बालोद–वैश्विक महामारी के चलते जहां पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है वही आज सभी जिलों मै पूर्ण लॉकडाउन है जहां शासन प्रशासन के नियमो का उल्लंघन कर निजी वाहनों को पेट्रोल दिया जा रहा पेट्रोल बिना किसी ई पास दिखाए लोग को भी पेट्रोल दे रहे है आम पब्लिक कई सारे बहाने लेकर पेट्रोल पंप जा के पेट्रोल डलवा रहे जैसे की अस्पताल जाना है एवं और कई कई बहाने से आम पब्लिक सड़को पे बेजह घूम रहे |
पुलिस इस पर भी कड़ी कार्यवाही ना होने कारण बेखौफ हो कर नगर एवं गांव में घूमते नजर आ रहे हैं सरकार कोरोना चैन तोड़ने मै लगी है मनचले जोड़ने मै लगे हैं जिन पर कोई कार्यवाही नही हो रही है आम जनता पर लॉकडाउन थोफने से क्या फायदा लॉकडाउन मै भी बेवजह घूम रहे पुलिस प्रशासन इनपर कड़ी कार्यवाही नही कर रही है पेट्रोल पंप मै भी बिना मास्क लगाए पेट्रोल पंप के कर्मचारी पेट्रोल आम पब्लिक को पेट्रोल देते हैं पूर्ण लॉकडाउन मै भी बेवजह घूम रहे लोगो के ऊपर नही हो रही है कार्यवाही आज कल ग्रामीण क्षेत्रों मै शाम 4 से 5 बजे लोग बिना मास्क लगाए बेवजह घूमते है शासन प्रशासन इन लोगो पर कार्यवाही नही कर रही है।
जनपद सदस्य संजय बैस ने जल संसाधन विभाग से रजहि बांध से पानी छोड़ने की मांग किये है उन्होंने बताया की भीषण गर्मी को देखते हुए शीघ्र ही रजहि बांध का पानी छोड़े जिससे किसानों के साथ क्षेत्र के सभी तलाब एवम नालो में पानी का बहाव होगा गर्मी के कारण नाले एवम तलाब सुख गए है लोगो को नहाने एवम बोर में जल स्तर नीचे हो गया है सबसे ज्यादा जानवरों को दिक्कत पानी पीने के लिये इन तालाबों एवम नालो में पानी नही है जनपद सदस्य संजय बैस ने अनुभागीय अधिकारी से चर्चा कर शीघ्र रजहि बांध के पानी को छोड़ने के लिये मांग किये जिससे लोगो को जो समस्या हो रहा है उसका समाधान हो सके |
जगदलपुर।रविवार की दोपहर जगदलपुर विधानसभा के नानगुर क्षेत्र में पानी-हवा के कारण बड़ी तबाही होने की जानकारी मिली है जिसके कारण लगभग 24घंटों में बिजली व्यवस्था बाधित हुई है जिसके कारण अंधेरों में जनता को रतजगा करना पड़ा वहीं बिजली विभाग व्यवस्था दुरुस्त करने में लगी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार नानगुर क्षेत्र अंतर्गत नानगुर, जमावाड़ा, बोदेल में जगह-जगह पेड़ गिरे हैं जिसके कारण मुख्य लाईन के साथ-साथ सहायक लाईन भी पुट गया है। इसके कारण दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा रहा। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक अभियंता अरविंद खोबरागड़े ने बताया कि लाईन मैन व्यवस्था में लगे हैं और इसके साथ ही रिलिफ टीम तैनात किया गया है जोकि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर देंगे।इसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी बिरनपाल में भी आई है किंतु विडंबना यह है कि इस गांव में जगदलपुर क्षेत्र व दरभा क्षेत्र से अलग-अलग सप्लाई होती है जिसके कारण सिर्फ जगदलपुर से पहुंचा दल ही विधुत व्यवस्था सुनिश्चित करने में लगा है जबकि दरभा क्षेत्र के कर्मचारी नदारद हैं।
जगदलपुर:- कलेक्टर रजत बंसल, पुलिस कप्तान दीपक झा, सहायक कलेक्टर सूरुची सिंह सहित अन्य अधिकारियो की एक टीम अचानक रविवार देर शाम निरीक्षण में निकल पड़ी। सबसे पहले कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी उड़ीसा बॉर्डर के चांदली में पहुंचकर वहां के सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया। कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई कि आने जाने वाले लोगों को बारीकी से जांच कर ही आगे बढ़ने दिया जाए। बेवजह घर से निकलने वालों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए गए। इसके बाद बाईपास रोड होते हुए अधिकारियों का काफिला जगदलपुर पहुंचा। शहर के हर एक चेकप्वाइंट पर कलेक्टर व अन्य अधिकारी ने रुककर पुलिस कर्मचारी व वॉलिंटियर्स से बारीकी से पूछताछ की। वॉलेंटियर्स व पुलिस के जवानों ने अधिकारियों को बताया कि विभिन्न समाजसेवी संगठनों के द्वारा चाय, नाश्ता व भोजन की व्यवस्था प्रतिदिन की जा रही है।
इसके साथ ही पुलिस विभाग द्वारा भी समय-समय पर स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि बेवजह बाहर निकलने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। दरअसल कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखकर प्रशासन के आला अधिकारी भी चिंतित है। यदि लोग घर से बेवजह निकलेंगे तो कोरोना का ग्राफ गिरना मुश्किल सा है। मालूम हो कि बस्तर कलेक्टर रजत बंसल प्रतिदिन दौरे पर निकल कर हर एक चीज का बारीकी से निरीक्षण करते हैं।उन्हीं के नेतृत्व में शहर के युवा वॉलिंटियर्स की एक टीम गठित की गई है, जो कि शहर के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर चाक-चौबंद व्यवस्था में मदद कर रहे हैं। शहर के ऐसे 20 युवाओं की टीम गठित की गई है। सभी युवोदय के वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण बैठक राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक अशोक पांडे ने ली। वहीं प्रतिदिन वॉलिंटियर्स से रूबरू होकर उनकी परेशानियों व समस्याओं से अवगत भी होते हैं। शहर के प्रत्येक चौक चौराहों में युवाओं की जो टीम पुलिस कर्मचारियों के साथ काम कर रही है उनको सुरक्षा की दृष्टि से सैनिटाइजर मास्क व सुरक्षा के सभी इंतजाम मुहैया कराए गए हैं।
मालूम हो कि बस्तर जिले में है 15 तारिक शाम 6 बजे से 22 अप्रैल के रात 12 बजे तक लॉक डाउन लगाया गया है। कलेक्टर बंसल ने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन में लोग अपने घरों पर सुरक्षित रहें। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का उद्देश्य नहीं है कि वह लोगों को बेवजह परेशान करें।कोरोना का प्रकोप बस्तर जिला में भी बढ़ता जा रहा है इसलिए लॉकडाउन की स्थिति पैदा हुई है। सभी वॉलिंटियर्स सुबह व शाम चार-चार घंटा पुलिस कर्मचारियों के साथ अपनी सेवाएं देंगे। शहर के अनुपमा चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक, संजय मार्केट ,धरमपुरा, बस स्टैंड सहित अनेक चौक चौराहों में पुलिस कर्मचारियों की जहां ड्यूटी लगाई गई है यह सभी वॉलिंटियर्स वहां मौजूद रहेंगे। एसपी दीपक झा ने बताया कि बस्तर जिले में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है इसे लेकर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी किया है। प्रमुख चौक चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। बेवजह घर से बाहर निकलने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक लॉकडाउन के दौरान बस्तर पुलिस ने जगदलपुर शहर को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर संवेदनशील चौक चौराहों पर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 6 जगहों पर चिन्हांकित कर फिक्स पॉइंट बनाए हैं। इसके अलावा शहर में 4 पेट्रोलिंग पार्टी की व्यवस्था भी की गई है। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात हैं।
भानुप्रतापपुर –ईरा गांव कच्चे चौकी में युवक की बेरहमी से हत्या कर देने की घटना सामने आई है | मृतक का नाम दिवान हिड़को है | मृतक अपनी पहली पत्नी सुकमाय बाई हिड़को के साथ पिछले 10 साल से गांव के बाहर खेत में झोपड़ी बनाकर रहता था प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक द्वारा विवाह के कई साल बाद भी संतान नहीं होने से मृतक ने दुसरी शादी ग्राम घोठा में रहने वाली युवती से की | शादी होने के कुछ दिन तक तो दोनों साथ में अच्छे से रहे पर दुसरी पत्नी के संतान होने के बाद लगातार विवाद बढ़ता चला गया | युवक के पिता ने बताया कि विवाद सुलझाने के लिए पिछले साल सामाजिक बैठक भी हुआ लेकिन फिर भी मामला नहीं सुलझा । युवक की दूसरी पत्नी 5 साल से मायके घोठा में रहती है ।
मृतक दिवान हिड़को तालाब में मछली डाला गया है जिसकी रखवाली मृतक के द्वारा किया जाता था | घटना की रात भी रोज की तरह खाना खाकर सो गये थे इसी समय दो अज्ञात युवक 25 से 30 वर्ष के बीच के उम्र के लोग जो चेहरे में गमछा ढक रखा था और शर्ट पैंट पहने हुए थे। मृतक दिवान हिड़को को जगाया और उसे लाड़ी से लगभग 100 मीटर दूर लेकर गये इसी बीच पत्नी भी जाग गई फिर मारने की आवाज आई | जिसे सुन पत्नी सुकमाय बाई हिड़को डर गई और गांव में पहुंच कर अपने ससुर को जानकारी दी इसके बाद मृतक के पिता हिरालाल गांव के कुशल, रामप्रसाद और घना के साथ घटना स्थल पर गये तो आरोपी फरार हो गये थे और मृतक दिवान मृत पड़ा हुआ था सिर और चेहरे में कुल्हाड़ी से वार किया गया था ।
घटना की जानकारी थाना भानुप्रतापपुर में दी गई जिसके पश्चात् मौके पर पहुंचे पुलिस डाग स्क्वाड के साथ साथ FSI टीम पहुंची थी पर कुछ विशेष जानकारी नहीं मिल पाई । पुलिस द्वारा मौके पर पहुँच शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया एसडीओपी अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया मामले की तफ्तीश की जा रही है और आरोपी जल्द ही पुलिस की हिरासत होंगे |
जगदलपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश मुख्यालय के राजधानी अस्पताल में आगजनी के बाद हुई हृदय विदारक घटना से सबक लेते हुए कोविड सेंटरों में अग्नि शमन की स्थापना किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। बस्तर जिले के कलेक्टर रजत बंसल ने इसके लिए नामजद डियुटी भी लगाई गई है। इस हेतु बस्तर एसडीएम गोकुल रावटे नोडल अधिकारी तथा जिला सेनानी संतोष कुमार मार्बल सहायक नोडल अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता राजीव बत्रा व सहायक आयुक्त विकास दलेला को बनाया गया है। वहीं ऑक्सीजन आपूर्ति
के लिए मेडिकल ऑक्सीजन का जिले में संचालित अस्पतालों में सुलभ वितरण तथा परिवहन सुनिश्चित करने हेतु राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर रजत बंसल ने जिला स्तरीय मेडिकल ऑक्सीजन कण्ट्रोल रूम स्थापित किया है।नोडल अधिकारी के रूप में डिप्टी कलेक्टर सुश्री कावेरी मरकाम (94061-66884) को नियुक्त किया गया है। इस समिति में उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के महाप्रबंधक श्री पुसाम (75872-18617),क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री कौशल (94242-15722) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर.चतुर्वेदी (94063-60016)
औषधिक निरीक्षक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग श्री विनय ठाकुर (93287-26772) सदस्य है। गठित समिति जिले में संचालित अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता का नियमित रूप से निगरानी करते हुए उसकी उपलब्धता एवं निरंतरता सुनिश्चित करेंगें। आपूर्ति न होने की स्थिति में राज्य स्तरीय समिति से समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे।*
तान्दुला के तट पर बसा गाँव पेंड्री में गर्मी की शुरुआत से ही पेयजल की समस्या से जूझने पर मजबूर है | आज शासन व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की वजह से गर्मी के शुरूआत में ही लगभग 1400 जनसँख्या वाला गाँव निस्तारी एवं पेयजल की समस्या से जुझ रहा है। ग्रामीणों को पेयजल के लिए ग्राम पंचायत द्वारा संचालित 3 बोर पर ही निर्भर होना पड़ रहा है | ग्राम पंचायत के अधिकांश बोर सुख चुके है तो जिले के अन्य ग्राम पंचायतों का क्या हाल होगा। हालात यह है कि ग्रामीणजन अपनी फसलों को बचाने के लिए सुखे तांदुला डैम में झरिया बनाकर फसलों की प्यास बुझा रहे है। वर्तमान में पूरा देश एवं प्रदेश कोरोना की इस महामारी का दंश
झेल रहा है। जहां एक ओर प्रशासन द्वारा विभिन्न उपाय जैसे लॉक डाउन किया जा रहा है। लोगों को सामाजिक दुरी का पालन करना अनिवार्य है तो वहीं इसके विपरीत ग्राम पंचायत पेण्ड्री में पेयजल की समस्या से जुझ रहे ग्रामीण पानी के लिए टूट पड़ते है। लेकिन इस ओर शासन प्रशासन का ध्यान नहीं जाता जिसको लेकर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि में काफी आक्रोश व्याप्त है ग्राम पंचायत पेण्ड्री जो कि तान्दुला नदी के तट पर स्थित है अगर उनका यह हाल है तो अनुमान लगाया जा सकता है कि बालोद जिला के अन्य ग्राम पंचायतों में इस भीषण गर्मी एवं कोरोना माहामारी के दौरान पानी की समस्याओं को लेकर क्या हाल होगा |
सरपंच एवं गाँववासी ने बताया कि खेतों में फसल को बचाने के लिए किसान नदी में झरिया बना कर पानी की सप्लाई की जा रही हैं जिसके चलते गाँव का जल स्तर गिर चुका है, गाँव में 3 बोर ही चालू है, जिससे भी पर्याप्त पानी नही मिलता , यदि नदी पर एनिकट बन जाता तथा पानी की एक बड़ी टंकी स्थपित हो जाता जिससे ग्रामीणों व मवेशियों को राहत मिल पाती।
डौंडी जनपद पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी बीएस राज का कहना है कि पेंड्री पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत गर्मी के दिनों में जल स्तर नीचे चले जाने से हेण्ड पम्प से पानी नही आ रहा है तथा बोर से भी पानी की धार पतली हो गई । इसके लिए ग्रमीणों के पेयजल व निस्तारी की समस्या से हल करने वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
बकावंड ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत नलपावण्ड के पुजारी पारा के प्राथमिक शाला में कोरोना टीका लगाया गया जिसमें मितानिनओं के द्वारा पारा के 100 लोगों को टीकाकरण के लिए बुलाया गया जिसमें मितानिन बोदा कश्यप, सुमति, अनीता जोसेफ, गौरी मनी सेठिया, सुभद्रा सेठिया, शामिल थी एवं दल में बलराम बघेल, रामूराम बघेल, धर्म सिंह मौर्य, तुलावती नागवंशी, कुमारी मदनावती एवं ANM मीना पीटर, मितानिन ट्रेनर दयादान नाग, सरपंच धरमदास पुजारी, सचिव सजेंदृ नाग, इन सभी के द्वारा सहयोग किया गया ।
कोरोना के दुसरे चरण में संक्रमितों के साथ साथ मौतों की संख्या में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है | बालोद जिले में कुछ दिनों से कोरोना टेस्टिंग कीट ही नहीं मिल पा रहे है तो वास्तविक संक्रमितों के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पा रही है | टेस्टिंग कीट कि अनुपलब्धता से कोरोना संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है और साथ इससे मरीज भी खासे परेशान हो रहे है | अभी हाल ही में 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है |
डौंडी ब्लॉक एवं दल्ली राजहरा में आज मिले कोरोना संक्रमितों की जानकारी इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
बीएसपी द्वारा नगर के प्रति किये जा रहे है भेदभाव का आरोप नागेंद्र चौधरी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा एवं पूर्व एल्डरमैन नगर पालिक द्वारा लगाया गया। कोरोनकाल के इस दूसरे लहर में पूरे जनमानस को अस्त व्यस्त कर दिया है। छग प्रदेश में बैठी कांग्रेस की सरकार हालात को काबू में पाने अब तक विफल है ऐसे में बहुत से उद्योग अपने तरफ से हरसंभव प्रयास कर रही है पर ऐसे में दल्ली राजहरा के बीएसपी मैनजमेंट का ध्यान सिर्फ अपने प्रोडक्शन पर ही है।
खदानों में बिना किसी सुरक्षा के उत्पादन का काम कर्मचारियों से लिया जा रहा है। माइंस के अंदर ना ही सैनिटाइजर, साबुन और मास्क की व्यवस्था है जिससे कर्मचारियों में भयावह स्थिति है। बीएसपी के पास अग्निशमन के गाड़ी होने के बाद भी नगर के टाऊनशिप एव बस्ती को अब तक सैनिटाइज नही किया गया केवल दिखावे के लिए जंहा लोगो की नजर जाए इसलिए केवल एक दिन के मेन रोड को सैनिटाइज किया बल्कि माइंस क्षेत्र से लगे बस्तियों तक आज तक गाड़ी नही पहुंच पाया जबकि भिलाई में हर गली मोहल्ले को बीएसपी द्वारा सैनिटाइज किया जा रहा है। बीएसपी के पास 100 बिस्तर जितनी सुविधा वाले बीएसपी अस्पताल होने का बाद भी उस ना तो कोविड सेंटर और ना ही क्वारनटाईन सेंटर बनाया गया उल्टा संक्रमित कर्मचारियों को तुरंत सेक्टर 9 अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। बीएसपी के इतना बड़ा अस्पताल स्टाफ एवं डॉक्टरों की कमी के कारण रेफर सेंटर बन के रह गया है।
करोड़ों का प्रोडक्शन कमाने वाले बीएसपी द्वारा नगर के प्रति ऐसा व्यवहार निंदनीय है। बीएसपी के क़वार्टर की हालत भी दयनीय है उच्चाधिकारियों द्वारा अपने परिवार को यंहा से भिलाई शिफ्ट कर दिया जाता है और यंहा निवासरत कर्मचारियों की किसी भी सुविधा का कोई ध्यान नही रखा जाता। पिछले वर्ष रोस्टर सिस्टम लागू किया गया था जिससे संक्रमण खतरा कम था पर इससे अभी तक ना लागू किया गया ना ही कोई अन्य व्यवस्था की गई है। जनता की मांग पे हर बार सीएसआर का पैसा शाशन को देने का बहानेबाजी अधिकारियों द्वारा किया जाता है। ऐसे समय मे बीएसपी को अपने कर्मचारियों एवं नगर के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करे एवं चिकित्सा एवं सुरक्षा की व्यवस्था करें।