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इतिहास रच गया बाबू सेमरा का सामूहिक विवाह समारोह

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  • विवाह समारोह में 75 जोड़ों ने किया गृहस्थ जीवन अंगीकार
  • मसीही समाज के भी नौ जोड़ों ने किया दाम्पत्य जीवन में प्रवेश
  • ऐतिहासिक परिणय बंधन के साक्षी बने संसदीय सचिव रेखचंद जैन

नगरनार समीपस्थ ग्राम बाबू सेमरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह कई मायनों में इतिहास रच गया। इस आयोजन में 75 जोड़े परिणय बंधन में बंधे। ईसाई समुदाय के भी नौ जोड़ों ने इस समारोह में दाम्पत्य जीवन अंगीकार किया। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने संसदीय सचिव एवं जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रेखचंद जैन और अन्य कांग्रेस नेता। जैन की पहल पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह वृहद आयोजन किया था।सामूहिक विवाह समारोह की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। सामूहिक विवाह समारोह में शादी के लिए वर – वधुओं तथा उनके परिजनों को राजी करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी और उनकी टीम गांव – गांव का दौरा कर आडंबर मुक्त और दहेज मुक्त विवाह के लिए लोगों को प्रेरित करने अभियान चलाया जा रहा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं इस समारोह में विशेष रूचि ले रहे थे। मुख्यमंत्री बघेल ने इसकी पूरी जिम्मेदारी संसदीय सचिव रेखचंद जैन को दे रखी थी, लिहाजा जैन लगातार क्षेत्र का दौरा कर ग्राम पंचायतों के पदाधिकारियों और ग्राम प्रमुखों से संपर्क बनाए रखते हुए आयोजन में ज्यादा से ज्यादा जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य लेकर जी जान से जुट गाए थे। विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीणों, पंचायत पदाधिकारियों, ग्राम प्रमुखों की मेहनत रंग लाई और 75 जोड़ों को विवाह के लिए तैयार कर लिया गया। बाबू सेमरा में विवाह स्थल पर विशाल पंडाल बनाया गया था। पंडाल की आकर्षक सजावट की गई थी। जोड़ों की सामाजिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार विवाह के संस्कार संपन्न कराने के लिए पंडित, पुजारियों और पादरियों को आमंत्रित किया गया था और तमाम जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं। नियत समय से पहले ही सभी वर वधु और उनके परिजन व नाते रिश्तेदार आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे। गांव में गहमा गहमी और रौनक थी। मांगलिक गीत गाए जा रहे थे। शहनाई, ढोल तासे और बैंड बाजों की धुन अलग छटा बिखेर रही थी।

देवगुड़ी ने लिया जनवासे का रूप

11 मार्च को बाबू सेमरा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में पहुंचे दूल्हों और उनके परिजनों के लिए गांव की देवगुड़ी को जनवासा बनाया गया था। संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन वहां से दूल्हों की बारात लेकर निकले। विधायक जैन के साथ नगर निगम जगदलपुर के एमआईसी सदस्य राजेश राय, जिला कांग्रेस महामंत्रीद्वय गौरनाथ नाग व हेमू उपाध्याय, पार्षद सूर्या पाणि, विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष अवधेश झा समेत सैकड़ों ग्रामीण, दूल्हों के परिजन व अन्य मौजूद थे। जैन के बुलावे पर शहर- गांवों से सैकड़ों कांग्रेस नेता व कार्यकर्त्ता सामूहिक विवाह समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। विवाह समारोह में सम्मिलित होने वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री कल्पना मेश्राम, माधुरी शर्मा, कनकदेई व अन्य भी पहुंची थीं।

पटाखे फोड़े, गीत- संगीत पर थिरके लोग

बारात प्रस्थान के दौरान जगह-जगह पटाखे फोड़े गए। गीत- संगीत पर मेहमान व मेजबान सभी खूब थिरके।दूल्हों के साथ निकले बराती बनकर निकले विधायक श्री जैन, अतिथियों व बारातियों का जगह-जगह गांव की महिलाओं ने आत्मीयता व गर्मजोशी से स्वागत किया। जनवासा से लगभग दो किमी दूर विवाह स्थल पहुंचने में बारात को करीब एक घंटे का समय लग गया। पूरे मार्ग भर बाराती और अतिथि नाचते- गाते रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी और जैन भी खूब थिरके।

जनपद अध्यक्ष के साथ वधुओं को दी शुभकामनाएं

विधायक रेखचंद जैन ने जगदलपुर जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम व नगर निगम सभापति कविता साहू के साथ वधुओं को शुभकामनाएं दी। स्वागत सत्कार के बाद विधायक रेखचंद जैन वैवाहिक रीति-रिवाजों के साक्षी बने। उनके साथ नगर निगम सभापति कविता साहू, राजेश राय, सूर्या पाणि, दयाराम कश्यप, जिला कार्यकम अधिकारी मनोज सिन्हा, परियोजना अधिकारी अर्चना सैमसंग समेत अनेक पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता- सहायिकाएं, दूल्हों व दुल्हनों के परिजन, ग्रामीण, अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। विधायक रेखचंद जैन के साथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र साहनी, राजेश राय, गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, पार्षद द्वय दयाराम कश्यप व सूर्या पाणि, अवधेश झा, सूर्य नारायण राव, उप सरपंच रामेश्वर बिसाई व अन्य मौजूद थे। विवाह स्थल के समक्ष भी जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा के साथ विधायक श्री जैन ने नृत्य किया।

सेल्फी लेने और फोटो खींचने की मची होड़

विधायक रेखचंद जैन की सादगी, सरलता और हमेशा सुख- दुख में उपलब्ध रहने की खूबी की चर्चा शहर ही नहीं बल्कि गांवों में भी होती है। उनकी इस खूबी के कायल पक्ष ही नहीं अपितु विपक्ष के लोग भी हैं। इसका नजारा शनिवार को बाबू सेमरा में भी दिखा। खास के साथ आम जनों में भी उनकी फोटो मोबाइल में कैद करने और उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ मची रही। युवक युवतियों के साथ बच्चे भी जैन को रोक रोककर उनके साथ सेल्फी लेते रहे।

सीएम भूपेश बघेल ने अगले साल से किया 50 हजार

कार्यक्रम के दौरान विधायक रेखचंद जैन ने नव विवाहित 75 जोड़ों को आशीर्वाद देने के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य के बजट में योजना के लिए किए गए प्रावधान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगले साल से इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े 50 हजार रुपये देने की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई है। जैन ने दिव्यांग जोड़ों को अधिक राशि मिलने के साथ अन्य मिलने वाले लाभ भी गिनाए। जैन ने सभी 75 जोड़ों को दिए गिफ्ट। जैन ने क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से दाम्पत्य सूत्र में बंधे नौ जोड़ों को भी अतिथियों के साथ आशीर्वाद दिया।विधायक रेखचंद जैन ने सभी 75 जोड़ों को आशीर्वाद देने के साथ स्वयं की ओर से गिफ्ट भी दिया। ग्रामीणों और विभाग के कर्मियों का कहना था कि उन्होंने पहली बार किसी विधायक को अपनी ओर से गिफ्ट देते देखा है। उनके इस पहल व सहयोग की चर्चा विवाह के बाद भी होती रही। सभी नवदंपत्तियों तथा उनके परिजनों ने जैन का आभार मानते हुए उन्हें दुआएं दीं और जैन को सच्चा सेवक व जनता का हितैषी जनप्रतिनिधि बताया।

मोर आवास मोर अधिकार आंदोलन के लिए जन जागरण वॉल पेंटिंग प्रारंभ-संजय पांडे

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नगर मंडल ने प्रारंभ किया रायपुर आंदोलन चलने के लिए वॉल पेंटिंग -सुरेश गुप्ता जगदलपुर- मोर आवास मोर अधिकार के तहत 15 तारीख को रायपुर में जगदलपुर के हितग्राही जुड़ेंगे- सुरेश गुप्ता विधानसभा घेरने आज जगदलपुर में भाजपा नगर मंडल के द्वारा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों के बीच में जाकर जन जागरण अभियान प्रारंभ कर दीवाल में लेखनी कार्य प्रारंभ किया! वॉल पेंटिंग करने के दौरान पात्र हितग्राहियों के बीच में रायपुर जाने हेतु एक उत्सुकता बनी, अपने अधिकार को झुग्गी झोपड़ी में निवासरत परिवार, किराए में रहने वाले परिवार, नजूल की भूमि में रहने वाले परिवार ने अपने अधिकार के लिए रायपुर चलने की तैयारी कर रहे हैं ।

सुरेश गुप्ता ने कहा आज पूरे छत्तीसगढ़ के साथ जगदलपुर शहर के गरीब जनता जाग चुकी है अपने अधिकार को लेने के लिए हर गरीब परिवार अपने अधिकार के लिए रायपुर चलने को तैयार है नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने वॉल पेंटिंग के दौरान हितग्राहियों से संपर्क कर कहा कि रायपुर में 100000 से ज्यादा हितग्राही पहुंचने वाले हैं इसमें जगदलपुर से भी 2000 हितग्राही अपने अधिकार के लिए जाएंगे! आज जन जागरण कर आम जनता को इस कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास लगातार चल रहा है! पात्र परिवारों को इस आंदोलन से जोड़ने भारतीय जनता पार्टी पूरे शहर में जोरदार अभियान चला रही है और इसलिए हमारा जो टारगेट 2000 का है वह पूर्ण होगा इस अवसर पर आरेंद्र सिंह आर्य रोशन झा घनश्याम बघेल कुसुम परिहार शेखर शर्मा संतोष पांडे हरीश पाठक जय जोशी और भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे ॥

राजभवन मार्च में शामिल हुए क्रेडा अध्यक्ष स्वर्णकार

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केंद्र सरकार की अडानी परस्त नीति को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आव्हान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस द्वारा राजभवन मार्च किया जा रहा है। इस मार्च में शामिल होने अक्षय ऊर्जा विकासश अभिकरण क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार भी शामिल हुए। इनके साथ प्रदेश स्तरीय नेताओं ने भी शिरकत किया।रायपुर में आयोजित राजभवन मार्च में सम्मिलित होने बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों का जमावड़ा रायपुर में हुआ है जोकि कांग्रेस भवन में सभा आयोजित कर मार्च दोपहर बाद राजभवन के लिए कुच करेगी। प्रदेश महामंत्री रवि घोष, पीसीसी डेलीगेट और क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, इंद्रावती विकास प्राधिकरण अध्यक्ष राजीव शर्मा, दंतेवाड़ा अध्यक्ष अवधेश गौतम,जिला महामंत्री अब्दुल सईद, क्रेडा सदस्य कन्हैया लाल अग्रवाल , विजय साहू, प्रवक्ता धनंजय ठाकुर सहित अन्य उपस्थित थे।

सामाजिक संवेधानिक जन जागृति यात्रा जगह जगह मिल रहा है जन समर्थन

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जगदलपुर :- सामाजिक संवेधानिक जान जागृति यात्रा जनपद पंचायत बकावण्ड के ग्राम पंचायत नेगानार , छोटे देवड़ा , सर्गीपाल , भेजरी पदर, बकावंड, कोड़ावण्ड, छिनारी , सोनपुर , करपावण्ड , चिउरगांव , छिंदगाव , जैबल , डिमरापाल , गारेगा , केसरपाल , नन्दपूरा , बनियागॉव आदि गांवों संविधानिक जन जागरण यात्रा को इन गॉवों में जन जनसमर्थन मिल रहा है। सर्व आदिवासी समाज बस्तर ब्लॉक युवा प्रभाग अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने बताया कि बस्तर संभाग के मांग पेशा नियम 2022 मे संशोधन कर ग्राम सभा को पूर्ण अधिकार दे, वन अधिकार मान्यता कानून के तहत सामुदायिक वन प्रबंधन ग्राम सभा को अधिकार दे, स्थानीय आरक्षण बहाल करे, स्थानीय क्षेत्र मे निजीकरण पर रोक, भू राजस्व संहिता की धारा 165 (6)को संशोधित कर आंध्र प्रदेश के तर्ज़ पर विधेयक लाया जाए, अनुसूचित क्षेत्रो मे आदिवासियों की भूमि को लीज मे लेना बंद हो,

आदिवासी महिला को गैर आदिवासी विवाह कर जमीन व राजनीतिक लाभ लेने पर रोक एवं अन्य विषयो को लेकर यह जन जाग्रति यात्रा पूरे बस्तर जिले मे निकाली जा रहीं है। सामाजिक संवैधानिक यात्रा की जगह जगह स्वागत हुआ। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग अध्यक्ष संतू मौर्य , पूरन सिंह कश्यप, नारायण कश्यप, दयाराम कश्यप शंकर बघेल, रामचंद मौर्य, किशन गोयल, डमरु गोयल, योगेश कश्यप, लछिनदर बघेल, निलकुमार कश्यप, कुशल कश्यप, विजय कश्यप, दिनबंधु कश्यप, सुनिल बघेल, साधुराम मंडावी, कमु नाथ कश्यप, मदनी कश्यप, सुकदई बघेल , फुलसिग मंडावी ,बुधमन कश्यप,मगलू कश्यप, साहुराम कुहडाम, मगलू कश्यप, नरेद कश्यप आदि उपस्थित थे।

पीसीसी चीफ मरकाम ने सरकार को ही खड़े कर दिया कटघरे में

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  • विधानसभा में मोहन मरकाम ने जिला खनिज मद की रकम की बंदरबांट का लगाया आरोप
  • मंत्री रविंद्र चौबे ने जांच कराने की बात कहकर सम्हाल ली स्थिति
  • सत्ता से टकराव मोल लेने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से होगी विदाई

बस्तर आदिवासी बहुल बस्तर संभाग की कोंडागांव सीट से विधायक एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अब सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी की प्रदेश सरकार के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी है। मरकाम ने विधानसभा में आरोप लगाया कि डीएमएफ की राशि की जमकर बंदरबांट हो रही है। इस पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा शुरू कर दिया। बस्तर के आदिवासी नेता एवं विधायक मोहन मरकाम ने विधानसभा में खनिज न्यास मद की राशि की अफरा तफरी का आरोप लगाते हुए कहा कि कोंडागांव जिले में पंचायत विभाग के माध्यम से डीएमएफ की रकम की बंदरबांट हो रही है। उन्होंने इस मामले की जांच विधानसभा की समिति से कराने की मांग उठाई। मरकाम के इतना कहते ही विपक्ष के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्य सरकार से इस्तीफे की मांग करने लगे। बात बिगड़ती देख मंत्री रविंद्र चौबे को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा। चौबे ने सदन को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच राज्य स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी और एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट आ जाएगी। फिर भी मरकाम मानने को तैयार नहीं थे। वे इस मामले की जांच विधानसभा की समिति से ही कराने की मांग लगातार दोहराते रहे। उनका कहना था कि सात करोड़ रु. की बंदरबांट हुई है। ऐसे में क्या दोषी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए ? उधर विपक्ष के सदस्य भी शांत नहीं हो रहे थे। उनके हंगामे का दौर काफी देर तक चलता रहा। विपक्ष के सदस्यों का कहना था कि सरकार जब अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है, तो इससे सरकार की मंशा पर सवाल उठना जायज है। विपक्षी सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि देखो आज मरकाम भयमुक्त होकर सवाल उठा रहे हैं। सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन की होर्डिंग्स और बैनर्स में फोटो नहीं लगवाई, तो बेचारे मरकाम जी ऐसे सवाल उठाने के लिए मजबूर हो गए हैं। सत्तापक्ष के सदस्य होते हुए भी मोहन मरकाम द्वारा सरकार को कटघरे में खड़े करने की कोशिश की जाने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसे सत्ता और संगठन के बीच टकराव के तौर पर देखा जाने लगा है। वहीं कुछ राजनीतिक पंडित इसे भूपेश बघेल विरोधी लॉबी का खेल निरुपित कर रहे हैं।

राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद शुरू हुआ है टकराव

रायपुर में हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अधिवेशन ने सत्ता और संगठन में टकराव के बीज बोए हैं। अधवेशन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के सम्मान में जो होर्डिंग्स और बैनर्स लगाए गए थे, उनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की तस्वीर नहीं थी। यह सामान्य चूक थी, या फिर जानबूझकर ऐसा किया गया था? यह सवाल अब तक अनुत्तरित है, लेकिन इसने सत्ता और संगठन के बीच दूरियां बढ़ाने का काम जरूर कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि इसी बात को लेकर मोहन मरकाम सरकार से नाराज चल रहे हैं और सरकार के विरोध में आवाज उठाने लगे हैं। कारण चाहे जो भी हो, मगर एक बात तय है कि मोहन मरकाम की नाराजगी को दूर करना पार्टी और सरकार दोनों के हित में होगा। अन्यथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चार साल में जो मेहनत की है, उस पर पानी फिरते जरा भी देर नहीं लगेगी।

भगत हो सकते हैं नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

सूत्रों की मानें तो मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के सरकार विरोधी रुख और बगावती तेवर की जानकारी कांग्रेस हाईकमान तक भी पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान मोहन मरकाम की हरकतों से काफी नाराज है और वह श्री मरकाम के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की भी तैयारी कर चुका है। मोहन मरकाम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से किसी भी क्षण हटाया जा सकता है। जानकार बताते हैं कि कांग्रेस के पुराने सिपाही अमरजीत भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। उनके नाम की घोषणा जल्द हो सकती है।

नेशनल हाईवे -30 के बढ़ईगुड़ा टोल प्लाजा को किया गया सील

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  • कांग्रेस विधायक के पुत्र के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद कार्रवाई
  • मेंटेनेंस चार्ज वसूली के विरोध में छेड़ रखा है नागरिकों ने आंदोलन


बस्तर कांग्रेस विधायक के पुत्र के आंदोलन के बाद प्रशासन ने नेशनल हाईवे – 30 पर घाट लोहंगा बढ़ईगुड़ा गांव के पास स्थित टोल प्लाजा को सील कर दिया है। जब तक टोल प्लाजा सीलमुक्त नहीं होगा, तब तक वाहन बिना टैक्स अदा किए गुजरते रहेंगे।विधायक पुत्र के नेतृत्व में नागरिकों ने नेशनल हाईवे की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट की मरम्मत न कराने के विरोध में मोर्चा खोल रखा है।


राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 बस्तर विकासखंड के फरसागुड़ा, घाट लोहंगा, बढ़ईगुड़ा, करंदटोला, भानपुरी, बस्तर आदि मुख्य गांवों के बीचों बीच से गुजरता है। राजमार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रकाश व्यवस्था के लिए चार पांच वर्ष पूर्व लगवाई गई हाईमास्ट लाइट एवं स्ट्रीट लाइट को आज तक शुरु नहीं किया गया है। अंधेरा रहने के कारण रात के समय इन गांवों के आसपास आएदिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। नारायणपुर के कांग्रेस विधायक चंदन कश्यप के पुत्र एवं युवा कांग्रेस नेता निलय कश्यप का कहना है कि इन गांवों के कई लोग नेशनल हाईवे में हुए हादसों का शिकार बन चुके हैं। निलय कश्यप के नेतृत्व में इस मसले को लेकर पहले भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर लाइटों को चालू करवाने की मांग की जा चुकी है, मगर अब तक कोई पहल नहीं हुई है। निलय कश्यप का कहना है कि मेंटेनेन्स चार्ज के नाम पर घाट लोहंगा बढ़ईगुड़ा टोल प्लाजा में वाहनों से अच्छी खासी रकम की वसूली की जाती है, लेकिन हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट को जलाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे आक्रोशित नागरिकों ने युवा कांग्रेस नेता निलय कश्यप के नेतृत्व में आज मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों नागरिकों के साथ पहुंचे निलय कश्यप ने घाट लोहंगा बढ़ईगुड़ा टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। निलय कश्यप और नागरिकों का कहना था कि जब तक हाईमास्ट लाइट और स्ट्रीट लाइट शुरू नहीं हो जाती तब तक टोल प्लाजा में वाहनों से वसूली बंद रखी जाए। आंदोलन की जानकारी मिलने पर बस्तर के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं दंडाधिकारी श्री वर्मा तथा पुलिस के अधिकारी दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम श्री वर्मा ने अप्रिय स्थिति निर्मित होने की आशंका को देखते हुए घाट लोहंगा टोल प्लाजा को सील कर दिया। इसके बाद ही निलय कश्यप और नागरिक शांत हुए।
एहतियातन किया गया है सील
हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट को शुरू करने की मांग लोग लंबे समय से करते आ रहे हैं। नागरिकों के आंदोलन के कारण हालात बिगड़ने का अंदेशा था, इसलिए टोल प्लाजा को सील किया गया है।
-श्री वर्मा

नगर विकास की मांग को लेकर 15 मार्च से राजहरा व्यापारी संघ करेगा विशाल आंदोलन

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  • आश्वासन नहीं धरातल में काम चाहिए – राजहरा व्यापारी संघ
  • बाइक रैली,मशाल रैली,लाइट बंद कर विरोध प्रदर्शन की तैयारी
  • धरना प्रदर्शन, अनिश्चितता व्यापार बंद व चक्काजाम की चेतावनी

दल्लीराजहरा – खनिज नगरी दल्ली राजहरा जिसके गर्भ से निकले लौह अयस्क से भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया छत्तीसगढ़ प्रदेश को आर्थिक प्रगति प्रदान की। करोड़ो की रॉयल्टी देने वाला राजहरा नगर शासन, प्रशासन की उदासीनता के चलते अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. इसका असर व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है। नगर विकास की महत्वपूर्ण मांग को लेकर राजहरा व्यापारी संग लगातार संघर्ष करता रहा है। शासन,प्रशासन,रेल विभाग के नगर के विकास के प्रति कई वर्षो से लचर रुख अपनाने व केवल आश्वासन दे धरातल में कोई भी काम ना दिखने से निराश नगर के समस्त व्यापारियों ने शनिवार रात्रि 9 बजे अटल सदन में हुई बैठक कर बड़े आंदोलन की रूप रेखा तैयार कर ली है।इस बैठक में समस्त व्यापारियों ने अपनी अपनी बात रखी व एक मत होकर आंदोलन को सहमति प्रदान की।इसके पूर्व राजहरा व्यापारी संघ कर प्रतिनिधि मंडल ने अनुविभागीय अधिकारी योगेंद्र श्रीवास से मिल अपने मांग पत्र का ज्ञापन सौप आंदोलन की जानकारी पत्र के द्वारा दी।एसडीएम चर्चा में व्यापारियों ने कहा की राजहरा के अस्तित्व की रक्षा के लिए यहां पहुंचे हुए हैं।

20 साल से हम वही मांग करते आ रहे हैं. अधिकारी बदल गए सरकार बदल गई और हमारे शहर का हुलिया भी बदल गया है।1लाख की जनसंख्या का नगर 40 हजार में पहुँच गया।रोजगार के कोई साधन नही कोई शासकीय उपक्रम नही बीएसपी सभी स्कूल बंद कर ली है। रेल सुविधा मिल नहीं रही।कुछ मिल रहा है तो वो है आश्वासन जिस पर एसडीएम द्वारा व्यापारी संघ की बीएसपी,रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की बात कर आंदोलन पर विचार करने की बात कही गई। व्यापारी मंडल ने कहा की नगर के विकास की मांग को लेकर दल्ली से दिल्ली तक सभी प्रयास किये गए 20 दिसंबर को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से दिल्ली में व्यापारी संघ का प्रतिनिधि मंडल मिल मांग पत्र सौपा। रेल विभाग से मांग – रेल्वे भूमि पर विगत 70 साल से बसे हुए सभी निवासरत् लोगों को पट्टा प्रदान किया जाये ।दल्ली राजहरा में वाशिंग यार्ड का निर्माण कराया जाये,दल्ली राजहरा से 3 दिन चलने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेन को प्रतिदिन न्यायधानी बिलासपुर तक चलाये, अंतागढ़ से रायपुर तक प्रतिदिन चलने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेन में बोगियों की संख्या बढ़ायी जाये ।जगदलपुर से रावघाट रेल लाईन निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया जाये ।दल्ली राजहरा से चंद्रपुर महाराष्ट्र तक रेल लाईन निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया जाये ।दुर्ग से चलने वाली ट्रेनों को दल्ली राजहरा से चलाया जाये ।रिजर्वेश काऊंटर को बढ़ाते हुए आरक्षण काऊंटर का समय बढ़ाया जाये।दुर्ग से चलने वाली ट्रेन को अंतागढ़ से नागपुर विशाखापट्टनम चलाने की मांग की गई रेलवे के आला अधिकारियों को लगातार कई वर्षों से ज्ञापन दिया गया पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई।

शासन प्रशासन से मांग- राजहरा में औद्योगिक नगर के लिए कई बार सर्वे हो चुका है उसे आरम्भ किया जाये,दल्ली राजहरा नगर एवं चिखलाकसा की भूमि रजिस्ट्री का सरलीकरण किया जाये केन्द्रीय विद्यालय अगले सत्र से प्रारंभ करने, बालोद जिले का नाम बालोद दल्लीराजहरा संयुक्त जिला कर इसके कुछ विभागों राजहरा में लाने, नगर से बायपास सड़क का निर्माण, जल आवर्धन योजना, 100 बिस्तर अस्पताल का निर्माण शीघ्र किया जाये, नगर के 270 + 130 एकड़ भूमि पर बसे लोगों को निःशुल्क रजिस्ट्री कराकर स्थायी पट्टा प्रदान किया जाये,दल्ली राजहरा को पूर्ण तहसील की स्थापना की जाये,राजहरा नगर के डेम साइड, बोरडीह डेम व अन्य क्षेत्र को पर्यटक क्षेत्र के रूप में विकास करने कुछ मांग पूरी होने की बात की गई, बजट प्रस्तावित होने की बात कई वर्षों से की जाती रही पर आज तक धरातल में कोई भी काम नहीं हुआ है।*15 मार्च से आंदोलन प्रारंभ* – राजहरा व्यापारी संघ ने एसडीएम को दिए ज्ञापन मे नगर के सामाजिक संगठन व राजनैतिक संगठनों व सभी जनप्रतिनिधियों के समर्थन के साथ मांग पूर्ण करने हेतु आंदोलन करने को बाध्य होकर 15 मार्च 2023 से धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया जा रहा है। उसी कड़ी में आगे नगर बंद एवं चक्का जाम जैसे कदम हम उठाने को मजबूर होंगें जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी ।

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भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देगा कलमा नानगुर खदान

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  • कांकेर जिले की कलमा नानगुर खान से होगी लौह अयस्क आपूर्ति
  • दल्ली राजहरा में होगी आयरन ओर की सफाई, मिलेगा सबको काम
  • क्षेत्र के बेरोजगारों, मजदूरों को उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर

दल्लीराजहरा कहते हैं छत्तीसगढ़ के आदिवासी खुद भूखे रह जाते हैं, मगर मेहमान को खाना जरूर खिलाते हैं। छत्तीसगढ़ की माटी की भी तासीर कुछ इसी तरह की है। छत्तीसगढ़ की रत्नगर्भा धरती अपने लालों का तो ध्यान रखती ही है, दूर दराज के लोगों का भी भला और पोषण करती है। छत्तीसगढ़ की यही रत्नगर्भा धरती अब भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देने वाली है। यहां की धरती के एक और हिस्से में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का अकूत भंडार मिला है, जो न सिर्फ भिलाई इस्पात संयंत्र की धमन भट्ठीयों को धधकाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि अंतिम सांसे गिन रहे दल्ली राजहरा को भी संजीवनी देगा। दरअसल महामाया क्षेत्र से लगे कलमा नानगुर में स्थित लौह अयस्क खदान से अब भिलाई स्टील प्लांट को दल्ली राजहरा के रास्ते लौह अयस्क की आपूर्ति होगी। कलमा नानगुर में लौह अयस्क का बड़ा भंडार मिला है। वहां 44 एकड़ क्षेत्रफल में उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क उपलब्ध है। कलमा नागुर खदान के लौह अयस्क क्वालिटी 61 प्रतिशत आयरन कंटेंट वाली है। कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा से महज 30 किमी दूर स्थित है। इस क्षेत्र मैं पहुंचने के लिए कच्चे माइंस से हाट हॉटकोंदल मार्ग से होते हुए पहुंचा जा सकता है वही महामाया पहाड़ी के ऊपर से यह क्षेत्र जुड़ा हुआ है इस खदान क्षेत्र को केंद्र सरकार के खनिज मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने इस मामले में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक कलमा नानगुर से लौह अयस्क सड़क मार्ग के जरिए पहले दल्ली राजहरा पहुंचेगा। दल्ली राजहरा खदान की वाशरी में धुलाई और सफाई के बाद लौह अयस्क को मालगाड़ियों के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञातव्य है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में लौह अयस्क आपूर्ति के लिए रावघाट माइंस को विकसित करने का काम लगभग पूरा हो चुका है, मगर कुछ अड़चनों की वजह से वहां खनन आरंभ नहीं हो सका है। रावघाट माइंस 220 एकड़ रकबे में फैला हुआ है। पेड़ों की कटाई की स्वीकृति न मिल पाने के कारण खनन अब तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। वहीं दूसरी ओर दल्ली राजहरा की खदानों में आयरन ओर समाप्ति की ओर है। वहां न के बराबर लौह अयस्क बचा रह गया है, जो भिलाई इस्पात संयंत्र की सांसों को ज्यादा दिनों तक थामे रख पाने में सक्षम नहीं है। ऐसी विषम परिस्थितियों के बीच कलमा नानगुर की खदान भिलाई इस्पात संयंत्र को नया जीवन देने वाली साबित होगी। बताया गया है कि कलमा नानगुर से लौह अयस्क दल्ली राजहरा तक सड़क मार्ग से ले जाया जाएगा। दल्ली राजहरा माइंस में आयरन ओर की धुलाई और सफाई के लिए वाशरी एवं अन्य उपकरण पहले से ही मौजूद हैं, जिनकी मदद से कमला नानगुर से पहुंचने वाले आयरन ओर की सफाई कर उसे मालगाड़ियों के जरिए भिलाई इस्पात संयंत्र भेजा जाएगा।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

कलमा नानगुर में लौह अयस्क का खनन आरंभ हो जाने पर क्षेत्र के शिक्षित, प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं और मजदूरों को भरपूर रोजगार मिलेगा। बस्तरिहा मजदूरों को भी काम की तलाश में आंध्ररप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर कूच नहीं करना पड़ेगा। उन्हें कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान में ही काम मिलने लगेगा। विदित हो कि बस्तर के मजदूर हर साल मिर्च तोड़ाई और अन्य कार्य करने के लिए हर साल आंध्ररप्रदेश जाते हैं। इसी तरह रोजी रोटी की तलाश में उन्हें तेलंगाना और महाराष्ट्र भी जाना पड़ता है। अब उन्हें पलायन के अभिशाप से मुक्ति मिल जाएगी। कलमा नानगुर लौह अयस्क खदान का सर्वाधिक लाभ कांकेर और बालोद जिलों के बेरोजगारों और मजदूरों को मिलेगा। क्योंकि इन दोनों जिलों की सीमाओं पर ही कलमा नानगुर खदान स्थित है। कलमा नानगुर व आसपास के गांवों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा

अब दिन फिरेंगे दल्ली राजहरा के भी

कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए तो वरदान साबित होगा ही, डायलिसिस पर रहकर अंतिम सांसे गिन रहे खनिज नगरी दल्ली राजहरा के लिए भी संजीवनी बूटी से कतई कम असरकारी नहीं होगा। एक जमाना था, जब दल्ली राजहरा की खदानों में की जाने वाली ब्लास्टिंग के धमाके पूरे शहर में हर वक्त सुनाई देते थे, डंपर, टिप्पर का रेला लगा रहता था, गैरेजों में मरम्मत के लिए बड़ी गाड़ियों की लाईन लगी रहती थी, लाल रंग की शर्ट और हरे रंग की हाफ पेंट पहने मजदूरों की भीड़ हर तरफ नजर आती थी, दुकानों में बड़ी रौनक रहती थी। अब वो दिन फना हो चुके हैं। न बारुदी धमाके सुनाई देते हैं, न डंपर, टिप्पर बहुत ही दिखते हैं, मजदूरों की भीड़ भी अब नहीं रह गई है और दुकानों में सन्नाटा पसरा रहता है। गैरेजों में वीरानी का आलम रहता है। दल्ली राजहरा माइंस में नौकरी करना बड़े ही शान की बात मानी जाती थी, माइंस के कामगारों का रुतबा ही अलग होता था। महामाया माइंस से लौह अयस्क परिवहन करने के लिए सैकड़ों ट्रांसपोर्टर्स के डंपर, टिप्पर दिन रात महामाया से दल्ली राजहरा के बीच चौबीसों घंटे दौड़ते रहते थे। माइंस में हजारों लोग नियमित कामगार के रूप में काम करते ही थे, लौह अयस्क परिवहन में लगे ट्रांसपोर्टर्स के टिप्पर, डंपर में भी हजारों मजदूरों को काम मिलता था। गैरेज संचालकों और उनके अधीन काम करने वाले मेकेनिक भी अच्छी खासी कमाई कर लेते थे। दुकानदारों का काम भी बढ़िया चल रहा था। अब उम्मीद की जा रही है कि कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा के पुराने दिन लौटाने में सहायक होगी। ट्रांसपोर्टर्स को फिर से काम मिलने लगेंगा। मजदूरों को पर्याप्त काम मिलेगा और दुकानों तथा गैरेजों में रौनक लौट आएगी

विकास का आधार, बाल्य – युवावस्था का प्राण तत्व है खेल : बघेल

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  • विधायक ट्राफी क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन में पहुंचे बस्तर के विधायक लखेश्वेर बघेल

बस्तर विकासखंड बस्तर के ग्राम इच्छापुर 2 में विधायक ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसके समापन समारोह में क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल मुख्य अतिथि थे। फाइनल मुकाबला कुम्हड़ाकोट और इच्छापुर के बीच हुआ। कुम्हाड़ाकोट ने विधायक ट्राफी पर कब्जा जमा लिया। राजीव युवा मितान क्लब के तत्वावधान में समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विधायक बघेल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की युवा शक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से राजीव युवा मितान क्लब योजना प्रारंभ की गई है। राजीव युवा मितान क्लब से जुड़कर युवा साथी खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं और जन जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं।विधायक ट्रॉफी टूर्नामेंट के इस फाइनल मुकाबला कुम्हड़ाकोट और इच्छापुर के मध्य खेला गया। मैच काफी रोमांचक रहा।

इच्छापुर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 98 रन बनाए। कुम्हड़ाकोट के बल्लेबाजों ने भी अपने उत्कृष्ट खेल का लोहा मनवाते हुए 10 ओवर की लास्ट गेंद में फाइनल मैच अपने नाम कर लिया। कुम्हड़ाकोट ने 1 विकेट से जीत हासिल की।बस्तर विधायक बविप्रा अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने उद्योगों को खेलों से जोड़ा जा रहा है। खिलाड़ियों को सुविधा मुहैया कराने छत्तीसगढ़ सरकार ठोस कदम उठा रही है। मोबाइल फोन के आने से बच्चे पारंपरिक खेलों और खेल मैदानों से दूर होते जा रहे हैं। खेलों का बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी अति महत्वपूर्ण योगदान है। स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं दिलाने का प्रयास करें, तो बच्चों में खेलों के प्रति जुनून पैदा होगा, जो उन्हें काफी आगे तक ले जाने में सहायक होगा।

रोतमा में भी हुई क्रिकेट प्रतियोगिता

ग्राम पंचायत रोतमा में भी राजीव गांधी युवा मितान क्लब द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन गया था। इसका समापन बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल की उपस्थित में हुआ। बघेल ने खिलाड़ियों को आशीर्वचन देते हुए उन्हें जीत की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर गणेश बघेल, ईश्वर पाणीग्रही, मानसिंह कवासी, मानसिंह बघेल, राम्याराम मौर्य, हेमराज बघेल, नीलम कश्यप, लखेश्वर मंडावी, रुपसाय, रघुनाथ, जितेंद्र तिवारी, राजेश कुमार, लखेश्वर, बीरसिंह बघेल, समदु एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्त्ता व ग्रामवासी मौजूद थे।

भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देगा बस्तर

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  • बस्तर संभाग की कलमा नानगुर खान से होगी लौह अयस्क आपूर्ति

दल्ली राजहरा में होगी आयरन ओर की सफाई, मिलेगा सबको काम बस्तर के बेरोजगारों, मजदूरों को उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर बस्तर कहते हैं बस्तर के आदिवासी खुद भूखे रह जाते हैं, मगर मेहमान को खाना जरूर खिलाते हैं। बस्तर की माटी की भी तासीर कुछ इसी तरह की है। बस्तर की रत्नगर्भा धरती अपने लालों का तो ध्यान रखती ही है, दूर दराज के लोगों का भी भला और पोषण करती है। बस्तर की यही रत्नगर्भा धरती अब भिलाई इस्पात संयंत्र और दल्ली राजहरा को संजीवनी देने वाली है। यहां की धरती के एक और हिस्से में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का अकूत भंडार मिला है, जो न सिर्फ भिलाई इस्पात संयंत्र की धमन भट्ठीयों को धधकाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि अंतिम सांसे गिन रहे दल्ली राजहरा को भी संजीवनी देगा। दरअसल बस्तर संभाग के कलमा नानगुर में स्थित लौह अयस्क खदान से अब भिलाई स्टील प्लांट को दल्ली राजहरा के रास्ते लौह अयस्क की आपूर्ति होगी।बस्तर संभाग के कलमा नानगुर में लौह अयस्क का बड़ा भंडार मिला है। वहां 44 एकड़ क्षेत्रफल में उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क उपलब्ध है। कलमा नागुर खदान के लौह अयस्क क्वालिटी 61 प्रतिशत आयरन कंटेंट वाली है। कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा से महज 30 किमी दूर स्थित है। केंद्र सरकार के खनिज मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने इस मामले में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक कलमा नानगुर से लौह अयस्क सड़क मार्ग के जरिए पहले दल्ली राजहरा पहुंचेगा। दल्ली राजहरा खदान की वाशरी में धुलाई और सफाई के बाद लौह अयस्क को मालगाड़ियों के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञातव्य है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में लौह अयस्क आपूर्ति के लिए रावघाट माइंस को विकसित करने का काम लगभग पूरा हो चुका है, मगर कुछ अड़चनों की वजह से वहां खनन आरंभ नहीं हो सका है। रावघाट माइंस 220 एकड़ रकबे में फैला हुआ है। पेड़ों की कटाई की स्वीकृति न मिल पाने के कारण खनन अब तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। वहीं दूसरी ओर दल्ली राजहरा की खदानों में आयरन ओर समाप्ति की ओर है। वहां न के बराबर लौह अयस्क बचा रह गया है, जो भिलाई इस्पात संयंत्र की सांसों को ज्यादा दिनों तक थामे रख पाने में सक्षम नहीं है। ऐसी विषम परिस्थितियों के बीच कलमा नानगुर की खदान भिलाई इस्पात संयंत्र को नया जीवन देने वाली साबित होगी। बताया गया है कि कलमा नानगुर से लौह अयस्क दल्ली राजहरा तक सड़क मार्ग से ले जाया जाएगा। दल्ली राजहरा माइंस में आयरन ओर की धुलाई और सफाई के लिए वाशरी एवं अन्य उपकरण पहले से ही मौजूद हैं, जिनकी मदद से कमला नानगुर से पहुंचने वाले आयरन ओर की सफाई कर उसे मालगाड़ियों के जरिए भिलाई इस्पात संयंत्र भेजा जाएगा।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

कलमा नानगुर में लौह अयस्क का खनन आरंभ हो जाने पर बस्तर संभाग के शिक्षित, प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं और मजदूरों को भरपूर रोजगार मिलेगा। बस्तरिहा मजदूरों को भी काम की तलाश में आंध्ररप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर कूच नहीं करना पड़ेगा। उन्हें कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान में ही काम मिलने लगेगा। विदित हो कि बस्तर के मजदूर हर साल मिर्च तोड़ाई और अन्य कार्य करने के लिए आंध्रप्रदेश जाते हैं। इसी तरह रोजी रोटी की तलाश में उन्हें तेलंगाना और महाराष्ट्र भी जाना पड़ता है। अब उन्हें पलायन के अभिशाप से मुक्ति मिल जाएगी। कलमा नानगुर लौह अयस्क खदान का सर्वाधिक लाभ कांकेर और बालोद जिलों के बेरोजगारों और मजदूरों को मिलेगा। यह खदान दुलकी और कलवर माइंस के पास कांकेर जिले में स्थित है। महामाया माइंस और रावघाट माइंस की पर्वत श्रृंखला के अंतिम छोर वाली पहाड़ियों में कलमा नानगुर माइंस है। इस खदान से लौह अयस्क खनन आरंभ हो जाने पर कांकेर, कलमा नानगुर व आसपास के गांवों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा

अब दिन फिरेंगे दल्ली राजहरा के भी

कलमा नानगुर की लौह अयस्क खदान भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए तो वरदान साबित होगी ही, डायलिसिस पर रहकर अंतिम सांसे गिन रहे खनिज नगरी दल्ली राजहरा के लिए भी संजीवनी बूटी से कतई कम असरकारी नहीं होगी। एक जमाना था, जब दल्ली राजहरा की खदानों में की जाने वाली ब्लास्टिंग के धमाके पूरे शहर में हर वक्त सुनाई देते थे, डंपर, टिप्पर का रेला लगा रहता था, गैरेजों में मरम्मत के लिए बड़ी गाड़ियों की लाईन लगी रहती थी, लाल रंग की शर्ट और हरे रंग की हाफ पेंट पहने मजदूरों की भीड़ हर तरफ नजर आती थी, दुकानों में बड़ी रौनक रहती थी। अब वो दिन फना हो चुके हैं। न बारुदी धमाके सुनाई देते हैं, न डंपर, टिप्पर बहुत ही दिखते हैं, मजदूरों की भीड़ भी अब नहीं रह गई है और दुकानों में सन्नाटा पसरा रहता है। गैरेजों में वीरानी का आलम रहता है। दल्ली राजहरा माइंस में नौकरी करना बड़े ही शान की बात मानी जाती थी, माइंस के कामगारों का रुतबा ही अलग होता था। महामाया माइंस से लौह अयस्क परिवहन करने के लिए सैकड़ों ट्रांसपोर्टर्स के डंपर, टिप्पर दिन रात महामाया से दल्ली राजहरा के बीच चौबीसों घंटे दौड़ते रहते थे। माइंस में हजारों लोग नियमित कामगार के रूप में काम करते ही थे, लौह अयस्क परिवहन में लगे ट्रांसपोर्टर्स के टिप्पर, डंपर में भी हजारों मजदूरों को काम मिलता था। गैरेज संचालकों और उनके अधीन काम करने वाले मेकेनिक भी अच्छी खासी कमाई कर लेते थे। दुकानदारों का काम भी बढ़िया चल रहा था। अब उम्मीद की जा रही है कि कलमा नानगुर खदान दल्ली राजहरा के पुराने दिन लौटाने में सहायक होगी। ट्रांसपोर्टर्स को फिर से काम मिलने लगेंगा। मजदूरों को पर्याप्त काम मिलेगा और दुकानों तथा गैरेजों में रौनक लौट आएगी।

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