- उठाए गए कर्मचारियों के आर्थिक हित से जुड़े मुद्दे
कोंडागांव छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर 23 फरवरी को भोजन अवकाश के दौरान दोपहर 1.30 बजे कोंडागांव जिला मुख्यालय में जिला संयोजक नीलकंठ शार्दूल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी कर जिला कार्यालय में अपर कलेक्टर कोण्डागांव को मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला कोंडागांव द्वारा अपनी चार सूत्रीय मांगों के संदर्भ में 23 फरवरी को प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी अनुसार केंद्र के समान 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय तिथि से दिए जाने, प्रदेश के कर्मचारियों के लिए जुलाई 2019 से समय- समय पर देय महंगाई भत्ता की लंबित एरियर्स राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में किए जाने, वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दों के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और सातवें वेतनमान के एरियर्स की अंतिम किश्त का शीघ्र भुगतान करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान मोर्चा के जिला संयोजक नीलकंठ शार्दूल, जिला अध्यक्ष निर्मल शार्दुल, शिवराज सिंह ठाकुर, शीतल कोर्राम, संजय सिंह ठाकुर, श्रीनिवास नायडू, कंवलसाय मरकाम, बीएस ठाकुर, जितेंद्र सिंह, वेणुगोपाल राव, हृदय राम मंडावी, हरीश जायसवाल, भूपेंद्र पाणिग्रही, विजय यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
छग कर्मचारी अधिकारी फैडरेशन कोंडागांव ने मंहगाई भत्ता एवं एरियर्स हेतु सौंपा ज्ञापन
विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ सम्मेलन संपन्न
बकावंड विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ वर्चुअल सम्मेलन का आयोजन बस्तर विधानसभा क्षेत्र के बकावंड हाई स्कूल ग्राउंड में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप थे। इस दौरान पूर्व विधायक सुभाऊ कश्यप, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, प्रदेश एसटी मोर्चा कार्यकारणी सदस्य बनवासी मौर्य, जिला महामंत्री वेदप्रकाश पांडे, किसान मोर्चा कार्यकारणी सदस्य जितेंद्र पाणिग्रही, जिला पंचायत सदस्य सरिता पाणिग्रही, पूर्व मंडल अध्यक्ष रोहित त्रिवेदी, मंडल महामंत्री पुरुषोत्तम जोशी, दामोदर बघेल, जिला सहयोग नील कुमार बघेल, मोहन जोशी, सत्यप्रकाश गुप्ता, तरुण पांडे, खगेश्वर कर्मा, जिला युवा मोर्चा महामंत्री ओमप्रकाश गुप्ता, युवा मोर्चा अध्यक्ष विषम ठाकुर, मंडल कोषाध्यक्ष अशोक ठाकुर एवं बड़ी संख्या में वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

दो बाइक सवार के आपस में भिडंत एक बाइक सावर की मौत 2 घायल
दल्लीराजहरा क्षेत्र से 8 किमी दूर ग्राम मुच्चर में कल दिनाक 23.02.24 दिन शुक्रवार को दो बाइक सवार की आपस में जबरदस्त भिडंत होने से एक बाइक सावर की मौत वही टक्कर इतनी भयानक थी की दोनों बाइक आग लगने से बाइक राख हो गयी। आग में जलने से एक बाइक सवार युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई और दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गये जिसे चिखलाकसा अस्पताल में उपचार के बाद जिला अस्पताल बालोद रिफर किया गया। वही प्राप्त जानकारी के अनुसार आग से जलने वाले बाइक सवार मृतक का नाम राम स्वरूप उम्र 25 वर्ष ग्राम अरमागोंदी निवासी की आग से जल जाने से उसकी घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं अन्य घायल तिकेश कुमार पिता हिराऊ राम उम्र 17 वर्ष ग्राम – मुच्चर व मनोज उम्र 30 वर्ष थाना मानपुर ग्राम कोसमी को उपचार हेतु दल्लीराजहरा से सटे हुए शासकीय उप स्वास्थ्य केंद्र चिखलाकसा में भर्ती कराया गया है। बाइक में आपस में टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक की पेट्रोल टंकी फट गई और बाइक में भयानक आग लग गई। । घटना की जानकारी मिलते ही दल्लीराजहरा थाने की दूरी मात्र आठ कि.मी होने के कारण दल्लीराजहरा टी.आई. सुनील तिर्की अपने स्टाफ के साथ मौके पर घटनास्थल पहुंचकर घटना की जांच कर दोनों घायलों युवको को उपचार हेतु दल्लीराजहरा चिखलाकसा अस्पताल पहुंचाया।

पूर्व सांसद प्रतिनिधि स्व. विक्रम धुर्वे की स्मृति में नगर पंचायत चिखलाकसा को टैंकर अपने सांसद निधि से प्रदान किया
आज दिनांक 24-02-2024 को माननीय मोहन मंडावी जी, सांसद कांकेर लोकसभा क्षेत्र के द्वारा पूर्व सांसद प्रतिनिधि स्व. विक्रम धुर्वे की स्मृति में नगर पंचायत चिखलाकसा को 1 नग टैंकर अपने सांसद निधि से प्रदान किया गया जिसके लिए मनीष झा डोंडी मण्डल अध्यक्ष भाजपा, नगर पंचायत चिखलाकसा अध्यक्ष श्रीमती भिखी मसिया, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम, सांसद प्रतिनिधि भरत भाई पटेल , पार्षदगण श्रीमति संगीता साहू, ताराचंद पाथोड़े, श्रीमति शांति रावटे, तिहारु आर्य, श्रीमती कुन्ती देवांगन , श्रीमति सुनीता गुप्ता, श्रीमती लीला डड़सेना, श्रीमति विमला जैन, एवं पूर्व पार्षद , राजू रावटे, विजय डड़सेना, एव श्रीमती लता पाथोड़े ने माननीय सांसद महोदय को सह्रदय से धन्यवाद प्रकट किया गया |

कमीशनबाजी के चक्कर में पिट गए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अग्रवाल
- अवैध कमाई से लालम लाल हो चुके अधिकारी को ठेकेदार ने कर दिया लाल
- मांग पूरी न होने पर अफसर ने की थी काम में अड़ंगेबाजी
अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर संभाग में लोक निर्माण विभाग अधिकारी कमीशन की अवैध कमाई के दम पर लालम लाल हो रहे हैं। कई अधिकारियों ने अकूत अवैध संपत्ति अर्जित कर ली है। उनके गृह नगरों, गांवों और अन्य शहरों में करोड़ों की नामी बेनामी संपत्ति है। अधिकारियों की नाजायज डिमांड से ठेकेदार त्रस्त हो चले हैं। कमीशन इतना ज्यादा मांगा जाता है कि ठेकेदार असहाय हो जाते हैं। लाखों रुपए लगाकर शुरू किए जा चुके सड़क निर्माण कार्य में विभाग के अफसर अड़ंगेबाजी करते हैं। ऐसे में ठेकेदारों का गुस्सा फूट पड़ना लाजिमी है। बस्तर संभाग के कांकेर में विभाग के अधिकारी के साथ हुई घटना को इसी गुस्से की परिणति माना जा रहा है।
बस्तर संभाग के कांकेर जिले में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल के साथ बीते दिनों मारपीट की घटना हुई, जो पूरे संभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस में दर्ज पवन कुमार अग्रवाल की रिपोर्ट के मुताबिक विभाग के ठेकेदार शैलेष शर्मा और कुछ अन्य लोगों ने पवन कुमार अग्रवाल के साथ मारपीट कर दी थी। कांकेर पुलिस ने शैलेष शर्मा और उनके साथियों के खिलाफ धारा 294, 323, 34 और 506 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। हालांकि ऐसी घटना निंदनीय है, लेकिन इस पूरे मामले के पीछे की जो कहानी सामने आई है, वह लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की अवैध तरीके से धन कमाने की लालसा को उजागर कर रही है। जानकार के सूत्र बताते हैं कि पवन कुमार अग्रवाल मूलतः अंबिकापुर निवासी हैं और उनका शुरू से ही विवादों से नाता रहा है। विभाग में कार्य करने वाले अन्य ठेकेदारों से भी उनका कई बार विवाद हो चुका है। सरकार में काबिज दल के नेताओं से मधुर संबंध बनाकर ठेकेदारों पर रौब गांठना, उनसे नाजायज मांग करना, स्वीकृत कार्यों की राशि में से भारी भरकम कमीशन की डिमांड करना उनकी फितरत बन गई है। जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने कांग्रेस से जुड़े एक स्वजातीय नेता से उनके मधुर संबंध जग जाहिर रहे। उस समय भी वे कांकेर में ही पदस्थ थे। चर्चा है कि कांग्रेस शासनकाल में अग्रवाल अपने हितैषी कांग्रेस नेता के दम पर आएदिन विभागीय ठेकेदारों को प्रताड़ित किया करते थे। अब सरकार बदलने के बाद उन्होंने भाजपा के एक स्थानीय नेता को अपना हमदर्द बना लिया है और उनके भरोसे ठेकेदारों पर रौब गालिब करने लगे हैं। उनकी कमीशन की डिमांड काफी बढ़ गई है।. लागत राशि में 30 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जाने लगी है। मांग पूरी न करने वाले वे ठेकेदारों के स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों में तरह तरह के अड़ंगे लगा देते हैं। यहां तक कि गुपचुप तरीके से टेंडर निकाल कर दूसरे ठेकेदार को वही काम सौंप दिया जाता है। अग्रवाल के ऐसे व्यवहार से अब स्थानीय ठेकेदारों के सब्र का बांध टूटने लगा है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक पीडब्ल्यूडी अधिकारी पवन अग्रवाल से कथित तौर पर मारपीट करने वाले ठेकेदार शैलेष शर्मा को केशकाल से बांसकोट अमरावती रोड के 1 से 9 किमी तक के हिस्से का काम मिला हुआ है। यह कार्य 1 करोड़ 84 लाख रुपए का है। बताते हैं कि कार्य शुरू कराने से पहले ही अधिकारी ने ठेकेदार के सामने तीस लाख रुपए की डिमांड रख दी। ठेकेदार ने काम शुरू हो जाने और कुछ भुगतान मिल जाने के बाद ही राशि देने की बात कही, तो अधिकारी आग बबूला हो उठे और काम में अड़ंगेबाजी शुरू कर दी। चूंकि ठेकेदार सड़क के कार्य में काफी रकम लगा चुके थे और अधिकारी ने गुपचुप तरीके से दूसरे व्यक्ति को काम सौंप दिया। इससे मजबूर होकर ठेकेदार शैलेष शर्मा को ऐसा कदम उठाना पड़ा। ठेकेदारों और क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि शासन इस अधिकारी के तमाम कार्यों और उनके द्वारा अर्जित संपत्ति की मामले की जांच कराए और जिले के प्रबुद्ध लोगों से इस मामले में रायशुमारी करे। ठेकेदार भी निर्माण एजेंसी के प्रमुख सहयोगी होते हैं। अतः पूरे घटनाक्रम में गड़बड़ी को केवल कमीशनबाजी ही नहीं माना जा सकता। अधिकारी द्वारा उस ठेकेदार को दी गई मानसिक प्रताड़ना के बाद ही ऐसी घटना घटित हुई होगी। इस मामले में पीआर विभाग के अधिकारी का बयान आना बाकी है।

कोंडागांव के ईई का भी नाम
ठेकेदारों को कांकेर के अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने और ठेकेदारों से बेजा मांग की जाने के मामले में कोंडागांव में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री (ईई) एआर मरकाम का भी नाम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक कांकेर के अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने बिनाका कंस्ट्रक्शन के के प्रोपराइटर शैलेष शर्मा पर राशि देने के लिए कोंडागांव के ईई एआर मरकाम के जरिए भी दबाव बनाया था। इस संबंध में ईई मरकाम ने शैलेष शर्मा से कई बार संपर्क किया और अग्रवाल की बात मान लेने के लिए दबाव बनाया था। इस बीच जानकारी मिली है कि ठेकेदार शैलेष शर्मा भी अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के लिए थाना पहुंच गए। शर्मा ने थाने में आवेदन देकर अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आग्रह पुलिस से किया है। उन्होंने कहा है अधीक्षण अभियंता अग्रवाल ने उन्हें अपने घर पर बुलाकर उनसे दस लाख रू. की मांग की। अपने कर्मचारी को बुलाकर मुझे मां, बहन की गालियां और केशकाल, बांसकोट अमरावती रोड के नवीनीकरण कार्य के मामले में तीस लाख रू.का जुर्माना लगा देने की धमकी दी।
तीन पैनलों के संघर्ष में मलकीत पैनल भारी
कल बस्तर परिवहन संघ का चुनाव है और आज चुनाव के प्रचार-प्रसार का अंतिम दिन है। तीन पैनलों के इस चुनाव में मलकीत सिंह गैदु पैनल का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। इस चुनाव में मलकीत सिंह गैदु, अमर सिंह सियाल व प्रदीप पाठक पैनल के बीच मुकाबला है किंतु अनुभव मलकीत सिंह के पक्षधर हैं और दोनों पक्षों से भारी है। बस्तर परिवहन संघ चुनाव में 2118 मतदाता अपने मताधिकार करेंगे और इसमें लगभग 450 मतदाता बस्तर के बाहर के हैं जोकि मलकीत सिंह गैदु पर विश्वास जता रहे हैं क्योंकि उनके लिए कार्य किया है। बस्तर परिवहन संघ में सिख समुदाय के लोगों का एक तरफा समर्थन मिल रहा है तो अन्य सदस्य भी उन पर आस्था जता रहें हैं। कल सुबह 7बजे से चुनाव प्रक्रिया होगी जो देर शाम तक चलेगी तथा रिजल्ट किसके पक्ष में आएगा वह तो भविष्य के गर्त में हैं लेकिन उनके विरोधी खेमे में वोट की सेंधमारी हो रही है और अमर सिंह व प्रदीप पाठक के वोट आपस में कटने के कारण अभी मलकीत सिंह गैदु पैनल का दावा अन्य पैनलों से भारी है।
कमीशनबाजी के चक्कर में पिट गए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अग्रवाल
- अवैध कमाई से लालम लाल हो चुके अधिकारी को ठेकेदार ने कर दिया लाल
- मांग पूरी न होने पर अफसर ने की थी काम में अड़ंगेबाजी
अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर संभाग में लोक निर्माण विभाग अधिकारी कमीशन की अवैध कमाई के दम पर लालम लाल हो रहे हैं। कई अधिकारियों ने अकूत अवैध संपत्ति अर्जित कर ली है। उनके गृह नगरों, गांवों और अन्य शहरों में करोड़ों की नामी बेनामी संपत्ति है। अधिकारियों की नाजायज डिमांड से ठेकेदार त्रस्त हो चले हैं। कमीशन इतना ज्यादा मांगा जाता है कि ठेकेदार असहाय हो जाते हैं। लाखों रुपए लगाकर शुरू किए जा चुके सड़क निर्माण कार्य में विभाग के अफसर अड़ंगेबाजी करते हैं। ऐसे में ठेकेदारों का गुस्सा फूट पड़ना लाजिमी है। बस्तर संभाग के कांकेर में विभाग के अधिकारी के साथ हुई घटना को इसी गुस्से की परिणति माना जा रहा है।
बस्तर संभाग के कांकेर जिले में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल के साथ बीते दिनों मारपीट की घटना हुई, जो पूरे संभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस में दर्ज पवन कुमार अग्रवाल की रिपोर्ट के मुताबिक विभाग के ठेकेदार शैलेष शर्मा और कुछ अन्य लोगों ने पवन कुमार अग्रवाल के साथ मारपीट कर दी थी। कांकेर पुलिस ने शैलेष शर्मा और उनके साथियों के खिलाफ धारा 294, 323, 34 और 506 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। हालांकि ऐसी घटना निंदनीय है, लेकिन इस पूरे मामले के पीछे की जो कहानी सामने आई है, वह लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की अवैध तरीके से धन कमाने की लालसा को उजागर कर रही है। जानकार के सूत्र बताते हैं कि पवन कुमार अग्रवाल मूलतः अंबिकापुर निवासी हैं और उनका शुरू से ही विवादों से नाता रहा है। विभाग में कार्य करने वाले अन्य ठेकेदारों से भी उनका कई बार विवाद हो चुका है। सरकार में काबिज दल के नेताओं से मधुर संबंध बनाकर ठेकेदारों पर रौब गांठना, उनसे नाजायज मांग करना, स्वीकृत कार्यों की राशि में से भारी भरकम कमीशन की डिमांड करना उनकी फितरत बन गई है। जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने कांग्रेस से जुड़े एक स्वजातीय नेता से उनके मधुर संबंध जग जाहिर रहे। उस समय भी वे कांकेर में ही पदस्थ थे। चर्चा है कि कांग्रेस शासनकाल में श्री अग्रवाल अपने हितैषी कांग्रेस नेता के दम पर आएदिन विभागीय ठेकेदारों को प्रताड़ित किया करते थे। अब सरकार बदलने के बाद उन्होंने भाजपा के एक स्थानीय नेता को अपना हमदर्द बना लिया है और उनके भरोसे ठेकेदारों पर रौब गालिब करने लगे हैं। उनकी कमीशन की डिमांड काफी बढ़ गई है।. लागत राशि में 30 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जाने लगी है। मांग पूरी न करने वाले वे ठेकेदारों के स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों में तरह तरह के अड़ंगे लगा देते हैं। यहां तक कि गुपचुप तरीके से टेंडर निकाल कर दूसरे ठेकेदार को वही काम सौंप दिया जाता है। अग्रवाल के ऐसे व्यवहार से अब स्थानीय ठेकेदारों के सब्र का बांध टूटने लगा है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक पीडब्ल्यूडी अधिकारी पवन अग्रवाल से कथित तौर पर मारपीट करने वाले ठेकेदार शैलेष शर्मा को केशकाल से बांसकोट अमरावती रोड के 1 से 9 किमी तक के हिस्से का काम मिला हुआ है। यह कार्य 1 करोड़ 84 लाख रुपए का है। बताते हैं कि कार्य शुरू कराने से पहले ही अधिकारी ने ठेकेदार के सामने तीस लाख रुपए की डिमांड रख दी। ठेकेदार ने काम शुरू हो जाने और कुछ भुगतान मिल जाने के बाद ही राशि देने की बात कही, तो अधिकारी आग बबूला हो उठे और काम में अड़ंगेबाजी शुरू कर दी। चूंकि ठेकेदार सड़क के कार्य में काफी रकम लगा चुके थे और अधिकारी ने गुपचुप तरीके से दूसरे व्यक्ति को काम सौंप दिया। इससे मजबूर होकर ठेकेदार शैलेष शर्मा को ऐसा कदम उठाना पड़ा। ठेकेदारों और क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि शासन इस अधिकारी के तमाम कार्यों और उनके द्वारा अर्जित संपत्ति की मामले की जांच कराए और जिले के प्रबुद्ध लोगों से इस मामले में रायशुमारी करे। ठेकेदार भी निर्माण एजेंसी के प्रमुख सहयोगी होते हैं। अतः पूरे घटनाक्रम में गड़बड़ी को केवल कमीशनबाजी ही नहीं माना जा सकता। अधिकारी द्वारा उस ठेकेदार को दी गई मानसिक प्रताड़ना के बाद ही ऐसी घटना घटित हुई होगी। इस मामले में पीआर विभाग के अधिकारी का बयान आना बाकी है
शासन विरोधी एवं चुनाव बहिष्कार वाले पांपलेट, पर्चा के साथ 4 मिलिशिया सदस्य गिरफ्तार
- नक्सलियों के लिए आरोपी करते थे लेव्ही वसूली भी
- राशन का भी इंतजाम करते रहे हैं माओवादियों के लिए
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पुलिस ने नक्सलियों के लिए काम करने वाले चार मिलिशिया सदस्यों पकड़ा है। कहा जा रहा है कि ये लोग नक्सलियों के लिए लेव्ही वसूली व राशन पानी का इंतजाम करने, शासन विरोधी एवं चुनाव बहिष्कार के आह्वान संबंधी पंप्लेट पर्चे चस्पा करने का काम करते थे।
बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत 23 फरवरी 24 को थाना कुटरू एवं डीआरजी की टीम पोनड़वाया, केतुलनार की ओर सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान दल को पोनड़वाया पहाड़ी के वाटर पॉइंट के पास नक्सलियों का जमावड़ा लगे होने की सूचना मिली। डीआरजी के दल द्वारा वहां दबिश दी गई। स्थल की घेराबंदी कर चार संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। चारों लोग नक्सली संगठन के मिलिशिया सदस्य बताए गए हैं। उनके नाम जयसिंग मुडामी, फागूराम पोयाम, गोविंद वट्टी और गुट्टा उद्दे हैं। पकड़े गए मिलिशिया सदस्यों के कब्जे से प्रतिबंधित नक्सल संगठन के शासन विरोधी और चुनाव बहिष्कार के पर्चे, पांपलेट, पटाखे, बैटरी आदि बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक ये लोग नक्सल संगठन में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे थे। वे पूर्व में भी शासन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे। शासन विरोधी पर्चा पम्पलेट लगाने, नक्सलियों के लिए लेव्ही वसूली, मीटिंग के लिए ग्रामीणों को एकत्रित करने, नक्सलियों के लिए राशन इकठ्ठा करने जैसे कार्यों में ये मिलिशिया सदस्य सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पकड़े गये मिलिशया सदस्यों के खिलाफ छग विशेष जनसुरक्षा अधिनियम 2005 की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध कायम कर एवं वैधानिक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय बीजापुर में पेश किया गया।
शाला भवनों की रंगाई पोताई की आड़ में करतूत पर लीपापोती
- जैबेल शैक्षणिक संकुल में अनुदान राशि की जमकर अफरा तफरी का मामला
- मामला उजागर होने के बाद स्कूलों का रंग रोगन शुरू
-अर्जुन झा-
बकावंड सीआरसी अनुदान और शाला अनुदान की राशि की अफरा तफरी का मामला उजागर किए जाने के बाद जैबेल संकुल केंद्र में शालाओं की नए सिरे से रंगाई पोताई कराकर संकुल समन्वयक ने अपनी करतूत पर लीपापोती शुरू दी है।
बस्तर जिले के बकावंड ब्लाक के संकुल केंद्र जैबेल में शिक्षा विभाग से मिली सीआरसी ग्रांट और शाला अनुदान राशि की संकुल समन्वयक द्वारा जमकर गड़बड़ी की गई है। विभिन्न चुनावों के दौरान गांवों में ज्यादातर मतदान केंद्र शालाओं में ही बनाए जाते हैं।प्रशासन द्वारा मतदान के पूर्व शाला भवनों की साफ सफाई और रंग रोगन कराया जाता है, ताकि मतदान कर्मियों को साफ सुथरा और तनाव रहित माहौल मिल सके। हालिया निपटे छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनावों के दौरान भी जैबेल संकुल के अनेक शाला भवनों की साफ सफाई और रंग रोगन कराया गया था। जिला प्रशासन द्वारा कराया गया यह काम जैबेल के संकुल समन्वयक के लिए कमाई का जरिया बन गया। संकुल समन्वयक ने शालाओं की चुनाव के दौरान की रंगाई पोताई को सीआरसी ग्रांट और शाला अनुदान मद से किया जाना दर्शाकर हजारों रुपए हजम कर लिए। इस संवाददाता ने प्रमुखता से उजागर किया था। रंगाई पोताई की आड़ में खेल करने के अलावा संकुल समन्वयक अरुण पाण्डेय ने स्कूलों में खेल सामग्री, घड़ियां व अन्य सामान प्रदान करने में भी बड़ी कमाई की है। बताते हैं कि इन सामग्रियों की रकम की वसूली स्कूलों से की गई थी। जांच में यह मामला सही पाए जाने पर उन्हें बीआरसी पद से हटा दिया गया था। तब की कांग्रेस सरकार में बैठे रसूखदार जनप्रतिनिधियों के दम पर वे पुनः बकावंड ब्लॉक में वापस नियुक्त हो गए। वापसी के बाद वे आज भी सुर्खियों में बने रहते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी उनके खिलाफ शिकायतों को आश्चर्य जनक ढंग से नजरअंदाज करते आए हैं। चर्चा है कि संकुल समन्वयक अपनी अवैध कमाई का हिस्सा अधिकारियों तक भी पहुंचाते हैं। इसीलिए शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। कई स्कूलों में अनुदान राशि जारी होने के बाद भी रंगाई पोताई कार्य नहीं हुआ है। इस विषय को लेकर पहले विपक्ष में रहे भाजपा के जनप्रतिनिधि सवाल उठते रहे हैं। वहीं अब संकुल समन्वयक ने शालाओं की रंगाई पोताई का काम शुरू करा दिया है। चर्चा है कि ऐसा करके वे अपने किए की लीपापोती कर रहे हैं। इधर बकावंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने भी हमारी खबर पर संज्ञान लेते हुए ब्लॉक के सभी संकुल समन्वयकों को आदेश जारी कर कहा है कि सीआरसी ग्रांट और शाला अनुदान मद की राशि का उपयोग वास्तविक कार्यों में और समय पर करें तथा विकासखंड शिक्षा कार्यालय को इस बाबत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
यूनियन और ठेका श्रमिकों का संघर्ष रंग लाया, खदान ठेका श्रमिकों को मिला चिकित्सा सुविधा का लाभ
दल्लीराजहरा खदानों में कार्यरत ठेका श्रमिकों को परिवार सहित चिकित्सा सुविधा देने की मांग पर लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष का सुखद परिणाम आ ही गया प्रबंधन ने 22 फरवरी को ठेका श्रमिकों को परिवार सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का ऐलान कर ही दिया। जिससे तमाम खदान ठेका श्रमिकों में हर्ष का माहौल है। उल्लेखनीय है कि बिगत जनवरी 2023 में हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज सीटू एवं छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के संयुक्त नेतृत्व में खदान के ठेका श्रमिकों ने माइंस भत्ता, नाइट शिफ्ट एलाउंस, और चिकित्सा सुविधा के लिए एकदिवसीय सफल हड़ताल की थी जिसमें खदान का पूरा उत्पादन लगभग ठप हो गया था । इसी हड़ताल के दौरान यूनियन और प्रबंधन के मध्य हुए समझौते में ठेका श्रमिकों को माइंस भत्ता, नाइट शिफ्ट एलाउंस के साथ ही चिकित्सा सुविधा का लाभ दिए जाने पर सहमति बनी थी। माइंस अलाउंस ₹100 प्रतिदिन एवं नाइट शिफ्ट एलाउंस ₹90 प्रतिदिन दिए जाने की कार्रवाई तो अगस्त 2023 में पूर्ण कर ली गई थी। लेकिन चिकित्सा सुविधा दिए जाने के मामले में प्रबंधन के ढीले रवैया से नाखुश खदान ठेका श्रमिकों ने पुनः जुलाई 2023 में एक सफल हड़ताल की, इसके बाद से इस दिशा में प्रबंधन द्वारा 6 माह तक कार्य करते हुए चिकित्सा सुविधा देने की प्रक्रिया तय की गई,। इस बीच प्रबंधन और यूनियन के मध्य इस सुविधा को देने में आने वाली तमाम परेशानियों पर कई बार बैठकर चर्चा की गई तथा संभावित परेशानियों का निराकरण करते हुए यह तय किया गया की खदान के ठेका श्रमिकों को उनके ठेकेदार के माध्यम से दल्ली राजहरा के शहीद अस्पताल एवं ज्योति अस्पताल में परिवार सहित बाह्य रोगी चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसका पूरा खर्च प्रबंधन द्वारा वहन किया जाएगा । प्रक्रिया तय होने के बाद 22 फरवरी 2024 को मुख्य महाप्रबंधक खदान के कांफ्रेंस हॉल में सभी यूनियनों एवं ठेकेदारों की उपस्थिति में प्रबंधन ने खदान ठेका श्रमिकों को परिवार सहित चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने का ऐलान किया । तथा साथ ही कुछ ठेका श्रमिकों को मेडिकल ओपीडी बुक प्रदान कर इस सुविधा का शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक खदान आर बी गहरवार, सहायक महाप्रबंधक कार्मिक एम डी रेड्डी, यूनियन प्रतिनिधि पुरुषोत्तम सीमैया, प्रकाश सिह छत्रीय, राजेंद्र बेहरा, सोमनाथ उइके, राजाराम बरगढ, रामचरण नेताम ,लखन लाल चौधरी, अनिल यादव, तिलक राम मानकर, मुस्ताक अहमद, अभय सिंह एवं शहीद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ शैवाल जाना, ज्योति हॉस्पिटल के इंचार्ज.डॉक्टर अशोक कुमार ठाकुर उपस्थित थे l
खदान ठेका श्रमिकों के ऐतिहासिक संघर्ष पर मिली इस चिकित्सा सुविधा के लिए ठेका श्रमिकों ने हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ सहित तमाम सहयोग करने वाले संगठनों एवं प्रबंधन को धन्यवाद ज्ञापित किया।


