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राजिम पुन्नी मेला में 113 गरीब बेटियों के हाथ हुए पीले, सरकार गरीब बेटियों के साथ खड़ी है – मंत्री अनिला भेड़िया

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शासकीय योजनाओं का लाभ उठा कर सक्षम बने – अमरजीत भगत

राजिम,19 फरवरी 2022/ पवित्र महानदी, सोंढूर, पैरी के त्रिवेणी संगम के राजीव लोचन मंदिर परिसर में आज अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब पूरा मेला क्षेत्र विशाल विवाह मंडप में बदल गया था। अवसर था मुख्यमंत्री कन्या सामुहिक विवाह का इस आयोजन में यहां 113 जोड़ों का सामुहिक विवाह सम्पन्न हुआ। राजिम माघी पुन्नी मेला के अवसर पर यह ऐतिहासिक पल था कि जिले गरीब 113 बेटियों के हाथ हजारों लोगों की गवाही में पीले हुए। भगवान राजीव लोचन और श्री कुलेश्वर नाथ की पावन धरा में बेटियों को महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अमरजीत भगत , महासमुंद लोकसभा के सासंद चुन्नीलाल साहू, अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू, धरसीवां विधायक अनिता योगेन्द्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष स्मृति नीरज ठाकुर , स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारियों का आशीर्वाद मिला।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने वर-वधु को आशीष और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक शुभ अवसर है, कि आज राजिम के पवित्र धरा पर सामुहिक विवाह सम्पन्न हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने बधाई दिया है। उन्होंने कहा कि आज शुभ अवसर है जहां बेटियों को आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार की जिम्मेदारी बेटियों पर होती है। वे परिवार और समाज को जोड़ कर रखती है।

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बेटियां शासन की योजना का लाभ उठाकर सक्षम बने। 3 प्रतिशत ब्याज की दर पर महिला कोष और सक्षम योजना से ऋण लेकर ब्यवसाय प्रारमभ कर सकते हैं ।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बेटियों के लिए ब्याज की दर को 6 प्रतिशत से कम कर मात्र 3 प्रतिशत कर दिया। उनके प्रति मंत्री श्रीमती भेड़ियां ने आभार प्रकट किया । मंत्री ने नवदम्पति को सफल और स्वस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि कोई भी परिवार अपने आप को कमजोर न समझे, सरकार हमेशा उनके साथ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान और सम्मान के लिए कार्य कर रहे हैं। कर्ज माफी सहित समर्थन मूल्य, मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना का जिक्र कर कहा कि सरकार हर वर्ग का ध्यान रख रही है । उन्होंने सरकार के तरफ से सभी नवदम्पति को बधाई और शुभकामनाएं दी।

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विधायक धनेंद्र साहू ने कहा कि हमारे प्रदेश के संवेदनशील मुखिया भूपेश बघेल द्वारा बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपये कर दिया है ।यह एक संवेदनशील निर्णय है। उन्होंने सभी बेटियों को आशीर्वाद दिया ।

इस सामुहिक विवाह के अनुकरणीय पहल के लिए मंत्री भेड़िया ने कलेक्टर एवं स्थानीय प्रशासन को भी बधाई दी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नवापारा धनराज मध्यानी, राजिम नपा अध्यक्ष श्रीमती रेखा राजू सोनकर ,जनपद अध्यक्ष फिंगेश्वर पुष्पा साहू, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू, श्री भावसिंह साहू, पदमा दुबे, विकास तिवारी, कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी, पुलिस अधीक्षक जे आर ठाकुर,जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव एवं महिला बाल विकास के अधिकारी जगरानी एक्का तथा वर-वधु के परिवार व आगंतुक भी मौजूद थे।

गायत्री परिवार के वैदिक मंत्रोच्चार और रीति रिवाज से विवाह सम्पन्न हुआ। इसके पूर्व वधु एवं वर पक्ष से अधिकारी-कर्मचारी बाराती और घराती बने। वर पक्ष को बाजे-गाजे के साथ स्वागत कर बारात निकाली गई । वहीं वधु पक्ष ने फूल बरसाकर स्वागत किया। पूरा मेला स्थल विवाहमय नजर आ रहा था। इस सामुहिक विवाह में देवभोग से पहुंचे कन्या गीता ,मालवी प्रधान, फिंगेश्वर के बैशाखिन तारक, कामिनी बंजारे, महेन्द्री छुरा के कुमारी दामिनी,डुमेश्वरी ने इस आयोजन के लिए शासन-प्रशासन का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह शादी हमारे जीवन के लिए यादगार क्षण है

पर्यटन एवं संस्कृति सचिव अंबलगन पी ने किया उसरीबेड़ा एसटीएफ कैम्प में बने रिजॉर्ट का अवलोकन

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अंबलगन ने की इंद्रावती और नारंगी के संगम स्थल में सुनियोजित ढंग से बनाये गए रिजॉर्ट की प्रशंसा

जगदलपुर, 19 फरवरी 2022/ पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव अंबलगन पी ने आज उसरीबेड़ा में एसटीएफ कैम्प के स्थान पर बनाये गए रिजॉर्ट का अवलोकन किया। इस अवसर पर उनके साथ नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित व्यास भी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि उसरीबेड़ा में पूर्व में संचालित एसटीएफ के कैम्प के रिक्त होने पर पर्यटन के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगभग 3 करोड़20 लाख रुपए की लागत से रिजॉर्ट का निर्माण किया गया है। लगभग तीन एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस रिजॉर्ट के निर्माण के लिए स्थानीय पत्थरों का उपयोग किया गया है, जिससे पर्यटकों को बस्तरिया घरों का अनुभव मिले। यहाँ परिवारों के रुकने के लिए चार अलग-अलग हटों के निर्माण के साथ ही एक डोरमेट्री का निर्माण भी किया गया है जहां पर्यटक संयुक्त रूप से भी रुक सकते हैं। यहां विविध आयोजनों के लिए एक हॉल के निर्माण के साथ ही रेस्टोरेंट का निर्माण भी किया गया है । इंद्रावती एवं नारंगी नदी के संगम स्थल पर बनाये गए रिजॉर्ट से यहां की प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया जा सकता है। सचिव अंबलगन पी ने इस रिजॉर्ट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सुव्यवस्थित होने के साथ ही बस्तरिया आभास भी देता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में उठाया गया सराहनीय कदम है।

आबकारी विभाग में आखिर क्या है 60-20-20 का खेल, क्यूँ नहीं मिली स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता?

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पूर्व-सेल्समैन ने खोली जुबान, किये कई बड़े खुलासे, लगाये गंभीर आरोप…
दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों से शैक्षणिक दस्तावेज़ मंगाने का सिलसिला हुआ शुरू
भाजपा करेगी निष्पक्ष जांच की मांग, जरुरत पड़ी तो होगा आन्दोलन

जगदलपुर

बस्तर जिले के शासकीय शराब दुकानों में जनता को लूट कर बंदरबांट किये जाने का खेल शायद कभी खत्म ही न हो, ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें कहीं न कहीं बड़े अधिकारियों के संलिप्तता की बू आ रही है. विगत कई वर्षों से विभागीय अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद भी केवल इक्का-दुक्का ही छुटपुट कार्यवाई की गयी है जिसमें भी दुकानों में कार्यरत कर्मचारी किसी न किसी तरह अपना पेंच बैठाते हुए वापस काम कर रहे हैं और धड़ल्ले से शासकीय स्थल पर जनता को लूटने का कारोबार जारी है.

विभाग नहीं कस रहा नकेल, शय देने में मशगूल

राज्य शासन ने इन दुकानों को कुछ वर्ष पूर्व शासन के अधीन इस मंशा से किया था की राज्य में राजस्व की बढ़ोतरी होगी, क्यूंकि राज्य आबकारी विभाग निश्चित तौर पर राज्य की राजस्व व्यवस्था को बढाने में अहम् भूमिका अदा करता है. लेकिन जब इस विभाग के अधीन आने वाले शराब दुकानों के कर्मचारी ही राज्य को महीने में करोड़ों का राजस्व का नुकसान कर रहे हैं तो ऐसी परिस्थितियों में आबकारी विभाग के आला-अधिकारियों को नकेल कसने की आवश्यकता है. लेकिन, निरंतर हो रही शिकायतों से तो यही प्रतीत हो रहा है कि ये अधिकारी, कर्मचारियों पर नकेल कसने के बजाय उन्हें शय देने में ज्यादा मशगूल हैं.

अधिकारियों के कहेनुसार होती है आरएसपी से अधिक दर में बिक्री

शहर के ही एक दूकान में कार्य करने वाले पूर्व-सेल्समैन ने इस सम्बन्ध में कई बड़े खुलासे किये हैं. इस कर्मचारी का कहना है कि यहाँ की दुकानों में स्थानीय लोगों को कुछ वर्ष पूर्व जबरन कई आरोप लगाते हुए नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद वे काफी परेशान हो चुके थे. बाद में इन्हें पता चला की बगैर शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच किये अन्य राज्यों से आये युवकों को नौकरी पर रख लिया गया. ऐसा इसलिए की स्थानीय लोग इन दुकानों में होने वाले बंदरबांट को अन्य लोगों को साझा कर देंगे. इस सेल्समैन ने बताया कि शराब की दुकानों में सबसे बड़ा जिम्मेदार दुकान का मैनेजर होता है, जिसके मार्फ़त ही अधिकारियों के कहे अनुसार सभी बोतलों की ऊपरी दर तय होती है. उदहारण के लिए केवल नया बस स्टैंड दुकान के मैनेजर की ऊपरी कमाई देखी जाए तो महीने के एक-डेढ़ लाख रुपये की है.

अनर्गल आरोप लगाते हटाये गए कई स्थानीय कर्मचारी, अब अन्य राज्यों को महत्त्व

पूर्व-सेल्समैन ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ऐसे कई कर्मचारी हैं जिनके द्वारा इसका विरोध करने पर उन्हें अनर्गल आरोप लगाते हुए हटा दिया गया है. नया बस स्टैंड की दुकान में कार्यरत मैनेजर के विषय में इस सेल्समैन ने बताया कि उसके ऊपर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं और कई तो सिद्ध भी हो गए हैं, बावजूद इसके इस मैनेजर को हटाने के बजाय केवल शहर की अन्य दुकानों में स्थानांतरण कर दिया जाता रहा. जबकि, इसके विपरीत ईमानदारी से कार्य करने वाले अन्य युवकों को गाली-गलौज और फटकार कर नौकरी से ही निकाल दिया गया.

क्या है 60-20-20 का खेल, वीआईपी आयोजनों का राज…

सेल्समैन के मुताबिक, विभाग के ही अधिकारियों के निर्देश पर आरएसपी से ऊपर शराब को बेचा जाता है. ऐसा इसलिए किया जाता है कि विभाग को कई जगह, अन्य विभाग के अधिकारियों को अथवा मंत्री के कार्यक्रमों में या फिर अन्य वीआईपी आयोजनों में शराब की सप्लाई करनी होती है. सेल्समैन ने कहा कि ऊपरी कमाई में सभी लोगों का प्रतिशत बंधा हुआ है, 60 प्रतिशत विभाग के हिस्से जाता है, बचे 40 में 20 प्रतिशत मैनेजर की जेब में और बाकी का 20 प्रतिशत सेल्समैन और अन्य कर्मचारियों में चला जाता है. हालाँकि, इस बात की पुष्टि करने के लिए उच्च स्तरीय जांच की जरुरत है.

दस्तावेजों का मंगाना केवल औपचारिकता, उच्च स्तरीय जांच जरुरी

मीडिया में निरंतर प्रकाशित ख़बरों के के बाद विभाग ने दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को शनिवार को मौखिक निर्देश दिया है कि सभी कर्मचारी अपने शैक्षणिक और अन्य जरुरी दस्तावेज़ विभाग में जमा कर देवें और इनकी जांच उपरांत फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वालों पर ठोस कार्यवाई की जाएगी. इस तथ्य पर पूर्व-सेल्समैन ने बताया कि यह केवल औपचारिक जांच ही साबित होने वाला है. शहर की दुकानों में कार्यरत कई कर्मचारी तो ठेके पद्दति के समय के हैं और समयांतराल में दंतेवाडा और बीजापुर जिलों से राजस्व विभाग से सेटिंग कर अपना निवास और अन्य दस्तावेज़ बना लिए हैं. अगर इनकी जांच करनी है तो सम्बंधित जिलों से ही पुख्ता जानकारी प्राप्त हो सकेगी.

भाजपा के संजय पांडे ने इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य में शराब बंदी तो नहीं कर पायी वरन इसके उलट जनता को लुटने का काम कर रही है. स्थानीय लोगों को नौकरी देने के बजाय अन्य राज्यों के लोगों को बुलाकर प्राथमिकता दी जा रही है. फर्जी दस्तावेजों के साथ ये नौकरी कर रहे हैं और बस्तर की जनता को खुलेआम लूटा जा रहा है. भाजपा यह कभी बर्दाश्त नहीं करेगी और आबकारी मंत्री, कलेक्टर सहित सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगी. जरुरत पड़ी तो भाजपा आन्दोलन के रूप में इस जनहित के मुद्दे को उठाएगी.

छात्र नेताओं ने वृद्धाश्रम में मनाया भिलाई विधायक का जन्मदिन

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जगदलपुर। बस्तर जिले के छात्र नेताओं ने नगर के वृद्धाश्रम पहुंच कर भिलाई विधायक का जन्मदिन मनाया और उनके कुशलक्षेम होने का आर्शीवाद मांगा।

नगर के धरमपुरा स्थित आस्था निकुंज वृद्धाआश्रम में जशकेतन जोशी व उनके दोस्तों के साथ दोपहर में पहुंचे और उनके द्वारा वृद्ध माताओं की उपस्थिति में अपने आदर्श नेता भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की जन्मदिवस के अवसर पर केक काटकर जन्मदिवस मनाया। इसके बाद छात्र नेताओं ने फल व मिठाई बांटा। माताओं ने विधायक देवेंद्र यादव के दीघार्यु होने का आर्शीवाद प्रदान किया। ज्ञात हो कि विधायक यादव पूर्व में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एन एसयुआई के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके कार्य करने की पद्धति से कई युवा प्रभावित हैं।

भाजपा स्पष्ट करे वह छत्तीसगढिय़ा कुलपति की मांग से सहमत है या असहमत – कांग्रेस

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संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को जनादेश का सम्मान करना चाहिये

रायपुर, 19 फरवरी । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और कर्मचारियों द्वारा स्थानीय कुलपति के नियुक्ति की मांग पर भारतीय जनता पार्टी अपना मत स्पष्ट करे। वह छत्तीसगढिय़ा कुलपति की मांग से सहमत है अथवा नहीं?

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में छत्तीसगढिय़ा कुलपति के मामले में भाजपा का मौन स्पष्ट कर रहा है कि वह राज्य में छत्तीसगढ़ के प्रतिभाओं के साथ हो रहे अन्याय की समर्थक है तथा अपनी विचारधारा के लोगों की नियुक्ति के लिये छत्तीसगढ़ के लोगों की अनदेखी कर रही है। छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हमारे प्रोफेसर, रिचर्स स्कालर, वैज्ञानिक, विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में देश-विदेश में अपनी प्रतिभाओं का लोहा मनवा चुके है। ऐसे में अपने ही राज्य में कुलपति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपने राज्य की प्रतिभाओं की अनदेखी किया जाना अनुचित और अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि कुलपतियों की पिछली कुछ नियुक्तियों में जो प्रक्रिया अपनाई गई जिन लोगों की नियुक्तियां हुई उससे एक बात स्पष्ट हुई कि कुलपतियों के चयन में विचारधारा विशेष से प्रभावित व्यक्तियों को ही नियुक्त किया गया, इससे छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं की उपेक्षा के साथ राजभवन की मर्यादा भी आहत हुई है। राजभवन दल विशेष के एजेंडे का पैरोकार है ऐसा संदेश जनता में नहीं जाना चाहिये। इससे संवैधानिक पद की मर्यादायें आहत होती है।

उन्होंने कहा कि कुलपति की नियुक्ति का विशेषाधिकार राजभवन के पास है लेकिन यह भी मान्य परंपरा है कि राजभवन राज्य सरकार की अनुशंसा पर निर्णय लेता है। प्रजातंत्र में संविधान ने विधायिका और मंत्रिमंडल को कानून बनाने और उनके क्रियान्वयन का अधिकार दिया गया है। लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि है। संवैधानिक पद पर मनोनीत व्यक्ति उनको जनादेश का सम्मान करना चाहिये तथा अधिकारों का उपयोग संविधान की निहित मंशा के अनुरूप करना चाहिए ताकि जनादेश का रंचमात्र भी अपमान नहीं हो।

मुख्यमंत्री बघेल ने डी. पुरंदेश्वरी के छग प्रवास को लेकर कसा तंज

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कहा-हंटर चलाए तो ठीक रहेगा, क्योंकि इससे पूर्व बस्तर में थूका था तो पूरे बस्तर से भाजपा साफ हो गई थी

रायपुर, 19 फरवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के छग प्रवास को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अब हंटर चलाए तो ठीक रहेगा। इससे पहले बस्तर में थूका था तो पूरा बस्तर से भाजपा साफ हो गई।

मुख्यमंत्री बघेल आज लखनऊ के लिए रवाना हुए। रवानगी से पूर्व एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बघेल ने कहा कि तीसरा चरण का मतदान कल हो जाएगा, लेकिन चौथा, पांचवा, छठवां, सातवां चरण के मतदान के लिए सभी लोग लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दो चरण में भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह पिछड़ गई है। अब संकेत आने शुरू हो गए हैं कि भाजपा की सरकार जा रही है।

मुख्यमंत्री बघेल ने भाजपा की छग प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के प्रदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि नगरीय निकाय चुनाव के सदमे से उबर गए लगता हैं। अब फिर से आई है और हंटर चलाएं तो ठीक रहेगा। क्योंकि इससे पहले बस्तर में पुरंदेश्वरी ने थूका था तो पूरे बस्तर से भाजपा साफ हो गई थी।

बघेल ने बड़े नेताओं को दौरे पर नहीं बुलाए जाने पर कहा कि बिल्कुल स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी नया नेतृत्व खोज रही है। पुराने जो लोग हैं उसको दरकिनार करना चाहते हैं। इतने सालों तक रहे हैं। उनके साथ इस तरीके का अपमान उनके पार्टी के द्वारा किया जा रहा है। यह तो बहुत चिंतनीय है।

बघेल ने राज्यपाल अनुसूईया उइके के बयान पर कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग यदि मांग कर रहे हैं उसको अनदेखा क्यों किया जाना चाहिए। हाल बेहाल में नियुक्ति की गई है। वह तो छत्तीसगढ़ के नहीं थे। क्या हम अपनी मांग नहीं रख सकते। आखिर राज्यपाल भी तो हमारी राज्यपाल है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल राजनीति करना बंद करें जो राजनीति कर रहे हैं। वह अच्छी बात नहीं है और छत्तीसगढ़ के हित के लिए तो बिल्कुल भी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने रेत और सीमेंट के बढ़ रहे दामों पर बोले कि जहां तक सीमेंट की बात है वह हमारे हाथों में नहीं है। सीमेंट के दाम भारत सरकार के अधीन है। दूसरी बात यह है कि रेत के मामले में लगातार शिकायत मिल रही थी। अवैध उत्खनन होने की कार्यवाही की गई तो उसका रिएक्शन देखने को मिल रहा है और बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने कुमार विश्वास के बयान पर पूछे गए एक प्रश्र के जवाब में कहा कि केजरीवाल को जवाब देना चाहिए। 12,000 ई स्मार्ट क्लास बनाएं जो कि 75 साल में नहीं बना था। बोल रहे हैं स्मार्ट क्लास का कॉन्सेप्ट अभी आया है। कुछ वर्ष पहले आया है। उसके पहले तो नहीं था। स्मार्ट क्लास का कॉन्सेप्ट दुनिया में नहीं था। कुमार विश्वास के सवाल का उनको सीधा-सीधा जवाब देना चाहिए क्योंकि यह देश की एकता, अखंडता व भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसलिए उनको दाएं बाएं नहीं करना चाहिए। सीधे उनको सवाल का जवाब देना चाहिए।

सांसद दीपक बैज का काफ़िला निकला यूपी की ओर….यूपी चुनाव में बस्तर की टीम झोंकेगी अपनी ताकत

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बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर की टीम उत्तरप्रदेश के लिए हुए रवाना…

आज बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर लोकसभा के लगभग 20-30 कार्यकर्ता सुबह 11 बजे यूपी के लिए रवाना हुवे, इस दौरान बस्तर की टीम ने रास्ते में केशकाल घाट स्थित माता के मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया…बस्तर की टीम यूपी चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार है।

शैक्षणिक संस्थानों में धर्मांतरण का प्रयास घिनौना कृत्य – अभाविप

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तमिलनाडु की छात्रा लावन्या पर मिशनरी संस्था ने बनाया मतांतरण का दबाव

दोषियों पर कार्यवाही की मांग,स्टॉलिन सरकार पर आरोपियों को संरक्षण का आरोप

जगदलपुर – तमिलनाडु के तंजावुर में मिशनरी संस्था में लावण्या नामक छात्रा की आत्महत्या मामले में अभाविप ने देश भर में मोर्चा खोला है जगदलपुर में मतांतरण के दोषियों पर कार्यवाही व चेन्नई में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे आभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी समेत छात्रनेताओं के असंवैधानिक गिरफ्तार पर आपत्ति जताई है।

अभाविप नगर मंत्री यश ध्रुव ने कहा कि तमिलनाडु के सेक्रेट हाई स्कूल में एक लावण्या नाम की छात्रा पढ़ाई करती थी। वह हमेशा अपनी पढ़ाई में अव्वल आती थी उसके पश्चात सेक्रेट हाई स्कूल के प्रशासन द्वारा जबरन धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था,उसके इंकार करने के पश्चात उससे विद्यालय शारीरिक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था उससे विद्यालय के बाथरूम साफ कराया जाता था इन सभी प्रताड़ना से लावण्या ने कीटनाशक जहर पी लेना सही समझा विद्यालय के लोगो को मालूम था कि किस वजह से लावण्या ने यह किया है उसके बाद लावण्या को अस्पताल में भर्ती कराया गया फिर विद्यालय प्रबंधन ने उनके माता पिता को बताया उसके बाद लावण्या से पूछताछ के दौरान यह बताया था कि मुझपर जबरन धर्मान्तरण करने को दबाव बनाया जाता था किस तरह उसके इनकार करने के बावजूद मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, फिर तमिलनाडु पुलिस ने सेक्रेट स्कूल की कर्मचारी को पूछताछ के लिए रिमांड में लेती है लेकिन वहां के डीएमके सरकार के दबाव में उन्हें रिहा किया गया वहाँ के स्टालिन सरकार के विधायक माला लेकर स्वागत के लिए पहुचते है जो की दुर्भाग्यपूर्ण है।

मामले जब मद्रास हाईकोर्ट ने CBI जांच के लिए कहती है तो तमिलनाडु सरकार किसी भी प्रकार का जांच में सहयोग प्रदान नहीं करती है!

अभाविप के विभाग संयोजक अर्पित मिश्रा ने कहा कि आभाविप के कार्यकर्ता तमिलनाडु के चेन्नई में लावण्या की न्याय के मांग को लेकर सीएम हॉउस का घेराव करने आंदोलनरत कार्यकर्ताओ को बलपूर्वक असंवैधानिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया क्या तमिलनाडु की सरकार उस लावण्या को न्याय नहीं देना चाहती यह बड़ा सवाल है।

बस्तर में शिक्षा के नाम पर मिशनरियों का शोषण जारी – कमलेश दीवान

अभाविप जिला संयोजक कमलेश दीवान ने मिशनरी द्वारा संचालित स्कूलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बस्तर में भी शिक्षा स्वास्थ्य सेवा के नाम पर ग्रामीण और शहरी इलाकों में केंद्र बनाकर भोले भाले लोगो का शोषण किया जा रहा है पिछले कुछ साल दक्षिण बस्तर की एक छात्रा को नन बनाने मध्यप्रदेश ले जा रही सिस्टर कांकेर में पकड़ाई थी ऐसे ही कई मामले देश भर में है इसलिए लावण्या मामले को दबाया जा रहा है ताकि इनके कृत्यों का उजागर न हो सके।

प्रदर्शन के दौरान अर्पित मिश्रा,मनीष वर्मा, कमलेश दीवान, यश ध्रुव, सोनू कश्यप, राजेंद्र ठाकुर, अच्युत सामंत,टिकेश नाग, कार्तिक जैन,आसमन बघेल , ईश्वर आचार्य , प्रवीण भोयर, लखेश्वर बैध, नीलू मौर्य, सरस्वती, शुभम बघेल, कोमल देव, वेदप्रकाश, पितेश्वर बघेल,गजेंद्र बघेल, सौरभ,पंकज, दीपक, संजय मुखर्जी, अजय पाणिग्राही ,हेमराज बंछोर, चन्दन कश्यप,जयप्रकाश समेत अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सटोरी फिर हुए सक्रिय रोज लग रहा लाखों का दांव

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सटोरियों तक पहुंचने पुलिस को रहना होगा चौकन्ना

जगदलपुर – शहर में सटोरियों एक बार फिर हुए सक्रिय , इन दिनों रोजाना शहर से लेकर गांव तक क्रिकेट मैच में लाखों का दांव लगाने की खबर है सटोरियों जहां इस बार इन रणनीति के साथ पुलिस को विश्वास में लेकर सट्टा का व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। जिसका पुलिस को खबर तक नहीं है। कई सटोरियों तो शहर के थानों के पास देखे जा सकते है। जो पुलिस वालों के साथ चाय की चुसकी लगाकर पुलिस को भी चकमा दे रही है।

ज्ञातव्य है कि शहर से लेकर गांव-गांव तक सट्टा का कारोबार एक बार फिर जड़ पकड़ – लिया है कई पुराने खाईवाल फिर सक्रिय होकर लाखों की दांव पेंच रोजाना लगा रहे हैं। ऐसी खबर है कि कुछ सटोरियों शहर में बैठकर गांव-गांव तक अपना नेटवर्क फैला चुका है। गांव में भी लोग इन दिनों क्रिकेट बैच पर सट्टा लगाने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने लगे हैं।

ज्ञातव्य हो कि पुलिस कप्तान सभी थानेदारों को अपराधियों एवं सटोरियों के खिलाफ नकेल कसने हुए बैठकों में नसीहत दिया करते हैं। लेकिन सटोरियों भी पुलिस को चकमा देने से बाज नहीं आते।

खबर है कि कुछ बड़े सटोरियों जो शहर के थानों के आस-पास से ही रोजना दांव लगा रहे हैं और पुलिस को खबर तक नहीं । ऐसी खबर है कि थानेदार भी बड़े खाईवाल को अपने गिरफ्त में लेने कई बार जाल फेंक चुके हैं लेकिन इनके जाल में बड़े सटोरियों फंसने से बचते रहे हैं। पुलिस भी हार मानने वालों में से नहीं हुई तकनीकि के तहत सटोरियों पर भी नजर रख रही है। यहां तक की सट्टा के व्यवसाय में खा तौर से युवा वर्ग ही संलिप्त है जो इस हाईटेक के जमाने में सट्टा का अपना व्यवसाय बना रहा है। क्रिकेट मैच ही नहीं अन्य कई खेलों में भी सटोरियों दांव पेंच लगाया करते हैं।

सरपंच का आरोप – सलवा जुडूम के समय घरों में आगजनी एवं दर्जन बेगुनाह ग्रामीण की हुई हत्या

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दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सरपंच एवं ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

सुकमा कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग

सरपंच पति को पुलिस ने पीटा

जगदलपुर/सुकमा – सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड कोंडासावली पंचायत एवं आस-पास के गांव में सलवा जुडुम के समय ग्रामीणों के साथ हुई अत्याचार का मामला अब 15 वर्षों बाद निकलकर सामने आने लगा है। कोंडासांवली के सरपंच एवं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सलवा जुडूम के समय उनसे जुड़े लोगों ने वर्ष 2006-07 में 50 से अधिक घरों को आग के हवाले कर लूट पाट की वारदात को अंजाम देकर एक दर्जन से अधिक बेगुनाह ग्रामीणों का हत्या किया गया था। बेगुनाह ग्रामीणों के हत्यारें आज खुलेआम घुम रहे हैं। सरपंच एवं पंचायत पदाधिकारियों ने सुकमा कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञातव्य हो कि भाजपा शासनकाल में नक्सलियों के खिलाफ सलवा जुडूम आंदोलन चलाया गया था। जिसमें स्थानीय स्तर के नेता पुलिस एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। तब सैकड़ों बेगुनाहों के घरों आग के हवाले कर ग्रामीणों की हत्या जैसी वारदात घटित हुई थी। यह मामला सामने नहीं आया था। हादसे के बाद ऐसे कई सारे फाईल बंद कर दिये थे लेकिन उन दोषियों को सजा दिलाने 15 वर्षों बाद अब जिन बाह आया है। नक्सलियों के गढ़ से एक महिला सरपंच ने उक्त मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की आवाज उठाई है।

बेगुनाहों की हुई हत्या :

धुर नक्सल प्रभावित जगरगुण्डा इलाके के कोंडासांवली पंचायत एवं आस-पास के गांव में सलवा जुडुम के लोगों द्वारा जमकर उत्पाद मचाया गया था। वहां की महिला सरपंच ने आरोप लगाया है कि सलवा जुडुम से जुड़े लोगों ने सैकड़ों बेगुनाह आदिवासी भाईयों के घरों को जलाकर बंधक बनाकर उनके घरों की सामान लूट ले गये थे। उन बेगुनाहों को हत्या तक कर दी गई थी। सरपंच ने आरोप लगाया है कि 50 से अधिक घरों में आगजनी एवं दर्जन से अधिक ग्रामीणों की हत्या की गई थी। इन वारदातों में शामिल सजवा जुडूम से जुड़ कई लोग आज भी खुलेआम घुम रहे

सरपंच ने किया कलेक्टर से शिकायत:

सलवा जुडुम से समय हुई वारदातों को लेकर किसी ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताने का साहस 15 वर्षों में नहीं जुठाया। कोंडासांवली के महिला सरपंच ने साह जुटाते हुए सुकमा कलेक्टर को लिखित शिकायत कर मामले की निश्पक्ष जांच कराने की मांग के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

क्या प्रशासन करा पायेगी निश्पक्ष जांच:

नक्सलियों के गढ़ से निकलकर मुख्यालय तक पहुंचने वाली महिला सरपंच का शिकायत काफी गंभीर है अब देखना होगा की सुकमा जिला प्रशासन कितना गंभीरता से लेती है क्यों कि ऐसे भी सुकमा जिले में महिला सरपंच की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जाता है। पूर्व में भी एलमपल्ली के महिला सरपंच ने सचिव के खिलाफ राशि बंदरबांट का शिकायत भी कलेक्टर सुकमा से किया था जिसका आज दिनांक तक कोई कार्रवाई तक नहीं हुई है।

ग्राम सभा में कलेक्टर से शिकायत का निर्णयः

विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों कोंडासांवली में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें सरपंच-पंच एवं ग्रामीणों के सर्व सहमति से निर्णय लिया गया था की सलवा जुड़म के समय हुई अत्याचार की निश्पक्ष जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों के सर्वसहमति से सुकमा कलेक्टर को मामले की शिकायत की गई है।

सरपंच पति का जगरगुण्डा पुलिस द्वारा मारपीट करने का आरोप सरपंच के द्वारा लगाया गया है जिसकी शिकायत भी कलेक्टर से की गई है।

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