City Media - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog

निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता पर गंभीर सवाल, मतदाता अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं- सुशील मौर्य

0

बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी का एस.आई.आर में हुई प्रशासनिक लापरवाही व निर्वाचन आयोग की कथित निष्पक्षता पर सवालों को लेकर कांग्रेस का किया उग्र प्रदर्शन

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का किया पुतला दहन,कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस ने की मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे, 2023 के निर्वाचन आयुक्त अधिनियम को निरस्त करने और एस.आई.आर की स्वतंत्र जांच की मांग

जगदलपुर आज छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर/ग्रामीण के संयुक्त तत्वाधान में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य व ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के द्वारा आज मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के पक्षपातपूर्ण रवैये,चुनावी अनियमितताओं की अनदेखी एवं लोकतंत्र विरोधी कार्यशैली के विरोध में शिकायत तथा उनके अविलंब इस्तीफे और 2023 के विवादित अधिनियम को रद्द करने की मांग को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय तक मार्च कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया ।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा भारत का निर्वाचन आयोग (ECI) लोकतंत्र का प्रमुख स्तंभ रहा है, परंतु वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में इसकी साख, स्वायत्तता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आज देश के विभिन्न क्षेत्रों से मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर धांधली और वैध मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से काटे जाने (वोट चोरी) की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। निर्वाचन आयोग इन गंभीर अनियमितताओं पर पारदर्शी और ठोस कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयोग का रवैया पूरी तरह दोहरा और पक्षपातपूर्ण रहा है। जहां एक तरफ विपक्ष के नेताओं पर त्वरित एवं सख्त रुख अपनाया जाता है, वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा आचार संहिता के खुले उल्लंघन पर आयोग द्वारा ढिलाई बरती जाती है, जिससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता समाप्त हो चुकी है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर प्रशासनिक लापरवाही और गड़बड़ियां देखने को मिली हैं। योग्य एवं वास्तविक नागरिकों के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं, जबकि कई स्थानों पर फर्जी नामों का समावेश पाया गया है। आयोग इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल रहा है।

जनता और प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी बनाने हेतु ईवीएम और वीवीपैट (VVPAT) की 100% पर्चियों का मिलान कराने की जायज मांग को आयोग द्वारा बार-बार खारिज किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष चुनाव कराने की आयोग की मंशा पर संदेह उत्पन्न होता है।विभिन्न चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत और अंतिम मतों के आंकड़े सार्वजनिक करने में की जाने वाली अस्वाभाविक देरी ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को गंभीर चोट पहुंचाई है।चुनाव आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और स्वायत्तता पर जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर देशभर में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब निर्वाचन आयोग को पारदर्शी तरीके से देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में अनियमितताओं, वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि किसी भी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम केवल प्रशासनिक लापरवाही के कारण मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक अधिकारों को सीधे प्रभावित करती है।**शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कांग्रेस पार्टी की विशेष मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें) अधिनियम, 2023 को समाप्त करना. वर्ष 2023 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023’ के तहत चुनाव आयोग के चयन मंडल से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CII) को बाहर कर दिया गया और कार्यपालिका (सरकार) को बहुमत की शक्ति दे दी गई।”स्वतंत्रता पर कुठाराघात”चयन समिति में भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) को हटाकर एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने से निष्पक्षता समाप्त हो गई है और चयन की शक्ति पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में चली गई है।”विशेष सुरक्षा अधिकार और उन्मुक्ति”इस कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों को उनके निर्णयों के लिए कानूनी कार्रवाई से जो असाधारण संरक्षण/सुरक्षा (विशेष पावर) दी गई है, वह लोकतंत्र में जवाबदेही के सिद्धांत के विपरीत है।

कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मुख्य मांगे है की निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का विश्वास बहाल करने हेतु मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें।मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए और माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार चयन समिति में CJI को पुनः शामिल किया जाए।मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) में हुई सभी गड़बड़ियों की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच समिति द्वारा जांच कराई जाए।आगामी सभी चुनावों में EVM के साथ VVPAT की पर्चियों के शत-प्रतिशत मिलान की व्यवस्था अनिवार्य की जाए। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा यदि इन संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होगी।**इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू,पूर्व विधायक रेखचंद जैन,उमाशंकर शुक्ला,विक्रम सिंह डांगी,पूर्व महापौर जतिन जायसवाल,नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी,पूर्व सभापति कविता साहू,कोमल सेना,महामंत्री अभिषेक नायडू,रविशंकर तिवारी,महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद,यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव,संतोष सेठिया, फूलसिंह बघेल, अल्पसंख्यक अध्यक्ष रोजविन दास,पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष शुभम यदू,अनवर खान,बबली खान,अपर्णा बाजपेई आदि मौजूद रहे।

यातायात, साइबर अपराध और नशा मुक्ति को लेकर दल्ली राजहरा में ऐतिहासिक जागरूकता अभियान संपन्न

0

दल्लीराजहरा। जिला पुलिस बालोद, राजहरा व्यापारी संघ, राजहरा परिवहन संघ, पत्रकार संघ, अनाज किराना व्यापारी संघ एवं छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में यातायात नियम, साइबर अपराध और नशा मुक्ति को लेकर नगर के जैन भवन चौक में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किरण गंगाराम चव्हाण (पुलिस अधीक्षक, जिला बालोद)एवं चंद्रकांत गवर्न (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में छालीवुड की जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री इशिका यादव एवं फिल्म अभिनेता भूपेंश चौहान तथा नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के अध्यक्ष तोरण लाल साहू मौजूद रहे। ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस शिविर में लगभग 70 लोगों के लाइसेंस बनाए गए।रक्तदान शिविर में लगभग 15 युवाओं ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।चिखलाकसा उप स्वास्थ्य केंद्र के द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया। यातायात सुरक्षा को लेकर लगभग 500 लोगों को निःशुल्क हेलमेट का वितरणकिया गया मानपुर चौक से जैन भवन तक गूंजा सुरक्षा का संदेश – एसपी ने खुद चलाई बाइक-रविवार को दोपहर 4 बजे जैसे ही जिला पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण का दल्ली राजहरा के मानपुर चौक पर आगमन हुआ, आयोजक समिति ने उनके स्वागत में सुरक्षा का संदेश देने के लिए एक विशाल बाइक रैली निकाली।

इस रैली में खास बात यह रही कि एसपी , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक विकास पाटले, राजहरा थाना प्रभारी सुनील तिर्की सहित विशेष अतिथि फिल्म अभिनेत्री इशिका यादव एवं अभिनेता भूपेंश चौहान ने स्वयं बाइक चलाकर लोगों को जागरूक किया। मानपुर चौक से शुरू हुई यह रैली शहीद वीर नारायण सिंह चौक, पुराना बाजार होते हुए जैन भवन चौक तक पहुँची, जिसमें 300 से अधिक नागरिकों ने हेलमेट पहनकर भाग लिया। रैली के पश्चात मंच पर अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। स्कूली बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा और साइबर क्राइम पर बनाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अतिथियों ने अवलोकन किया। सेल्फी जोन में सभी ने तस्वीरें लीं और सड़क सुरक्षा शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम का शुभारंभ रुकैया द्वारा गाए गए मधुर वंदे मातरम से हुआ।अपने उद्बोधन में पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने कहा कि राजहरा की पहचान पूरे भारत में है।

यहाँ के लौह अयस्क के कारण भिलाई स्टील प्लांट ने देश में ही नहीं विदेश में भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। विभिन्न प्रांतों से आए लोगों के कारण दल्ली राजहरा लघु भारत है। उन्होंने कहा, “हम सब खुशी-खुशी वाहन खरीदते हैं, घर में खुशी का माहौल होता है, लेकिन वही माहौल तब मातम में बदल जाता है जब हम किसी दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। कभी भी नशा करके गाड़ी न चलाएं, बिना हेलमेट के गाड़ी न चलाएं और नाबालिग बच्चों को गाड़ी चलाने को न दें। 2015 में सड़क दुर्घटना में 200 लोगों की मृत्यु हुई थी, वहीं 2026 में अभी तक 225 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। पूरे छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष सड़क हादसों में 8000 लोगों की मौत हुई है, जिसमें अधिकतर 18 से 50 वर्ष के युवा थे जो नशे में और बिना हेलमेट के थे।रक्तदान पर उन्होंने कहा – “रक्तदान कितना महत्वपूर्ण है, मैं खुद लगातार रक्तदान करता आ रहा हूँ। अब तक 7-8 बार रक्तदान कर चुका हूँ। रक्तदान करने से कोई परेशानी नहीं होती, बल्कि कई बीमारियों से बचा जा सकता है।”साइबर अपराध पर चेताते हुए एसपी ने कहा -इंटरनेट ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, घर बैठे हम दुनिया से जुड़ सकते हैं, पढ़ाई कर सकते हैं, बैंक के काम कर सकते हैं।

लेकिन इसका दुष्परिणाम भी है। चोरों को अब घर में घुसकर चोरी करने की जरूरत नहीं, वो घर बैठे-बैठे आपका खाता खाली कर देते हैं। बालोद जिले में ही पिछले तीन सालों में साइबर अपराधियों ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। फेसबुक, इंस्टाग्राम हमें फ्री लगता है, हम खुशी-खुशी अपनी निजी जानकारी अपलोड कर देते हैं। वही जानकारी लीक होकर ठगों तक पहुँचती है। अपनी निजी जानकारी, बैंक खाता, ओटीपी किसी को भी शेयर न करें। यदि ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें, सरकार आपकी मदद करेगी।”डिजिटल अरेस्ट पर उन्होंने स्पष्ट किया – “कई बार फोन आता है कि आप या आपके परिजन किसी गैरकानूनी धंधे में हैं और आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। याद रखिए, कानून में कोई डिजिटल अरेस्ट नहीं होता। यदि आपसे कोई अपराध हुआ है तो पुलिस स्वयं आपके पास आएगी और अरेस्ट करेगी। ऐसे कॉल से डरें नहीं और अपनी जमा पूंजी बचाकर रखें।”नशा मुक्ति पर अपील – “आज का युवा नशे की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह नशा सिर्फ बीड़ी, सिगरेट या शराब का नहीं, बल्कि सूखा नशा है जो ड्रग्स और टैबलेट के रूप में फैल रहा है। मैं सभी अभिभावकों से अपील करता हूँ कि अपने बच्चों पर ध्यान दें और नशा मुक्त समाज बनाने में सहयोग करें।”फिल्म अभिनेत्री इशिका यादव ने कहा – नशा मुक्त समाज बनाना है, हेलमेट और सीट बेल्ट लगाना है, और अपनी निजी जानकारी किसी को नहीं देनी है। स्वयं सुरक्षित रहो और दूसरों को भी सुरक्षित रखो। आप सुरक्षित रहेंगे तो आपका घर, परिवार और समाज सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने अपनी आने वाली सामाजिक फिल्म को देखने की भी अपील की।फिल्म अभिनेता भूपेंश चौहान ने कहा – “बालोद पुलिस ने हमारे जीवन को सुरक्षित रखने के लिए यह जन जागरूकता अभियान चलाया है ताकि हमारे बच्चे और नागरिक सुरक्षित रहें। मैंने जो सेल्फी जोन बनाया है, वहाँ सेल्फी लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम पर वायरल करें और इस अभियान को सफल बनाएं। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने कहा -“हमारा जीवन अनमोल है। मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। खासकर नशा करके कभी भी वाहन न चलाएं, चाहे दो पहिया हो या चार पहिया। प्रशासन सख्ती इसलिए करता है ताकि हम और हमारा परिवार सुरक्षित रहे।

किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपना खाता नंबर और ओटीपी न दें, बैंक का काम स्वयं बैंक में जाकर करें।”व्यापारी संघ अध्यक्ष गोविंद वाधवानी ने कहा -“दल्ली राजहरा जिले का सबसे बड़ा शहर है। यहाँ बहुत से लोग रहते हैं, जिन्हें ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए बार-बार बालोद और परिवहन कार्यालय जाना पड़ता है। मेरा सरकार से निवेदन है कि महीने में कम से कम 3 दिन यहाँ शिविर लगाया जाए, जगह की उपलब्धता हम देंगे।” प्रतिभाओं का सम्मान और सांस्कृतिक रंग-कार्यक्रम में नगर पुलिस निरीक्षक एवं राजहरा थाना प्रभारी सुनील तिर्की ने अतिथियों द्वारा दिए गए संदेशों पर बच्चों से प्रश्न पूछे और सही उत्तर देने वाले बच्चों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। रक्तदान करने वाले युवाओं और सहयोगी संस्थाओं को हेलमेट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन छगन साहू एवम आभार व्यक्त वीरेंद्र भारद्वाज ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पत्रकार संघ दल्ली राजहरा, गोविंद वाधवानी (व्यापारी संघ), अशोक लोहिया (परिवहन संघ), अमित कुकरेजा, स्वाधीन जैन (चेंबर ऑफ कॉमर्स), सुरेश जायसवाल, कैलाश छाजेड़ (अनाज किराना संघ), होंडा शोरूम, टीवीएस शोरूम, हीरो शोरूम, बजाज शोरूम,एसबीआई , पीएनबी , बैंक ऑफ बड़ोदा एवं जगन्नाथ स्टील प्लांट का विशेष सहयोग रहा, जिन्हें जिला पुलिस बालोद द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में दल्ली राजहरा के प्रसिद्ध गायक दीपक सोना, श्रीनिवास राव एवं रुकैया ने फिल्मी गानों से समा बांध दिया।

बालोद में युवती पर एसिड अटैक, चेहरा और आंख बुरी तरह झुलसी

0

आमापारा में वारदात के बाद तांदुला बांध की ओर भागा आरोपी, सफेद शर्ट पहने युवक की तलाश तेजगंभीर हालत में रायपुर रेफर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया

बालोद, 5 अक्टूबर 2026। जिला मुख्यालय बालोद के आमापारा क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक 22 वर्षीय युवती पर अज्ञात युवक द्वारा एसिड फेंककर हमला किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। अचानक हुए इस हमले में युवती का चेहरा, आंख और शरीर का दाहिना हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल युवती को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किए जाने की जानकारी है। वारदात के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवती पढ़ाई के सिलसिले में आमापारा स्थित लाइब्रेरी गई थी और दोपहर करीब 12:30 बजे वहां से घर लौट रही थी। इसी दौरान सिंचाई कॉलोनी के पास पहले से घात लगाए बैठे एक युवक ने अचानक उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया। एसिड पड़ते ही युवती तेज जलन से चीखने-चिल्लाने लगी।

उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया।बताया जा रहा है कि हमले के बाद आरोपी युवक पैदल ही मौके से फरार हुआ और तांदुला बांध की ओर जाने की सूचना है। प्रारंभिक तौर पर आरोपी के सफेद रंग की शर्ट पहने होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। कुछ फुटेज में आरोपी के भागते हुए दिखाई देने की जानकारी भी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच की गई तथा फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की जा रही है। मौके से एसिड से जले हुए कपड़े मिलने की भी जानकारी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान युवती की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रायपुर रेफर किया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवती पर हमला किस वजह से किया गया और आरोपी युवक उसका परिचित था या नहीं। हमले में किस प्रकार के एसिड का इस्तेमाल किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।घटना के बाद आमापारा सहित आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश तेज कर दी है। फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपी की पहचान और हमले के कारण को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

मुर्दों के नाम पर हजम कर गए एक लाख रुपए

0

उड़ियापाल में कागजों पर बना मुक्तिधाम शेड

1 लाख भुगतान का रिकॉर्ड, जमीन पर शेड का कोई अता-पता नहीं =*-अर्जुन झा

बकावंड जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग मद की राशि को हजम करने का खुला खेल चल रहा है। भ्रष्टाचार में बेशर्मी इस कदर हावी हो चुकी है कि सरपंच, सचिव एवं अधिकारी मुर्दों के नाम पर भी राशि चट करने में संकोच नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक बेहद शर्मनाक मामला बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत उड़ियापाल से सामने आया है, जहां मुक्तिधाम में शेड निर्माण के नाम पर पूरे एक लाख रुपए चट कर लिए गए हैं, मगर शेड का कहीं अस्तित्व भी नहीं है।

उड़ियापाल में 15वें वित्त आयोग की राशि का को लेकर सामने आए इस गड़बड़ी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। यहां मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम पर हुए कथित भुगतान और आरटीआई से सामने आई जानकारी ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार ई-ग्राम स्वराज के एक्सपेंडिचर डिटेल में वाउचर क्रमांक एक्सवीएफसी/2024-25/P/11, दिनांक 08 अक्टूबर 2024 के तहत “मुक्तिधाम शेड निर्माण कार्य का राशि भुगतान” के नाम से 1 लाख का भुगतान दर्ज दिखाई देता है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जिस मुक्तिधाम शेड के निर्माण के नाम पर यह भुगतान दर्ज है, मौके पर ऐसा निर्माण दिखाई नहीं देता। यही अंतर अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गया है। 15वें वित्त आयोग की राशि का उद्देश्य गांवों में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को मजबूती देना है। लेकिन उड़ियापाल में मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम पर भुगतान का रिकॉर्ड सामने आने के बाद ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर जिस कार्य के नाम पर राशि जारी हुई, वह कार्य जमीन पर कहां है? ग्रामीणों का आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही राशि का भुगतान कर दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि भुगतान प्रक्रिया में बिल-वाउचर का इस्तेमाल किया गया और पंचायत स्तर पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका संदिग्ध है।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।मामले का सबसे अहम पहलू सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी है। ग्रामीणों के अनुसार आरटीआई के माध्यम से पंचायत से मुक्तिधाम शेड निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। प्राप्त जवाब में कथित रूप से पंचायत ने इस तरह के कार्य से ही इंकार किया। यहीं से मामला और गंभीर हो जाता है। क्योंकि एक तरफ ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम के लिए 1 लाख रुपए का भुगतान दर्ज है, तो दूसरी तरफ आरटीआई के जवाब में संबंधित कार्य के संबंध में अलग स्थिति सामने आने का दावा किया जा रहा है।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर कार्य हुआ था तो आरटीआई में उसकी जानकारी क्यों नहीं?और अगर कार्य नहीं हुआ था तो सरकारी पोर्टल पर भुगतान किस आधार पर दर्ज हुआ?

घेरे में पूर्व सरपंच-सचिव

ग्रामीणों ने इस मामले में पूर्व सरपंच और तत्कालीन सचिव की मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाले जाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि दस्तावेजों में कार्य पूर्ण दिखाकर भुगतान किया गया है, तो इसकी जांच केवल कागजों तक सीमित न रहकर मौके के भौतिक सत्यापन के साथ की जानी चाहिए। साथ ही भुगतान से जुड़े बिल, वाउचर, संबंधित वेंडर, बैंक भुगतान और कार्य पूर्णता से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की मांग की गई है।ग्रामीणों के मुताबिक इस मामले को लेकर जनपद पंचायत बकावंड के अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी की गई। उनका कहना है कि जांच का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर है तो इसकी जांच में देरी नहीं होनी चाहिए।

2 साल से जांच की मांग

उड़ियापाल के ग्रामीणों ने अब केवल मुक्तिधाम शेड ही नहीं, बल्कि पंचायत में पिछले दो वर्षों के दौरान 15वें वित्त आयोग सहित अन्य मदों से कराए गए सभी कार्यों की जांच की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रत्येक कार्य का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में राशि के दुरुपयोग या अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के साथ सरकारी राशि की वसूली भी की जाए।

देना होगा हिसाब: लखेश्वर कश्यप

आदिवासी समाज के युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कहा कि गांवों के विकास के लिए आने वाली राशि ग्रामीणों के हित की राशि है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और राशि की वसूली की मांग की।उड़ियापाल का यह मामला अब सिर्फ एक लाख रुपये के भुगतान तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ सरकारी पोर्टल पर मुक्तिधाम शेड निर्माण के नाम पर भुगतान का रिकॉर्ड, दूसरी तरफ मौके पर निर्माण नहीं होने का ग्रामीणों का दावा, और तीसरी तरफ आरटीआई के जवाब में कार्य से कथित इंकार, ये तीनों बातें पूरे मामले को गंभीर बनाती हैं। अब सवाल प्रशासन से है कि क्या इन रिकॉर्डों का मिलान कर वास्तविकता सामने लाई जाएगी? क्या मौके पर भौतिक सत्यापन होगा? और अगर सरकारी राशि का दुरुपयोग प्रमाणित होता है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? फिलहाल ग्रामीणों को जांच का इंतजार है और हम इस मामले से जुड़े दस्तावेजों एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

राजनीति से परे दिखी मानवीय संवेदना, शंकुतला कश्यप के पति का हाल जानने पहुंचे कांग्रेस नेता

0

जगदलपुर राजनीतिक मतभेदों से इतर मानवीय संवेदना की एक तस्वीर सोमवार को डिमरापाल स्थित कांटिनेंटल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में देखने को मिली। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शंकुतला कश्यप के पति के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने पर कांग्रेस के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव श्याम कुमारी ध्रुव, बस्तर जिला कांग्रेस ग्रामीण उपाध्यक्ष जितेंद्र जैन, जनपद सदस्य रूक्मणी, बड़े अलनार सरपंच मंगली बघेल एवं विरेन्द्र पांडेय ने परिवारजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।इस दौरान सामने आई तस्वीर में राजनीतिक विचारधाराओं से अलग मानवीय रिश्तों और सामाजिक संवेदना का भाव नजर आया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राजनीति अपने स्थान पर है, लेकिन किसी के सुख-दुख में साथ खड़ा होना सामाजिक जिम्मेदारी और इंसानियत का परिचायक है।

संवाद और समस्या समाधान पर जोर, एसडीएम गगन शर्मा के कार्यकाल को लोगों ने सराहा

0

बस्तर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गगन शर्मा के बस्तर से रायपुर स्थानांतरण के बाद उनके कार्यकाल को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा रही। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के साथ आम नागरिकों और पत्रकारों के साथ संवाद बनाए रखने की उनकी कार्यशैली को लोगों ने सराहा।गगन शर्मा की कार्यशैली की एक प्रमुख विशेषता आम नागरिकों और पत्रकारों के लिए उनकी उपलब्धता रही। विभिन्न विषयों पर जानकारी लेने के लिए संपर्क करने पर वे यथासंभव फोन रिसीव कर सवालों का जवाब देने तथा संबंधित विषय की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करते रहे। नागरिकों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभाग या अधिकारी से समन्वय कर समाधान की दिशा में पहल करना भी उनके कार्यकाल का हिस्सा रहा।ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और राजस्व संबंधी मामलों में भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की दिशा में प्रयास किया। प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद को महत्वपूर्ण मानते हुए समस्याओं को सुनना और उनके निराकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उनकी कार्यशैली में दिखाई दिया।उनके स्थानांतरण पर स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि प्रशासनिक पद की जिम्मेदारियों के साथ जनता के लिए उपलब्ध रहना और उनकी समस्याओं को सुनना प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गगन शर्मा के कार्यकाल में संवाद और समस्या समाधान की दिशा में किए गए प्रयासों को इसी दृष्टि से देखा जा रहा है।

प्रोजेक्ट री कांटेक्ट की पहल साइबर जागृति अभियान का हुआ समापन

0

जगदलपुर। बस्तर पुलिस की ओर से एसपी शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए “साइबर जागृति अभियान” का समापन किया गया। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा।अभियान के दौरान बस्तर पुलिस की टीमों ने स्कूल, कॉलेज, संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं ग्राम चौपालों तक पहुंचकर व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान लगभग 2 लाख 29 हजार नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।नागरिकों को OTP, PIN, CVV, UPI PIN एवं अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध APK अथवा एप डाउनलोड करने से बचने तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी से सतर्क रहने की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।साइबर जागृति अभियान के दौरान बस्तर पुलिस के साइबर विभाग द्वारा “Project Reconnect” की पहल की गई। इसके माध्यम से तकनीकी संसाधनों और साइबर पुलिस की सतत कार्रवाई से गुम हुए मोबाइल फोन की पहचान एवं बरामदगी कर उन्हें उनके वास्तविक धारकों तक वापस पहुंचाया गया।Project Reconnect के अंतर्गत लगभग 25 लाख रुपये मूल्य के 151 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को सौंपे गए।

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा एवं सिटी एसपी श्री सुमित कुमार धोत्रे द्वारा लाभार्थियों को मोबाइल फोन सुपुर्द किए गए।मोबाइल फोन वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरों पर खुशी और संतोष देखने को मिला। यह पहल केवल खोई हुई संपत्ति की वापसी नहीं, बल्कि नागरिकों और पुलिस के बीच विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।साइबर सुरक्षा का संकल्पसमापन कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल प्राप्तकर्ताओं को “साइबर सुरक्षा संकल्प” दिलाया गया। नागरिकों ने OTP, PIN, CVV एवं अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने, अनजान लिंक से सावधान रहने तथा स्वयं के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।बस्तर पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर जागृति अभियान का समापन केवल एक अभियान का समापन है, साइबर जागरूकता का नहीं। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।

बाढ़ ने रसोई में भी भरपाया कहर सब्जी का फसल नष्ट होने से कीमतों में तेजी

0

जगदलपुर। बीते दिनों बस्तर में हुई भारी बारिश के चलते नदी नालों का जल स्तर बढ़ने व बाढ़ के कहर से इंसानी जिंदगी तो प्रभावित हुई ही, वही धान तथा सब्जियों की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। इसका सीधा असर बाजार पर देखा जा रहा है। रविवार को संभाग की सबसे बड़ी सब्जी मंडी संजय बाजार में पखवाड़े भर पूर्व की तुलना में करीब 25% अधिक दाम पर सब्जियां बेची गई। सब्जी के थोक विक्रेता मोहन राव ने बताया कि बस्तर में रायपुर समेत ओड़िशा से काफी मात्रा में सब्जियों की आवक होती है। ओड़िशा में भारी बारिश व इंद्रावती नदी में बाढ़ के चलते काफी कम मात्रा में ही सब्जियों की आवक हो रही है। वही स्थानीय स्तर पर बकावंड, बस्तर लौंहंडीगुडा व तोकापाल जनपद में भी फसल नष्ट होने से आवक पर भारी फर्क पड़ा है।इसलिए 20 से करीब 25% कीमत बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पखवाड़े भर बाद लोकल आवक होने से कीमतों में कुछ फर्क पड़ने की उम्मीद है.रविवार को गोभी 100 रूपये प्रति किलो पत्ता गोभी ₹40 हरी मिर्च ₹70 गाजर 40 चुकंदर 50 शिमला मिर्च 80 खीर सो भट 40 ऊंचाई 60 कद्दू 30 व कुंदरु ₹60 प्रति किलो की दर से बेची गई.

बाढ़ प्रभावित 58 विद्यार्थियों को मिली नई शिक्षण सामग्री कोहकापाल में आर्थिक प्रकोष्ठ ने चलाया सेवा अभियान, बैग-कॉपी सहित स्टेशनरी और बिस्किट का किया वितरण

0

जगदलपुर। बाढ़ से प्रभावित विद्यार्थियों की पढ़ाई को पटरी पर लाने के उद्देश्य से भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ बस्तर द्वारा शिक्षण सामग्री वितरण अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में आर्थिक प्रकोष्ठ की टीम ने प्रवीण वार्ड स्थित कोहकापाल बस्ती के जगतु महारा में पहुंचकर 58 बाढ़ प्रभावित विद्यार्थियों को स्कूल बैग, नोटबुक, रजिस्टर, कंपास, पेन-पेंसिल सहित अन्य शिक्षण सामग्री का वितरण किया। इस दौरान बच्चों को बिस्किट भी वितरित किए गए।गौरतलब है कि हाल ही में बस्तर में आई बाढ़ से जिले के कई ग्रामों के साथ जगदलपुर शहर की निचली बस्तियां और अनेक वार्ड भी प्रभावित हुए थे। बाढ़ के पानी में कई विद्यार्थियों की किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य शिक्षण सामग्री बह गई अथवा पानी में खराब हो गई। आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा ऐसे प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हांकित कर विद्यार्थियों की सूची तैयार की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार उन्हें शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

इससे पूर्व आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा डोंगा घाट बस्ती में भी पहुंचकर 60 से अधिक बाढ़ प्रभावित विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई थी।शिक्षा को पटरी पर लाने का प्रयासकार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे ने कहा कि आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा बाढ़ प्रभावित विद्यार्थियों के बीच शिक्षण सामग्री पहुंचाने का कार्य सराहनीय पहल है। बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री नष्ट हुई है, ऐसे में उन्हें दोबारा आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना उनकी शिक्षा को जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग है। उन्होंने कहा कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी सेवा करना ही अंत्योदय की मूल भावना है।आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक मनीष पारख ने कहा कि आर्थिक प्रकोष्ठ कमजोर, गरीब एवं वंचित वर्ग के लोगों को संबल प्रदान करने के लिए सदैव प्रयासरत रहता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न संस्थाओं और प्रशासन द्वारा राहत कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आर्थिक प्रकोष्ठ ने विशेष रूप से प्रभावित विद्यार्थियों की सहायता करने का निर्णय लिया, ताकि शिक्षण सामग्री के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।जिला संयोजक अविनाश जैन ने कहा कि बाढ़ में जिन बच्चों की शिक्षण सामग्री नष्ट हुई है, उन्हें दोबारा स्कूल सामग्री उपलब्ध कराना आत्मसंतोष देने वाला कार्य है। इससे बच्चे फिर से स्कूल जाकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे और अपने भविष्य के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन आर्थिक प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजक परमेश राजा ने किया।ये रहे मौजूदकार्यक्रम में जिला महामंत्री परिषद बेसरा, जिला कार्यालय मंत्री एवं एल्डरमैन रोहित त्रिवेदी, शहर पश्चिम मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा, प्रदेश सह-संयोजक आर्थिक प्रकोष्ठ मनीष पारख, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजू कुमार बोथरा, कार्यसमिति सदस्य शिरीष मिश्रा, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष योगेश सिंह, अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष विनय सोना, स्वच्छता प्रकोष्ठ जिला संयोजक राजा यादव, जिनेन्द्र टाटिया, महावीर बाफना, श्रीमती धनिता ठाकुर, श्रीमती किरण चौरसिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

विस्थापितों का दर्द साझा किया विधायक विक्रम मंडावी ने

0

तेलंगाना में रह रहे हैं बस्तर के लगभग 60 हजार आदिवासी

वर्षों बाद अपने नेता से मिलकर भावुक हो उठे विस्थापित ग्रामीण

जगदलपुर अपनी जमीन से वर्षों की दूरी, अनकही पीड़ा और अधूरी राह के बीच बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी शनिवार और रविवार को तेलंगाना के दो दिवसीय दौरे पर रहे। वे उन बस्तियों में पहुंचे, जहां छत्तीसगढ़ के बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों से विस्थापित होकर बसे आदिवासी परिवार आज भी अनेक समस्याओं को झेल रहे और समस्याओं के समाधान के लिए सहारा की राह देख रहे हैं? इन लोगों के लिए बीजापुर के विधायक उनके लिए नई उम्मीद बनकर तेलंगाना पहुंचे। दौरे के समापन पर विधायक ने कहा- “कई वर्षों बाद अपनों के बीच आया हूं। अपनों से मिलना भावुक पल था।

” यह एक वाक्य पूरे प्रवास की तस्वीर बन गया।विधायक विक्रम मंडावी तेलंगाना राज्य के वेंकटचेरुवू, कंदीपडू, चिन्नासमुद्रम, चेरला, क्रांतिपुरम, रामचंद्रपुरम, मांगवाया, वेंकटपुरम, योगिता नागरम, येटुरनगरम, भूपतपुरम, मांगपेटा, सलवा, मदुलगुडम, सुंदरनगर, उमेशचंद्र नागरम, मीरलापुरम, सरापका और भद्रचलम सहित उन गांवों और बस्तियों में गए, जहां बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले से निकले 50-60 हजार आदिवासी परिवार 20 से 25 वर्षों से संघर्षमय जीवन यापन कर रहे हैं। विस्थापित हुए लोग जिन जगह पर रह रहे है वे वहां का स्थायी पट्टा और सरकार की समस्त योजनाओं और सुविधाओं का लाभ चाहते हैं, जो अब तक उन्हें नहीं मिल रहा है। अपने बच्चों के भविष्य की बात लेकर आए कई चेहरे नम हो गए। कईयों ने पहली बार खुलकर कहा कि उनकी आवाज अब तक किसी ने सुनी ही नहीं। विस्थापित आदिवासियीं ने विधायक विक्रम मंडावी को बताया कि वे तेलंगाना सरकार से पिछले 20 से 25 वर्षों से लगातार जमीन का पट्टा और सरकारी सुविधाएं मांग रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें अब तक कोई सहायता नहीं दे रही है। यही स्थिति पैतृक गांवों की है वहां रह रहे परिवारों को छत्तीसगढ़ की सरकार कोई भी सहायता नहीं दे रही है। इस अनिश्चितता का नतीजा यह हो रहा है कि परिवार बीच रास्ते में अटका हुआ है, एक ओर रोजी-रोटी की चिंता है, दूसरी ओर बच्चों की पढ़ाई और आने वाले कल की चिंता, पेट पालने और पैतृक जड़ों से जुड़ने के बीच यह द्वंद्व उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बन चुका है।

उनकी इस स्थिति को समझने व समाधान की दिशा में पहल करने पहुंचे विधायक विक्रम मंडावी का गर्मजोशी से हुए स्वागत के बीच विस्थापित लोगों ने कहा कि विधायक विक्रम मंडावी से हुई मुलाकात से पहली बार लगा कि उनकी पीड़ा सुनी जा रही है। विधायक मंडावी की मौजूदगी को उन्होंने एक उम्मीद की नई किरण बताया। चर्चा में यह सहमति बनी कि समस्या व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक है, इसलिए उसका हल भी सामूहिक रास्ते से निकलना चाहिए। विस्थापित आदिवासी अपना एक प्रतिनिधि मंडल गठित करेंगे। यह प्रतिनिधि मंडल तेलंगाना सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार दोनों से बात करेगा, ताकि वे जमीन के पट्टा सहित अपने अन्य मांगों को तेलंगाना सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार तक पहुंच सकें। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा ज़िलों के अंतर्गत आने वाले गांवों से लगभग 50 से 60 हजार आदिवासी तेलंगाना में विस्थापित हैं। इनकी तेलंगाना सरकार से मांग है कि उन्हें जमीन का स्थायी पट्टा और अन्य सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ मिले। दौरा समाप्ति के बाद विस्थापित बस्तियों में एक बात बार-बार दोहराई जा रही है कि वर्षों बाद कोई अपना उनके बीच पहुंचा, उनकी बात सुनी, और उनकी मांगों को सरकारों के दरवाजे तक ले जाने का भरोसा दिलाया। अब नजर प्रतिनिधि मंडल के गठन और दोनों सरकारों से होने वाली चर्चा पर है।

MOST POPULAR

HOT NEWS