आरंग के पूर्व विधायक एवं भाजपा अनु.जा. मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मारकण्डेय ने कोरोना टीकाकरण की पंजीयन प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हुए यह आरोप लगाया है कि आरंग के टीकाकरण केंद्र में स्थानीय लोगों की उपेक्षा हो रही है। पिछले दो दिनों में आरंग के टीकाकरण केंद्र के आंकड़ों से

स्पष्ट है कि आरंग में आरंग लोगों को कम बल्कि अन्य स्थानों से लंबी यात्रा कर पहुंचे लोगों का टीकाकरण अधिक हुआ है जिससे आरंग की जनता उपेक्षित महसूस कर रही है।

मारकण्डेय का यह आक्षेप है कि आरंग नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण के पंजीयन हेतु अपनायी जा रहा प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण है जिसमे आम जनता को लंबी कतार में खड़ा कराया जा रहा है। यह कतार इतनी लंबी हो जाती है कि सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य सावधानियों का पालन नही हो पाता इससे अराजकता फैल रही है और संक्रमण थमने के बजाय बाहर शहर से आयी भीड़ के माध्यम से और बढ़ने की संभावना अधिक बनते जा रही है। चिंता का विषय यह भी है कि बार-बार प्रशासन के संज्ञान में लाने के बाद भी टीकाकरण व कोरोना टेस्ट एक ही स्थान पर किया जा रहा है।

गौरतलब है कि गत 28 अप्रैल को नवीन मारकण्डेय ने कलेक्टर रायपुर को पत्र लिखकर निवेदन किया था कि टीकाकरण की व्यवस्था प्रत्येक गांवों में की जावे और स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से टीकाकरण का प्रेरण व प्रचार-प्रसार भी किया जावे किन्तु प्रशासन के सुस्त रवैय्ये से टीकाकरण अभियान अव्यवस्था का शिकार है। बीपीएल कार्डधारियों के लिए आरक्षित टीकों के लिए तय लक्ष्य से आधा भी नही हो पाया है। मारकण्डेय ने शासन व प्रशासन से अपील किया है कि टीकाकरण अभियान में स्थानीय जनता की प्राथमिकता सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़ा जावे इससे ही आरंग को कोरोना मुक्त करने में सफलता मिलेगी।




