City Media - Page 743 of 1860 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 743

ग्रामीणों को रास नहीं आ रहा है पीडीएस का पिघला व घटिया गुड़

0
  • बहुत ही हल्के स्तर के गुड़ की आपूर्ति की जा रही है बकावंड क्षेत्र की शास. उचित मूल्य दुकानों में

बकावंड जनपद पंचायत क्षेत्र बकावंड की ग्राम पंचायतों में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में कुछ माह से बहुत ही हल्के और घटिया स्तर के गुड़ की आपूर्ति की जा रही है। पिघल चुका यह गुड़ ग्रामीणों को जरा भी रास नहीं आ रहा है और वे इसे लेने से परहेज कर रहे हैं।सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित बस्तर संभाग की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में राशन की अफरा तफरी के बाद अब घटिया खाद्यान्न की आपूर्ति की शिकायतें सामने आने लगी हैं। खासकर इन राशन दुकानों में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा भेजा जा रहा गुड़ निहायत ही घटिया स्तर का है। 250 ग्राम, 500 ग्राम के पैकेट्स वाला यह गुड़ बड़ा ही स्तरहीन रहता है। पैकेट्स फटी हालत में होते हैं। अधिकांश पैकेट्स खाली रहते हैं तथा जिन पैकेट्स में जो थोड़ा बहुत गुड़ रहता है वह पिघलकर पूरी तरह लिक्विड बन चुका रहता है। क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ता इस गुणवत्ता विहीन गुड़ को लेना पसंद नहीं कर रहे हैं। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से गुड़ का उठाव न के बराबर हो रहा है।

गोलमाल की संभावना

ग्रामीणों ने अंदेशा जताया है कि इन पैकेट्स से अच्छी क्वालिटी के गुड़ को निकालकर घटिया स्तर के गुड़ की रिपैकिंग की गई है। ऐसा करके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी अवैध कमाई करने में मशगूल हैं। वहीं कुछ शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी इसी घटिया गुड़ को खपाने के लिए उन पर निरंतर दबाव डाल रहे हैं। राशन दुकान संचालकों का कहना है कि जब उपभोक्ता ही लेने को तैयार नहीं हैं, तो वे गुड़ को खपाएं तो कहां खपाएं? क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में अच्छी क्वालिटी का गुड़ भेजने तथा अब तक हुई घटिया गुड़ की आपूर्ति की जांच कराने की मांग कलेक्टर बस्तर और खाद्य नियंत्रक से की है।

सर्वर डाउन, राशन वितरण ठप

राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को ई पास सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके जरिए जिला मुख्यालय में बैठे अधिकारी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए रखते हैं। यह प्रणाली इंटरनेट से चलती है। बस्तर जिले के गांवों में अक्सर सर्वर डाउन रहता है, नतीजतन ई पास मशीन काम नहीं करती और राशन वितरण ठप पड़ जाता है। बताते हैं कि ऐन राशन वितरण शुरू होने के समय ही सर्वर डाउन की समस्या पैदा होती है। शनिवार 8 जुलाई को भी सर्वर बैठ गया था। राशन दुकानों में उपभोक्ता हलाकान होते रहे। उपभोक्ताओं का गुस्सा राशन दुकान संचालकों पर फूट पड़ रहा था। बकावंड विकासखंड की प्रायः सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में सुबह से दोपहर बाद तक यही हालात बने रहे।

बकावंड क्षेत्र के ग्रामीण बिजली की आंख मिचौली से परेशान

0
  • मोटर पंप न चल पाने से पिछड़ रहा खेती किसानी का काम, रोपाई ठप

बकावंड विकासखंड के दर्जनों गांव में बिजली की आंखमिचौली ने ग्रामीणों का सुख चैन छीन लिया है।ग्रामीणों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। कृषि कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। दिन हो या रात बिजली कभी भी चली जाती है और फिर घंटों नहीं आती। बिजली की लुकाछुपी का यह खेल लगातार चलते रहता है। अक्सर बिजली गुल रहने के कारण किसान सबसे परेशान हैं। आज ही देवड़ा, सरगीपाल, बोरीगांव, बजावंड, समेत कई गांवों के किसान अपनी व्यथा सुनाने बकावंड स्थित विद्युत कंपनी के कार्यालय में पहुंचे, किंतु कार्यालय में ऐसा कोई जिम्मेदार कर्मी नहीं मिला, जो उनकी समस्या का समाधान कर पाता। इन किसानों ने इस संवाददाता को अपनी कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि देवड़ा, बजावंड, सरगीपाल, बोरीगांव समेत आसपास के तमाम गांवों में ज्यादातर समय बिजली गुल रहती है या फिर लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।

इस कारण विद्युत चलित मोटर पंप नहीं चल पाता और धान की रोपाई के लिए वे अपने खेतों में पानी नहीं भर पा रहे हैं। रोपाई कार्य प्रभावित हो रहा है। डीजल इतना महंगा है कि डीजल पंप के उपयोग की कल्पना भी किसान नहीं कर पाते। वहीं क्षेत्र में डीजल पंप न के बराबर हैं और उनका किराया भी ज्यादा लगता है। सरकार किसानों को खेती करने के अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन बिजली विभाग इन सभी सुविधाओं और योजनाओं पर पानी फेरने पर आमादा है। इसके अलावा क्षेत्र के ग्रामीण धान कुटाई और चावल गेहूं की पिसाई भी नहीं करा पा रहे हैं। रात में लोग चैन से सो नहीं पाते। लो वोल्टेज और बिजली गुल रहने के कारण पंखे कूलर नहीं चल पाते। ऐसे में मच्छर पूरी रात तांडव मचाते रहते हैं। नया शिक्षा सत्र आरंभ हो चुका है, विद्यार्थी घरों में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।*वर्सन**बरसात में आती है ऐसी दिक्कत*बरसात के कारण कभी – कभी सुधार कार्य चलने के कारण इस प्रकार की दिक्कत आती रहती है। हम मुस्तैदी के साथ बिजली व्यवस्था को सुचारू करने में लगे हुए हैं। किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

संकट में ग्रामीणों की प्यास बुझा रहे हैं विधायक जैन के दिए टैंकर

0
  • विधायक रेखचंद जैन ने 4 साल में गांवों को उपलब्ध कराए 84 टैंकर
  • शादी और अन्य समारोहों के लिए वरदान साबित हो रहा यह योगदान

जगदलपुर संसदीय सचिव एवं विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन द्वारा उपलब्ध कराए गए टैंकर संकट की घड़ी में ग्रामीणों के बड़े काम आ रहे हैं। ग्रीष्म ऋतु में भीषण जल संकट के दौरान इन टैंकरों ने ग्रामीणों की प्यास बुझाने में अच्छी मदद की। शादी ब्याह तथा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान विधायक का यह योगदान ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है।विधायक रेखचंद जैन बीते चार साल के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों को विधायक निधि तथा अन्य मदों से कुल 84 टैंकर उपलब्ध करा चुके हैं।

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के लगभग सभी गांवों के ग्रामीणों की प्यास विधायक जैन द्वारा उपलब्ध कराए गए टैंकरों की मदद से बुझाई जा रही में है। संसदीय सचिव रेखचंद जैन की दूरदर्शी सोच एवं सकारात्मक पहल से ऐसा संभव हो पाया है। टैंकर वितरण में दलीय भावना से ऊपर उठकर उनके द्वारा की गई पहल की प्रशंसा करते ग्रामीण नहीं थकते। ये टैंकर न केवल ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में राहत देते रहे हैं, बल्कि विवाह, जन्म-मृत्यु संस्कार में होने वाले कार्यक्रमों में भी काम आ रहे हैं। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर गांवों के पास अब अपने टैंकर हैं। बीते पखवाड़े में नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोलेंगे में वहां और आसपास के गांवों के लिए टैंकर प्रदान किए गए। प्रत्येक गांव में टैंकर दिखने का दावा करते श्री जैन बताते हैं कि विधायक निधि, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, डीएमएफटी आदि मदों से विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में पानी टैंकर पहुंचाने की योजना है। पानी की अहमियत शहर क्या गांव सभी के निवासियों में समान रूप से है। सुख-दुख में इनकी जरूरत सभी को होती है। इन बातों को ध्यान में रखकर 2018 में चुनाव जीतने के बाद से लक्ष्य बनाकर विधायक रेखाचंद जैन जुटे हुए हैं। चार साल में उन्होंने जगदलपुर विकासखंड के 60 तथा विधानसभा क्षेत्र में सम्मिलित दरभा विकासखंड की 16 पंचायतों में टैंकर पहुंचाने का पुनीत कार्य किया है। वर्ष 2020 व 2021 में आए कोरोना की दो लहरों का प्रतिकूल असर अन्य कार्यों की तरह टैंकर वितरण पर भी पड़ा। हालांकि इन दो सालों में विधायक रेखचंद जैन ने गांवों बोर खनन खूब करवाया। वे कहते हैं कि जहां से भी टैंकर की मांग आई है, उन पंचायतों को टैंकर प्रदान किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकर लोगों की प्यास बुझाने के साथ सुख-दुख कार्यों में भी भरपूर काम आ रहे हैं।*बॉक्स* *स्वयं बोरिंग गाड़ी लेकर पहुंचे थे गांव*कई गांवों में तो विधायक रेखचंद जैन स्वयं बोरिंग गाड़ी लेकर पहुंचे थे। वे तब तक वहां से नहीं हटे, जब तक कि बोर से पर्याप्त पानी नहीं निकल गया। दो साल पहले जगदलपुर ब्लॉक के कवालीकला में जब विधायक रेखचंद जैन स्वयं बोरिंग गाड़ी लेकर पहुंचे तो गांव वाले भी हतप्रभ रह गए थे। विधानसभा क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने को लेकर विधायक श्री जैन शासन -प्रशासन से भिड़ने तक से पीछे नहीं हटते हैं। नल जल योजना की पाइप लाईन विस्तार के लिए अधिकारियों को रोजाना फोन लगाकर निर्देशित करते रहते हैं। गत दिनों उन्होंने पानी पंचायत की पेयजल समस्या को लेकर भी ऐसा ही किया था।

सुख-दुख में काम आते हैं ये टैंकर

वीरेंद्र साहनी, कुरंदी के बूटा सिंह, कागढ़ सरपंच सोनमती बघेल, कवालीकाला सरपंच जुगार नाग, सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष लेखन बघेल तो संसदीय सचिव रेखचंद जैन की सभी गांवों को टैंकर प्रदान करने की सोच के मुरीद हैं। वे कहते हैं कि टैंकर की उपयोगिता के बारे में जितना कहा जाए कम है। इसे एक वाक्य में बयां नहीं किया जा सकता है। विधायक जैन द्वारा उपलब्ध कराए गए टैंकर सुख – दुख दोनों में समान रूप से काम आ रहे हैं। इस काम के लिए पड़ोसी गांव की मदद करने से भी ग्रामीण नहीं चूकते हैं और जरूरत पड़ने पर अपने गांव से टैंकर तुरंत भेज देते हैं। श्री जैन कहते हैं कि विधानसभा क्षेत्र के लगभग सभी पंचायतों में टैंकर दिए जा चुके हैं। जिन ग्राम पंचायतों से टैंकर की मांग आई उन्हें प्रदान किए गए हैं। साथ ही, बोर खनन भी करवाए गए हैं। क्योंकि पेयजल की आपूर्ति मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जैन कहते हैं कि विधायक चुने जाने के बाद से उन्होंने सतत रूप से इस दिशा में ध्यान दिया है और तब तक वे ऐसा करते रहेंगे, जब तक लोग पानी से जुड़ी शिकायत लेकर उनके पास आते रहेंगे। लगभग सभी गांवों में टैंकर ग्रामीणों की प्यास बुझा रहे हैं।

पथराटोल के युवक की ट्रेन से कटकर हुई मौत

0

दल्लीराजहरा :- कल प्रारंभ हुई नई ट्रेन से रायपुर से आते हुए बालोद दल्ली राजहरा रेल लाइन अरमुरकसा के पास इस ट्रेन से कटकर एक व्यक्ति की मौत हो गया है। मृतक रूपेश कुमार पिस्दा उम्र 24 वर्ष जो पथराटोला का रहने वाला था राजमिस्त्री का काम करता था कल शाम बाजार से सब्जी लेकर आया खाना खाकर घर से निकला था सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दारू पिया हुआ था घर में लड़ाई झगड़ा होकर निकला था पुलिस द्वारा पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। संभावना व्यक्त की जा रही की युवक ने आत्महत्या किया है।

पत्रकार कॉलोनी की जमीन का रकबा बढ़ाने पर सीएम की मुहर

0
  • अधिक भूमि देने पर मुख्यमंत्री ने भरी हामी, भवन मसला निपटेगा
  • जिला पत्रकार संघ की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से हुई सार्थक चर्चा
  • रंग लाई जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा की पहल

जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में बस्तर जिला पत्रकार संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुलाकात कर बस्तर के पत्रकारों के हित में दो महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा की। बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री से समय लेकर इन दो मांगों को पूर्ण करने के लिए पहल की। जगदलपुर के नयापारा स्थित पत्रकार भवन के विधिवत आबंटन पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने भूमि की दर कम करने का आश्वासन देते हुए कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव लाने की बात कहकर अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने ग्राम गरावंडकला में आवासीय कॉलोनी के लिए आबंटित की जा रही भूमि का रकबा बढ़ाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने लगभग पौने 3 एकड़ भूमि का रकबा बढ़ाने पर सहमति दी। बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुरेश रावल और सचिव धर्मेंद्र महापात्र ने बताया कि जगदलपुर के नयापारा में पत्रकार भवन का विधिवत आबंटन पत्रकारों के लिए राहत की खबर है। वहीं पत्रकार आवसीय कॉलोनी के लिए काफी कम जगह उपलब्ध करवाई जा रही थी, जो सदस्यों की संख्या को देखते हुए काफी कम थी। आवासीय कॉलोनी में पार्क, सामुदायिक भवन, पाकिंर्ग आदि बनाया जाना है, जिनके लिए भूमि का रकबा काफी कम था। प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि पत्रकार संघ के समस्त कार्यों को वे खुद देखेगें तथा जल्द से जल्द काम पूरा हो इस दिशा में लगातार अधिकारियों से संपर्क करते रहेगें। इस अवसर पर बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुरेश रावल, सचिव धमेंद्र महापात्र, कोषाध्यक्ष संतोष वर्मा, उपाध्यक्ष नवीन गुप्ता, सह सचिव रितेश पांडेय, सह सचिव अशोक नायडू, वरिष्ठ सदस्य संजीव पचौरी, केशव सल्होत्रा, श्रीनिवास रथ, बादशाह खान उपस्थित थे।

डिप्टी सीएम सिंहदेव जल्द आएंगे बस्तर

0

जगदलपुर बस्तर जिला पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने 6 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से उनके रायपुर स्थित निवास में भेंट की। पत्रकारों ने उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर गुलदस्ता भेंटकर नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी। सिंहदेव ने कहा कि बस्तर के पत्रकारों का शासन को हमेशा सहयोग मिलता आया है। पिछले प्रवास में पत्रकार भवन आकर मैंने आप लोगों से विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की थी। आने वाले दिनों में बस्तर प्रवास में आप लोगों से पुन: योजनाओं के साथ आगामी चुनाव पर भी चर्चा होगी। डिप्टी सीएम को शुभकामनाएं देने पहुंचे पत्रकारों में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुरेश रावल, सचिव धर्मेंद्र महापात्र, कोषाध्यक्ष संतोष वर्मा, उपाध्यक्ष नवीन गुप्ता, सह सचिव रितेश पांडेय, सह सचिव अशोक नायडू, वरिष्ठ सदस्य संजीव पचौरी, केशव सल्होत्रा, श्रीनिवास रथ, बादशाह खान शामिल थे।

ग्रामीणों को रास नहीं आ रहा है पीडीएस का पिघला व घटिया गुड़

0
  • बहुत ही हल्के स्तर के गुड़ की आपूर्ति की जा रही है बकावंड क्षेत्र की शास. उचित मूल्य दुकानों में

बकावंड जनपद पंचायत क्षेत्र बकावंड की ग्राम पंचायतों में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में कुछ माह से बहुत ही हल्के और घटिया स्तर के गुड़ की आपूर्ति की जा रही है। पिघल चुका यह गुड़ ग्रामीणों को जरा भी रास नहीं आ रहा है और वे इसे लेने से परहेज कर रहे हैं।सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित बस्तर संभाग की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में राशन की अफरा तफरी के बाद अब घटिया खाद्यान्न की आपूर्ति की शिकायतें सामने आने लगी हैं। खासकर इन राशन दुकानों में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा भेजा जा रहा गुड़ निहायत ही घटिया स्तर का है। 250 ग्राम, 500 ग्राम के पैकेट्स वाला यह गुड़ बड़ा ही स्तरहीन रहता है। पैकेट्स फटी हालत में होते हैं। अधिकांश पैकेट्स खाली रहते हैं तथा जिन पैकेट्स में जो थोड़ा बहुत गुड़ रहता है वह पिघलकर पूरी तरह लिक्विड बन चुका रहता है। क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ता इस गुणवत्ता विहीन गुड़ को लेना पसंद नहीं कर रहे हैं। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से गुड़ का उठाव न के बराबर हो रहा है।

गोलमाल की संभावना

ग्रामीणों ने अंदेशा जताया है कि इन पैकेट्स से अच्छी क्वालिटी के गुड़ को निकालकर घटिया स्तर के गुड़ की रिपैकिंग की गई है। ऐसा करके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी अवैध कमाई करने में मशगूल हैं। वहीं कुछ शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी इसी घटिया गुड़ को खपाने के लिए उन पर निरंतर दबाव डाल रहे हैं। राशन दुकान संचालकों का कहना है कि जब उपभोक्ता ही लेने को तैयार नहीं हैं, तो वे गुड़ को खपाएं तो कहां खपाएं? क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में अच्छी क्वालिटी का गुड़ भेजने तथा अब तक हुई घटिया गुड़ की आपूर्ति की जांच कराने की मांग कलेक्टर बस्तर और खाद्य नियंत्रक से की है।

विधायक बघेल को उनके वादे याद दिलाने किया चक्काजाम

0
  • अभाविप ने बकावंड कॉलेज की समस्याओं की ओर खींचा ध्यान

बकावंड शासकीय महाविद्यालय बकावंड से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए बस्तर क्षेत्र के विधायक एवं बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल द्वारा किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हो सके हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्त्ताओं ने विधायक को उनके वादे याद दिलाने के लिए शुक्रवार को महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के साथ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। काफी देर तक आवागमन बाधित रखने के बाद छात्र नेताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। अभाविप ने चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बकावंड महाविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेस शुरू करने तथा महाविद्यालय की अन्य समस्याओं को दूर करने की मांग को लेकर विद्यार्थी विगत कई वर्षों से शासन – प्रशासन को अवगत कराते आ रहे हैं।

शासन – प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण विद्यार्थियों को मजबूर होकर सड़क पर प्रदर्शन हेतु बाध्य होना पड़ा।अभाविप के बकावंड नगर मंत्री खिरेंद्र चालकी ने बताया कि विगत कई वर्षों से ज्ञापन के माध्यम से लगातार शासन प्रशासन को अवगत करवाया जा रहा है, किंतु जिम्मेदार अफसरों और जनप्रतिनिधियों का इस ओर ध्यान न देना विद्यार्थियों के लिए दुर्भाग्य की बात है। कुछ दिनों पूर्व क्षेत्र के विधायक लखेश्वर बघेल ने महाविद्यालय में सभी विषयों की स्नात्तकोत्तर कक्षाएं शुरू कराने, छात्रावास, खेल मैदान की व्यवस्था कराने सहित अन्य घोषणाएं की थीं। विधायक घोषणाएं और वादे कर भूल गए। उन्होंने आज तक अपनी एक भी घोषणा पूरी नहीं की है। बकावंड में क्षेत्र में यह एकमात्र महाविद्यालय है। यहां 50 किमी की परिधि में स्थित गांवों के विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं और प्रतिवर्ष सैकड़ो की संख्या में विद्यार्थी यहां से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं। इन विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए दूरस्थ शहरों में जाना पड़ता है। क्षेत्र अनुसूचित जनजाति बहुल है और बकावंड महाविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी आदिवासी समुदाय के कृषक परिवारों के होते हैं। उनके परिवारों की आमदनी बहुत ही कम होती है। इस कारण वे दूर दराज के शहरों में जाकर रहने व पढ़ाई करने में असमर्थ रहते हैं। आवसीय और अध्ययन का खर्च उठा पाना इन निम्न आय वाले विद्यार्थियों के लिए संभव नहीं रहता। नतीजतन अधिकांश विद्यार्थी मजबूर होकर अपनी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। कई प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई का सफर न चाहते हुए भी स्नातक के बाद समाप्त करना पड़ जाता है। अभाविप के बस्तर जिला संयोजक वरुण साहनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार प्रदेश में पुराने संस्थानों का नाम बदलने एवं रोज नई घोषणा करने के अलावा कोई नया काम नहीं कर रही है। सरकार के मंत्री एवं विधायक रोज नई घोषणाएं करते हैं, किंतु सरकार में शायद उनकी बात नही सुनी जाती है। यही वजह है कि विधायक व मंत्री की घोषणाएं पूर्ण नही हो पाती हैं। कहीं न कहीं मंत्री व विधायक सरकार द्वारा उपेक्षित किए जा रहे हैं, जिसका खामियाजा क्षेत्र के नागरिकों एवं विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता है। प्रदेश सह मंत्री व बस्तर विभाग संयोजक राजेंद्र ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार लगातार छात्रों को ठगने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार के मुखिया ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के विद्यार्थियों के हित में जो वादे किए थे, वे वादे अब तक पूरे नहीं हो पाए हैँ। बस्तर संभाग में विद्यालय तो हैं, पर विद्यालय खोलने वालों में इच्छाशक्ति की कमी है। प्रदेश के 5वीं 6वीं पढ़ने वाले विद्यार्थी विद्यालय खोलने हेतु आंदोलनरत हैं। बकावंड क्षेत्र की बात करें, तो स्थानीय विधायक छात्रहित में वादे तो कर देते हैं, परंतु वादों को धरातल पर उतारना उन्हें नहीं आता। चक्काजाम के बाद आक्रोशित छात्र छात्राओं ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस बीच मांग पूर्ण न होने पर बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। चक्काजाम के दौरान बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र – छात्राएं उपस्थित रहे।

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे कर्मचारी

0
  • मांगें पूरी न होने पर 1 अगस्त से करेंगे अनिश्चित कालीन हड़ताल

बकावंड विकासखंड के समस्त शासकीय कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर आज 7 जुलाई को कामबंद हड़ताल पर रहे। कर्मचारी – अधिकारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले इन हड़ताली कर्मियों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। अंत में तहसीलदार को छ्ग शासन के मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। विकासखंड में कार्यरत सभी शासकीय विभागों के अधिकारी कर्मचारी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं। इसकी शुरुआत 7 जुलाई शुक्रवार को काम बंद हड़ताल से की गई। सभी कर्मियों ने लामबंद होकर रैली निकाली और मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।

प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगों की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया। मुख्य सचिव के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर ज्ञापन, धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन के माध्यम से पांच सूत्रीय मांगों पर ध्यानाकृष्ट कराया जाता रहा है, लेकिन शासन द्वारा आज तक मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिए जाने के कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कर्मियों की मांगों में छठवें वेतनमान के आधार पर देय गृह भाड़ा भत्ता को सातवें वेतनमान के आधार पर केंद्रीय दर से पुनरीक्षित करने, राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने, कर्मचारियों की मांगो को लेकर गठित पिंगुआ कमेटी एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगति हेतु गठित समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र पर अमल करते हुए राज्य के समस्त कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान क्रमश: 8, 16, 24 एवं 30 वर्ष की सेवा अवधि उपरांत करने एवं अनियमित, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को नियमित करने और पुरानी पेंशन का लाभ दिलाने हेतु प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर एवं पूर्ण पेंशन का लाभ देने हेतु अर्हतादायी सेवा 33 वर्ष के स्थान पर 25 वर्ष करने की मांगें शामिल हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा से संबद्ध संगठन छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ एवं प्रदेश के समस्त कर्मचारी अधिकारी संगठनों ने इन मांगों को लेकर 7 जुलाई को कामबंद आंदोलन किया। चेतावनी दी गई है कि मांगों पर सरकार द्वारा निर्णय न लिए जाने की स्थिति में 1 अगस्त से अनिश्चित कालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

आश्रम – छात्रावासी विद्यार्थियों की सेहत का रखें ध्यान : बेंजाम

0
  • अनुविभाग स्तरीय चयन समिति बैठक में कहा विधायक राजमन ने

तोकापाल अनुविभाग स्तरीय आश्रम-छात्रावास चयन समिति की बैठक में चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम शामिल हुए। यह बैठक 7 जुलाई को तोकापाल जनपद कार्यालय के सभाकक्ष में हुई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि विधायक राजमन बेंजाम उपस्थित थे। बैठक में तोकापाल, दरभा एवं बास्तानार ब्लॉक के समस्त छात्रावास अधीक्षक-अधीक्षिकाएं शामिल हुए।

विधायक राजमन बेंजाम ने छात्रावास अधीक्षक व अधिक्षिकाओं से कहा कि आश्रम छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र- छात्राओं के जीवन में उनके परिजनों के बाद आप सबका महत्वपूर्ण स्थान होता है। छात्रावासों में रहकर पढ़ने वाले बच्चे बहुत ही होनहार होते हैं। छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दें। इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष दरभा अनत कश्यप, जनपद सदस्य तुलाराम कश्यप, जनपद सदस्य दुला कवासी, सांसद प्रतिनिधि महादेव नाग, विधायक प्रतिनिधि तोकापाल गणेश कावड़े, विधायक प्रतिनिधि दरभा बलिराम कश्यप, विधायक प्रतिनिधि बास्तानार बेड़ता पोयाम, राजीव युवा मितान क्लब के विधानसभा क्षेत्र समन्वयक रिका कर्मा भी मौजूद थे।

MOST POPULAR

HOT NEWS