City Media - Page 837 of 1865 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
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नशे में धुत्त पुलिसकर्मी ने अनेक वाहनों में जमकर की तोड़फोड़

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  • मार्निंग वॉक पर निकले पुलिस अधीक्षक को लोगों ने दी जानकारी
  • पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही भाग निकला सनकी पुलिस जवान

जगदलपुर नगर के सिरहासार क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी द्वारा घंटों मचाए गए उत्पात और आतंक से लोग थर्रा उठे। नशे में धुत्त इस पुलिस जवान ने ने अनेक दोपहिया और चारपहिया वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। एक ऑटो को पलट दिया। इस दौरान मार्निंग वॉक पर निकले पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा को कुछ नागरिकों ने पुलिस सिपाही के उत्पात की जानकारी दी। श्री मीणा ने फोन कर मौके पर पुलिस बल बुलवा लिया, लेकिन पुलिस बल के पहुंचने से पहले ही उन्मादी पुलिस जवान भाग निकला।प्रत्यक्षदर्शियों अनुसार जिला न्यायालय में तैनात पुलिस जवान परवेज नशे में चूर होकर घरों के सामने सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उसने करीब दस कारों के शीशे तोड़ डाले और पत्थर मारकर कारों की बॉडी को डेंट कर दिया। इसके अलावा परवेज ने छह से अधिक मोटर साईकिलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया और एक ऑटो को पलट दिया। उसके रौद्र रूप को देख राह चलते लोग भयाक्रांत हो उठे। नगर के प्रतिष्ठित नागरिक राजकुमार झा, वरिष्ठ पार्षद योगेंद्र पांडे, थानू यादव, कुमार दीपक व अजय जैन ने जवान की करतूत की जानकारी मार्निंग वॉक पर निकले पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा को दी। श्री मीणा की पहल के बाद पुलिस की टीम सिरहासार चौक पहुंची। परवेज पुलिस टीम के आने से पहले ही फरार हो गया। पुलिसकर्मी परवेज पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। उसकी ऐसी हरकतों की वजह से वह एक बार निलंबित भी हो चुका है। इसके बाद भी वह सुधर नहीं रहा है। इस पर सिरहासार क्षेत्र में नशाखोरी को बढ़ावा देने और नशे के सौदागरों के साथ उसकी मिलीभगत की बात भी सामने आई है।

पांच गुना बढ़ गई जगदलपुर से रावघाट रेल लाईन की लागत

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  • बस्तर रेल्वे प्रालि को दिया गया है इस रेल लाईन को बिछाने का काम
  • सांसद दीपक बैज के सवाल पर केंद्र सरकार का संसद में जवाब
  • नक्सली उत्पात के मद्देनजर संगीनों के साये में चल रहा है निर्माण कार्य

बस्तर जगदलपुर से राव घाट तक प्रस्तावित रेल लाईन की लागत 18 साल में पांच गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। इसकी शुरूआती लागत 304.29 करोड़ थी, जो अब 1627. 56 करोड़ तक पहुंच गई है। इस रेल लाईन को बिछाने की जिम्मेदारी बस्तर रेल्वे प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने बस्तर के सांसद दीपक बैज द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के जवाब में दी सांसद दीपक बैज ने संसद के बजट सत्र के दौरान रावघाट – जगदलपुर रेल लाईन के निर्माण में हो रही देरी, इस रेल लाईन के लिए मौजूदा वर्ष के बजट में किए गए प्रावधान, इसकी वर्तमान लागत, छत्तीसगढ़ में रेल लाइनों के विस्तार, दोहरीकरण आदि के बारे में केंद्र सरकार से जानकारी मांगी थी। श्री बैज द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में रेल, संचार एवं इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री अश्वनी उपाध्याय ने विस्तार से जानकारी दी। उपाध्याय ने बताया कि दल्ली राजहरा से रावघाट होते हुए अंतागढ़ तक रेल लाईन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। रावघाट से जगदलपुर तक 140 किमी लंबी रेल लाईन बिछाने का काम बस्तर रेलवे प्रा. लि. को दिया गया है। वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2003 – 04 में इस रेल लाईन की अनुमानित लागत 304. 29 करोड़ रुपए थी। वर्तमान में लागत राशि 1627.56 करोड़ रु. हो चुकी है। इस खंड का कार्य अंतागढ़ तक 60 किमी लंबाई में पूर्ण हो चुका है और शेष भाग में कार्य जारी है। उपाध्याय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेलवे से संबंधित कार्यों के लिए बजट में हर साल पर्याप्त वृद्धि की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 की अवधि में हर साल छत्तीसगढ़ के लिए रेल्वे संबंधी कार्यों के लिए औसतन 311 करोड़ का प्रावधान किया जाता था। वर्ष 2014 के बाद हर साल 2274 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा रहा है। रेलमंत्री ने सांसद दीपक बैज को जानकारी दी कि वर्ष 2014 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 744 किमी रेल लाईन बिछाने का कार्य किया गया है। इसमें 145 किमी नई रेल लाईन और 599 किमी दोहरीकरण कार्य शामिल है।

संगीनों के साये में कराया जा रहा है काम

इस रेल परियोजना के कार्य में हो रहे विलंब को लेकर सांसद दीपक बैज द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में रेलमंत्री अश्वनी उपाध्याय ने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक वन आच्छादित क्षेत्र है। पर्यावरणीय व कुछ अन्य तकनीकी कारणों से कार्य में विलंब हुआ है। वहीं संबंधित इलाका नक्सल उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए भी कार्य में व्यावधान स्वाभाविक है। नक्सल उग्रवाद की चुनौतियों के मद्देनजर अर्धसैनिक बलों तथा अन्य सुरक्षा बलों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही कड़ी सुरक्षा के बीच रेल लाईन बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि रेल लाईन पर इस वर्ष पांच सौ करोड़ रु. व्यय का प्रावधान किया गया है।

बस्तर पुलिस के हत्थे चढ़ा अंतर राज्यीय गांजा तस्कर गिरोह

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  • यात्री बस के जरिए आरोपी कर रहे थे चार बैग में गांजा की तस्करी
  • 37 किलो गांजा के साथ उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के 3 आरोपी धराए

बस्तर स्थानीय पुलिस ने अंतर राज्यीय गांजा तस्कर गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। गिरोह के तीन सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। आरोपी उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के निवासी बताए गए हैं। बस्तर के पुलिस उप महानिरीक्षक एवं जिला पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पॉल के मार्गदर्शन में अपराधी तत्वों तथा नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। बस्तर थाना पुलिस भी लगातार कार्यवाही कर रही है। इसी कड़ी में बस्तर थाना पुलिस को खबर मिली कि कुछ लोग यात्री जगदलपुर से रायपुर जा रही एक यात्री बस में सवार हैं और अपने साथ गांजा की बड़ी खेप रखे हुए हैं। बस्तर थाना के नगर निरीक्षक लीलाधर राठौर ने इसकी सूचना एसडीओ पुलिस घनश्याम कामड़े तथा अन्य वरिष्ठ अफसरों को दी और उनसे मार्गदर्शन लेकर गांजा तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बस्तर में पुलिस थाना के सामने टीआई लीलाधर राठौर के नेतृत्व में यात्री बसों और अन्य वाहनों की चेकिंग शुरू की गई। चेकिंग के दौरान रायपुर जा रही यात्री बस में संदेह के आधार पर रोहित शुक्ला उर्फ राजा को पकड़ा गया। उसके पास से चार बैग बरामद किए गए, जिनमें कुल 37 किलो 300 ग्राम गांजा भरा हुआ था। रोहित शुक्ला उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले के लीलापुर का निवासी है। पुलिस टीम को देख रोहित के दो साथी दूसरी बस में सवार होकर भागने लगे। बस्तर थाना पुलिस ने रास्ते में पड़ने वाले तमाम पुलिस थानों को इसकी सूचना भेज दी। स्थानीय थाने के जवान भाग रहे आरोपियों का पीछा करने लगे। अंततः कांकेर में वहां की पुलिस की मदद से आरोपी सतीश पटेल निवासी लीलापुर खुर्द जिला प्रयागराज और सुधीर सिंह उर्फ बाबा कुर्मी निवासी चुनरी थाना सोहगी जिला रीवा मध्यप्रदेश को पकड़ लिया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गांजा तस्करों को पकड़ने में टीआई लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक प्रेमकुमार झा, प्रधान आरक्षक सुनील मनहर, वीरेंद्र यादव, नारायण नरेंद्र कुमार, आरक्षक दुलारू आडिल, गंगाधर निषाद, लिटीराम मौर्य एवं कोतवाली थाना कांकेर के उप निरीक्षक कुलदीप राय तथा अन्य पुलिस कर्मियों का विशेष योगदान रहा।

संत पदयात्रा में जिला प्रशासन वा पुलिस विभाग के सहयोग के लिए विहिप संगठन नेताओं ने कलेक्टर व एसपी से की मुलाकात, पुष्पगुच्छ व रामचरितमानस भेंट की

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बालोद : – बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता के नेतृत्व में आज संगठन का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से मिला व बालोद जिला में मां बमलेश्वरी धाम से निकले साधु-संतों की हिंदू जागरण संत पदयात्रा के सफलता पूर्वक संपन्न होने वा बेहतर व्यवस्था देने हेतु जिला प्रशासन वा पुलिस विभाग के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया आज संगठन नेताओं ने बालोद जिला के कलेक्टर कुलदीप शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव से मुलाकात कर उनको पुष्पगुच्छ भेंट कर पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस भी भेंट स्वरूप दी। विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला संगठन के नेतृत्व में संतो की यह यात्रा 11मार्च से 15 मार्च तक बालोद जिला में पदयात्रा में रहा वही संतो ने पदयात्रा की वा कुछ जगहों पर धर्म सभा भी की बालोद जिले की डौंडीलोहारा, बालोद, गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय सहित मुख्य मार्गों के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासनिक व्यवस्था,सुचारू रूप से मार्ग में पद यात्रा की सुरक्षा वा आवागमन के लिए पुलिस विभाग की ओर से पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी ।

वही राजस्व विभाग की ओर से एसडीएम,तहसीलदार, पुलिस एसडीओपी लगातार यात्रा मार्गो में पेट्रोलिंग मॉनिटरिंग करते रहे। जिससे व्यवस्था में कोई रुकावट नहीं आया व संत पदयात्रा शांतिपूर्ण तरीके से जिले में सम्पन्न हो गया आज जिला कार्यालय में विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता, विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राज सोनी गुण्डरदेही प्रखंड के अध्यक्ष भारत साहू डौंडीलोहारा प्रखंड अध्यक्ष ढाल साहू, गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक समरसता प्रमुख परस साहू, गुंडरदेही प्रखंड के बजरंग दल के संयोजक हिमांशु महोबिया ने मुलाकात की विहिप संगठन नेताओं ने जिला कलेक्टर से इस मुलाकात में कुछ महत्त्वपूर्ण विषयो पर चर्चा की वा कुछ विषयों को चर्चा के समय सामने रखा कलेक्टर ने संगठन नेताओं की बात सुनी व निराकरण की बात की।

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गरीब आदिवासी झुमरू कश्यप को आखिर मिल गया आशियाना

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  • पिछले साल बारिश में ढह गया था इस गरीब का कच्चा मकान
  • मकान ढहने के बाद पंचायत के शेड तले गुजारा कर रहा था कुनबा
  • नया मकान बनने से खुश परिवार ने बस्तर कलेक्टर का माना आभार

बस्तर जिले की भानपुरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत भानपुरी के ग्राम रतेंगा 2 निवासी कंडरा आदिवासी समुदाय के ग्रामीण झुमरू राम कश्यप का कच्चा मकान बीते मानसून सीजन के दौरान बरसात में ढह गया था। मकान में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज, कुछ नकदी रकम और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गए थे। तब इस परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था। बांस से टोकरी, सूपा, झांउंहा आदि बना और बेचकर परिवार का भरण पोषण करने वाले झुमरू के सारे औजार भी तबाह हो गए थे,

लिहाजा वह नए सिरे से अपना परम्परागत व्यवसाय को भी शुरू नहीं कर पा रहा था। एक तरफ छांव की दरकार थी, तो दूसरी तरफ व्यवसाय फिर से शुरू करने की चुनौती। इन सबसे जूझते हुए झुमरू राम कश्यप ने ग्राम पंचायत के एक भवन के बाजू में वाहनों की पार्किंग के लिए बनाए गए टीन शेड को अपना ठौर बना लिया। महज 12 वर्ग फीट के टीन शेड में झुमरू राम, उसकी पत्नी सुकाली बाई, बेटी कमली व प्रमिला तथा बेटे परमेश्वर किसी तरह दिन व्यतीत करते आ रहे थे। बच्चे पढ़ाई करते हैं, लिहाजा टीन शेड के एक हिस्से को पुरानी साड़ी का पर्दा लगाकर बच्चों के लिए अध्ययन कक्ष बना लिया गया था। शेष भाग को रसोई घर और शयन कक्ष के रूप में यह परिवार उपयोग करता आ रहा था। इस समाचार पत्र ने जब झुमरू राम कश्यप की व्यथा को उजागर किया, तब बस्तर जिला प्रशासन ने फौरी मदद के रूप में 60 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की थी। बाद में मकान निर्माण के लिए कलेक्टर चंदन कुमार ने झुमरू राम को और मदद भेजी। झुमरू राम ने स्वयं तथा उसकी पत्नी सुकाली बाई व भतीजे ने मिलजुल कर मकान निर्माण शुरू किया। एसबेस्टस की शीट वाले छोटे छोटे दो कमरों का पक्का मकान तैयार कर लिया गया है। अभी मकान में दीवारों के प्लास्टर का काम बाकी है।

व्यवसाय शुरू करने के लिए भी मदद की जरूरत

झुमरू राम व उसके भतीजे ने बताया कि नया मकान बन जाने से पूरा परिवार बहुत खुश है। झुमरू राम व सुकाली बाई ने कलेक्टर चंदन कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर कुमार और बस्तर के अनुविभागीय दंडाधिकारी वर्मा ने सदाशयता दिखाई है, हम उनका यह एहसान जिंदगी भर नहीं भूलेंगे। झुमरू राम ने कलेक्टर चंदन कुमार और एसडीएम वर्मा से पैतृक व्यवसाय शुरू करने के लिए बांस और औजार खरीदने के लिए भी आर्थिक मदद की गुजारिश की है।

ईडी, सीबीआई के दुरूपयोग के मुद्दे पर मार्च में शामिल हुए बैज

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  • बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ प्रदर्शन में दी भागीदारी

बस्तर ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स विभाग समेत अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरूपयोग के विरोध में विपक्षी दलों द्वारा निकाले गए मार्च में बस्तर के सांसद दीपक बैज भी शामिल हुए। मार्च के दौरान सांसद बैज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कदमताल करते नजर आए। केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी दलों के नेताओं के निवास और दफ्तरों में छापेमारी कर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जेडीयू समेत देश के सोलह प्रमुख विपक्षी दलों के लोकसभा सांसदों एवं राजयसभा सदस्यों ने 14 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पैदल मार्च का आयोजन किया था।

मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बस्तर के सांसद दीपक बैज, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी सप्तगिरी शंकर उल्का समेत अधिकांश कांग्रेस सांसदों ने भी भाग लिया। मार्च के दौरान सांसद बैज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कदमताल करते दिखे। विपक्षी दलों के नेता और सांसद मार्च करते हुए विजय चौक तक जाकर ईडी कार्यालय में ईडी के डायरेक्टर को ज्ञापन सौंप कर केंद्र सरकार के दबाव में आकर काम न करने गंभीर आरोपों से घिरे अडानी समूह के खिलाफ भी जांच शुरू करने की मांग करने वाले थे। मार्च में शामिल नेताओं और सांसदों को धारा 144 लगी होने का हवाला देते हुए पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने फोन पर इस संवाददाता को बताया कि मार्च में शामिल दो सौ सांसदों को रोकने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार ने दो हजार से भी ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर रखे थे। बैज ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनगढंत और झूठे आरोप लगाकर केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी दलों के नेताओं को परेशान करने पर तुली हुई है। अपने राजनैतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। बैज ने कहा कि अडानी समूह पर हजारों करोड़ की गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। कांग्रेस और सभी विपक्षी दल अडानी मामले की जांच जेपीसी से कराने की मांग लगातार करते आ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार मौन साधे बैठी है। सांसद दीपक बैज ने कहा कि अडानी मामले पर संसद में चर्चा भी नहीं होने दी जा रही है। हम चाहते हैं कि ईडी अडानी मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू करे।

नौकरी दिलाने के नाम पर 21 लाख रु. की ठगी, 9 गिरफ्तार

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  • लेबर यूनियन मजदूर संघ में भृत्य और कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा
  • फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कई माह तक कराया काम, नहीं दिया वेतन

जगदलपुर भृत्य और कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से 21 लाख रु. की ठगी करने वाले एक गिरोह को पकड़ने में बस्तर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। गिरोह के सभी नौ सदस्यों को जगदलपुर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के ठिकानों से आठ नग कम्प्यूटर सेट और प्रिंटर बरामद किए गए हैं।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नारायण बघेल निवासी अघनपुर छत्रपति शिवाजी वार्ड जगदलपुर, धर्मेंद्र पाण्डेय नयामुंडा रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड जगदलपुर, पूरन सिंह ठाकुर निवासी ग्राम डोगाम बस्तर, प्रेमनाथ पाण्डेय मैत्रीसंघ जगदलपुर, चुम्मन सिंह ठाकुर पल्लीभांठा बस्तर, जोगेंद्र ठाकुर मावलीगुड़ा बस्तर, सुनील चेट्टी मेटगुड़ा जगदलपुर, महेंद्र सिंह ठाकुर बनियागांव पल्लीभांठा बस्तर और वीणा पाण्डेय आसना बनवापारा बस्तर शामिल हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक ठगी के शिकार रोहित कुमार साहू ने पुलिस में शिकायत की थी कि मार्च 2022 में आरोपियों ने अपने तथाकथित लेबर यूनियन मजदूर कल्याण संघ के कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर और भृत्य पद की वेकेंसी होने की जानकारी दी और कहा कि कम्प्यूटर ऑपरेटर के लिए डेढ़ लाख रुपए लगेंगे। उनके झांसे में आकर रोहित ने आरोपियों को रकम दे दी। इसी तरह आरोपियों ने तीस से अधिक लोगों को झांसे में लेकर उनसे 21 लाख रुपए ऐंठ लिए। आरोपियों ने बस्तर जिले के विभिन्न विकासखंडों में अपने कार्यालय खोल रखे थे। बेरोजगारों को फर्जी ज्वाईनिंग लेटर देकर इन कार्यालयों में नियुक्ति दी थी। पीड़ित बेरोजगारों से 8 – 9 माह तक काम कराया गया, लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया गया। ठगे जाने का अहसास होने पर पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली। मामला गंभीर था, इसलिए बस्तर के उप महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के सुपरविजन बारीकी से जांच शुरू की गई। कोतवाली थाना के टीआई अमित शुक्ला को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। नगर निरीक्षक अमित शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक द्वय नीलांबर नाग व लंबोदर कश्यप, प्रधान आरक्षक नकुल कश्यप, संजीव मिंज, सुदू कश्यप, आरक्षक प्रकाश नायक, युवराज सिंह ठाकुर, विनोद खेस, उत्तम ध्रुव, इंद्रजीत सिंह पोर्ते, महिला आरक्षक इंदु मौर्य व धनमति कश्यप तथा सैनिक शिव यादव ने अलग अलग जगहों पर दबिश देकर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।*फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कराई ज्वाईनिंग*पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बस्तर जिले के अनेक जगहों पर लेबर यूनियन मजदूर कल्याण संघ के कार्यालय खोल रखे थे। बेरोजगारों से कुल 21 लाख रुपए वसूलने के बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर इन कार्यालयों में ज्वाईनिंग भी दिला दी। इन कार्यालयों में कम्प्यूटर सेट और प्रिंटर रखे गए थे। बेरोजगारों से लगातार 8- 9 माह तक काम कराया जाता रहा, मगर उन्हें एक माह का भी वेतन नहीं दिया गया।

बाड़ी विकास में भ्रष्टाचार, और कितने अफसर हैं दागदार

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  • विधायक बघेल के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं हुई अब तक कोई कार्रवाई

बकावंड बाड़ी विकास कार्यक्रम में हुए भ्रष्टाचार के मामले में विधायक की दखल के बाद भी बकावंड जनपद पंचायत के दोषी कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इससे सवाल उठने लगा है कि वरिष्ठ अधिकारी भी कहीं इस मामले में भागीदार तो नहीं हैं ?छत्तीसगढ़ सरकार ने परंपरागत आदिवासी कृषि प्रणालियों को पुनर्जिवित करने तथा कोदो, कुटकी, कुल्थी, मक्का आदि मिलेट फूड प्रोडक्ट को बढ़ावा देने के लिए बस्तर संभाग में विशेष बाड़ी विकास कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुरू की गई नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना से जोड़ा गया था। इसके लिए आदिम जाति विकास परियोजना को केंद्रीय मद की राशि आवंटित की गई थी। बकावंड जनपद पंचायत के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने इस खास कार्यक्रम को भी अवैध कमाई का जरिया बना लिया। कार्यक्रम के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले आदिवासी किसानों को उनकी बाड़ियों के विकास तथा उनकी बाड़ियों में सब्जियों व मक्का की फसल लेने और अन्य भूमि पर कोदो, कुटकी, कुल्थी की खेती करने के लिए अनुदान, कृषि उपकरण एवं बीजों के किट्स उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया था। मगर कर्मियों और जनपद पंचायत के कुछ सदस्यों ने मिलीभगत कर चंद किसानों को इक्का दुक्का बीज किट और फावड़ा, कुदाल जैसे मामूली औजार देकर उनके नाम से लाखों रु. का चूना सरकार को लगा दिया। बीज किट आपूर्ति का काम ऐसे जनप्रतिनिधियों को दे दिया गया, जो मेडिकल स्टोर, कॉपी, पुस्तक दुकान, जनरल स्टोर्स आदि के संचालक हैं। कृषि बीज खाद आदि व्यवसाय से उनका दूर दूर का भी नाता नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने किसानों को बीज के एक दो पैकेट दे दिए और फर्जी बिल और किसानों से फर्जी पावती लेकर पूरी रकम आहरित कर ली।बस्तर जिले के विभिन्न विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में कोदो, कुटकी, मक्का, रागी की खेती के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। बस्तर जिले की बकावंड जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कोसमी, उड़ियापाल, मोंगरापाल में फर्जी बिल, पावती आदि जमा कर फर्जी हितग्राहियों के नाम से बड़ी रकम का आहरण कर लिया गया है। कोसमी ग्राम पंचायत में ही 16 हितग्राही आदिवासी किसानों को कोदो, कुटकी, मक्का बीज किट तथा बाड़ी सुधार के नाम से फावड़ा, कुदाल, तगाड़ी जैसे मामूली औजारों का वितरण कर हर हितग्राही के नाम पर 16 हजार 500 रु. का आहरण जनपद पंचायत के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने कर लिया है। जबकि संबंधित किसानों को जो बीज किट और औजार उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी कुल कीमत बमुश्किल आठ – नौ सौ रु. से ज्यादा नहीं है।

विधायक बघेल ने लिया संज्ञान

बकावंड जनपद में हुई इस गड़बड़ी के मामले पर बस्तर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने संज्ञान लिया था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने किसी भी कर्मी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही फर्जीवाड़ा करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इस मामले की जानकारी दो माह पहले ही विधायक बघेल को मिल गई थी। तब बघेल ने जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों, संबंधित कर्मियों और हितग्राहियों की सूची के साथ उपस्थित होने के लिए कहा था। इसके बावजूद दो माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

सांसद दीपक बैज ने किसानों के हक में संसद में उठाई आवाज

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  • न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हुई पहल के संबंध में मांगी जानकारी
  • किसानों की मांगों पर उठाए गए कदमों के बारे में भी पूछा बैज ने

बस्तर अपने निर्वाचन क्षेत्र और प्रदेश के लोगों तथा किसानों के हितों को लेकर संसद में हमेशा मुखर रहने वाले बस्तर के सांसद दीपक बैज ने लोकसभा के मौजूदा सत्र के दौरान किसानों के हक में जोरदार ढंग से आवाज उठाई। बैज ने कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और किसानों की मांगों के संबंध में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी चाही। संसद के जारी सत्र में अडानी समूह के लोन एक्सपोजर को लेकर सरकार को घेर चुके बस्तर के शेर कहे जाने वाले सांसद दीपक बैज के तेवर किसानों से जुड़े मसलों को लेकर 14 मार्च को बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने तारांकित प्रश्न के जरिए सरकार से पूछा कि सरकार द्वारा गठित किसान कल्याण समिति की अब तक कितनी बैठकें हुई हैं, इस समिति ने कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी सहित कृषक हितों से जुड़े क्या क्या परिणाम दिए हैं, समिति की बैठकों में न्यूनतम समर्थन मूल्य और फाइबर रीइन्फ़ोर्सड पालिमर संबंधी किसानों की मांगों पर क्या निर्णय हुए हैं, क्या सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने से बच रही है? इसके जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, देश की बदलती खाद्यान्न जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फसल पद्धति में बदलाव के दृष्टिगत ही समिति और उप समितियों का गठन किया गया है। अब तक समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप सरकार कृषि को जीरो बजट वाली बनाने की दिशा में काम कर रही है। तोमर ने किसान कल्याण समिति में शामिल सदस्यों का ब्यौरा भी दिया। उन्होंने बताया कि समिति और उप समितियों में कृषि विशेषज्ञ, किसान नेता, प्रगतिशील किसान और राज्यों के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। कृषि मंत्री तोमर ने सदन को भरोसा दिलाया कि समिति के सुझावों पर अमल करने सरकार प्रतिबद्ध है।

सांसद दीपक बैज ने किसानों के हक में संसद में उठाई आवाज

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  • न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हुई पहल के संबंध में मांगी जानकारी
  • किसानों की मांगों पर उठाए गए कदमों के बारे में भी पूछा बैज ने

बस्तर अपने निर्वाचन क्षेत्र और प्रदेश के लोगों तथा किसानों के हितों को लेकर संसद में हमेशा मुखर रहने वाले बस्तर के सांसद दीपक बैज ने लोकसभा के मौजूदा सत्र के दौरान किसानों के हक में जोरदार ढंग से आवाज उठाई। श्री बैज ने कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और किसानों की मांगों के संबंध में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी चाही। संसद के जारी सत्र में अडानी समूह के लोन एक्सपोजर को लेकर सरकार को घेर चुके बस्तर के शेर कहे जाने वाले सांसद दीपक बैज के तेवर किसानों से जुड़े मसलों को लेकर 14 मार्च को बेहद तलख नजर आए। उन्होंने तारांकित प्रश्न के जरिए सरकार से पूछा कि सरकार द्वारा गठित किसान कल्याण समिति की अब तक कितनी बैठकें हुई हैं, इस समिति ने कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी सहित कृषक हितों से जुड़े क्या क्या परिणाम दिए हैं, समिति की बैठकों में न्यूनतम समर्थन मूल्य और फाइबर रीइन्फ़ोर्सड पालिमर संबंधी किसानों की मांगों पर क्या निर्णय हुए हैं, क्या सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने से बच रही है? इसके जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, देश की बदलती खाद्यान्न जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फसल पद्धति में बदलाव के दृष्टिगत ही समिति और उप समितियों का गठन किया गया है। अब तक समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप सरकार कृषि को जीरो बजट वाली बनाने की दिशा में काम कर रही है। तोमर ने किसान कल्याण समिति में शामिल सदस्यों का ब्यौरा भी दिया। उन्होंने बताया कि समिति और उप समितियों में कृषि विशेषज्ञ, किसान नेता, प्रगतिशील किसान और राज्यों के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। कृषि मंत्री तोमर ने सदन को भरोसा दिलाया कि समिति के सुझावों पर अमल करने सरकार प्रतिबद्ध है।

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