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मुर्दों के हक में भी डाका डालने से बाज नहीं आ रहे हैं भ्रष्टाचारी

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  • मुक्तिधाम के शेड निर्माण में खेल कर रहे हैं सरपंच और सचिव
  • फरसीगाव में 2 लाख की लागत से बनाया जा रहा है मुक्तिधाम का शेड

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत फरसीगाव के ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर मुक्तिधाम के शेड निर्माण की राशि की अफरा तफरी करने का आरोप लगाया है। यहां पदस्थ पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा के पास दो ग्राम पंचायतों का प्रभार है और दोनों ही पंचायतों में वह इसी तरह के घटिया कार्यों को अंजाम देता आ रहे हैं। ग्राम पंचायत फरसीगांव के श्मशान घाट में शव जलाने के लिए बनाए जा रहे शेड का कार्य एक वर्ष से अधूरा पड़ा है। इस संबंध में पूछे जाने पर सरपंच ने कोई जवाब नहीं दिया। बताया गया है कि श्मशान घाट में शेड बनाने के लिए जो कॉलम खड़े किए गए हैं, उनमें घटिया स्तर के लोहे की छड़ों का उपयोग किया गया है। शेड निर्माण के लिए दो लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं, मगर महज छह सात कॉलम खड़े कर शेष काम रोक दिया गया है। नींव भी मजबूत नहीं बनाई गई है। फ्लोरिंग नहीं कराई गई है न ही छत बनाई गई है। सालभर से यह ढांचा यूं ही खड़ा है और लगातार जर्जर होता जा रहा है। शवों की अंत्येष्टि करने हेतु पहुंचने वाले लोगों के बैठने के लिए प्लेटफार्म बनाया ही नहीं जा रहा है। ढांचा खड़े करने में बमुश्किल 25 – 30 हजार रुपए ही खर्च हुए होंगे और शेष राशि की बंदरबांट कर ली गई है। बारिश के इस मौसम में शवों के अंतिम संस्कार में ग्रामीणों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बरसते पानी में शवों का दाह संस्कार ढंग से हो नहीं पाता। शेड के अधूरे निर्माण और किए गए भ्रष्टाचार से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अपनी करतूत को छुपाने के लिए सरपंच और सचिव ने निर्माण स्थल पर सूचना पटल भी नहीं लगवाया है। ग्रामीणों ने मुर्दों के हक में डाका डालने वाले सरपंच एवं सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने तथा शेड का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी से की है। वहीं सीईओ मंडावी ने कहा है कि शेड का काम उनके कार्यकाल में स्वीकृत नहीं हुआ है, फिर भी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।

वर्सन

जल्द करेंगे कार्य का निरीक्षण

फरसीगांव के मुक्तिधाम में शेड निर्माण में गड़बड़ी की जांच और स्थल निरीक्षण जल्द किया जाएगा। अनियमितता पाई गई, तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

सफाई कर्मियों को दिए रैनकोट

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जगदलपुर नगर निगम कार्यालय में सोमवार को महापौर सफीरा साहू ने स्वच्छता विभाग के प्लेसमेंट सफाई कर्मचारियों को किया। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त केएस पैकरा, स्वच्छता विभाग के सभापति विक्रम सिंह डांगी, पीडब्ल्यूडी के सभापति यशवर्धन राव, पीएचई विभाग के सभापति उदयनाथ जेम्स, नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे, पार्षद ललिता राव, शुभम यदु व कॉल मी सर्विस के लेखापाल उपस्थित थे ।

रैनकोट वितरण के दौरान महापौर श्रीमती साहू ने कहा कि बारिश के समय हमारे कर्मचारियों को वार्डों में सफाई करने में काफी परेशानी होती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्लेसमेंट सफाई कर्मचारियों को रैनकोट का वितरण किया जा रहा है। अब ये कर्मचारी वार्डों में बेहतर ढंग से सफाई कार्य कर सकेंगे। महापौर सफीरा साहू ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की गैंग लगाकर शहर की बड़ी नालियों व एवं वार्डों की निकास नालियों की लगातार सफाई की जा रही है।

मुर्दों के हक में भी डाका डालने से बाज नहीं आ रहे हैं भ्रष्टाचारी

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  • मुक्तिधाम के शेड निर्माण में भी खेल कर रहे हैं सरपंच और सचिव
  • फरसीगाव में 2 लाख की लागत से बनाया जा रहा है मुक्तिधाम का शेड

बकावण्ड विकासखंड बकावंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत फरसीगाव के ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर मुक्तिधाम के शेड निर्माण की राशि की अफरा तफरी करने का आरोप लगाया है। यहां पदस्थ पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा के पास दो ग्राम पंचायतों का प्रभार है और दोनों ही पंचायतों में वह इसी तरह के घटिया कार्यों को अंजाम देता आ रहा है। ग्राम पंचायत फरसीगांव के श्मशान घाट में शव जलाने के लिए बनाए जा रहे मुक्तिधाम शेड का कार्य एक वर्ष से अधूरा पड़ा है। इस संबंध में पूछे जाने पर सरपंच ने कोई जवाब नहीं दिया। बताया गया है कि श्मशान घाट में शेड बनाने के लिए जो कॉलम खड़े किए गए हैं, उनमें घटिया स्तर के लोहे की छड़ों का उपयोग किया गया है। शेड निर्माण के लिए दो लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं, मगर महज छह सात कॉलम खड़े कर शेष काम रोक दिया गया है। नींव भी मजबूत नहीं बनाई गई है। फ्लोरिंग नहीं कराई गई है न ही छत बनाई गई है। सालभर से यह ढांचा यूं ही खड़ा है और लगातार जर्जर होता चला जा रहा है। शवों की अंत्येष्टि करने हेतु पहुंचने वाले लोगों के बैठने के लिए प्लेटफार्म बनाया ही नहीं जा रहा है। ढांचा खड़े करने में बमुश्किल 25 – 30 हजार रुपए ही खर्च हुए होंगे और शेष राशि की बंदरबांट सरपंच और सचिव ने कर ली है। बारिश के इस मौसम में शवों के अंतिम संस्कार में ग्रामीणों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बरसते पानी में शवों का दाह संस्कार ढंग से हो नहीं पाता। शेड के अधूरे निर्माण और किए गए भ्रष्टाचार से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अपनी करतूत को छुपाने के लिए सरपंच और सचिव ने निर्माण स्थल पर सूचना पटल भी नहीं लगवाया है। ग्रामीणों ने मुर्दों के हक में डाका डालने वाले सरपंच एवं सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने तथा शेड का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी से की है।

भ्रष्टाचार का मॉडल बना बकावंड का तथाकथित आदर्श गोठान

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  • निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल कर रहे हैं सरपंच और सचिव

बकावंड जनपद पंचायत मुख्यालय बकावंड में स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा गोठान निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। गोधन न्याय योजना की आड़ में अपनी जेबें भरकर सरपंच और पंचायत सचिव गोवंश के साथ अन्याय करने पर आमादा हैं। मॉडल गोठान के रूप में विकसित किया जा रहा यह गोठान भ्रष्टाचार का मॉडल बनकर रह गया है। ग्राम पंचायत मुख्यालय बकावंड में गोठान निर्माण के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। शासन की मंशा यहां एक आदर्श गोठान बनाने की रही है, मगर सरपंच और सचिव इस निर्माण कार्य में जमकर गड़बड़ी कर रहे हैं। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। टंकी बनाने में बहुत ही कम सीमेंट का उपयोग हुआ है। वहीं शेड भी बड़े हल्के स्तर के और आकार में बहुत ही छोटे बनाए गए हैं। शेड के नाम पर टीन की पतली चादर लगाई गई है, जो तेज हवा चलने पर थरथराने लगती है और उसके उड़ जाने का अंदेशा बना रहता है। शेड में इस्तेमाल किए गए लोहे के पिलर और एंगल भी निहायत ही घटिया हैं। वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए टंकी स्तरहीन बनाई गई है। निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। निर्माण सामग्री बहुत ही घटिया किस्म का है। घटिया सामग्री उपयोग कर सरपंच और सचिव रकम डकार गए हैं। कहने को तो यह आदर्श (मॉडल) गोठान है, मगर यह अन्य पंचायतों के लिए रोल मॉडल बन सके ऐसा किसी भी एंगल से नजर नहीं आता। बल्कि यह गोठान भ्रष्टाचार का मॉडल जरूर साबित हो रहा है। ग्राम पंचायत के दस्तावेजों में गोठान के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाने का उल्लेख हुआ है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज तक गोठान का काम पूरा नहीं हो सका है। आधे अधूरे गोठान को मॉडल गोठान का नाम दिया जा रहा है। कुछ दिनों पूर्व उच्च अधिकारी यहां का गोठान का निरीक्षण करने आए थे। तब अधिकारियों ने निर्माण में गुणवत्ता युक्त सामग्री का उपयोग करने तथा कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरपंच और सचिव ने अपना रवैया नहीं बदला। उन्होंने घटिया सामग्री का उपयोग कर शासन को चूना लगाने का खेल जारी रखा। वहीं गोठान निर्माण में बाल श्रमिकों से कार्य कराकर श्रम कानून की धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं।के नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस संबंध में सरपंच सचिव से जानकारी लेने पर उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया। धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। अब तक गोबर की खरीदी भी प्रारंभ नहीं हो पाई है।

वर्सन

गुणवत्ता से समझौता नहीं

सरपंच सचिव को गोठान निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप मॉडल गोठान का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण में खामियां मिली तो कार्रवाई की जाएगी।

गांवों के लिए जल जीवन मिशन बन गया वरदान : लखेश्वर बघेल

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  • बकावंड ब्लॉक में तेजी से कराया जा रहा मिशन का काम : विधायक
  • विधायक बघेल ने किया 17 करोड़ के जल प्रदाय कार्यों का भूमिपूजन

बकावंड विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल के प्रयासों से जनपद पंचायत क्षेत्र बकावंड में जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। बघेल मिशन के तहत जल प्रदाय से संबंधित करीब सत्रह करोड़ रु. के कार्यों का भूमिपूजन किया। बघेल ने ग्राम पंचायत मरेठा में 153.86 लाख रु. की एकल ग्राम नल जल प्रदाय योजना के कार्यों का भूमिपूजन शनिवार को किया। उन्होंने ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल में 51.55 लाख लागत वाली एकल ग्राम नल जल प्रदाय योजना, ग्राम पंचायत मारेंगा में 136.26 लाख रू. लागत की एकल ग्राम नल जल योजना, ग्राम पंचायत जैबेल -1 में 127.14लाख लागत वाली एकल ग्राम नल जल योजना के कार्य का भूमिपूजन किया। ग्राम पंचायत जैबेल -2 में 153.93 लाख रु. लागत की नल जल योजना, ग्राम पंचायत छिंदगांव में 78.89 लाख लागत वाली नल जल योजना, ग्राम पंचायत छिंदगांव- 2 में 215.02 लाख लागत की नल जल योजना, ग्राम पंचायत चोकनार में 90.83 लाख रु. लागत की नल जल योजना, ग्राम पंचायत डिमरापाल में 145.02 लाख रु. लागत की नल जल योजना, ग्राम पंचायत सुआचोंड में 66.59 लाख रु. लागत वाली नल जल योजना, ग्राम पंचायत तोंगकोंगेरा में 79.75 लाख लागत की नल जल योजना का भूमिपूजन विधायक लखेश्वर बघेल ने किया।

पुलिया की भी रखी आधारशिला

ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल के ग्रामीणों की पुलिया निर्माण संबंधी लंबित मांग से विधायक लखेश्वर बघेल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनके गिरोला प्रवास के दौरान अवगत कराया था। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए माता हिंगलाजिन मंदिर प्रांगण में मुख्यमंत्री ने तुरंत हामी भरते हुए पुलिया बनवाने की घोषणा की थी। छोटे जीराखाल पहुंचे विधायक बघेल ने पुलिया निर्माण का भी भूमिपूजन किया। यह पुलिया 383.84 लाख रूपए की लागत से तैयार होगा। इसका भूमिपूजन कर विधायक ने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी है।विधायक ने डिमरापाल के ग्रामीणों कि सीसी रोड मांग पर तुरंत हामी भरते हुए इसके लिए 2 लाख रूपए की घोषणा की। विधायक बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में जल जीवन मिशन के तहत राज्य के ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल जीवन मिशन के कार्यों का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। पहले लोग गंदे पानी से गुजर-बसर कर रहे थे। भूपेश बघेल सरकार ने अब बेबस लोगों की जिंदगी में अमृत घोल दिया है। गांवों में घर-घर नल कनेक्शन लगाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दौरान दिनेश यदु, जिला पंचायत सदस्य धनुर्जय कश्यप, बकावंड जनपद अध्यक्ष सुखदई बघेल, उत्तम नाइक, शोभामणि दास, जगन्नाथ सूर्यवंशी, विजय दास, मानसिंह कवासी, नीलेद्री बघेल, गणेश बघेल, लक्ष्मी कश्यप,गुमान सूर्यवंशी, फुलेश्वरी कश्यप, दुर्जन देवांगन, लक्ष्मण नेताम, बकचंद बघेल, भगवती बघेल, सुखदई कोर्राम, कमल बघेल, राजेश कुमार, लक्ष्मीनाथ भारती, बुधंती भारती, सोनोबाई भारती, हरिचंद कश्यप तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्त्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

सावन में 16 से 21 अगस्त तक सक्षम कराएगी 1000 परिवारों से रुद्राभिषेक

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  • 16 अगस्त को दंतेश्वरी मंदिर से निकाली जाएगी कांवड़ यात्रा
  • सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला भी चलेगा: अविनाश

जगदलपुर समाजसेवी और धर्म परायण संस्था सक्षम ने सावन माह के दौरान एक हजार परिवारों से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक कराने का फैसला किया है। संस्था के सौजन्य से 16 अगस्त को भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी तथा पूरे सावन माह के दौरान धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में 9 जुलाई को हुई सक्षम संस्था की बैठक में आयोजनों की रुपरेखा तैयार की गई। इस बार सावन अधिक मास का है। सक्षम द्वारा अगस्त में सावन के शुभ अवसर पर भव्य एवं भिन्न भिन्न आयोजन किए जाएंगे। यह आयोजन 16 से 21 अगस्त तक चलेंगे।16 अगस्त को दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण से कावड़ यात्रा निकाली जाएगी। कांवड़ यात्रा माई दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण से शुरू होकर शहर के मुख्य मेनरोड, शहीद पार्क चौक, चांदनी चौक, कलेक्टोरेट रोड, शांति नगर दुर्गा मंदिर होती हुई मेटगुड़ा शिवालय पहुंचेगी। वहां रुद्राभिषेक तत्पश्च्यात यात्रा का समापन होगा।17 अगस्त को आद्यनारायणी द्वारा सावन झूले का आयोजन किया जाएगा। 18 से 20 अगस्त तक 1000 परिवारों द्वारा भगवान महादेव के पार्थिव शिवलिंगों का रुद्राभिषेक एवं रुद्रपूजन किया जाएगा। 21 अगस्त को धार्मिक एवं देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

बनवासी मौर्य के निवास में खिला दिव्य ब्रम्ह कमल पुष्प

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जगदलपुर त्रिदेवों के परम भक्त बनवासी मौर्य के निवास स्थित पौधे में ब्रम्ह कमल का दुर्लभ एवं विलक्षण पुष्प खिला है। इस देवतुल्य पुष्प के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बनवासी मौर्य भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश के परम भक्त हैं।

मौर्य ने बताया कि उन्होंने सपरिवार पांच रविवार भगवान त्रिनाथ की कथा श्रवण की थी। उसी के पुण्य प्रताप से उन्हें और उनके परिवार को इस दिव्य ब्रम्ह कमल के रात्रि में दर्शन हुए। ब्रम्ह कमल पुष्प हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण आध्यात्मिक महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि ब्रम्ह कमल पुष्प में सभी इच्छाओं को पूरा करने की शक्ति होती है। जो लोग यह पुष्प देवताओं को अर्पित करते हैं, उन्हें भगवान का आशीर्वाद मिलता है। इसे पवित्रता, ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में इसे ब्रम्हांड के रचयिता भगवान ब्रम्हा का पसंदीदा पुष्प कहा गया है और इसे एक पवित्र फूल भी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भाग्यशाली लोग ही इस फूल को खिलते हुए देख पाते हैं और जो व्यक्ति खिलते हुए देखता है उसे अपने जीवन में सुख और समृद्धि प्राप्त होती है। ब्रह्म कमल का शाब्दिक अर्थ है ब्रम्हा का कमल। यह हिंदू देवताओं का दिव्य फूल है।यह दिव्य फूल रात में ही और साल में एक ही बार खिलता है।

शराब घोटाले में सरकार सख्त , चार अफसरों को नोटिस जारी

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  • देशी शराब निर्माताओं पर भी नकेल कसी भूपेश सरकार ने

जगदलपुर शराब घोटाले पर कड़ा एक्शन लेते हुए राज्य सरकार ने आबकारी विभाग ने चार अधिकारियों और तीन देशी शराब निर्माता कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में भ्रष्टाचार, रिश्वत की लेनदेन और अवैध बिक्री में अधिकारियों और शराब निर्माता कंपनियों की मिलीभगत को लेकर जवाब मांगा गया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ का आबकारी महकमा कुछ अरसे से विवादों में घिरा हुआ है। करोड़ों रुपयों के घोटाले के गंभीर आरोप महकमे के अफसरों और शराब लॉबी पर लगे हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने कुछ माह पहले छत्तीसगढ़ के अनेक आबकारी अधिकारियों, शराब ठेकेदारों, राजनेताओं के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। अधिकारियों और शराब लॉबी की स्वार्थलिप्सा और भ्रष्टाचार की वजह से राज्य सरकार की बदनामी हो रही थी। शराब बनाने वाली कंपनी ने सरकार को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अंततः सरकार को आबकारी विभाग के चार दागी अधिकारियों तथा तीन देशी शराब निर्माता कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना पड़ा। छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी विभाग शीर्ष कार्यालय ने बिलासपुर सहायक आयुक्त कार्यालय में पदस्थ उप आयुक्त नीतू नोतानी, बलौदाबाजार भाटापारा जिले के सहायक आबकारी आयुक्त विकास कुमार गोस्वामी, जिला आबकारी अधिकारी रायपुर इकबाल अहमद खान एवं सीएसएम सीएल पार्ट -2 दुर्ग के जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन चारों अफसरों से ईडी पूछताछ कर चुका है। इसके अलावा देशी शराब बनाने वाली तीन कंपनियों के संचालकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन लोगों से आज 10 जुलाई को सुबह 11 बजे तक जवाब मांगा गया है। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी आयुक्त जनक प्रसाद पाठक ने कहा कि आबकारी शुल्क और अन्य करों का भुगतान किए बगैर मदिरा की निकासी और रिश्वत लेने व देने की शिकायत के आधार नोटिस जारी किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि राजनैतिक साजिश के तहत इन अधिकारियों और शराब निर्माताओं के जरिए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की छवि को धूमिल करने का बड़ा खेल खेला गया है। सूत्रों का दावा है कि राज्य सरकार अपनी एजेंसी के माध्यम से इन अधिकारियों और शराब लॉबी से कड़ाई के साथ पूछताछ कराती है, तो साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा।

हर घर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति हमारी सरकार की प्राथमिकता – रेखचंद जैन

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विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कलचा उपनपाल करनपुर क्षेत्र के 6 ग्रामों में 2 करोड़ 18 लाख 12 हजार रुपए की लागत से सिंगल विलेज नल-जल योजना का भूमि-पूजन किया जिन ग्रामों में भूमिपूजन किया गया उनमें ग्राम कलचा, कुम्हरावण्ड ,रामपाल, भालूगुडा, करनपुर, बीजापुट में सिंगल विलेज नल-जल योजना का भूमि-पूजन किया गया जिससे हर घर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी ग्राम पंचायत कलचा में 58.97 लाख रुपए की लागत से 1 नग पम्प हाउस, क्लोरिनेशन कक्ष 1 नग, बाउंड्री वॉल 1 नग,पाईप लाईन विस्तार कार्य 905 मीटर जिससे की 423 घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी

ग्राम पंचायत कलचा के आश्रित ग्राम कुम्हरावण्ड में 46.11 लाख रुपए की लागत से क्लोरिनेशन कक्ष 1 नग, बाउंड्री वॉल 1 नग, टंकी निर्माण 40 किलो लीटर, पाइप लाइन बिछाने का कार्य 893 मीटर जिससे 105 घरों तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी,ग्राम पंचायत करनपुर के आश्रित ग्राम रामपाल में 27.45 लाख रुपए की लागत से सोलर पंप 1 नग 6 मीटर स्टेजिंग,10000 लीटर टंकी, पाइप लाइन बिछाने का कार्य 960 मीटर जिससे की 99 घरों तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, ग्राम पंचायत करनपुर में 34.50 लाख रुपए की लागत से पम्प हाउस 1 नग, क्लोरिनेशन कक्ष 1 नग, पाइप लाइन बिछाने का कार्य 408 मीटर जिससे की 272 घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, आश्रित ग्राम भालुगुडा में 8 लाख रुपए की लागत से 931 मीटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य जिससे 30 घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, ग्राम पंचायत उपनपाल के आश्रित ग्राम बीजापुट में 43.09 लाख रुपए की लागत से पावर पंप 1 नग 3 एच पी , क्लोरिनेशन कक्ष 1 नग, बाउंड्री वॉल 1 नग, टंकी निर्माण 40 किलो लीटर, पाइप लाइन बिछाने का कार्य 475 मीटर जिससे की 125 घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की मंशा अनुरूप शुद्ध पेयजल आपूर्ति हमारी सरकार की प्राथमिकता में है और हर ग्राम पंचायत के हर ग्राम के हर पारा मोहल्ले के हर घर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है जल ही जीवन है इस मूलमंत्र के साथ हमारी सरकार नल जल योजना के क्रियान्वयन कार्यों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है उन्होंने कहा की जो सुविधाएं पहले शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध थी अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपलब्ध हो सकेगा जिससे हर घर को नल से शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी**इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ सरपंच कलचा कमल नाग, सरपंच करनपुर त्रिपती नागेश, सरपंच उपनपाल कामिनी नागेश, सरपंच संघ के संभागीय अध्यक्ष लैखन बघेल, वरिष्ठ नेता रमेश पात्रो, संतोष सिंह, अवधेश झा,संजय कुमार नाग समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

आंकड़ों के साथ भाजपा ने खोली कांग्रेस सरकार की पोल

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भाजपा नेताओं ने प्रेस वार्ता में दिखाया प्रेजेंटेशन केंद्र द्वारा धान को लेकर 80 फ़ीसदी भुगतान को भाजपा ने प्रमाणित किया भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी, पूर्व कृषिमंत्री चंद्रशेखर साहू, प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा, पवन साहू, जयंती पटेल, टंक राम वर्मा ने आज यहां एकात्म परिसर भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर धान खरीदी मामले में सफेद झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राजनीतिक पतन की पराकाष्ठा है। भूपेश बघेल कहते हैं कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ का 80 फीसदी धान नहीं खरीदा। राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोगों को आधा झूठ बोलते हुए देखा गया है। किन्तु इस स्तर का सफेद झूठ केवल भूपेश बघेल ही बोल सकते हैं।भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार 80 फीसदी धान खरीदती है, साथ ही साथ कुल भुगतान का भी तीन-चौथाई से ज्यादा हिस्सा देती है। केंद्र सरकार एफसीआई के माध्यम से राज्य सरकार से चावल उपार्जित करती है।तथ्य यह है कि केंद्र सरकार ने हर साल प्रभावी रूप से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीदे हुए धान का लगभग 80 प्रतिशत खरीदी की है।श्री चौधरी ने बताया कि 2021-22 में केंद्र सरकार मे लगभग 94 फीसदी खरीदी की है। केंद्र सरकार बिना भेदभाव के किसानों के हित में काम कर रही है। हम किसी राज्य में सत्ताधारी पार्टी को देख कर कार्य नहीं करते, केवल जनहित और राष्ट्रहित में कार्य करते हैं।उन्होंने कहा कि इनका चरित्र देखिये, राज्य सरकार के मंत्री भी सरेआम झूठ बोल रहे हैं। धान खरीदी पर झूठ आधारित ट्वीट किये जा रहे हैं। लेकिन सच्चाई को ज्यादा देर तक नहीं छुपाया जा सकता।श्री चौधरी ने कहा कि हम आपके समक्ष एफसीआई के सरकारी आंकड़े रख रहे हैं जो साफ दर्शाता है कि किस प्रकार राज्य की जनता को भ्रमित किया जा रहा है एवं ठगा जा रहा है। केंद्र ने उनके दिए आंकड़े से लगभग दोगुनी ज्यादा खरीदी की है। वर्ष 21-22 में 92 लाख मीट्रिक टन धान से बना 61.65 लाख मीट्रिक टन चावल जो कुल खरीदी का 93.90 प्रतिशत, वर्ष 22-23 में 87.58 मीट्रिक टन धान ( 58.68 टन चावल) मतलब 81.45 प्रतिशत खरीदी की। भाजपा ने जो आंकड़े प्रस्तुत किये हैं वे पब्लिक डोमेन में हैं। और सच्चाई जानने के लिए इसे कोई भी देख सकता है। फिर भी कृषिमंत्री चौबे जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। एक तो यह गलत आंकड़े देते हैं, उसके ऊपर से कृषि मंत्री होते हुए भी रविन्द्र चौबे धान और चावल की तुलना कर रहे हैं? क्या चौबे जी ये मानते है कि छत्तीसगढ़ की जनता को धान और चावल में फर्क नहीं पता और वह उनके बहकावे में आ जाएगी।पूर्व कृषिमंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि भूपेश बघेल प्रदेश भर में लोगों को गुमराह करते हैं, पर इनकी सरकार के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत विधान सभा में स्वीकार करते हैं कि धान किसानों के भुगतान का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा केंद्र सरकार देती है। उन्होंने विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि केंद्र सरकार ने धान खरीदी का 51 हजार 563 करोड़ रुपए दिया है व राज्य सरकार ने मात्र 11,148 करोड रुपए ही दिया है।इन्हीं के मंत्री विधानसभा में स्वीकारते है कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी केंद्र सरकार द्वारा धान खरीदी में वृद्धि के कारण बढ़ी है, न की राज्य सरकार की अनुकंपा से। भूपेश बघेल ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए छत्तीसगढ़ के किसानों को आधा सत्य बताया है।उन्होंने कहा कि राज्य में हमारी सरकार न होने के बावजूद 5 साल में छत्तीसगढ़ में की जाने वाली खरीद लगभग दोगुनी हो गई है। यह मोदी सरकार ने किसान के हित में किया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कहा कि एक तरफ जहाँ केंद्र सरकार हर साल एमएसपी बढ़ाती है, यहाँ भूपेश सरकार अपना बोनस घटाती है। किसान केंद्र द्वारा बढ़ाई गई एमएसपी के लाभ से वंचित ही रह गए है।उन्होंने कहा कि क्या भूपेश जी में हिम्मत है कि वह बता सकें कि छत्तीसगढ़ के धान किसान को मिलने वाले भुगतान में हर एक रुपए में से केंद्र सरकार कितना देती है।इसी प्रकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से भी लगभग 13 लाख किसान वंचित रह गए हैं। भूपेश बघेल सरकार उनका पंजीकरण (e-kyc) नहीं कर रही है।भाजपा नेताओं ने कहा कि आखिर हमारे छोटे किसानों का क्या दोष है? उन्हें भूपेश बघेल क्यों ओछी राजनीति के कारण केंद्र के लाभ से वंचित रख रहे हैं?भाजपा ने सभी आंकड़े प्रस्तुत करते हुए एक वीडियो एवं आंकड़ों का प्रेजेंटेशन भी जारी किया प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा सह मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल , रायपुर जिला महामंत्री सत्यम दूबा मौजूद रहे।

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