भीषण गर्मी के बीच श्रमदान कर किया तालाब का गहरीकरण
मवेशियों और ग्रामीणों को मिल गई है जल संकट से बड़ी राहत
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत राजनगर के ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के बीच श्रमदान कर सूख चले और पट चुके तालाब को नया जीवन दे दिया है। जमकर पसीना बहाते हुए ग्रामीणों ने तालाब का गहरीकरण कर दिखाया। तालाब गहरा हो जाने से वहां पानी भी भर गया है, जिससे जीव जंतुओं और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
ग्रामीणों की इस पहल की अंचल में खूब प्रशंसा हो रही है। ब्लॉक मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत राजनगर के बोरागुड़ा, कांडगुड़ा व ठोठापारा के ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान के जरिए शिव मंदिर प्रांगण तालाब का गहरीकरण किया है। तीनों बस्तियों के जागरूक ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के दौर में भी कष्ट उठाते हुए जमकर पसीना बहाया और तालाब का गहरीकरण करके ही दम लिया। हालिया हुई बरसात से तालाब में थोड़ा पानी जमा भी हो गया है। इससे मवेशियों एवं वन्य प्राणियों को पीने लायक पानी मिलने लगा है। वहीं तीनों बस्तियों के ग्रामीणों को निस्तारी सुविधा भी मिलने लगी है। तीनों मोहल्लों के ग्रामीणों मिलकर ग्राम पंचायत राजनगर के पंचों व सरपंच से तालाब गहरीकरण के विषय में चर्चा की और इसके बाद तालाब गहरीकरण कार्य को अंजाम दिया गया। ग्राम पंचायत द्वारा 15वें वित्त आयोग मद से डेढ़ लाख रु. राशि ग्रामीणों को दी गई है।
विद्युत कंपनी के जेई को फोन करते रहे, रिसीव करने तैयार नहीं
खुश किस्मती है कि छात्रावासी छात्राएं नहीं आईं चपेट में
जगदलपुर बस्तर जिले के बेसोली के एकलव्य परिसर बालिका छात्रावास कैंपस में बिजली करंट से एक मवेशी की मौत हो गई। करंट बिजली पोल और उसके स्टे तार में फैल गई थी। गनीमत रही कि छात्राएं पोल और स्टे तार के संपर्क में नहीं आईं, अन्यथा बड़ी अनहोनी हो जाती। इस घटना से विद्युत कंपनी के जूनियर इंजीनियर और अन्य कर्मियों की लापरवाही उजागर हो गई है।गत दिवस एक मवेशी चरते चरते एकलव्य परिसर बालिका छात्रावास कैंपस में घुस गया। यह मवेशी कैंपस के भीतर स्थित लोहे के बिजली पोल के संपर्क में आ गया। बताते हैं कि पोल में करंट प्रवाहित हो गई थी और करंट लगने से मवेशी की जान चली गई। इसी पोल से छात्रावास में बिजली कनेक्शन गया हुआ है। अभी बारिश भी ढंग से नहीं हुई है कि गीलेपन के कारण पोल में करंट प्रवाहित होने का अंदेशा हो। बताया गया है पोल में वायरिंग ठीक से नहीं की गई है। नंगे तार पोल से छू गए और इसी वजह से पोल में करंट प्रवाहित हो चला था। इसी के चलते गोवंश की जान चली गई। एकलव्य परिसर बालिका छात्रावास में सैकड़ों छात्राएं रहती हैं। गनीमत है कि ग्रीष्म अवकाश जारी रहने की वजह से छात्रावास में छात्राएं नहीं थीं। अगर छात्रावास में छात्राएं रहतीं, तो उनके साथ भी बड़ी अनहोनी हो जाती। मासूम आदिवासी छात्राओं की जान पर बन आती, तब इसके लिए जिम्मेदार कौन होता?
जूनियर इंजीनियर की ऐसी टशन !
वैसे तो समूचे बस्तर में विद्युत कंपनी के अधिकारी कर्मचारी अपनी मनमानी और लापरवाही के लिए जाने जाते हैं, लेकिन बेसोली के मामले से ताल्लुक विद्युत कंपनी के जूनियर इंजीनियर की टशन ही निराली है। ये जेई साहब खुद को विद्युत वितरण कंपनी के ईई यानि एक्जीक्यूटिव इंजीनियर से कम नहीं समझते। बिजली विभाग जैसे संवेदनशील महकमे में पदस्थ रहते हुए भी वे फोन कॉल रिसीव नहीं करते। आप कॉल पर कॉल करते रहिए, लेकिन साहब फोन उठाएंगे नहीं, क्योंकि किसी का भी फोन रिसीव करना वे अपनी शान के खिलाफ जो समझते हैं। मवेशी के करंट से मौत के दिन भी ऐसा ही हुआ। घटना की सूचना देने और विद्युत प्रवाह बंद कराने के लिए जेई को कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने रिसीव ही नहीं किया। किसी तरह विद्युत वितरण केंद्र में सूचना पहुंचाकर बिजली प्रवाह बंद कराया गया। वितरण केंद्र का लैंड लाईन फोन बिल अदा न किए जाने के कारण सालों से बंद पड़ा है। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि करंट से दो चार मौतें हो जाने पर भी वितरण केंद्र को त्वरित सूचना देना मुमकिन नहीं है।
प्रतिभावान छात्र को आगे बढ़ाने तहसील साहू संघ रिसाली की शानदार और अनुकरणीय पहल
रिसाली तहसील साहू संघ रिसाली ने समाज के एक प्रतिभावान छात्र को उच्च शिक्षित डॉक्टर बनाने के लिए शानदार और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। साहू समाज के एक छात्र को एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद एमएस का कोर्स करने के लिए पांच लाख रु. का आर्थिक सहयोग तहसील साहू संघ रिसाली द्वारा दिया गया है। यह रकम वापसी योग्य है। यानि कोर्स पूरा करने के बाद छात्र जब प्रेक्टिस अथवा जॉब करने लग जाएगा तब उसे यह रकम समाज को लौटानी होगी। तहसील साहू संघ रिसाली के अध्यक्ष संतोष साहू एवं उपाध्यक्ष ललित साव ने बताया कि तहसील साहू संघ रिसाली ने अपने उत्कृष्ट कार्यों, समाज सेवा एवं विविध रचनात्मक कार्यों के दम पर महज 2 वर्ष में ही उपलब्धियों का झंडा गाड़ दिया है। संघ ने छात्र को करियर निर्माण के लिए 5 लाख का सहयोग देकर सामाजिक उदारता का परिचय दिया है। तहसील साहू संघ रिसाली को अस्तित्व में आए महज 2 वर्ष हुए हैं। इस तहसील इकाई ने अल्प समय के कार्यकाल में ही अविश्वसनीय कार्यों को संपादित कर बेहतरीन कीर्तिमान स्थापित किया है। युवक युवती परिचय सम्मेलन, सामाजिक पत्रिका में बीपीएल कार्डधारियों का निशुल्क ब्यौरा प्रकाशन अन्य जिलों तहसीलों की अपेक्षा बहुत ही रियायती दरों पर युवक युवती परिचय पत्रिका का प्रकाशन कराना, समाज के कार्यक्रमों में समस्त उपस्थित साहू बंधुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करना, 2 साल के कार्यकाल में लगभग 35 लाख रुपए की लागत से कर्मा हाल का निर्माण कराना, प्रतिभावान छात्र-छात्राओं सहित उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक जनों का मुख्यमंत्री के हाथों से सम्मानित कराना, साहू समाज के गरिमा और गौरव के अनुरूप विशाल स्तर पर दशहरा मैदान रिसाली में कार्यक्रम कराकर साहू समाज का वर्चस्व बढ़ाना, समाज के लोगों को रियायत दरों पर मांगलिक कार्यों के लिए भवन उपलब्ध कराना जैसे तमाम रचनात्मक कार्य तहसील साहू संघ रिसाली की अगुवाई में हो रहा है। इससे तहसील साहू संघ रिसाली के समाजिक जन स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
बेटे को कामयाब क्रिकेटर बनाने के लिए एक पिता ने रच दिया इतिहास
बेटे की प्रेक्टिस के लिए बनाया निजी खर्च पर शानदार स्टेडियम
बस्तर के बच्चों को दिया जा रहा है इंटरनेशनल लेवल का प्रशिक्षण
अर्जुन झा
बस्तर अपने बेटे को कामयाब क्रिकेटर बनाने और अपनी अधूरी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एक क्रिकेटर पिता ने क्रिकेट के मामले में सुविधा विहीन बस्तर जिले में अंतर्राष्ट्रीय मापदंड के अनुरूप इंटरनेशनल लेवल का क्रिकेट मैदान बना डाला। इसके लिए इस शख्स ने न सरकार से, न किसी क्रिकेट संस्था से और न ही किसी संगठन से आर्थिक मदद ली। और तो और मैदान बनाने के लिए अपने चार एकड़ रकबे वाले खेत को ही क्रिकेट के दीवाने इस शख्स ने होम कर दिया।
बस्तर जिला मुख्यालय से महज 5 किमी दूर ग्राम कालीपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया गया है। यह स्टेडियम सरकारी खजाने से नहीं बना है और न ही इसे क्रिकेट एकेडमी या क्रिकेट एसोसिशन ने बनाया है। क्रिकेट स्टेडियम एक पूर्व खिलाड़ी ने अपने स्वमं के खर्चें से बनाया है। क्रिकेट के इस दीवाने शख्स का नाम है प्रदीप गुहा। गुहा ने अपने क्रिकेट प्रेमी बेटे के प्रेक्टिस करने के लिए जो मैदान बनाया था, वह अब क्रिकेट इंस्टीट्यूट में तब्दील हो चुका है। क्रिकेट से पागलपन की हद तक मोहब्बत करने वाले 43 वर्षीय प्रदीप गुहा स्वयं एक अच्छे क्रिकेटर हैं। वे वेतरन क्रिकेट खिलाड़ियों में शुमार हैं। छत्तीसगढ़ के वेटरन क्रिकेटर्स के प्रदर्शन के मामले में प्रदीप गुहा का रैंक नौवां है। श्री गुहा ने बताया कि कुछ दिनों पहले रायपुर में आयोजित वेटरन खिलाड़ियों के दो मैचों में उन्होंने चार विकेट लिए थे। क्रिकेट के प्रति जुनून को लेकर प्रदीप गुहा से इस संवाददाता ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुझे क्रिकेट खेलने का बचपन से ही शौक था, लेकिन बस्तर में किसी तरह की सुविधा या मार्गदर्शन नहीं मिलने से क्रिकेट में आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाया। अपने बेटे और बेटी को क्रिकेट के क्षेत्र में लाने का प्रयास किया। गांव में ही बच्चों को क्रिकेट के गुर सिखाते हुए उन्हें हर उस मैच में ले जाता था, जहां खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देख बच्चे भी अच्छा खिलाड़ी बनने के अपने सपने को परवान चढ़ा सकें।बेटी को लड़कों के साथ मैच खेलते हुए देखकर लोग टीका टिप्पणी भी करते थे, लेकिन मेरी सोच थी कि मैं अच्छा खिलाड़ी नहीं बन सका तो क्या हुआ, बच्चों को आगे बढ़ाकर ही दम लूंगा। इसके लिए बच्चों को देश के कई महानगरों में ले जाकर भारतीय टीम के नामी खिलाड़ियों के संस्थानों में फीस देकर दाखिला दिलवाया। अभी बेटा अंडर -16 की स्टेट टीम में खेल रहा है और बेटी पत्नी की इच्छा के अनुरूप एमबीबीएस में दाखिला ले चुकी है।उन्होंने कहा- क्रिकेट के प्रति मेरा जुनून जरा भी कम नहीं हुआ है। गांव में स्टेडियम बनाने का उद्देश्य बस्तर के खिलाड़ियों को भारतीय टीम का हिस्सा बनाना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच तक पहुंचाना है।
चार एकड़ में बनाया खुद का मैदान
कालीपुर गांव निवासी प्रदीप गुहा को क्रिकेट का ऐसा जुनून है कि उन्होंने अपने 4 एकड़ के खेत को क्रिकेट ग्राउंड में तब्दील कर दिया है, जहां टर्फ बनाने के लिए राजस्थान और रायपुर से मिट्टी मंगवाई गई और छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के एक्सपर्ट की देखरेख में पिच बनाई गई। प्रदीप गुहा ने बताया कि स्टेडियम में ही रेसीडेंसियल क्रिकेट अकादमी तैयार किया गया है। बस्तर के दूर-दराज के क्रिकेट खिलाड़ी यहां रहकर अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। अभी सुकमा क्षेत्र के 10 आदिवासी बच्चे हॉस्टल में रहकर ट्रेनिंग ले रहे हैं। इस क्रिकेट ग्राउंड में लगभग 50 बच्चे रोजाना अभ्यास करने आते हैं। ये बच्चे शहर से 7-8 किलोमीटर दूर के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि मात्र 1500 रूपए महीने की फीस ली जाती है। इस राशि के एवज में ट्रेनीज को क्रिकेट किट देते हैं। यदि कोई आर्थिक रूप से गरीब बच्चा है और जिसमें क्रिकेट खेलने की प्रतिभा है, उसे फ्री में जूते, जर्सी और हॉस्टल- भोजन सब कुछ दिया जाता है।उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चे किसी भी समय मैदान में अभ्यास कर सकते हैं। उन्हें सिखाने के लिए बीसीसीआई लेवल का रजिस्टर्ड कोच उपलब्ध हैं, जो सुबह शाम निर्धारित समय में बच्चों और युवाओं को बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग समेत क्रिकेट के मंजे हुए खिलाड़ी बनने के सारे गुर सिखा रहे हैं। जो अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मैच में अपनाते हैं, वह सारी व्यवस्थाएं इस मैदान में उपलब्ध कराई गई हैं।
तीन साल की मेहनत रंग लाई
कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान की तरह कालीपुर का क्रिकेट मैदान पूरी तरह हरी घास से भरा हुआ है। गांव के खेत की भूमि को मैदान का रूप देने के लिए 3 साल तक की गई मेहनत रंग लाई। उबड़ खाबड़ खेती जमीन को क्रिकेट का मैदान बनाने के लिए सैंकड़ों ट्रक मिट्टी का उपयोग किया गया, मैदान को समतल करने के लिए उन्होंने महाराष्ट्र से 4 रोलर मंगवाए, वहीं विदेशी कंपनी के ड्रिप सिस्टम से पूरे मैदान पर पानी का छिड़काव किया जाता है। ग्रास कटर मशीन भी बाहर से मंगवाई गई है। रायपुर के परसदा स्थित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट ग्राउंड के बाद कालीपुर का यह क्रिकेट ग्राउंड, अंतर्राष्ट्रीय मैच के स्तर का बन सका है। यहां क्रिकेट के गुर सीखने आ रहे स्वर्ण राज बाफना, पुलकित जैन और खुशबू मजूमदार का कहना है कि बस्तर मुख्यालय में अच्छा क्रिकेट मैदान नहीं है। कहीं है भी तो वहां उनमें सविधाएं नहीं हैं। कालीपुर में मैदान बन जाने से खेलने का मौका मिल रहा है। यहां अच्छे कोच हैं जो खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं।इन बच्चों ने अपने प्रदीप गुहा अंकल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा बेहतरीन मैदान हम बच्चों के लिए उपलब्ध कराया है। ये बच्चे रोज सुबह शाम दो दो घंटे प्रेक्टिस करते हैं।
बीसीसीआई के नार्म्स पर कराई जा रही प्रेक्टिस
कालीपुर में प्रदीप गुहा द्वारा निर्मित नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम में बीसीसीआई मान्यता प्राप्त कोच करणदीप भी बच्चों और युवाओं को प्रशिक्षण देते हैं। उनका कहना है कि यहां करीब 50 बच्चें रेगुलर अभ्यास कर रहें हैं। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की तरह प्रेक्टिस कराई जा रही है। मैदान में प्रवेश के बाद पहले व्यायाम कराया जाता है। फिर दो टीमें बना कर रेगुलर मैच कराया जाता है। ताकि उनके खेल में अच्छी पकड़ बन सके। इतना ही नहीं, उन्हें अच्छी डाईट भी दी जाती है।करणदीप का कहना है कि बस्तर के बच्चों की कद काठी जबरदस्त है। उनमें दौड़ने की क्षमता भी अधिक है।कीक्रिकेट की बारीक से बारीक टेक्नीक को वे तुरंत पकड़ लेते हैं।
रणजी प्लयेर भी करते हैं यहां प्रेक्टिस
हाल ही में बनकर तैयार हुये नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम कालीगांव के संचालक प्रदीप गुहा ने सिर्फ बच्चों को ही बड़ा प्लेटफार्म नहीं दिया है, बल्कि बड़े और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी इस मैदान का आपयोग कर रहे हैं। रणजी प्लेयर सौरभ सरकार अपनी प्रतिभा को और भी दुरुस्त करने के मकसद से इस मैदान में पसीना बहा रहे हैं। वे कहते हैं कि बस्तर में अच्छे क्रिकेट मैदान की कमी हमेशा से ही रही है।संसाधन कम थे फिर भी मेहनत कर मैं रणजी तक खेला। क्रिकेट को मैं जी भरकर जीना चाहता हूं। मैदान की कमी और सुविधाएं नहीं होने से प्रेक्टिस करने में दिक्कतें आती थीं।पता चला कि कालीपुर में प्रदीप भैया ने मैदान बनाया है, तो यहां पहुंच गया और अब मैं यहां नियमित प्रेक्टिस करता हूं। इससे मुझे काफी राहत मिली है।
फ्लड लाइट और एलईडी सुविधा भी जल्द
प्रदीप गुहा ने बताया कि रात में भी मैच हो सके, इसके लिए फ्लड लाइट की सुविधा पर काम चल रहा है, वह भी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान के मानक स्तर का होगा। साथ ही एलईडी भी लगेगी, जिससे रन आउट होने के बाद खिलाड़ी अपने पिछले एक्शन को देख सकेंगे। कुल मिलाकर कालीपुर का यह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम एक व्यक्ति के जुनून के साथ तैयार हुआ है। इसे बस्तर का ईडन गार्डन कहना उचित होगा। प्रदीप गुहा बताते हैं कि 65 मीटर की बाउंड्रीवाल है, जहां तक महेंद्र सिंह धोनी चौका -छक्का मारते हैं। इसका मतलब है अंतर्राष्ट्रीय मैच वाले देश के क्रिकेट मैदानों के बराबर कालीपुर के इस मैदान में मापदंड के अनुसार काम किया गया है।
28 जुलाई 2019 को नगरनार थाना क्षेत्र में हुई थी बड़ी वारदात
मामले में अब तक चार आरोपियों को धर चुकी है राष्ट्रीय जांच एजेंसी
अर्जुन झा
नगरनार नगरनार इस्पात संयंत्र नक्सली आतंक के साये में है। क्या इस विशाल प्लांट को नक्सली टारगेट बना सकते हैं? यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि अंचल का रक्तरंजित इतिहास इस तरह की आशंका कुशंका को जन्म दे रहा है। कुछ साल पहले ही नगरनार के बिल्कुल नजदीक के जंगलों में नक्सलियों का बड़ा जमावड़ा लगा था। उस समय सुरक्षा बलों और नक्सलवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में छह नक्सलियों के मारे जाने की बात सामने आई थी। मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए ) मुठभेड़ में लिप्त रहे चार माओवादियों को गिरफ्तार कर चुकी है। नगरनार अंचल नक्सली गतिविधियों के मामले में संवेदनशील माना जाता है। अंचल में आएदिन नक्सलियों की पदचाप सुनाई देती रहती है। हालांकि छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों के चलते नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लग चुका है, लेकिन ऐसी गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। नक्सलियों की पैठ अभी तक अंचल के दर्जनों गांवों में बनी हुई है। वे निरीह और भोले भाले आदिवासियों को आगे कर अपने मंसूबों को अंजाम देने की कोशिशों में लगे रहते हैं। नक्सलियों के डर के कारण ग्रामीण उनका साथ देने मजबूर हो जाते हैं। चार साल पहले ही नक्सलियों ने अंचल में बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। बात 28 जुलाई 2019 की है, जब नक्सलियों ने एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकले सुरक्षा बलों पर अचानक हमला बोल दिया था। उस समय नक्सली शहीद सप्ताह मनाने नगरनार थाना क्षेत्र के तिरिया गांव के पास जंगलों में इकट्ठा हुए थे। इस आशय की सूचना मिलने के बाद डीआरजी, एसटीएफ और सीआरपीएफ की ज्वाइंट फोर्स ऑपरेशन और सर्चिंग गश्त के लिए निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों ने फोर्स पर जबरदस्त फायरिंग शुरू कर दी थी। जवानों ने भी तुरंत पोजीशन लेकर जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। नक्सली ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और घने जंगलों की आड़ लेकर भाग निकले। मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने छह नक्सलियों को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ के बाद फोर्स ने जंगलों ने घटना स्थल से बड़ी मात्रा में गोला, बारूद व अन्य विस्फोटक पदार्थ, नक्सली साहित्य, हाथ से लिखे दस्तावेज आदि बरामद किए थे। उस समय नगरनार पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट और यूए (ए ) एक्ट को अपराध पंजीबद्ध किया था। बाद में यह मामला एनआईए को सौंप दिया गया। तबसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) तिरिया नक्सली हमले की जांच कर रही है। इस मामले में एनआईए अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। दो आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके थे तथा एक महिला एवं एक पुरुष आरोपी को 18 जून 2023 को गिरफ्तार किया गया। हालिया पकड़ी गई महिला आरोपी का नाम बीसीएच पदमा उर्फ मोडेम पदमा उर्फ ललिता और पुरुष आरोपी का नाम दुबासी देवेंद्र बताया गया है। बताया गया है कि ये दोनों आरोपी देश विरोधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष नेतृत्व के साथ सक्रियता से जुड़े हुए थे। एनआईए ने इससे पहले दोनों आरोपियों के आवास परिसरों पर की तलाशी के दौरान सीपीआई (माओवादी) कैडरों की गतिविधियों से संबंधित कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की थीं। बीसीएच पद्मा पहले भाकपा माओवादी की मंडल समिति सदस्य के रूप में सक्रिय थी और वर्तमान में अग्र संगठनों और भाकपा (माओवादी) के बीच समन्वयक के रूप में कार्य कर रही थी। वह भाकपा (माओवादी) की विचारधारा का प्रसार भी कर रही थी। दूसरा आरोपी दुबासी देवेंद्र कोर क्षेत्र में सक्रिय भाकपा (माओवादी) कैडरों से निकटता से जुड़ा हुआ है। वह सीपीआई (माओवादी) के लिए कुरियर का भी काम कर रहा था और गुप्त रूप से उनके कागज आधारित और डिजिटल संचार में सहयोग कर रहा था।*बॉक्स**प्लांट की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले*हालांकि नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण की कवायद चल रही है, लेकिन फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य उद्योगों की तरह इस प्लांट की भी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंप दी गई है। कुछ माह पहले ही यहां सीआईएसएफ ने मोर्चा सम्हाल लिया है। सीआईएसएफ का मूल कार्य उद्योगों की आंतरिक सुरक्षा करना और उद्योगों की संपत्तियों को चोरी होने से बचाना है। आतंकी और नक्सली हमलों जैसे बाह्य खतरों से निपटने के लिए सीआईएसएफ के पास उतने अधिकार और संसाधन नहीं हैं, जितने कि दीगर केंद्रीय सुरक्षा बलों के पास होते हैं। लिहाजा कहा जा सकता है कि अगर कभी अप्रिय स्थिति आ गई तो प्लांट को भारी नुकसान पहुंच सकता है।*बॉक्स**दल्ली राजहरा में हो चुकी है घटना*स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) की दल्ली राजहरा स्थित लौह अयस्क खदान इलाके में नक्सली हमले की घटना हो चुकी है। कुछ साल पहले नक्सलियों ने दल्ली राजहरा के उस बोईरडीह डेम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश और डेम में स्थापित पंप हाउस में तोड़फोड़ की थी, जहां से लौह अयस्क खदान को पानी की आपूर्ति की जाती है। तब नक्सलियों ने पंप हाउस के कर्मचारी को बंधक बना लिया था और उसकी जमकर पिटाई भी कर दी थी। दल्ली राजहरा की खदानों से भिलाई स्टील प्लांट को लौह अयस्क की आपूर्ति की जाती है।यहां यह बताना जरूरी है कि दल्ली राजहरा की खदानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सीआईएसएफ ही सम्हाल रही है। यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि दल्ली राजहरा अंचल में नक्सली गतिविधियां न के बराबर हैं। जबकि नगरनार अंचल कुछ ज्यादा ही संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में नगरनार इस्पात संयंत्र को बाहरी खतरे से बचाने के लिए विशेष सतर्कता और इंतजाम जरूरी है।
मुख्यमंत्री समाज के वयोवृद्ध सदस्यों, तुपकी निमार्ण करने ग्रामीण कलाकारों एवं पेंग बेचने वाले ग्रामीण महिलाओं का करेगे सम्मान
जगदलपुर, 24 जून। बस्तर गोंचा पर्व के छप्पन भोग अर्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 जून को शामिल होकर गुडि़चा मंदिर-जनकपुरी सिरहसार भवन में भगवान जगन्नाथ के दर्शन उपरांत महाआरती में शामिल होंगे। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के उपरांत श्रीजगन्नाथ मंदिर में 360 घर आरण्यक समाज के प्रबंधकारणी एवं 14 क्षेत्रीय समितियों के अध्यक्ष व बस्तर गोंचा समिति के पदाधिकारियों से मिलेंगे। श्रीजगन्नाथ मंदिर में प्रति वर्ष आयोजित किये जाने वाले सम्मान कार्यक्रम में शामिल होकर समाज के वयोवृद्ध सदस्यों के साथ भगवान जगन्नाथ स्वामी को सलामी देने की परंपरा के लिए बस्तर गोंचा पर्व का आकर्षण तुपकी निर्माण करने वाले बस्तर के ग्रामीण कलाकारों एवं पेंग बेचने वाले ग्रामीण महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री के द्वारा किया जावेगा।प्रतिवर्ष बस्तर गोंचा पर्व के दौरान समाज के वयोवृद्ध सदस्यों के साथ ही भगवान जगन्नाथ स्वामी को सलामी देने की परंपरा के लिए पर्व का आकर्षण तुपकी निर्माण की कला के संरक्षण के लिए तुपकी निमार्ण करने वाले ग्रामीण कलाकारों एवं पेगं बेचने वाली महिलाओं का सम्मान किया जाता है। इस वर्ष श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा इस परंपरा का निर्वहन किया जावेगा। जिसमें समाज के वयोवृद्ध ममिला सदस्यो में 1.श्रीमती रिखामनी मनी पानीग्राही उम्र 88 वर्ष पति स्व.मोहन प्रसाद पानीग्राही समाज के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। 2 श्रीमती चंद्रकुमारी पानीगाही पति स्वश्री मदन पानीग्राही उम्र 85 वर्ष 3. श्रीमती मायावती पानीग्राही पति स्वश्री शंकरनाथ पानीग्राही उम्र 79 वर्ष। इसी क्रम में समाज के वयोवृद्ध पुरुष सदस्यों में 1. रामदयाल पाण्डे पिता स्व.त्रिलोचन पाण्डे उम्र 83 वर्ष 2.कलकनाथ आचार्य पिता स्व. केशव प्रसाद आचार्य उम्र 82 वर्ष 3. बंशीधर पाण्डे पिता स्व. नरहरी पाण्डे उम्र 82 वर्ष का सम्मान किया जायेगा।तुपकी निमार्ण करने वाले बस्तर के ग्रामीण कलाकारों में 1. शंकर लाल सेठिया निवासी माझिगुड़ा 2. रूपसाय धुर्वा निवासी माझिगुड़ा 3. चैतुराम धुर्वा निवासी पुसपाल 4.धरमदास धुर्वा निवासी जड़ीगुड़ा 5. राजु धुर्वा निवासी जड़ीगुड़ा का सम्मान किया जायेगा। पेंग बेचने वाले ग्रामीण महिलाओं में 1. श्रीमती चंचला सेठिया निवासी माझिगुड़ा 2. श्रीमती खेमवती धुर्वा निवासी माझिगुड़ा 3. श्रीमती दशमती धुर्वा निवासी कुरलूभाटा 4. श्रीमती सुकमी धुर्वा निवासी माझिगुड़ा 5. श्रीमती उमादेवी भतरा निवासी माझिगुड़ा का सम्मान मुख्यमंत्री के द्वारा किया जायेगा।360 घरआरण्यक समाज के अध्यक्ष ईश्वर खंबारी ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले मुख्यमंत्री हैं, जो कि बस्तर गोंचा पर्व के छप्पन भोग अर्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 25 जून को संध्या 07 बजे पहुंच रहे हैं। यहां पहुंचकर सबसे पहले भगवान जगन्नाथ की दर्शन के लिए गुडि़चा मंदिर-जनकपुरी सिरहसार भवन जाएंगे,जहां महाआरती में शामिल होकर भगवान का आशीर्वाद लेंगे। तत्पश्चात श्रीजगन्नाथ मंदिर में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में शामिल होकर समाज के वयोवृद्ध सदस्यों व तुपकी निर्माण करने वाले ग्रामीण कलाकारों एवं पेंग विक्रय करने वाले ग्रामीण महिलाओं का सम्मान करेंगे सम्मान कार्यक्रम के पश्चात श्रीजगन्नाथ मंदिर में ही भगवान जगन्नाथ को अर्पित किए गए छप्पन भोग का प्रसाद ग्रहण करेंगे।
24-06-2023 थाना डौंडी पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन अति. पुलिस अक्षीक्षक हरीश राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक कर्ण उके के मार्ग दर्शन में थाना डौंडी क्षेत्रातंर्गत ग्राम झुरहाटोला में दिनांक 22.06.2023 को बुजुर्ग महिला की उसके मकान के आंगन में अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार एवं ठोस वस्तु से सिर को कुचल कर दर्दनाक हत्या करने के मामले में अपराध क्र0 154.2023 धारा 302 भादवि पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपी की धर पकड हेतु थाना प्रभारी डौंडी उप निरीक्षक कैलाशचंद्र मरई के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार किया । दिनांक 22/06/23 को करीब शाम 06/00 बजे जरिये फोन के माध्यम से ग्राम झुरहाटोला मरईपारा में एक महिला कि हत्या की सूचना प्राप्त होने पर हमराह स्टाप के सूचना तस्दीक हेतु ग्राम झुरहाटोला मरईपारा पहूंचकर पूछताछ कर सूचना तस्दीक किया जहां बसंतीन बाई तारम पति स्व0 सोनऊ राम तारम उम्र 70 वर्ष पता झुरहाटोला मरईपारा थाना डौंडी जिला बालोद को उसके मकान के आंगन में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या करना पाये जाने पर घटना स्थल पर ही प्रार्थी हलधर राम तारम पिता स्व0 सोनऊ राम तारम उम्र 43 वर्ष पता झुरहाटोला मरईपारा थाना डौंडी जिला बालोद के रिपोर्ट पर घटना स्थल पर ही देहाती अपराध कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। जिसमें प्रार्थी ने बताया कि ग्राम झुरहाटोला आवासपारा में रहता है, कक्षा सातवीं तक पढाई किया है प्रार्थी के तीन भाई और दो बहन हैं। बहनों की शादी हो गई है।
प्रार्थी शादी के पश्चात अपने पत्नी एवं बच्चों के साथ अलग आवासपारा में रहता है । प्रार्थी की मां बसंतीन बाई तारम प्रार्थी के मंझले भाई लेखराम तारम के साथ पुराने मकान मरईपारा में रहती थी। प्रार्थी का छोटा भाई खेदुराम तारम मजदुरी करने दीगर राज्य केरल गया हुआ है। प्रार्थी दिनांक 22/06/2023 को सुबह करीब 08:30 बजे मजदुरी करने कच्चे गया था। प्रार्थी का मंझला भाई लेखराम तारम भी मजदुरी करने सुबह करीब 07 बजे भानुप्रतापपुर गया था। दोपहर करीब 03:00 बजे प्रार्थी के रिश्ते के भतीजा एवन तारम फोन कर बताया कि दादी बसंतीन बाई की मृत्यु हो गई है तुरंत घर आओ बोलने पर प्रार्थी तत्काल अपने घर मरईपारा झुरहाटोला आया तो देखा घर के पास गांव के लोग ईकट्ठा हुए थे। प्रार्थी पड़ोसियों से पुछा तो बताये कि तुम्हारी मां बसंतीन बाई आंगन में मृत अवस्था में पड़ी है] बताने पर प्रार्थी घर अंदर जाने को देखा तो प्रार्थी की मां के घर का दरवाजा अंदर से बंद था] तो प्रार्थी के घर के बगल परदा की तरफ से घर अंदर आंगन में जाकर देखा तो प्रार्थी की मां आंगन में मृत हालत में चित पड़ी थी।
प्रार्थी के मां के गर्दन में धारदार हथियार से चोंट के निशान है और सिर को किसी ठोस वस्तु से मारकर कुचलने से सिर फट गया था जिससे गर्दन एवं सिर के पास जमीन में काफी खुन फैला था। प्रार्थी के मां की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो चुकी थी कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रार्थी के मां के साथ मारपीट कर धारदार हथियार से गर्दन में गंभीर चोंट पहुंचाकर एवं ठोस वस्तु से सिर में गंभीर चोंट पहूंचाकर हत्या कर दिया है। रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र0 154/23 धारा 302 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गय। विवेचना दौरान संदेही आरोपी डामेन्द्र कुमार धलनिया पिता चंद्रशेखर धलनिया उम्र 26 वर्ष पता झुरहाटोला को कुसुमकसा रेल्वे स्टेशन की ओर तालाब के पास छुपा होने की सूचना पर दबिश देकर अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा मृतिका के साथ अपराध करना स्वीकार करने पर हत्या में प्रयुक्त ईट एवं धारदार चाकू को जप्त कर आरोपी को गिरप्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल निरूद्ध किया गया ।
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बालोद :- रायपुर में विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विधि आयोग द्वारा ‘समान नागरिक संहिता’ (यूसीसी) पर संदर्भ लेने का स्वागत किया है। विहिप के केंद्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने आज कहा कि यह संतोष की बात है कि आयोग ने इस विषय पर सभी हितधारकों से विचार आमंत्रित किए हैं। भारतीय समाज के सभी वर्गों के सुझाव प्राप्त कर एवं उन पर विचार कर शीघ्र ही यूसीसी को अधिनियमित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 44 सभी सरकारों को पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है। श्री आलोक कुमार ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि जो सांसद और विधायक “भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखने” की शपथ लेते हैं, वे संविधान के इन 73 वर्षों में भारत के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लाने में विफल रहे हैं। विहिप नेता ने यह भी कहा कि सरला मुद्गल के मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने जल्द से जल्द यूसीसी को अधिनियमित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कई उच्च न्यायालयों ने बार-बार इसकी आवश्यकता पर जोर दिया है।
न्यायालय ने याद दिलाया कि अनुच्छेद 51ए के तहत, “धार्मिक विविधताओं से परे भारत के सभी लोगों के बीच सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना” सभी नागरिकों का मौलिक कर्तव्य है। भारत में, सभी नागरिक आपराधिक कानून, संपत्ति, अनुबंध और वाणिज्यिक कानूनों सहित सामान्य कानूनों द्वारा शासित होते हैं। उन्होंने कहा, ऐसा कोई कारण नहीं है कि पारिवारिक कानून ही एकमात्र अपवाद क्यों बने रहें। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि एक धार्मिक समुदाय के व्यक्तिगत कानून महिलाओं की गरिमा, समानता और अन्य अधिकारों का गंभीर उल्लंघन करते हैं। बहुविवाह, तलाक और उत्तराधिकार के बारे में उनके प्रावधान आधुनिक समय से लगभग 1400 वर्ष पीछे हैं। इस तरह की प्रथाएं संविधान द्वारा प्रदत्त महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। इसी तरह, यूसीसी के तहत बच्चों के अधिकारों को भी संरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विधि आयोग समाज के विभिन्न वर्गों से अच्छी प्रथाओं को सामिल करके संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप यूसीसी का मसौदा शीघ्र तैयार करेगा। विहिप भारत के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता शीघ्र लागू करने के लिए आशान्वित है। बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद संगठन के जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता,कार्य अध्यक्ष दुष्यन्त गिरी गोस्वामी,जिला मंत्री राज सोनी,मातृशक्ति जिला संयोजिका श्रीमती सत्या साहू,डौंडीलोहारा अध्यक्ष ढाल साहू, हेमन्त देशमुख,चिमन देशमुख,रमेश हरदेल,तुमन साहू,मदन ठाकुर,गुंडरदेही अध्यक्ष भरत साहू,दल्ली राजहरा अध्यक्ष शंकर साहू, गुरुर अध्यक्ष लोकेश साहू,बोधन भट्ट,नीलेश श्रीवास्तव,जानकी यादव, नंदा पसीने, श्वेता राजपूत, योगिता साहू,योगिता शर्मा, राकेश साहू, चोलेश्वर देशमुख, रेखराज साहू, नुरसिंग साहू, हिमांशु महोबिया, त्रिलोकी ठाकुर, गोलू जायसवाल,नितिन सहारे,विजय कुशवाहा, विक्की जायसवाल, चंद्रभान निषाद, हेमंत साहू सहित जिले के सभी कार्यकर्ताओं ने इस मांग व निर्णय का स्वागत किया है।
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देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वर्णिम 9 वर्ष पूर्ण होने जन जन तक पहुँच रहे है भाजपाई। वही किसान मोर्चा एवं ग्रामीण मण्डल बालोद द्वारा सयुक्त रूप से जुंगेरा, तरौद, जगन्नाथपुर में किसान चौपाल लगाई गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार,देवेंद्र जायसवाल जिला महामंत्री, मंडल अध्यक्ष प्रेम साहू जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा तोमन साहू ,वरिष्ठ सुरेंद्र देशमुख,किसान मोर्चा जिला सह प्रभारी केशव पटेल जी ने बताया कि मोदी सरकार की किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 12 करोड़ किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है. मोदी सरकार की हर घर जल योजना के तहत अब तक 11.66 करोड़ परिवारों को पीने का साफ पानी मुहैया कराया जा चुका है।
उर्वरकों के इष्टतम उपयोग के लिए मिट्टी के नमूनों के त्वरित विश्लेषण के लिए एक मृदा परीक्षण किट विकसित की गई और 650 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को प्रदान की गई। 6 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड छपवाकर किसानों को बांटे जा चुके हैं। हमारे प्रयासों में एक और मील का पत्थर नीम कोटेड यूरिया का प्रावधान था।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), मौसम आधारित फसल बीमा योजना (डब्ल्यूबीसीआईएस), नारियल पाम बीमा योजना (सीपीआईएस) और प्रायोगिक एकीकृत पैकेज बीमा योजना (यूपीआईएस) (45 जिले)। इस चौपाल में मण्डल महामंत्री बिरेन्द्र साहू,दानेश्वर मिश्रा,जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कृतिका साहू,वरिष्ठ नेत्री श्रीमती खिलेश्वरी साहू,श्रीमती महेश्वरी ठाकुर,श्रीमती सरस्वती साहू,मण्डल अध्यक्ष किसान मोर्चा गणेश साहू,शहर मण्डल अध्यक्ष दिनेश साहू,भूपेंद्र साहू,विकास साहू,के साथ आम किसान डामेंद्र मानिकपुरी,बोधिराम साहू,दिलीप साहू,तुलेश्वर साहू,अशोक कुमार निषाद,हरिराम साठिया,नरेंद्र कुमार,मोहन लाल निर्मलकर, भूषण लाल निषाद, प्रेमसिंह चंद्राकर,चोकराम साहू,केशाल साहू,नारायण साहू,तोरण साहू, कृष्णा ठाकुर, टेमन देशमुख, नरेन्द्र साहू, ग्वाल यादव, लोकु साहू,सोमन साहू, डिलेश साहू आदि उपस्थित थे।
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जगदलपुर फिल्म आदिपुरुष के विरोध को लेकर प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा इस फिल्म की आड़ में राजनैतिक नौटंकी कर रही है। यह पार्टी धर्म और आस्था के नाम पर जनता के साथ फरेब करती है। चुनावों के दौरान भाजपा भगवान राम, हनुमान के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन कर्नाटक के चुनावों ने बता दिया है कि भगवान राम और हनुमान जी भी भाजपा के साथ नहीं हैं। हफ्तेभर के बस्तर दौरे पर बुधवार को जगदलपुर पहुंचे मंत्री कवासी लखमा ने मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में यह बात कही। फिल्म आदिपुरुष के विरोध से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा हम लोग, हमारी कांग्रेस और सरकार भगवान को मानने वाली हैं।
हम लोगों ने माता कौशिलिया का मंदिर बनवाया, हम देवगुड़ी को मानते हैं। हम भगवान राम को मानने वाले लोग हैं। भाजपा को तो श्रीराम केवल चुनाव के समय याद आते हैं। मंत्री ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, सेंसर बोर्ड उनका है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट दिया है। यहां फिल्म का विरोध करेंगे, वहां बोर्ड में पास भी करेंगे। ऐसा दोहरा मापदंड नहीं चल सकता। कवासी लखमा ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में देश के प्रधानमंत्री जनता से हनुमान जी के नाम पर भाजपा के लिए वोट मांग रहे थे। चुनाव परिणाम ने बता दिया कि भाजपा के साथ राम, हनुमान कोई भी नहीं है। इस तरह का प्रोपेगंडा ज्यादा दिन नहीं चलता। हनुमान ने कर्नाटक में कांग्रेस का साथ दिया। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के संदर्भ में मंत्री लखमा ने कहा कि मंदिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बन रहा है, न कि केंद्र सरकार के निर्देश पर। देश की जनता सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास करती है। मंदिर निर्माण का श्रेय भाजपा को नहीं जाता। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या में राम मंदिर का ताला खुलवाया था। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय बाबरी मस्जिद गिराई गई। मंदिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बन रहा है, इसलिए इसमें भाजपा का कोई रोल ही नहीं है। कवासी लखमा ने कहा कि धर्म के प्रति सच्ची आस्था कैसी होनी चाहिए, यह हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हमारी कांग्रेस सरकार ने दिखा दिया है। चंदखुरी में माता कौशिल्या के मंदिर का निर्माण, श्रीराम वनगमन पथ का निर्माण कराकर हमारी सरकार ने धर्म के नाम पर फरेब करने वाली भाजपा को सही मायने में आईना दिखा दिया है।