जगदलपुर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन की तैयारियों को लेकर महापौर सफीरा साहू की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। यह आयोजन नगर के वार्डों में 26 से 28 जुलाई तक होगा। बैठक में निगम अध्यक्ष कविता साहू, एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, उदयनाथ जेंम्स,राजेश राय, सुषमा कश्यप, सुशीला बघेल, पार्षद सुनीता सिंह, ललिता राव, श्वेता बघेल, सूर्या पाणी, कमलेश पाठक, लता निषाद व राजीव युवा मितान के जिला समन्वयक सुशील मौर्य, राजीव युवा मितान क्लब के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महापौर श्रीमती साहू ने बताया कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक आयोजन किया जाना निर्धारित है ,जिसमें 26 जुलाई से 28 जुलाई तक वार्ड स्तरीय खेलों का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात जोन स्तरीय राष्ट्रीय खेल का आयोजन होगा। इस वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 16 प्रकार के खेलों को शामिल किया गया है। 0 से 18 वर्ष,18 वर्ष से 40 वर्ष व 40 वर्ष से अधिक की आयु के लोगों के लिए 3 वर्गों में खेलों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप स्थानीय प्रतिभाओं को सामने लाने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में अधिक से अधिक वार्ड के लोग शामिल हों इस पर राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य अपने-अपने वार्डो में व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करें। निगम अध्यक्ष कविता साहू ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के संबंध में राजीव युवा मितान के पदाधिकारियों को जानकारी देकर वार्ड स्तर पर खेल भावनाओं के साथ खेल कराने की बात कही। राजीव युवा मितान क्लब के जिला समन्वयक सुशील मौर्य ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के संबंध में अपनी बात रखी। इस दौरान जिला खेल अधिकारी राजेंद्र डेकाटे, राजस्व अधिकारी मीनाक्षी नाग, राजस्व विभाग के विनय श्रीवास्तव, रणधीर सिंह ठाकुर, नलिन शुक्ला व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
एक अदद मकान का मोहताज है गरीब नेताम परिवार : चांद
- नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, बरसते पानी में भीगते रहना पड़ रहा है परिवार को
जगदलपुर जनता कांग्रेस जे के जिला अध्यक्ष एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद ने कहा है कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना का दम घुट चुका है। गरीब के आशियाने के सपने टूट चुके हैं। जगदलपुर के मदन मोहन मालवीय वार्ड में निवासरत नेताम परिवार एक अदद मकान का मोहताज है। यह परिवार बारिश में स्थायी छत के अभाव में जीने को मजबूर है। पानी से चूल्हा भीग जाने से भोजन बनाने का संकट तो है ही, छत का सहारा बनी प्लास्टिक झिल्ली के फट जाने से परिवार के सामने भीगते रहने की स्थिति निर्मित हो गई है। चांद ने कहा है कि यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्थानीय जगदलपुर विधायक के लिए शर्म की बात है। गरीब परिवार की इस दुर्दशा पर नगर निगम सरकार और विपक्षी दल भाजपा को भी शर्म आनी चाहिए, लेकिन लगता है किसी के पास शर्म नाम की चीज ही बची नहीं है। नवनीत चांद ने बताया कि उन्होंने और उनके साथियों ने नेताम परिवार की मदद करते हुए उनके लिए भोजन एवं दवा की व्यवस्था की है।
संयुक्त शिक्षक महासंघ का मौन सत्याग्रह, सीएम ने जगाई आशा
- मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने की चर्चा
रायपुर/ जगदलपुर छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक महासंघ ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को रायपुर में मौन प्रदर्शन किया। इसके बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने मांगों पर उचित पहल करने का भरोसा दिलाया। संयुक्त शिक्षक महासंघ के प्रदेश संचालक शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू व छत्तीसगढ़ शिक्षक महासंघ के प्रांताध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी ने बताया कि राज्य के शिक्षक एलबी संवर्ग की चार सूत्रीय मांगों सहायक शिक्षक एलबी की वेतन विसंगति दूर करने, पुरानी पेंशन का लाभ प्रथम नियुक्ति तिथि से प्रदान करने, पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का पालन करने, स्थानांतरित शिक्षकों को सेवा का लाभ प्रथम नियुक्ति तिथि से प्रदान करने आदि को लेकर 24 जुलाई को मौन सत्याग्रह तूता नवा रायपुर में किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से महासंघ के 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मिलकर मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा की छत्तीसगढ़ सरकार सदैव कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती रही है और आगे भी कर्मचारी हितों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। डीए व एचआरए प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री का आभार माला पहनाकर किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर चर्चा करने वाले प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से शंकर साहू प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन, राजनारायण द्विवेदी प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शिक्षक महासंघ, संजय मेहर व नरेंद्र कुमार देवदास कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, रेखराज साहू,अनिल रामटेके, प्रदेश संरक्षक प्रेमचंद सोनवानी, प्रदेश उपाध्यक्ष, तेजराम कामड़िया प्रदेश कोषाध्यक्ष, भूपेंद्र साहू प्रदेश महासचिव, मितेंद्र बघेल प्रदेश संयुक्त महामंत्री, मुंगेली जिलाध्यक्ष राजकुमार धृतलहरे, संभाग प्रभारी रोहित डिंडोरे, महामंत्री खुमेश्वर सोनवानी, जिला सचिव मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी मक्खन साहू, जिला उपाध्यक्ष रमेश कुमार मंडावी, जिला महासचिव राजेश निषाद, ललित कुमार सिन्हा, मुंगेली जिला सचिव अजय सोनले, कोषाध्यक्ष जीत कुमार दिवाकर, ब्लाक अध्यक्ष प्रफुल्ल कश्यप, अमित गेंदले, शेखर आनंद, वृषभ दिवाकर , फलित लहरे आदि शामिल थे। यह जानकारी शंकर साहू प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन ने दी।
भाजपा की चुनाव समिति में बस्तर को मिली अहमियत
जगदलपुर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव द्वारा विधानसभा चुनाव 2023 के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। बस्तर जिले के भी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इन समितियों में स्थान दिया गया है। वित्त समिति में बस्तर के श्रीनिवास राव मद्दी को सदस्य बनाया गया है।विधिक विभाग समिति सदस्य सुधीर पांडे, कंट्रोल रूम, विमान एवं हेलीकॉप्टर व्यवस्था समिति संयोजक सुभाष राव, अन्य राज्यों से आने वाले कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए गठित समन्वय समिति में सदस्य संग्राम सिंह राणा बस्तर संभाग, वाहन व्यवस्था समिति सदस्य शैलेंद्र सिंह भदौरिया, सांस्कृतिक दल प्रचार समिति सदस्य जयराम दास मानिकपुरी बस्तर संभाग, इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया समिति सदस्य हेमंत पाणिग्रही, सोशल मीडिया समिति सदस्य तेजपाल शर्मा एवं दीपिका सोरी नियुक्त किए गए हैं।
तहसील साहू संघ मां कर्मा महिला प्रकोष्ठ के द्वारा हरेली – सावन महोत्सव का आयोजन
दल्लीराजहरा स्थानीय साहू सदन में रविवार को किया गया. मां कर्मा एवं राजकीय गीत अरपा पैरी के धार महानदी है अपार के गीत से शुभारंभ किया गया। स्वागत भाषण प्रकोष्ठ अध्यक्ष दामिनी साहू ने दिया। उन्होंने कही हरेली के तिहार हम छत्तीसगढ़ राज्य के पहली तिहार है. इस तिहार में हम सब कृषि औजारों की पुजा करते हैं.।सुख समृद्धि की कामना करते है. एक दूसरे को बधाई देते है इस प्रकार के आयोजन से एक दूसरे से मिलने एवं संस्कृति से अवगत होते हैं। अंजू साहू ने सावन महोत्सव एवं भगवान शिव-पार्वती की महिम के विषय में विचार दी विभिन्न प्रकार के खेलकूद का आयोजन किया गया। मटका दौड़ प्रथम लिलेश्वरी साहू, दूसरा भामिनी साहू, तीसरा खिलेश्वरी साहू, गेडी दौड़ प्रथम निर्मला, दूसरा केजा, तीसरा जुगमत. गीत की प्रस्तुत लिलेश्वरी साहू, सत्या साहू,चम्पा साहू,शिवबती साहू, चम्पा देवी साहू, राजेश्वरी,उषा ,लेखा,लता, प्रतिभा, रोशनी, का मनी, स्वाती, वीणा साहू, कृतिका, ने गीत प्रस्तुत किया।

रेलवे कालोनी, भगोली पारा, कोल्ड पावर हाऊस की बालिकाओं के द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया. सभी परिक्षेत्र से समूह नृत्य की प्रस्तुत दी गयी. सावन झूला का आनंद सभी लोगों ने लिया. मंच संचालन विमला साहू एवं गायत्री साहू ने किया.आयोजन में उपाध्यक्ष संगीता साहू, सदन अधीक्षक राधा साहू,परिक्षेत्रीय अध्यक्षगण कुन्ती साहू, रेवती साहू, पूर्णिमा साहू, कुन्ती साहू रेलवे कालौनी, द्रौपदी साहू, भूमिका, लोचन, पुष्पा, अनुसुइया, रामेश्वी, ललिता, अनिता, कल्याणी, शिव कुमारी, खिलेश्वरी, रेवती, मीना, त्रिवेणी, शिवबती,रेणुका, तुमेश्वरी, वीणा, सुषमा,मंजू आशा,भोजेश्वरी, यानेश्वरी, हेमलता, किरण, खेमीन, तरुणा, सावित्री, माया, भुनेश्वरी, निर्मला, सरिता, मान, कमलेश्वरवरी, रंजना ,धान, हेमपुष्पा, सोहद्रा, भुनेश्वरी, शीला, मेनका, कांती, रुचि, वेणु, कस्तुरी, मेनका, छाया, चमेली, सुमन, यानी, बसंती, तन्नू, दुरपयोग, प्रेम लता, यमुना, राम, अंजली, महेश्वरी, कलेन्द्री, वर्षा, हिमांशी, कविता, गीता, डिलेवरी, गीतांजली, दुर्गश्वरी, राधिका, साधना समाज की महिलाएं उपस्थित थी।

माहरा, महरा जाति को अब जल्द मिलेगा अनुसूचित जाति का दर्जा
- समाज के लोगों में खुशी की लहर, केंद्र सरकार का जताया आभार
जगदलपुर माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किए जाने से इस समुदाय के लोगों में खुशी छा गई है। माहरा, महरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंटकर मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया। माहरा, महरा समाज के लोगों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके प्रति आभार जताया। ज्ञात हो कि मात्रात्मक त्रुटि के कारण माहरा, महरा समाज के लोग संवैधानिक अधिकारों से वर्षों से वंचित होते आ रहे थे। केंद्र सरकार ने महरा एवं माहरा जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने का निर्णय लेकर महरा एवं माहरा जाति की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है।इसके लिए केंद्र सरकार इस मानसून सत्र मे लोकसभा सत्र में बिल ला रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा है कि मैं छतीसगढ़ के महरा एवं माहरा समाज के लोगों से मिला।1992 में हुई एक मात्रात्मक त्रुटि के कारण प्रदेश के महरा एवं माहरा समाज के लोगों को वर्षों अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रहना पड़ा। मोदी सरकार ने इस जाति के लोगों को अब अनुसूचित जाति में सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया है।लंबे संघर्ष के बाद मिलने जा रहे लाभ से हर्षित महरा एवं माहरा समाज छतीसगढ़ प्रदेश संगठन के प्रत्येक जिलों के महरा माहरा संगठन प्रमुखों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडये, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पूर्व विधायक सुभाऊ कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व मंत्री केदार कश्यप, पूर्व विधायक संतोष बाफना, कमलचंद भंजदेव, बैदूराम कश्यप रुपसिंग मंडावी के प्रति इस हेतु अथक प्रयास के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने गए प्रतिनिधि मंडल में बस्तर संभाग से सर्व महरा माहरा समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष सोनाराम बघेल, संभाग अध्यक्ष विनय सोना, माहरा समाज युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष डीकेश कुमार नाग, भारत चालकी, बाबुल नाग, राजू बघेल, राजेंद्र नागेश, गणेश नागवंशी, गोपाल नाग, प्रेम चालकी, बलराम बेसरा आदि शामिल थे।
सांसद दीपक बैज ने की थी सार्थक पहल
माहरा, महरा जाति के लोगों को अनुसूचित जाति जनजाति की सूची में शामिल कराने के लिए बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कड़ी मेहनत और सार्थक पहल की थी। बस्तर संभाग में माहरा, महरा जाति लोगों की अच्छी खासी आबादी निवासरत है। इस समुदाय के लोग खुद को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए लंबे समय से जद्दोजहद करते आ रहे थे। समाज के वरिष्ठजन इस मुद्दे को लेकर सांसद दीपक बैज से लगातार संपर्क में रहे। उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सांसद श्री बैज ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर उन्हें समाज की मंशा से उन्हें अवगत कराया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजा था। इसके बाद सांसद दीपक बैज दो तीन बार अपने साथ इस समुदाय के प्रतिनिधियों को दिल्ली भी ले गए थे। इन प्रतिनिधियों के साथ श्री बैज ने अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, अजा अजजा आयोग अध्यक्ष तथा अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर माहरा महरा जाति को अजा अजजा का दर्जा दिलाने का आग्रह किया था। इसलिए इस बड़ी उपलब्धि में बैज की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
केंद्र की मोदी सरकार ने माहरा, महरा जाति को दिया बड़ा उपहार
- बस्तरिया बाबू ने सरकार की पहल को बताया ऐतिहासिक कदम
जगदलपुर माहरा समाज युवा प्रभाग के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं भाजपा के युवा नेता गणेश नागवंशी बस्तरिया बाबू ने माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के केंद्र सरकार के फैसले को समाज के लिए बड़ा उपहार और ऐतिहासिक कदम निरुपित किया है। बस्तरिया बाबू ने कहा है कि माहरा समाज के लोग सन 1992 से आरक्षण के लाभ से वंचित रहे। इस कारण समाज के लोग शिक्षा, रोजगार में पीछे रह गए थे, आर्थिक व शिक्षित रूप से मजबूत स्थिति में नहीं आ पाए। अब माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति की श्रेणी में लाकर उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इससे समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति के लिए उपलब्ध सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। वर्षों चले संघर्ष अब जाकर फलीभूत हुआ है। माहरा समाज के हर युवा वर्ग को उच्च शिक्षा में मिलने वाली सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्कूल कॉलेज में छात्रवृत्ति एवं प्रवेश परीक्षाओं में प्राथमिकता मिलेगी। हाई स्कूल में पढ़ने वाले समाज की बेटियों को पूर्व में सरस्वती सायकल योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। इससे माहरा समाज की छात्राओं में निराशा का भाव था। आवागमन का साधन न रहने से कईं छात्राएं स्कूल जाना छोड़ देती थीं। ऐसी छत्राओं को आरक्षण व सरस्वती सायकल योजना का लाभ मिलने से उनकी शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। बस्तर संभाग व प्रदेश के अन्य भागों में निवासरत माहरा महरा समाज के लोगों को शासन की सभी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। गणेश नागवंशी ने इस हेतु संघर्ष करते रहे माहरा समाज के सभी वरिष्ठजनों, युवाओं, बस्तर संभाग के सभी भाजपा नेताओं तथा केंद्र की मोदी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
बंद पर सर्व आदिवासी समाज की एकजुटता अच्छा कदम : लखमा
- नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ भी आगे आएं युवा
जगदलपुर बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने मणिपुर की घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज द्वारा किए गए बस्तर संभाग बंद का समर्थन करते हुए कहा कि अब युवाओं को नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ भी आवाज बुलंद करने आगे आना होगा। लखमा ने कहा कि मणिपुर की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। मणिपुर जल रहा है और केंद्र सरकार लोगों की सुरक्षा तथा राज्य में शांति बहाली के लिए कुछ नहीं कर रही है। प्रधानमंत्री विदेश दौरे में व्यस्त हैं और मणिपुर घटना की को राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ से जोड़ रहे हैं। एक तो वे लंबे समय तक मौन रहे और जब बोले तो उसमें कांग्रेस शासित प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान का नाम लिया। बस्तर के आदिवासी युवाओं ने मणिपुर की घटना को लेकर पूरे संभाग को बंद कराया, वह सराहनीय प्रयास है। इसी तरह से आदिवासी समाज के युवाओं को आगे आकर जनहित के मुद्दों पर अपनी ताकत दिखानी चाहिए। नगरनार स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले क्षेत्र के लोग इस बात से परेशान हैं कि एनएमडीसी द्वारा स्थापित स्टील प्लांट को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निजी उद्योगपति को दे रहे हैं। जबकि राज्य सरकार ने विधानसभा में संकल्प पारित कर इसका विरोध किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूरा कांग्रेस संगठन निजीकरण के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि स्टील प्लांट को निजी हाथों में देने के बजाय राज्य सरकार को दे दें। प्रदेश सरकार इसे चला लेगी, लेकिन इस पर भी प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से कोई जवाब नहीं आया। इस मसले पर भी सर्व आदिवासी समाज को लोगों के हित को देखते हुए आंदोलन छेड़ना चाहिए। कवासी लखमा ने कहा कि बीजेपी हमेशा अपने फायदा का ही सोचती है। मणिपुर में जिस तरह हिंसक घटनाएं हुईं, उसे समय रहते नियंत्रण में नहीं लिया गया। इसके लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार और बीजेपी जिम्मेदार है। हमारे नेता राहुल गांधी मणिपुर गए थे, जहां उन्हें रोक दिया गया। वे पीड़ितों से मिलकर उनका दुख दर्द बांटना चाहते थे। कांग्रेस हमेशा से ही न केवल आदिवासी बल्कि हर वर्ग की उन्नति के लिए लगातार काम करती आ रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सर्व आदिवासी समाज ने पूरे बस्तर संभाग बंद को लेकर जिस तरह से एकजुटता दिखाई वह अच्छी पहल है। संभाग के सभी जिलों और विशेषकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जनता तथा व्यापारी वर्ग ने बंद का नैतिक समर्थन किया। आगे नगरनार स्टील प्लांट मसले पर भी सर्व आदिवासी समाज को मेरा समर्थन रहेगा क्योंकि स्टील प्लांट के लिए लोगों ने एनएमडीसी को जमीन दी थी। लोगों की मंशा है कि स्टील प्लांट को एनएमडीसी ही चलाए। कोई भी नहीं चाहता कि स्टील प्लांट निजी हाथों में जाए।
मणिपुर हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए पीसीसी चीफ बैज
- नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया’ लिखा पोस्टर लेकर शामिल हुए सांसद दीपक बैज
जगदलपुर मणिपुर में जारी हिंसा के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। श्री बैज अपने हाथों में ‘नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया’ लिखा पोस्टर लेकर खड़े नजर आए। मणिपुर में जारी हिंसक घटनाओं और महिलाओं के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर समूचा विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। लोकसभा और राजयसभा के भीतर तो केंद्र सरकार को घेरा ही जा रहा है, बाहर भी विपक्ष ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर 24 जुलाई को संसद परिसर में गांधीजी की मूर्ति के समक्ष कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व सांसद दीपक बैज, कोरापुट के सांसद सप्तगिरि शंकर उल्का सहित अन्य सांसद मौजूद थे। कांग्रेस और विपक्ष के हर आंदोलन व प्रदर्शन में हमेशा बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाने वाले सांसद दीपक बैज आज के प्रदर्शन में नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया लिखा पोस्टर लेकर पहुंचे थे। ज्यादातर सांसदों के हाथों में जो पोस्टर थे, उनमें ‘इंडिया’ शब्द जरूर लिखा था। इंडिया विपक्षी गठबंधन का नया नाम है। किसी सांसद ने इंडिया फार मणिपुर, किसी ने इंडिया वांट्स डिस्कशन ऑन मणिपुर वायलेंस, तो किसी सांसद ने इंडिया डिमांड पीएम स्टेटमेंट ऑन मणिपुर इन पार्लियामेंट तथा सेव मणिपुर लिखा पोस्टर ले रखा था। प्रदर्शन के दौरान दीपक बैज ने मणिपुर की हिंसा के मामले में केंद्र सरकार की विफलता को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज से इस संवाददाता ने फोन पर चर्चा की। बैज ने कहा कि भाजपा शासित मणिपुर राज्य हिंसा की आग में जल रहा है और प्रधानमंत्री कुछ बोलने को भी तैयार नहीं हैं। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री सदन में हिंसा पर अपनी बात रखें। बैज ने कहा कि केंद्र और मणिपुर की भाजपा सरकारें हिंसा रोकने में असफल साबित हुई हैं। उपद्रवियों ने महिलाओं को निर्वस्त्र कर उनसे मारपीट की। इस शर्मनाक घटना पर भी प्रधानमंत्री की चुप्पी और भी शर्मनाक है।
कांग्रेस की बैठक में चुनावी तैयारी पर किया गया गहन मंथन
- कार्यकारिणी सदस्यों से प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने की भेंट
रायपुर/ जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को राजीव भवन में हुई। बैठक में पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया तथा चुनावी रणनीति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, मंत्री मोहन मरकाम, कवासी लखमा, प्रदेश सह प्रभारी चंदन यादव, सप्तगिरि शंकर उलका, विजय जागिड़ मौजूद थे।बैठक में जिला व अध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्षों एवं संगठन की विभिन्न विगों के प्रदेश अध्यक्षों को भी बुलाया गया था। कहा जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद दीपक बैज ने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों से मुलाकात के लिए यह बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें संगठन की तमाम गतिविधियों पर भी विस्तृत चर्चा व समीक्षा हुई।जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा व प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश पदाधिकारियों से चुनावी रणनीति पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली। विधानसभा चुनाव में पदाधिकारियों के साथ काम करने के तरीके के बारे में भी चर्चा हुई। राजीव भवन में जिलाध्यक्षो और मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण भी प्रस्तावित है।


