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धर्मान्तरित हो चुकी कांग्रेस के नेता खो चुके हैं नैतिकता : केदार

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  • धर्मान्तरण को लेकर भाजपा नेता ने मंत्री लखमा से मांगा इस्तीफा
  • केदार कश्यप ने कहा – धर्मान्तरण की आग में जल रहा है बस्तर


जगदलपुर छत्तीसगढ़ में धर्मान्तरण के मसले पर प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने जमकर हमला बोला है। कश्यप ने कहा है कि जिस कांग्रेस पार्टी का पूरी तरह से धर्मान्तरण हो चुका है, उसके नेता धर्मान्तरण के खिलाफ बोलने का साहस भला कैसे जुटा सकते हैं।


मंत्री कवासी लखमा ने दावा करते हुए कहा था कि जबसे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस आई है, तबसे राज्य में धर्मान्तरण का एक भी मामला नहीं हुआ है। भाजपा के लोग सिर्फ धर्मान्तरण का हौव्वा खड़ा कर दुष्प्रचार कर रहे हैं। मंत्री लखमा के इस बयान पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। प्रदेश भाजपा के महामंत्री एवं डॉ. रमन सिंह सरकार में केबिनेट मंत्री रहे बस्तर के आदिवासी नेता केदार कश्यप ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ में अवैध तरीके से धर्मान्तरण का खेल जोर शोर से चल रहा है। सुदूर वन अंचलों में भी मिशनरी के लोग घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों का धर्म बदलवा रहे हैं। बस्तर संभाग तो धर्मान्तरण की आग में जल रहा है। संभाग के गांव – गांव और शहर – शहर में ईसाई मिशनरी के लोग छल प्रपंच और प्रलोभन के दम पर आदिवासियों और अनुसूचित जति व पिछड़े वर्गों के लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। गांवों में चर्च बन गए हैं, वर्ग संघर्ष की स्थिति निर्मित हो गई है, आदिवासी संस्कृति और अस्मिता दांव पर लग गई है। कश्यप ने नारायणपुर जिले में आदिवासियों और ईसाई समुदाय के बीच आएदिन होने वाले संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि बस्तर धर्मान्तरण की आग में जल उठा है।
सच्चे आदिवासी हैं, तो इस्तीफा दें लखमा
केदार कश्यप ने कहा कि राज्य के आदिवासियों का तो धर्म परिवर्तन कराया ही जा रहा है, यहां तो पूरी कांग्रेस का ही धर्म परिवर्तन हो चुका है। कांग्रेस के लोग वोट की राजनीति के चक्कर में अंधे हो चले हैं, नैतिकता खो चुके हैं। कवासी लखमा ने दो दिन पहले दावा किया था कि छत्तीसगढ़ में धर्मान्तरण का एक भी मामला नहीं हुआ है, अगर कोई प्रमाणित कर दे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। श्री कश्यप ने कहा कि कवासी लखमा के ही निर्वाचन क्षेत्र सुकमा में हाल ही में आदिवासियों ने ईसाई मिशनरी के लोगों को भगाया था और उनकी प्रचार सामग्री जला दी थी। अगर लखमा में जरा भी नैतिकता है और सच्चे आदिवासी सपूत हैं, तो तुरंत इस्तीफा दें।

भाजपा शासन में सबसे ज्यादा धर्मान्तरण
इधर केदार कश्यप के बयान पर भी कांग्रेस की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया आ गई। राज्य की कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि जिस भाजपा के लोग धर्मान्तरण को हवा देते रहे हैं, उन्हें धर्मान्तरण पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। श्री टेकाम ने कहा कि सर्वाधिक धर्मान्तरण भाजपा के शासनकाल में हुए थे। हमारी कांग्रेस सरकार आदिवासियों की संस्कृति, पूजा पद्धति, देव स्थलों के संरक्षण संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। इस बात को प्रदेश के आदिवासी भलीभांति जानते समझते हैं।

विधानसभा चुनावों में सुनामी लाएगा इंदिरा बैंक घोटाला

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  • महिला सहकारी बैंक में हुए 20 करोड़ रुपए के घोटाले का जिन्न निकल आया है बोतल से बाहर
  • विस चुनाव पर असर डाल सकता है रमन सरकार में हुआ यह फ्रॉड

अर्जुन झा

जगदलपुर इंदिरा महिला सहकारी बैंक में हुए घोटाले का जिन्न बोतल से बाहर निकल आया है। बीस करोड़ रुपए के फ्रॉड का यह मामला आगामी विधानसभा चुनावों में सुनामी लाएगा और भाजपाई तंबू की चूलें हिला डालेगा। मामले की नए सिरे से जांच शुरू हो गई है। जांच की आंच डॉ. रमन सिंह सरकार में मंत्री रहे भाजपा के कई बड़े नेताओं तक पहुंचने वाली है। इनमें बस्तर के नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। जिला न्यायालय रायपुर द्वारा पुलिस को इंदिरा महिला सहकारी बैंक सदर बाजार रायपुर में हुए 20 करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच का आदेश पुलिस को दे दिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर पुलिस को बैंक के मैनेजर उमेश सिन्हा के नारको टेस्ट की सीडी और एफएसएल रिपोर्ट सौंप दी गई है। बैंक के मैनेजर उमेश सिन्हा का नार्को टेस्ट बेंगलुरु में कराया गया था। अब पुलिस नए सिरे से इस मामले की जांच प्रारंभ कर चुकी है। बैंक फ्रॉड के इस सनसनीखेज मामले में इंदिरा महिला सहकारी बैंक के कई डायरेक्टर्स के खिलाफ अपराध दर्ज हो चुका है और वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। नए सिरे से मामले की जांच शुरू होने के बाद अब भाजपा सरकार में मंत्री रहे कई नेताओं पर तलवार लटकती नजर आ रही है। जांच के बाद इन नेताओं पर भी गाज गिर सकती है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे भाजपा नेताओं की फेहरिश्त लंबी है और इसमें बस्तर, सरगुजा, दुर्ग, राजनांदगांव समेत अन्य जिलों के भी नेताओं के नाम शुमार हैं। इसी साल नवंबर माह में छत्तीसगढ़ विधानसभा के के चुनाव होने वाले हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बैंक घोटाले का जिन्न बोतल से बाहर निकल आया है या निकाल लाया गया है। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि बैंक घोटाले का यह जिन्न विधानसभा चुनावों में कितनी बड़ी सुनामी लाएगा। तय है कि यह सुनामी भाजपा को बड़ा नुकसान पहुंचाएगा। यहां तक कि चुनाव करीब आते ही भाजपा के कई बड़े नेता जेल की सींखचों के पीछे नजर आ सकते हैं। ऐसे में इस सुनामी के असर से भाजपाई टेंट के उड़ जाने का भी खतरा है। अभी पता नहीं यह जांच कितने लोगों को अपने दायरे में लेगी, लेकिन अनुमान है कि कम से कम दर्जन भर भाजपाई तो लपेटे में आएंगे ही।*बॉक्स**कांग्रेस के हाथ में होगा ब्राम्हस्त्र*इंदिरा महिला सहकारी बैंक का यह बड़ा घोटाला सन 2006-07 के दौरान सामने आया था। उस समय छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार थी और मुख्यमंत्री से डॉक्टर रमन सिंह थे। तब इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया था। उस समय विपक्ष में रही कांग्रेस इसे लेकर भाजपा पर बेहद आक्रामक हो गई थी। ऐसे में जाहिर है कि जब ऐन चुनावों के दौर में यह मामला नए तेवर में सामने आएगा, तब भाजपा के खिलाफ इसे कांग्रेस ब्रम्हास्त्र के रूप में जरूर उपयोग करेगी। हो सकता चुनाव में भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ जाए।

विभिन्न संस्कृतियों के संगम का अनुपम उदाहरण है गोंचा महापर्व

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मुख्यमंत्री बघेल गोंचा गुड़ी में आयोजित छप्पन भोग और आरती कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल

जगदलपुर 23 जून 2023/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोंचा जैसे महापर्व को प्रदेश का गौरव बढ़़ाने वाला महापर्व बताया। मुख्यमंत्री ने बस्तर में 6 सौ वर्षों से भी पूर्व से मनाए जा रहे गोंचा महापर्व में रविवार को सिरहासार में बनाए गए गोंचा गुड़ी में आयोजित छप्पन भोग और आरती कार्यक्रम में रायपुर से वर्चुअली शामिल हुए और कहा कि बस्तर का दशहरा और गोंचा पर्व बहुत ही अनूठा है, जो विभिन्न संस्कृतियों के संगम का अनुपम उदाहरण है और इन पर्वों से बस्तर और छत्तीसगढ़ को जाना जाता है। उन्होंने इस अवसर पर बस्तर के इतिहास को समृद्ध बताते हुए यहां के संस्कृति को निराली बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर के संस्कृति को समझने के लिए बस्तर को जीना जरुरी है, क्योंकि तभी इसका आनंद लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित किए जाने वाले गोंचा महापर्व को आध्यात्मिक दृष्टि के साथ ही यहां के सांस्कृतिक विकास को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर का इतिहास पुराणों में उल्लेखित दंडकारण्य से जुड़ा हुआ है, जो दंडकारण्य उत्कल, आंध्र और महाराष्ट्र तक विस्तृत था। इसलिए बस्तर की संस्कृति का इतिहास और भूगोल भी काफी लंबा-चैड़ा है। उन्होंने कहा कि चारों दिशाओं में जो कुछ अच्छा था, उन सभी को बस्तर की स्थानीय संस्कृति ने आत्मसात किया है। इसीलिए यहां की बोली-भाषाओं में ओड़िया, तेलुगु, मराठी, छत्तीसगढ़ी सभी का प्रभाव दिखाई पड़ता है। यहां की परंपराओं में आसपास की और भी परंपराएं इस तरह घुली-मिली हैं कि अलग-अलग पहचान कर पाना मुश्किल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंचा महापर्व का इतिहास 616 वर्षों से भी पुराना है। यह 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के बस्तर आने के इतिहास से जुड़ा हुआ है। ओड़िसा का गुड़िंचा पर्व बस्तर में आकर गोंचा पर्व हो गया। ओड़िसा के ब्राह्मण बस्तर में आकर आरण्यक हो गए। गोंचा और 360 घर ब्राह्मण समाज की बस्तर ही स्थायी पहचान है। बस्तर में जिस अंदाज से गोंचा पर्व मनाया जाता है, वह अंदाज बड़ा ही अनूठा है। भगवान जिस रथ में भ्रमण करते हैं, वह भी बड़ा ही अनूठा है। भगवान को जिस तुपकी से सलामी दी जाती है, वह तुपकी भी अनूठी है, उस तुपकी में इस्तेमाल किए जाने वाली गोली यानी फल भी अनूठा है। बड़ा ही अनूठा दृश्य होता है, जब भगवान यात्रा पर निकलते हैं और चारों तरफ तुपकी की आवाज गूंज रही होती है।

बस्तर के गांव और शहर के लोग, बस्तर के आदिवासी, भगवान के साथ-साथ चल रहे होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं जब छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बचाने की बात कहता हूं, तो प्रदेश की इसी समरसता और सरसता को बचाए रखने की बात कहता हूं। हमारी संस्कृति की ये अनूठी परंपराएं हमारे भीतर के इंसान को जिंदा रखती हैं। ये परंपराएं हमारे दिलों की नमी को बनाए रखती हैं। हमारे देव, हमारी देवगुड़ियां, हमारी मातागुड़ियां केवल आध्यात्मिक महत्व के स्थान नहीं है। ये स्थान हमारे मूल्यों से जुड़े हुए हैं। इसीलिए हमारी सरकार इन स्थानों को सहेजने और संवारने का काम कर रही है। हमारे प्रदेश के गांव-गांव में स्थानीय तीज-त्यौहार अलग-अलग अंदाज में मनाए जाते हैं। तरह-तरह की परंपराएं हैं। इन सभी को जिंदा रखना जरूरी है। आदिवासी परब सम्मान निधि योजना और छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना की शुरुआत इसी उद्देश्य से की गई है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को हर साल 10 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान है। हमारे पुरखों ने हम तक तीज-त्यौहारों के माध्यम से अपनी शिक्षा और संस्कारों को पहुंचाया है। हमने तीजा-पोला, हरेली, छेरछेरा, कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस और छठ पर्व पर सार्वजनिक अवकाश इसीलिए शुरू किए हैं, ताकि नयी पीढ़ी भी अपनी संस्कृति से अच्छी तरह परिचित हो पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराओं से पूरी दुनिया को अवगत कराने के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की शुरुआत की गई है। अपनी खेल संस्कृति को बचाए रखने के लिए हमने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन की शुरुआत की है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के माध्यम से हम उत्तर से लेकर दक्षिण तक भगवान राम के वनवास से जुड़े स्थलों को चिन्हित करके उन्हें पर्यटन तीर्थों के रूप में विकसित कर रहे हैं। इनमें जगदलपुर और सुकमा जिले का रामाराम भी शामिल है। हमने चंदखुरी में कौशल्या महोत्सव के आयोजन की शुरुआत की है। हाल ही में हमने रायगढ़ में राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन किया। इसमें विदेशों की रामलीला मंडलियों ने भी भाग लिया। बस्तर का दशहरा और यहां का यह गोंचा पर्व पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ की ऐसी ही परंपराएं हमें गौरवान्वित करती हैं, पूरी दुनिया में हमारा मान-सम्मान बढ़ाती हैं, साथ ही हमें अलग पहचान देती हैं। मुख्यमंत्री ने आरण्यक ब्राह्मण समाज को बधाई देते हुए कहा कि समाज के लोगों ने बस्तर की इस अनूठी परंपरा को सहेज कर रखा है और पूरे मनोयोग के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हंै। उन्होंने इस परंपरा में अनूठे रंग घोलने वाले बस्तर के सभी नागरिकों को भी बधाई दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक श्री राजमन बेंजाम, क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एमआर निषाद, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साहू, कलेक्टर विजय दयाराम के, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र मीणा सहित जनप्रतिनिधिगण, 360 आरण्यक ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य, गोंचा आयोजन समिति के सदस्य सहित नागरिकगण उपस्थित थे।सामाजिक भवन हेतु दिए गए पट्टेइस अवसर पर चडार बुनकर समाज, मां छिंदवाली महाकाली सेवा समिति, कान्यकुब्ज वैश्य भुंजवा समाज, क्षत्रिय महासभा समाज को सामाजिक भवन निर्माण हेतु आबंटित भूमि का पट्टा प्रदान किया गया। भवन निर्माण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा 50 लाख रुपए प्रदान करने पर आरण्यक ब्राह्मण समाज ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं समाज प्रमुखों द्वारा भी भूमि का पट्टा प्रदान करने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

सेवा और सुशासन से ओतप्रोत रहे मोदी सरकार के 9 साल :गुप्ता

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  • सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को लेकर नगर मंडल भाजपा पहुंच रही है शहर के हर घर तक

जगदलपुर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नौ साल की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए नगर मंडल भाजपा व्यापक अभियान चला रही है। इसके तहत नगर मंडल भाजपा ने अंबेडकर शक्ति केंद्र में अतिथि अनिल लुंकड़ और मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने शक्ति केंद्र के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ रवींद्रनाथ टैगोर शक्ति केंद्र के लोगों के घर-घर पहुंचकर मोदी सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाया एवं केंद्र की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से मुलाकात कर लाभार्थियों से चर्चा की। जनकल्याणकारी योजनाओं प्रधानमंत्री जनधन खाता, उज्जवला योजना, हर घर शौचालय स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, सुरक्षा बीमा योजना, मुफ्त वैक्सीनेशन योजना, आयुष्मान योजना आदि की चर्चा कर लाभाविन्त परिवारों से उनके अनुभव जाने।सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के नौ वर्ष पूर्ण होने पर वार्ड की जनता एवं शक्ति केंद्र के कार्यकर्ताओं ने जनता से संपर्क कर 2023 के विधानसभा एवं 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा की सरकार के लिए समर्थन मांगा। इस दौरान सुरेश गुप्ता ने कहा कि देश की जनता ने केंद्र में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाकर भाजपा को जो आशीर्वाद दिया, उसके अनुरूप काम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के विश्वास पर खरा उतरकर हुए देश ही नहीं विश्व के नेता के रूप में आज जाने पहचाने लगे हैं। यह हर भारतीय के लिए गौरव का विषय है। बीते नौ वर्षों में मोदी सरकार ने अपने कामकाज से जनता के भरोसे को सही साबित कर दिया है। श्री मोदी ने योजनाओं की राशि डीबीटी के तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। नरेंद्र मोदी के ये नौ साल सेवा, सुशासन और लोक कल्याण से ओतप्रोत रहे हैं।

अनिल लुंकड़ शक्ति केंद्र अतिथि ने संपर्क के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की 9 साल की उपलब्धियां गिनाई और कांग्रेस के साढ़े चार साल की विफलताओं को सामने रखकर लोगों से चर्चा की और दोनों सरकारों का फर्क बताया। अनिल लुंकड़ ने कहा कि श्री मोदी ने जो कहा, वो किया और जो नहीं कहा, वह भी किया। कांग्रेस ने गंगाजल लेकर कसम खाई थी और अपने वादे को भूल गई। कार्यक्रम में आशुतोष पाल, केतन महानंदी, सूरज केसरवानी, नीलम दीवान, वसीम खान, सूर्यभूषण सिंह, भारती राव, शैलेश कुमार, अमित रामटेके, कृष्णा नाग एवं वार्डवासियों सहित शक्ति केंद्र के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मृत छात्रा के पिता को विधायक जैन ने सौंपा एक लाख का चेक

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जगदलपुर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने दरभा ब्लॉक के छिंदबहार निवासी रामधर को एक लाख रुपए का चेक सौंपा। छिंदबहार स्कूल की कक्षा 11वीं में अध्ययनरत रही रामधर की सुपुत्री रुक्मणी का अध्ययन अवधि के दौरान बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। राज्य सरकार की योजना के तहत विधायक रेखचंद जैन ने पीड़ित पिता रामधर को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया। श्री जैन ने उन्हें ढांढ़स बंधाते पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली। प्राप्त चेक राशि का सदुपयोग करने व जीवित बच्चों की परवरिश पर ध्यान देने कहा। चेक सौंपने के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी दरभा राजेश उपाध्याय, मृत बालिका के चाचा परसुराम तथा अन्य मौजूद थे।

नप गए भारतीय खाद्य निगम के छत्तीसगढ़ में पदस्थ महाप्रबंधक

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छ्ग राईस मिलर्स एसोसिशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर ने की थी केंद्रीय मंत्री गोयल से शिकायत

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोसिशन के कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर द्वारा केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल से की गई शिकायत का बड़ा असर हुआ है। श्री चंद्राकर की शिकायत के आधार पर भारतीय खाद्य निगम के छत्तीसगढ़ रीजन के महाप्रबंधक का तबादला चेन्नई कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोसिशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ में पदस्थ भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा था। चंद्राकर ने पत्र में मंत्री गोयल को जानकारी दी थी कि छत्तीसगढ़ में स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में चावल स्वीकार करने के एवज में यहां पदस्थ निगम के अधिकारी पहले प्रति लॉट 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते थे। इस राशि को बढ़ाकर 7500 रु. प्रति लॉट कर दिया गया है। इसके पीछे दलील दी गई थी कि दिल्ली में बैठे बड़े अधिकारियों, केंद्रीय खाद्य सचिव एवं मंत्री तक को रकम भेजनी पड़ती है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री पीयूष गोयल ने मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा तो कर ही दी है, निगम के छ्ग रीजन में पदस्थ महाप्रबंधक को चेन्नई स्थानांतरित भी कर दिया है। इस कार्रवाई से निगम के स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वैसे इस बात में कोई दो राय नहीं है कि रौशन चंद्राकर की शिकायत के आधार पर ही जनरल मैनेजर का तबादला हुआ है, लेकिन राज्य का भाजपा संगठन इसे ओम माथुर इम्पैक्ट बता रहा है। ओम माथुर छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन प्रभारी हैं और वे राज्य का लगातार दौरा कर हर मामले में पैनी नजर बनाए हुए हैं।

अनेक उपक्रमों – संस्थानों में होंगे तबादले

सूत्रों की मानें तो भारतीय खाद्य निगम के छत्तीसगढ़ में पदस्थ और भी अनेक अफसरों पर तो गाज गिरने वाली है ही, अन्य उपक्रमों और संस्थानों के बड़े अफसरों की जल्द रवानगी छत्तीसगढ़ से होने वाली है। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार के उपक्रम सेल के अधीनस्थ भिलाई इस्पात संयंत्र, रावघाट एवं दल्ली राजहरा माइंस, एनएमडीसी किरंदुल बैलाडीला, एनटीपीसी, एचईसीएल समेत अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के अफसरों की छत्तीसगढ़ से विदाई की तैयारी कर ली गई है। ज्यादातर वे अफसर केंद्र सरकार के निशाने पर हैं जो जमकर अवैध कमाई कर रहे हैं तथा जिनकी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के साथ अच्छी ट्यूनिंग है। आरोप है कि ये अधिकारी प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर केंद्र सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने में लगे हुए हैं।

त्वरित जीवनरक्षक शल्य क्रिया से ग्रामीण महिला की बची जान

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जटिल सर्जरी कर डॉक्टरों ने दी जीवनदान

जगदलपुर 24 जून 2023 जिला चिकित्सालय जगदलपुर में बस्तर ब्लॉक की भड़ीसगांव निवासी गर्भवती सुनिता पति बंटु नागेश गंभीर अवस्था में इलाज कराने के लिए पहुंची थी, सम्बन्धित महिला की गम्भीर स्थिति को मद्देनजर रखते हुए महारानी अस्पताल में डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर उसे जीवनदान प्रदान किया। उक्त ग्रामीण महिला के पति ने ईलाज कराने के दौरान बताया कि बकावंड से ईलाज के लिए डिमरापाल मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया था,लेकिन मरीज को वहां से जिला चिकित्सालय जगदलपुर में ईलाज के लिए गंभीर अवस्था में भेज दिया गया। चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर मनीषा गोयल द्वारा परीक्षण करने पर थर्ड ग्रेविडा प्लेसेंटा एवं गर्भाशय झिल्ली फट जाने से रक्त स्त्राव होना बताया गया जिससे महिला की जान जा सकती थी। उक्त गंभीर स्थिति को देखते हुए आपात समय में त्वरित शल्य क्रिया किया जाना आवश्यक हो गया था।इस प्रकरण की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सिविल सर्जन डॉ संजय प्रसाद द्वारा तुरंत संज्ञान लेते हुए तत्काल एक अन्य महिला विशेषज्ञ की सेवाएं तथा दो यूनिट ब्लड की व्यवस्था किया गया। स्थानीय स्तर पर एक अन्य महिला विशेषज्ञ की त्वरित व्यवस्था कर जिला चिकित्सालय में ही गर्भाशय की झिल्ली की सिलाई हेतु आवश्यक जटिल सर्जरी की व्यवस्था की गई। दोनों महिला विशेषज्ञ एवं निश्चेतना विशेषज्ञ की मदद से की गई सर्जरी के द्वारा अंततः महिला की जान बचाई गयी। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक महारानी अस्पताल जगदलपुर डॉ संजय प्रसाद ने दोनों चिकित्सक एवं आपातकालीन के अन्य महिला विशेषज्ञ जिन्होंने त्वरित ही आपातकालीन में इस सर्जरी में सक्रिय सहभागिता निभाकर महिला की जान बचायी उन्हें धन्यवाद दिया ।

आदिवासी हितैषी होने का ढोंग ढकोसला न करे भाजपा : जावेद

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  • जिस परिवार ने किसी आदिवासी नेता को आगे बढ़ने नहीं दिया वह कर रहा आदिवासी हित की बात : खान

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने परिवारवाद को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा परिवारवाद को लेकर अन्य दलों पर तंज कसती रहती है, परंतु वह कभी अपने गिरेबान में झांक कर नहीं देखती कि उसकी छलनी में कितने छेद हैं। भाजपा के नेताओं को असल परिवारवाद देखना हो, तो उन्हें बस्तर आकर देखना चाहिए कि किस तरह सालों से एक ही परिवार बस्तर भाजपा की राजनीति का धुरी बना बैठा है। यह परिवार न खुद आगे बढ़ पा रहा है और न ही बस्तर के अन्य आदिवासी भाजपा नेताओं को आगे बढ़ने देता है।अभा युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, एआईसीसी के बस्तर लोकसभा क्षेत्र एलडीएम कोआर्डिनेटर जावेद खान ने भाजपा नेता केदार कश्यप के बयान पर पलटवार करते हुए यह तीखी प्रतिक्रिया दी है। जावेद ने केदार कश्यप के बयान पर कहा है कि कांग्रेस में चल रहे आंतरिक संगठनात्मक क्रियाकलापों पर राजनीति करने वाले वह होते कौन हैं ? कांग्रेस की राजनीति को आदिवासी हितों से जोड़कर वह अपनी जातिवादी मानसिकता को उजागर कर रहे हैं। यदि उन्हें आदिवासियों की इतनी ही फिक्र है, तो जब विश्व आदिवासी दिवस के दिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे विष्णुदेव साय को हटाकर भाजपा ने अरुण साव को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था तब उन्होंने चुप्पी क्यों साध रखी थी? क्या यह आदिवासियों का अपमान नहीं था, जो विश्व आदिवासी दिवस के दिन ही विष्णुदेव साय को हटाकर भाजपा ने अपनी आदिवासी विरोधी विचारधारा को जगजाहिर किया था। जावेद खान ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी एक लोकतांत्रिक संगठन है, जहां हर एक को अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने की पूर्ण स्वतंत्रता है। कांग्रेस पार्टी के सारे कार्य कांग्रेस वर्किंग कमेटी के अधीन ही होते हैं। भाजपा में जिस प्रकार से बाहरी शक्तियों का दबाव संगठन में होता है, वैसी कोई शक्ति कांग्रेस के लिए काम नहीं करती। इस बात भी केदार कश्यप को समझनी चाहिए। जावेद ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता परिवारवाद पर डींगे हांकते हैं। आज सबसे ज्यादा परिवारवाद की राजनीति से भाजपा ही ग्रसित है। यदि भाजपा को परिवारवाद का जीता जागता उदाहरण देखना हो और किस तरह से एक परिवार पिछले कई वर्षों से अन्य आदिवासियों नेताओं का शोषण कर उन पर आधिपत्य जमाए बैठा है यह देखना है तो भाजपा के शीर्ष नेताओं को बस्तर आकर देखना चाहिए कि किस तरह एक परिवार राजनीति में खुद तो आगे बढ़ नहीं पा रहा है और दूसरों को भी आगे बढ़ने नहीं दे रहा है। आज बस्तर में भाजपा मुद्दाविहीन हो चुकी है और पड़ोसी के घर में ताक झांक कर समय व्यतीत करने को मजबूर है। खान ने कहा है कि कांग्रेस ने सदैव आदिवासियों के हित में कार्य किया, बस्तर के आदिवासियों को आगे बढ़ाया उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी। इसका उदाहरण हैं सांसद दीपक बैज जो आज आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, राज्यसभा से सांसद और छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम हैं, पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम हैं। बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा को भी आगे बढ़ाने का कार्य कांग्रेस पार्टी ने किया था। असल में बस्तर के कांग्रेसी आदिवासी नेताओं की बढ़ती लोकप्रियता को पचा पाने में असमर्थ भाजपा नेता केदार कश्यप इस तरह की बयानबाजी करते हैं।

भाजपा नेताओं ने दी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

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  • कार्यकर्ताओं ने उनके बताये मार्ग पर चलने का लिया संकल्प

बस्तर मंडल भाजपा बस्तर के शक्ति केंद्र प्रभारियों की बैठक भाटपाल ग्राम पचायत के भुरसुंडी सामुदायिक भवन में हुई। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया गया व श्रंद्धाजलि अर्पित की गई। कार्यकर्ताओं ने उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कार्यसमिति सदस्य व मंडल प्रभारी विजय पाण्डे ने कहा कि आज के दिन को भाजपा बलिदान दिवस के रूप में मनाती है। महान राष्ट्र चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को आत्मसात करना और उनके बताए मार्ग पर चलना ही उन महान आत्मा के प्रति सच्ची श्रंद्धाजलि होगी। उनकी पुण्यतिथि पर भाजपा के विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत घर-घर संपर्क कार्यक्रम की शुरुआत की गई। पाण्डेय ने कहा कि बूथ कार्यकर्ता लोगों से घर घर जाकर लोगों मिलें और केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी दें तथा राज्य की कांग्रेस सरकार की नाकामी व उसके द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को भी जनता के सामने उजागर करें।जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को उनके बताए राष्ट्रवाद के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने पं. जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा कश्मीर में धारा 370 प्रभावशील किए जाने पर प्रधानमंत्री नेहरू से हुए मतभेद के कारण डॉ. मुखर्जी ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उन्होंने जनसंघ का गठन किया। तब आम चुनाव में जनसंघ के 3 सांसद चुनकर आए थे। जनसंघ की छाया भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। बैठक का संचालन महामंत्री नरेंद्र जोशी और आभार प्रदर्शन जनपद उपाध्यक्ष मोहन राम मोर्य ने किया।बैठक में मंडल मंत्री चुन्नूलाल ठाकुर, विधानसभा विस्तारक बीरेंद्र साहू, नरपत कश्यप, छबिश्याम यादव, रामेश्वर दीवान, संतोष बघेल, प्रह्लाद निषाद, हेमनाथ ठाकुर, लखेश्वर बघेल, बुधूराम, धनसिंह यादव, मनीराम, बुधुराम, छेरकूराम, महादेव, राम, सुनारू राम, शिवराम, भगत कश्यप, लखमू राम, सिंधुराम, दया राम, जटियाराम सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

सर्पदंश से ग्रामीण की मौत

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बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बारदा में 22 जून को एक व्यक्ति की सर्पदंश से मृत्यु हो गई। मृतक का नाम मडिया राम निषाद पिता महादेव निषाद बताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार मडियाराम शाम को गाय बैलों को चारा देने के लिए पैरा खर्री से पैरा निकाल रहा था। इसी दौरान खर्री में छुपे बैठे सांप ने उसे काट लिया। उसे परिजनों द्वारा तुरंत महारानीअस्पताल जगदलपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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