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पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तरवासियों के हित में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष रखे 8 मुद्दे

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  •  शाह के बार-बार बस्तर दौरे पर भी उठाए सवाल

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बार बार बस्तर प्रवास पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बस्तर के हित में आठ बड़े मुद्दे अमित शाह के समक्ष रखे हैं और आठ सवाल भी पूछे हैं।

दीपक बैज ने कहा है यह समझना पड़ेगा कि अमित शाह बार-बार बस्तर क्यो आ रहे है? छत्तीसगढ़ में जब 15 साल भाजपा की सरकार थी तक बस्तर नही आए, लेकिन अब बार- बार क्यो आ रहे है? अमित शाह बस्तर आते है तब नक्सलियों की एक चिट्ठी आती है कि हम चर्चा करने और युद्ध विराम के लिए तैयार हैं।  बैज ने कहा कि यह अमित शाह के लिए तैयार की गई स्क्रिप्ट और पॉलिटिकल स्टंट है। ताकि अमित शाह बस्तर में जाकर बोलें कि हमारी सरकार की कार्रवाई से नक्सली डर गए हैं और सरेंडर कर रहे हैं। सोची समझी प्लानिंग के तहत काम किया जा रहा है। अमित शाह के बस्तर आने का मकसद नक्सलवाद का खात्मा करना नहीं, बल्कि चहेते उद्योगपतियों के जल, जंगल, जमीन, माइंस देने के लिए रास्ता तैयार करने का है। बस्तर में कीमती खनिज संपदा है, उद्योगपतियों के लिए जमीन तलाशने वे बस्तर आए हैं। दीपक बैज ने सीधा आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अंबानी और अडानी को बस्तर की खनिज संपदा सौंपने की तैयारी में है। दीपक बैज ने अमित शाह से 8 सवाल पूछते हुए जवाब मांगा है। उन्होंने कहा है कि शाह गारंटी देंगे बस्तरियों के मंशा के खिलाफ अडानी या अन्य उद्योगपतियों की बस्तर में इन्ट्री नहीं होगी? बस्तर के लोगों के मन में शंका पैदा हो रही है कि मोदी के मित्र अडानी के लिए रेड कारपेट बिछाने भाजपा के नेता बार-बार बस्तर आ रहे हैं। अमित शाह इस बात की गारंटी देंगे कि बस्तर के आदिवासियों तथा बस्तरियों की भावनाओं के विपरीत बस्तर में अडानी एवं अन्य उद्योगपतियों की एंट्री नहीं होगी। श्री बैज ने पूछा है कि एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?*

एनएमडीसी लौह अयस्क तो बस्तर से निकलती है और उसे दुनिया भर में भेजती है परंतु अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए हैदराबाद में बनाए बैठी है। पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था परंतु वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है एनएमडीसी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एनएमडीसी में रोजगार का द्वार खुल सके। अमित शाह बताएं एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा? दीपक बैज ने सवाल किया है कि नंदराज पहाड़ की लीज कें द्र रद्द क्यों नहीं कर रहा? नंदराज पहाड़ से ग्रामीणों की आस्था जुड़ी हुई है वे उस पहाड़ को देवतुल्य मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं। बैलाडीला नंदराज पहाड़ लौह अयस्क के दोहन हेतु रमन सरकार ने 2016-17 में अडानी को लीज पर दिया था। जिसके विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों ने लंबा संघर्ष किया। भूपेश बघेल सरकार ने लीज रद्द कर दी थी, परंतु आज तक केन्द्र ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी नही किया है। अमित शाह बताएं अडानी का हित बड़ा है या आदिवासियों की आस्था? पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर का नगरनार स्टील प्लांट बस्तर वासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है जिसमें मोदी सरकार अपने उद्योगपति मित्र को फायदा पहुंचाने विनिवेश करना चाहती है। बस्तर विशेषकर लोगो की भावना से जुड़ा नगरनार संयंत्र बेचने की कार्यवाही कब बंद होगी? नगरनार नहीं बिकेगा इसकी गारंटी देंगे? दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता के हित में भूपेश सरकार ने विधानसभा से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा था, इस विधेयक में सर्व समाज के लिए आरक्षण का प्रावधान है जिसमें आदिवासियों के लिए 32 प्रतिशत ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिए 13 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के गरीबों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। अमित जवाब दें कि आदिवासियों का 32 प्रतिशत आरक्षण कब तक राजभवन में लंबित रहेगा?

बैज ने कहा है कि सन 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेगी, परंतु आज तक रेल लाइन का कार्य पूरा नहीं हुआ है जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है। अमित शाह बताएं यह कब पूरी होगी? प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने कहा है कि भारत माला ओडीशा के नवरंगपुर से होकर जा रही है नगरनार से भारत माला की दूरी 32 किमी के आसपास है केन्द्र सरकार जगदलपुर से भारत माला तक जोड़ने पहल करे या एनएमडीसी नगरनार से भारत माला तक सड़क निर्माण कराए। उन्होंने कहा है कि bजल, जंगल, जमीन के अधिकारों से स्थानीय आदिवासियों को वंचित करने और खनन माफिया अपने पूंजीपति मित्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने 2006 के वन अधिकार अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों को मोदी सरकार ने शिथिल कर दिया है क्या इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री आदिवासियों से माफी मांगेंगे?

गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत

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रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीती रात रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा तथा उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने  शाह का स्वागत किया।  शाह आज 5 अप्रैल को बस्तर दौरे पर रहेंगे। वे बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन पूजन करेंगे। इसके बाद वहां चल रहे संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम के समापन समरोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर बस्तरवासियों से संवाद करेंगे। इसके बाद श्री शाह नक्सलवाद मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एलडब्ल्यू पर समीक्षा बैठक लेंगे।

 

मितानिनों ने किया पीडी बस्तिया का स्वागत

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जगदलपुर नगर की शहरी मितानिनों ने स्वास्थ्य विभाग के नव पदस्थ जिला प्रबंधक (शहरी) पीडी बस्तिया का स्वागत मंडी प्रांगण जगदलपुर में किया।

कलेक्टर हरिस एस के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के मार्गदर्शन मे 9 और 10 अप्रैल को संचालित होने वाले आयुष्मान कार्ड महाअभियान की तैयारी हेतु समुदाय स्तर पर लोगों को अधिक से अधिक कार्ड बनाने हेतु चर्चा की गई एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आरएसबीवाई सलाहकार पृथ्वी साहू, शहरी स्वास्थ्य इकाई से एम. पल्लवी, चंचल जोशी, आरती, के साथ शहरी मितानिन एमटी एवं शहरी मितानिन एरिया कोऑर्डिनेटर भी उपस्थित रहे।

ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष बने रिमाधर बघेल

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बकावंड अटल समरसता भवन बकावंड में सरपंचों की बैठक आयोजित की गई।बैठक में ब्लॉक सरपंच संघ के गठन के संबंध में चर्चा कर सभी सरपंचों की सहमति से निर्विरोध सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई।

सरपंच संघ संरक्षक चंपा सूर्यवंशी, मोंगरापाल,

अंबाली बघेल कोहकापाल व तिलोत्तमा मौर्य बारदा, सलाहकार डमरू मौर्य बकावंड, अध्यक्ष रिमाधर बघेल पीठापुर, उपाध्यक्ष गोपाल कश्यप जैतगिरी, फुलमनी कश्यप चिउरगांव, सचिव संतोष कश्यप छोटे देवड़ा, सह सचिव अनिता कश्यप नारावंड, कोषाध्यक्ष धनपति नाग चोलनार, महामंत्री चक्रधर कश्यप सौतपुर, प्रवक्ता जयमनी कश्यप संधकरमरी, धनमती भारती राजनगर, मीडिया प्रभारी मधुसूदन कश्यप उलनार, नीलम कश्यप कोसमी, संतोष सतलावंड तथा कार्यकारिणी सदस्य सोनसिरा कर्मा झार उमरगांव, अर्जुन कश्यप बेड़ा उमरगांव, भगवती भारती बजावंड, नवतन कर्मा सतोषा, आसमती तारापुर, जोगेंद्र बघेल मरेठा, कुलधर कश्यप गारेंगा नियुक्त किए गए हैं। सभी सरपंच पदेन कार्यकारिणी सदस्य रहेंगे।

अभय तिवारी को मिला कुमार विश्वास का आशीर्वाद

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जगदलपुर.हंसमुख एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी कवि कुमार विश्वास कल दंतेवाड़ा पहुंचे थे। कुमार विश्वास जगदलपुर निवासी अमित तिवारी के बेटे अभय की वाकपटुता से इस कदर प्रभावित हुए कि अभय को अपने पास बुलाकर उसे दुलार किया और आशीर्वाद दिया। इस दौरान प्रदेश के लोकप्रिय गृहमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। अभय तिवारी जगदलपुर के हैं। वे सनातन परंपरा पक्षधर हैं और हिंदू धर्म ग्रंथ वाचन में विशेष रुचि रखते हैं।

खनिज ही नहीं जल का भी अथाह भंडार है बस्तर की धरा के गर्भ में

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  •  इंद्रावती नदी और वनों के कारण जल से समृद्ध है बस्तर का भूगर्भ
  • बस्तर के जिलों में भूजल स्रोतों का उपयोग कम

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग की धरती का गर्भ सिर्फ खनिज संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि उसमें अथाह जल भंडार भी है। यह संभव हो पाया है पुण्य सलिला इंद्रावती नदी और देवतुल्य वनों की वजह से। अकूत जल भंडार होने के बावजूद यहां भूजल के उपयोग की दर अन्य संभागों या जिलों की तुलना में बहुत ही कम है।

रत्नगर्भा बस्तर की धरती जलगर्भा भी है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में भूजल का सबसे कम उपयोग बस्तर संभाग में होता है। ओड़िशा की धरती को आबाद करती हुई बस्तर की ओर बहने वाली इंद्रावती नदी बस्तरवासियों की जीवनदायिनी है। इसके भरोसे ही बस्तर जिले के हजारों किसान खेती करते हैं। गर्मी के मौसम में नदी का जलस्तर लगातार कम हो जाता है। इस साल स्थिति अभी से ही गंभीर दिखाई दे रही है। किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि बस्तर में वीआईपी दौरे के वक्त और बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक एवं चित्रकोट महोत्सव के दौरान इंद्रावती नदी में बने एनिकेट्स खोल दिए जाते हैं। इस वजह से जमा पानी व्यर्थ बह जाता है और किसान सिंचाई से वंचित हो जाते हैं। इंद्रावती की सहायक नदी के एनिकेट्स भी पुराने हो गए हैं और टूट-फूट चुके हैं। जलगर्भा होने के बावजूद यहां भूजल का दोहन होता है। भूजल का दोहन कम हाेने की वजह से बस्तर भूजल उपलब्धता के मामले में पूरी तरह सुरक्षित माना गया है।

सबसे कम दोहन सुकमा में

सेंट्रल वाटर बोर्ड के सर्वें में यह तथ्य सामने आया है कि बस्तर जिले में 33 प्रतिशत भूजल का उपयोग होता है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में 13 प्रतिशत, नारायणपुर में 4.2 और सुकमा में सबसे कम 3 प्रतिशत भूजल का उपयोग लोग करते हैं। पूरे संभाग में कांकेर जिले के सिर्फ चारामा ब्लॉक को ही सेमी क्रिटिकल जोन सर्वे में चिन्हित किया गया है। इस लिहाज से देखा जाए तो इंद्रावती नदी के एनीकेट्स और प्रचुर वन क्षेत्र के कारण बस्तर का भूजल स्रोत सुरक्षित है। यहां के भूजल स्त्रोत का उपयोग कर न सिर्फ बस्तर के लोगों को पेयजल एवं निस्तारी जल संकट बचाया जा सकता है, बल्कि यहां कृषि को भी समृद्ध बनाया जा सकता है

इंद्रावती से है वाटर लेवल मेंटेन

सर्वे के मुताबिक बस्तर बैलाडीला समूह की चट्टानों से आच्छादित है, जहां बैंडेड आयरन फॉर्मेशन प्रचुर मात्रा में है। बैलाडीला समूह की चट्टानों में ग्रेनाइट व ग्रेनाइटॉइड जैसी अम्लीय आग्नेय चट्टानें शामिल हैं। इन मुख्य क्रेटोनिक चट्टानों के निर्माण के अलावा, इंद्रावती समूह की तलछट भी पाई जाती है। जो भू जल के संरक्षण में मददगार होती हैं। जिले का कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण और वार्षिक उपयोग लायक भूजल पुनर्भरण अच्छा है। जिले में सभी उपयोगों के लिए सकल भूजल उपयोग केवल 33.62 प्रतिशत है, जो राज्य के औसत 48.43 प्रतिशत की तुलना में बहुत कम है। जिले के सभी ब्लॉकों को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।

दंतेवाड़ा तीसरा सबसे कम विकसित जिला

बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में ग्रेनाइटॉइड्स जिसमें डोंगरगढ़ ग्रेनाइट्स और बस्तर गनीस किस्म की चट्टानें हैं। ये बैलाडीला समूह की चट्टानों से ढके हुए हैं, जिसमें बैंडेड आयरन फॉर्मेशन शामिल हैं। यहां शबरी और पाखल समूह के आर्गिलो- कैल्केरियस तलछट भी पाi जाती ह। जिले का कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण, वार्षिक निष्कर्षण योग्य भूजल पुनर्भरण और निष्कर्षण का मात्र 15.4 प्रतिशत है, जो राज्य औसत की तुलना में बहुत कम है। भूजल विकास के मामले में यह राज्य का तीसरा सबसे कम विकसित जिला है। इस जिले में कटेकल्याण ब्लॉक में विकास का सबसे कम चरण 9.64 प्रतिशत है। जिले के सभी ब्लॉकों को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।

कांकेर में 33 प्रतिशत उपयोग

कांकेर जिला लगभग पूरी तरह ग्रेनाइट चट्टानों से ढका हुआ है। डोंगरगढ़ ग्रेनाइट और बस्तर गनीस प्रमुख भूवैज्ञानिक संरचनाएं हैं। मध्य भाग में बिजली रायोलाइट एक पतली पट्टी के रूप में पाई जाती है। जिले का कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण और वार्षिक निष्कर्षण केवल 33.49 प्रतिशत है।कांकेर के सभी ब्लॉकों को भूजल के मामले में सुरक्षित माना गया है।सिर्फ चारामा ब्लॉक सेमी क्रिटिकल है। खोजपूर्ण ड्रिलिंग से संकेत मिला है बस्तर की धरती में अथाह जल भंडार मौजूद है।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने फिर रच दिया एक इतिहास

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  •  घोर नक्सल प्रभावित गांव रायगुडेम पहुंचे बाइक से
  •  इलाके में पहुंचने वाले पहले गृहमंत्री हैं शर्मा 

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा वास्तव में बड़े जीवट व्यक्ति हैं। उन्हें अपनी जान से ज्यादा एंटी नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों और नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे रह गए ग्रामीणों की चिंता रहती है। यही वजह है कि वे अक्सर ऐसे गांवों में चले जाते हैं, जहां कदम रखना भी खतरे से खाली नहीं। अपनी इसी जांबाजी के चलते विजय शर्मा इतिहासपर इतिहासरचते जा रहे हैं। विजय शर्मा आज 3 अप्रैल को भी बाइक की सवारी करते हुए सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थापित कैंप रायगुडेम में जा पहुंचे।

देश की आजादी के बाद पहली बार सुकमा जिले के नक्सलगढ़ रायगुडेम में कोई गृहमंत्री पहुंचा है। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा पहले होम मिनिस्टर हैं जो एक जवान की बाइक पर कच्ची सड़क से होते हुए बैठकर रायगुडेम पहुंचे। वहां सबसे पहले उन्होंने ग्रामीणो के बीच बैठकर उनसे बातचीत की उनका दुख दर्द पूछा।  शर्मा ने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया और गांव में व्याप्त समस्याओं को जल्द दूर कराने का भरोसा दिलाया। रायगुडेम में सीआरपीएफ की 223वीं बटालियन का कैंप 22 नवंबर 2024 को खोला गया था।

गृहमंत्री विजय शर्मा इस कैंप में भी पहुंचे। उन्होंने यहां पहले जवानों से मुलाकातकर उनकी हौसला अफजाई की। इसके बाद वे ऑफिसर्स ग्रुप की बैठक में शामिल हुए। बैठक में पुलिस और सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने नक्सल मोर्चे को लेकर ब्रीफिंग दी। सुकमा जिले के अंदरुनी इलाकों में स्थापित सीआरपीएफ के कैंपों में लगातार पहुंच कर उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के जवानों से मुलाकात करते आ रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों से भी मुलाकात कर उनको राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचने के हर संभव प्रयास भी कर रहे हैं। नक्सलियों की नर्सरी के नाम से विख्यात एवं कुख्यात नक्सली हिड़मा के गृह ग्राम पूवर्ती पहुंचने वाले पहले गृहमंत्री विजय शर्मा ही हैं।. पूवर्ती में भी शर्मा जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से चर्चा करते नजर आए थे। इसके आलावा विजय शर्मा के खाते में यह उपलब्धि भी दर्ज है कि वे बीजापुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके में सड़क मार्ग से पहुंचे थे। इससे पहले किसी गृहमंत्री ने ऐसा साहस नहीं दिखाया था।

वाह! वाह, वाह!.. ये रिश्ता क्या कहलाता है

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  • डिप्टी सीएम विजय शर्मा और मेयर संजय पाण्डेय में दिखी गजब की ट्यूनिंग 

अर्जुन झा

जगदलपुर गुरुवार सुबह जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर एक शानदार नजारा देखने को मिला। ऐसा लग रहा था जैसे दो बिछड़े भाई अरसे बाद मिले हैं। एक भाई अपने छोटे भाई को देखते ही बोल उठे- अरे… वाह, वाह-वाह.. फिर दोनों भाई ऐसे गले मिले कि बस पूछो मत।

दरअसल छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री तथा बस्तर जिला के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा आज बुधवार सुबह बस्तर संभाग के दौरे पर आए हैं।जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर यहां के भाजपा नेता अपने चहेते नेता विजय शर्मा का स्वागत करने मौजूद थे। स्थानीय नेताओं की भीड़ के बीच जगदलपुर नगर निगम के महापौर संजय पाण्डेय भी हाथों में गुलदस्ता लिए खड़े थे। डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर आए वे संजय पाण्डेय को देख चहक उठे। उनके मुंह से ये बोल निकल पड़े अरे, वाह! वाह, वाह, फिर क्या था दोनों ऐसे गले मिले कि जैसे बरसों बाद मिले हों। बात दरअसल ये है कि गृहमंत्री विजय शर्मा और मेयर संजय पाण्डेय दोनों युवा जनप्रतिनिधि हैं और दोनों की विचारधारा एवं कार्यशैली एक सरीखी हैं। मानवीय संवेदना से दोनों नेता ओतप्रोत हैं। गलत को गलत और सही को सही कहने वाले ये नेता बेहद जनप्रिय हैं। विजय शर्मा जहां नक्सलवाद के खिलाफ सफल लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं संजय पाण्डेय नगर की समस्याओं के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे हैं। विजय शर्मा और संजय पाण्डेय का आपसी संबंध काफी पुराना है। विजय शर्मा के बस्तर जिला प्रभारी मंत्री बनने के बाद से विजय-संजय का संबंध और भी प्रगाढ़ हो गया है। एयरपोर्ट में दोनों नेताओं का मधुर मिलनदेख हर कोई आल्हादित हो उठा। युवा जोश से लबरेज गृहमंत्री विजय शर्मा से जहां बस्तर संभाग को काफी अपेक्षाएं हैं, वहीं उत्साही एवं घोर धर्मनिष्ठ महापौर संजय पाण्डेय से जगदलपुर के बाशिंदों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। दोनों नेता जन अपेक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रण प्राण से जुटे हुए हैं। ईश्वर इस जोड़ी को हमेशा सलामत और ऊर्जावान बनाए रखे, भरोसा है कि ये बस्तर जरूर विकसित और समृद्ध बनाकर ही दम लेंगे। स्वागत सत्कार के बाद उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा हेलीकॉप्टर से बीजापुर और सुकमा जिला के लिए रवाना हो गए।

ये है शाह और शर्मा का दम!

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए टास्क पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लगातार सफल साबित हो रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने का ऐलान कर रखा है। केंद्रीय गृहमंत्री के ऐलान और संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने पूरी ताकत झोंक रखी है। वे लगातार बस्तर प्रवास पर आते रहते हैं और सर्वाधिक नक्सलग्रस्त जिलों के अंदरूनी गांवों जा पहुंचते हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों का मनोबल बढ़ाने तथा स्थानीय निवासियों का विश्वास जीतने में उन्होंने कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है। यही वजह है कि ग्रामीणों का नक्सलियों से मोहभंग हो चुका है और जोश खरोश से भरपूर सुरक्षा बल के जवान रोजाना बड़ी तादाद में नक्सलियों को मार गिरा रहे हैं। बस्तर संभाग में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि जो नक्सली निरीह ग्रामीणों और सुरक्षा जवानों की लाशें बिछा दिया करते थे आज उन्हीं नक्सलियों की लाशें बिछ रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दी गई पूरी छूट के बाद लगातार नक्सलियों के मारे जाने से अब हालात यह है कि बड़े नक्सली लीडर घुटने पर आ गए हैं। पहले सरकार के शांति वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा चुके नक्सली नेता अब खुद शांति वार्ता की पेशकश करने मजबूर हो गए हैं। इससे जाहिर होता है कि उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दिए टास्क को पूरा करने में लगातार कामयाब हो रहे हैं।

 

दल्ली राजहरा निमार्णाधीन पैलेट प्लांट में हुए हादसे में औरंगाबाद के मजदूर की मौत

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दल्लीराजहरा बीएसपी माइंस के संबंधित जगन्नाथ स्टील द्वारा पैलेट प्लांट का निर्माण कार्य कराया जा रहा है आज दोपहर के समय प्लांट के ऊपरी हिस्से में फेब्रिकेशन का कार्य किया जा रहा था इस दौरान ऊंचाई पर कार्य कर रहा फिसलने के कारण मजदूर गिर गया गिरने से मजदूर को चोट आई जिसे ज्योति अस्पताल चिखलाकसा ले जाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के पश्चात उसे वापस भेजा गया किंतु अंदरूनी चोट होने के कारण वापस ले जाने के दौरान उसकी स्थिति खराब होती देख रास्ते में शहीद अस्पताल में पुनः दिखाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मृतक मजदूर का नाम श्रवण कुमार साहू पिता सत्यनारायण साहू उम्र 42 वर्ष साकिन मांगी थाना नबीनगर जिला औरंगाबाद स्थानीय निवास गेट क्रमांक 1 कोविड सेंटर कोन्डे माइंस रोड।घटना की खबर सुनने के पश्चात कार्य कर रहे श्रमिक एवं एवं माइंस के बाहर धरने पर बैठे मजदूर में आक्रोश उत्पन्न हो गया। तथा प्रबंधन की सुरक्षा एवं सुविधाओं को लेकर नाराजगी व्यक्त करने लगे सूत्रों के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त निर्माणाधीन प्लांट में मजदूरों के साथ भेदभाव किए जाने की शिकायत निरंतर स्थानीय बेरोजगारों द्वारा की जाती रही है कुछ समय से मैनेजमेंट की तानाशाही रवैया को लेकर मजदूर में आक्रोश हैं स्थानीय मजदूरों ने बताया की मैनेजमेंट द्वारा प्लांट निर्माण इस समय प्रोजेक्ट वर्क कहकर 12-12 घंटे कार्य कराया गया है और शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी भी नहीं दी गई और संयंत्र निर्माण पूर्ण होने के समय पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से बाहर के मजदूरों को बुलाकर कार्य कराया जा रहा है। वहीं स्थानीय बेरोजगारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है जिसको लेकर सैकड़ो बेरोजगार युवक माइंस गेट के सामने धरने पर बैठे हुए हैं धरने पर बैठे मजदूर में बताया प्रबंधन द्वारा कुछ दलालों को संयंत्र में कार्य कर रहे मजदूरों को आपस में लड़ाने का भी प्रयास किया जाता है स्थानीय बेरोजगार युवकों की मांग है कि हम सभी ने संयंत्र निर्माण के समय पर 12 -12 घंटे काम किया है। हमें हमारी योग्यता के अनुसार कार्य पर रखा जाए। आउटसोर्सिंग से लाएंगे मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखाया जाए।

नाबालिक बालिका को शादी का प्रलोभन देकर भगा ले जाने वाले आरोपी नरेश साहू को भेजा

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  •   नाबालिक बालिका को शादी का प्रलोभन देकर भगा ले जाने वाले आरोपी नरेश साहू को भेजा  गया जेल
  • डौण्डी लोहारा पुलिस द्वारा जम्मू कश्मीर से अपहृत बालिका को किया बारमद।
  •  थाना डौण्डीलोहारा में धारा 137 (2), जोडने धारा 87, 64 (2) (एम) बीएनएस 4, 6 पाक्सो
  •  एक्ट के तहत अपराध कायम कर की जा रही विवेचना

प्रकरण में  पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद द्वारा टीम गठित कर अपहृत बालिका को बरामद करने का निर्देश दिया गया था जिस पर पुलिस अधीक्षक बालोद एस.आर.भगत के निर्देशन , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद अशोक जोशी, l मोनिका ठाकुर के पर्यवेक्षण में एसडीओपी बालोद देवांश राठौर के दिशा निर्देश पर टीम को आवश्यक दिशा निर्देश देकर जम्मू कश्मीर रवाना किया गया जम्मू कश्मीर में नाबालिक बालिका का पता तलाश कर अपहृत बालिका को आरोपी से बरामद कर वापस सुरक्षित थाना डौण्डीलोहारा लाया गया।

थाना डौण्डीलोहारा उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसकी नाबालिक लड़की जो दिनांक 25.01.25 को परीक्षा दिलाने सुबह 07.00 बजे घर से निकली थी डौण्डीलोहारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अपना पेपर दिलाकर करीबन 10.30 बजे स्कूल से निकलकर अपनी छोटी बहन को पेन देकर मैं बाहर जा रही हूं बोलकर पैदल कहीं चली गई थी जो शाम रात तक वापस नहीं आने पर संदेह हुआ कि इनकी नाबालिक लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा वैध संरक्षण से बहला फुसला कर भगा ले गया है कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 21/25 पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण के अपहृता बालिका एवं आरोपी का पतासाजी हेतु संदेही आरोपी के मोबाईल नंबर का कॉल डिटेल निकाला गया जो लोकेशन जम्मू कश्मीर होने से टीम गठित कर टीम जम्मू कश्मीर रवाना होकर काकू ईटभट्टा जोडिया थाना अखनूर जिला जम्मू (जम्मू कश्मीर) से आरोपी नरेश साहू के कब्जे से दिनांक 29.03.2025 को बरामद कर थाना लाकर पूछताछ कर कथन लिया जिन्होने बताये कि आरोपी नरेश साहू के द्वारा पीड़िता को नाबालिक जानते हुये अपने साथ भगा ले जाकर विवाह कर पत्नि बनाकर दिनांक 27.01.2025 से दिनांक 28.03.2025 तक लगातार जबरदस्ती कई बार शारीरिक संबंध बनाया गया है। कि प्रकरण मे धारा 87, 64 (2) (उ) bns ,4, 6 पाक्सो एक्ट जोडी गई है। प्रकरण सदर मे आरोपी नरेश साहू पिता घनश्याम साहू जाति तेली उम्र 19 साल साकिन अडभार थाना मालखरोदा जिला शक्ती (छ0ग0) के विरूध्द अपराध धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत् गिरफ्तार कर आरोपी का ज्युडिषियल रिमाण्ड लिया जाकर जिला जेल बालोद भेजा गया है। कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह, म.प्र.आर. 989 लिलेष्वरी देवांगन, आर.क्र. 440 धर्मेन्द्र सेन, आर.क्र. 336 विनोद कुमार ,आर.क्र. 75 मिथलेश यादव सायबर सेल बालोद का योगदान रहा।

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