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बस्तर से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा ने भरा अपना नामांकन

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  • कहा – नामांकन कांग्रेस प्रत्याशी का नहीं, बस्तर की जनता का नामांकन है

जगदलपुर बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा ने रैली निकालकर नामांकन दाखिल किया। रैली के दौरान बड़ी संख्या में बस्तर की जनता उपस्थित थी।

कवासी लखमा की नामांकन रैली को लोगों से मिले अपार जनसमर्थन ने आज इस बात का अहसास दिला दिया की जनता ने केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनाने का मन बना लिया है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सह प्रभारी सप्तगिरी शंकर उल्का समेत अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कवासी लखमा जैसे दोमुंहे नेताओं के कारण आदिवासी समाज में द्वंद : केदार कश्यप

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  •  लखमा के वायरल वीडियो पर मंत्री कश्यप का वार

जगदलपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के बयान पर पलटवार किया है। वन मंत्री ने कहा कि कवासी लखमा चुनाव के समय जनता जनार्दन को भगवान बता रहे हैं, चुनाव के बाद मिशनरियों का गुणगान करते हैं और उन्हीं के आशीर्वाद से जीत मिलने का दंभ भरते हैं।

केदार कश्यप ने कहा है कि कांग्रेस के नेताओं को चुनाव के समय जनता याद आती है। अभी कवासी लखमा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बस्तर की संस्कृति को बर्बाद करने का काम कांग्रेस के इन्हीं नेताओं ने किया है। श्री कश्यप ने कहा है कि हमें किसी जाति धर्म संस्कृति से कोई बैर नहीं है, लेकिन ओछी राजनीति और वोट के लिए बस्तर की जनता के साथ इस तरह का छल करने के कारण ही बस्तर की संस्कृति प्रभावित हो रही है। ऐसे दोमुंहे नेताओं के कारण बस्तर के भोले भाले आदिवासियों के माध्यम द्वंद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

पांच साल जनता को ठगा

मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि कवासी लखमा पांच साल मंत्री रहे। उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे। जनता से किए वादे पूरे नहीं किए। पांच साल तक जनता विकास कार्यों के लिए तरसती रही। गरीबों के पीएम आवास नहीं बने। घरों में पेयजल नहीं पहुंचा। पांच साल एटीएम बनकर बैठे रहे। जनता अब ठग को पहचान चुकी है। अब हर मतदाता कवासी लखमा को सबक सिखाने के लिए तैयार है। एक मैदान छोड़कर भाग चुका है। दूसरे को भी भगाने का मन बना चुकी है।

बोया पेड़ बबूल का, तो नसीब में कांटे ही आएंगे न जनाब

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  • ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर में कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका
  • महापौर सफीरा साहू, यशवर्धन राव और अजय सिंह भाजपा में शामिल =

अर्जुन झा

जगदलपुर कहते हैं कर्म का फल यहीं मिल जाता है, जैसा बीज बोओगे, फल वैसा ही पाओगे। कुछ ऐसी ही कहानी आज बस्तर में कांग्रेस की हो गई है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कब्र खोदने का काम खुद कांग्रेसियों ने ही किया था। अब लोकसभा चुनाव में वही कब्र उन्हीं कांग्रेसियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बस्तर लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली में शामिल होने जगदलपुर आए थे। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के समक्ष बस्तर के कांग्रेसी इतिहास की बड़ी घटना हो गई। महापौर सफीरा साहू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के महासचिव एवं प्रताप देव वार्ड के पार्षद यशवर्धन राव, राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह, महारानी वार्ड के पार्षद मानिक राम नाग एवं लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के पार्षद यशवंत ध्रुव ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। सफीरा साहू और अन्य नेताओं ने आज ही कांग्रेस से सामूहिक त्याग पत्र दिया है। अपने इस्तीफे की चिट्ठी उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य को भेज दी थी। वैसे महापौर सफीरा साहू तथा कुछ पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चा कल शाम से ही चल पड़ी थी। भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली के पहले एक संक्षिप्त समारोह में मेयर सफीरा साहू, वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव, अजय सिंह, मानिक राम नाग और यशवंत ध्रुव ने भाजपा प्रवेश किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव और अजय चंद्राकर ने पांचो नेताओं को भगवा दुपट्टा पहनाकर उनका भाजपा प्रवेश कराया। बस्तर के इन बड़े कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल हो जाने से कांग्रेस पार्टी और बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में कांग्रेस विरोधी माहौल बनेगा तथा इसकी अनुगूंज निश्चित रूप से पड़ोसी कांकेर लोकसभा क्षेत्र में भी सुनाई देगी।

जैसी करनी, वैसी भरनी

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जो तथाकथित कांग्रेस नेता अपनी मातृ संस्था कांग्रेस के लिए भस्मासुर बन गए थे, उन्हें उनकी करनी की सजा मिलनी शुरू हो गई है। इन कांग्रेस नेताओं ने रायपुर में बैठे अपने एक बड़े आका के इशारे पर बस्तर संभाग की जगदलपुर, चित्रकोट, नारायणपुर, दंतेवाड़ा सीटों पर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। ये सभी सीटें कांग्रेस के हाथ से निकल गईं। कांग्रेस की कब्र खोदने में अहम भूमिका निभाने वाले कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस नेतृत्व जहां उपकृत करने में लगा हुआ है, वहीं जनता इन नेताओं को जवाब देने आतुर लग रही है। इन नेताओं ने बीजेपी से सुपारी लेकर कांग्रेस को हराने और बस्तर को कांग्रेस मुक्त बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। कांग्रेस के खात्मे के लिए भाजपा से सुपारी लेने की बात अब सही साबित होती नजर आ रही है। आज कांग्रेस के लिए बड़ा दुखद दिन रहा कि भूपेश बघेल कि आमसभा के बीच ही कुछ दूरी पर सीएम की सभा में महापौर, यशवर्धन राव समेत करीब पांच अन्य पार्षदों ने बीजेपी का हाथ थाम लिया। इससे साबित हो रहा है कि वास्तव में कांग्रेस डूबती नाव बन चुकी है और बड़े बड़े कांग्रेसी कुछ व्यक्तिगत कारणों से भाजपा में जा रहे हैं।

सबका दामन है दागदार

जिन कांग्रेसियों ने अपनी पुरानी नैया छोड़कर दूसरी नैया में सवारी कर ली है वास्तव में उसके पीछे बड़ी कहानी भी है। महापौर पर नगर निगम में बड़े बड़े घोटाले करने के आरोप लगते रहे हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय तो महापौर के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए थे। पाण्डेय मेयर पर गंभीर आरोप लगाते नहीं थक रहे थे। चर्चा है कि मेयर सफीरा साहू ने अपनी गर्दन बचाने के लिए भाजपा ज्वाइन की है। वहीं यशवर्धन राव और भाजपा में गए दोनों पार्षद मानिक राम नाग एवं यशवंत ध्रुव को महापौर का बेहद करीबी माना जाता है और इसी वजह से उन्होंने भाजपा में जाना बेहतर समझा है। अब बात बीजापुर के तेज तर्रार कांग्रेस नेता रहे अजय सिंह की करें, तो अजय सिंह की बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी के साथ शुरू से अनबन रही है। सार्वजनिक मंचों पर भी अजय सिंह और विक्रम मंडावी तलवार भांजते नजर आते थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अजय सिंह को पसंद नहीं करते थे।

बोया पेड़ बबूल का, तो नसीब में कांटे ही आएंगे न जनाब

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  •  ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर में कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका
  • महापौर सफीरा साहू, यशवर्धन राव और अजय सिंह भाजपा में शामिल =

अर्जुन झा

जगदलपुर कहते हैं कर्म का फल यहीं मिल जाता है, जैसा बीज बोओगे, फल वैसा ही पाओगे। कुछ ऐसी ही कहानी आज बस्तर में कांग्रेस की हो गई है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कब्र खोदने का काम खुद कांग्रेसियों ने ही किया था। अब लोकसभा चुनाव में वही कब्र उन्हीं कांग्रेसियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बस्तर लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली में शामिल होने जगदलपुर आए थे। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के समक्ष बस्तर के कांग्रेसी इतिहास की बड़ी घटना हो गई। महापौर सफीरा साहू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के महासचिव एवं प्रताप देव वार्ड के पार्षद यशवर्धन राव, राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह, महारानी वार्ड के पार्षद मानिक राम नाग एवं लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के पार्षद यशवंत ध्रुव ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। सफीरा साहू और अन्य नेताओं ने आज ही कांग्रेस से सामूहिक त्याग पत्र दिया है। अपने इस्तीफे की चिट्ठी उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य को भेज दी थी। वैसे महापौर सफीरा साहू तथा कुछ पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चा कल शाम से ही चल पड़ी थी। भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप की नामांकन रैली के पहले एक संक्षिप्त समारोह में मेयर सफीरा साहू, वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव, अजय सिंह, मानिक राम नाग और यशवंत ध्रुव ने भाजपा प्रवेश किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव और अजय चंद्राकर ने पांचो नेताओं को भगवा दुपट्टा पहनाकर उनका भाजपा प्रवेश कराया। बस्तर के इन बड़े कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल हो जाने से कांग्रेस पार्टी और बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में कांग्रेस विरोधी माहौल बनेगा तथा इसकी अनुगूंज निश्चित रूप से पड़ोसी कांकेर लोकसभा क्षेत्र में भी सुनाई देगी।

 

जैसी करनी, वैसी भरनी

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जो तथाकथित कांग्रेस नेता अपनी मातृ संस्था कांग्रेस के लिए भस्मासुर बन गए थे, उन्हें उनकी करनी की सजा मिलनी शुरू हो गई है। इन कांग्रेस नेताओं ने रायपुर में बैठे अपने एक बड़े आका के इशारे पर बस्तर संभाग की जगदलपुर, चित्रकोट, नारायणपुर, दंतेवाड़ा सीटों पर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। ये सभी सीटें कांग्रेस के हाथ से निकल गईं। कांग्रेस की कब्र खोदने में अहम भूमिका निभाने वाले कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस नेतृत्व जहां उपकृत करने में लगा हुआ है, वहीं जनता इन नेताओं को जवाब देने आतुर लग रही है। इन नेताओं ने बीजेपी से सुपारी लेकर कांग्रेस को हराने और बस्तर को कांग्रेस मुक्त बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। कांग्रेस के खात्मे के लिए भाजपा से सुपारी लेने की बात अब सही साबित होती नजर आ रही है। आज कांग्रेस के लिए बड़ा दुखद दिन रहा कि भूपेश बघेल कि आमसभा के बीच ही कुछ दूरी पर सीएम की सभा में महापौर, यशवर्धन राव समेत करीब पांच अन्य पार्षदों ने बीजेपी का हाथ थाम लिया। इससे साबित हो रहा है कि वास्तव में कांग्रेस डूबती नाव बन चुकी है और बड़े बड़े कांग्रेसी कुछ व्यक्तिगत कारणों से भाजपा में जा रहे हैं।

सबका दामन है दागदार

जिन कांग्रेसियों ने अपनी पुरानी नैया छोड़कर दूसरी नैया में सवारी कर ली है वास्तव में उसके पीछे बड़ी कहानी भी है। महापौर पर नगर निगम में बड़े बड़े घोटाले करने के आरोप लगते रहे हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय तो महापौर के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए थे। पाण्डेय मेयर पर गंभीर आरोप लगाते नहीं थक रहे थे। चर्चा है कि मेयर सफीरा साहू ने अपनी गर्दन बचाने के लिए भाजपा ज्वाइन की है। वहीं यशवर्धन राव और भाजपा में गए दोनों पार्षद मानिक राम नाग एवं यशवंत ध्रुव को महापौर का बेहद करीबी माना जाता है और इसी वजह से उन्होंने भाजपा में जाना बेहतर समझा है। अब बात बीजापुर के तेज तर्रार कांग्रेस नेता रहे अजय सिंह की करें, तो अजय सिंह की बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी के साथ शुरू से अनबन रही है। सार्वजनिक मंचों पर भी अजय सिंह और विक्रम मंडावी तलवार भांजते नजर आते थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अजय सिंह को पसंद नहीं करते थे।

बीजापुर में छह नक्सली ढेर

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बीजापुर  जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के पोलमपल्ली में मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली मारे गये हैं। क्षेत्र में पुलिस सघन सर्चिंग अभियान जारी है। प्राथमिक सूचना के अनुसार मुठभेड़ बुधवार को सुबह सात से आठ बजे के बीच हुई।

नक्सलियों के क्षेत्र में होने की सूचना पर बासागुड़ा से सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा पुलिस बल वहां पहुंचा था। मुठभेड़ खत्म होने के बाद का क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान अबतक छह नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।

नक्सलियों ने होली के दिन की थी तीन ग्रामीणों की हत्या

सोमवार को होली के दिन नक्सलियों ने राहत शिविर में रहने वाले तीन ग्रामीणों की बासागुड़ा के कलार पारा में धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। तीनों पोलमपल्ली के रहने वाले थे। यह ग्रामीण कभी नदी के दूसरी तरफ नहीं जाते थे लेकिन साजिश के तहत होली खेलने के बहाने इनको बुलाया गया।

बीजापुर जिले के बासागुड़ा में फिर खेली गई खून की होली, तीन युवकों की हत्या

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  • अज्ञात हमलावरों ने होली खेलने के दौरान की हत्या

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सोमवार को दिनदहाड़े बासागुड़ा की नदी पार बस्ती में अज्ञात लोगों ने 3 युवकों पर हमला कर दिया। हमले में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई एक गंभीर रूप घायल हो गया था, जिसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बासागुड़ा में दम तोड़ दिया।

जिन ग्रामीणों मौत हुई है, उनके नाम चंद्रिया मोडियम (25), अशोक भंडारी (24) और कारम रमेश (25) हैं। सभी ग्रामीण युवक बासागुड़ा के कलार पारा के रहने वाले थे। दो युवकों की घटना स्थल पर मौत होने की जानकारी मिली है। वहीं एक युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार व कुल्हाड़ी से हमला किया था। तीनों ग्रामीणों के शव बासागुड़ा थाना लाए गए। जानकारी अनुसार इन ग्रामीणों का पोस्टमार्टम आवापल्ली में किया गया। घटना 5-6 बजे के बीच की बताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि बाजार पारा के समीप होली खेलने के समय अज्ञात लोगों ने हमला किया। बासागुड़ा थानाक्षेत्र की घटना है। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के अनुसार बासागुड़ा के पुसबाका रास्ते में तीन ग्रामीण की हत्या हुई है। इस घटना के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा नक्सली घटना पर पुष्टि नहीं की गई।रविवार रात में डीआरजी जवान पर नक्सलियों ने हमला किया था। होली के एक दिन पहले नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने अटल आवास बीजापुर में डीआरजी जवान दीपक दुर्गम पर गोली चलाई थी। जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था,जिला अस्पताल में उपचार बाद जवान को बीजापुर से ही रात में हैलीकॉप्टर द्वारा रायपुर रेफर किया गया। बीजापुर शहर में हुई घटना से एक बार फिर दहशत का माहौल बना हुआ है। होली के दिन 24 घंटे के अंदर दूसरी घटना बासागुड़ा क्षेत्र में हुई है। जहां 3 ग्रामीणों की हत्या धारदार हथियार से की गई। इस तरह की घटनाओं से बासागुड़ा के साथ क्षेत्र भी दहल गया है। एसपी जितेंद्र यादव ने जिले थाना क्षेत्र में इस तरह की घटना होने से सुरक्षा बलों को सर्चिंग अभियान तेज करने का निर्देश दिया है।

अहमदाबाद के संत साईं संजयदेव मसंद एवं माता अनुपमा देवी का रायपुर में सम्मान कल

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रायपुर अहमदाबाद स्थित सिंधी समुदाय के प्रसिद्ध धार्मिक आस्था केंद्र निज बैकुंठधाम के पीठाधीश साईं संजयदेव मसंद एवं उनकी धर्मपत्नी विख्यात प्रवचनकार माता अनुपमा देवी मसंद का रायपुर आगमन पर 29 मार्च को शाम 5 बजे शंकरनगर स्थित सिंधु पैलेस में हो रहा है।सिंधी समुदाय की समस्त पंचायतों एवं समाजसेवी संगठनों द्वारा उनका सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय मसंद सेवाश्रम के तत्वावधान में किया गया है। सेवाश्रम के पीठाधीश साईं जलकुमार मसंद साहिब ने बताया कि गुजरात, सौराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड व मध्यप्रदेश के 24 नगरों में निज बैकुंठधाम की शाखाएं स्थापित हैं। साईं संजयदेव मसंद साहिब पूर्व में भारतीय जल सेना में कैप्टन थे तथा उनकी धर्मपत्नी अनुपमा देवी दिल्ली दूरदर्शन की विख्यात अभिनेत्री रही हैं। पूज्य शदाणी दरबार के पीठाधीश साईं युधिष्ठिर लाल साहिब, पूज्य गोधरीधाम की महंत अम्मा मीरादेवी एवं श्रीदुर्गा मंदिर, लिली चौक के महंत अनंतपुरी गोस्वामी साहिब इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि रहेंगे।कार्यक्रम में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत एवं उसकी युवा शाखा के नवनिर्वाचित सभी पदाधिकारियों का भी सम्मान किया जाएगा। पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदराणी कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष रहेंगे। नगर के दो विख्यात समाजसेवी संगठन सेवा पथ तथा एक पहल और के स्वयंसेवक कार्यक्रम की व्यवस्था संभालेंगे।उल्लेखनीय है कि साईं संजय देव मसंद साहिब अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान हर बार बड़ी संख्या में अपने शिष्यों के साथ मसंद सेवाश्रम के पीठाधीश साईं जलकुमार मसंद साहिब से भेंट करने शांतिनगर स्थित उनके सेवाश्रम अवश्य आते हैं। यह जानकारी मसंद सेवा आश्रम रायपुर के प्रवक्ता मयंक मसंद ने दी।

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की लड़ाई भाजपा से नही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से है: केदार कश्यप

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  • कांग्रेसी ही कह रहे हैं कि लखमा दागदार है : कश्यप
  • कांग्रेस के लेटर बम पर बोले मंत्री केदार कश्यप

जगदलपुर प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता शिवनारायण द्विवेदी द्वारा बस्तर संसदीय क्षेत्र से पूर्व मंत्री व विधायक कवासी लखमा को कांग्रेस उम्मीदवार घोषित नहीं करने संबंधी उठाई गई मांग के मद्देनजर कहा है कि कांग्रेस में अंतर्कलह चरमसीमा को लांघ चुकी है।  कश्यप ने कहा कि एक तो ले-देकर कांग्रेस ने बस्तर में प्रत्याशी घोषित किया है, उसे लेकर भी कांग्रेस के लोग ही विरोध में उतर आए हैं।

वन मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस अब कितनी लाचार और दयनीय दशा की शिकार हो चुकी है, इसका जीवंत प्रमाण यही है कि कांग्रेस पार्टी अब तक छत्तीसगढ़ में अपने पूरे प्रत्याशियों की घोषणा तक नहीं कर पाई है। कांग्रेस के जितने तथाकथित दिग्गज नेता थे, उनके खिलाफ कार्यकर्ता मुखर हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उम्मीदवारी को लेकर सामने आए विरोध के बाद अब लखमा के खिलाफ मोर्चा खोलकर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिख रहे हैं। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता खुद ही कह रहे हैं कि उनके दिग्गज नेताओं ने बड़ा भ्रष्टाचार किया है। प्रभारी मंत्री रहते हुए बस्तर में कांग्रेस को सभी सीटों पर हराने और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लखमा के विरुद्ध ईओडब्ल्यू जांच लंबित होने समेत कई गंभीर आरोपों का जिक्र कर कहा गया है कि लखमा ने बस्तर की जनता का हक लूटा है, बस्तर की गरीब जनता का हक उन्होंने मारा है, बस्तर को बदनाम करने का काम किया है। बस्तरिया लोगों का हक मार कर अपना घर भरने का काम किया है।  कश्यप ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में घिरी और अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी जमानत तक बचाने के लाले पड़ जाएंगे।

बस्तर में कांग्रेस की लंका जलाएंगे भाजपा के बजरंगी महेश कश्यप

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  • कट्टर हिंदूवादी छवि वाले नेता हैं भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप
  • बजरंग दल से जुड़कर की थी राजनीति की शुरुआत

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी महेश कश्यप, मूलरूप से विहिप और बजरंग दल से जुड़े आदिवासी नेता हैं। सरपंची से लेकर बीजेपी के लोकसभा प्रत्याशी बनने तक के सफर में उन्होंने केवल हिंदू और आदिवासी हितार्थ जन जागरण मंच के माध्यम से अम लोगों के बीच हिंदुत्व का अलख जगाने का शानदार कार्य किया है। इसके पहले बलिराम कश्यप जैसे धाकड़ बीजेपी के नेता ने बस्तर लोकसभा सीट से सांसद रहते हुए अपनी अलग छाप छोड़ी थी। अब महेश कश्यप बस्तर में हिंदुत्व की धार को और भी प्रखर करने में लगे हुए हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा का यह बजरंगी इस बार बस्तर में कांग्रेस की लंका जलाकर ही रहेगा।

पहली बार बीजेपी ने बस्तर लोकसभा सीट से प्रखर हिंदूवादी छवि वाली शख्सियत के रूप में महेश कश्यप को अपना प्रत्याशी बनाया है। भतरा आदिवासी समुदाय के महेश कश्यप आज जननेता बन चुके हैं। आदिवासी समाज में रसूख बनाकर चलने वाले नेता हैं महेश कश्यप। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान बस्तर महाराज कमलचंद्र भंजदेव के विश्वस्त सहयोगी के रूप में भी उभर कर सामने आए। हालांकि तब

कमलचंद्र भंजदेव ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। अपने महल में पीएम मोदी के प्रवास के दौरान महेश कश्यप की छवि को बेहतर सांसद प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत कर दी गई थी। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा इस बार कोई बड़ा दांव खेल सकती है। अंततः इस बार बस्तर लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी चयन के दौरान फौरन ही इनके नाम पर नरेंद्र मोदी की मुहर लग गई। अपनी विशिष्ट कार्यशैली से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र और बस्तर विधानसभा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान महेश कश्यप ने स्थापित कर ली है। हर पंचायत में टैंकर से पानी पहुंचना और हर घर तक स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना महेश कश्यप का उद्देश्य रहा है। पूरे बस्तर में नारा लगता था कि हाथ नहीं तो भात नहीं। इस मिथक को तोड़ते हुए मोदी जी की गारंटी को लागू करवाने अथक परिश्रम कर रहे हैं। महेश कश्यप एक अच्छे

कबड्डी खिलाड़ी भी हैं। वे राज्य स्तर के खिलाड़ी हैं। अब यह कबड्डी खिलाड़ी राजनीति के मैदान पर दांवपेंच दिखाएगा। पिछले विधानसभा चुनाव में बस्तर विधानसभा से महेश कश्यप की प्रबल दावेदारी थी, लेकिन उनके नसीब में तो लोकसभा का सफर लिखा है।

दसवीं तक पढ़े हैं महेश

बस्तर जिले के माड़पाल पोस्ट ऑफिस अंतर्गत ग्राम कुम्हरावंड कलचा निवासी महेश कश्यप ने दसवीं तक की पढ़ाई की है। भतरा आदिवासी समुदाय से आने वाले महेश कश्यप के पिता सुकरू राम, माता सुदरी बाई और धर्मपत्नी चंपा कश्यप सामान्य किसान हैं। वे बजरंग दल के जिला संयोजक, विश्व हिंदू परिषद के जिला संगठन मंत्री, विभाग संगठन मंत्री, बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक, विहिप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य,पतंजलि योग समिति युवा भारत के बस्तर जिला अध्यक्ष, 2014 से 2019 तक सरपंच, छ्ग सरपंच महासंघ के जिला अध्यक्ष, बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच के संभागीय संयोजक, जिला कबड्डी संघ के सह सचिव, गौ सेवक, विहिप के प्रांतीय उपाध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज के सदस्य समेत कई अहम पदों पर रहे हैं। बस्तर में धर्मान्तरण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर महेश कश्यप ने अपनी अलग छाप छोड़ी है।

मोदीजी के मिशन को बढ़ा रहे आगे

भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली के दीवाने हैं। वे कहते हैं – मोदी जी तो देश के लिए जी रहे हैं। गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। मैं उनके मिशन को आगे बढ़ा रहा हूं। कांग्रेस ने देश को बेहाल कर दिया था। मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से तरक्की कर रहा है। पूरे विश्व में भारत का गौरव गान हो रहा है।

भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने किया नामांकन दाखिल

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  • प्रदेश भाजपा किरण देव, दिनेश कश्यप और कमलचंद्र भंजदेव भी रहे मौजूद

जगदलपुर भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया।अधिष्ठात्री देवी माई दंतेश्वरी का दर्शन पूजन करने और नागरिकों से आशीर्वाद लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने बस्तर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, बस्तर महाराजा कमल चंद्र भंजदेव विशेष रूप से उपस्थित थे। भाजपा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार महेश कश्यप मतदाताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने 27 मार्च को सुबह 11 बजे रैली निकालेंगे।

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