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खैरागढ़ चुनाव को लेकर 4 अप्रैल को कांग्रेस विधायक दल की बैठक

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कांग्रेस इस सीट को जीतने कर रही शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

रायपुर। खैरागढ़ उप चुनाव की सरगर्मी के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी चुनावी समीक्षा के बहाने विधायक दल की बैठक बुलाई है। पहले यह बैठक प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के उपस्थिति में 31 मार्च को तय की गई थी। अब इसे रद्द कर 4 अप्रैल को खैरागढ़ में ही करने की रणनीति बनी है। कांग्रेस इसी बहाने विधानसभा क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।

खैरागढ़ उप चुनाव में प्रत्याशियों के नाम तय होने के बाद अब कांग्रेस और भाजपा ने अपनी प्रचार की रणनीति बना चुकी है। यहां पर पिछले चुनाव के नतीजे को देखा जाए तो यहां पर कांग्रेस की तीसरे स्थान पर थी। उसे यहां करीब 30 हजार मतों का गड्डा पाटना हाेगा। दोनों पार्टियों ने जातीय समीकरण के आधार पर प्रत्याशी तय किया है। अब यहां मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होने के बाद कांग्रेस ने तीन मंत्रियों को पहले ही चुनाव संचालन और अभियान के लिए उतारा है। प्रचार में अब विधायकों को भी जिम्मेदारी देने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस, विधायक दल की बैठक लेकर सभी विधायकों को प्रचार की रणनीति तय करने 31 मार्च को बैठक बुलाई थी। इस दौरान प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया भी राज्य के दौरे पर थे। वे खैरागढ़ और रायपुर दोनाें जगहों पर चुनाव को लेकर अलग-अलग स्तर पर संगठन पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। 31 को होने वाली विधायक दल की बैठक को रद्द कर अब इसे 4 अप्रैल को खैरागढ़ में ही कर वहीं पर उन्हें किन क्षेत्रों में जाना है इसे तय किया जाएगा।

हर बूथ तक पहुंचने की तैयारी

खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव जिले के अंतर्गत आता है। यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का प्रभाव होने के कारण कांग्रेस किसी भी कीमत में इस सीट को जीतने का प्रयास कर रही है। यहां पर नामांकन के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल से सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया था। अब विधायकों को उतारकर सरकार अपनी योजनाओं को प्रचार हर बूथ सतर पर करने की तैयारी में लगी है।

जीएसटी क्षतिपूर्ति चालू रखने केंद्र पर दबाव बनाने सीएम बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र

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कहा-जीएसटी क्षतिपूर्ति 10 साल तक जारी रखने की मांग उठाएं

रायपुर। केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि जून, 2022 के बाद राज्यों को दी जाने वाली जीएसटी की क्षतिपूर्ति बंद कर दी जाएगी। इससे उत्पादक राज्यों को राजस्व की भारी हानि होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया-हमने केंद्र से जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी रखने या वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का आग्रह किया था। मैंने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति दस वर्ष तक जारी रखने के लिए साझा आग्रह किया जाए।

महाराष्ट्र रवाना होने से पहले स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, क्षतिपूर्ति को जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से चर्चा हो चुकी है। हालांकि उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। इससे उत्पादक राज्यों को नुकसान होना है। छत्तीसगढ के राजस्व में बड़े पैमाने पर कमी आएगी। उन्होंने कहा, कानून बना था कि जीएसटी भारत सरकार को देना था, उस समय नहीं दे पा रहे थे। तब उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार लोन लें ले और पेमेंट की गारंटी राज्य सरकार दे। उसकी पुर्ति हम करेंगे। उस समय भी हमने कहा था कि हर राज्य अलग-अलग बैंकों से बात करेंगे और उनका के ब्याज दर अलग-अलग होगा। शर्ते अलग-अलग होगी ऐसे में भारत सरकार ही लोन लेकर हमको दे दे। उसके विरूद्ध पैसा भारत सरकार को ही देना है, तो पटाने का काम भी वह करें। उस समय यह बात मैने कही थी। अब भारतीय जनता पार्टी से अथर्व्यवस्था सुधर नहीं रहा समझ लिया।

5 हजार करोड़ का नुकसान

उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे मैन्युफैक्चरिंग राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलना एक बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। वि-निर्माण राज्य होने के नाते, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में हमारा योगदान उन राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है, जिन्हें वस्तुओं और सेवाओं की अधिक खपत के कारण जीएसटी शासन से लाभ हुआ है। यदि जीएसटी क्षतिपूर्ति जून 2022 से आगे जारी नहीं रखा गया, तो छत्तीसगढ़ भारी राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग 5,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है। ठीक इसी तरह दूसरे राज्यों को भो आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्तियां कम होगी। राज्यों को इस समस्या से जनहित और विकास कार्यों के लिए पैसों की व्यवस्था करना बहुत कठिन हो जाएगा।

गलत ढंग से जीएसटी लागू करने परिणाम अब आ रहे

जीएसटी जब लागू किया गया था तब भी हमारे लोगों ने कहा था कि इस गलत ढंग से लागू किया जा रहा है। अब वह रिजल्ट सामने आ रहा है। जीएसटी के कारण लगातार महंगाई बढ़ रही है। पेट्रोलियम पदार्थाें के भाव बढ़ रहे है। गैस के भाव बढ़ रहे हैं। रोज पेट्रोल-डीजल में प्रतिस्पर्धा हो रही है। महंगाई भी लगातार बढ़ रही है, अब राज्यों को इसका घाटा होगा। केंद्र सरकार का राजनीतिक बयान बाजी करने के बजाय समस्या के समाधान के बारे में आगे बढ़ना चाहिए।

इन राज्यों को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री बघेल ने जिन राज्यों के सीएम को पत्र लिखा है उनमें ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली शामिल है। मुख्यमंत्री बघेल ने इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करते हुए तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में 29 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों ने जून 2022 में समाप्त होने वाले जीएसटी मुआवजे पर चिंता व्यक्त की थी और केंद्र सरकार से इसे और 5 साल के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, जबकि इस मामले में सभी राज्य केंद्र सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद रखते हैं।

क्षतिपूर्ति जारी रखने की मांग

मुख्यमंत्री बघेल ने बताया है कि जीएसटी व्यवस्था की शुरुआत के बाद टैक्स नीति पर राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है। वाणिज्यिक टैक्स के अलावा, राज्यों के पास टैक्स राजस्व की अन्य मदों में राजस्व बढ़ाने के लिए विकल्प नहीं बचे हैं। इसलिए, अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव से उबरने के लिए और राज्यों को जीएसटी का यथोचित लाभ मिलने तक, राज्यों को केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वह कम से कम अगले 5 के लिए जीएसटी की कमी के लिए क्षतिपूर्ति के मौजूदा तंत्र को जारी रखे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्वास जताया कि राज्य उनकी बात से सहमत होंगे और एक साथ इस मुद्दे पर केंद्र से सहमति का साझा अनुरोध करेंगे।

डाइट बस्तर के ऑडिटोरियम हाल में दो दिवसीय सेशन का प्रारम्भ मुख्य अतिथि बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल द्वारा किया गया

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दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में विभिन्न राज्यो के प्राध्यापक व शोधार्थी डाइट बस्तर द्वारा आयोजन किया गया

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट बस्तर द्वारा समकालीन वैश्विक परिदृश्य में परम्परागत सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा विषय पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में आज छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यो के शिक्षाविद व शोधार्थी शिरकत हुए दो दिवसीय आयोजन में शिक्षा में स्थानीय कला सँस्कृति की उपयोगिता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आदिवासी क्षेत्रों में अंग्रेजी भाषा शिक्षण, पारंपरिक संस्कृति और पाठ्यपुस्तक, जनजातिय भाषा शिक्षा जैसे उप विषयो पर आधारित शोध पत्र विद्वानों व शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत किया गया शोध सेमिनार में उड़ीसा,महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार,तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश सहित अनेक राज्यो के शिक्षक व शोधार्थियों ने अपना शोध पत्र भेजा बीज वक्ता के रूप में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के प्राध्यापक डॉ आर मेघनाथन को आमंत्रित किया गया था अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कमलानंद झा तथा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल के प्रोफेसर अरुणाभ सौरभ विशेष आमन्त्रित बक्ता के रूप में अपना अनुसंधान साझा किया |

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य व संरक्षक डॉ सुषमा झा रही सेमिनार के सफल आयोजन के लिए डॉ स्टेनली जान, सुभाष श्रीवास्तव को संयोजक व डॉ प्रमोद कुमार शुक्ल, डॉ रूपेंद्र कवि को आयोजन सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी साथ ही विभिन्न समितियो का निर्माण कर शिक्षको को दायित्व सौंपा था डाइट के कर्मचारियों द्वारा बस्तर विधायक जी का विभिन्न जगहों का निरिक्षण करावाया वही छात्रों द्वारा डाइट के अंदर ठेला लगाया गया था विधायक जी पहुंचकर उनकी कार्य का प्रशंशा किया एवं उनकी कार्यशैली को देखकर ईनाम दिया |

बस्तर विधायक जी ने कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित करते हुए कहाँ की यह छात्र जीवन बहुत ही अच्छा है आप लोग बहुत सौभाग्यशाली है जो की आपको इतना व्यवस्था के साथ डाइट क्लास का पढ़ाई कर रहे हो इतनी अच्छी सुविधाएं भी मिल रही है हमारी सरकार भी हमेशा से छात्र हित में काम कर रही है अभी वर्तमान की स्थिति में छात्रों के मांग अनुसार इस वर्ष भी हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने छात्र हित में निर्णय लेते हुए इस वर्ष कॉलेज में ऑनलाइन पेपर दिलाने के लिए आदेश दिए है हमनें सभी वर्गों के लिए सही निर्णय लेते हुए कार्य किया है |

डाइट के कर्मचारियों द्वारा विधायक जी को विभिन्न समस्याओ से अवगत कराया जिसमें विधायक जी ने तुरंत निराकरण करते हुए तत्काल सायक़ल स्टेण्ड हेतु 6 लाख रूपये,बोर खनन, मरम्मत कार्य हेतु घोषणा किया यह कार्य जल्द ही पूरा किया जायेगा कहा है |

जिसमें मौजूद रहे जिला महामंत्री अनिल पांडे, जनपद सदस्य बैद्यनाथ मौर्य, योगेंद्र मौर्य, राजेश कुमार, पीलू राम ठाकुर, एवं कर्मचारीगण डॉ सुषमा झा, कमलानंद झा,अनुरूब सौरभ,डॉ स्टेनिल जान, सुभाष, रूपेंद्र कविएवं कार्यकर्त्ता छात्र छात्राए, परिवारजन उपस्थित रहे |

छत्तीसगढ़ जल्द ही देश का मॉडल….भूपेश मॉडल में अर्थव्यवस्था की मजबूत डगर, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोजगारी दर….

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राज्य सरकार की ओर से लिए गए नीतिगत प्रबंधकीय फैसलों से न सिर्फ राज्य तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत डगर के साथ रोजगार देने वाले राज्यों में भी अग्रणी बन रहा – राजीव शर्मा

भूपेश सरकार ने कोरोना संकट के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था का जो मॉडल पेश किया, असल में आज वही देश का मॉडल बनता हुआ दिखाई दे रहा है. जनता अब मुखर होकर इसे छत्तीसगढ़ मॉडल के साथ भूपेश का मॉडल भी कह रहे हैं.

जगदलपुर…राज्य सरकार की ओर से लिए गए नीतिगत प्रबंधकीय फैसलों से न सिर्फ राज्य तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत डगर के साथ रोजगार देने वाले राज्यों में भी अग्रणी बन रहा है. उम्मीद है कि भूपेश सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ भूपेश मॉडल, देश का मॉडल बनेगा उक्त कथन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव शर्मा कहा आगे उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ निर्यात में केंद्र सरकार का जो लक्ष्य है उसमें पूरा सहयोग कर रहा है. निर्यात के लिए प्रदेश में बहुत संसाधन है. खनिज, प्राकृतिक संसाधन, वन उपज, आदि. इसलिए राज्य सरकार कार्गो विमान सेवा की माँग कर रही हैं, भारत में सबसे तेजी से उभरता कोई राज्य है, तो वह छत्तीसगढ़ है. प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ आज तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है. पूरे देश में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अर्थव्यवस्था मॉडल की चर्चा है. राज्य के नीतियों को सराहना केंद्रीय स्तर पर भी मिल रही है.

“नीतिगत फैसलों का असर”….

शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार कोरोनाकाल में जहाँ नौकरियाँ छिनी जा रही थी, जहां मजदूर वापस गांव लौट रहे थे, जहां आर्थिक संकट की चुनौतियां थी, वहां पर न सिर्फ रोजी-रोटी की व्यवस्था की, बल्कि रोजगार का संकट भी दूर किया. राज्य सरकार की दो योजनाओं ने इतना बड़ा कमाल किया कि आज वह अन्य राज्यों के लिए संजीवनी का कार्य कर रहा है. ये दो बड़ी योजनाएं नरवा-गरवा, घुरवा-बारी और गोधन न्याय जिसकी प्रशंसा पूरे देश मे होने लगी. श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने इन योजनाओं को प्रदेश भर में लागू कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के दिशा में काम किया. गांव के लोगों को ही गांव में ही रोजगार मुहैय्या कराया. विशेषकर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर गांव बनाने की दिशा में बड़ा काम किया. आज गांव-गांव में इसका व्यापक असर देखा जा सकता है. शर्मा ने कहा कि यही वजह है कि देश में जहाँ बेरोजगारी दर 7.4 है, वहाँ छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 1.7 है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी की इस रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में तीसरे क्रम पर है. राज्य सरकार की नीतिगत फैसलों की वजह से आज छत्तीसगढ़ इस मुकाम पर है.

“राज्य में संचालित योजनाओं का कमाल”….

शर्मा ने कहा कि दरअसल राज्य सरकार के हिस्से ये आंकड़े इसलिए आए हैं क्योंकि मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में समावेशी विकास का लक्ष्य निर्धारित करते हुए तीन साल पहले महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के अनुरूप नया मॉडल अपनाया था, जिसके तहत गांवों और शहरों के बीच आर्थिक परस्परता बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इसी मॉडल के अंतर्गत गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुराजी गांव योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, रूरल इंडस्ट्रीयल पार्कों की स्थापना, लघु वनोपजों के संग्रहण एवं वैल्यू एडीशन, उद्यमिता विकास जैसी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है. प्रदेश सरकार के द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये-नये अवसर सृजित हो रहे हैं. इन योजनाओं से राज्य के विकास को गति मिल रही है, जिससे प्रदेश में बेरोजगारी दर में लगातार गिरावट आ रही है.

“खेती को बढ़ावा, युवाओं में क्रेज”….

शर्मा ने कहा कि वास्तव में छत्तीसगढ़ में बीते तीन साल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था न सिर्फ मजबूत हुई है, बल्कि कृषि आधारित राज्य में खेती को बढ़ावा भी मिला है. राज्य के युवा भी अब खेती की ओर लौट रहे हैं. छत्तीसगढ़ में आज पंरपरागत खेती के साथ-साथ नए-नए फसलों के साथ भी नवीन खेती भी की जा रही है. खास तौर पर राज्य में सब्जी और फल की खेती अब बड़े पैमाने पर होने लगी है. यही नहीं सरकार की ओर से सामुदायिक खेती पर भी जोर दिया जा रहा. महिलाएं भी आज समूह बनाकर खेती कर रही हैं.

“कोरोना संकट के बीच भूपेश सरकार ने रोजगार के अवसर पैदा किए”…

शर्मा ने कहा कि “कोरोना काल में हम सबके सामने बड़ी चुनौती थी. चुनौतियों के बीच कुशल रणनीति के तहत कांग्रेस की भूपेश सरकार ने राज्य में आर्थिक संकट को पैदा होने नहीं दिया. बेरोजगारी बढ़ने नहीं दी, बल्कि उसे कम करने का प्रयास किया. गोधन और सुराजी योजना के जरिए स्वरोजगार के नए-नए अवसर पैदा किए गए. इसका सीधा लाभ ग्रामीणों को हुआ. गोबर से पहले लीपाई होटी थी, लेकिन अब दीप, गुलाल, गमला, के बाद पेंट बनाया जा रहा है. यहाँ तक अब बिजली बनाने का काम भी जारी है. गाँवों मे नया औद्योगिकी पार्क स्थापित किया जा रहा है. इससे ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सीधे लोगों को रोजगार से जोड रहा है. सरकार की ओर ग्रामीण औद्योगिक पार्क के लिए 6 सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सट्टा खिलाने वाले आरोपियो के खिलाफ कड़ी कार्यवाही,सट्टा खिलाने वाले 03 आरोपियो को गुरूर पुलिस ने किया गिरफ्तार

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आज दिनांक 28.03.2022 को ग्राम भ्रमण के दौरान रेड कार्यवाही कर सट्टा पट्टी नामक जुंआ खिलाते आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपी उत्तम साहू के कब्जे से सट्टा लिखने हेतु प्रयुक्त मोबाईल किमती 5000 रू नगदी रकम 1540 रू, त्रिवेन्द्र साहू से मोबाईल व नगदी 1110 रू, व वेदप्रकाश ठाकुर से मोबाईल व 1050, कुल जुमला किमती 18,700 रू को जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया। आरोपियों का कृत्य अपराध सदर धारा 4(क) जुआ एक्ट का घटित करना पाये से अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया ।

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मामले का संक्षिप्त विवरण पुलिस अधीक्षक गोवर्धन ठाकुर के मार्गदर्षन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा मेश्राम एवं उप पुलिस अधीक्षक राजेष बागड़े पर्यवेक्षण अधिकारी के निर्देषन मे अवैध जुंआ सट्टा एवं अवैध शराब ब्रिकी रोकथाम रेड कार्यवाही हेतु टीम गठित कर थाना गुरूर पुलिस भ्रमण पर निकला था उक्त प्रकरण की कार्यवाही में निरीक्षक रोहित मालेकर, सहायक उप निरीक्षक पी आर साहू, विष्वजीत मेश्राम, आरक्षक योगेन्द्र सिन्हा, छगन सिन्हा, दोलेष ठाकुर, षेर अली खान, गिवेन्द्र नेताम का सराहनीय योगदान रहा।

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गिरफ्तार आरोपी:-
01 उत्तम साहू पिता बिसेसर साहू उम्र 37 साल निवासी पलारी चौकी कंवर थाना गुरूर
02 त्रिवेन्द्र साहू पिता बिसेसर साहू उम्र 35 साल निवासी पलारी चौकी कंवर थाना गुरूर
03 वेद प्रकाष ठाकुर पिता इन्द्रकुमार ठाकुर उम्र 25 साल चौकी कंवर थाना गुरूर

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दल्लीराजहरा के पुतरवाही जंगल में जुआ पर पुलिस की कार्यवाही

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दिनांक 27.03.2022 पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग करते ग्राम चिखलाकसा में मुखबीर के सूचना पर ग्राम पुतरवाही पहाडी कचरा गोदाम क्षेत्र मे घेराबंदी कर जुआ में रेड कार्यवाही किया गया जहा झाड़ीयो के अंदर कुछ लोग जुआ खेल रहे थे जिसे पुलिस ने छापा मारा जिनमे से कई जुआरी भाग गए पर दो जुआरी को पुलिस की पकड़ में आ गए

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जिनके नाम आरोपी  विमल कुमार टेमरे पिता दिलिप कुमार टेमरे उम्र 36 वर्ष निवासी टाउनशीप वार्ड क्र 22 जलाराम मंदिर पास राजहरा दूसरा जुआरी  ईश्वरी प्रसाद पिता स्व सुकलाल उम्र 51 वर्ष साकिन राजहरा क्वाटर नं. 08बी 3-ए टाइप राजहरा जिला बालोद को पकड़ा आरोपियो से नगदी रकम 5650 रू एवं 52 पत्ती तास एवं मोमबत्ती एवं दरी तथा मोटर सायकल 01. सीजी-07-एडी-8052, 02. सीजी-07-एलयू-8445, 03. सीजी-07-एलडब्लु-6534, 04. सीजी-07-एएल-3581, 05. सीजी-24-एस-2387, एक बिना नंबर स्कुटी जी.आर.ए.जेड.आई.ए. जिसका इंजन नंबर जे.एफ.99ई.डब्लू.0132437 किमती 03 लाख रूपये किमती 3,05,650 रूपये जप्ती किया

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अपराध क्रमांक 0/2022 धारा 13 जुआ एक्ट में कार्यवाही की पुलिस टीम में सउनि सूरज साहू थाना राजहरा सायबर सेल बालोद से राजहरा आये आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक पुरन देवांगन, आरक्षक अकाश दुबे, आरक्षक संदीप यादव शामिल थे आरोपियों को सक्षम जमानतदार पेश करने पर 2000 हजार रूपये का  जमानत  मुचलका मे रिहा किया गया

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लोकसभा में उठा महारा जाति के आरक्षण का मुद्दा

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सांसद दीपक बैज ने आज लोकसभा के शून्यकाल में उठाया वर्षो से लंबित महारा जाति के आरक्षण का मामला…

सड़क की लड़ाई अब लोकसभा के सदन तक पहुंची..

ज्ञात हो की बस्तर की राजनीति में दखल रखने वाले महारा जाति विगत कई वर्षों से अपनी जाति के आरक्षण के मांग को लेकर सड़क की लड़ाई लड़ते आ रहे है। लेकिन उनकी आवाज अभी तक केंद्र सरकार के समक्ष नही पहुंच पाई थी लेकिन इस समय बस्तर सांसद दीपक बैज ने आज लोकसभा में आरक्षण के मामले को उठाते हुए कहा की बस्तर लोकसभा के 6 जिले दंतेवाड़ा, बीजापुर,सुकमा,बस्तर, कोंडागांव,नारायणपुर के लगभग 10 लाख से अधिक मूल जाति महारा समुदाय जो की पिछड़े व गरीब है वे अनुसूचित जाति में आरक्षण के लिए लगातार मांग करते आ रहे है। लेकिन अभी तक उन्हें आरक्षण का लाभ नही मिल पाया है।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को महारा जाति को छत्तीसगढ़ में अनुसूची के सरल क्रमांक 33 में महार,मेहर,मेहरा के साथ साथ प्रतिस्थापित करने हेतु प्रस्ताव छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिनांक 3 जून 2021 व 10 जनवरी 2022 एवं 28 जनवरी 2022 को केंद्र सरकार के समक्ष सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा गया है। अतः माहरा समाज को भी महार,मेहर,मेहरा के साथ अनुसूचित जाति में लिए जाने की बात सांसद बैज ने सदन में बेबाकी से रखी।

ज्ञात हो की बस्तर सांसद दीपक बैज ने इस से पूर्व भी समाज के लोगो के साथ मिल कर भारत सरकार के सचिव आर.सुब्रमण्यम जी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय शास्त्री भवन नई दिल्ली एवं विवेक जोशी महाराजिस्ट्रार (RGI) से मुलाकात कर इस मुद्दे को उनके समक्ष रखा था।

कांग्रेस सरकार को पत्र लिखने एवं कर्ज लेने में महारत हासिल-भाजपा

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रायपुर 28 मार्च। नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि चिट्टियां लिखना प्रदेश की कांग्रेस सरकार की आदत बन चुकी है। जीएसटी काउंसिल के सदस्यों को पत्र लिखकर एवं केन्द्र सरकार पर हमेशा आरोप लगाना कांग्रेस की आदत बन गई है।
उन्होंने कहा कि जब जीएसटी कांउसिल में यह निर्णय हुआ कि राज्यों को 5 साल की क्षतिपूर्ति मिलेगी तब उस काउंसिल में आए सभी दल एवं राज्य के सदस्यों ने अपनी सहमति दी तो प्रदेश की सरकार अब राजनीतिक नौटंकी क्यों कर रही है। एक तरफ प्रदेश सरकार कहती रही कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था देश की अर्थव्यवस्था से बेहतर है, यहां के लोगों की वार्षिक आय देश की औसत आय से ज्यादा है, यहां पर कोरोना का प्रभाव बिलकुल नहीं पड़ा यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरे देश से अच्छी है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री पैसा मांगने के लिए बार-बार चिट्ठी क्यों लिखते है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्ज और केन्द्र सरकार के भरोसे पर चलना चाहती है क्योंकि कर्ज तो बहुत मिला रहा है केन्द्र सरकार से भी बहुत पैसा राज्य को मिल रहा है। वर्तमान बजट में केन्द्र सरकार ने 8 हजार करोड़ रुपए केवल पूंजीेगत व्यय के लिए देना तय किया है। केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को आय से अधिक पैसा दिया। जो पहले 32 फीसदी मिलता था मोदी सरकार में 42 फीसदी मिल रहा है। यूपीए शासन में जो पैसा मिलता था उससे 178 फीसदी पैसा अधिक मिल रहा है, ग्रांट प्रतिवर्ष 9 प्रतिशत बढ़ाकर मिल रहा है।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केन्द्र सरकार हमेशा सहायता करती है और इतना पैसा दे रही है उसे जनता तक भी नहीं पहुंचा पर रही है। केन्द्र सरकार के भरोसे राज्य नहीं चलाना चाहिए बल्कि अपने दम पर राज्य चलाना चाहिए। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार कुछ न करके केवल चिट्ठी लिखकर अपनी जिम्मेदारी से भागने का काम करते है।

सामूहिक विवाह में 297 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

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उत्तर बस्तर कांकेर 28 मार्च 2022ः- महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अनिला भेड़िया के मुख्य आतिथ्य में अंतागढ़ के उन्मुक्त खेल मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 297 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। नव दंपत्तियों को सुखमय जीवन के लिए अपना आर्शीवाद देते हुए उन्हें कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन से कमजोर वर्ग के लोगों को राहत मिली है तथा फिजूल खर्ची रूका है। सामूहिक विवाह में सभी समाज व वर्ग के लोग भागीदारी निभा रहें हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना अंतर्गत पहले 15 हजार रूपये का प्रावधान किया गया था, जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बढ़ाकर 25 हजार रूपये कर दिया गया है। वर-वधु दोनो दिव्यांग होने पर 01 लाख रूपये की सहायता दी जाती है। इस प्रावधान के लिए उनके द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


परिणय सूत्र में बंधे नव दंपत्तियों को अपना आर्शीवाद देते हुए महिला एवं बाव विकास मंत्री अनिला भेेड़िया ने कहा कि जिस प्रकार उन्हे अपने मायके मे माॅ-बाप का प्यार दुलार अपको मिला है, उसी प्रकार ससुराल में भी परिवार के सभी लोगों का स्नेह मिले। अपने सास को माॅ के समान समझें और पूरे परिवार का स्नेह प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते है, उससे घबराना नहीं और अपने परिवार को खुशहाल रखना है, बेटियाॅ दो परिवारों को जोड़ती है तथा कुल को आगे बढ़ाती है। नव दंपत्तियों को आर्शीवाद देते हुए उन्होंने कहा कि आप को मायके और ससुराल दोनों परिवार से स्नेह और दुलार मिले और आप सदा सुखी रहें, आपका जीवन उज्जवल हो।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अंतागढ़ के विधायक एवं मुख्यमंत्री अधोरंसचना विकास प्राधिकारण के सदस्य अनुप नाग ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामुहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रीति-रिवाज, पंरपरा का पालन करते हुए बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न किया जा रहा है। अंतागढ़ में इस कार्यक्रम का आयोजन होना इस अंचल के लिए गर्व की बात है।  उन्होंने कहा कि प्रत्येक माता-पिता अपने संतान का व्यस्क होते ही उसके विवाह के लिए चिंतित रहते है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से गरीब परिवारों को इस चिंता से मुक्ति  मिली है, इस योजना के क्रियान्वयन से फिजूल खर्ची भी रूका है। शासन द्वारा परंपरा का पालन करते हुए धूम-धाम से कन्या का विवाह संपन्न कराया जा रहा है। श्री नाग ने नव दंपत्तियों को उनके सुखमय जीवन के लिए अपनी शुभकामना एवं आर्शीवाद दिया।

कार्यक्रम को जिला पंचायत के अध्यक्ष हेमंत ध्रुव ने भी संबोधित किया। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बहुत मदतगार साबित हो रहा है। सरकार ने इन परिवारों के बेटियों के विवाह का बीड़ा उठाया है और पूरे रीति रिवाज के अनुसार बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा रहा है, साथ ही उन्हें उपहार सामग्री व प्रोत्साहन राशि भी प्रदाय की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्त्ीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं उत्थान के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किये जा रहा है, साथ ही कुपोषण से मुक्ति के लिए भी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान  चलाया जा रहा है। ध्रुव ने परिणय सूत्र में बंधे नव दंपत्तियों को अपनी शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम को योजना आयोग के सदस्य कांतीबाई नाग ने संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के सशक्तिरण के लिए बहुत संवेदनशील है। उनके आर्थिक मजबूती के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किया जा रहा हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उन्हे आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में बदलाव आया है। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधे दंपत्तियों को अपना आर्शीवाद एवं शुभकामनाएं दी।

अपर कलेक्टर सुरेन्द्र कुमार वैद्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत अंतागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 297 जोड़ो का सामूहिक विवाह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना अंतर्गत शासन द्वारा  दंपत्तियों को 19 हजार रूपये की सामग्री एवं एक हजार पांच सौ रूपये प्रोत्साहन एवं परिवहन राशि नकद प्रदाय की जाती है तथा 04 हजार 05 सौ रूपये आयोजन में व्यय किये जाते हैं। वैद्य ने सामूहिक विवाह में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए नव दंपत्तियों को अपना आर्शीवाद एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य बिरेश ठाकुर, पर्यटन मण्डल के सदस्य नरेश ठाकुर, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुभद्र सलाम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष हेमनारायण गजबल्ला, जनपद पंचायत अंतागढ़ के अध्यक्ष बद्रीनाथ गावड़े, जिला पंचायत सदस्य अमिता उईके, कांकेर विधायक प्रतिनिधि सुनील गोस्वामी, अखिलेश चन्देल, मुकेश ठक्कर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सी.एस मिश्रा, एसडीएम अंतागढ़ उत्तम पंचारी सहित जनप्रतिनिधी एवं वर-वधु के माता-पिता और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ग्रामपंचायत चांपापदर में बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा ने लगाया जन चौपाल, ग्रामीणों की समस्याओं से हुए रूबरू

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बकावंड, 28 मार्च। ग्रामपंचायत चॉपा पदर में ग्रामीणों को उनकी मूलभूत समस्या का निराकरण करने एवं शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा द्वारा ब्लाक अध्यक्ष निलाम्बर भद्र के नेतृत्व में जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंचायत के महिला पुरूष शिक्षित बेरोजगार उपस्थित होकर शासन द्वारा नागरिकों के हित में दिए जो वाले वृद्धा पेंशन, आवास योजना, पेयजल जैसी सुविधाओं का स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं शासकीय कर्मचारी सही क्रियान्वयन नहीं करा पाते हैं जिससे लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा इन सभी समस्याओं के निराकरण हेतु जन चौपाल जैसे कार्यक्रम का आयोजन करके ग्रामीणों को ऐसी समस्याओं से निजात दिलाने का प्रयास कर रहा है। आज के इस कार्यक्रम में ब्लाक अध्यक्ष निलाम्बर भद्रे, जिला उपाध्यक्ष निलाम्बर सेठिया, ब्लाक उपाध्यक्ष लकी कश्यप समेत शंकर बघेल, देवराज यादव, मितेश बिसाई, नरपति बघेल, भूजबल बघेल समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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