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चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक गंभीर अपराध

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  • इंटरनेट पर ढूंढना ,डाउनलोड करना देखना ,प्रसारित करना भी अपराध दोस्तो चाइल्ड पोर्नोग्राफी बच्चो से सम्बंधित गंभीर प्रकृति का अपराध है ,ऐसे फ़ोटो वीडियो आडियो या सामग्री आती है ,जो बच्चो के यौन कृत्यो एवम नग्नता से संबंधित होती है ,ऐसी सामग्री का निर्माण करना ,उसे इंटरनेट पर सर्च करना ,डाऊनलोड करना ,अन्य को भेजना ,देखना भी अपराध है ।

सूचना प्रोधिगिकी अधिनियम की धारा 67 बी चाइल्ड पोर्नो ग्राफी से संबंधित है ,जो कोई व्यक्ति बच्चो की नग्नता से संबंधित अश्लील सामग्री तैयार करेगा ,इंटरनेट पर डालेगा ,उसे प्रसारित करेगा, जो कोई डॉनलोड कर उसे देखेगा ,उस व्यक्ति के विरुद्ध आई टी एक्ट की धारा 67 बी के तहत अजमानतीय अपराध का मामला पंजीबद्ध किया जाएगा जिसमे प्रथम बार के कृत्य के लिए पांच साल की सजा व दस लाख रुपये

।जबकि दूसरी बार के कृत्य के लिए सात साल की सजा का प्रावधान है।। बच्चो से तात्पर्य 18 साल से कम व्यक्तियों से है।

हमे क्या करना चाहिए

👉बच्चो को सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग के बारे में जागरूक करना ,

👉बच्चो के ऑन लाइन गतिविधियों पर नजर रखना

👉संदिग्ध वेबसाइट की रिपोर्टिंग करना

👉इसके लिए आप 1930 अथवा www. Cybercrime.gov.in पर लॉगिन कर सकते है।

 

छात्राओं को सायकिल वितरित

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बकावंड विकासखंड बकावंड के शासकीय हाई स्कूल टेंपल कोमार, महोलाई, सतोसा, गारेंगा, छिंदगांव और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जैबेल में सरस्वती साईकल योजना के तहत छात्राओं को साईकल वितरण किया गया।

इस अवसर पर ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति अध्यक्ष मनीराम कश्यप, बकावंड जनपद अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप, जनपद सदस्य जगन्नाथ बघेल, कमल कश्यप, अर्जन पाण्डे, मंडल महामंत्री दामूधर बघेल, फुलेश्वर पाण्डे, अशोक ठाकुर, बिसम ठाकुर, भाजपा के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता एवं शिक्षक शिक्षिकाएं, अधिकारी, शाला के छात्र -छात्राएं और ग्रामवासी उपस्थित थे।

दल्लीराजहरा में 23 अक्टूबर को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का होगा आयोजन

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बालोद, 22 अक्टूबर 2024जिले के नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा में 23 अक्टूबर 2024 को प्रातः 10.30 बजे से जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जायेगा। कलेक्टर इन्द्रजीत चन्द्रवाल ने जिलास्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को शामिल होने के निर्देश दिए है।

 

दंतेवाड़ा जिले में अब तक 880 नक्सली जुड़ चुके हैं समाज की मुख्यधारा से, इनमें 204 हैं ईनामी

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  •  फिर तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में फिर दो ईनामी समेत तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस जिले में अब तक कुल 880 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें 204 नक्सली ईनामी रहे हैं।

        कल जिन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है, उनमें मलांगेर एरिया कमेटी में कार्यरत प्लाटून नंबर 24 सदस्य आयता उर्फ नंदू माड़वी पिता स्व.. सोमडू माड़वी उम्र लगभग 35 वर्ष जाति माड़िया निवासी माड़गादम पटेलपारा थाना कटेकल्याण ईनामी 2 लाख रुपए, प्लाटून नंबर 24 सदस्य एवं डीव्हीसी सचिव जगदीश का गार्ड हिड़मा माड़वी पिता स्व. पांडू माड़वी उम्र 18 वर्ष जाति माड़िया निवासी माड़गादम पटेलपारा थाना कटेकल्याण ईनामी 2 रुपए एवं ककाड़ी आरपीसी मिलिशिया सदस्य देवा हेमला पिता बुधराम हेमला उम्र 9 वर्ष जाति मुरिया निवासी ककाड़ी पटेलपारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा शामिल हैं। इन लोगों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत 21 अक्टूबर को पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक (परिचालन) सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज राकेश कुमार, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, कमांडेंट 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ नीरज यादव, द्वितीय कमान अधिकारी 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ विवेक कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा रामकुमार बर्मन के समक्ष डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। आयता उर्फ नंदू माड़वी संगठन में सक्रिय रहने के दौरान 2020 में ग्राम पोर्रोगुमोड़ी के जंगल से डेरा बदली कर गोगुंडा के जंगल, पहाड़ी में जाने के दौरान पोर्रोगुमोड़ी व गोगुंडा के बीच जंगल में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़, वर्ष 2023 में ग्राम सिमेल के जंगल, पहाड़ी पर डेरा बदली करने के दौरान पुलिस पार्टी के साथ हुई मुठभेड़, दिसंबर 2023 में गोगुंडा डुंगिनपारा के जंगल में पुलिस पार्टी के साथ हुई मुठभेड़ में शामिल था। नक्सली हिड़मा माड़वी संगठन में सक्रिय रहने के दौरान दिसंबर 2023 में ग्राम गोगुंडा पांतापारा के जंगल में पुलिस पार्टी के साथ हुई मुठभेड़ में शामिल था। इन नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी, बस्तर फाईटर्स दंतेवाड़ा एवं 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ दंतेवाड़ा का विशेष योगदान रहा। लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 204 ईनामी सहित कुल 880 माओवादी आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके है।

न्यौता भोज आयोजन में लापरवाही बरतने पर बीईओ को शो-कॉज नोटिस

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  • बस्तर कमिश्नर ने बकावंड जनपद का किया निरीक्षण 

बकावंड बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने सोमवार को बस्तर जिले के बकावंड जनपद पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का जायजा लिया और दस्तावेजों एवं नस्तियों के व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संभाग आयुक्त ने कार्यालय तथा कार्यालय परिसर की साफ-सफाई पर जोर देते हुए प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को स्वच्छता अभियान नियमित तौर पर चलाने को कहा तथा इसे हर माह निरंतर करने सहित अधिकारियों-कर्मचारियों के आदत में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय के पुराने अनुपयोगी फर्नीचर तथा अन्य सामग्रियों का अपलेखन करने के निर्देश दिए। कमिश्नर डोमन सिंह ने भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत कार्यालय बकावंड में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली और योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान न्यौता भोज आयोजन में रूचि नहीं लेने सहित लापरवाही बरतने के कारण बीईओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और अधिकारियों-कर्मचारियों के सहयोग से सभी स्कूलों में न्यौता भोज का आयोजन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सरस्वती सायकिल योजनांतर्गत लक्षित बालिकाओं को दीपावली अवकाश के पूर्व सायकिल वितरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने कहा। कमिश्नर ने बस्तर ओलंपिक 2024 में सभी ग्राम पंचायतों के हरेक ग्राम,पारे- टोले की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए हरेक ग्राम पंचायत से 100 से ज्यादा लोगों का पंजीयन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत सुविधा विहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत कनेक्शन मुहैया करवाने सहित पंखा एवं लाईट लगाए जाने कहा। साथ ही बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करने उपलब्ध करवाई गई सामग्रियों का उपयोग करने सहित टीवी के माध्यम से जादुई पिटारा को बच्चों को दिखाए जाने कहा। उन्होंने कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र के लिए रोस्टर तैयार कर प्रतीक्षा सूची के अनुरूप बच्चों को भर्ती करने के निर्देश दिए। बैठक में मनरेगा,एसबीएम,प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, स्कूली बच्चों को गणवेश वितरण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में प्रभारी एसडीएम नितीश वर्मा, सीईओ जनपद पंचायत श्री मंडावी सहित बीईओ, सीडीपीओ तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

केंद्र सरकार के ‘अमृत सरोवर’ में अफसरों और नेताओं ने जमकर लगाई भ्रष्टाचार की डुबकी

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  •  जल संरक्षण की अमृत सरोवर योजना के करोड़ों हजम कर गए अधिकारी
  •  कागजों पर कार्य दर्शाकर राशि की कर ली बंदरबांट
  • कोंटा ब्लॉक की दो दर्जनो पंचायतों में घपलेबाजी 

अर्जुन झा-

जगदलपुर आदिवासियों के हिस्से के जल, जंगल और जमीन पर नेता -अफसर किस कदर करोड़ों के वारे न्यारे करते हैं, इसका एक बड़ा उदाहरण बस्तर संभाग के सुकमा जिले में सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा वर्षा जल के संरक्षण के लिए शुरू की गई अमृत सरोवर योजना का जमीनी क्रियान्वयन कराए बगैर कागजों पर ही अमृत सरोवर तैयार कर उसमें भ्रष्टाचार की डुबकी लगाई गई है।

वर्षा जल को सहेजने और उसके जरिए भूजल स्तर को बढ़ाने की बेहतरीन मंशा के साथ केंद्र सरकार ने अमृत सरोवर योजना शुरू की है। इसके तहत मध्यम दर्जे के तालाबों के निर्माण का प्रावधान है। मगर सुकमा जिले में इस महति योजना को जमकर पलीता लगाया गया है। सरोवर निर्माण महज कागजों पर ही दर्शा कर पूरी की पूरी रकम हजम कर ली गई है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड में इस योजना के नाम पर खूब भ्रष्टाचार किया गया है। कोंटा ब्लॉक की दो दर्जन से भी ज्यादा ग्राम पंचायतों में बिना सरोवर निर्माण कराए ही करोड़ों की राशि की बंदरबांट कर ली जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसे लेकर भाजपा नेताओं के बीच जमकर चर्चा हो रही है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर निर्माण की स्वीकृति दी गई थी, जहां के कर्ताधर्ता पूर्व सरकार के नेताओं के खासम खास थे।इन पंचायतों में 5 करोड़ रुपयों से अधिक राशि खर्च कर 35 तालाबों का निर्माण कराने का आंकड़ा सुकमा जिला कार्यालय के दस्तावेजों में दर्ज है। जिन पंचायतों में अमृत सरोवर तालाब निर्माण होना बताया गया है, उन पंचायतों में मौके का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, तो 25 फीसदी तालाब भी कहीं नजर नहीं आएंगे। सत्ता परिवर्तन के बाद कई स्थानों पर पोकलेन मशीन के सहारे खानापूर्ति करने का भी प्रयास किया जा गया है। मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कोंटा के तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ का बड़ा कारनामा उजागर हो सकता है। भाजपा के नेता मामले को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की तैयारी में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुकमा जिले के कोंटा विकाखंड के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों की दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर योजना के के तहत 35 से अधिक तालाबों का निर्माण कराया जाना बताया गया है।

अमृत सरोवर योजना के तहत हर तालाब निर्माण पर औसतन 12 लाख से लेकर 18 लाख 69 हजार की लागत आने की बात कही गई है। इस तरह कुल राशि 5 करोड़ से अधिक होती है।केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 24 अप्रैल 2022 को अमृत सरोवर योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण करना रहा है। इस योजना के तहत देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवरों के निर्माण का प्रावधान है। सरोवरों का निर्माण 15 अगस्त 2023 तक पूर्ण किया जाना था। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब निर्माण में स्थानीय स्तर पर पंजीकृत मजदूरों को रोजगार देना था। सुकमा जिले के कोंटा इलाके में अधिकांश तालाब मशीनों के जरिए चारों तरफ नाम मात्र की खुदाई करवा कर राशि की बंदरबांट की गई है। अधिकांश मस्टर रोल भी फर्जी तैयार कर मजदूरों के हक पर भी डाका डाला गया है। कोंटा विकाखंड में 35 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जाना रिकार्ड में दर्ज है। कई पंचायतों दो-दो तालाब निर्माण कराने का उल्लेख दस्तावेजों में है। इन ग्राम पंचायतों में मुल्ला किसोली, चिंतागुफा, पुनपल्ली, मिसमा, गोरगुंडा शामिल हैं। गगनपल्ली पंचायत में एक तालाब पर 45 लाख की लागत दर्शाई गई है। वहीं कई ऐसी पंचायतें भी हैं जहां के लोग विकास कार्यो की बांट जोह रहे हैं, लेकिन योजनाएं पहुंच नहीं पा रही हैं। इन्ही में एक है गोगुंडा पंचायत, जहां कागजी तालाब निर्माण कराया गया है। तालाबों की जांच कराई गई तो कुछ ही पंचायतों को छोड़कर बाकी जगहों पर सब गोलमाल ही मिलेगा।

चहेते को बनवाया सीईओ

पूर्व सरकार के इशारे पर कागजों में तालाब का निर्माण राशि का जमकर बंदरबांट की गई है। केंद्र सरकार की योजना की राशि में घालमेल करने के पूर्व नेता ने अपने चहेते अधिकारी को कोंटा का प्रभारी जनपद सीइओ बनवा दिया फिर ये प्रभारी सीईओ लगभग 18 माह की कार्य अवधि में घालमेल कर वहां से निकलते बने। अब जांच होगी तो गाज पंचायत सचिवों पर गिरना तय है जबकि मास्टरमाइंड कोई और है। पता चला है कि सुकमा भाजपा के नेता मामले की शिकायत विभागीय मंत्री से भी कर संलिप्त अधिकारी को जिला मुख्यालय हटाकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर चुके हैं। मामला यहां आकर अटक जाता है कि कोंटा इलाके में हुई अनियमिता की जांच कौन करेगा। जबकि पूर्व से ही आधा दर्जन पंचायतों की जांच का मामला फाईलों में दबा हुआ है। पूर्व सरकार के लाड़ले अधिकारी के रहते मामले की जांच होना संभव नहीं है जांच दल को ऐसा पाठ पढ़ाया जाता है कि जांच दल जांच करने कर साहस भी जुटा नहीं पाता।

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी: किरण देव

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बताया कि पूर्व सरकार के मंत्री के संरक्षण में कोंटा इलाके में कागजों में निर्माण कार्यो को अंजाम देकर केंद्र सरकार की राशि की बंदरबांट की गई है। मामले की शिकायत मुझे वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं से प्राप्त हुई है। श्री देव ने कहा कि तालाब निर्माण मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच के लिए कलेक्टर सुकमा को कहा गया है।

बस्तर के कोंटा इलाके से सटे आंध्रप्रदेश के गांवों में बाघ की चहलकदमी

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  •  सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र से 8 किमी दूर के गांवों में नजर आ रहा है बाघ 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा से करीब आठ किलोमीटर दूर आंध्रप्रदेश के चिंतूर मंडल के नरसिंम्हापुरम गांव के जंगलों में आज बाघ के पदचिन्ह दिखाई देने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। कोंटा क्षेत्र के लोग भी दहशत में आ गए हैं। गांव वालों की सूचना के बाद वन विभाग के चिंतूर रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर बाघ के फुट प्रिंट ट्रेस किए हैं। बाघ का विचरण क्षेत्र 50 किलोमीटर के दायरे में रहता है। लिहाजा सुकमा जिले के सीमावर्ती गांवों में भी विशेष एहतियात बरती जा रही है।

चिंतूर के वन विभाग अधिकारियों के अनुसार बाघ की गतिविधियों के संकेत नरसिंमापुरम के अलावा, आसपास के गांव कूनावरम, रामचंद्रपुरम, तातीलंका, दुगुट्टा, पलागुड़ेम और बोडूनूर में भी मिले हैं। इससे ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाघ की गतिविधियों की सटीक निगरानी के लिए वन विभाग ने जंगल में 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, ताकि उसकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। वन विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों को जागरूक करते हुए बताया कि यदि बाघ को कहीं भी देखा जाता है या किसी मवेशी पर हमला होता है, तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करें।

पुलिस-वनकर्मी कर रहे गश्त

ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आंध्रप्रदेश पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। एसआई ललिता ने बताया कि क्षेत्र में विशेष सावधानी बरती जा रही है। पुलिस और वन अमले के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।स्थानीय निवासी बाघ की उपस्थिति से भयभीत हैं और अपने मवेशियों को जंगल के पास ले जाने से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से और अधिक सुरक्षा उपायों की मांग की है। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सीसी कैमरों की निगरानी और गश्त से बाघ की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है, और जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में लाया जाएगा।

बाघ संरक्षण भी अहम

बाघ जैसे विलुप्तप्राय वन्य प्राणियों का संरक्षण भी इस समस्या के बीच एक महत्वपूर्ण पहलू है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा कि बाघ की गतिविधि क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए अनुकूल पर्यावरण का संकेत है, लेकिन मानव और वन्यजीव संघर्ष से बचने के लिए अधिक समन्वय और सतर्कता आवश्यक है।

दाखिल हो सकता है कोंटा में

बस्तर संभाग के कोंटा इलाके के जंगल आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों के जंगलों से पूरी तरह जुड़े हुए हैं और ये जंगल बाघ, तेंदुओं जैसे प्राणियों के रहवास के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं। इन जंगलों में हिरणों, सांभर, चीतल, जंगली सुअरों की अच्छी खासी संख्या है, जो बाघों, तेंदुओं की आहार श्रृंखला में शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर वन्य ग्रामों के ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगलों में ही ले जाते हैं। मांसभक्षी जंगली जानवरों के लिए पालतू मवेशी आसान शिकार होते हैं, लिहाजा कई बार वे पालतू गाय, बैल, भैंसों, भेड़, बकरियों को भी अपना निवाला बना लेते हैं। वन्य प्राणी विशेषज्ञ बताते हैं कि बाघ अमूमन 50 से 100 किलोमीटर के दायरे में विचरण करते हैं। इस लिहाज से आंध्रप्रदेश के जंगलों में घूम रहा बाघ कोंटा क्षेत्र में भी प्रवेश कर सकता है।

गढ़चिरौली में मुठभेड़, मारे गए 4 नक्सली, 1 जवान जख्मी

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  •  बस्तर संभाग से सटे कोपरी के जंगल में हुई मुठभेड़ 

जगदलपुर बस्तर संभाग की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले के छत्तीसगढ़ से लगी सीमावर्ती भामरागढ़ तहसील में पुलिस नक्सली मुठभेड़ की बड़ी खबर सामने आई है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक 3 -4 नक्सलियों के मारे जाने तथा एक पुलिस जवान के घायल होने की खबर सामने आई है।

महाराष्ट्र के जिले की भामरागढ़ तहसील के कोपरी के जंगलों में मुठभेड़ होने की पुख्ता खबर मिली है। नक्सलियों की मौजूदगी के आधार पर आपरेशन लांच किए जाने की खबर सूत्रों ने दी है। नक्सली विरोधी विशेष दस्ता सी 60 को मुठभेड़ स्थल की ओर भेजे जाने की खबर है।मुठभेड़ में नक्सलियों को बड़ी क्षति होने का अंदेशा जताया गया है। अगले माह महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों के मद्देनजर मुठभेड़ को अहम माना जा रहा है।

जगदलपुर में 9 साल बाद फुटबॉल का महाकुंभ: 7 नवंबर से गोल्डकप फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन

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जगदलपुर। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आगामी 7 नवंबर से फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। 9 साल के लंबे अंतराल के बाद इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में गोल्डकप फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। बस्तर जिला फुटबॉल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 20 से अधिक टीमें हिस्सा लेंगी, जिसमें अब तक 16 टीमों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है।

बस्तर जिला फुटबॉल संघ के सचिव दिलीप दास ने बताया कि 2015 के बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो सका था। उन्होंने कहा कि 1972 से लगातार यह प्रतियोगिता होती रही, लेकिन कोविड महामारी और अन्य कारणों के चलते इसमें विराम लग गया। अब फिर से बस्तर की धरती पर फुटबॉल की धूम मचने वाली है।

संघ के पदाधिकारी यशवर्धन राव ने जानकारी दी कि यह प्रतियोगिता स्वर्गीय बोडा मांझी की स्मृति में आयोजित होती थी। महेंद्र कर्मा के निधन के बाद यह आयोजन ठप हो गया था, लेकिन अब बस्तर के व्यापारियों और स्थानीय जनता के सहयोग से इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ फुटबॉल एसोसिएशन और ऑल इंडिया फुटबॉल संघ से अनुमति मिलने के बाद तैयारियां जोरों पर हैं।

यह फुटबॉल महाकुंभ पूरे 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

परिक्षेत्र स्तरीय साहु भवन मे जनपद सदस्य संजय बैस ने किया भूमिपूजन 

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कुसुमकसा परिक्षेत्र स्तरीय साहू भवन मे शौचालय के लिये भूमिपूजन जनपद सदस्य संजय बैस ने अपने निधि से एक लाख रूपये स्वीकृति प्रदान किये थे जिसका भूमिपूजन जनपद सदस्य संजय बैस ने किया इस कार्यक्रम की अधक्ष्यता परिक्षेत्र साहू समाज के अध्यक्ष टिकेंद्र साहु औऱ विशिष्ठ अतिथि सरपंच शिव राम सिंड्रामे जी अतिथि रहे सर्व प्रथम माँ कर्मा जी की पूजा अर्चना कर स्वागत सम्मान किये समाज के अधक्ष्य टिकेंद्र साहु जी ने अपने उदबोधन मे कहा की हम साहु समाज के लोग कई बार विधायक और सासंद के पास अपने सामाजिक भवन बनाने के लीये आग्रह किये पर किसी ने ध्यान नहीं दिया हम समाज के लोग पाई पाई जमा कर हम सामाजिक भवन तो बना लिये पर हमारे सामाजिक भवन में शौचालय नहीं होने से बहुत परेशानी हो रहा था हम समाज के लोग एक बार जनपद सदस्य संजय बैस जी से निवेदन किये

और हमारी बातो को गंभीरता से लेते हुए राशि स्वीकृति किये मै पुरे समाज के तरफ से आभार व्यक्त करता हु समाज के संरक्षक  प्रहलाद साहु जी ने कहा की आज मेरा सपना पूरा हो रहा सामाजिक भवन में शौचालय नहीं होने से हमारे सामाजिक बहन बेटियों के साथ हम सभी को दिक्क्त होता था आज हमारे लोकप्रिय जनपद सदस्य जी ने पूरा किया सरपंच शिव राम जी ने कहा की हमारे जनपद सदस्य जी के पास जिस किसी समस्या को लेकर जाते है उस समस्या का समाधान जरूर होता है इसलिए गांव के लोगो का मानना है संजय है तो सम्भव है जनपद सदस्य संजय बैस ने कहा की माँ कर्मा के आशीर्वाद से ये हो पाया है दानवीर भामाशाह ने मेरे समाज के आदर्श महाराणा प्रताप जी के लिए पूरा खजाना खोलकर पुरे राज्य की रक्षा किये राजिम माता साहु समाज की आराध्य मंदिर के भी पुजारी हमारे राजपूत भाइयो के दावरा हि पूजा और सेवा किया जाता है उसी कडी में मुझे भी आज आप सभी की सेवा कर मै धन्य महसूस कर रहा हु समाज को संगठित होकर समाज के साथ गांव के विकास की दिशा में हमेशा संगठित रहना है कार्यक्रम का संचालन गौरी शंकर साहु और आभार प्रदर्शन ग्रामीण अधक्ष्य गौतम साहु जी ने किया इस अवशर पर श्री तुका राम साहु तेजराम राम साहु देव शरण साहु संजीवन साहू सत्यवती साहु केशव साहु भूषण साहु जीवन साहु जी के साथ पुरे साहु समाज के लोग उपस्तिथ रहे

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