माध्यमिक शाला प्रधान अध्यापक की सूची जारी होने के बाद बस्तर संभाग के शिक्षक संवर्ग के साथियों को प्रधान पाठक प्राथमिक उच्च श्रेणी शिक्षक माध्यमिक के पदोन्नति को लेकर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है ।सँयुक्त शिक्षक संघ बस्तर जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि जिस त्वरित गति से समूचे छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम प्रधान अध्यापक माध्यमिक शालाओ के पद पर पदोन्नति का आदेश जारी किया गया । उसे देख कर शिक्षक संवर्ग में जल्द सूची जारी होने को लेकर हर्ष का माहौल देखने को मिला। किंतु वर्तमान में समूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अब तक उच्च श्रेणी शिक्षक के पदों पर पदोन्नति का आदेश जारी नहीं होने पर शिक्षक संवर्ग में निराशा व्याप्त है। संघ के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने मांग की है कि पदोन्नति को लेकर सभी प्रकार के विसंगतियों को दूर कर लिया गया है ।उसके बावजूद भी सूची जारी ना होना शिक्षक संवर्ग के लिए निराशा का भाव उत्पन्न कर आ रहा है।संघ के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग करते हुए अपील की है। कि अविलंब बस्तर संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक शिक्षा को निर्देशित करें कि जल्द से जल्द पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करवाई जा सके। ताकि लंबे समय से पदोन्नति को लेकर इंतजार कर रहे शिक्षक संवर्ग को राहत मिल सके।
मुन्ना भाइयों के चक्कर में मुन्नी बदनाम हुई… कांग्रेस की मुन्नी को लेकर याद आ गई भाजपा की मुन्नी
(अर्जुन झा)
जगदलपुर। बस्तर की सियासत में मुन्ना भाइयों के चक्कर में मुन्नियां बदनाम हो रही हैं। भाजपा के राज में बहिन के बदले परीक्षा देते एक मुन्नी पकड़ी गई थी। खूब हल्ला मचा था। तब उस मामले की लीपापोती हो गई। उसे दबा दिया गया। मगर अब प्रधानमंत्री आवास के मामले में भाजपा के निशाने पर आई कांग्रेस की मुन्नी अवैध उगाही के लिए बदनाम की गई तो जवाब में कांग्रेस को भाजपा की मुन्नीबाई याद आ गई। कांग्रेसी भाई लोग अपनी मुन्नी यानी पार्षद कोमल सेना के राहत और बचाव अभियान के तहत भाजपा की मुन्नी के मामले की स्थिति खंगालने में जुट गए हैं। उनकी तमन्ना है कि वह मामला नए सिरे से खोला जाय और उस मामले में चर्चित जीजा साली को घेरा जाय। गौरतलब है कि भाजपा शासनकाल में एक प्रभावशाली भाजपा नेता की पत्नी के बदले उनकी साली मुन्नीबाई का मामला तूल पकड़ा था और तब उस मामले को किसी तरह ठंडा कर दिया गया था। अब जगदलपुर नगर निगम की कांग्रेस पार्षद कोमल सेना पर प्रधानमंत्री आवास के नाम पर गरीबों से उगाही करने का आरोप लगाते हुए भाजपा कई रोज से सक्रिय रहने के बाद रायपुर के मूणत विवाद के बाद सीधे टकराव के मूड में आ गई और पूर्व मंत्री केदार कश्यप भी कोमल सेना के मामले में कूद पड़े। अन्य भाजपा नेताओं ने भी प्रदर्शन में दमखम दिखाया तो पुलिस ने उनके हौसले पस्त कर दिए। जगदलपुर से रायपुर तक विवाद गरमा गया। रायपुर में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मोर्चा खोल दिया तो जवाब में कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील शुक्ला ने भरपूर जवाब देने में देर नहीं की। रायपुर की सरगर्मी रायपुर में है और जगदलपुर में यह पुराने मामले खुलने का सबब बन सकती है। कांग्रेस की कोशिश है कि भाजपा नेताओं से जुड़े तमाम पुराने मामले फिर से खोले जाएं और भाजपा के जोश पर पानी फेरा जाय।
धनिया बो देंगे या धनिया पिस जायेगी, कहां से कहां पहुंच गई सियासत
(अर्जुन झा)
छत्तीसगढ की सियासत में रतलामी सेव को पुलिस के डंडे पड़ने के साथ ही अब भाजपा अपनी असलियत पर उतर आई है। बृजमोहन अग्रवाल ने सह्दयता दिखाई, लेकिन बैठक के बाद ये वीडियो वायरल हुआ, इसमें रतलामी फिर एक बार अपनी ठसन में यह कहते देखे गए कि हम और बृजमोहन मिल जाएं तो कांग्रेस की धनिया बो देंगे। वैसे तो यह बात किसी से दुश्मनी निभाने के दौरान कहते हुए लोगों को सुना जाता है। यहां पर रतलामी के यह शब्द यह बताने का प्रयास है कि पार्टी अब उनके अनुसार चले। जो लोग उनके लिए सामने आए उनके किए गए कार्य को पूरी तरह भुला बैठे। खैर भाजपा के अनुशासन को ऐसे लोग ही तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जब सत्ता में थे तो मीडिया को मांगीलाल कहने वाले अब यह
भी कहने लगे हैं। कल जनता की बारी आएंगी तब पता चलेगा कि कौने किसकी धनिया बोएगा। लोकतंत्र में बंगाल एक उदाहरण है जहां भाजपा ने अपने सत्ता के दंभ पर कितना प्रयास किया। वहां पर दीदी को वे नहीं डिगा सके। अब यूपी और पांच राज्य का चुनाव है। वहां पर देखते हैं कि किसकी धनिया जनता बोती है। समय अपने आप में बड़ा बलवान होता है। समय ही था जिसने रमन को मुगालते में रखते हुए सत्ता में बनाए रखने के सपने को धूमिल कर दिया। गरीबों के मसीहा के रूप में प्रचारित करने के बाद अपनी कुर्सी नहीं बचा सके। यह उन भाजपा कार्यकर्ताओं की वजह से ही था जो अपनी ढपली बजाते थे। आसमान में उड़ने वालों को जनता ने ऐसी धूल चटाई कि अब वे पानी भी नहीं मांग पा रहे हैं। पुरंदेश्वरी ने रमन को धूल चटाने का प्रयास किया। फिर भी वे सरकार की नाक में दम करने में पीछे नहीं हैं। रतलामी कभी उनके कैंप में थे अब बृजमोहन कैंप में आने को आतुर होेकर धनिया लेकर चले हैं । बृजमोहन तो उस समय के विधायक हैं जो एक बार चुनाव लड़ना शुरू किया तो आज तब अजेय हैं। अब उन्हें भी देखना चाहिए कि ऐसे ठसन रखने वाले को देखकर अपने बाजू में रखें। वरना उनके फेर में आकर अपनी राजनीति को दांव में न लगा लें। पिछले दस साल जो उनके कभी हुए ही नहीं वो अब कैसे होंगे यह सवाल लोग उठा रहे हैं। जो भी हो आगे दाऊ का छत्तीसगढिया दांव भी इस पर देखना होगा कि वे धनिया को कैसे पीसेंगे। आने वाला समय यह दिखाएगा कि भाजपा के तरकश में कौन से तीर हैं जो अपने में दम रखता हैं। वैसे भी पुरंदेश्वरी सबकी कुंडली लेकर अभी से रणनीति बनाने में लगी हैं। चुनाव तो अभी दूर है लेकिन मसाला अभी से तैयार है, बस धनिया की मात्रा मोदी को तय करना है।
शिष्टाचार का ज्ञान देने वाली भाजपा पहले अपने शिष्यों को शिष्टा की पाठ पढ़ाये और मर्यादाओं में रहने की नसीहत दे, मूणत ने बेकसूर सतनामी समाज के युवकों को पीटा, एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग–अनवर खान
🟥 भाजपा के बड़े नेताओं ने घटना की जानकारी लिए बिना ही पूर्व मंत्री के पक्ष में थाने में हंगामा कर राजनीतिक मर्यादा का भी उल्लंघन किया.
🟥 हाईवोल्टेज ड्रामा करने वाले कुंठित नेता राजेश मूणत के खिलाफ अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर अतिशिघ्र दर्ज होनी चाहिए.
🟥 भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी जो मार्गदर्शन देकर गई भाजपा उसका अनुसरण कर प्रदर्शन कर रही है राजधानी के बाद जगदलपुर में भाजपा का उत्पात इसी का नतीजा.
➡️ बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर के महामंत्री (प्रशासन) अनवर खान ने सतनामी समाज के युवकों से की गई मारपीट की निंदा करते हुए भाजपा नेता राजेश मूणत सहित कार्यकर्ताओं के ऊपर एसटीएक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है श्री खान ने आगे बताया कि राज्य के पीएचई मंत्री रुद्र गुरु से मिलने शनिवार को जेल रोड स्थित उनके बंगले पहुंचे मुंगेली सतनामी समाज के दो युवकों के साथ की गई बर्बरता पूर्वक मारपीट से प्रदेश का पूरा सतनामी समाज आहत है मूणत ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के दो युवकों के साथ गाली गलौज कर मारपीट की जबकि वह दोनों सतनामी युवक राज्य के पीएचई मंत्री रूद्र गुरु से मिलने उनके बंगले आए हुए थे मूणत ने तो बिना पुष्टि किए ही सिर्फ काला कपड़े पहने होने के कारण उनके साथ जबरदस्ती मारपीट की जिसकी घोर शब्दो मे निंदा की जाती है श्री खान ने कहा कि भाजपा और भाजपा के नेता मूलरूप से विध्वंसक पार्टी है जो गलत राजनीति परंपरा की शुरुआत कर रही है यह भाजपा का समाज विरोधी चरित्र है भाजपा के पूर्व मंत्री ने अभद्रता की सारी सीमाओं को पार कर दिया और वायरल वीडियो में बार-बार गालियां देते नजर आए उन्होंने थाने में भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया तथा आक्रमण की मुद्रा में दिखे सत्ता की बेदखली के बाद बौखलाए नेताओं का चेहरा छत्तीसगढ़ की जनता देख चुकी अभी तक सत्ता की खुमारी से बाहर नही निकल पाए और अपने खिसकते जनाधार से बौखलाए भाजपा नेता का इतना गुरुर ठीक नही, श्री खान ने आरोप लगाया कि सांप्रदायिकता मुद्दा खारिज होने के बाद अब भाजपा दूसरे पैतरे अजमा रही है भाजपा का कवर्धा में वैमनस्य फैलाकर सद्भाव बिगाड़ने का षड्यंत्र उजागर हुआ तो राजधानी में फसाद किया पूर्व मंत्री राजेश मूणत को रायपुर में उपद्रव मचाने गुंडागर्दी करने सरेआम मारपीट करने पुलिस अधिकारियों के साथ गाली गलौज वाली संस्कृति दिखाने का ठेका दिया गया बस्तर में भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी जो मार्गदर्शन देकर गई भाजपाई उसका अनुसरण कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस संगठन चुनाव की तैयारी तेज, पीआरओ और एआरओ की नियुक्ति
दलवई और शर्मा कराएंगे जिला, ब्लॉक और प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव
रायपुर।कांग्रेस में संगठन चुनाव हुआ तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन चुनाव कराने के लिए प्रदेश चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। प्रदेश चुनाव अधिकारी हुसैन दलवई और एपीआरओं के रूप में अजय शर्मा की नियुक्ति कर दी गई है। दोनों नेता अगले 6 महीनों में संगठन चुनाव संपन्न कराएंगे। संगठन चुनाव होने तक प्रदेश संगठन में सभी नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है। इधर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के पास नियुक्ति की कोई सूचना नहीं है।
कांग्रेस संगठन चुनाव आगामी 6 माह में संपन्न कराने एआईसीसी ने चुनाव अधिकारियों की निय़ुक्ति कर दी है। प्रदेश में जिला और ब्लॉक अध्यक्षों का चुनाव कराने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस संगठन में 35 जिला अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा। वहीं 307 ब्लॉक संगठन के अध्यक्षों का भी चुनाव कराया जाएगा। जिला और ब्लॉक अध्यक्षों के चुनाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष को चुनाव कराया जाएगा। अब तक प्रदेश कांग्रेस में जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा ही किया जाता था। अब उनका प्रत्यक्ष चुनाव करने पर प्रदेश अध्यक्ष का भी प्रत्यक्ष चुनाव कराया जाएगा।
तीन माह में कांग्रेस संगठन ने बनाए पांच लाख सदस्य, 10 का टारगेट, पीसीसी का दावा लक्ष्य से अधिक सदस्य बनेंगे
एक नवंबर से हुई है प्रदेश में अभियान की शुरुआत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के बाद दस लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया। इसके लिए प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक कसरत की गई, लेकिन तमाम जद्दोजहद के बावजूद अब तक केवल पौने पांच लाख सदस्य बनाए जा सके हैं। एक नवंबर से प्रदेश में कांग्रेस ने सदस्यता अभियान का आगाज किया था। दावा था कि फरवरी 15 फरवरी तक 10 लाख से अधिक सदस्य बना लिए जाएंगे। लक्ष्य की अवधि अगले सप्ताह पूरी होगी, लेकिन अब तक सदस्यता में पीसीसी को आधी सफलता ही मिली है। हालांकि पीसीसी का दावा है कि 15 फरवरी तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि लक्ष्य से ज्यादा सदस्य भी बन सकते हैं। प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉक संगठनों में सदस्यता अभियान चल रहा है। अब तक 50 हजार सदस्यता बुक जारी किए गए हैं। ब्लॉक कांग्रेस और बूथ कमेटियों के माध्यम से कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में साढ़े 14 हजार से अधिक सदस्यता बुक जमा किए जा चुके हैं। सभी जिला अध्यक्षों से 15 फरवरी तक इन्हें जमा करने कहा गया है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से सभी जिला अध्यक्षों को सदस्यता बुक जमा करने के अलावा डिजिटल सदस्यता अभियान पर भी ध्यान देने कहा गया है। पीसीसी के द्वारा पिछली बार 6 लाख सदस्य बनाए गए थे। पीसीसी को इस बार 10 लाख सदस्य बनाने का टारगेट दिया गया था। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सदस्यता अभियान में दिए गए टारगेट को 15 फरवरी तक पूरा करने के लिए जिला और ब्लॉक अध्यक्षों से कहा है। हालांकि पीसीसी को 31 मार्च तक एआईसीसी को पूरी रिपोर्ट देनी है। प्रदेश में अब तक वितरित किए गए 50 हजार से अधिक सदस्यता बुक से करीब 12 लाख से अधिक सदस्य बनेंगे। बताया जा रहा है कि अब तक 14 हजार 500 बुक कांग्रेस मुख्यालय को प्राप्त हुए हैं। बनाए गए सदस्यों का वेरिफिकेशन करने के बाद उनके नाम सदस्य के रूप में दर्ज किया जा रहा है।
बोनस और बकाया अर्जित छुट्टी का पैसा ठेका श्रमिकों का वैधानिक हक है और उसे किसी भी हालत में श्रमिकों को मिलना चाहिए – लखन लाल चौधरी
भिलाई इस्पात संयंत्र के बंधक खदान राजहरा खदान समूह में कुछ श्रम संगठन और श्रमिक नेता ऐसे भी हैं जो प्रबंधन के अधिकारीयों को गुमराह करते हुए ठेका श्रमिकों का शोषण करने में ठेकेदार के सहायक बनते हैं। उक्त आरोप लगाते हुए भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के उप महा सचिव लखन लाल चौधरी ने बताया कि संघ को ठेका श्रमिकों के माध्यम से यह जानकारी मिली कि दल्ली यंत्रीकृत खदान में कुछ ठेकों में कार्यरत श्रमिकों को वर्ष 2017 क ठेके में उल्लेखित सोडेक्सो कूपन की राशि, कुछ ठेकों के बोनस राशि एवं कुछ ठेकों के समाप्ति के उपरांत श्रमिकों के बकाया अर्जित छुट्टी का पैसा जो उनका वैधानिक हक है अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है और कुछ ऐसे श्रमिक नेता जो दशकों से अपने आप को श्रमिकों का मसीहा साबित करने का लगातार प्रयास करते रहे हैं वे प्रबंधन के उच्च अधिकारीयों से मिलकर इन ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों को बकाया छुट्टी का पैसा नहीं देने को सही ठहराते हुए उन ठेकेदारों का फाइनल बिल पास करने की वकालत कर रहे हैं। इसके अलावा ठेका समाप्ति के उपरांत सभी ठेकेदारों का यह वैधानिक और नैतिक बाध्यता है कि वे अपने ठेके में कार्यरत श्रमिकों के पीएफ अकाउंट को क्लोज करें किन्तु अधिकांश ठेकों में ऐसा नहीं किया जाता है जिसके वजह से श्रमिकों के पीएफ खाते में पैसा तो दिखता है लेकिन श्रमिक उक्त पैसे को निकाल नहीं पाते हैं।

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उक्त शिकायत मिलने पर और श्रमिकों के साथ हो रहे इस अन्याय को गंभीरता से लेते हुए भा.म.सं. ने पहल करते हुए प्रबंधन के उच्च अधिकारीयों से लगातार संपर्क किया जिसके उपरान्त विगत पांच वर्षों से अटका सोडेक्सो कूपन का पैसा श्रमिकों को प्राप्त हुआ जिसके लिए संघ राजहरा खदान समूह और बीएसपी प्रबंधन को धन्यवाद और साधुवाद देता है। जहाँ तक श्रमिकों के बोनस और बकाया अर्जित छुट्टी के पैसे की बात है तो संघ ने इस सम्बन्ध में दल्ली यंत्रीकृत खदान के महाप्रबंधक सिरपुरकर एवं खदान के मुख्य महाप्रबंधक तपन सूत्रधार से इस सम्बन्ध में मिलकर चर्चा की और ज्ञापन सौंपते हुए यह कहा कि बोनस और बकाया अर्जित छुट्टी का पैसा ठेका श्रमिकों का वैधानिक हक है और उसे किसी भी हालत में श्रमिकों को दिलवाने हेतु भा.म.सं. प्रतिबद्ध है। माइंस एक्ट 1952 के सेक्शन 52(1)(b), 52(8), & 52(10) के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि बकाया अर्जित छुट्टी का पैसा प्राप्त करना ठेका श्रमिकों का कानूनी अधिकार है और ठेकेदार की कानूनी बाध्यता है। यहाँ यह सोंचने की बात है कि बोनस और बकाया अर्जित छुट्टी के पैसे को माफ कराने हेतु एक ऐसे तथाकथित श्रमिक नेता भी सक्रीय रहे हैं जो खुद भी ठेकेदारी करते हैं और जिनके ऊपर सप्रमाणिक रूप से एक महाप्रबंधक के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचते हुए ठेका श्रमिकों के शोषण करने और कंपनी के साथ धोखाधड़ी करने के सप्रमाणिक आरोप लगे हैं तथा वर्तमान में संघ उक्त प्रकरण को जनहित याचिका के माध्यम से उच्च न्यायलय के समक्ष रखते हुए उसपर समुचित कानूनी कारवाई करने की मांग करना तय कर चुकी है।

चर्चा के उपरांत राजहरा खदान समूह प्रबंधन ने संघ के तर्क और प्रस्तुत तथ्यों को मानते हुए इस बात का आश्वासन दिया कि प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसे सभी ठेके जिनके समाप्ति के उपरांत श्रमिकों के पीएफ अकाउंट को क्लोज नहीं किया गया है उनमे आवश्यक सुधार किया जावेगा जिससे श्रमिकों को उनका पैसा मिल सके और आगे से प्रत्येक ठेकों के समाप्ति के उपरांत श्रमिकों के पीएफ अकाउंट को ठेकेदार द्वारा क्लोज किया जावे। साथ ही प्रबंधन ने संघ के प्रतिनिधियों को इस बात से भी आश्वस्त किया कि जिन ठेकों में श्रमिकों के बोनस और अर्जित छुट्टी के पैसों का भुगतान बकाया है उन्हें जबतक ठेकेदार द्वारा भुगतान नहीं कर दिया जाता है तब तक फाइनल बिल निकालने हेतु ठेकेदारों को एनडीसी नहीं दी जावेगी। प्रबंधन के इस आश्वासन पर भरोसा जताते हुए संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि अगर प्रबंधन अपने दिए गए आश्वासन से मुकरता है तो श्रमिकों को उनका वैधानिक हक दिलवाने हेतु संघ कड़े कदम उठाने से भी परहेज नहीं करेगा।
इसके अलावा संघ के प्रतिनिधियों ने हितकसा डैम में कार्यरत श्रमिकों के समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा करते हुए प्रबंधन से यह मांग की कि आने वाले ठेके में प्रबंधन यह सुनिश्चित करने का प्रयास करे कि हितकसा में कार्यरत श्रमिकों को साल भर कार्य मिले। वर्तमान में यहाँ कार्यरत श्रमिकों को साल में लगभग 4-5 माह खाली बैठना पड़ता है और ऐसा प्राकृतिक कारणों से होता है जिसके लिए श्रमिकों किसी भी रूप से जिम्मेदार नहीं हैं। इस पर प्रबंधन ने सकारात्मक बात करते हुए इस बात पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए बताया कि उनके तरफ से इस बात का पूरा प्रयास किया जा रहा है कि आने वाले ठेके में ऐसी व्यवस्था बनाई जावे जिससे हितकसा में कार्य करने वाले श्रमिकों को साल भर कार्य मिलता रहे। इसके अलावा संघ ने इस बात का भी विरोध किया कि कुछ श्रम संगठनों द्वारा हितकसा में कार्यरत श्रमिकों को अन्यत्र दुसरे ठेकों में भेज दिया जाता है और उनके जगह अपने नए आदमियों को भर्ती करने का दवाब बनाया जाता है। इस पर भी प्रबंधन ने बताया कि संघ द्वारा पूर्व में भी इस बात को उठाया गया था जिसे संज्ञान में लेते हुए प्रबंधन द्वारा हितकसा के उन श्रमिकों को जो दुसरे ठेके में कार्यरत थे वापस हितकसा में ही भेजा जा रहा है। संघ की शुरुआत से ही मांग रही है कि अगर हितकसा के श्रमिकों के रोजगार की व्यवस्था करनी है तो सभी 134 श्रमिकों के लिए किया जावे जिससे सभी श्रमिकों को रोजगार पुरे साल भर मिल सके और प्रबंधन पर भी भाई-भतीजावाद का आरोप न लगे।
कोरोना काल की हर मौत के लिए मोदी जिम्मेदार – मरकाम
पीएम के आरोप पर कांग्रेस का पलटवार
रायपुर 08 फरवरी । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए पद की मर्यादा तार तार कर जो महाझूठ बोला है, भारतीय इतिहास में पहली बार ऐसा शर्मनाक वाकया हुआ है कि कोई प्रधानमंत्री बजट सत्र में अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर बात करने की बजाय कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों की खामियां गिनाने में लगी रहा। मोदी थोड़े भी संवेदनशील अगर होते तो महामारी काल में मारे गए लाखों गरीब-मजदूरों और बेरोजगार हो चुके लोगों से माफी मांगते। पहली बार देश ने बजट सत्र में अपने प्रधानमंत्री को गंभीर और सार्थक बातें करते हुए देखने के बजाय मस्करी करते हुए देखा। वह संसद के इतिहास में दर्ज हो गया कि कोरोना की पहली लहर में देश के गरीब मजदूर को मरने के लिए छोड़ देने वाले मोदी किस हद तक नीचे उतर सकते हैं।
मरकाम ने कहा कि जब देश में कोरोना आया भी नहीं था, तब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी को चेताया था लेकिन लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं रखने वाले मोदी ने मनमर्जी की और देश को कोरोना संकट के हवाले कर दिया। मोदी की गलत नीतियों की वजह से कोरोना ने कोहराम मचाया तब भी मोदी की नींद नहीं टूटी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसी कोई गाइडलाइंस नहीं दी थी कि जो जहां है, वहीं रहे। इसके बावजूद मोदी ने एकाएक लॉक डाउन लगा दिया। लाखों मजदूर फंस गए और उनके लिए मोदी ने कोई इंतजाम नहीं किया और अब अपने पाप पर परदा डालने के लिए बेशर्मी से आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस ने मुंबई स्टेशन के बाहर मजदूरों को लॉक डाउन तोड़ने के लिए भड़काया। वे यह भी कह बैठे कि कांग्रेस ने मुफ्त में टिकट दी। कांग्रेस ने पूछा है कि क्या अपने घर के लिए पैदल रवाना हुए मजदूरों को, रेल पटरियों पर चल रहे मजदूरों को पैदल चलने की टिकट भी कांग्रेस ने दी थी?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मजदूर सुरक्षित अपने घर न पहुंच पाएं इसके लिए मोदी ने रेल बंद कर दी थीं। जब छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार छत्तीसगढिया लोगों को सुरक्षित घर लाने ट्रेन का पैसा दे रही थी तब मजदूर विरोधी मोदी सरकार ट्रेन नहीं दे रही थी। कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने मानवता दिखाते हुए दूसरे राज्यों के लोगों तक का ख्याल रखा और निष्ठुर मोदी लाशों के ढ़ेर पर ताली थाली बजवाते रहे। मोदी ने प्रधानमंत्री रहते हुए देश के करोड़ों लोगों के प्राण संकट में डाले। सड़क पर, पटरियों पर हुई एक एक मौत के लिए मोदी जिम्मेदार हैं।
मरकाम ने कहा कि मोदी के मुंह से गरीबों और किसानों की बात भद्दे मजाक से कम नहीं है। मजदूर विरोधी नीतियां और किसान विरोधी काले कानून बनाने वाले मोदी कह रहे हैं कि कांग्रेस को गरीबों और किसानों से नफरत है तो उनका यह झूठ कौन सुनेगा। सारी दुनिया जानती है कि कांग्रेस गरीब और किसान की पक्षधर है और मोदी भाजपा पूंजीवाद की बंधुआ है जो गरीब मजदूर के हित में बनी कांग्रेस सरकार की नीतियों को उलट पुलट कर अपने पूंजीपति मित्रों की गुलाम होने का प्रमाण पेश कर रही है और देश के किसान को पूंजीवाद के पास गिरबी रखने का मंसूबा रखती है।
बस्तर जिला एनएसयूआई द्वारा पूर्व मंत्री राजेश मूणत का पुतला दहन किया गया..
भाजपा के पूर्व मंत्री एवं प्रवक्ता द्वारा लगातार हमारे शीर्ष नेता राहुल गांधी एवं पुलिस प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी के लिए अभद्रता फैलाते हुए गाली गलौज एवं आपत्ति जनक भाषा का प्रयोग किया गया है। जिसे देखते हुए आज प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ NSUI नीरज पांडे के आह्वाहन पर बस्तर जिला NSUI के पदाधिकारी “अरुण गुप्ता” के नेतृत्व में बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के हृदय स्थल गोल बाजार चौक में “गाली बाज राजेश मूणत” का पुतला दहन कर विरोध दर्ज किया गया साथ ही राजेश मूणत मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
जिसमे मुख्य रूप से उपस्थित महेश दिवेदी,शहनवाज़ खान,अनुराग महतो,जॉर्ज टोप्पो,शादाब अहमद,ज्योति राव,उस्मान रजा,मनोहर सेठिया,अंकित सिंह,विशाल खंभारी,माझ लिल्लाह,नीलम कश्यप,संदीप दास,नुरेन्द्र राज,पंकज केवट,विवेक राव,जश जोशी,अभय प्रताप,करण बजाज,लोकेश चौधरी, धवल जैन,ऋषिका डे,विजय ध्रुव, नितेश जोशी,हर्षल पांडेय, शेख़ अयाज,परमानंद,ईसमेह आजम,पुरवेंद्र,प्रतीक तारम,टिंकू,लक्की,सचिन,राजकुमार,अमन, ऋषिकेश, एवं अन्य कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
आदिवासी युवती से बलात्कार मामले में चपका निवासी युवक को दस वर्ष की उम्र कैद शादी का झांसा देकर करता रहा शोषण
10 जुलाई को बलात्कार व एस्ट्रोसिटी एक्ट में हुई थी गिरफ्तारी
जगदलपुर। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र की आदिवासी युवती के साथ बस्तर जनपद पंचायत अंतर्गत चपका निवासी युवक पुष्पक महापात्र द्वारा शादी का झांसा देकर बलात्कार मामले में 7फरवरी 2022 को विशेष न्यायाधीश प्रधान ने दस वर्ष की कारावास की सजा सुनाई और दो हज़ार रुपए के अर्थदंड दिया।
घोटिया पुलिस व अजाक थाने ने संयुक्त रूप से चालान पेश किया था जिसमें युवती को बरगलाकर दैहिक शोषण करने का आरोप मढ़ा गया था जोकि न्यायालय ने गंभीरता से लिया था। विशेष लोक अभियोजक अतुल कुमार दास ने बताया कि घोटिया थाने में पुष्पक महापात्र चपका और महेंद्र पानीग्राही आमाबाल के खिलाफ बलात्कार व मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में 10 जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पुष्पक महापात्र को विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार प्रधान ने दोषी मानते हुए 7फरवरी2022को दस वर्ष की कारावास व दो हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अन्य आरोपी महेंद्र पानीग्राही को बरी कर दिया गया है।


