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ग्राम-ककरेल में आयोजित मानस गान सम्मेलन का उदघाटन मंत्री के हाथो

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कुसुमकसा जय माँ शारदे युवा जन जागरण रामायण समिति व समस्त ग्रामीणों द्वारा ग्राम ककरेल में आयोजित दो दिवसीय सस्वर मानस गान सम्मेलन का उदघाटन अनिला भेड़िया केबिनेट मंत्री महिला बाल विकास व समाज कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य अतिथि में अखिल ब्रम्हांड नायक भगवान रामचंद्र की पूजा अर्चना कर किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता यशराम राणा जनपद सदस्य व विशेष अतिथि पीयूष सोनी मंत्री प्रतिनिधि, बसंती दुग्गा अध्यक्ष जनपद पंचायत, पुनीत सेन उपाध्यक्ष जनपद पंचायत डौंडी ,टीकम नेताम जनपद सदस्य , राजाराम तारम जनपद सदस्य लीलेश्वरी राणा सरपंच ग्राम पंचायत रजही ,प्रकाशचंद्र कुचेरिया , भारत चुरेन्द्र थे अनिला भेड़िया का ग्राम ककरेल पहुंचने पर ग्रामीणों व आयोजक समिति के पदाधिकारियों ने बाजे गाजे के साथ स्वागत कर मानस गान सम्मेलन स्थल तक लेकर आये जहाँ भगवान श्रीराम की छायाचित्र पर दीप प्रव्जलित व पूजा अर्चना कर मानस गान सम्मेलन का उदघाटन किये, अनिला भेड़िया ने मुख्य अतिथि के आसंदी से रामचरित मानस का गुणगान होने से गाँव मे भक्ति का संचार होता है , तो वही नयी पीढ़ी को सत्य के रास्ते जीवन जीने का महत्व समझ मे आता है रामायण के आयोजन से श्रीराम के आदर्श को आत्मसात करना चाहिए , साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा ब्लॉक,जिला व प्रदेश स्तर पर सार्वजनिक मानस गान का आयोजन कर रही है

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पंचायत प्रतिनिधियों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग पर उप स्वास्थ्य केंद्र भवन ना होने से ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए , उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित करने के लिए जिला खनिज निधि से दो कमरा निर्माण कराने व स्कूल के पास सी सी रोड निर्माण कराने की घोषणा की , मानस गान सम्मेलन के आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मंत्री अनिला भेड़िया का शाल -श्रीफल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया

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कार्यक्रम को पीयूष सोनी ,यशराम राणा ने भी संबोधित करते हुए रामायण से अच्छे गुण लेने की बात कही ,सरपंच लीलेश्वरी राणा ने आभार व्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन सनत कुमार चुरेन्द्र ने किया ,इस अवसर पर रांमहू राम चुरेन्द्र उपसरपंच ग्राम पंचायत रजही ,जय माँ शारदे युवा जन जागरण समिति के जीवन लाल भुआर्य (अध्यक्ष) सदस्यगण उमेश्वर खरांशु, विरेन्द्र, गौतम राणा, भूषण भुआर्य, भरत चुरेन्द्र, निर्भय चुरेन्द्र, डॉ सेतराम साहू, यशवंत भुआर्य, प्रकाश यामले, वासुदेव भुआर्य, हरिराम, कालूरामखुटमरिया, हुमनदास मानिकपुरी, अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य, शब्बीर खान, उदेराम सिवना, तामुराम भुआर्य, धनराज भुआर्य, खम्मनलाल खुटमरिया, सालिकराम सहित पंचगण, सैकड़ों महिला पुरुष व युवा ग्रामीण उपस्थित थे

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ग्राम चिपरा में छत्तीसगढ़ महिला बाल विकास अनिला भेड़िया ने की मंच निर्माण व भूमि पूजन

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कुसुमकसा – अनिला भेड़िया केबिनेट मंत्री महिला बाल विकास व समाज कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन  के मुख्य अतिथि में ग्राम पंचायत चिपरा में पांच लाख रुपयों की लागत से सी सी रोड व तीन लाख रुपयों की लागत से कला मंच निर्माण का भूमिपूजन किया गया ,कार्यक्रम की अध्यक्षता कुमारी भुआर्य सरपंच ग्राम पंचायत चिपरा ,विशेष अतिथि पीयूष सोनी मंत्री प्रतिनिधि बसंती दुग्गा अध्यक्ष जनपद पंचायत डौंडी पुनीत सैन उपाध्यक्ष जनपद पंचायत डौंडी, यश राणा जनपद सदस्य ,टीकम नेताम जनपद सदस्य, कोमेश कोर्राम अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी डौंडी, राजाराम तारम जनपद सदस्य ,उदेराम सिवना, प्रकाशचंद्र कुचेरिया, शब्बीर खान, अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य थे

मंत्री महोदया के ग्राम चिपरा आगमन पर ग्रामीणों ने बाजे गाजे के साथ भव्य स्वागत करते हुए कार्यक्रम स्थल तक लेकर आये, कार्यक्रम का शुभारंभ धरती माँ की पूजा अर्चना कर रैली चलाकर किया गया, अनिला भेड़िया ने भूमिपूजन कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उसका लाभ उठाने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वन क्षेत्र के निवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए 61 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है, उसका लाभ उठाए। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे धान के अतिरिक्त दलहन-तिलहन फसल लें। भांठा, टिकरा जमीन पर कोदो, कुटकी, रागी आदि फसल लेकर अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी करें। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभ मिलना शुरू हो गया है।

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मंत्री अनिला भेंडिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है, अनिला भेड़िया ने ग्रामीणों की मांग पर चिपरा किल्लेकोडा मार्ग पर नाले पर 2.70करोड़ रुपयों की लागत से पूल निर्माण की स्वीकृति होने की जानकारी देते हुए जल्द ही पूल का निर्माण कार्य चालू होने की जानकारी देते हुए जनपद सदस्य यश राणा की मांग पर ग्राम चिपरा में मंगल भवन निर्माण कराने की घोषणा की ,कार्यक्रम को यश राणा जनपद सदस्य, कुमारी बाई भुआर्य सरपंच ने भी सम्बोधित किया, इस अवसर पर मनोज  मरकाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) डौंडी लोहारा, अविनाश ठाकुर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डौंडी, विनय देवांगन नायब तहसीलदार दल्लीराजहरा , अरुण नेताम थाना प्रभारी दल्लीराजहरा, जतिन भेड़िया, धर्मेंद्र मेश्राम, नारायण लाल, जीवराखन नेताम सहित ग्रामीण महिला पुरूष उपस्थित थे|

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बस्तर में आई बहार, न करें तकरार…

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त्वरित टिप्पणी अर्जुन झा

बस्तर में बहार आई है। विकास हो रहा है। बमुश्किल शांति का दायरा बढ़ रहा है ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक संदेश भी दिया है कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। इस अधिकार का उपयोग अनुशासित तरीके से करें। कोई भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करके बस्तर को अशांत करने की कोशिश न करे। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कानून व्यवस्था बाधित होगी तो प्रदर्शनकारी जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री की इस समझाइश को धमकी नहीं नसीहत समझा जाना चाहिए। पिछले दिनों सुकमा और हाल ही नारायणपुर में जो हुआ, वह बस्तर की संस्कृति से मेल नहीं खाता। प्रदर्शनकारी उत्तेजित हुए तो इसकी कुछ स्वाभाविक और कुछ दीगर वजह भी हो सकती हैं। आदिवासी स्वभावगत शांत और सहज होता है। सुकमा और नारायणपुर में जो हुआ, वह स्वाभाविक रूप से आदिवासियों के स्वभाव के प्रतिकूल है लेकिन यह भी जाहिर है कि आदिवासी एकदम से संयम नहीं खोता। किंतु प्रतिकार करने में भी पीछे नहीं रहता। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा है कि बस्तर का सम्पूर्ण विकास हो और आदिवासी हितों का संरक्षण किया जाय। इस धारणा के प्रति उनकी संवेदनशीलता उनकी कार्यशैली में साफ झलकती है। यदि प्रशासनिक स्तर पर कुछ अवरोध है तो बात जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जा सकती है। शांतिपूर्ण तरीके से विरोध व्यक्त किया जा सकता है लेकिन आंदोलन के बीच उपद्रव समस्या का समाधान नहीं बल्कि अवरोध ही उत्पन्न कर सकता है, यह बात समझ लेनी चाहिए कि आदिवासियों की आड़ में कहीं कोई सियासी झाड़ तो नहीं गाड़ रहा। यदि ऐसा है तो आदिवासी समाज को सतर्क रहना होगा। किसी भी सरकार का यह प्रयोजन नहीं हो सकता कि जनभावनाओं का दमन किया जाय क्योंकि जनता ही सरकार चुनती है और जनभागीदारी से ही विकास तथा शांति की स्थापना सम्भव है। बस्तर विकास के लिए मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता लगातार सामने आ रही है। वे बार बार लगातार बस्तर अंचल का दौरा कर रहे हैं, करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं। इस बार भी उन्होंने बस्तर को ढेर सारे उपहार दिए हैं। बस्तर ने कांग्रेस पर जो उपकार किया है, उसका आभार वे बस्तर के कायापलट के रूप में व्यक्त कर रहे हैं। यदि कहीं किन्हीं मुद्दों पर असहमति है तो सहमति की संभावनाओं से खिलवाड़ करने की बजाय बातचीत से सहमति का विकल्प ही बेहतर उपाय हो सकता है।

मुख्यमंत्री बघेल ने की नेहरू स्मृति उद्यान का लोकार्पण

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जगदलपुर, 03 अप्रैल 2022 – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान शनिवार संध्या को यहां जगदलपुर में लालबाग के निकट नेहरु स्मृति उद्यान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, अक्षय ऊर्जा विकास बोर्ड के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम सभापति कविता साहू,कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित व्यास, सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री बघेल को परिसर की पूरी जानकारी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल की कक्षा 11वीं में अध्ययनरत आकांक्षा कुमारी ने दी। उसी स्कूल की छात्रा जेनीफर एक्का ने पंडित नेहरू की लिखी किताब विश्व इतिहास की झलक भेंट में दी।

उल्लेखनीय है कि नेहरू मेमोरियल पार्क का निर्माण उस स्थल पर किया गया है जहां स्थित मंच से देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तृतीय राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन को संबोधित किया था। 13 से 15 मार्च 1955 को आयोजित तीन दिवसीय इस सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर पंडित नेहरू यहां आए थे। लालबाग मैदान के सामने सड़क के दूसरे छोर में नक्षत्र वाटिका के समीप नेहरू मेमोरियल का निर्माण किया गया है। लगभग पौन एकड़ क्षेत्र में विस्तारित मेमोरियल पार्क में पंडित नेहरू की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां लगाए गए पांच पत्थरों में नेहरू के जीवन से संबंधित जानकारी दी गई है।इस परिसर को लगभग एक करोड़ 50 लाख की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है ।

अखिल भारतीय परिसंघ का निजीकरण बंद करो के तहत निकला शहर में विरोध रैली किये हल्ला बोल एवं कलेक्टर की अनुपस्थिति में ज्ञापन लिए जगदलपुर एस डी एम – सतीश वानखेड़े

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जगदलपुर बस्तर

मामले में परिसंघ के जिलाध्यक्ष सतीश वानखेड़े ने बताया की कोल इण्डिया, सेल, भेल, एयर इण्डिया, डाक विभाग, बैंक, बी.एस.एन. एल. एम. टी. एन. एल. आदि सभी विभागों को सरकार निजी क्षेत्र में दें रही है ! विनिवेश के नाम पर वर्षो की मेहनत से देश के द्वारा तैयार की गई सम्पत्तियो को आज पूंजीपतियों को कौड़ी के दाम पर बेचा जा रहा है, जो की देश विरोधी कार्य है ! सरकार द्वारा सुनुयोजित ढंग से पहले सार्वजनिक उपक्रमांक को बीमारू बनाया जाता है ! साथ साथ निजी उधमियों को बढ़ावा दिया जाता है ! जैसा की 30 स्पेक्ट्रम का निजी कंपनी को दिया गया तथा बी, एस, एन, एल, को बीमारू बना दिया गया !

सभी राज्यों में अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियो के हजारो पद रिक्त है ! लेकिन उनको जानभूझकर आज तक भरा नहीं जा रहा है ! तत्काल अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के बेकलॉग पदो पर भर्तियां की जाए ! पांचवी अनुसचित के सम्बंध में क्षेत्रों में बिना ग्राम सभा की अनुमति के किसी भी प्रकार का खनिज उत्खनन ना किया जाए ! जल जंगल और जमीन पर आदिवासियों को हक अधिकार दिया जाये उनको भू अधिकार पत्र आबंटित किया जाए जैसे कई विषय पर और बिंदु है !

कार्यक्रम में मुख्यरूप से उपस्थित :- परिसंघ जिलाध्यक्ष सतीश वानखेड़े, उपाध्यक्ष मनीष गढ़पाले, महासचिव विक्रम लहरे, प्रकाश आज़ाद सचिव, वीरेंद्र बहोते महासचिव, नरेंद्र भवानी, राजेंद्र बघेल माहारा समाज संभागीय अध्यक्ष, भारत चालकी माहारा समाज उपाध्यक्ष, फूलसिंग बघेल उपाध्यक्ष, विनय सोना महासचिव, राजू बघेल संरक्षक माहारा समाज, संतोष कश्यप जिलाध्यक्ष माहारा समाज, प्रेम चालकी अध्यक्ष जगदलपुर, गोपाल नाग, सुरेंद्र बघेल, संपत कश्यप, देवराज सोनवानी, रघुराम पाटले, पप्पू हरिवंश, विजय लहरे, टी सन्नी राव, प्रेम सिंह नाग, जगमति सींग, रोहित नाग, शंकर कश्यप ब्लॉक अध्यक्ष परिसंघ, रोहित नाग, भावेश खरे, सूरज सागर, सुभम सेठ्ठी, चिराग साहू, मनीष गढ़पाले, आदर्श सींग, प्रदीप भारती, तरुण ठाकुर, नवीन ठाकुर सेन, वीरेंद्र बहोते, सूरज नाग, अनूप सोनी, वीरू नाग !

उत्कल दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन

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उत्कल दिवस के अवसर उत्कल भवन के निर्माण हेतु 5 लाख रुपए विधायक निधि से देने की घोषणा की

पार्षद निधि के दो लाख रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने शहर के शिव मंदिर वार्ड स्थित उत्कल भवन में एक अप्रैल उत्कल दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल हुए एवं समाज को उत्कल दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा उत्कल भवन के उत्थान के लिए अपने विधायक निधि से पांच लाख रुपए देने की घोषणा की |

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की अविभाजित बंगाल एवं बिहार राज्य से अलग होकर 1 अप्रैल 1936 को अलग उड़ीसा राज्य की स्थापना की गई थी ,उत्कल राज्य के निर्माण में उत्कल गौरव मधुसूदन दास जी,उत्कल मणि गोप बन्धु दास जी, महाराज कृष्ण चंद्र गजपति जी,भक्त कवि मधूसुदन राव जी, पंडित नीलकंठ दास जी,व्यास कवि फकीर मोहन सेनापति जी, गंगाधर मेहेर जी, एवं कवि राधानाथ राय जी की भूमिका अतुलनीय रही, मां दंतेश्वरी की धरती से मैं उन्हें शत् शत् नमन करता हूं उत्कल प्रदेश की भाषा एवं साहित्य संस्कृति का अपना एक अलग ही स्थान है चार धाम में से एक धाम श्री जगन्नाथ स्वामी का धाम हो या महाप्रभु लिंगराज मंदिर, कोणार्क का सूर्य मंदिर हो या धवल स्तूप इसका अपना एक अलग ही महत्व है बस्तर एवं उड़ीसा की संस्कृति एवं सभ्यता में काफी समानता है बस्तर एवं उड़ीसा में बेटी रोटी का संबंध रहा है बस्तर के विकास में उड़ीसा के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है |

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में वार्ड पार्षद त्रिवेणी रंधारी,लोकनाथ दास , विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, वरिष्ठ नेता नवीन सिंह भदौरिया समेत समाज के अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, उपाध्यक्ष श्याम महापात्र, उपाध्यक्ष उर्मिला आचार्य, सचिव विजय बेवर्ता,सह सचिव सतीश मिश्रा,संगठन सचिव राजेश दास,सहिला अध्यक्ष वंदना दास, महिला सचिव शुभ्रा दास , युवा अध्यक्ष रितेश दास जोशी, युवा सचिव सुमित महापात्र, वरिष्ठ नागरिक जोगेंद्र महापात्र जोगी, विरेन्द्र महापात्र, हेमंत मिश्रा,सुषमा सामंत, गायत्री आचार्य,मालती आचार्य,लंबोदर तिवारी, मुरारी दास,बामदेव मिश्रा, उमाकांत दास , विपिन बिहारी दास समेत समाज के लोग उपस्थित रहे |

मुख्यमंत्री ने बस्तरवासियों को 104 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

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नगर पंचायत बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित सिरहा – गुनिया सम्मेलन में किया विकास कार्यों का लोकार्पण – भूमिपूजन

जगदलपुर, 02 अप्रैल 2022 – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बस्तर प्रवास के दौरान बस्तरवासियों को 104 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने नगर पंचायत बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित सिरहा-गुनिया सम्मेलन में 70 करोड़ रुपए की लागत के 17 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 34 करोड़ 33 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही बस्तर नगर पंचायत क्षेत्र के 11 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र प्रदान किया तथा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत यहां 151 नवविवाहित जोड़ों को आर्शीवाद प्रदान किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने यहां लगभग 3 करोड़ 4 लाख रुपए की लागत से कचनार से चोलनार तक निर्मित 4.9 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से पाहुरबेल से उड़ियापाल तक निर्मित 4.5 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग 2 करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से मंगनार से तोंगकोेंगेरा तक डामरीकृत 4 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग 2 करोड़ 22 लाख रुपए की गुड़िया से कालागुड़ा तक निर्मित 6.2 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से नगरनार से नदीबोड़ना तक निर्मित 5 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग 1 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से रायकोट से सोढ़ीपारा तक निर्मित 4.5 किलोमीटर लंबी सड़क, एक करोड़ 4 लाख रुपए की लागत से नानगुर मे निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन, 55 लाख रुपए की लागत से घाट धनोरा मे निर्मित शासकीय हाईस्कूल भवन का लोकार्पण किया। 

मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही साथ कार्यक्रम में 55 लाख रुपए की लागत से बाबू सेमरा मे निर्मित शासकीय हाईस्कूल भवन, एक करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से कोलचूर से घाट कवाली तक निर्मित 5.5 किलोमीटर लंबी सड़क, 5 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से नारायणपाल से कोरमेल तक निर्मित 13.5 किलोमीटर लंबी सड़क, एक करोड़ 56 लाख रुपए की लागत से बागमोहलई से राजा डोंगरी तक निर्मित 4.1 किलोमीटर लंबी सड़क, 20 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से डिलमिली से पखनार तक निर्मित 20.8 किलोमीटर लंबी सड़क के साथ ही 2 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत के बस्तर विश्वविद्यालय में निर्मित ट्रांजिस्ट हॉस्टल व माता रुक्मणी सेवा संस्थान में एक करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से निर्मित हॉस्टल, 5 करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से फरसागुड़ा से पखना कोंगेरा तक निर्मित 21 किलोमीटर लंबी सड़क, 15 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से बस्तर से कुम्हली तक निर्मित 23.28 किलोमीटर लंबी सड़क का लोकार्पण भी किया। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जिन कार्यो का भूमिपूजन किया, उनमें 2 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत केे जैतगिरी से डुरकाबेड़ा तक 4 किलोमीटर लंबी सड़क, एक करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से सोनपुर से बनियागांव तक 3 किलोमीटर लंबी सड़क, 2 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत के बस्तर विश्वविद्यालय के अतिथि भवन, 5 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत के सोरगांव से जामगांव तक 5.5 किलोमीटर लंबी सड़क, एक करोड़ 97 लाख रुपए की लागत के टेमरा से पुरुषपाल तक 1.7 किलोमीटर लंबी सड़क, 2 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत के बोदरा से चोंडीघाट तक 4 किलोमीटर लंबी सड़क शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 2 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत के बागमोहलई से जामगुड़ा तक 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क, 5 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत के बुड़गीभाटा से चीतापुर तक 7 किलोमीटर लंबी सड़क, 4 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत के मंडवा से ढोढरेपाल तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क, 3 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत के किलेपाल में नवीन आईटीआई भवन, एक करोड़ 65 लाख रुपए की लागत के कोलेंग से ओड़ीसा सीमा तक 8.6 किलोमीटर लंबी सड़क, 25  लाख रुपए की लागत के बेड़ा उमरगांव के कृषक प्रशिक्षण भवन, 15 लाख रुपए की लागत के कुम्हारपारा जगदलपुर के यूनानी औषधालय व 15 लाख रुपए की लागत के साकेत कॉलोनी जगदलपुर के होम्योपैथिक औषधालय का भूमिपूजन भी किया।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप,विधायक चित्रकोट राजमन बेंज़ाम, विधायक दंतेवाडा देवती कर्मा, ऊर्जा विकास बोर्ड के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद,  जगदलपुर महापौर सफीरा साहू उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने की गंगादई माता की पूजा अर्चना…मांगा प्रदेश की खुशहाली और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद…

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जगदलपुर, 02 अप्रैल 2022

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नवरात्रि के पहले दिन बस्तर विकासखण्ड मुख्यालय के पुजारीपारा में स्थित गंगादई माता के मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां माता गंगादई की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप,विधायक चित्रकोट राजमन बेंज़ाम, विधायक दंतेवाडा देवती कर्मा, ऊर्जा विकास बोर्ड के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार,मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, जगदलपुर महापौर सफीरा साहू, कमिश्नर श्याम धावड़े,पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा,सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

गंगादई माता के प्रति है बस्तरवासियों की अगाध श्रद्धा बस्तर रियासत की पूर्व राजधानी बस्तर में माता की प्रतिमा की उत्पत्ति बांस के जड़ को एक ग्रामीण द्वारा उसके कंद को निकालते समय अपने आप जमीन से हुई है। जिसे गंगादई माता का नाम दिया गया। यह दन्तेश्वरी माता की ही बहन है। बाद में भव्य मंदिर का रूप दिया गया। राजा प्रवीरचंद भंजदेव भी यहाँ पूजा करने आया करते थे। यह राजा महाराजा के जमाने का मंदिर है, यह मंदिर बस्तर के 112 गांवों के लोगों के देवी आस्था का केन्द्र है। प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा को मेला भरता है जिसमें सभी 112 गांवों के देवी देवता माता से भेंट करने आते है। इसी मंदिर परिसर में एक प्राकृतिक जल कुंड भी स्थित है। इस कुंड का जल कभी सूखता नहीं है। इसके जल से कई प्रकार की चर्म रोग, बीमारी ठीक हो जाती है। प्राचीन समय से कुंड के जल से ही माता का स्नान किया जाता है।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने की विकास कार्यों की समीक्षा

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जगदलपुर, 01 अप्रैल 2022 – मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में चिटफंड कम्पनियों पर कार्रवाई, जल जीवन मिशन, आश्रम-छात्रावासों में स्वसहायता समूह के माध्यम से दैनिक उपयोग के सामग्री की खरीदी, सी-मार्ट निर्माण, शैक्षणिक संस्थानों में पेयजल एवं शौचालय की उपलब्धता, ग्रामीण एवं शहरी निकायों में स्वच्छता संबंधी कार्य, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम, वर्षा जल संचय, कुपोषण एवं एनीमियामुक्त कार्यक्रम, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान बस्तर जिले में रैली कोसा के प्रसंस्करण के लिए की गई त्वरित पहल की प्रशंसा की गई।

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला, मनिंदर कौर द्विवेदी, सचिव डीडी सिंह, सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष से कमिश्नर श्याम धावड़े, कलेक्टर रजत बंसल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

आज लोकसभा में एस.टी. बिल पर बस्तर सांसद दीपक बैज का जबरदस्त भाषण..

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🔺सदन में केंद्रीय मंत्री के समक्ष लगभग 15 मिनट सांसद बैज ने बस्तर,छत्तीसगढ़ व देश के ट्राईबल मुद्दों पर रखी अपनी बात….

🔺बाबा साहब अम्बेडकर का किया धन्यवाद…सांसद बैज बोले आज आरक्षण नहीं होता तो मै सदन में आपके समक्ष खड़ा ना होता…

🔺आदिवासीयों को सुरक्षित व संरक्षित करना बेहद जरूरी..आदिवासी देश की धरोहर – सांसद बैज…

🔺सांसद बैज बोले “आदिवासियो का नारा जल जंगल जमीन हमारा”..

🔺गोली चाहे नक्सली का हो या पोलिस का ” मगर मारा तो आदीवासी जाता है।”

🔺छत्तीसगढ़ के वो पंद्रह साल भाजपा सरकार में आदिवासियो पर हुए अनेकों अत्याचार…

🔺झीरम कांड में 32 जवान और हमारे कई नेता शहीद हुए, ताड़मेटला कांड में 200 आदिवासीयों के घरों को जला दिया गया,सार्केगुड़ा कांड में निर्दोष आदिवासीयों की हुई हत्या…

🔺15 साल में आदिवासियों के ऊपर हुए कई फर्जी एनकाउंटर,फर्जी नक्सली केस में हजारों आदिवासी जेल में हुए बंद। लेकिन पिछली सरकार मूकदर्शक बने देखती रही।

⭕आज छत्तीसगढ में भूपेश बघेल जी की सरकार में फर्जी एनकाउंटर बंद हुए,फर्जी नक्सली केस में बंद आदिवासीयों को रिहा किया जा रहा है..

⭕बस्तर के अंदरूनी गांव में कैंप लगाकर लगातार आदिवासीयों के बन रहे आधार कार्ड व राशन कार्ड..

⭕लोहंडीगुड़ा में आदिवासीयों के टाटा की जमीन हुई वापसी । हमारी सरकार ने पिछली सरकार में हुए फर्जी ग्राम सभा को शून्य घोषित कर नंदराज पहाड़ आदिवासीयों को लौटाया।

⭕बस्तर में खनिज संपदा की कमी नहीं.. 60 साल से कर रहे दोहन.. फिर हमारे लोगो को प्रथम प्रथमिकता क्यों नही..?

⭕एन.एम.डी.सी. में स्थानीय लोगों को आरक्षण व प्राथमिकता और भर्ती मिले…

⭕सांसद बैज बोले निजीकरण में आदिवासीयों का भविष्य क्या सुरक्षित रहेगा..? हमारा आरक्षण आज भी खतरे में…

⭕सांसद बैज ने कहा महार,मेहरा,मेहर के साथ साथ महरा,माहरा को भी अनुसूचित जाति की सूची क्रमांक 33 में प्रतिस्थापित किया जाए…

⭕ छत्तीसगढ़ के इस जातियों को जैसे साैंरा-संवरा,भूईया-भूईयां-भूयां,धनुहार-धनुवार, किसान, धागड़, बिंझीया, कोडाकू, कोंद,भारिया- भरिया, पंडो/पण्डो, गोंड/गोंड,गदबा,नगवंशी/नागबंसी को भी अनुसूचित जनजाति में शामिल कर विधेयक पास किया जाए।

⭕बस्तर के जाति अमनीत-अमनित को भी अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए। इसके साथ ही सांसद दीपक बैज ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव में जिन जिन जातियों को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाना है उन्हे शामिल कर तत्काल विधेयक पास किया जाए।

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