जगदलपुर – इंद्रावती टाईगर रिजर्व के कथित रेस्ट हाउस में रायपुर में पदस्थ वन विभाग का अफसर 10 दिनों से रेस्ट हाउस में डेरा जमाये हुए है। विभाग के जिम्मेदार अफसर दे रहे गोल मोल जवाब। इंद्रावती टाईगर रिजवं विभाग के अफसरों को रूकने के लिए विभाग द्वारा एक कथित रेस्ट हाउस बननाया गया है जहां बकायदा चौकीदार की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त रेस्ट हाउस में आने-जाने वालों को किसी प्रकार कोई पंजी नहीं बनाई गई है। इस रेस्ट हाउस में कब कौन आता है और कब जाता है जिसका किसी प्रकार का उल्लेख नहीं होता। वर्तमान में उक्त रेस्ट हाउस में विगत 10 दिनों से रायपुर में पदस्थ वन विभाग का एक अफसर 10 दिनों से डेरा जमाये हुए है जबकि उक्त रेस्ट हाउस में ठहरने को लेकर जिला प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। जबकि नियमों के अनुसार कोरोना के इस संक्रमणकाल में बाहर से आने वाले व्यक्तियों को कोरोना जांच अनिवार्य किया गया है वहां ठहरे अधिकारी की कोरोना जांच हुई की नहीं बताने वाला कोई नहीं।
सीसीएफ दिया गोलमाल जवाब: इंद्रावती टाईगर रिजवं विभाग के सीसीएफ श्री श्रीवास्तव से रेस्ट हाउस के संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि विभाग के एक अधिकारी रायपुर से जगदलपुर आये थे जिनके परिवार में कोरोना संक्रमित होने के कारण वे यहां रूके है जबकि उनसे पूछा गया कि क्या उनका कोरोना टेस्ट कराया गया है तब साहब गोलमोल जवाब देते हुए फोन ही काट दिया और जवाब देने से बचते रहे।
प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संक्रमितों को मदद करने राजनीतिक दलों को हाथ बढ़ाने की दरकार
सत्ता-विपक्ष के लिए परीक्षा की घड़ी आगामी चुनाव में मुसीबतों का सहारा आयेगा काम
जगदलपुर कोरोना संक्रमण की दूसरी विस्फोट से जहां प्रदेश के अन्य जिलों की तहर बस्तर संभाग के लोग भी अछूते नहीं है। विस्फोट का कहर शहर से लेकर गांव तकट पडा है वहीं सत्ताधारी दल एवं विपक्षिय दल के नेता आरोप प्रत्यारोप लगाने को लेकर अपनी काबिलियत समझ रहे है। यह समय आरोप प्रत्यारोप लगाने का नहीं प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रभावित परिवारों को मदद करे में हाथ बढ़ाने का है। राजनीति दलों के लिए जनता के समझा अग्नि परीक्षा का यही सही वक्त है। जनता के मुसीबतों में राजनीतिक दल सही साथ निभाने में कामयाब हए तो जनता आगामी चुनावी में भी उसी पार्टी को आशीवाद देगी। आरोप प्रत्यारोप को राजनीतिक चलती रही तो जनता सब देख रही है वक्त आने पर लोग हिसाब लेंगे। राजनीतिक दल जिस प्रकार बूथ लेबल पर अपना सिपाही तैयार कर एक दूसरे को परास्त करने में पूरी ताकत झोंक करते है उसी प्रकार इस संक्रमणकाल में भी राजनीतिदलों को टीम तैयार कर प्रशासन के सहयोग के लिए देने की दरकार है।
ज्ञातव्य हो कि कोरोना संक्रमण की बढ़ते आंकड़ों को लेकर सत्ताधारी दल एवं विपक्ष के नेता एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे है जहां विपक्षीय दल के नेता कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़ने को लेकर राज्य सरकार को दोषी मान रहे है तो छग में सत्ताधारी दल के लापरवाही के कारण हालात बदतर होने का , इंजेक्शन की कालाबाजारी तो ऑक्सीजन की कमी का आरोप लगाया जा रहा है। केन्द्र सरकार के प्रयासों का भाजपा के नेता तारीफों के पुल बांधने में लगे है तो वहीं सत्ताधारी दल के नेता भी केन्द्र की उदासिनता के कारण संक्रमण फैलने का आरोप लगा रहे है। सत्ताधारी दल के नेता यह आरोप लगा रहे है कि भाजपा दहशत फैलाने की राजनीति कर रही है। कांग्रेस का यह आरोप कि केन्द्र सरकार जिम्मेदारी के साथ काम नहीं कर रही है। इस प्रकार देश की दो बड़ी पार्टियां ऐसे कई आरोप प्रत्यारोप लगाने में उलझे है और जनता किसकी बात सही माने।
यह वक्त एकजुटता दिखाने का:संक्रमण के इस घड़ी में आरोप प्रत्यारोप लगाने का वक्त नहीं बल्कि दोनों पार्टियों को एकजुटता दिखाते हुए जनता का सहयोग करने का समय है जिस प्रकार राजनीतिक दल चुनाव के समय जनता को वोट बैंक के लिए मदद किया करती है आज वैसे ही मदद करने का वक्त आ गया है।
प्रशासन का बने सहयोगी: प्रशासनिक अफसर जो आज अपनी जान की परवाह किये बिनो शहर से लेकर गांव तक जनता को हर सुविधा मुहैय्या कराने को लेकर जी-जान से लगे है प्रशासन के इस प्रयास में आरोप प्रत्यारोप लगाने वाले राजनीतिक दलों को सहयोग करने के लिए प्रशासन के समक्ष हाथ बढ़ाने की दरकार है।
प्रशासन के द्वारा शुरू किये गये क्वारेंटाईन सेंटर के लिए राजनीतिक दल सक्रिय कार्यक्रताओं की टीम उपलब्ध कराती है तो प्रशासन के लिए बड़ा सहारा होगा। आज आलम यह है कि कई क्वारेटाईन सेंटर में अव्यवस्था का आलम है।
आरोप प्रत्यारोप लगाने वाले नेतागण उन स्थानों का मुआयना कर व्यवस्था बहाल करने में प्रशासन की मदद करने में हाथ बलाते है तो जनता कही न कही ऐसे राजनीतिक दलों को याद रखेगी और वक्त आने पर आशीर्वाद भी देगी |
बीजापुर@यह तस्वीरे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लाक की है, जहाँ कोविड टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य अमला युद्धस्तर पर जुटा हुआ है। यहाँ इंद्रावती नदी के पार अबूझमाड़ का इलाका शरू होता है। “अबूझमाड़” जिसे नक्सलियों की अघोषित राजधानी भी कहा जाता है, इस दुरूह इलाके में जहाँ ना सड़क, ना पुल-पुलिये और ना ही मोबाइल कनेक्टिविटी है, ऐसे दुर्गम, संवेदनशील इलाकों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता जोखिम उठाकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। मंगलवार को भैरमगढ़ से हेल्थ टीम टाकिलोड के लिए रवाना हुई, जिसमे हेल्थ वर्कर, चिकित्सक और मितानिन शामिल थी । करीब 22 किमी का फासला पैदल और नाव से तय करने बाद हेल्थ टीम गाँव पहुँची। यहाँ 200 ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच के अलावा 60 ग्रामीणों को कोरोना का टीकाकरण भी किया गया।
भैरमगढ़ से माड़ के इस इलाके में दाखिल होने इंद्रावती को पार करने की चुनौती के बाबजूद स्वास्थ्य अमला जान की परवाह किये बिना जज्बे के साथ डोंगी पर सवार होकर इलाके में दाखिल हो रहे है और पिछड़े, निरकछर इस इलाके में बसे गाँव के बाशिंदों को कोरोना के प्रति जागरूक करते टीका लगाने प्रेरित कर रहे है, वो भी प्रतिकूल हालातों में।
कहाँ गए शराब का अतिरिक्त कर 400 करोड़ और dmft का 800 करोड़ का सरकार हिसाब दे
जगदलपुर (सिटीमीडिया):-
भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री के बीच छिड़े सत्ता संघर्ष ने अब गैंगवार की शक्ल ले ली है और इसका खामियाजा प्रदेश भुगत रहा है। कोरोना के चलते स्थिति विकराल होने के बावज़ूद सामूहिकता की ऐसी कमी है कि स्वास्थ्य मंत्री को ही भरोसे में नहीं लिया जा रहा है,कोविड को लेकर होने वाली बैठकों से स्वास्थ्य मंत्री को ही दूर रखा जाता है। यहां तक कि राज्यपाल द्वारा बुलायी गयी सवर्दलीय बैठक में भी विभागीय मंत्री को सीएम बघेल ने अवसर नहीं दिया। इससे पहले खुद स्वास्थ्य मंत्री पिछले वर्ष सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी।
सुरेश गुप्ता ने कहा कि सीएम बघेल का अहंकार सिर चढ़कर बोल रहा है। हद तो तब हो गयी। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलायी गयी मुख्यमंत्रियों की वचुर्अल बैठक में भी शामिल होने के बदले सीएम बघेल ने असम में चुनाव प्रचार करना अधिक ज़रूरी समझा। खुद भी नहीं आये और स्वास्थ्य मंत्री को भी उस बैठक में शामिल नहीं होने दिया। ऐसी गंभीर बैठकों को भी घृणित राजनीति की भेंट चढ़ा दिया जाता है। पिछले दिनों आयोजित सवर्दलीय बैठक में पहले कहा गया कि सभी आमंत्रितों को लिंक भेजा जाएगा, नेतागण जहां हैं ।वहीं से जुड़ सकते हैं लेकिन ऐन बैठक के समय सबको रायपुर जिला पंचायत भवन बुला लिया गया। यह सब इसलिए किया गया ताकि उस समय जशपुर में रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय बैठक में शामिल न हो सकें और उसे ही बाद में मुद्दा बनाया जाए जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को कोंडागांव से ही बैठक में शामिल होने की सुविधा दे दी गयी। भाजपा की तरफ से फिर भी प्रदेश उपाध्यक्ष शामिल हुए ,लेकिन कांग्रेस, भाजपा अध्यक्ष के उपस्थित नहीं होने का कारण नहीं बताकर कांग्रेस झूठ बोलती रही।
अब जब प्रदेश सरकार को प्रदेश के बिगड़ते हालात पर त्वरित निर्णय करना चाहिए,स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए, छत्तीसगढ़ की जनता की चिंता करनी चाहिए,तब प्रदेश सरकार और सीएम असम से आये बोडो प्रत्याशियों को शराब परोसने, उनके लिए बकरा भात की व्यवस्था में लगी है। चित्रकोट में उनके होने का खुलासा हो जाने के बाद प्रत्याशियों को अज्ञात जगह में छिपाया गया है। भाजपा द्वारा सवाल उठाने पर बड़ी हिकारत से बघेल यह स्वीकार करते हैं कि वे असम के प्रत्याशियों की मेहमाननवाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल का यह जवाब शर्मनाक है कि ये सभी प्रत्याशी पहले भाजपा गठबंधन में थे। ऐसे गैर जिम्मेदार सीएम से आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं? सरकार को चाहिए कि असम के उन प्रत्याशियों को जहां भी छिपा कर रखा गया है, उन सभी का कोविड टेस्ट कराया जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए। ऐसे ही ज़मातियों के कारण पिछली बार छत्तीसगढ़ बुरी तरह संक्रिमत हुआ था।
शराब के सेस का पैसा मुख्यमंत्री बघेल ने असम चुनाव में खर्च कर दिया है? शराब की हर बोतल पर जो 20 रुपए कोरोना टैक्स लगाकर लोगों से वसूला जा रहा है, सेस 400 करोड़ और डीएमएफ फंड में जमा 800 करोड़ रुपये जो जमा है, उसका अभी तक कितना पैसा खर्च किया गया है, छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है। क्या ये सारे पैसे असम चुनाव में खर्च कर दिए गए हैं? उन पैसों का कोई हिसाब नहीं लेकिन मुख्यमंत्री बघेल फिर से झूठी गंभीरता दिखाते हुए ‘सीएम रिलीफ फंड’ के नाम पर राशि जुटा रहे हैं। कैम्पा फंड का बुरी तरह दुरुपयोग किया गया है, उससे नियमों को ताक पर रख लग्जरी वाहन खरीदे गए हैं। सुरेश गुप्ता ने कहा कि इसके अलावे केंद्र से दी गई तमाम सहायता का क्या किया गया, इसका कोई हिसाब नहीं है। इससे अधिक शर्मनाक बात क्या हो सकती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए वेंटीलेटर को खोल कर भी इतने दिनों में नहीं देखा गया। अब जब इतनी किल्लत हुई है तो कह रहे हैं कि वेंटीलेटर खराब है। क्या सालभर में प्रदेश सरकार उनकी मरम्मत भी नहीं करा सकती था। केंद्र हर तरह से सहायता देने को तैयार है लेकिन इनकी नीयत वहां से केवल पैसे मांगने में है ताकि उसकी बंदरबांट ये कर सकें।
दल्लीराजहरा – लगातार दुसरे दिन दल्लीराजहरा एवं आसपास के गांवों में कोरोना का रफ़्तार थमने का नाम नहीं ले रहा है | कोरोना संक्रमितों के साथ साथ मौतों का सिलसिला भी लगातार बढ़ते ही जा रहा है | अस्पतालों में टीकाकरण किया जा रहा है |
दल्लीराजहरा एवं डौंडी ब्लॉक में कोरोना संक्रमितों कि स्थिति इस प्रकार रही
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
गुण्डरदेही: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुण्डरदेही में कोरोना आपदाकाल के लिए शासन द्वारा स्वीकृत की गई राशि से खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा टेबल एवं कुर्सीयों की खरीदी पर स्वास्थ्य एवं बहुउददेशीय कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष घनश्याम पुरी द्वारा बीएमओ के खिलाफ मद अनुरूप सामाग्री खरीदी न करते हुए कमीशन के चक्कर में अन्य सामानो की खरीदी कर गबन करने व उनके कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए पद मुक्त करने की मांग की |
घनश्याम पुरी ने बताया कि कोरोना आपदाकाल के लिए शासन द्वारा राशि जारी की गई थी इसके तहत स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए मास्क, सेनेटाईजर व ग्लब्स सहित अन्य जरूरी सामाग्री खरीदी किया जाना था परंतु उक्त सामग्री खरीदी न करते हुए अन्य अनावश्यक सामग्री की खरीदी की जिसके कारण कर्मचारियों एवं मरीजों को अपनी जान गवांना पड़ रहा है। करोनाकाल में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सामग्री की कमी के कारण गुण्डरदेही स्वास्थ्य केन्द्र के ही कौशल देशमुख फार्मासिस्ट सहित उनका परिवार एव ंकेशव सोनी वार्डबाय को अपनी जान गवांनी पड़ी थी ।
संघ के अध्यक्ष द्वारा आरोप लगाया गया कि कोरोना आपदाकाल में 10 लाख रूपये का राज्य शासन से आबंटित राशि का सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 10 आक्सिजन सिलेण्डर, उपस्वास्थ्य केन्द्र में 2 आक्सीजन सिलेण्डर , 10 पल्स आॅक्सीमीटर उपलब्ध कराया जाना था जिससे जनता की जान की सुरक्षा हो सके। किन्तु अधिकारी के मनमानी करते हुए उक्त सामग्री न खरीदी कर टेबल कुर्सीयों की खरीदी की गई। जिलाध्यक्ष घनश्याम पूरी द्वारा ज्ञापन सौंप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालोद से मांग की, कि उक्त मामले की तत्काल जांच की जाये एवं बीएमओ को पद से हटाया जाए एवं कौशल देशमुख फार्मासिस्ट के परिवार तथा केशव सोनी वार्डबाय को 50 लाख रूपये मुआवजा के साथ अनुकम्पा नियुक्ति दिया जाए।
वार्ड नंबर 4 भारतीय जनता पार्टी की महिला पार्षद परमिला पारकर वार्ड के युवा नेता निलेश श्रीवास्तव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका वार्ड पार्षद वार्ड मितानिन सभी द्वारा covid19 टीकाकरण का प्रचार किया जा रहा है जिसमें सभी वार्ड के 45 वर्ष से अधिक स्त्री या पुरुष को टीका लगवाना अनिवार्य है अभी वर्तमान में चिखला कसा हॉस्पिटल बीएसपी हॉस्पिटल सभी में मुफ्त में टीकाकरण किया जा रहा है आप सभी से अनुरोध टीका अवश्य लगवाएं वार्ड भ्रमण कर सभी से निवेदन कर करते हुए युवा नेता पार्षद ने अपील की इस वैश्विक महामारी से अगर बचना है तो टीका अवश्य लगवाएं पहला टीका लगने के उपरांत 42 दिन बाद वैक्सीन की दूसरी dos अवश्य लेना है जब भी घर से बाहर जाएं फेस कवर अवश्य करें मार्क्स लगाएं |
उक्त प्रचार कार्य में वार्ड पार्षद परमिला पारकर, वार्ड 4 के युवा नेता निलेश श्रीवास्तव, शशि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रुकमणी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोमा जी आंगनबाड़ी सहायिका, सोनिया सिंह वार्ड मितानिन एवं भुनेश्वरी सोनवानी वार्ड मितानिन उपस्थित रहे |
जगदलपुर:- संसदीय सचिव एवं क्षेत्र विधायक रेखचंद जैन ने आज शहर के विभिन्न वार्डों में कार्यरत स्वच्छता दीदी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना एवं वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी दिए जा रहे अपनी सेवाओं को लेकर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके अलावा उन्होंने सभी लोगों को फेस मास्क शिल्ड, पूरे परिवार जनों के लिए रोग प्रतिरोधक आयुष काढ़ा एवं शीतल पेय पीलाकर उनका मनोबल बढ़ाया। इसके पश्चात श्री जैन ने शहर में लगे विभिन्न चौक चौराहों पर चेक पोस्ट में जाकर पुलिस जवानों का भी मनोबल बढ़ाया एवं उन्हें भी आयुष काढ़ा एवं शीतल पेय प्रदान किया। चांदनी चौक एवं अनुपमा चौक में कोरोना जांच करवाने पहुंचे लोगों को भी फेस शिल्ड एवं शीतल पेय पिलाकर उनका स्वागत किया। एवं सब से विनम्र अपील की परिवार के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जिन्हें भी कोरोना जैसे लक्षण लग रहे हैं वे जांच केंद्रों पर जाकर अपना परीक्षण जरूर कराएं।
विधायक जैन ने शहरवासियों से अपील की है कि 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले जिन्होंने अभी तक वेक्सीन नहीं लगाया है वह भी जल्द से जल्द टीकाकरण केंद्रों में जाकर वैक्सीन लगाएं। क्योंकि इस महामारी से लड़ने के लिए सब की सहभागित जरूरी है। इसके पश्चात श्री जैन ने आड़ावाल में तैयार हो रहे कोविड सेंटर का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आने वाले परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से लगा हुआ है। कहीं किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत शहरवासियों को ना हो इसके लिए हम लगातार प्रयास
कर रहे हैं। अभी डिमरापाल में गंभीर मरीजों के लिए 250 बिस्तर उपलब्ध है इसके अलावा धरमपुरा कोविद सेंटर में 250 बिस्तर की व्यवस्था है। साथ ही बकावंड में 450 बेड की व्यवस्था की गई है। लेकिन भविष्य में होने वाली दिक्कतों को से आड़ावाल में स्थित आदिवासी विकास विभाग के छात्रावास में 50 बेड की व्यवस्था एवं उसी से लगे आदिम जाति कल्याण विभाग के 2 भवन में 80 बेड की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान एसडीएम जीआर मरकाम, शरद चंद्र गौड़ मौजूद रहे |
जगदलपुर। जिला प्रशासन द्वारा कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए की गई बेहतर व्यवस्था के कारण 19 अप्रैल तक जिले के 10 हजार से अधिक मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले रहे हैं।
सोमवार को जिले के 94 मरीजों ने कोरोना को मात दे दी। इनमें 89 आइसोलेशन तथा 05 मरीज हॉस्पिटल में भर्ती मरीज हैं। इसे मिलाकर जिले में अब तक 10 हजार 88 मरीज कोरोना को मात देकर डिस्चार्ज हुए और वे स्वास्थ्य होकर सामान्य जीवन जी रहे है। जिले में अभी एक हजार 11 एक्टिव प्रकरण है। उन्होंने बताया कि जिले में सोमवार को 162 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजो की पहचान की गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा निर्देश तथा कलेक्टर बस्तर रजत बंसल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा
आइसोलेशन सेंटर और कोविड हॉस्पिटल में मरीजों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, निशुल्क दवाई का वितरण, गुणवत्तायुक्त पौष्टिक भोजन, पेयजल और साफ सफाई की नियमित व्यवस्था की गई है, जिसके फलस्वरूप आइसोलेशन में रहने वाले तथा कोविड हॉस्पिटल के मरीजो ने कोरोना के विरुद्ध जंग जीत कर स्वस्थ हो रहे हैं।
जिनके पूरे परिवार को दो-दो बार कोरोना ने अपनी चपेट में लिया है और स्वयं कोविड़ की चपेट में आए वह योद्धा हैं संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन जोकि कोरोना वारियरों की मदद के लिए उनके साथ कदमताल करते हुए नजर आ रहें हैं। पिछले वर्ष जब कोविड का संक्रमण काल पूरी तरह पीक था, उस दौरान भी वह शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक बिना रुके -बिना थके सेवा भाव से
डटे रहे। संसदीय सचिव रेखचंद जैन विधायक हैं, वह प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देकर भी वह काम करा सकते थे किन्तु वह स्वयं खड़े रहकर सेवा करते हुए देखे जा सकते हैं। मल्टी स्टारर अमिताभ बच्चन की फिल्म कालिया की मशहूर डायलॉग जहां से हम खड़े होते हैं लाईन वहीं से शुरू होती है की पंक्ति ठीक बैठती है।