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सांसद बैज की मेहनत रंग लाई, सीएम बघेल की शाबासी पाई…

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अर्जुन झा

जगदलपुर। दुनिया भर में मशहूर ढाई माह तक चलने वाले ऐतिहासिक बस्तर दशहरा में 75 दिनों तक कार्यक्रम की गरिमा और भव्यता को बनाने में सांसद दीपक बैज की मेहनत रंग लाई और उन्होंने समारोह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की शाबासी पाई। बस्तर दशहरा के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री बघेल ने सांसद बैज की कई जगहों पर खूब तारीफ की। ऐतिहासिक मुरिया दरबार में भी सांसद दीपक बैज के कार्य को सीएम की सराहना मिली। सांसद बैज ने मुख्यमंत्री बघेल, प्रशासन, मांझी, चालकी, मेंबर मेंबरीन व पुजारी सहित सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष का दायित्व बस्तर सांसद दीपक बैज को सौंपा गया और

उनके कुशल नेतृत्व में बस्तर दशहरा का आयोजन कर्जमुक्त होता जा रहा है। सांसद दीपक बैज का कहना है कि माई जी के आशीर्वाद और बस्तर की जनता के सहयोग से यह चुनौतीपूर्ण वृहद आयोजन को सफलता मिली। अब इस आयोजन के मद्देनजर सीएम बघेल द्वारा सांसद दीपक बैज की तारीफ के सियासी मायने निकाले जाएं तो सांसद बैज बस्तर की जनता और मुख्यमंत्री बघेल की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं। संसद में बस्तर और राज्य की आवाज़ बुलंद करने वाले सांसद दीपक बैज ने रचनात्मक क्षेत्र में भी अपना कौशल दिखा दिया है। वे बस्तर की जनता के साथ हर मोर्चे पर सक्रिय हैं। सांसद का काम क्षेत्र विकास और अपने राज्य के हित के प्रयास के साथ ही देश हित के काम में भागीदारी करना होता है। इन तीनों ही स्तर पर दीपक बैज अपनी भूमिका निभा रहे हैं। संसद में विपक्षी सांसद के तौर पर वे केंद्र सरकार की नीतियों की जमकर मुखालफत करते हैं तो बस्तर और छत्तीसगढ़ के हक की आवाज बुलंद करते हैं। स्थानीय लोगों की भावनाओं के अनुरूप काम हों, यह उनकी प्रार्थमिकता है। अपने लोकसभा क्षेत्र के सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ उनका बेहतर समन्वय बस्तर विकास में भागीदार बन रहा है।

आदिवासी बनने की अजब दांस्ता – जिस स्कूल में बाप राउत बनकर पढ़ा वंही उसका बेटा गोंड हो गया

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केशकाल। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व 24दिसंबर 2018को बगैर आवश्यक प्रमाणिंत दस्तावेजों के एक ऐसे ब्यक्ति को गोंड जाति का स्थायी जाति प्रमांण पत्र जारी कर दिया जिसके भाईयों के भी राउत मद्रासी और उसके बाद गोंड बन जाने का अजीबोगरीब दास्तान सामने आया है। प्राथमिक स्कूलों के अभिलेख से यह उजागर हुआ है की जिस बमलेश्वर बोमडे को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने गोंड जाति का स्थाई जाति प्रमांण पत्र प्रदान कर दिया उसके दो जुडवा भाई एक ही स्कूल में जब प्राथमिक शाला में पढ़ने गये तब उनका नाम दाखिल करते वक्त उनकी जाति राऊत दर्ज है पर उन्ही दो भाई में से एक भाई जब अपने बच्चे को उसी प्राथमिक शाला में पढ़ाने के लिए नाम दाखिल कराया तो अपने बच्चे की जाति गोंड लिखवा दिया था वंही उसी के एक भाई का उसी गांव के दूसरे प्राथमिक शाला में नाम दाखिल कराया गया था तब उसकी जाति ही नहीं लिखवाया गया था और शाला के प्रधानाचार्य द्वारा जाति वाला कालम कोरा छोड़ दिया गया था। परन्तु उसी शाला के दूसरे अभिलेख में उसकी जाति मद्रासी लिखा हुआ मिला। मद्रासी भी “जाति” होता है यह शाला का अभिलेख प्रमाणित करता है।एक पिता के सभी संतानों की जाति जिस तरह से शालाओं के अभिलेख में दर्ज करवाया गया और बाद में सभी खुद को गोंड लिखकर आदिवासी बन गये और आदिवासी का लाभ अर्जित करने लग गये।

यह देखने में आते रहता है कि आदिवासी होने का अपना फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनवाकर आरक्षित वर्ग को प्रदत्त संवैधानिक अधिकार – संरक्षण एवं रियायत का लाभ अर्जित करने के लिए लोग एक से एक हथकंडा अपनाते हैं वंही अधिकारियों को जाति प्रमाण-पत्र बनाने हेतु सावधानी बरतने हेतु समय समय पर दिशा निर्देश भी जारी किया जाता है फिर भी फर्जी जाति प्रमाण-पत्र धारियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

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समय समय पर अनुसूचित जाति जन जाति वर्ग के हित एवं हक के लिए सजग रहकर सक्रिय रहने वाले नेताओं एवं संघ संगठन द्वारा भी फर्जी जाति प्रमांण पत्रधारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाया जाता रहा है फिर भी आज तक भी फर्जी जाति प्रमांणपत्र धारियों पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाया और फर्जी लोग आज भी असली आदिवासियों एवं दलितों का हक मारकर बड़े मजे से मौज उडा रहे हैं।

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मूलतः दक्षिण प्रदेश से पिछले दो तीन दशक पूर्व केशकाल के डिहीपारा में एक दो परिवार आया जो पत्थर तोड़ने का काम करके जीवन निर्वाह करते यंही बस गया। जिन्हे यंहा के लोग मद्रासी मद्रासी बोलने लग गये। उसमें से एक परिवार प्रमुख …..ने जामगांव में एक गैर आदिवासी से कृषि भूमि लेकर लंबे समय तक कृषि करता रहा पर बहुत लंबा समय तक रहने के बाद उसे अपनी कृषि भूमि बिक्री करके जाना पड़ा और वह अपना कृषि भूमि एक गैर आदिवासी परिवार को बिक्री करके यंहा से चला गया । वंही उसके सांथ ही दक्षिण से आया कलीप्पा और उसका परिवार यंही का होकर रह गया तथा सदा सदा के लिए यंही बस गया। कलीप्पा ने बहुत गरीबी में जीवन गुजर बसर करके पत्थर तोड तोड़कर अपने परिवार का पालन पोषंण किया। कलीप्पा ने अपने बच्चों को जब प्राथमिक शाला डिहीपारा 19-8-1998को पढ़ाने के लिए भर्ती करवाया तो श्रीराम एवं लक्ष्मंण नाम के जुडवा दोनों बच्चों की जाति राऊत लिखवा दिया था। पर उसी स्कूल में जब श्रीराम 11-8-2020 को अपने पुत्र भावेश को पढ़ाने के लिए उसका नाम दाखिल करवाया तो उसकी जाति गोंड लिखवा दिया।जो खुद उसी स्कूल में राउत जाति का होकर पढ़ा था वहीं अपने बेटे को गोंड बताकर भर्ती कराया जो समझ से परे है।इसका मतलब यह की इस बीच जाति परिवर्तन कर श्रीराम गोंड बन गया।जबकि उसका एक भाई जो भी कलीप्पा का ही पुत्र हैं जिसका नाम कृष्णा है उसका नाम प्राथमिक शाला बोरगांव में10-8-1985 को दाखिल करवाया गया है तो वंहा जाति लिखवाया ही नहीं गया था। परन्तु शाला के एक अभिलेख में उसकी जाति-मद्रासी लिखा हुआ आज भी देखा पढ़ा जा सकता है। आश्चर्य की बात तो यह भी है कि नाम दाखिल खारीज पंजी में जाति वाला एक कालम होता है जिसमें बच्चों की जाति लिखना ज़रूरी होता है क्योंकि यही भविष्य में जाति निर्धारंण एवं जाति प्रमांण पत्र बनाने का मुख्य आधार बनता है ।उस शाला में दाखिल खारीज पंजी में सभी बच्चों की जाति लिखा गया है बस कलीप्पा के पुत्र कृष्णा की जाति न लिखकर कोरा छोड़ दिया गया ।

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श्रीराम लक्षमंण कृष्णा के अलावा कलीप्पा का एक और पुत्र बमलेश्वर बोमडे है जिसे लोग आज भी बोमडे उपनाम से ही जानते पहचानते हैं ,परन्तु वह ग्रामपंचायत बोरगांव के रहुनाओं और राजस्व विभाग के कर्मचारी-अधिकारी के कृपा से अब सरकारी अभिलेखों एवं मतदाता सूची आधार कार्ड में मरकाम बन गया है।बताया जाता है की वह विधिसम्मत जाति प्रमांण पत्र के बगैर ही खुद को गोंड जाति का होना लिखकर केशकाल से सटे बोरगांव के थनवारीन बेवा रजनाथ एवं दिगर से उसके खसरा नं.77/912में से 21डिसमिल कृषि भूमि क्रय कर लिया था और उसी का बी वन और ग्रामपंचायत बोरगांव के ग्रामसभा 25-7-2008के प्रस्ताव की छायाप्रति लगाकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के पास आवेदन लगा दिया था और उस वक्त पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने भी बडी उदारतापूर्वक जाति प्रमांण पत्र 24-12-2008को पुस्तक क्र.16से बनाकर जारी कर दिया था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से गोंड जाति का प्रमांण पत्र मिलने के बाद गोंड जाति के आदिवासी की जमीन खरीदने बेचने का काम भी करने लगा फलस्वरूप आज उसके पास राष्ट्रीय राजमार्ग के तीगड्डे पर और कयी स्थानों पर जमीन है । अन्य प्रदेश से आदिवासी बाहुल्य बस्तर में आकर नफा नुकसान के दृष्टिकोण से गोंड बनकर आदिवासी होने का लाभ अर्जित करने वाले कलीप्पा के पुत्रों के जाति की सही ढंग से जांच पड़ताल करने से यह साफ हो जायेगा की किस तरह से कूटरचित फर्जी दस्तावेज से आदिवासी होने का जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया जाता है और फिर जाति प्रमांण पत्र प्राप्त कर नकली आदिवासी असली आदिवासी की अपेक्षा कितनी जल्दी कितना ज्यादा फायदा उठा लेता हैं और संबंधित सक्षम अधिकारी अपने आंखों के सामने तथा अपनी जानकारी में होने वाले गैरकानूनी कृत्य को जानते हुए भी कैसे अनजान होने का स्वांग करते आंख मूंद लेते हैं।

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बाबा बगावत नहीं कर सकते, सियासी अदावत से बघेल का कुछ नहीं बिगड़ेगा…

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(अर्जुन झा)
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजनीति के गलियारों में अब यह चर्चा चहलकदमी कर रही है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच जारी सत्ता संघर्ष में भूपेश बघेल पूरी तरह विजेता की भूमिका में हैं। राज्य में सत्ता की सियासत में आंतरिक संघर्ष की कथित लौ भले ही जलती सी दिखने का अहसास कराती रहे लेकिन राज्य के विकास और जनता की खुशहाली के लिए यह जरूरी जान पड़ रहा है कि यथास्थिति बनाए रखना अनिवार्य होगा। और, कांग्रेस का शिखर नेतृत्व इस तथ्य से भली प्रकार अवगत है, इसलिए यह माना जा रहा है कि हल्की फुल्की उथल पुथल के बावजूद गहराई में कोई हलचल पैदा नहीं होगी। राजनीति में स्थिरता बहुत जरूरी है। यह विकास और जनहित की जरूरत है। छत्तीसगढ़ में पंद्रह साल तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार में डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री का दायित्व सम्हाला। उनकी पार्टी ने उन्हें तब तक अवसर दिया, जब तक जनता ने चाहा। राज्य गठन के बाद कांग्रेस ने भी अपनी पहली सरकार के मुख्यमंत्री अजीत जोगी को खुले दिल दिमाग से छत्तीसगढ़ के विकास की बुनियाद रखने का अवसर दिया। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ अपने साथ अस्तित्व में आए झारखंड और उत्तराखंड के मुकाबले ऊंचाइयों पर खड़ा है। यह अवधारणा बदलना छत्तीसगढ़ के हित में नहीं होगा। जनभावनाओं के विपरीत भी होगा। छत्तीसगढ़ की जनता ने नई और कई उम्मीदों के साथ भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस को चुना। तीन चौथाई सा विशाल बहुमत दिया तो वह इस कारण कि राज्य की जनता स्थायित्व चाहती है। सरकार का और उसके सरदार का भी। इसीलिए तो यह राज्य लगातार जन भावनाओं के अनुरूप काम करते हुए आगे बढ़ रहा है। इसमें कोई दो मत नहीं कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और तब के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने मिलकर बेहद मेहनत की और कांग्रेस को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। तब भूपेश बघेल सीएम पद के स्वाभाविक दावेदार थे लेकिन टीएस सिंहदेव की भी खूब चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने भूपेश बघेल में अधिक संभावनाएं देखीं और उन्हें दायित्व सौंपा गया। शुरुआती दौर में कभी किसी बंटवारे की बात नहीं उठी लेकिन फिर रह रहकर यह बात उठने लगी। जब सीएम पद पर भूपेश बघेल ने आधा कार्यकाल पूरा कर लिया तो उसके बाद ढाई ढाई साल का फार्मूला जोरशोर से उठा। दिल्ली दौड़ शुरु हो गई और यह दौर जारी है। टीएस सिंहदेव लगातार दिल्ली जा रहे हैं तो सीएम बघेल यूपी चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक की हैसियत से दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं। इधर राज्य की जनता उनकी शैली और नीति पर मोहित है। दूसरी ओर मंत्री सिंहदेव यह बता चुके हैं कि उनके संस्कार कैसे हैं। जाहिर है कि वे किसी हाल में कांग्रेस से बगावत नहीं कर सकते और भूपेश बघेल की फितरत ऐसी नहीं है कि छोटी मोटी सियासी अदावत से उनका कुछ भी बिगड़ सके।

डी. एम. एफ. टी. मे पदस्थ कर्मचारी को तीन महीने से वेतन नही मिलने से कर्मचारी नाराज

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छतीसगढ प्रदेश स्वास्थ्यकर्मचारी संघ जिला बस्तर के जिला अध्यक्ष अजय परिहार के नेतृत्व मे महारानी अस्पताल मेडिकल कालेज कोविड हेल्थ सेंटर समस्त सी. एच. सी.केन्द्रो मे कार्यरत स्टाप नर्सो व महारानी के 171 समस्त अधिकारी/कर्मचारी का तीन महीने से वेतन का भुगतान ना होने पर आज काली पट्टी का तीसरा दिन लगाकर कार्य को सुचारू रूप से किया गया है डी. एम एफ टी. के समस्त अधिकारी/कर्मचारी के समर्थन मे समस्त महारानी अस्पताल के कर्मचारी द्वारा विगत एक सफ्ताह तक काली पट्टी लगा कर इनका समर्थन कर कार्य का संचालन किया जाएगा स्वास्थ्य कर्मचारीयो को वेतन का भुगतान ना होने के कारण बहुत से अधिकारी/कर्मचारियों को अपने वितीय खर्च पूरे करने के लिये उधार लेने तक विवश होना पड़ रहा है ऐसे समय मे दीपावली का बड़ा त्योहार है तो कर्मचारी त्योहार मनाये केसे डी. एम. एफ. टी. संविदा कर्मचारियों मे स्टाफ नर्स लैब टेक्नीशियन ओ. टी. टेक्नीशियन xray/ct scan टेक्नीशियन वाड बॉय वाड आया o.p.d. अस्सिटेंट क्लीनर जैसे लगभग 500 से डी. एम. एफ. टी. कार्यरत कर्मचारी कोरोना जैसे संकट काल मे अपनी सेवाऐ दे रहे है ऐसे कर्मचारी का तीन माह से वेतन का भुगतान ना होना प्रशासन के उदासीनता को दर्शाता है संघ जिला प्रशासन से माग करता है की स्वास्थ्य कर्मचारियो का तीन माह का वेतन यथाशीघ्र प्रदान करे अन्यथा वेतन का भुगतान ना करने पर संघ को आंदोलन के लिये बाध्य होगा जिसकी जबाबदारी प्रशासन की होगी प्रदर्शन कारीयो मे रूपेन्द्र सिंह डाँ भगत बघेल लक्ष्मी टाडिया गीतांजलि सिंह वाल्मीकि आकृति भीकम साहू सुलेखा प्रीति शोभना सपना धामनी लक्ष्मी आदि कर्मचारी उपस्थित थे |

सेल कर्मियों के 58 माह से लंबित वेतन समझौते के लिए एनजेसीएस के सदस्य यूनियन और सेल प्रबंधन के बीच हुआ – MOU

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दिनांक 22.10.2021 को नई दिल्ली में महारत्न सेल के कर्मियों के 58 माह से लंबित वेतन समझौते के लिए एनजेसीएस के सदस्य यूनियन और सेल प्रबंधन के बीच MOU हुआ जिसपर प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ-साथ NJCS के पांच सदस्य यूनियन में से तीन यूनियन के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये और दो यूनियन ने इस MOU पर हस्ताक्षर करने से स्पष्ट मना कर दिया। जिन तीन यूनियन ने हस्ताक्षर किये वे हैं इंटुक, एटक और एचएमएस। बीएमएस और सीटू ने इस MOU पर हस्ताक्षर करने से साफ़ मन कर दिया। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए बीएमएस से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के उपाध्यक्ष (केंद्रीय) राजीव सिंह ने कहा कि 58 माह से लंबित वेतन समझौता का जिस तरह से अंत हुआ है वो सचमुच में निराशाजनक है और इस MOU से ये साफ़ हो जाता है कि सेल प्रबंधन के साथ इन तीन श्रम संगठनों ने मिलकर कर्मियों के साथ विश्वासघात किया है।

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राजीव सिंह ने आगे कहा कि इंटुक, एटक और एचएमएस ने न केवल श्रम संगठनों के एकता पर करारा प्रहार किया है बल्कि उन्होंने कर्मियों के साथ भी छल किया है। जब कोर ग्रुप की बैठक में सभी यूनियन ने 28% पर्क्स पर सहमति बना ली थी तो फिर प्रबंधन के साथ बैठक में 26.5% पर सहमति देने के पीछे क्या औचित्य था? आज ये तीन यूनियन यह कहते फिर रहे रहे हैं कि पहले से ही काफी देर हो चूका था और कर्मियों को नुकसान हो रहा था इसलिए उन्होंने 26.5% पर हस्ताक्षर कर दिया। अपने इस वक्तव्य से ये तीनों यूनियन अपने आपको कर्मियों के रहमनुगार साबित करने में लगे हैं। भारतीय मजदूर संघ और सभी कर्मी इन तीनों श्रम संगठनों से यह सवाल पूछते हैं कि अगर 26.5% पर्क्स पर ही समझौता करना था तो फिर 30 जून को सेल के सभी यूनिट्स में एक दिवसीय हड़ताल कराकर कर्मियों के एक दिन का वेतन कटौती क्यों कराई गयी? इस हड़ताल के वजह से आज कई कर्मियों को शो कॉज नोटिस, विभागीय कारवाई, ट्रांसफर आदि जैसे वीभत्स मानसिक यंत्रणा से गुजरना पड़ रहा है। क्या ये तीन यूनियन उन पीड़ित कर्मियों के इस मानसिक व्यथा के लिए जिम्मेद्दार नहीं हैं? जब कर्मियों ने अपना पूरा समर्थन इन नेताओं को दिया था तब ऐसे में कोर कमिटी की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय से पीछे हटकर, यूनियन की एकता को तोड़ते हुए, कर्मियों के साथ विश्वासघात करते हुए इन तीन यूनियन ने जो कृत्य किया है उसका भारतीय मजदूर संघ कड़े शब्दों में निंदा करता है।

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जहाँ तक 26.5% पर्क्स पर समझौते की बात है तो भा.म.सं. को यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि अगर इस एनजेसीएस में बीएमएस शामिल नहीं होता तो ये तीन यूनियन के नेता मिलकर कर्मियों का गला काटकर और अपनी जेब भरकर 20% पर्क्स पर ही हस्ताक्षर करके इसे कर्मियों की जीत बताते। इन्ही तीन यूनियन ने पेंशन के वक्त भी कर्मियों के साथ विश्वासघात किया। जब बीएमएस ने 6% पेंशन अंशदान को 2007 से लागू करने या फिर 2012 से 9% पेंशन अंशदान देने की मांग की तब भी इन्ही तीन यूनियन ने यह कहा कि बीएमएस देर करके कर्मियों के पेंशन के मामले को लटकाना चाहता है प्रबंधन के पक्ष में बात की और कर्मियों को नुकसान पहुँचाया। वर्तमान MOU के साईन होने के तत्काल बाद यह खबर आ रही है कि अधिकारीयों को 15% एमजीबी और 35% पर्क्स दिया जावेगा और साथ ही उन्हें पर्क्स की राशि का एरियर्स भुगतान भी किया जावेगा। हालाँकि अभीतक ये बातें केवल हवा में ही हो रही है किन्तु अगर ऐसा होता है तो ये कर्मियों के साथ न केवल प्रबंधन का कपटपूर्ण व्यवहार होगा बल्कि इन तीन यूनियन के नेताओं द्वारा कर्मियों के साथ किये गए धोखाधड़ी का ज्वलंत उदाहरण होगा। दरअसल में इंटुक और एटक पहले से ही प्रबंधन की गोद में बैठनने के लिए कर्मियों का गला काटते आये हैं।

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अंत में राजीव सिंह ने कहा कि वर्तमान MOU सर्वसम्मति से नहीं हुआ है जो कि NJCS के मूल सिद्धांत के विपरीत है। इसके अलावा जिस तरह से इंटुक, एटक और एचएमएस ने एनजेसीएस कोर समिति में हुए निर्णय से पलटकर प्रबंधन का साथ दिया वो न केवल निंदनीय है बल्कि कर्मियों के प्रति उनकी संवेदनहीनता का भी प्रतिक है। भा.म.सं. यह प्रयास कर रहा है कि MOS साईन होने के समय भी कर्मियों के हितार्थ पर्क्स की राशि में बढ़ोतरी हो और अगर अधिकारीयों को पर्क्स की राशि का एरियर्स दिया जाता है तो बीएमएस इसके विरुद्ध न्यायलय जाने से भी पीछे नहीं हटेगा। बीएमएस कर्मियों के हित को सर्वोपरि मानता है और कर्मियों के वाजिब हक़ के लिए सभी लड़ाई लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहा है और आगे भी तैयार रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि कर्मी अपने हित को देखते हुए बीएमएस का साथ देंगे। MOU पर हस्ताक्षर न करने के लिए सीटू को भी बीएमएस की तरफ से उन्होंने धन्यवाद दिया।

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दुकानदारों एवं व्यवसायियों के लिए गुमास्ता लाइसेंस अनिवार्य

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नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत समस्त व्यापारी व्यवसायियों एवं दुकान संचालकों से मुख्य नगरपालिका अधिकारी नारायण साहू ने अपील की है कि दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 एवं दुकान स्थापना नियम 1959 के तहत प्रत्येक दुकानदार एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को संचालित करने के लिए नगरपालिका के राजस्व विभाग में विपिन बेहरा से संपर्क कर गुमास्ता पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। दुकानदार व व्यवसाय करने वाले निर्धारित प्रपत्र में नगर पालिका में अपना आवेदन कर पंजीयन कराना सुनिश्चित करें। दुकानदार व व्यवसाई जिन्होंने 25/6/ 2014 के पूर्व पंजीयन प्राप्त कर लिया है छत्तीसगढ़ शासन के अधिसूचना दिनांक 25 जून 2019 नियमों के संशोधन के पश्चात अनिवार्य रूप से पंजीयन प्राप्त करेंगे। गुमास्ता लाइसेंस के अभाव में दुकान संचालन की अनुमति नहीं होगी तथा सुसंगत श्रम कानूनों के तहत कार्यवाही प्रस्तावित किया जाएगा जिसकी समस्त जवाबदेही दुकान संचालकों की होगी। नगर पालिका द्वारा मुनादी कराकर व्यवसायियों एवं दुकानदारों को सूचना दी जा रही है l

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फर्जी वेबसाइट के आधार पर बेरोजगारों से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले RCDSP कपंनी के डायरेक्टर गिरफ्तार

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रायपुर – फर्जी वेबसाइट के आधार पर बेरोजगारों से ठगी करने वाले RCDSP कपंनी के चारों डायरेक्टरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है | रायपुर के अविरल काम्प्लेक्स रायपुरा चौक रोड पर साल भर पहले ऑफिस खोला गया था जिसमे वेबसाइट के माध्यम से बेरोजगार युवाओं  व युवतियों के लिए ब्लॉक फील्ड ऑफिसर, कंप्यूटर टीचर, डिस्ट्रीक्ट ऑफिसर के लिए नौकरी  निकाली गई थी जिसमे आवेदन करने वाले लोगों को रायपुर स्थित कार्यालय में बुलाकर इंटरव्यू  लेने के साथ बेसिक कंप्यूटर शिक्षा दी जाती थी | कंपनी के डायरेक्टरों द्वारा नौकरी में ढेर सारे लुभावने ऑफर दिए जाते थे इसके साथ ही RCDSP कपंनी का फार्म भरवाकर सुरक्षा निधि के नाम से 35,000 रुपए की सुरक्षा निधि जमा कराई जाती थी | काम के नाम पर युवक-युवतियों को प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को कंपनी की योजनाओं को बताने और जोड़ने के लिए कहा गया था |

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जब बेरोजगार युवक युवतियों को लगा कि उन्हें नौकरी के नाम पर ठगा जा रहा है 50 से अधिक लोगों ने थाने में जाकर RCDSP कपंनी के डायरेक्टर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया | पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए RCDSP कपंनी के चारो डायरेक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. शिकायत की पुष्टि होने के बाद चंद्र प्रताप सिंह पिता माखन लाल जोशी (30 साल), दीपचंद वर्मा पिता स्‍व गणेश राम वर्मा (51 साल), जितेन्द्र देवांगन पिता सियाराम देवांगन (36 वर्ष) और संजय कुमार वर्मा पिता आनंद राम वर्मा (40साल) को गिरफ्तार किया गया है.

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मुख्यमंत्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर का संचालन अवैध – भाजपा, न ड्रग लाइसेंस, न पंजीयन, न दवाई, न फार्मासिस्ट, दो दिन में दम तोड़ गई भूपेश सरकार की योजना

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नारायणपुर । जिला मुख्यालय में संचालित धनवंतरी मेडिकल स्टोर का आनन फानन में प्रारंभ तो कर दिया गया, परंतु दो दिनों में ही दवा दुकान दम तोड़ती नजर आई । दुकान का न तो पंजीयन और नही दवा उपलब्ध है । इस विषय पर जब संचालन संबंधी जानकारी ली गई तो पता चला कि अभी तक छ.ग.शासन की महत्वपूर्ण गरीबों क सस्ती दवाई उपलब्ध कराने योजना का टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई, केवल भूपेश बघेल के पोस्टर और फ्लेक्स बेनर, पोस्टर दुकान में उपलब्ध है । दवाई उपलब्ध नहीं है, जब इस विषय पर ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाया गया तो कार्यवाही करने से बचते रहे ।

प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र और रेडक्रास सोसायटी से संचालित मेडिकल स्टोर को बंद कर मुख्यमंत्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर प्रारंभ करना । जिसमें सरकार द्वारा दुर्भावना पूर्ण गरीब कल्याण योजना बंद करना जनविरोधी नितियों को दर्शाती है ।

जहाँ एक दो दिन पहले उद्घाटन की गई दवा दुकान में दवाई उपलब्ध नहीं है । वहीं बड़े तामझाम के साथ इस योजना का उद्घाटन किया गया । जिसके तहत आज पर्यन्त तक दवाई दुकान संचालन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई। मामले को रफा दफा करने के लिए अब जीवन दीप समिति का संचालन करने की बात की जा रही है। जब धनवंतरी मेडिकल स्टोर की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई है , फिर कैसे नियम विरुद्ध प्रशासन के नाक के नीचे मेडिकल का संचालन किया जा रहा है। इस दौरान जब कार्यवाही की बात की गई तो ड्रग विभाग के अधिकारी अपनी असमर्थता जाहिर कर रहे हैं, बिना योजना के प्रारंभ की गई दवा दुकान दो दिनों में दम तोड़ती नजर आ रही है ।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष बृजमोहन देवांगन, जिला पंचायत सदस्य प्रताप मंडावी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष जैकी कश्यप, पूर्व पार्षद मरण शील, अभिषेक झा, संदीप झा, प्रशांत सिंह ठाकुर, संतनाथ उसेण्डी उपस्थित थे ।

देश में 100 करोड़ वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पूरा करने पर जगदलपुर अटल बिहारी वार्ड शक्ति केंद्र में डॉक्टरों व वहां पर उपस्थित स्टाफ का किया गया अभिवादन

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कमल चंद्र भंजदेव जी के द्वारा देश में 100 करोड़ वैक्सीनेशन के लक्ष्य पूरा करने पर डॉक्टरों का किया अभिवादन

दिनांक 2310 2021 को अटल बिहारी वार्ड शक्ति केंद्र में भाजपा नगर मंडल के द्वारा देश में 100 करोड़ लोगों को वैक्सीनेशन सफलतापूर्वक लग जाने पर देश के डॉक्टर के साथ-साथ जगदलपुर वैक्सीनेशन सेंटर पर डाक्टर एवं नर्सो का सम्मान किया गया और दोनों डोज वेक्सिनेशन वालो का सम्मान किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कमल चंद भंजदेव जी थे जिन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि देश उस समय जब अनेकों मुसीबतों का सामना कर रहा था तब हमारे सामने डॉक्टर और उनकी पूरी टीम इस जीवन रक्षक दवा को हर एक जनता को अपनी जान जोखिम डालते हुए वैक्सीनेशन के अभियान को सफलता पूर्वक चला रहे थे ना उन्हें अपने घर जाने को समय था ना ही सोने का समय था ना ही खाने का समय था फिर भी वह आम जनता के लिए 24 घंटे तैयार रहते थे मैं ऐसे सभी डॉक्टर

और सभी स्टाफ का धन्यवाद करता हूं मैंने भी वैक्सीन की दोनों डोज लगाया है और कहीं ना कहीं मैं आज यह भी कहता हूं कि अभी कोरोना का आज समाप्त नहीं हुआ है और अभी हमें और अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है मैंने बस्तर दशहरा की सभी रस्मो में हिस्सा लिया और बस्तर दशहरा समाप्ति के बाद मैंने सर्वप्रथम अपना कोरोना जांच करवाया मेरा रिपोर्ट नेगेटिव है कार्यक्रम का संचालन नगर मंडल महामंत्री आर्येन्द्र सिंह आर्य द्वारा किया गया और आभार रोशन झा के द्वारा किया गया इस कार्यक्रम में उपस्थित आयुष्मान हॉस्पिटल धरमपुरा के डॉक्टर स्टाफ वहां पर उपस्थित नागरिक गण वार्ड वासी और उनके साथ अतुल सिंम्हा शशि पाठक गणेश काले योगेश शुक्ला प्रेम यादव परितोष मंडल सतीश बाजपाई सूर्य भूषण सिंह आनंद झा शिरीष मिश्रा भावेश यदु ओमी सिंह आईटी सेल से मयंक नैथानी पांडे जी संदीप मिश्रा एवं समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे |

बॉलीवाल में एसडीएम की टीम ने एसडीओपी पुलिस की टीम को किया परास्त

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बच्चों के नृत्य के साथ ग्रामवासी भी झूम कर नाचे

खोरखोसा गाँव मे बालिकाओ ने पहली बार खेला क्रिकेट

यूवोदय ग्रामीण स्तरीय कीड़ा प्रतियोगिता बस्तर ब्लॉक के ग्राम खोरखोसा में आयोजित

बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत खोरखोसा में ग्रामीण स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं व ग्रामीणों ने भाग लिया। इस आयोजन में पहली बार ग्राम पंचायत की बालिकाओं ने क्रिकेट का मैच भी खेला जो आकर्षण का केंद्र बिंदु बना रहा। लोगों ने जमकर मैच का आनंद उठाया ।दिव्या कश्यप ने मैच में 2 छक्के भी लगाए जिस से उत्साहित दर्शकों के द्वारा उन्हें नगद राशि देकर पुरस्कृत भी किया गया। ज्ञात हो कि जिला कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन में एसडीएम बस्तर गोकुल रावटे की उपस्थिति में यह आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में एसडीएम की टीम ने बालीवाल मेंअच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए पुलिस विभाग की एसडीओपी की टीम को 3 अंको से पराजित किया।

रस्सा खींच प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया । ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है कि किसी कार्यक्रम में बड़ी सँख्या में ग्रामीण महिलाएँ शामिल हो खोरखोसा ग्राम की जागरूक महिलाओं ने बच्चो का उत्साह न केवल बढ़ाया बल्कि स्वयं भी भागीदार होकर खेल का आनन्द उठाया। एक दिवसीय आयोजन में यूवोदय वालिटियर्स, स्कूली छात्र छात्राएं सहित ग्रामीण व महिलाएं भी शामिल हुई। क्रीडा प्रतियोगिता में कबड्डी वालीबाल रस्सी की कुर्सी दौड़ का आयोजन किया गया था।

अधिकारियों ने विजयी खिलाडियों को नगद राशि देकर किया समानित वंही प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर समानित भी किया गया। इस अवसर पर एसडीएम गोकुल रावत ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर हो रहे इस प्रकार के आयोजन से जहां लंबे समय से स्कूलों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो रहा था बच्चों की मन्सा अनुरूप कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो कि सराहनीय कार्य है। पूरे कार्यक्रम में शिक्षा विभाग का योगदान सराहनीय रहा।इस अवसर पर गोकुल रावटे, तहसीलदार कमल किशोर साहू, एसडीओपी घनश्याम कामड़े, जनपद सदस्य अंतोराम कश्यप,सरपँच नवल मौर्य, जनपद टीआई, सुरित सारथी, राजेश मरई ,बीईओ मोतीराम कश्यप,बीआरसी राजेन्द्र सिंह ठाकुर, जागेश्वरी पोयाम, राजेश नेताम, प्राचार्य हरदेव देहारी,निर्मला सोनी,मनीष वर्मा,सीएसी पूरन लाल कश्यप,रतन बघेल,लखेराम बिसाई,चेतेन्द्र पाणिग्राही,मन्नुराम नेताम,महेश नाग, रविन्द्र ठाकुर सहित बड़ी सँख्या मे ग्रामीण जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन खेमसिंह ठाकुर एवं शैलेन्द्र तिवारी के द्वारा किया गया।

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