के बाद भी वेटरनरी डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। तब युवा कांग्रेस के नगर अध्यक्ष अयान अहमद ने अपने एक साथी की मदद से बछड़े का उपचार किया।

अयान अहमद ने बताया कि बीती रात के करीबन 10 से 11 बजे के बीच गाय के एक बछड़े को किसी अज्ञात 14 चक्का हाइवा टक्कर मारकर तेज रफ्तार से भाग गया। हादसे में बछड़े को गहरी चोट आई थी। बछड़े की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब थी। वहां से गुजरते हुए अयान अहमद ने गाड़ी रोक कर बछड़े की जान बचाने का संकल्प लिया।अयान अहमद ने शासकीय पशु चिकित्सालय चिकलाकसा के डॉक्टर को फोन के माध्यम से सूचना दी। मगर डॉक्टर द्वारा किसी भी तरह की दिलचस्पी नहीं ली गई और ऊपर से इलाज करने भी नहीं आया। इलाज में देरी होने से बछड़े की जान पर खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया। डॉक्टर की लापरवाही और निर्ममता का यह बड़ा नमूना था। अयान अहमद ने बछड़े की जान बचाने के लिए नगर में स्थित दूध डेयरी वाले अपने दोस्त आशीष तिवारी को फोन के माध्यम से सूचना दी। आशीष तिवारी ने तुरंत मौके पर जाकर बछड़े को उठाया और मरहम पट्टी कर उसके जख्मो पर दवाई लगाकर उसका इलाज किया।

क्या कहता है नियम
एक पशु चिकित्सा अधिकारी की विशिष्ट जिम्मेदारियां होती हैं। देश की पशु स्वास्थ्य और पशु संरक्षण सेवा और पशु चिकित्सा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को व्यवस्थित और संचालित करना उनका कर्तव्य है। पशुओं की खाद्य श्रृंखला सुरक्षा, ज़ूनोज का नियंत्रण, पर्यावरण प्रदूषण और समाज में जानवरों की भूमिका शामिल है। पशु चिकित्सक सबसे अधिक आवश्यकता होने पर पशुओं को चिकित्सा और आहार संबंधी देखभाल प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वे अपने पेशेवर कौशल और व्यक्तिगत आचरण दोनों में उत्कृष्टता के उच्च मानक को बनाए रखने के लिए काम करते हैं ताकि विशेष रूप से पालतू जानवर की जरूरतों के अनुरूप दयालु उपचार सिफारिशें प्रदान की जा सकें।

मजदूरों के हक में जारी रहेगी इंटक की लड़ाई : आशीष यादव

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  •  श्रमिक दिवस पर बचेली में हुए विविध आयोजन
    जगदलपुर अंतर राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) द्वारा बचेली नगर में श्रमिकों के लिए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया तथा शाम को बचेली नगर में मज़दूर अधिकार रैली निकाली गई। रैली में एनएमडीसी लिमिटेड की बचेली लौह अयस्क खदानों में कार्यरत नियमित एवं ठेका श्रमिकों सहित बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों ने भाग लिया। इंटक सदन से प्रारंभ होकर जोरदार नारेबाजी व क्रांतिकारी गीतों के साथ मजदूरों का जुलूस पैदल बचेली नगर भ्रमण करते हुए हॉकी ग्राउंड पहुंचा। जहां यूनियन के महामंत्री आशीष यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद श्रमिकों को मिले अधिकारों को छीनने का षड्यंत्र किया जा रहा है।

पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आउट सोर्सिंग और ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ रहा है। उन्होंने इंटक द्वारा नियमित श्रेणी के कार्यों में संलग्न ठेका श्रमिकों के नियमितीकरण के लिए शुरू की गई लड़ाई पर प्रकाश डालते हुए मजदूरों से आव्हान किया की इंटक के झंडे तले संगठित रहकर पूरी मजबूती के साथ मजदूर हित मे लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें। उन्होंने उपस्थित मज़दूरों को आश्वश्त किया कि मज़दूरों के हितों के लिए किसी भी तरह के संघर्ष के लिए इंटक सदैव तत्पर रहेगी। अंत मे यूनियन के अध्यक्ष देबाशीष पॉल के संबोधन के उपरांत मज़दूरों के लिए आयोजित सामूहिक भोज के साथ रैली का समापन हुआ। रैली में बचेली नगर पालिका अध्यक्ष पूजा साव, उपाध्यक्ष उस्मान खान, पार्षद मनोज साहा, बीना साहू, किरण जायसवाल, दमयंती साहू, फिरोज नवाब, एल्डरमैन सुशीला नियाल, यूनियन की किरंदुल शाखा के सचिव एके सिंह, बीएल तारम, अरविंद गुप्ता, ओम साहू, यूनियन की बचेली शाखा के कार्यकारी अध्यक्ष रंजीत परीक्षा, संगठन सचिव एल. रमेश, जोबी चेरियन, चंद्र कुमार मंडावी, सत्यनारायण त्यागी, नियाज़ हुसैन, एल. शेषनाथ, कृष्णा शर्मा, शैलेंद्र सिन्हा, प्रदीप गोलदार, चिंता श्रीधर, नौशाद कुरैशी, बपन बोस, गोपीनाथ, निर्भय सेन सहित बड़ी संख्या में यूनियन के सदस्य व युवा इंटक के साथी उपस्थित थे।

मोदी में नहीं है सरकार चलाने की काबिलियत : पवन खेरा

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  •  झूठ पे झूठ बोलना नरेंद्र मोदी की है फितरत :खेरा
  •  दलित, आदिवासी और किसान विरोधी है भाजपा
    रायपुर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमेन कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य पवन खेरा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मैं रायपुर ट्रेन से आना चाहता था, मैंने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को बताया, तब उन्होंने कहा ट्रेन से आएंगे तो चुनाव के बाद ही रायपुर पहुंच पाएंगे, हां आप मालगाड़ी में आते हैं समय पर पहुंच सकते हैं। यह हाल है देश में ट्रेनों का। पूरे देश में यह चुनाव इस देश का वोटर लड़ा रहा है, जनता लड़ रही है, और उन्हें लगता है कि कांग्रेस पार्टी उनकी जिंदगी से जुड़े मुद्दे उठा रही है, नौकरियों के मुद्दे उठा रही है, किसानों के मुद्दे उठा रही है, आरक्षण का मुद्दा उठा रही है, संविधान का मुद्दा उठा रही है, महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है, आदिवासियों का मुद्दा उठा रही है। स्वास्थ्य की बात कर रही है, शिक्षा की बात कर रही है, पेपर लीक की बात कर रही है। इन्हीं मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ रही है।
    पवन खेरा ने कहा कि वे लोग किन मुद्दों पर चुनाव में है? मंगलसूत्र, मछली, मीट, मुसलमान ये मुद्दे हैं उनके। 10 साल आप सरकार में रहे और आपके पास बोलने के लिए ये चार शब्द हैं। कहां है आपका रिपोर्ट कार्ड? बताइए 10 साल में आपने क्या किया? बताइए दस साल में बेरोजगारी का पैंतालीस साल का रिकॉर्ड क्यों टूटा? बताइए दस साल में लघु और मध्यम उद्योग तबाह क्यों हुए? बताइए आदिवासियों और दलितों के साथ जो अत्याचार क्यों हुआ? महिला सम्मान की ये केवल बातें करते हैं, हकीकत यह है कि हर एक घंटे में चार महिलाओं का बलात्कार हो रहा है। हर एक घंटे में दो नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं। मोदी राज में हर दिन तीस किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कोई और प्रधानमंत्री होता तो प्रचार करने से पहले सोचता कि मैं आंखें कैसे मिलाऊंगा, अपने लोगों के सामने कैसे जाऊंगा? यह चुनाव महत्वपूर्ण इसलिए है कि जब आप 272 में सरकार बना सकते हो तो आप चार सौ क्यों मांग रहे हो नीयत क्या है आपकी ? चार सौ इसलिए चाहिए क्योंकि संविधान बदलना है। रायपुर में 18 माह पहले कांग्रेस सरकार ने आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करके राजभवन में फाइल भेजी वो फाइल धूल खा रही है। भाजपा आदिवासियों और दलितों के खिलाफ है, उनके आरक्षण के खिलाफ है और हम तो एक कदम और आगे जाते हैं। हम कह रहे हैं कि 50 प्रतिशत की जो सीमा है आरक्षण के ऊपर वो खत्म होनी चाहिए। जातिगत जनगणना होनी चाहिए और जो कथाकथित अगड़ी जातियां है, उनमें भी जो आर्थिक रूप से हैं उनको भी आरक्षण की पूरी सुविधा मिलनी चाहिए। ये हमारी गारंटी है, ये हमारा मेनिफेस्टो है। हमारा न्याय पत्र बिना पढ़े झूठ बोलना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। लेकिन दस साल में देश की जनता से जो धोखा हुआ। नौजवानों की आत्महत्या, महिलाओं से बलात्कार और किसानों की आत्महत्या ये बताते हैं कि धोखा कितना गंभीर हुआ है। कितने व्यवसायियों की आत्महत्या कोई छोटी बात नहीं है। आपकी नीतियों में खोट है, आपकी नियत में खोट है, आप सरकार चलाने के काबिल नहीं हो, आप सिर्फ प्रचार करने के काबिल हो। फंड का इस्तेमाल प्रचार में करना और जिनके लिए वो फंड है उस मद में उसका इस्तेमाल नहीं करना इसमें तो इनकी महारत है पीएचडी है। इस बार बदलाव आवश्यक है। स्थिति बहुत गंभीर है। बहुत बार कोशिश की जा रही है, सुबह से शाम तक की कैसे असल मुद्दों से भटकाया जाए।

मोदी में नहीं है सरकार चलाने की काबिलियत : पवन खेरा

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  •  झूठ पे झूठ बोलना नरेंद्र मोदी की है फितरत :खेरा
  • दलित, आदिवासी और किसान विरोधी है भाजपा

रायपुर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमेन कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य पवन खेरा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मैं रायपुर ट्रेन से आना चाहता था, मैंने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को बताया, तब उन्होंने कहा ट्रेन से आएंगे तो चुनाव के बाद ही रायपुर पहुंच पाएंगे, हां आप मालगाड़ी में आते हैं समय पर पहुंच सकते हैं। यह हाल है देश में ट्रेनों का। पूरे देश में यह चुनाव इस देश का वोटर लड़ा रहा है, जनता लड़ रही है, और उन्हें लगता है कि कांग्रेस पार्टी उनकी जिंदगी से जुड़े मुद्दे उठा रही है, नौकरियों के मुद्दे उठा रही है, किसानों के मुद्दे उठा रही है, आरक्षण का मुद्दा उठा रही है, संविधान का मुद्दा उठा रही है, महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है, आदिवासियों का मुद्दा उठा रही है। स्वास्थ्य की बात कर रही है, शिक्षा की बात कर रही है, पेपर लीक की बात कर रही है। इन्हीं मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ रही है।

पवन खेरा ने कहा कि वे लोग किन मुद्दों पर चुनाव में है? मंगलसूत्र, मछली, मीट, मुसलमान ये मुद्दे हैं उनके। 10 साल आप सरकार में रहे और आपके पास बोलने के लिए ये चार शब्द हैं। कहां है आपका रिपोर्ट कार्ड? बताइए 10 साल में आपने क्या किया? बताइए दस साल में बेरोजगारी का पैंतालीस साल का रिकॉर्ड क्यों टूटा? बताइए दस साल में लघु और मध्यम उद्योग तबाह क्यों हुए? बताइए आदिवासियों और दलितों के साथ जो अत्याचार क्यों हुआ? महिला सम्मान की ये केवल बातें करते हैं, हकीकत यह है कि हर एक घंटे में चार महिलाओं का बलात्कार हो रहा है। हर एक घंटे में दो नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं। मोदी राज में हर दिन तीस किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कोई और प्रधानमंत्री होता तो प्रचार करने से पहले सोचता कि मैं आंखें कैसे मिलाऊंगा, अपने लोगों के सामने कैसे जाऊंगा? यह चुनाव महत्वपूर्ण इसलिए है कि जब आप 272 में सरकार बना सकते हो तो आप चार सौ क्यों मांग रहे हो नीयत क्या है आपकी ? चार सौ इसलिए चाहिए क्योंकि संविधान बदलना है। रायपुर में 18 माह पहले कांग्रेस सरकार ने आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करके राजभवन में फाइल भेजी वो फाइल धूल खा रही है। भाजपा आदिवासियों और दलितों के खिलाफ है, उनके आरक्षण के खिलाफ है और हम तो एक कदम और आगे जाते हैं। हम कह रहे हैं कि 50 प्रतिशत की जो सीमा है आरक्षण के ऊपर वो खत्म होनी चाहिए। जातिगत जनगणना होनी चाहिए और जो कथाकथित अगड़ी जातियां है, उनमें भी जो आर्थिक रूप से हैं उनको भी आरक्षण की पूरी सुविधा मिलनी चाहिए। ये हमारी गारंटी है, ये हमारा मेनिफेस्टो है। हमारा न्याय पत्र बिना पढ़े झूठ बोलना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। लेकिन दस साल में देश की जनता से जो धोखा हुआ। नौजवानों की आत्महत्या, महिलाओं से बलात्कार और किसानों की आत्महत्या ये बताते हैं कि धोखा कितना गंभीर हुआ है। कितने व्यवसायियों की आत्महत्या कोई छोटी बात नहीं है। आपकी नीतियों में खोट है, आपकी नियत में खोट है, आप सरकार चलाने के काबिल नहीं हो, आप सिर्फ प्रचार करने के काबिल हो। फंड का इस्तेमाल प्रचार में करना और जिनके लिए वो फंड है उस मद में उसका इस्तेमाल नहीं करना इसमें तो इनकी महारत है पीएचडी है। इस बार बदलाव आवश्यक है। स्थिति बहुत गंभीर है। बहुत बार कोशिश की जा रही है, सुबह से शाम तक की कैसे असल मुद्दों से भटकाया जाए।

तीन पैथोलॉजी लैब के नहीं बन पाएंगे लाइसेंस, नगर निगम ने एनओसी पर लगाई रोक

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  •  बायो वेस्ट प्रबंधन में खामी पाए जाने पर लिया एक्शन
  • जारी किया गया एनओसी निरस्त करने का नोटिस

जगदलपुर शहर के नर्सिंग होम एवं पैथोलॉजी लैब में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जांच के लिए नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने जांच टीम का गठन किया है।
आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देश पर शहर में संचालित पैथोलॉजी लैब में बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के संबंध में तीन अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है। जांच टीम में कार्यपालन अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निशा मौर्य एवं राजस्व निरीक्षक राकेश यादव शामिल किए गए हैं। इस टीम ने बुधवार को शहर के चार पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण कर बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की जांच की। स्पर्श पैथोलॉजी लैब, नोबेल पैथोलॉजी लैब, हेल्थ एवं लाइफ डायग्नोस्टिक लैब एवं डॉक्टर सचिन बड़गे पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण एवं जांच की गई। टीम द्वारा चारों पैथोलॉजी लैब में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में कमी पाई गई जिसे लेकर संबंधित पैथोलॉजी लैबों संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही पैथोलॉजी लैब पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की गई। आयुक्त हरेश मंडावी ने बताया कि पैथोलॉजी लैब द्वारा अपने मेडिकल वेस्ट को रोड एवं नालियों में डालने की लगातार शिकायत मिल रही थी। जिस पर यह कार्रवाई प्रारंभ की गई है। यह कार्रवाई सतत जारी रहेगी।

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने कलेक्टर विजय दयाराम के ने कसी कमर

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  • कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिए दिशा निर्देश

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता के लिए अच्छा कार्य कर बेहतर परिणाम लाएं। इस दिशा में सभी बीएमओ और संबंधित अधिकारी -कर्मचारी अपने मूल काम को जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। फील्ड में आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करें।
कलेक्टर विजय ने मंगलवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर जोर देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सहित निर्धारित स्वास्थ्य जांच एवं दवाइयों की सुलभता और लक्षित माताओं एवं बच्चों का शत- प्रतिशत टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, गर्म भोजन प्रदाय एवं स्वास्थ्य परामर्श का परिणाम सुरक्षित प्रसव में परिलक्षित होने चाहिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के अनुरूप सभी को संस्थागत प्रसव सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बेहतर रणनीति के साथ कार्य करने निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा पर्याप्त चिकित्सक, अमला और सुविधाओं की समुचित व्यवस्था है। इसे दृष्टिगत रखते हुए शत- प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव हेतु महारानी जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को पृथक- पृथक लक्ष्य देने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने जिले के सभी पोषण पुनर्वास केंद्रों में शत- प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने पर बल देते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक 15 दिन के लिए रोस्टर तैयार कर चिन्हित बच्चों को भर्ती करने व उनका उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुरूप मानव संसाधन की व्यवस्था कर बस्तर एवं बास्तानार पोषण पुनर्वास केंद्र में चार- चार बेड की वृद्धि के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सघन मोतियाबिंद जांच एवं उपचार अभियान का तीसरा चरण शुरू कर चिन्हित मरीजों का ऑपरेशन करवाने कहा।

आयुष्मान भारत पर विशेष जोर
कलेक्टर ने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के तहत दरभा, बास्तानार, लोहंडीगुड़ा ब्लॉक और जगदलपुर विकासखंड के नानगुर ईलाके में सघन मलेरिया जांच एवं उपचार चलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आयुष्मान कार्ड प्रदान करने के लिए एनालिसिस कर अभियान संचालित कर पंजीयन पूर्ण किए जाने कहा। बैठक में राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम,परिवार कल्याण कार्यक्रम आदि की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आरके चतुर्वेदी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक महारानी अस्पताल डॉ. संजय प्रसाद सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, बीएमओ तथा बीपीएम मौजूद रहे।

महिला नक्सली मड़कम हिड़मे के जीवन में अब आएगी नई सुबह

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  •  सुकमा जिले की 1 लाख की ईनामी महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर एक लाख की ईनामी महिला नक्सली मड़कम हिड़मे की जिंदगी में अब नई सुबह की शुरुआत हो चुकी है। छ्ग शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति तथा सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्कोम अभियान (नई सुबह, नई शुरुआत) से प्रेरित एवं अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे जनसेवा के कार्यों से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर दिया है।
    आत्मसमर्पित नक्सली थाना चिंतागुफा क्षेत्र की निवासी है। उसे आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में स्पेशल गुप्तचर शाखा सुकमा का प्रयास रहा। सुकमा जिले में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., दंतेवाड़ा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ के उप पुलिस महानिरीक्षक परिचालन कोंटा रेंज सुनीत कुमार राय, उप पुलिस महानिरीक्षक परिचालन सीआरपीएफ रेंज सुकमा अरविंद राय, सुकमा के मार्गदर्शन एवं सुकमा के एसपी किरण चव्हण के निर्देशन तथा निखिल अशोक कुमार राखेचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा के पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘पूना नर्कोम अभियान नई सुबह, नई शुरुआत एवं अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापना से मिलने वाली सुरक्षा, सुविधाओं व विकास के विस्तार से प्रभावित होकर तथा नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन, खोखली विचारधारा, उनके द्वारा किए जाने वाले शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा किए जाने वाले भेदभाव एवं स्थानीय आदिवासियों के साथ की जाने वाली निर्मम हिंसा से त्रस्त होकर प्रतिबंधित माओवादी नक्सल संगठन में सक्रिय रही 36 वर्षीया महिला नक्सली मड़कम हिड़मे पिता गंगा निवासी सिंघनमड़गू आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष ने आत्मसमर्पण किया है।

    कार्यालय पहुंचकर किया सरेंडर
    मड़कम हिड़मे पर राज्य सरकार ने 1 लाख रुपए का ईनाम घोषित कर रखा है। मड़कम हिड़मे नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में डीएसपी मनीष रात्रे सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। मड़कम हिड़मे को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में विशेष आसूचना शाखा सुकमा का विशेष प्रयास रहा है। मड़कम हिड़मे को शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जगदलपुर नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने शुरू की शानदार पहल

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  •  समस्या मुक्त कर्मचारी अब दे सकेंगे बेहतर सेवा
  • कर्मियों की समस्याओं के लिए शिविर अच्छी पहल

-अर्जुन झा-

जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर के आयुक्त हरेश मंडावी की पहचान एक प्रयोगधर्मी अधिकारी के रूप में बन गई है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर माह शिविर आयोजित करने का फैसला लेकर कर्मचारियों को जहां बड़ी राहत पहुंचाने की कोशिश की है, वहीं इसका लाभ अब सीधे तौर पर नगर के लोगों को भी मिलेगा। नौकरी से संबंधित समस्याओं से मुक्त कर्मचारी अब नगर में बेहतर सेवा दे सकेंगे।

नगर निगम जगदलपुर में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने निगम कार्यालय में समाधान शिविर लगाकर कर्मचारियों की समस्याओं को करीब से जाना, समझा और उन समस्याओं का समाधान करने का संबंधित विभाग के अधिकारीयों को निर्देश दिया। आयुक्त हरेश मंडावी के द्वारा निगम के नियमित, प्लेसमेंट वाले कर्मचारियों एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्यरत स्वच्छता दीदीयों की समस्याओं के निराकरण की दिशा में आयुक्त ने नई पहल की शुरुआत की है। यह निसंदेह सराहनीय पहल है। इससे जगदलपुर नगरीय निकाय में कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। छोटे कर्मचारी, जो सीधे तौर पर साफ सफाई, जल आपूर्ति, टैक्स वसूली समेत अन्य मैदानी कार्यों से जुड़े रहते हैं, वे अक्सर निजी समस्याओं से जूझते रहते हैं। ऐसे कर्मचारी निगम बड़े अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराने में संकोच करते हैं। इन सभी बातों को देखते हुए आयुक्त हरेश मंडावी ने कर्मचारियों के लिए समस्या समाधान शिविर आयोजित करने का क्रम शुरू किया है। इसकी बड़ी अच्छी शुरुआत हुई है और कर्मचारियों में संतुष्टि नजर आने लगी है। आयुक्त मंडावी ने पहले दिन खुद नगर निगम के कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत होकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को कर्मचारियों की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया। समस्या समाधान शिविर प्रत्येक माह लगाया जाएगा। पहले दिन प्लेसमेंट वाले कर्मचारियों ने अपनी पुरानी ईपीएफ राशि के संबंध में समस्या आयुक्त को सुनाई। वहीं स्वच्छता दीदियों ने भी अपनी समस्याएं आयुक्त के समक्ष रखी। कर्मचारियों ने अपनी पदोन्नति, रुके हुए वेतन व अन्य मसले समाधान शिविर में रखे।

दूर करेंगे सारी समस्याएं: मंडावी

आयुक्त हरेश मंडावी ने कहा कि नगर निगम में कार्यरत हमारे कर्मचारियों की कई समस्याएं हैं। हमारे कर्मचारी संकोच से अपनी छोटी -बड़ी समस्याएं अधिकारियों को नहीं बता पाते हैं। जिससे उनकी समस्याओं का निराकरण समय पर नहीं हो पता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आज एक दिवसीय समस्या समाधान शिविर का आयोजन निगम कार्यालय में किया गया। जिसमें उनकी समस्याओं से रूबरू होकर निराकरण संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। आयुक्त हरेश मंडावी ने कहा है किया हम सभी कर्मचारियों की सारी समस्याएं दूर कर नगर निगम में बेहतर कार्य वातावरण निर्मित करेंगे और शहरवासियों को उत्कृष्ट सेवा देंगे।

कश्मीर के आतंकियों की तरह बड़े ही घातक हथियारों से लैस हैं बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सली

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  •  एके 47, एसएलआर और इंसास, मशीन गन जैसे हथियार हैं इनके पास

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सलियों के पास दो देशों के बीच युद्ध में काम आने वाले हथियार उपलब्ध हैं। लाईट मशीन गन, एसएलआर, ग्रेनेड लांचर, एके -47, इंसास और थ्री नॉट थ्री रायफल जैसे हथियारों से लैस होने के बावजूद पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने टिक नहीं पा रहे हैं नक्सली। ऐसे ही हथियार पहले कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों के पास हुआ करते थे।

बस्तर संभाग में नक्सली पहले भरमार बंदूकों, सामान्य विस्फोटकों के दम पर पुलिस को निशाना बनाया करते थे, मगर जमाने में आए बदलाव के साथ उन्होंने भी अपनी लड़ाई का तौर तरीका बदल दिया है। लड़ाई का तौर तरीका ही नहीं बदला है, बल्कि पुराने जमाने के हथियारों की जगह नक्सली अब अत्याधुनिक मारक हथियार भी रखने लगे हैं। इस साल जनवरी से लेकर अप्रैल तक विभिन्न मुठभेड़ों में पुलिस और सुरक्षा बलों के हाथों लगभग सौ नक्सली मारे जा चुके हैं। इस अवधि में नक्सली ठिकानों और मुठभेड़ वाली जगहों से जो अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं, वे साबित करते हैं कि नक्सली अपनी मारक क्षमता लगातार बढ़ाते चले जा रहे हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने इस बात की तस्दीक की है कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध संचालित अभियानों के दौरान बस्तर रेंज में जहां 91 से अधिक माओवादियों के शव बरामद हुए हैं, वहीं अत्याधुनिक हथियार दो लाईट मशीन गन (एलएमजी), चार एके 47, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार थ्री नॉट थ्री राइफल, चार 9 एमएम पिस्टल सहित भारी मात्रा में अन्य आर्म्स एम्युनेशन, विस्फोटक सामग्री और नक्सल सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों से ग्रेनेड बम लांचर (जीबीएल) भी बड़ी मात्रा में बरामद हुए हैं। एलएमजी, जीबीएल, एके- 47, इंसास, एसएलआर ऐसे घातक हथियार हैं, जिनकी मारक क्षमता का कोई मुकाबला नहीं है। ये अपने टारगेट पर काफी दूर से सटीक निशाना लगाने में भी सक्षम होते हैं। इनकी जद में आने वाले किसी भी शख्स के बचने की संभावना जरा भी नहीं रहती। ऐसा नहीं है कि सिर्फ नक्सली ही अत्याधुनिक हथियारों से लैस हुए हैं, पुलिस और सुरक्षा बलों के पास भी असलहों की भरमार है। अत्याधुनिक हथियारों के मामले में पुलिस और सुरक्षा बल लगातार अपग्रेड होते जा रहे हैं। उनके पास आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जा रही है। यही वजह है कि अब जितनी भी मुठभेड़ें हो रही हैं, उनमें नक्सलियों को जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है। उनके लड़ाके लगातार मारे जा रहे हैं। इसकी बनिस्बत सुरक्षा बलों और पुलिस को बहुत ही कम क्षति पहुंच रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान बिना जनहानि के नक्सलियों को तबाह करते चले जा रहे हैं।

कहां से आ रहे घातक हथियार

जिस तरह से नक्सलियों के ठिकानों और मुठभेड़ वाली जगहों से अति घातक और मॉडर्न वेपन्स मिल रहे हैं, वह चिंता का सबब भी हैं। इस बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि नक्सलियों को आधुनिक दौर के ऐसे मारक हथियारों की आपूर्ति आखिर कहां से हो रही है? कौन हैं वो हथियार सप्लार जो नक्सलियों तक ये वेपन्स आसानी से पहुंचा रहे हैं। जबकि बस्तर संभाग के चप्पे चप्पे में पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और अन्य सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं। सूत्र बताते हैं कि पड़ोसी राज्य तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, ओड़िशा और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों के रास्ते बस्तर के नक्सली संगठनों तक हथियार पहुंच रहे हैं। इस बीच एक और सवाल उठता है कि पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के खुफिया तंत्र को इसकी भनक आखिर कैसे नहीं लग पाती। अगर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल नक्सलियों के सप्लाई चेन को तोड़ देते हैं तो छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

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