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युवा कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को सिखाए सोशल मीडिया के गुर

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  • प्रदेश युवा कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के सह प्रभारी गुरप्रीत सिंह होरा ने दिए टिप्स

जगदलपुर स्थानीय राजीव भवन में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस सोशल मीडिया के कार्यकर्ताओं की बस्तर संभाग स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के सह प्रभारी गुरप्रीत सिंह होरा, युवा कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के मुख्य संयोजक अनूप वर्मा एवं शान एम. सैफी, युवा कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष अजय बिसाई मौजूद थे। कार्यकर्त्ताओं को सोशल मीडिया के पार्टी हित में उपयोग करने के तरीके बताए गए।बस्तर संभाग सोशल मीडिया सेल के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में अनेक बिंदुओं पर चर्चा हुई। जिला, विधानसभा क्षेत्र व ब्लाकों की नियुक्तियों पर भी विशेष तौर पर चर्चा की गई। बैठक में बस्तर युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष अजय बिसाई, प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा, बस्तर विधानसभा अध्यक्ष क्षेत्र रियाज़ खान, बस्तर नगर पंचायत के पार्षद अंकित पारख, शहर उपाध्यक्ष संदीप दास, शहर महासचिव अनुराग महतो, प्रदेश संयोजक दीपक साहू, प्रदेश सह संयोजक प्रियंका उपाध्याय, प्रदेश कार्यकारी सदस्य शेख अनस, मनीष सोरी, जिला संयोजक पिंटू यादव, दीपक गांधी, जॉर्ज टोप्पो, शादाब अहमद जी, गणेश जी, आयुष महंती, भूलकुराम नाग, धर्मेद्र राजपूत, राजीव चालकी, रोहित कुमार, दीपक सिंह, आकाश रुद्र, तिवारी नाग, कुपश, प्रमोद मौर्य, सत्यकांत कश्यप, ब्रजेश्वर कश्यप, गणेश सोनी मौजूद थे।

ईडी छापे के साइड इफेक्ट और फेक्ट

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भाजपा ने राह दिखाई कांग्रेसियों पर आफत आई

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में ईडी के साइड इफेक्ट बस्तर से लेकर रायपुर और झारखंड तक दिखाई दे रहे हैं। असर तो उड़ीसा तक है क्योंकि कथित शराब घोटाले के बाद से बस्तर में शराब के लाले पड़ गए हैं। ढंग की शराब मिल नहीं रही है। जो मिल रही है, उसके बारे में मदिरा सेवन करने वालों के मुताबिक करंट नहीं है। यानी घटिया शराब सरकारी दुकानों से बिक रही है। छत्तीसगढ़ में शराब की क्वालिटी को लेकर शिकायत बहुत समय से आ रही है। विधानसभा में भी इस पर कई बार बहस हो चुकी है। एक जिले की दुकान से दूसरे जिले में आपूर्ति को लेकर भी मामला उठ चुका है। शराब की टेस्टिंग पर भी बहस होती है लेकिन न तो शराब की क्वालिटी से उपभोक्ताओं को संतुष्टि मिल रही और न ही उनकी शिकायतों का समाधान निकला। शराब के कारोबार में आबकारी विभाग के कर्ताधर्ता कारोबारियों के साथ मिलकर कैसा गोरखधंधा चलाते हैं, उसकी बानगी पहले भी मिल चुकी है और अब भी सरकार की शराब मार्केटिंग कंपनी के एमडी के यहां पड़े ईडी के छापे से भी सामने आई है। बस्तर के मदिरा उपभोक्ता उड़ीसा और अन्य पड़ोसी राज्यों से अपनी पसंद की शराब का इंतजाम कर रहे हैं तो जो राजस्व छत्तीसगढ़ सरकार को मिलना चाहिए, वह अन्य राज्यों में जा रहा है। शराब के कारोबार में सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का हुनर तब भी दिखाया जाता था, जब सरकार ने दुकान नहीं सजाई थी। अब भी यही हो रहा है। आबकारी अफसरों और शराब कारोबारियों के यहां ईडी के छापे इसी सिलसिले में पड़े हैं। यहां याद किया जा सकता है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय नौ साल तक संविदा पर आबकारी विभाग के ओएसडी रहे समुंद सिंह के यहां तब ईओडब्ल्यू का छापा पड़ा, जब राज्य में कांग्रेस सत्ता में आई। उनके यहां भारी बेहिसाब संपत्ति का पता चलना सुर्खियों में रहा। छापेमारी के बाद समुंद सिंह लंबे समय तक लापता रहे लेकिन आखिरकार उन्हें दबोच लिया गया। अभी मदिरा मार्केटिंग कंपनी के एमडी के यहां ईडी का छापा मारा गया और उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया तो शराब विक्रय का काम प्रभावित होने लगा। सरकार ने उन्हें छुट्टी पर भेजकर वैकल्पिक व्यवस्था कर दी। अब शराब कारोबारियों के यहां पड़े छापे के दौरान रायपुर महापौर के भाई अनवर ढेबर के यहां भी छापा मारा गया था। ईडी ने अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और अदालत ने उनसे पूछताछ के लिए 4 दिन की रिमांड दी है। रायपुर महापौर से भी पूछताछ हो रही है। उनका आरोप है कि बेवजह परेशान किया जा रहा है। इसे छापे का पॉलिटिकल साइड इफेक्ट कहा जा सकता है। अब इस मामले में अतीत की तरफ देखें तो फेक्ट यह है कि भाजपा की रमन सरकार के समय उनके मंत्री की पहल पर शराब विक्रय का सरकारीकरण हुआ। ठेका प्रथा बंद कर सरकार मार्केटिंग कंपनी बनाकर शराब सीधे तौर पर बेचने लगी। उस समय जो कुछ हुआ, उसके लिए ईडी अब की तरह छापे मारने नहीं आई। जो रास्ता पिछली सरकार ने खोला था, कांग्रेस की सरकार उसी पर चल पड़ी। नतीजा यह है कि कांग्रेसियों के सिर पर ईडी की तलवार लटक रही है। क्या पता, कब और किस कांग्रेसी की बारी आ जाये। अब सवाल यह भी उपज रहा है कि ईडी अपनी जांच के दायरे को पिछली सरकार के समय तक क्यों नहीं ले जा रही और कांग्रेस भी इस मुद्दे पर चुनौती क्यों नहीं दे रही।

बस्तरिहा ईमली प्रोडक्ट के निर्यात से बस्तर गौरवांवित : बैज

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  • ईमली ने ‘सरकार’ के आंगन में जमकर बिखेर दी हा मिठास
  • बस्तर के ईमली प्रोडक्ट के अमेरिका को निर्यात की खबर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आल्हादित
  • सांसद दीपक बैज ने कहा – यह समूचे बस्तर के लिए गर्व की बात

लोहंडीगुड़ा बस्तरिहा ईमली ने छत्तीसगढ़ सरकार के आंगन में मिठास बिखेर दी है। यहां की ईमली से निर्मित खाद्य पदार्थों के अमेरिका को निर्यात की खबर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी आल्हादित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में नई दुनिया में प्रकाशित खबर को टैग करते हुए ट्वीट किया है और खुशी जताई है। बस्तर के सांसद दीपक बैज ने बस्तर के वनोपजों से निर्मित खाद्य पदार्थों के विदेशों में लोकप्रिय होने को बस्तर के लिए गौरवपूर्ण बताया है।लोहंडीगुड़ा, बकावंड समेत बस्तर के कुछ अन्य स्थानों पर यहां के जंगलों में उपजने वाली ईमली, महुआ, चार, छिंद, रागी आदि पर आधारित छोटे और मध्यम उद्योगों की स्थापना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर हुई है। रीपा योजना के तहत स्थापित उद्योग बस्तर के लिए वरदान साबित हुए हैं। इन उद्योगों में जहां स्थानीय आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं को भरपूर रोजगार मिल रहा है, वहीं इन उद्योगों द्वारा वनोपजों से उत्पादित खाद्य पदार्थ खासकर ईमली से बनी कैंडी, जेम, सॉस आदि अब अमेरिका को एक्सपोर्ट किए जाने लगे हैं। दो दिन पहले ही बस्तर के सांसद दीपक बैज और उनकी धर्मपत्नी पूनम बैज ने लोहंडीगुड़ा के के एक उद्योग में ईमली से बने दस टन खाद्य पदार्थों की खेप को हरी झंडी दिखाकर अमेरिका के लिए रवाना किया था। इस आशय की खबर नई दुनिया ने 7 मई के अंक में ‘सात समंदर पार धूम मचा रहे बस्तर के वनोपजों से बने उत्पाद’ शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस खबर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्वीटर हैंडल में टैग करते हुए खुशीव्यक्त की है। वहीं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर के वनोपजों से निर्मित खाद्य पदार्थों की डिमांड अमेरिका जैसे देशों में होना समूचे बस्तर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर के वनोपजों का महत्व समझा और उन्हें मान सम्मान दिलाया है। मुख्यमंत्री बघेल की दूरदर्शी सोच की वजह से आज बस्तर गौरवांवित हुआ है। स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं रीपा योजना के तहत वनोपजों पर आधारित कुटीर उद्योग संचालित कर आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बन रही हैं। बैज ने कहा कि बस्तर में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात कर दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में वनोपजों की प्रचुर उपलब्धता है। यहां के जंगलों में पाई जाने वाली जड़ी बूटियों, हर्रा, बेहरा, आंवला आदि से दवाइयां बनाई जा सकती हैं। यहां दवा उद्योगों के लिए भी अपार संभावनाएं हैं। हमारी सरकार इस दिशा में जरूर काम करेगी।

दवा उद्योग के लिए भी हैं प्रचुर संभावनाएं : बैज

उल्लेखनीय है कि मौजूदा सांसद दीपक बैज वनोपजों की बहुलता वाले चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। तबसे वे निरंतर इन वनोपजों से खाद्य पदार्थ बनाने, आदिवासियों को वनोपजों की वाजिब कीमत दिलाने, जंगली फलों और जड़ी बूटियों से दवा निर्माण के लिए प्रयासरत रहे हैं। उनका यह सपना भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार आने के बाद अब जाकर साकार होता नजर आ रहा है। बैज ने कहा है कि बस्तर के जंगलों में हर्रा, बेहरा, आंवला, और जड़ी बूटियां भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इन फलों और जड़ी बूटियों से अनेक बीमारियों की कारगर दवाएं बनाई जा सकती हैं।

बस्तर में औद्योगिक क्रांति के जनक हैं भूपेश बघेल : जैन

संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने बस्तर के वनोपजों से निर्मित खाद्य पदार्थों की अमेरिका जैसे विकसित देश में जबरदस्त डिमांड होने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा है कि हमारा बस्तर पर्यटन स्थलों और प्राचीन धरोहरों के लिए विश्व विख्यात रहा है, मगर बस्तर को असली पहचान अब मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रीपा के तहत यहां उद्योगों की स्थापना कराकर बस्तर का नाम पूरी दुनिया में पहुंचा दिया है। जैन ने कहा है कि हमारी सरकार की पहल पर ही बस्तर की जमीन पर अब औद्योगिक क्रांति की पदचाप सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर में आ रही औद्योगिक क्रांति के जनक हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच को नमन : लखेश्वर

बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने बस्तर में औद्योगिक क्रांति लाने का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिया है। उन्होंने कहा है कि हमारा बस्तर जल, जंगल और उपजाऊ जमीन से समृद्ध रहा है। यहां मिलने वाले वनोपजों पर आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए पिछली भाजपा सरकार ने सोचा ही नहीं था। मौजूदा कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय देते हुए यहां वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना कराई। इसकी बदौलत आज बस्तर के वनोपजों से निर्मित खाद्य पदार्थों की धूम अमेरिका में मची है। बघेल ने मुख्यमंत्री की सोच को नमन करते हुए उन्हें साधुवाद दिया है।

एक तरफ अमृत मिशन, दूसरी तरफ ‘अमृत’ की बेतहाशा बर्बादी

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  • पाईप लाइनें क्षतिग्रस्त, शहर में फिजूल बह रहा है अमृततुल्य पानी
  • शिकायतों के बाद भी ध्यान नहीं दे रहा है नगर निगम प्रशासन

जगदलपुर शहर में एक तरफ जहां घर – घर नल का पानी पहुंचाने के लिए अमृत मिशन के तहत कार्य कराया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते शहर में जगह – जगह अमृततुल्य पानी की बेतहाशा बर्बादी हो रही है। सिरहासार चौक समेत अनेक स्थानों पर पाईप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है और शहर के कई भागों में पानी के लिए मारामारी चल रही है। मारपीट की घटनाएं होने लगी हैं तथा पुलिस तक भी मामले पहुंच रहे हैं। पाईप लाइनों के फूटने की शिकायत नगर निगम में दसियों बार की जा चुकी है, लेकिन पानी की बर्बादी रोकने कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।जगदलपुर शहर के सबसे व्यवस्ततम चौक सिरहासार चौक में पंद्रह दिनों से पाईप लाईन फूटी हुई है, किंतु निगम के जिम्मेदार विभाग के कर्मी शिकायत के बावजूद पाईप लाइन की मरम्मत नहीं कर रहे हैं। अकेले इसी जगह पर फूटे पाईप से रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। इसके अलावा शहर कुछ अन्य भागों से भी पाईप लाइनें फूटने की खबर है, जहां से भी ऐसे ही हजारों गैलन पानी फिजूल बह रहा है। इन दिनों पूरे अंचल में भीषण गर्मी पड़ रही है। लिहाजा पानी की खपत काफी बढ़ गई है और नगर निगम प्रशासन पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है। निगम के पंप हाउस और टंकियों से तो पाईप लाइनों में पर्याप्त पानी छोड़ा जाता है, मगर यह पानी नागरिकों तक पहुंच ही नहीं पाता। इसकी वजह पाईप लाइनों का क्षतिग्रस्त हो जाना है। सारा पानी सड़कों पर और गलियों में बहते रहता है। सिरहासार चौक और अन्य स्थानों पर कीचड़ उतपन्न हो गया है।

पानी के लिए होने लगी हैं मारपीट की घटनाएं

शहर में इन दिनों अमृत मिशन के तहत घर – घर नल का पानी पहुंचाने की कवायद की जा रही है, मगर पानी की हो रही बर्बादी को रोकने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। वहीं दूसरी ओर कई वार्डों में पानी के लिए मारामारी मची हुई है। बाल्टीभर पानी के लिए लोगों के बीच मारपीट की घटनाएं होने लगी हैं। मारपीट के मामले पुलिस तक भी पहुंचने लगे हैं। नागरिकों द्वारा पाईप लाईन फूटने की सूचना दी जाने के बाद भी निगम प्रशासन कुंभकर्णी निद्रा में है। उल्लेखनीय है कि जहां पाईप लाईन क्षतिग्रस्त हुई है, उस क्षेत्र में सबसे ज्यादा आवाजाही होती है और पानी व कीचड़ की वजह से राहगीरों का चलना दूभर हो गया है।

141 लापरवाह वाहन चालक के विरूद्व कार्यवाही कर 10,900 रू. वसूला गया जुर्माना

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दिनांक 07.05.2023▪ बालोद पुलिस द्वारा चलाया गया विशेष माल वाहक व मोटर वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। यातायात नियमों के पालन करने नियंत्रित गति से वाहन चलाने बालोद पुलिस की अपील। पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के मार्गदर्शन में समस्त राजपत्रित अधिकारी (पुलिस) के पर्यवेक्षण में जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारीयों एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में थाना राजहरा, बालोद, गुरूर, देवरी, डौण्डी लोहारा, पिनकापार के अलग-अलग स्थानों पर विशेष माल वाहक व मोटर वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया विशेष माल वाहन व मोटर वाहन चेकिंग का मुख्य उदे्श्य सड़क दुर्घटनाओ में कमी लाना एवं लापरवाह वाहन चालकों पर सख्ती से कार्यवाही करना है

साथ ही आम जनों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता की भावना पैदा करना है। जिला-बालोद अतंर्गत दिनांक 06.05.2023 शाम को चेकिंग अभियान चलाया गया जिसमे कुल 141 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व मोटरयान अधिनियम् के तहत् कार्यवाही कर 10,900 रू. समन शुल्क वसूल किया गया तथा लापरवाह वाहन चालकों को न्यायालय में भी पेश किया जा रहा है साथ ही साथ आम जानता को यातायात नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दिया जा रहा है । बालोद पुलिस आम नागरिकों से अपील है कि वाहन चेकिंग में पुलिस का सहयोग करे रान्ग साइड से वाहन न चलाये, मालवाहक वाहनों में यात्री बैठाकर परिवहन न करे, अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवे, संयमित गति से वाहन चलाएं एवं वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट अवश्य लगावे व वाहन चलाते समय वाहन के दस्तावेज हमेशा अपने साथ रखे अथवा मोबाईल में साफ्ट कॉपी में अपने दस्तावेज सुरक्षित रख सकते है।

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18 माह में पूरा होने वाली 168 करोड़ की सिलिका रिडक्शन प्रोजैक्ट 02 साल बाद भी आधी अधूरी, मुश्ताक अहमद

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सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी बताया कि विगत दिनों खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ ने दल्ली यंत्रीकृत खदान में बीएसबीके कंपनी द्वारा 168 करोड़ के निर्मीणाधीन सिलिका रिडक्शन प्रोजैक्ट में हो रही गड़बड़ी और देरी की शिकायत सांसद मोहन मंडावी से की थी तब सांसद मोहन मंडावी ने संघ की शिकायत पर बीएसबीके कंपनी द्वारा निर्मीणाधीन सिलिका रिडक्शन प्रोजैक्ट का निरीक्षण किया था और निरीक्षण के दौरान बहुत सी अनियमितता पाई थी जिसकी लिखित जानकारी मांगी थी। लेकिन आज लगभग 22 दिन बीतने के बाद भी बीएसपी प्रबंधन जानकारी उपलब्ध कराने में असफल रही है। सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद ने बताया कि बीएसबीके कंपनी को यह कार्य 18 माह में पूरा करना था मगर तय समय पर काम पूरा नहीं किया जा सका था इस प्रोजेक्ट के इंचार्ज और बीएसपी प्रबंधन ने बीएसबीके कंपनी पर बड़ी उदारता दिखाते हुए उन्हें बिना किसी ठोस कारण के 06 माह का अतिरिक्त समय दे दिया गया जोकि जांच का विषय है क्योंकि बाकी ठेकेदारों या अन्य कंपनियों को यह सुविधा बीएसपी प्रबंधन उपलब्ध नहीं कराती है ।

सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद ने बताया कि कल दिनांक 06-05-2023 को डायरेक्टर इंचार्जभिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई को ज्ञापन सौंपकर सनदर्भित ठेके के सेकंड एक्सटेंशन देने से पूर्व ठेका कंपनी पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाने का अनुरोध किया गया है जिससे बीएसपी जैसी महारत्न कंपनी में भाई भतीजावाद की नीति लागू नहीं हो और जो नियम शर्तों के साथ अन्य ठेकेदार और कंपनियां काम कर रही है उसी नियम शर्तों को बीएसबीके कंपनी पर भी लागू किया जावे। मेसर्स बीएसबीके को राजहरा खदान समूह के दल्ली यंत्रीकृत खदान में सिलिका रिडक्शन प्लांट (एसआरपी) लगाने हेतु निविदा स्वीकृत की गयी थी। उक्त कार्य ठेका के नियम और शर्तों के मुताबिक अपने सही समय पर पूरा न कर पाने के कारण प्रबंधन ने ठेका कंपनी को फर्स्ट एक्सटेंशन दिया था जिसकी समयावधि 07.05.2023 को समाप्त हो रही है। समय पर उक्त प्रोजेक्ट के पूर्ण न होने पर केंद्रीय इस्पात मंत्री ने राज्यसभा में भी लिखित प्रश्न का जवाब दिया था जिसमें स्पष्ट रूप से ठेका कंपनी के खराब कार्य को मुख्य रूप से जिम्मेदार बताया गया था। ऐसे में फर्स्ट एक्सटेंशन से पूर्व ठेका कंपनी पर किसी तरह का पेनाल्टी का न लगाना भी कई प्रश्न खड़े करता है। दिनांक 07.05.2023 को फर्स्ट एक्सटेंशन का समयावधि की समाप्ति हो जाएगी किन्तु कार्य अभी भी अधूरा ही है । और ऐसी जानकारी मिली है कि यह प्रोजेक्ट अभी 06 माह तक और पूरा नहीं हो सकता है। मगर ऐसा लगता है कि बीएसबीके कंपनी को पेनाल्टी से बचाने के लिए ईस प्रोजैक्ट के इंचार्ज पूरी तत्परता से कार्य करने में लगे हुए हैं। ऐसे जानकारी मिल रही है कि अभी बीएसबीके कंपनी को और अतिरिक्त समय दिया जा रहा है और ईस अतिरिक्त समय में लीपापोती कर प्रोजेक्ट को पूरा बताकर ईसे शुरू किया जा सकता है।मगर ईस प्रोजैक्ट को पूरी तरह पूरा होने में 06 का समय और लगेगा।इस सम्बन्ध में स्वयं कांकेर क्षेत्र के लोकसभा सांसद मोहन मंडावी ने भी 13.04.2023 को परियोजना स्थल का भौतिक निरिक्षण करते हुए बहुत सी अनियमितताओ पर प्रश्न खड़े किये थे।

इन तथ्यों के आधार पर प्रभारी निदेशक से अनुरोध किया गया है कि सांसद मोहन मंडावी द्वारा मांगी गई जानकारियां तत्काल उपलब्ध कराया जावे तथा संदर्भित कार्य के सेकंड एक्सटेंशन के पूर्व ठेका कंपनी पर ठेका शर्तों के मुताबिक पेनाल्टी लगाया जावे। सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि अगर प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार है तो ईस प्रोजैक्ट के इंचार्ज उसकी लिखित जानकारी सार्वजनिक करें । वर्तमान में ऐसी जानकारी मिल रही है कि आधे अधूरे प्रोजैक्ट को पूर्ण दिखाकर चालू कर दिया जावेगा और कुछ दिन बाद ईस प्रोजेक्ट को ब्रेक डाउन दिखाकर पुनः कार्य करवाया जायेगा, जिससे बीएसबीके कंपनी को पेनाल्टी से बचा लिया जावेगा। क्योंकि ऐसी जानकारी मिली है कि इस प्रोजेक्ट में लगने वाली मशीनरी में उन मशीनरी को नहीं लगाया गया है जो प्रोजेक्ट के नियम शर्तों में उल्लेखित है। कुछ मशीनों को चायना से भी मंगवाया गया है। प्रोजेक्ट को जल्दी पूरा करने और बीएसबीके कंपनी को पेनाल्टी से बचाने के लिए ईस तरह की निन्म स्तरीय मशीनरी को लगवाया जा रहा है और जानकारी के अनुसार अभी नियम शर्तों के अनुसार पचास फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ है। सिर्फ सामने के भाग में लीपापोती कर प्रोजेक्ट को पूर्ण दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।

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सांसद दीपक बैज सुपुत्र संग तपेश्वरी माता मेले में हुए शामिल

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  • पिता – पुत्र ने बस्तर में खुशहाली के लिए की देवी मां की पूजा अर्चना


कोंडागांव बस्तर के सांसद दीपक बैज अपने सुपुत्र सूर्यांश बैज के संग माकड़ी में आयोजित तपेश्वरी माता के वार्षिक मेले में शामिल हुए। बैज व सूर्यांश ने तपेश्वरी माता की पूजा अर्चना कर बस्तर छत्तीसगढ़ की सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना की।


वार्षिक मेले में सांसद दीपक बैज, सूर्यांश बैज, कैलाश पोयाम, सरपंच गेंदावती चंदेल, सांसद प्रतिनिधि दशरथ नेताम, जनपद सदस्य बुधराम कश्यप, मंडल अध्यक्ष योगेंद्र राठौर, कचुड़राम मौर्य, हिरदुराम चंदेल, तिलक नाग, झिरुराम मौर्य, पुजारी रायतु राम,पटेल चैतूराम मौर्य, लखमू राम मौर्य, शोभाराम नायक, प्रेमसिंह नाग आदि भी शामिल हुए। इस दौरान मेले में आए सैकड़ों ग्रामीणों ने सांसद दीपक बैज व उनके सुपुत्र सूर्यांश का भव्य स्वागत किया।

विधायक जैन की लोकप्रियता से खीझ उठे हैं भाजपा के नेता

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  • निरंतर जनता के बीच रहने वाले रेखचंद जैन के खिलाफ दुष्प्रचार

जगदलपुर क्षेत्रीय विधायक रेखचंद जैन जगदलपुर के लिए जननायक बनकर उभरे हैं। वे बिना भेदभाव किए अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी गांवों और जगदलपुर शहर के सभी वार्डों में विकास कार्य करा रहे हैं। जनता के प्रति समर्पण भाव और अपनी कर्मशीलता के चलते श्री जैन की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।विधायक चुने जाने के बाद से ही रेखचंद जैन लगातार जनहित में काम करते आ रहे हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें श्रम तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संसदीय सचिव का दायित्व सौंपा है। जैन क्षेत्र के गांवों के विकास को प्रगति देने और नाली, सीसी रोड, बिजली, पानी आदि की समस्याओं को दूर करने जी जान से जुटे रहते हैं। नगरनार समेत कई गांवों को उन्होंने पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर भी उपलब्ध कराए हैं। ग्रामीणों के सुख दुख में जैन बराबर सहभागी बनते हैं। इसके कई उदाहरण समय समय पर देखने को भी मिलते रहते हैं। यही वजह है कि जैन को अधिकतर ग्रामीण एवं शहरी नागरिक तहेदिल से प्यार करते हैं। जगदलपुर शहर के विकास के लिए भी रेखचंद जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नगरीय प्रशासन मंत्री से मिलकर करोड़ों रु. स्वीकृत कराए हैं। इस राशि से भाजपा पार्षदों के वार्डों में भी बिना भेदभाव किए समान रूप से कार्य कराए गए हैं। सोशल मीडिया पर विधायक रेखचंद जैन के खिलाफ टिप्पणी करने वाले नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय के वार्ड में भी विकास कार्य कराए गए हैं। इसके अलावा कोरोना काल में भी लोग बीमारी के डर से घरों में दुबके रहते थे, तब भी जैन शहर के सभी वार्डों में लोगों की सहायता करते रहे। उस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को राशन, दवाई, मास्क तथा दैनिक आवश्यकता के समान उपलब्ध कराते रहे। श्री जैन अपने कर्तव्य से विमुख होकर पलायन करने अथवा गायब हो जाने वाले जनप्रतिनिधि नहीं हैं। वे हर समय जनसेवा के लिए समर्पित रहते हैं।

पाण्डेय खो बैठे हैं दिमागी संतुलन : नाग

संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय को शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग ने करारा जवाब दिया है। नाग ने कहा है कि विधायक रेखचंद जैन अपने घर परिवार की चिंता छोड़ विधानसभा क्षेत्र की जनता की सेवा में दिनरात जुटे रहते हैं। विधानसभा सत्रों की अवधि को छोड़कर शेष दिनों जैन विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहते हैं। जगदलपुर शहर के वार्डों का भी समय समय पर भ्रमण कर वे नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश में लगे रहते हैं। जैन कई बार संजय पाण्डेय के वार्ड में भी दौरा कर चुके हैं। नाग ने कहा है कि ऐसे कर्मठ, मेहनती और जनसेवा में सदैव लगे रहने वाले विधायक को सोशल मीडिया पर लापता बताकर संजय पाण्डेय अपने मानसिक दिवालियेपन का प्रदर्शन कर रहे हैं। पाण्डेय अपना दिमागी संतुलन खो बैठे हैं और अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। गौरनाथ नाग ने कहा है कि जैन की लोकप्रियता से नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडेय बुरी तरह विचलित हो उठे हैं और सोशल मीडिया का सहारा लेकर हास्यास्पद दुष्प्रचार कर रहे हैं। उनके जैसे नेताओं के कारण ही भाजपा की बची खुची साख भी मिट्टी में मिलती जा रही है।

क्या जैन के भूत के साथ किया था भूमिपूजन?

सोशल मीडिया पर विधायक रेखचंद जैन को लापता बताने वाले नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय के वार्ड 39 श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड में जैन ने पाण्डेय की मौजूदगी में ही 45.53 लाख रु. के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया था। वार्ड में मैत्रीसंघ रोड से काजल सरकार के घर तक बीटी सड़क निर्माण, मोहन महाराज सड़क में बीटी सड़क नवीनीकरण कार्य, विधायक निधि से काजल सरकार के घर से शीतल किराना स्टोर तक, जया मुखर्जी के घर से अनिल जैन के घर तक बीटी सड़क निर्माण का भूमिपूजन जैन ने नेता प्रतिपक्ष एवं वार्ड पार्षद संजय पाण्डेय की विशेष उपस्थिति में किया था। इसके अलावा उन्होंने शहीद पार्क में ओपन जिम का लोकार्पण भी श्री पाण्डेय की मौजूदगी किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विधायक जैन के साथ मिलकर पाण्डेय ने लोकार्पण भूमिपूजन किया था तब पाण्डेय किस आधार पर जैन को लापता घोषित कर रहे हैं। क्या पाण्डेय ने जैन के भूत के साथ मिलकर लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया था।

राजीव ने बस्तर सहित प्रदेशवासियों की ओर से जताया यशस्वी मुख्यमंत्री मान.भूपेश बघेल जी का हृदय की गहराईयों से आभार

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युवाओं के हित में सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षा विभाग में 12 हजार से अधिक पदों पर निकली बंपर भर्ती, 6 मई से आवेदन की प्रक्रिया होगी शुरू मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती विज्ञापन किया जारी. प्रदेश में होगी 12 हजार 489 शिक्षकों की सीधी भर्ती शिक्षकों के भर्ती में 6,285 सहायक शिक्षक, 5,772 शिक्षक तथा 432 व्याख्याता के पदों पर सीधी भर्ती होगी. इसके लिए 06 मई से ऑनलाईन आवेदन भरे जा सकेंगे. भर्ती के लिए व्यापम द्वारा परीक्षा ली जाएगी भूपेश सरकार ने निभाया वादा…. छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए दीपावली जैसा माहौल राज्य शासन द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग में आई. टी.आई. प्राचार्य वर्ग एक के एक पद और आई.टी.आई. प्राचार्य वर्ग दो के 43 पदों पर नियुक्ति आदेश हुये जारी कक्का ने जो कहा सो किया युवाओं के हित में एक और ऐतिहासिक फैसला जल संसाधन विभाग में 352 उप अभियंताओं के नियुक्ति आदेश जारी हुये राजीव ने कहा संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री मान. भूपेश बघेल के निर्देश पर नई भर्तियों के लिए बड़ी संख्या में विभागों द्वारा लगातार निकाले जा रहे नियुक्ति आदेश देश के चर्चित मुख्यमंत्री मान. भूपेश बघेल ने पहले ही कहा था आरक्षण विवाद थमते ही विभागों में भर्तियों की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी लिहाजा सरकार ने युवाओं के लिए भर्ती का रास्ता खोल दिया – राजीव शर्मा इंद्रावती विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने राज्य सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं के हित में छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने बंपर भर्ती करने का जो फैसला लिया है वह सराहनीय और स्वागत योग्य है। आरक्षण विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की बंपर भर्तियों के आदेश जारी किए हैं तथा आवेदन की प्रक्रिया 6 मई से शुरू की जा रही है भर्ती के लिए व्यापम द्वारा परीक्षा ली जाएगी। तथा परीक्षा की तिथि व्यापम की ओर से अलग-अलग जारी किया जाएगा इसी के साथ बिजली विभाग, जल संसाधन विभाग समेत विभिन्न विभागों और जिलों में भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है शर्मा ने कहा कि राज्य के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल ने पहले ही कहा था कि आरक्षण विवाद थमते ही विभागों में भर्तियों की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी लिहाजा सरकार ने युवाओं के लिए भर्ती का रास्ता खोल दिया गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश में चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया जारी रखने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जारी किया है नई भर्तियों और पूर्व में अटकी नियुक्तियों का रास्ता भी साफ हो गया। शर्मा ने कहा कि भूपेश सरकार का ऐतिहासिक फैसले ने छत्तीसगढ़ में इतिहास रच दिया जिन्होंने प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का संकल्प लिया था राज्य की भूपेश सरकार छत्तीसगढ़ की उन्नति और विकास के लिए कटिबद्ध है उन्होंने छत्तीसगढ़ वासियों से जो वादे किए थे उसे पूरा कर अपना धर्म निभाया।

अफसर की कार्यप्रणाली के चलते सरकार की छवि पर आ रही आंच पांच साल तक रखरखाव की गारंटी वाली निर्माणाधीन सड़कों की बार – बार जांच से निर्माण में अवरोध

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ग्रामीणों के बीच धूमिल हो रही है भूपेश बघेल सरकार की छवि

कांकेर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार राज्य में पुरानी सड़कों का कायाकल्प तथा नई सड़कों का निर्माण करा रही है। छ्ग के इतिहास में पहली बार सड़कों की सुध ईमानदारी के साथ ली गई है, लेकिन सड़कों के निर्माण से जुड़े एक वरिष्ठतम अफसर की तथाकथित ईमानदारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ईमानदार कोशिशों पर भारी पड़ती दिख रही है। इस अफसर की कार्यप्रणाली की वजह से सड़कों के निर्माण में बाधा आ रही है और ग्रामीणों के बीच भूपेश बघेल सरकार की गलत छवि बनने लगी है। सरकार द्वारा लिए गए बैंक लोन का ब्याज भी बेवजह बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ की सत्ता की बागडोर जबसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सम्हाली है, तबसे यहां के बाशिंदों के लिए अच्छे दिन आ गए हैं। सरकार का विशेष फोकस जन सुविधाओं और इंफ्रा स्ट्रक्चर पर है। इसके तहत राज्यभर में अच्छी सड़कों का निर्माण तथा पुरानी सड़कों का कायाकल्प कराया जा रहा है। क्योंकि सड़कों को ही विकास का पैमाना माना जाता है। सड़कों से संबंधित कार्यों को अंजाम देने के लिए सरकार ने छ्ग रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमि.(सीजी आरआईडीसीएल) का गठन किया है। इसके मुख्य अधिकारी शासन के इंजीनियर इन चीफ (इएनसी) पिपरी को नियुक्त किया गया है। यह संस्था राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पुरानी सड़कों का जीर्णोद्धार और नई सड़कों का निर्माण कराती है। इस कार्य के लिए सरकार ने बैंक से 5 हजार करोड़ का लोन लेकर यह रकम इस संस्था को दे रखी है। अकेले उत्तर बस्तर के कांकेर जिले में लगभग दो हजार करोड़ रु. की लागत से तथा समूचे बस्तर संभाग में अनेक स्थानों पर ठेकेदारों के जरिए सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के अनुबंध और शर्तों के मुताबिक ठेकेदारों को निर्माण पूर्ण हो जाने के बाद सड़कों का संधारण और रखरखाव अगले पांच सालों तक करना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रायः सभी ठेकेदार निर्माण को अंजाम दे रहे हैं। मगर इएनसी पिपरी आएदिन निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता जांचने दल बल के साथ पहुंच जाते हैं। जांच की यह प्रक्रिया अमूमन हर माह चलती है और मीनमेख निकालकर कार्य रुकवा दिया जाता है और ठेकेदारों का भुगतान अटका दिया जाता है। निर्माण पर रोक लंबे समय तक लगा दी जाती है और ठेकेदारों का पेमेंट भी महिनों नहीं किया जाता। इस अवधि में ठेकेदार के कर्मचारियों व मजदूरों, रोड रोलर एवं अन्य भारी मशीनी उपकरणों का भाड़ा तथा उनके ऑपरेटरों का पारिश्रमिक भुगतान भी लंबितहो जाता है। इन कामगारों के घरों में रोटी के लाले पड़ जाते हैं तथा ठेकेदारों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ठेकेदारों को अपने कर्मचारियों, मजदूरों उपकरण ऑपरेटरों का मेहनताना और उपकरणों एवं वाहनों का भाड़ा बिना काम कराए ही देना पड़ता है। कुछ ठेकेदारों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता जांचने के नाम पर उन्हें परेशान और ब्लैकमेल किया जाता है।*बॉक्स**

5 साल करेंगे रखरखाव, तो फिर जांच क्यों

ठेकेदारों को सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी जिन अनुबंधों और शर्तों के साथ दी गई है। इसके अनुसार सड़क निर्माण पूर्ण हो जाने के बाद ठेकेदार आगामी पांच वर्षों तक सड़क के संधारण और रखरखाव खुद कराएंगे। ऐसे में ठेकेदार सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी भला क्यों करेंगे। निर्माण अवधि में ही सड़क मजबूत बनेगी, तो भविष्य में उनके रखरखाव पर खर्चभार कम आएगा। ठेकेदारों को अगले पांच सालों तक सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर अपनी जेब से ज्यादा रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। इस बात को ध्यान में रखकर ठेकेदार सड़क निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद बार – बार गुणवत्ता जांच के मायने आखिर क्या हो सकते हैं ? इस बात को विभाग के अधिकारी भी बेहतर समझते हैं, लेकिन इएनसी के आगे भला वे मुंह कैसे खोल सकते हैं ?*बॉक्स**हो रही सरकार की फजीहत, दिखेगा चुनाव में असर*गुणवत्ता जांच के नाम पर सड़कों का निर्माण बार – बार रोक दिया जाता है। ऐसे में निर्माणाधीन सड़कों से होकर गुजरने में राहगीरों और वाहन चालकों को बड़ी परेशानी हो रही है। सड़कों पर बिछी गिट्टी और के किनारे रखे निर्माण सामग्री के ढेर की वजह से आवागमन मुश्किलों भरा हो गया है। निर्माणाधीन सड़कों से गुजरने वाले लोग और वाहन चालक निर्माण में हो रही देरी के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार मानते हुए कांग्रेस को भला बुरा कहने लगते हैं। लोग तो सरकार पर निकम्मेपन का आरोप तक जड़ देते हैं और आने वाले विधानसभा चुनावों में भूपेश बघेल सरकार को सबक सिखाने तक की बात कह डालते हैं। उन्हें भला कौन समझाए कि सड़क निर्माण में देरी राज्य सरकार की वजह से नहीं, बल्कि एक आला अफसर की कार्यप्रणाली के कारण हो रही है।

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