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8 लाख के ईनामी साक्रिय नक्सली कमांडर नागेश उर्फ पेड़कम ने किया आत्मसमर्पण

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  • नक्सलियों के अमानवीय एवं आधारहीन विचारधारा से हुआ एर्रा का मोहभंग
  • पूना नर्कोम अभियान से प्रभावित हो उठाया कदम

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति और सुकमा जिला पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में चलाई जा रही पूना नर्कोम मुहिम सचमुच में नक्सलियों और उनके परिवारों के लिए नई सुबह की उम्मीद भरी किरण और उनकी जिंदगी की नई शुरुआत करने वाली साबित हो रही है। शासन की नीति और पुलिस की मुहिम से प्रभावित होकर फिर सुकमा जिले के एक बड़े नक्सली लीडर ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस नक्सली पर शासन ने आठ लाख रू का ईनाम घोषित कर रखा है। आत्मसमर्पित नक्सली नागेश उर्फ पेड़कम एर्रा को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने में पुलिस की आसूचना शाखा (आईबी) की विशेष भूमिका रही है

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए नई नीति लागू कर रखी है। इसका व्यापक प्रभाव नक्सलियों और उनके मददगारों पर पड़ रहा है। नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ने लगे हैं। वहीं सुकमा जिले में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., दंतेवाड़ा रेंज के डीआईजी कमलोचन कश्यप, सुकमा रेंज सीआरपीएफ के डीआईजी (ऑपरेशन) अरविंद राय के मार्गदर्शन एवं सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑपरेशन सुकमा निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन तथा उप पुलिस अधीक्षक बस्तर फाइटर उत्तम प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्कोम अभियान का व्यापक सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। पूना नर्कोम का अर्थ ही नई सुबह, नई शुरुआत है और वास्तव में यह अभियान नक्सलियों की जिंदगी में नई सुबह लाने वाला और नई शुरुआत करने वाला साबित हो रहा है। इससे प्रभावित होकर नक्सलियों के अमानवीय व आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा किए जाने वाले भेदभाव, स्थानीय आदिवासियों के साथ की जा रही निर्मम हिंसा व भयावह आतंरिक वातावरण से त्रस्त होकर प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के सक्रिय नक्सली भी आत्मसमर्पण करते जा रहे हैं। इसी क्रम में नागेश उर्फ पेड़कम एर्रा पिता स्व. एंका ने 26 फरवरी को सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी किरण चौव्हाण, उप पुलिस अधीक्षक बस्तर फाइटर उत्तम प्रताप सिंह, एसडीओपी दोरनापाल निशांत पाठक और रक्षित निरीक्षक रवि उपाध्याय के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण कर दिया।नागेश नक्सली संगठन पीएलजीए की बटालियन -1 का कंपनी कमांडर बटालियन -2 का कमांडर था। नागेश पर शासन ने 8 लाख रू. का ईनाम घोषित कर रखा है। 38 वर्षीय नागेश सुकमा जिले के मंगलगुड़ा, थाना किस्टाराम थाना अंतर्गत मंगलगुड़ा का निवासी है। नागेश को राज्य शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

बीस साल से सक्रिय था नागेश

नागेश उर्फ पेड़कम एर्रा नक्सल गतिविधियों में बीस साल से सक्रिय था। वर्ष 2003 से 2004 तक वह पालाचलमा एलओएस सदस्य, वर्ष 2005 से 2008 तक पालाचमा एलजीएस सदस्य और कुख्यात नक्सली नेता स्व. रामन्ना का गार्ड भी रहा।वर्ष 2009 से 2011 तक नागेश बटालियन-1 कंपनी नम्बर -2 का सेक्शन कमांडर, 2012 में एक वर्ष तक बटालियन-2, प्लाटून-2 का डिप्टी कमांडर, वर्ष 2013 से 2014 माह अप्रैल तक कंपनी 2 का डिप्टी कमांडर, 2015 से 2019 तक पीएलजीए बटालियन-1, कम्पनी-2 का कमांडर पद पर था।

ताड़मेटला कांड में रहा है हाथ

नागेश सन 2004 में गोलापल्ली और मराईगुड़ा के बीच मुख्य मार्ग को 10-15 स्थानों पर खोदकर आवागमन में अवरोध पैदा करने की घटना में शामिल था। वह वर्ष 2010 में मुकरम और ताड़मेटला के बीच बीमार गुब्बल नामक टेकरी में एंबुश लगाकर फायरिंग करने की घटना में शामिल था। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए एवं 12 जवान घायल हो गए थे। सन 2011-12 में ग्राम तिम्मापुरम के जंगल में हुई पुलिस- नक्सली मुठभेड़ में भी नागेश शामिल था। इस मुठभेड़ में पुलिस के दो जवान शहीद तथा 8 पुलिस जवान घायल हुए थे। वर्ष 2013-14 में ग्राम टेटेमड़गू और पालोड़ी के बीच जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में वह शामिल था। वर्ष 2014 में ग्राम पिड़मेल और एंटापाड़ के बीच जंगल में पुलिस- नक्सली मुठभेड़ में शामिल था। इस मुठभेड़ में पुलिस के लगभग 6-7 जवान शहीद हुए थे। वर्ष 2015-16 में ग्राम पोटकपल्ली और डब्बामरका के बीच जंगल में पुलिस- नक्सली मुठभेड़ में भी नागेश शामिल था। इस मुठभेड़ में 14 जवान घायल हुए थे। सन 2017 में ग्राम कोत्ताचेरू और भेज्जी के बीच जंगल में पुलिस- नक्सली मुठभेड़ में नागेश शामिल रहा। इस मुठभेड़ में पुलिस के 12 जवान शहीद हुए थे और एवं 2 घायल हो गए थे। सन 2017 में ग्राम बुर्कापाल के पास जंगल में पुलिस- नक्सली मुठभेड़ में नागेश शामिल था। इस मुठभेड़ में पुलिस के 25 जवान शहीद हुए थे। उस समय पुलिस के लगभग 18 हथियार लूट लिए गए थे। वर्ष 2017 में ग्राम टोंडामरका पुलिस नक्सली मुठभेड़ में भी नागेश शामिल था। तब पुलिस के 8 जवान घायल हुए थे एवं हमारा एक नक्सली मारा गया था। सन 2018-19 में ग्राम दारेली और इत्तागुड़ा के बीच जंगल में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में भी नागेश शामिल था।

दल्ली राजहरा के कृष्णमूर्ति बने स्ट्रांग मैनऑफ़ छत्तीसगढ़

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दल्लीराजहरा छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय पावरलिफ्टिंग बेंचप्रेस एंड एवं डेडलिफ्ट चैंपियनशिप का आयोजन 25 फरवरी को स्वामी विवेकानंद भवन जिला दुर्ग में हुआ। जिसमें राजहरा माइंस वेट एवं पावरलिफ्टिंग क्लब के खिलाड़ियों का प्रदर्शन जबरदस्त रहा । कृष्णमूर्ति ने मास्टर पावर लिफ्टिंग 77 किलोग्राम वर्ग समूह में 120 किलोग्राम बेंच प्रेस कर स्वर्ण पदक जीते और स्ट्रांग मैन ऑफ छत्तीसगढ़ का किताब भी जीता l वे पूर्व में भी वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं l इसी तरह एथलेटिक्स ,स्ट्रेंथ लिफ्टिंग, पावरलिफ्टिंग ,पंजा कुश्ती में भी कई बार राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत कर दल्ली राजहरा एवं पूरे छत्तीसगढ़ को गौरांवित कर चुके हैं । अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कृष्ण मूर्ति राजहरा माइंस वेट वा
पावरलिफ्टिंग के कोच भी हैं। इसी तरह छगन साहू ने मास्टर 69 किलोग्राम वर्ग समूह में स्वर्ण पदक जीते पूर्व में भी कई बार पदक जीतकर राजहरा को गौरांवित कर चुके हैं l साथ ही पावरलिफ्टिंग व पंजाकुश्ती में राष्ट्रीय स्तर पर भी श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुके हैं ।
मधुकर सिंह राजपूत ने भी मास्टर 62 किलोग्राम वर्ग समूह में स्वर्ण पदक जीता वह कई बार राज्य स्तरीय पावरलिफ्टिंग में पदक जीत कर दल्ली राजहरा का नाम रोशन कर चुके हैं ।
मनोज कुमार जायसवाल ने मास्टर 83 किलोग्राम वर्ग समूह में स्वर्ण पदक जीता आगे भी इनसे कई पदक जीतने की उम्मीद है l इसी तरह घनश्याम राव ने भी मास्टर 73 किलोग्राम वर्ग समूह में सिल्वर मेडल जीते हुए अपने समय के धाकड़ ,व आर्मी रिटायर फौजी हैं ,और आज भी प्रतिदिन व्यायाम करते है। इन सभी खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कृष्ण मूर्ति को दिया उनकी इस उपलब्धि पर मुख्य महाप्रबंधक  आर. बी. गहरवाल उपमहाप्रबंधक नगर प्रकाशक टी.ए. मंगेश सेलकर सहायक महाप्रबंधक कार्मिक एमके रेड्डी सहायक महाप्रबंधक विद्युत अतुल कालेश कनिष्ठ प्रबंधक स्टेट  महेंद्र कछुवाहा एवं राष्ट्रीय खिलाड़ियों में  रणजीत सिंह ठाकुर एस अंसारी राजेंद्र कुमार, राजपूत, शेषनाथ गुप्ता,परमेश्वर,मोहन, तारा सिंह,सोनू बग्गा, विक्की बग्गा, जय साहनी, भोला दास, विशाल, रणवीर सिंह, भूपेश सिंह, अर्जुन, कोमरे, गज्जू साहू और राजेश पांडे आदि ने बधाई दी l

आईईडी ब्लास्ट में जवान शहीद

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जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों के लगाए प्रेशर आईईडी की चपेट में आकर एक जवान शहीद हो गया। शहीद जवान का नाम राम आशीष यादव बताया गया है।
राम आशीष यादव मूलतः उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र के ग्राम असनवार के निवासी थे। उनका परिवार भिलाई में रहता है। श्री यादव छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्रधान आरक्षक थे और बल की 19 ए कंपनी के बेचापाल स्थित कैंप में तैनात थे। कैंप से सुरक्षा बलों का एक दल 25 फरवरी को मिरतुर थाना क्षेत्र के गांडोकल पारा से कुतुलपारा की ओर एरिया गश्त पर निकला था। सुरक्षा बलों के इस दल में राम आशीष यादव भी शामिल थे।तभी अपरान्ह 3.30 बजे बेचापाल पदमपारा के पास नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए प्रेशर आईईडी ब्लास्ट हो गया और उसकी चपेट में आ जाने से राम आशीष यादव शहीद हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में सर्चिंग गश्त जारी है।बीजापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने घटना की पुष्टि की है।

बस्तर में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी को बचा रही अफसरों की लॉबी

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  •  के. रामा यशवंत के मामले को लटका रहे हैं अफसर
  • शासन से वेतन -भत्तों के रूप में हजम कर चुके हैं करोड़ों रुपए फर्जी कर्मी 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी पाने वालों की फेहरिश्त जितनी लंबी है, उतना ही लंबा चौड़ा कुनबा ऐसे अधिकारियों का भी है, जो फर्जी तरीके से नौकरी पा चुके लोगों को येनकेन प्रकारेन बचाने में लगे हुए हैं। अगर फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की ईमानदारी से जांच हुई, तो अधिकारियों की इस लॉबी तक भी जांच की आंच पहुंच जाएगी। यही वजह है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र वाले कर्मचारियों को बचाने के लिए तरह तरह के बहाने ईजाद किए जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बस्तर संभाग के सुकमा जिले में प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत के. रामा यशवंत का मामला है।
    बस्तर संभाग में पढ़े लिखे आदिवासी युवाओं का हक मारकर पचासों लोग फर्जी जाति प्रमाण बनवाकर विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियां हासिल कर चुके हैं। सर्वाधिक नौकरियां शिक्षा विभाग में ऐसे फर्जी लोगों ने हथिया ली हैं। इन्हीं में से एक हैं के. रामा यशवंत, जो बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला एर्राबोर में प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि के. रामा यशवंत का भी जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे के रामा यशवंत ने शालेय शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। उनकी जाति प्रमाण को लेकर करीब डेढ़ साल पहले शिकायत की गई थी। इस शिकायत को आधार बनाकर सुकमा जिले में कार्यरत शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी और आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के बीजापुर जिले में पदस्थ अधिकारियों ने के. रामा यशवंत को कमाई का माध्यम बना लिया। के. रामा यशवंत बीजापुर जिले के निवासी हैं और शिक्षा विभाग में उनकी नौकरी की शुरुआत बीजापुर जिले से ही हुई थी। उनकी जाति का मामला अभी बीजापुर जिले में ही विचाराधीन है। के. रामा यशवंत पर अब तक कार्रवाई न होना इस बात की तस्दीक करता है कि सुकमा और बीजापुर जिलों के संबंधित अधिकारी के. रामा यशवंत को न सिर्फ बचा रहे हैं, बल्कि उन पर इस कदर मेहरबान भी हैं कि उन्हें एक सामान्य शिक्षक पद से पदोन्नत करते हुए अब बड़े हायर सेकंडरी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य पद तक पहुंचा दिया है।

    नजरअंदाज किया हर समन को
    प्रभारी प्राचार्य के. रामा यशवंत को जिला शिक्षा अधिकारी सुकमा और आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग बीजापुर के अधिकारी के संरक्षण की बात को पुष्ट करने वाले कई मुद्दे मौजूद हैं। सबसे बड़ा मुद्दा तो यही है कि के. रामा यशवंत के खिलाफ जांच आज तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। दूसरा मुद्दा है जाति प्रमाण पत्र की जांच के बीच के. रामा यशवंत को एक सामान्य शिक्षक से प्रभारी प्राचार्य के पद तक पहुंचा देना। तीसरा मुद्दा है आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग की बीजापुर जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति के नोटिस को के. रामा यशवंत दद्वारा नजरअंदाज किया जाना। समिति कई बार नोटिस समन भेजकर के. रामा यशवंत को तलब कर चुकी है, मगर के. रामा यशवंत इस समिति को भी लगातार ठेंगा दिखाते आ रहे हैं। ऐसा दुस्साहस कोई कर्मचारी तभी कर सकता है, जब उसे बड़े अधिकारियों का वरदहस्त प्राप्त हो।

    विभागीय अफसर एक्सपर्ट नहीं ?
    फर्जी जाति प्रमाण पत्र की बात सामने आने के कई माह बाद कलेक्टर (आदिम जाति विकास) बीजापुर ने आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग छ्ग शासन को पत्र लिखकर जाति प्रमाण पत्रों की जांच के लिए विषय विशेषज्ञ की मांग की है। बताते हैं कि दो फरवरी को यह पत्र लिखा गया हुआ है और अब इसके अमल पर भी लोगों को संदेह होने लगा है। क्योंकि जब शासन ने ऐसे फर्जी कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश दे दिया है, तब विषय विशेषज्ञ से ऐसी जांच कराने के बहाने फर्जी तरीके से नौकरी पाकर वेतन, भत्तों के रूप में अब तक शासन के करोड़ों रुपए हजम कर चुके और शासकीय सुविधाओं का नाजायज लाभ लेते आए ऐसे फर्जी लोगों को और मौका क्यों दिया जा रहा है? इन सारे मामलों को लेकर में कुछ लोगो ने दावा किया है की आरोपी के. रामा यशवंत जिस सुकमा जिले के स्कूल में पदस्थ है उस जिले के डीईओ और बीजापुर के आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के बड़े अधिकारी जांच पर जांच का हवाला देकर मामले को उलझाए हुए हैं। जबकि अब तक इस प्रकरण का निपटारा हो जाना चाहिए था। कलेक्टर (आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग) के इस पत्र से एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो गया है कि बीजापुर जिले में पदस्थ आदिम जाति अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधिकारी क्या अनुभवहीं हैं और एक्सपर्ट नहीं हैं? अगर वे अनुभवहीन हैं, तो उन्हें ऐसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी कैसे दे दी गई है? बीजापुर कलेक्टर को इस विषय पर गौर करना चाहिए।

    कमिश्नर के आदेश का क्या होगा?
    के. रामा यशवंत के जाति प्रमाण पत्र के मामले में बस्तर संभाग के आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। कोंटा नगर पंचायत के एक जागरूक नागरिक की शिकायत पर आयुक्त ने सुकमा के कलेक्टर को मामले की जल्द जांच कराने हेतु निर्देशित किया है। आयुक्त के निर्देश पर सुकमा कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच हेतु निर्देश दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस जिला शिक्षा अधिकारी पर के. रामा यशवंत को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं, वे भला ईमानदारी से जांच कैसे करेंगे? इधर सूत्रों का कहना है कि सुकमा के जिला शिक्षा विभाग और बीजापुर के आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के अधिकारियों बीच हुए गुप्त समझौते के तहत के. रामा यशवंत के मामले को अब तक लटका कर रखा गया है। सूत्र का दावा है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने वाले के. रामा यशवंत को जेल जाने का भय दिखाकर कई लाख रुपए की वसूली की गई है और इसी लेनदेन की वजह से इस मामले को अबतक लंबित रखा गया है जो इस पत्र से भी साबित होता है।

विधानसभा अध्यक्ष से संयुक्त मोर्चा की महंगाई भत्ता पर हुईं चर्चा

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  • विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह हल करेंगे मसला : परिहार 
    जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासकीय अधिकारी कर्मचारी महासंघ के बस्तर जिला संयोजक अजय प्रताप सिंह परिहार ने बताया है कि संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने 25 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 1 जुलाई 2023 से देय चार प्रतिशत महंगाई भत्ता की घोषणा विधान सभा सत्र में करने की मांग की।
    छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने बताया कि विधानसभा चुनाव आचार संहिता के दौरान डॉ. रमन सिंह ने निर्वाचन आयोग को डीए देने की अनुमति के लिए पत्र लिखा था तथा अनुमति मिलने के उपरांत चार प्रतिशत डीए देने की घोषणा की मांग की थी, किंतु आदेश कर्मचारियों की बजाय भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए जारी हुआ। जबकि इसके लिए निर्वाचन आयोग को पत्र ही नही लिखा गया था। अब चालू बजट सत्र में वेतन भत्तों के लिए बजट प्रावधान हो चुका है। अतः विधान सभा सत्र के दौरान विधानसभा में मुख्यमंत्री घोषणा कर सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष सदन में मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से चर्चा करेंगें। प्रतिनिधि मंडल में अनिल शुक्ला, ओपी शर्मा, कमलेश सिंह राजपूत, संजय सिंह, विजय सोनी, संजय तिवारी, अश्वनी गुर्देकर, एसपी देवांगन, जागेश्वर चंद्राकर एवं नरेश नेताम शामिल थे। यह जानकारी संयुक्त मोर्चा के बस्तर जिला संयोजक अजय प्रताप सिंह परिहार ने दी।

 लाउड स्पीकर के माध्यम से रिकार्डेड संदेश सुनाकर साइबर अपराध के प्रति जागरूक

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डौण्डी पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग राम गोपाल गर्ग द्वारा चलाये जा रहे साइबर प्रहरी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक महोदय एस.आर. भगत जी के निर्देशन में तैयार साइबर प्रहरी रथ आज थाना डौण्डी क्षेत्र में सायबर जागरूकता किया। थाना डौण्डी प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह द्वारा छात्र/छात्राओ एवं उपस्थित ग्रामिणजनों को समझाईश दिया गया कि, किसी भी अनजान व्यक्ति से ओटीपी शेयर नही करने, अनजान नम्बर से आपके रिश्तेदार दोस्त के आवज में पैसा भेजना या मांगने पर पहले आपके मोबाईल में सेव नम्बर में कॉल कर पता कर लें, जल्दबाजी में पैसा ट्रांसफर न करें। इसी प्रकार के अन्य सायबर ठगी के तरीको से बचाव हेतु पाम्पलेट वितरण तथा लाउड स्पीकर के माध्यम से रिकार्डेड संदेश सुनाकर साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया गया तथा साइबर प्रहरी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया एवं इसकी महत्व से अवगत कराया गया।

परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनि राज जी को विनयांजलि दी गई

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आज श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विश्व वंदनीय परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनि राज जी को विनयांजलि दी गई जिसमें सकल जैन समाज दल्ली राजहरा उपस्थित रहा, सभी ने आचार्य का स्मरण करते हुए अपनी अपनी भावनाएं व्यक्त की सर्वप्रथम प्रमोद जी कोचर ने आचार्य  के संबंध में विस्तृत जानकारियां दी उनके महानतम त्याग तपस्या साधना एवं जीवनी पर प्रकाश डाला
मुकुल जैन वर्षा जैन आस्था जैन एवं प्रहलाद जैन ने भी आचार्य श्री के दल्ली राजहरा आगमन की याद ताजा करते हुए अपनी-अपनी बातें कही तत्पश्चात आचार्य श्री के भजन एवं आरती की गई जिसमें सकल जैन समाज के सभी वरिष्ठ बच्चे एवं महिलाएं सम्मिलित हुए, भोपाल से पधारे भैया द्वारा बहुत ही सुंदर भजन जो कि आचार्य श्री के संपूर्ण व्यक्तित्व को दर्शाता है उसे गाया गया, आगम जैन एवं आदर्श जैन ने भी आचार्य श्री जी का स्मरण करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त की उन्होंने बताया कि रायपुर से डोंगरगढ़ के विहार के दौरान वे दोनों रायपुर से गरीब 10 किलोमीटर तक बिहार किये एवं डोली उठाने का सौभाग्य प्राप्त किया, शिखर चंद जी जैन ने भी आचार्य श्री के पद प्रक्षालन करने के सौभाग्य का स्मरण किया, मुकेश जैन मनीष जैन ने भी दल्ली राजहरा में आचार्य श्री के आहार उनके चौक में होने की बात बताते हुए उनका स्मरण किया जैन समाज के सभी लोगों की आंखें आचार्य श्री का स्मरण करते हुए नम हुए जा रही थी मूलचंद जी सेठी एवं कमल सेठी ने भी आचार्यश्री के दल्लीराजहरा में उनके घर पर चैत्यालय में दर्शन करने आने पर स्मरण किया ,जैन समाज द्वारा विश्व वंदनीय परम पूज्य आचार्य गुरुवर 108 विद्यासागर जी महामुनि राज को विनयाँजलि अर्पित की गई।

वन मंत्री केदार कश्यप ने सुनी मन की बात, कहा- वन्य जीव संरक्षण पर आई जागरूकता

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  • छोटी छोटी बातों पर भी मोदी की पैनी नजर: केदार
  • डिजिटल तकनीक से वन्य जीवों का होगा सरंक्षण

जगदलपुर वनमंत्री केदार कश्यप ने रविवार को नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भाजपा मंडल भानपुरी के गांव सोनारपाल के परिवारजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात की सुनी।

मंत्री कश्यप ने मन की बात के 110वें संस्करण सुनने के बाद कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। वन्य जीवों को बचाने टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। वहीं आज देश में ड्रोन दीदी की चर्चा हो रही है। महिलाएं प्राकृतिक खेती कर रही है। पीएम श्री मोदी ने देशवासियों से कहा कि कुछ दिनों बाद 8 मार्च को हम महिला दिवस मनाएंगे। यह विशेष दिन देश की विकास यात्रा में नारी शक्ति के योगदान को प्रणाम करने का अवसर होगा। वन मंत्री केदार कश्यप के मुताबिक मन की बात में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने महान कवि भरतियार जी के कथन – दुनिया तभी समृद्ध होगी, जब महिलाओं को समान अवसर मिलेंगे, का जिक्र करते हुए मातृशक्ति के महत्व को रेखांकित किया। कश्यप ने बताया कि मोदी जी ने प्राकृतिक खेती के विस्तार में महिलाओं के योगदान का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश में कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें देश की नारी-शक्ति पीछे रह गई हो। एक और क्षेत्र जहां महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है, वो है प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और स्वच्छता। केमिकल से हमारी धरती मां को जो कष्ट हो रहा है, जो पीड़ा हो रही है, जो दर्द हो रहा है, हमारी धरती मां को बचाने में देश की मातृशक्ति बड़ी भूमिका निभा रही हैं। देश के कोने-कोने में महिलाएं अब प्राकृतिक खेती को विस्तार दे रही हैं।

वन्य जीवों के साथ तालमेल

मन की बात कार्यक्रम को लेकर वनमंत्री केदार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी छोटी से छोटी बात का भी सूक्ष्म अवलोकन करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम सबके जीवन में तकनीक का महत्व बहुत बढ़ गया है। मोबाइल फोन, डिजिटल गैजेट्स हम सबकी ज़िन्दगी का अहम हिस्सा बन गए हैं। डिजिटल गैजेट्स की मदद से अब वन्य जीवों के साथ तालमेल विकसित करने में मदद मिल रही है। कुछ दिन बाद, 3 मार्च को ‘विश्व वन्य जीव दिवस’ है। इस दिन को वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व वन्य जीव दिवस की थीम में डिजिटल नवाचार को सर्वोपरि रखा गया है।

जल संरक्षण में भी नारी अग्रणी

मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि पीएम मोदी ने कहा, “देश के कोने-कोने में महिलाएं अब प्राकृतिक खेती को विस्तार दे रही हैं। आज अगर देश में जल जीवन मिशन के तहत इतना काम हो रहा है तो इसके पीछे पानी समितियों की बहुत बड़ी भूमिका है। पानी समिति का नेतृत्व महिलाओं के ही पास है। इसके अलावा भी बहन- बेटियां जल संरक्षण के लिए चौतरफा प्रयास कर रही हैं। कुछ वर्ष पहले तक किसने सोचा था कि हमारे देश में, गांव में रहने वाली महिलाएं भी ड्रोन उड़ाएंगी, लेकिन आज ये संभव हो रहा है। आज तो गांव- गांव में ड्रोन दीदी की इतनी चर्चा हो रही है। हर किसी की जुबान पर नमो ड्रोन दीदी, नमो ड्रोन दीदी ये चल पड़ा है। हर कोई इनके विषय में चर्चा कर रहा है। एक बहुत बड़ी जिज्ञासा पैदा हुई है।

समृद्ध हो रही जैव विविधता

वन मंत्री एवं बस्तर संभाग के नारायणपुर के जागरूक विधायक केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के मन की बात बड़े गौर से सुनी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज युवा उद्यमी भी वन्य जीव संरक्षण और परिस्थितिकी पर्यटन के लिए नए- नए नवाचार सामने ला रहे हैं। उत्तराखंड के रुड़की में रोटर प्रिसिशन ग्रुप ने भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से ऐसा ड्रोन तैयार किया है, जिससे केन नदी में घड़ियालों पर नजर रखने में मदद मिल रही है। इसी तरह बेंगलुरु की एक कंपनी ने ‘बघीरा’ और ‘गरुड़’ नाम का ऐप तैयार किया है। बघीरा ऐप से जंगल सफारी के दौरान वाहन की गति और दूसरी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। देश के कई टाइगर रिजर्व में इसका उपयोग हो रहा है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस और इंटरनेट पर आधारित गरुड़ ऐप को किसी सीसीटीवी से जोड़ने पर वास्तविक समय की चेतावनी मिलने लगती है। वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में इस तरह के हर प्रयास से हमारे देश की जैव विविधता और समृद्ध हो रही है।

बकावंड की राजनगर कॉलोनी में में कायम है अव्यवस्थाओं का राज

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  • दीया तले अंधेरा कहावत हो रही है चरितार्थ मुख्यालय में
    -अर्जुन झा-
    बकावंड विकासखंड मुख्यालय बकावंड के राजनगर स्थित ब्लॉक कॉलोनी में बनाई गई नाली की दुर्गति हो गई है। यह कॉलोनी जनपद पंचायत कार्यालय से महज 20 मीटर की दूरी पर स्थित है।बीस मीटर के फासले पर यह स्थिति दीया तले अंधेरा को चरितार्थ कर रही है।
    राजनगर कॉलोनी में मुख्यमंत्री ग्राम विकास योजना के तहत नाली का निर्माण कराया गया था। मुख्य मार्ग से छात्रावास तक नाली की हालत बहुत ही ज्यादा जर्जर हो चली है। नाली में जगह जगह दरारें पड़ने लगी हैं। वहीं कई स्थानों पर नाली टूट फूट चुकी है। यह नाली सड़क से लगकर बनाई गई है। रात के समय नाली के क्षतिग्रस्त हिस्से नजर नहीं आते और राह चलते लोग टकरा कर गिर पड़ते हैं।

छात्रावास के महज 10 मीटर दूरी में कृषि विभाग का कार्यालय है। अधिकारी कर्मचारी दिनभर इसी मार्ग से आना जाना करते हैं। वहां की कच्ची है और धूल मिट्टी से भर गई है। वाहनों के गुजरने से धूल के गुबार उड़ते रहते हैं और राह चलते लोग धूल धुसरित हो जाते हैं। अधिकारी – कर्मचारी और आम नागरिक परेशान हैं। आज तक राज्य सरकार ने सुध नहीं ली है। अगर शासन ने सुध ली भी होगी, तो अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। विकासखंड मुख्यालय होने के बावजूद जनप्रतिनिधि भी यहां की इन समस्याओं को लेकर मूकदर्शक बने हुए हैं। नेता चुनाव प्रचार के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं फिर वादे से मुकर जाते हैं। कुछ ऐसा ही राजनगर के साथ भी हुआ है। जनपद पंचायत के सीईओ भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

प्रश्नकाल में लता उसेंडी ने उठाया था पीएम आवास के लिए रेत संकट का मुद्दा

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  •  मुद्दा उठाने पर तुरंत साय सरकार ने कर दी रेत फ्री
  • पीएम आवास के लिए मुफ्त रेत शानदार पहल : उसेंडी

कोंडागांव विधानसभा सत्र में कोंडागांव की विधायक सुश्री लता उसेंडी ने प्रश्नकाल के दौरान रेत को लेकर मामला उठाया था। उन्होंने कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र में अधिकारियों द्वारा रेत ले जा रहे ट्रेक्टरों को रोककर चालानी कार्रवाई की जाने का पुरजोर विरोध किया।

विधायक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री लता उसेंडी ने कहा कि घरेलू कार्यों के लिए ट्रेक्टर से रेत ले जाने पर अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के डर से ट्रेक्टर वालों रेत लाना बंद कर दिया है। इसके कारण कोंडागांव क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण प्रभावित हो रहा है। रेत न मिलने से सभी कार्य बंद हो गए हैं। हमारी सरकार ने चुनाव के समय वादा किया था कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी, लेकिन रेत न मिलने से प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण बंद हो गया है। इस दिशा में हमारी सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि निर्मार्ण कार्य निर्बाध पूर्ण हो सके। विधायक लता उसेंडी की बातों पर सहमति जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लता उसेंडी ने जायज मांग उठाई है, इसका निराकरण तुरंत सरकार को करना चाहिए। उसके बाद ही विष्णुदेव सरकार में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री आवास के लिए निशुल्क रेत की घोषणा कर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी। इसके लिए लता उसेंडी ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय और वितमंत्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त किया है।

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