रनचिरई – थाना रनचिरई क्षेत्र में नाबालिग लड़की से छेड़खानी का मामला। आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी देकर नाबालिग लड़की से किया छेड़छाड़ । थाना रनचिरई पुलिस द्वारा आरोपी गिरफ्तार | प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला भटगांव, थाना रनचिरई का है एक
नाबालिग बालिका जो अपने गांव के बोरिंग में पानी भरने गई थी, जिसे अकेली देखकर आरोपी बोरिंग के पास आया और बेईज्जती करने की नियत से दाहिना हाथ बांह को पकड़ा और तुम्हारे शादी किसी से नही होने दूंगा अगर किसी से शादी करेगी तो मै तुम्हे भी मारूंगा और मै भी मर जाऊंगा कहकर आरोपी युवक इन्द्रजीत महिपाल पिता गंगाराम महिपाल उम्र 19 वर्ष ग्राम भटगांव, थाना रनचिरई, जिला बालोद द्वारा इस प्रकार कृत्य किया गया जिससे नाबालिग
युवती घबरा गई और अपने परिजनों को इस बात की जानकारी दी जिसके पश्चात् परिजनों द्वारा उक्त आरोपी युवक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर और नाबालिग बालिका द्वारा पूछताछ कर आरोपी के विरूध्द धारा 354, 506 भा0द0वि0, 7, 8 पाक्सो एक्ट का अपराध पाये जाने से गिरफ्तार कर बालोद जेल भेज दिया गया |
दल्लीराजहरा – कल देर रात दल्ली – डौंडी मार्ग के चौराहा पड़ाव मोड़ पर कार को बचाने के चक्कर में दो ट्रक आपस में भीड़ गई जिससे एक ट्रक विनायक ट्रांसपोर्ट जो दल्ली की तरफ से माल खाली कर आ रही थी आ रही थी और दूसरी किसान ट्रांसपोर्ट भानुप्रतापपुर की ओर से आयरन ओर लेकर रायपुर जा रही थी सामने से आ रही कार को बचाने के चक्कर में भानुप्रतापपुर की ओर से आ रही ट्रक दूसरी ट्रक को ठोकर मारते हुए रोड से नीचे उतर गई
दल्ली से आ रही ट्रक रोड के बीचो बीच तिरछी खड़े हो गई रात में बड़ी मुश्किल से ट्रक को सड़क के किनारे लगाया गया जिससे कई घंटों तक यातायात मार्ग अवरुद्ध रहा | दल्ली एवं एवं डौंडी के बीच माइंस की ओर से आने वाली भारी वाहनों के कारण आये दिन दुर्घटना के कई
समाचार मिल रहे है किन्तु न तो इन तेज गति से चला रहे ट्रक चालकों पर कोई असर हो रहा है और न ही प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान दिया जा रहा है | कल रात का हादसा बहुत भयानक हो सकता था यदि दोनों ट्रक आमने सामने भिड़ती या कार सवार को अपनी चपेट में लेते तो |
रात के समय गति की सीमा नहीं रहती दल्ली राजहरा की दोनों ओर मानपुर मोड़ एवं चौराहा पड़ाव रोड मैं अक्सर बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी है प्रशासन की ओर से अत्यधिक प्रयासों के पश्चात झरण रोड पर लाइट की व्यवस्था की गई है एवं अस्थाई तौर पर ड्रम रखकर बेरी गेट बनाया
गया है जोकि समस्या का स्थाई समाधान नहीं है झरन मंदिर के पास माइंस की ओर जाने वाली ट्रकों के कारण मोटरसाइकिल सवार एवं कार चालकों को हमेशा भ्रम होता है एवं बड़ी
दुर्घटनाएं घटती है उस मार्ग पर डिवाइडर अथवा कोई स्थाई व्यवस्था कर माइंस की ओर जाने वाली ट्रकों का दिशा निर्धारण पूर्व से ही होना चाहिए दूसरी ओर चिखला कसा पुल पर भी दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाया जाना चाहिए इसके अलावा ट्रक मालिकों को अपने ड्राइवरों से
मदिरापान ना कर एवं निर्धारित गति सीमा पर वाहनों को चलाने का निर्देश भी दिया जाना अति आवश्यक है नौसिखिये ड्राइवर एवं बिना लाइसेंस वाले ड्राइवरों को वाहन चलाने ना दिया जाए चेकिंग समय-समय पर की जानी अति आवश्यक है आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से शहरवासियों के मन में भय व्याप्त हो चुका है |
दल्लीराजहरा – महारत्न सेल के इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र के बंधक खदान राजहरा खदान समूह में सुरक्षा के प्रति जिस तरह से लापरवाही बरती जा रही है और जिस तरह से खदानों में कर्मियों के सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बने सरकारी उपक्रम के अधिकारियों द्वारा इस लापरवाही के प्रति आंख बंद कर लिया गया है उससे कई अहम प्रश्न खड़े होते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ के बालोद जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि दिनांक 22 मई 2020 को दल्ली यांत्रिकत खदान मे बिजली पोल को हटाने का कार्य चल
रहा था जिसके दौरान दुर्घटना घटी और अतिराम नामक ठेका श्रमिक की दुखद मौत हो गई। क्योंकि यह फेटल दुर्घटना कार्यस्थल पर कर्मियों के सुरक्षा से जुड़ी थी अतएव इस दुर्घटना की जांच हेतु डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस सेफ्टी । इलेक्ट्रिकल,नागपुर एवं सेल के सुरक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण एवं दुर्घटना के कारणों की जांच की गई। इस बीच भारतीय मजदूर संघ ने यह निर्णय लिया कि क्योंकि इस दुर्घटना से कार्य स्थल पर कर्मियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं अतः श्रमिक संगठन होने के नाते संघ का यह कर्तव्य बनता है कि वह भी इस दुर्घटना की जांच करते हुए दुर्घटना के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को चिन्हित करें।
इस तारतम्य में संघ ने एक जांच समिति का गठन किया और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए कर्मियों से बातचीत की और दुर्घटना के कारणों एवं इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाया ।संघ द्वारा किए गए जांच में जो तथ्य सामने आए उसे ऐसी कई बातें सामने आई है जिससे दल्ली खदान प्रबंधन के कतिपय अधिकारियों द्वारा जालसाजी दस्तावेजों में हेरफेर, ठेका कर्मियों पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर बलपूर्वक पुलिस थाने में गलत बयान बाजी करवाना ,ठेकेदार से मिलीभगत कर के ठेके के नियम और शर्त के विरुद्ध जाकर खुलेआम गैरकानूनी तरीके से ऐसा काम कराया जिसके लिए मृतक अतिराम अधिकृत ही नहीं
थे और ना ही उक्त प्रवृत्ति का कार्य में किसी तरह का कार्य उक्त ठेके में निहित था। दुर्घटना के समय जो कार्य कराया जा रहा था वह विभागीय तौर पर कराया जा रहा था।मृतक अतिराम अकुशल श्रेणी का कामगार था और उसके पास लाइनमैन का कोई सर्टिफिकेट नहीं था। दुर्घटना के वक्त मृतक अतिराम से जो कार्य कराया जा रहा था वह लाइनमैन का कार्य था और चुंकि कार्य विभागीय तौर पर किया जा रहा था अतः उस कार्य को विभागीय लाइनमैन से कराना था।किंतु कार्य का देखरेख करने वाले विभागीय विद्युत इंजीनियर द्वारा विभागीय लाइनमैन से उक्त कार्य नहीं कराया गया और इसके लिए मृतक अतिराम जो कि ठेका नियम के अनुसार अकुशल कामगार था उससे यह कार्य कराया गया जिसके फलस्वरूप दुर्घटना में उसकी मृत्यु हुई।
संघ द्वारा किए गए जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उसकी जानकारी देते हुए जिला मंत्री ने बताया कि उक्त दुर्घटना के लिए जो कारक तत्व जिम्मेदार हैं वह निम्नानुसार हैं-
एम/एस मुंदर इलेक्ट्रिकल्स के अकुशल कर्मियों से कुशल श्रेणी के कर्मियों का कार्य कराना। 2.मृतक अतिराम के पास लाइनमैन का सर्टिफिकेट ना होने के बावजूद उससे लाइनमैन का कार्य कराना और इसके लिए उक्त ठेके के ऑपरेटिंग अथॉरिटी द्वारा अति राम के गेट पास में फर्जी रूप से उसे लाइनमैन दर्शना।
विभागीय कार्य होते हुए और विभागीय लाइनमैन उपलब्ध होने के बावजूद एक अकुशल श्रेणी के व्यक्ति से लाइनमैन जैसे कुशल श्रेणी का कार्य कराना और उसे उचित ठहराने हेतु गेट पास जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में कूटरचना करना।
एम/एस मुंदर इलेक्ट्रिकल्स द्वारा ठेके में कोई सुपरवाइजर नहीं रखना और दुर्घटना के बाद दल्ली यंत्री कृत खदान के वरिष्ठ प्रबंधक इलेक्ट्रिक द्वारा ठेके के एक कर्मी पर नौकरी से हटाने का दबाव डालकर पुलिस थाने में गलत बयान बाजी करवाना।
जिस विद्युत रेल पोल को हटाने का कार्य विभागीय तौर पर कराया जा रहा था वह पहले से ही क्षतिग्रस्त था और यह बात दल्ली यंत्रीकृत खदान के सभी अधिकारी और कर्मियों को पता था। किंतु इसके बावजूद कार्य के दौरान उक्त पुल को गिरने से रोकने हेतु प्रबंधन के चहेते विद्युत इंजीनियर द्वारा कोई समुचित प्रबंध ना करना।
MMR 1961 एवं CEA के सुरक्षा प्रावधानों के तहत उचित इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर की नियुक्ति ना करना जिससे कि काम में कोई दुर्घटना ना घटे की अवहेलना करना। इसके अलावा कुछ और भी ऐसे तथ्य हैं जिनको उजागर इस समय संघ करना नहीं चाहता क्योंकि अगर उन तथ्यों को संघ सार्वजनिक करता है तो इससे ना केवल प्रबंधन के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़े होंगे और साथ ही कुछ अधिकारी की कार्यशैली पर न केवल प्रश्न उठेगा बल्कि वर्तमान में चल रहे विभागीय जांच पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात प्रबंधन द्वारा कही जावेगी,साथ ही अगर उन तथ्यों को सार्वजनिक कर दिया जाता है तो खदान कर्मियों का विश्वास डीजीएमएस जैसे संवैधानिक संस्था से भी उठ जावेगा क्योंकि इस पूरे प्रकरण में संघ के दृष्टिकोण में डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल नागपुर द्वारा जो जांच की गई है उसमें या तो इन तथ्यों की जानकारी उन्हें स्थानीय प्रबंधन द्वारा नहीं दी गई है या फिर किसी अनुचित प्रभाव में आकर डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल नागपुर द्वारा जानबूझकर इन तथ्यों को अनदेखा करते हुए केवल लीपापोती करने का कार्य किया गया है। अंत में मुश्ताक अहमद ने कहा कि भले ही बीएसपी प्रबंधन और इसके अधिकारी अपने आप को देश और देश के कानून से ऊपर मानते हो परंतु संघ को देश के कानून व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और अगर विभागीय जांच में प्रबंधन द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही की जाती है या गैरकानूनी तरीके से बेगुनाह कर्मी को दोषी साबित करते हुए किसी भी तरह की सजा दी जाती है तो संघ ना केवल इसका विरोध करेगा बल्कि न्यायालय में जाकर उन तमाम तथ्यों को रखते हुए न्याय की मांग करेगा जिन तथ्यों को स्थानीय प्रबंधन द्वारा छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां एक बात और प्रमुखता से सामने आती हैं कि मृतक साथी अतिराम की दुर्घटना में मौत हुए 05 माह से अधिक समय हो गया है, उसके बाद भी स्थानीय खदान प्रबंधन द्वारा उनके परिवार से किसी को भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है जो कि बहुत ही शर्मनाक है।ऐसा लगता है कि प्रबंधन के कुछ अधिकारी ईस अनुकंपा नियुक्ति में जानबूझकर देरी कर रहे हैं,या किसी प्रकार की लालसा के कारण ऐसा किया जा रहा है समझ से परे है,मगर बी एस पी प्रबंधन के ऐसे कृत्य से मृतक अतिराम के परिवार के समक्ष जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। जबकि अभी तक राजहरा खदान में दुर्घटना में हुई श्रमिक साथियों की मृत्यु पर तत्काल उनके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाती रही है। भारतीय मजदूर संघ खदान प्रबंधन को तत्काल मृतक के परिवार में एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग करता है, और अगर प्रबंधन द्वारा 15 दिन के अंदर अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जाती है तो भारतीय मजदूर संघ ईसके लिए कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बी एस पी प्रबंधन की होगी। मुश्ताक अहमद, जिला मंत्री भा. म. सं. बालोद-जिला (छ.ग.)
दल्लीराजहरा – हिन्द सेना समाजसेवी संगठन अपनी सामाजिक सरोकार की परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। इसी के तहत हिन्द सेना ने इस दीपावली पर हर गरीब के आंगन में रोशनी बिखेरने का फैसला किया। संघठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंगेश वैद्य साहू के निर्देशानुसार युवा ब्रिगेड़ कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष हर्ष रामटेके ने बताया कि दीवाली पर पूरे देश में उन बेहद गरीब परिवारों में चूल्हे भी नहीं जल पाते है ऐसे निर्धनों को वस्त्र,खाद्यान्न एवं मिट्टी के पच्चीस लाख दीए वितरित किए जाएंगे। वहीं छग के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की
सकारात्मक सोच के अनुरूप गोबर से बने दीए भी जरूरतमंदो को उपलब्ध कराए जाएंगे। हर्ष रामटेके ने बताया कि देश में आज भी ढेर सारे ऐसे परिवार है, जिनके घरों में दीपावली त्यौहार तो दूर की बात है उन घरों में चूल्हे भी नहीं जल पाते है, आम दिनों में भी रात के समय रोशनी की व्यवस्था नहीं हो पाती। जब सारे देश के लोग दीपावली के जस्न में डूबे रहते हैं तब ऐसे परिवारों के सदस्य अपने घर के अंधेरे कोने में अपनी किस्मत पर आंसू बहाते बैठे
रहते हैं। हिन्द सेना ने इस बार की दीपावली पर ऐसे असहाय लोगों के घरों को रोशन करने और उनके आंसू पोछने का फैसला किया है। रामटेके ने बताया कि के तमाम पदाधिकारी एवं सदस्य दीपावली के पूर्व देश के प्राय सभी प्रदेशों में बेहद जरूरतमंदो की पहचान कर उन्हें वस्त्र,खाद्यान्न एवं मिट्टी के दीए भेट करेंगे। उन्होंने बताया कि दीपावली के शुभ अवसर पर हिन्द सेना ने सम्पूर्ण देश में वस्त्र,खाद्यान्न एवं पच्चीस लाख दीए बांटने का लक्ष्य रखा है। हर्ष रामटेके ने कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य के हर गरीब, दलित,शोषित आदिवासी के जीवन में खुशियां बिखेरने के लिए प्राण प्रण से जुटे हुए हैं, उसी से प्रभावित होकर हिन्द सेना ने इस बार की दीपावली पर अति गरीबों, असहायों व जरूरतमंदो की विशेष सेवा करने का बीड़ा उठाया है। इस पुनीत कार्य को अंजाम देने के लिए समस्त राष्ट्रीय एवं प्रदेश की कार्यकारणी को विशेष दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। समस्त हिन्द सैनिक वस्त्र,खाद्यान्न एवं दीपकों व्यवस्था एवं जरूरतमंदो की पहचान करने के काम में जुट गए हैं।
(आगे बढ़ाएंगे सीएम बघेल की सोच को) वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंगेश वैद्य साहू ने कहा कि छ्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वास्तव में जमीन से जुड़े व गरीब दलित का दर्द शिद्दत से महसूस करने वाले जननेता है। इसी लिए उन्होंने राज्य में गरीबों, वंचितों, दलितों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली जमीनी योजनाएं चला रखी है। गोधन न्याय योजना भी इन्हीं में से एक है। दो रू.प्रति किलोग्राम की दर से गोबर खरीद कर उससे जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद बनाने का काम छग की कांग्रेस सरकार कर रही है। इस योजना से जुड़कर राज्य के अनेक गावों में
स्व.सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं गोबर से दिए तथा अगरबत्ती बनाने का काम कर स्वावलंबन की राह पर चल पड़ी है। श्री वैद्य ने बताया हिन्द सेना के पदाधिकारी व सदस्य इन महिला समूहों से यथाशकीत गोबर निर्मित दिए खरीद कर गरीबों को भेट करेंगे।
रायपुर – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोरोना महामारी के संक्रमण काल में वित्तीय मितव्यता एवं अनुशासन के नाम पर राज्य के कर्मचारियों/अधिकारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट), महंगाई भत्ता, सातवें वेतनमान का एरियर, तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति में रोक लगाकर कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है | दूसरी ओर वित्तीय संकट के दौर में माननीय वर्तमान एवं पूर्व विधायकों के भले एवं पेंशन में वृद्धि, संसदीय सचिवों की नियुक्ति, निगम, मण्डल एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्तियाँ, नया रायपुर में नई
छ. ग.मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष रेखू राम साहू
विधानसभा, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, विश्राम गृह सहित सचिवों के बंगलों का निर्माण कार्य को प्राथमिकता देकर अपनी जान जोखिम में डालकर कोविड-19 में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों, अधिकारियों के 50 लाख रूपये का बीमा करने के लिये सरकार के पास पैसा नहीं है | आप
सभी से विनम्र अनुरोध है कि आपकी अपनी ग्यारह सूत्रीय मांगों के ध्यानाकर्षण हेतु अधिकारी-कर्मचारी फैडरेशन के कार्यक्रम को समर्थन एवं सहयोग प्रदान कर कार्यक्रम को सफल बनाईये |
जगदलपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश बने 20 वर्ष हो गए और यह पहला मौका है जब कोई जनप्रतिनिधि अतिसंवेदनशील क्षेत्र गुड़िया,चितलगुर व पुलचा जैसे इलाकों के विकास के बारे में सोचा है तथा स्वयं वहां पहुंच कर से 30 किलोमीटर से अधिक विकास कार्यों को प्रारंभ किया। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के संवेदनशील क्षेत्र चितलगुर ग्राम जोकि नानगुर से 20 किलोमीटर दूर है। वहां पहुंच कर संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन ने तीन महत्वपूर्ण सड़कों का कार्य प्रारंभ किया जोकि अतिसंवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
इस क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद कोई विधायक हो या जनप्रतिनिधि वहां पहली बार पहुंचा है जिसने ग्रामीणों के साथ घंटों बिताया और उनका हालचाल पूछा तथा हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में भी अब संसदीय सचिव रेखचंद जैन की पहल पर विकास की बयार बह रही है। 2नवंबर को नेतानार से चितलगुर, गुड़िया से कालागुड़ा व गुड़िया से पुलचा तक सड़क निर्माण कार्यो की सौगात संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने 20वें स्थापना दिवस के अवसर पर दी जोकि नानगुर से चितलगुर 20 किलोमीटर लागत 896 लाख रुपए, गुड़िया से कालागुड़ा 6.20 किलोमीटर 279 लाख रुपए व गुड़िया से पुलचा 9.20 किलोमीटर 376 लाख रुपए कुल 35 किलोमीटर की लागत से 1553 लाख रुपए की लागत से बनेगा। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने चितलगुर सरपंच मंगाये नाग,नेतानार सरपंच सुकरानाग, गुमलवाड़ा सरपंच माहंगु राम व अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्रीफल फोड़कर कार्य प्रारंभ किया गया है। संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व संवेदनशील लोक निर्माण विभाग मंत्री ताम्रध्वज साहू की सोच है कि पहुंचविहिन गांवों को पक्के सड़कों से जोड़ा जाए और जनता की हाट-बाजारों तक पहुंच हो सके जिसके फलस्वरूप आरसीपीएल एलडब्लुई -आरआरपी फेस टु योजनांतर्गत पहुंचहीन गांवों को मुख्य धारा से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की परिकल्पना को साकार करने संसदीय सचिव व जगदलपूर विधायक रेखचंद जैन ऐसे विधायक हैं जोकि अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में स्वयं जाकर बहुप्रतीक्षित सड़कों के कार्य अपनी उपस्थिति में प्रारंभ करवाते है और ग्रामीणों से संसदीय सचिव रेखचंद जैन परिवारजनों की भांति मिलते हैं । इस दौरान ब्लाक अध्यक्ष नीलू राम बघेल, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष जीशान कुरैशी, आईंटी सेल प्रदेश महासचिव योगेश पानीग्राही, लीगल सेल अध्यक्ष अवधेश झा, सुनील दास, राधा माधव, खगपति सेठिया सहिंत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
बालोद–ग्राम बोरिदकला में कोविड -19 जाँच शिविर का आयोजन किया गया । जिसमे 70 लोगो ने अपना कोरोना टेस्ट करवाया जिसमे 70लोगो की रिपोर्ट नेगेटिव आया है अर्थात किसी का रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आया है। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए गांव -गांव में शिविर लगा कर जाँच किया जा रहा है । प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र पुरूर से ग्रामीण स्वाथ्य संयोजक श्रीमती अहिल्या देवांगन ,नीलकमल सिन्हा ,गजेंद्र मेश्राम ,लैब तकनीशियन भुआर्य सेक्टर परिवेक्षक के. नागवंशी व ग्राम के सरपंच ,पंच व मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे । शिविर का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी जी .आर .रावटे व बी. ई .टी. ओ. के .आर. उर्वसा के नेतृत्व में किया गया ।
जगदलपुर । प्याज की बढ़ती कीमत और जमाखोरी के ख़िलाफ़ का सामाजिक पहल रंग लाया। आज स्थानीय संजय बाज़ार में शिवसेना द्वारा शिविर लगाकर थोक दाम में ही आम जनता के लिए सस्ते आलू प्याज़ की दुकान लगाई गई।
हालांकि शिवसेना ने कलेक्टर से इसकी शिकायत करते हुए बढ़े हुए प्याज़ और आलू की क़ीमत पर प्रशासन द्वारा लगाम लगाने की मांग की थी, लेकिन बाज़ार में प्याज की अनुपलब्धता के चलते सामान्य बाज़ार में मुनाफाखोरी जारी है और आम नागरिकों को 80 रु. से 90 रु. तक प्याज़ मिल रही है। इस समस्या से आम नागरिकों को राहत दिलाने शिवसेना कि सामाजिक पहल रंग लाया रही है।
प्रदेश अध्यक्ष धनंजय सिंह परिहार के निर्देश पर शिवसैनिक शिविर लगाकर सस्ते दाम में आलू प्याज़ नागरिकों को उपलब्ध करा रहे हैं। आज जगदलपुर के स्थानीय संजय बाज़ार में ही शिवसैनिकों ने 6 क्विंटल प्याज़ और 2 क्विंटल आलू होलसेल दाम में आम नागरिकों को उपलब्ध कराया। कार्यक्रम की शुरुआत शिवसेना के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा के हाथों हुई।
युवासेना के प्रदेश सचिव अरुण पाण्डेय् ने बताया कि केंद्र की विफल आयात निर्यात योजना और किसानों के साथ भेदभाव पूर्व रवैय्या के कारण सामान्य बाज़ार में प्याज़ की आवक कम हुई है। हांलाकि शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अब इस समस्या से देशभर की जनता को राहत देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के नासिक की सबसे बड़ी मंडी में प्याज की नीलामी की है, जिससेजल्द सामान्य बाज़ार में प्याज उपलब्ध होने के आसार हैं।
शिवसेना द्वारा तब तक इस तरह की शिविर नगर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर लगातार लगाई जाएगी। कल शिवसेना की सस्ते दाम की दुकान धरमपुरा स्तिथ सब्जी मार्केट में लगाई जाएगी।
उक्त सस्ते दाम की दुकान में युवासेना प्रदेश सचिव अरुण पाण्डेय्, पंकज कुर्रे, अंकित मिश्रा, ओमप्रकाश सिंह, चंचलमल जैन, देवेंद्र शर्मा, सन्नी यदु, खेमलाल माहला समेत अन्य शिवसैनिकों ने अपनी सेवा दिया।
जगदलपुर, 02 नवम्बर 2020/ जिला प्रशासन द्वारा जगदलपुर शहर के रेलवे स्टेशन चैक बोधघाट में स्थित होटल अतिथी को 28 बेड का पेड कोविड केयर सेंटर के रूप में अधिकृत किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा होटल अतिथी के संचालक से प्राप्त आवेदन पत्र पर स्वास्थ्य विभाग के जांच समिति के अनुशंसा के आधार पर इस हाॅटल को निर्धारित शर्तों के अधीन कोविड केयर सेंटर के रूप में संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि इस कोविड केयर सेंटर में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को निर्धारित दर पर शुल्क का भुगतान करना होगा।
डाॅ. चतुर्वेदी ने बताया कि कोविड केयर सेंटर को समय-समय पर भारत सरकार एवं राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी कोविड नियंत्रण संबंधित निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इस कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों के लिए निर्धारित शुल्क के अंतर्गत एसी रूम के लिए 07 हजार रूपए, एसी रूम मल्टी पैरामीटर के साथ 08 हजार रूपए तथा नाॅन एसी रूम 05 हजार रूपए एवं नाॅन एसी रूम 04 हजार 500 सौ रूपए प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क निर्धारित की गई है। इसके अलावा मरीजों को जीएसटी की शुल्क अलग से जमा करना होगा।
बालोद – जिला अस्पताल बालोद में मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत हो गई | मौत के बाद आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों द्वारा इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में नर्स व डॉक्टर पर कार्यवाही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे है |
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिन शुक्रवार को गर्भवती महिला बिटान बाई निवासी ग्राम पारागांव प्रसव जांच करवाने के लिए जिला अस्पताल गए थे जहाँ डॉक्टर ने चेकअप और सोनोग्राफी रिपोर्ट के बाद बताया कि पेट में पानी कम है जिसके लिए महिला को भर्ती कर रविवार को ही ऑपरेशन करने की बात कही | लेकिन अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते रविवार को ऑपरेशन नहीं किया गया और महिला ने सोमवार की सुबह दम तोड़ दिया | इस बात से गुस्साए परिजन व ग्रामीण अस्पताल के बाहर हंगामा कर रहे कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण महिला व जुड़वाँ बच्चे एक साथ तीन लोगों की जान चली गई अब तो अस्पताल स्टाफ पर कारवाई के बाद ही हम शव लेकर जायेंगे |
महिला के पति
महिला के पति के अनुसार – रविवार की रात्रि प्रसव पीड़ा के दौरान स्टाफ नर्स को इस बात की जानकारी दी गई लेकिन महिला की चेकअप की बात तो दूर देखने के लिए भी बत्तमीजी से बात की गई उनका कहना यह था कि क्या हम एक ही मरीज को देखने के लिए ही बैठे है क्या उसके लिए रात भर जागते रहे | उसके बाद दुसरे अस्पताल भी ले जाने की बात कही गई लेकिन अस्पताल स्टाफ उसके लिए भी राजी नहीं हुए |
यह पहला केस नहीं जिला अस्पताल में स्टाफ की लापरवाही के चलते कई और ऐसे अनगिनत मामले आ चुके है लेकिन प्रशासन को इस बात की जरा भी फिक्र नहीं है | कारवाई के नाम पर कुछ दिनों के लिए सस्पेंड या कहीं और ट्रांसफर |
इस प्रकार परिजनों और ग्रामीणों के हंगामे को देखते हुए तहसीलदार, सीएमएचओ एवं अन्य पुलिस अधिकारी परिजनों से बात कर मामले को शांत कराने की कोशिश में लगे हुए है |