जगदलपुर। कलेक्टर रजत बंसल ने कोरोना टीकाकरण कार्य में अनुपस्थित सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया है। बास्तानार विकासखण्ड के बोदेनार माध्यमिक शाला में पदस्थ सहायक शिक्षक मनीराम नेताम की ड्यूटी पांच अप्रैल को टीकाकरण अधिकारी क्रमांक-2 के रुप में कोविड सेंटर प्री मेट्रिक बालक छात्रावास किलेपाल में लगाते हुए 6 अप्रैल तक तहसील के समक्ष अनिवार्य रुप से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। अपने इस दायित्व में उपस्थित नहीं होने पर सहायक शिक्षक को कलेक्टर द्वारा निलंबित कर दिया गया है।
एस के एम एस यूनियन के अध्यक्ष एवं सी एम एस एस यूनियन के अध्यक्ष के प्रयास से प्रबंधन को 4 नग थर्मल स्केनर दल्ली प्रबंधन को अपने नियमित एवं ठेका श्रमिको के स्कैन करने हेतु उपलब्ध कराया गया।
दल्ली राजहरा में बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए कँवलजीत सिंह मान ने पहल करते हुए आज सीजीएम इंचार्ज एवं महाप्रबंधक कार्मिक को खदानों में शीघ्र से शीघ्र रोस्टर प्रणाली से कार्य कराने की मांग की गई है और यह कहा गया है की तत्काल रोस्टर प्रणाली से कार्य प्रारंभ किया जाए ताकि करो ना के इस बढ़ते प्रकोप को रोका जा सके एवं कर्मचारियों को सुरक्षित रखा जा सके |
पशुओं के लिए दाना और पानी रखती छात्रा कल्पना बम्बोडे
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के अंतर्गत शासकीय नेमीचंद जैन कला एवं वाणिज्य विद्यालय दल्ली राजहरा जिला बालोद राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डॉक्टर लीजा साहू के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ स्वयंसेवकों के सहयोग से पशु पक्षी संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है ।जिले के 11 महाविद्यालयो 18 स्कूलों के स्वयंसेवकों एवं वरिष्ठ स्वयं सेवकों ने पक्षियों के लिए अपने- अपने घरों के छतों में दाना तथा पानी की व्यवस्था कर दूसरों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं । आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी श्री एन के कुर्रे वरिष्ठ स्वयंसेवक करण कुरेटी व स्वयं सेवीका स्वाति यादव के निर्देशन व डोमेन प्रजापति, कल्पना बमबोडे, इंद्रेज कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है। स्वयंसेविका स्वाति यादव ने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ समस्या और भी विकराल हो सकती है। पशुओं और पक्षियों के पीने के पानी आदि की व्यवस्था परंपरागत तालाब और पोखरो पर निर्भर रही है।
इनके सूखने से व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। ग्रामीण अंचलो में इनकी व्यवस्था है परंतु नगरी क्षेत्रों में इनका अभाव है । प्रशासन की ओर से नहरों और नलकूपों के माध्यम से तालाबों पोखरो में पानी भरे जाने का प्रयास किया जा रहा है । गर्मी के मौसम में तेज गर्मी के कारण तलाब पोखरों में भरा पानी तेजी से सूखता जा रहा है ।पालतू पशुओं के पीने की पानी की व्यवस्था पशुपालक कर लेते हैं ,किंतु स्वच्छंद विचरण करने वाले पशु एवं पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पाती ,इसलिए हम सभी का मानवता के नाते इन पशु पक्षियों के लिए अपने अपने घर के छत तथा बालकनी में मिट्टी के बर्तनों तथा किसी प्लास्टिक के बर्तनों में पानी तथा उनके लिए दाना की व्यवस्था कर सकते हैं। स्वयंसेविका कल्पना बमबोडे ने कहा कि इसकी व्यवस्था अतिशीघ्र स्वयं करनी चाहिय ।
स्वयं सेविका स्वाति यादव ने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ -साथ समस्या और विकराल हो सकती है, पशुओं और पक्षियों के पीने की पानी आदि की व्यवस्था परंपरागत तलाब और पोखरों पर निर्भर रही है ,इनके सूखने से यह व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त हो रही है ग्रामीण अंचल में यह व्यवस्था है लेकिन नगरीय क्षेत्रों में इनका अभाव हो गया है ।प्रशासन की ओर से नहरों और नलकूपों के माध्यम से तालाबों पोखरो के भरे जाने का प्रयास किया जाना चाहिए। गर्मी में तलाब पोखरो में भरा पानी तेजी से सूख जाता है पशु पक्षियों के पीने की व्यवस्था पशुपालक कर लेते हैं किंतु स्वच्छंद विचरण करने वाले पशु एवं पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पाती । कि हमें करना चाहिए की शुरुआत खुद से करना चाहिए कोरोना काल में कुछ ना करने से अच्छा कुछ करें सभी स्वयंसेवकों भाई बहनों से निवेदन है कि सोशल मीडिया व्हाट्सएप फेसबुक न्यूज़ पेपर के माध्यम से लोगों में जागरूकता अभियान कर पैदा सकते हैं यदि एक स्वयंसेवक एक व्यक्ति को जागरुक कर दिया तो यह आयोजन सफल हो सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना छत्तीसगढ़ के इतिहास में बेहतर कार्यक्रम के लिए सदैव अग्रणीय रहने वाले बालोद जिला एक बार फिर बड़ा उद्देश्य के साथ पशु संरक्षण एवं जन जागरण अभियान का आगाज किया है निश्चित ही अभियान भीषण गर्मी में पशु – पक्षियों के लिए अमृत समान होगा।
इन दिनों छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले में देश के दूसरे नंबर पर आ चुके हैं यहां संक्रमितों के साथ ही मरने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च कर बेवजह बाहर घूम रहे लोगों को जागरूक किया जा रहा है |
आज डौंडी ब्लॉक के अंतर्गत जिले के इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की स्थिति इस प्रकार रही –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
जगदलपुर. बस्तर जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर जिला कलेक्टर द्वारा आज 15 अप्रैल सांध्य 06 बजे से संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है. जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकारी, गैर-सरकारी कार्यालय के अलावा सभी दुकानें एक सप्ताह तक बंद रहेंगी. लेकिन, आम जनता को आपातकालीन व्यवस्था के लिए दवाई दुकान से जुड़ी समस्त व्यवस्था, दुध वितरण के साथ-साथ सरकारी एवं अखबार नवीजों को पेट्रोल पंप पर पास दिखाने पर डीज़ल पेट्रोल की व्यवस्था जारी रहेगी.
इनके अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी पास के माध्यम से लोग कई प्रकार के आपातकालीन समय में शहर अथवा जिले के बाहर आवागमन भी कर सकते हैं. जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु शासन द्वारा जारी नियमों को आम जनता के बीच सुचारू रूप से कानूनीजामा पहनाना एक स्वागत योज्य कदम है. इससे आम जनता कम से कम बाहर निकलकर अपने घरों में रहेगी जिससे, लोगों के बीच कम से कम संक्रमण फैलेगा.
शासन-प्रशासन के इस फैसले का स्वागत शहर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा किया गया है, लेकिन उन्हीं के बीच से कुछ लोगों ने इस लॉकडाउन के कारण नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों बेसहारा, अनाथ, राजमर्रा कमाकर जीवनयापन करने वाले बुजुर्ग, के साथ ही साथ विकलांगो के भरण-पोषण कैसे होगा, इस बात पर भी चिंता व्यक्त की है. इन्हीं प्रबुद्ध लोगों के अनुसार पिछले वर्ष लगे लॉकडाउन के दौरान निगम के साथ-साथ शहर के कई सम्मानीय समाजसेवी संस्थाएं आगे बढक़र ऐसे बेसहारा, अनाथ, बुजुर्ग एवं दिव्यांगों के दो जून भोजन-पानी व्यवस्था की थी जिससे, लॉकडाउन के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहा था और न ही भूख से मरने की खबर सामने आई थी.
जिलाधिकारी के साथ-साथ नगर निगम के आयुक्त, शहर के संपूर्ण लॉकडाउन के समय अपनी संवेदनशील मानसिकता के साथ अगर ऐसे लोगों के प्रति किसी प्रकार का कार्यक्रम अगर तैयार किये होंगे तो आज रात्रि से ही ऐसे लोगों के प्रति उनके कार्यक्रम की रूपरेखा के तहत इनके जीने-खाने की व्यवस्था सूचारू हो सके, इस बाबत् शहर के कुछ समाजसेवी लोगों का भी कहना है कि अगर हमें जिलाधीश के अलावा नगर निगम हमसे सहयोग की अपेक्षा रखती है तो वे हमें सहयोग करे तो हमारी टीम निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्डों में जाकर ऐसे लोगों के भोजन एवं अन्य जरूरत की चीजों का व्यवस्थापन कर सकेंगे.
अगर दुर्भाज्यवश शासन ऐसे लोगों के प्रति सह्रदयता के प्रति अपनी मंशा अब तक नहीं स्पष्ट की है तो आज के बाद से कई वार्डों में यहां-वहां रह रहे एवं आम लोगों से भोजन की आस में जिंदा रह रहे ऐसे व्यक्ति के सामने भूखो मरने की नौबत सामने आ सकती है.
आज से लोग घरो में लाक अनाथ बेसहारा बुजुर्ग का अब सहारा कौन
इसी विषय पर निगम आयुक्त प्रेम कुमार पटेल से चर्चा की तो उनका स्पष्ट कहना था कि निगम के माध्यम से ऐसे लोगों के प्रति पूरी सहानुभूति है. आज से ही निगम की एक विशेष टीम के साथ-साथ कुछ सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग शहर में ऐसे लोगों की पहचान कर उन तक भोजन की व्यवस्था मुहैय्या कराने का प्रयास करेगी.
छत्तीसगढ़ प्रदेश कोरोना की विभीषिका से जूझ रहा है , स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेटिंलेटर पर हैं और ऐसे समय मे राज्य सरकार को छत्तीसगढ़ वासियों से ज्यादा चिंता असम से लाये गए बोडो प्रत्याशियों की है । उक्त बातें पूर्व मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने कही ।
कश्यप ने कहा की राज्य सरकार आज हर मोर्चे पर फेल हो गई है खासकर कोरोना काल मे जनता का भरोसा सरकार से टूट चुका है । असम के प्रत्याशियों को राज्य सरकार प्रदेश में राजनीतिक पर्यटन करवा रही है । उनके लिए रेस्ट हाउस में मांस , मदिरा की व्यवस्था में लगी राज्य सरकार ने सारे संसाधन झोंक दिए हैं । इस बात की पुष्टि अधिकारियों ने भी की है । एक तरफ कचरा ढोने वाली गाडियों में इंसानों की लाशें ढोई जा रही है , और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि एशोआराम में मस्त हैं । इस महामारी के समय सरकार असम के प्रत्याशियों को पायलट और फॉलो सहित तमाम प्रोटोकॉल की सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है । जनता जानना चाहती हैं की ये सब किसके इशारे पर हो रहा है ।
री सुन्दरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रंेज, श्री विनीत खन्ना, पुलिस उप महानिरीक्षक, कांकेर रेंज, उत्तर बस्तर कांकेर, श्री मोहित गर्ग, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर एवं श्री नीरज चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के निर्देशन में डीआरजी, जिला बल, छसबल, एसटीएफ, आईटीबीपी, द्वारा क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के क्रम में दिनांक 14.04.2021 को थाना ओरछा की जिला बल, डीआरजी एवं छसबल की संयुक्त पुलिस पार्टी साप्ताहिक बाजार ओरछा में चेकिंग कार्यवाही कर रही थी।
चेकिंग की कार्यवाही के दौरान पुलिस पार्टी को देखकर 02 संदिग्ध व्यक्ति लुक-छिप रहे थे, जिन्हे पुलिस पार्टी द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ पर जिन्होने अपना नाम 1-शंकर पोयाम पिता पंडरू पोयाम उम्र 23 वर्ष निवासी डुरगीपारा गुदाड़ी थाना ओरछा (भट्टबेड़ा जनताना सरकार अध्यक्ष) 2-मानसिंह वडडे उर्फ गुडडु पिता कारूराम वडडे उम्र 19 वर्ष निवासी डुरगीपारा गुदाड़ी थाना ओरछा (भट्टबेड़ा मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर) बताया तथा दिनांक 27.02.2021 को ओरछा के पास मुख्य मार्ग में आईईडी विस्फोट की घटना जिसमें 01 छसबल का जवान घायल हुआ था, उक्त घटना में शामिल होना स्वीकार करने पर दोनों आरोपियों को दिनांक-14.04.2021 को गिरफ्तार किया गया। दिनांक 15.04.2021 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेशकर जेल दाखिल किया गया।
जगदलपुर – आदिवासी युवा छात्र संगठन ने बस्तर विश्वविद्यालय के नियमित एवं अनियमित छात्रों का ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि दिनांक 15/04/2021 और लेट फीस के साथ 20/04/2021 तक थी संपूर्ण बस्तर जिले में कोविड-19 लॉकडाउन 15/04/2021 से 22/04/2021 कुल 07 दिनों का लॉक डाउन होने जा रहा है और धारा 144 को मध्य नजर रखते हुए बस्तर संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों के छात्रों को यातायात के साधनों के अभाव व आर्थिक तंगी के चलते भी फॉर्म नहीं भर पाए हैं। छात्र हितों के हित
में आदिवासी युवा छात्र संगठन बस्तर विश्वविद्यालय ऑनलाइन फॉर्म भरने की तिथि इस महीने के अंतिम 30/04/2021 तक किया जाए और विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्रता शीघ्र अधिसूचना जारी की जाए ताकि विद्यार्थियों को जानकारी दे सकें इस दौरना आदिवासी युवा छात्र संगठन के संभागीय अध्यक्ष याकूब तिर्की, तोकापाल ब्लॉक प्रभारी अभय कच्छ, दरभा ब्लॉक अध्यक्ष सचिन कश्यप आदि उपस्थित रहे।
पुलिस व प्रसासन पर हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, जताया खेद
जगदलपुर – सोमवार को चपका में स्टील प्लांट के लिये आयोजित जनसुनवाई के दौरान हुई घटना पर प्लांट के विरोध में बनाई गई संघर्ष समिति ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए एवं पुलिस व प्रसासन पर हुए हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
संघर्ष समिति के पीली बाई कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना को दुखद बताते हुए कहा है कि जनसुनवाई शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन हो रहा था लेकिन लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने ग्रामीणों पर अभद्रतापूर्वक गाली गलौज से विवाद उतपन्न हुआ उन्होंने कहा कि अधिवक्ता नितिन जैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने आये थे ,प्लांट के विरोध में रहे ग्रामीण आदिवासियों पर जातिगत टिप्पणी करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अनपढ़,मुरिया माडिया,अज्ञानी,शराबी आदिवासियों कभी नही सुधरोगे प्लांट का विरोध क्यों कर रहे हो हमेशा विकास का विरोध करते हो जैसे अभद्र शब्दों का प्रयोग करने से आदिवासी समुदाय का अपमान हुआ एवं भावना को ठेस पंहुचाया इसलिए स्वतःही लोगों में आक्रोश बढा और घटना घटी विवाद बढ़ने पर पुलिस के जवान बीच मे आने से उन्हें चोट लगी जो को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
आगे उन्होंने कहा कि जनसुनवाई को बीच मे अचानक रोकना और धारा 144 के बावजूद जिला प्रसासन द्वारा जनसुनवाई करना भी गलत है क्यों ग्रामीणों द्वारा इस सम्बंध में पूर्व में कलेक्टर को ज्ञापन देकर फर्जी ग्राम सभा प्रस्ताव की जांच करने व कोविड काल में धारा 144 के दौरान जनसुनवाई नही करने का अपील किया गया था ऐसे में जिला प्रसासन का रवैया भी सन्देहास्पद है।
12 गांवों के लोग देंगे गिरफ्तारी –
संघर्ष समिति ने बताया कि कुछ लोगों पर जबदस्ती पुलिस को दबाव बनाकर एफआईआर करवाया जा रहा है,अगर एफआईआर से गिरफ्तारी की जाती है तो सभी 12 गांवों के ग्रामीण गिरफ्तारी देने तैयार हैं क्योंकि जनहित के मुद्दे को लेकर हितों की लड़ाई लड़ा जा रहा है। और प्रशासन द्वारा 144 लगाकर उल्लंघन को भी मनमानी बताते हुए कोर्ट में चुनोती देने की बात कही है।
बस्तर साँसद दीपक बैज ने केदार कश्यप को पलटवार करते हुए कहा। जो पोस्ट उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर डाली है। पहले सत्यता की जानकारी लें।
ञात हो कि पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक पोस्ट वायरल की है। उस वायरल वीडियो की सत्यता और विश्वसनीयता को परख लेनी चाहिए। अपनी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए किस तरह पुरानी वीडियो को वायरल कर हीरो बनने चाह रहे है। जनता देख रही है समझ रही है पूरा देश विषम परिस्थिति में है सिर्फ केंद्र सरकार की नाकामी की वजह से आज पूरे देश का ये हाल है उसे छुपाने एवँ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह से सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करना पूर्व मंत्री व जिम्मेदार नागरिक होने के नाते ये शोभा नही देता।
केंद्र सरकार पिछले साल से लेकर अब तक कोरोना महामारी को रोकने में विफल रही है। और राज्य सरकार को मददत नही कर रही है साथ ही किसान आंदोलन भी इसका ताज़ा उदाहरण है। जिस तरह से लगातार गिरते जनाधार से घबराकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए बयानबाजी कर रहे है। घर मे एयर कंडीशन रूम में बैठ कर राजनीति करने से नही होता 15 साल प्रदेश के मंत्री रहे केदार कश्यप अभी तक आपने सरकार को क्या सुझाव दिया। अभी तक आपने घर से बाहर निकल कर कितने मैदानी इलाकों में लोगो की मदत की है। हेलीकॉप्टर में उड़ने वाले पूर्व मंत्री ज़मीनी हकीकत क्या जाने। ये बस भाजपा के प्रवक्ता मात्र रह गए है।
आज छत्तीसगढ़ सरकार का कार्य देश मे सभी राज्यों की तुलना में बेहतर रहा है साथ ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री देश के अन्य राज्यो के मुख्यमंत्रियों की तुलना में सबसे बेहतर काम कर रहे है जो पिछले दिनों सारे देश ने देखा है।
लेकिन यह भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्र के लोग हमारे छत्तीसगढ़ सरकार को बदनाम करने का कोशिश कर रहे हैं क्या करोना छत्तीसगढ़ में ही फैला हुआ है हमारी सरकार हमारे शासन के अधिकारी,कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि दिन रात एक कर कोरोना के रोकथाम में लगे हुए है।
और निश्चित रूप से माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में बेहतर काम हो रहा है। आने वाले समय में कोरोना महामारी का नियंत्रण कर लिया जाएगा।
लेकिन पूर्व मंत्री केदार कश्यप घर में बैठकर राजनीति करना बंद करें जनता के बीच में जाएं। हमारे जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं और केदार कश्यप जैसे हवा में उड़ने वाले नेता हवा में बात कर रहे हैं। ऐसे हवा में बात करना बंद करें सत्यता को जांच लेंवे।