दंतेश्वरी वार्ड में पेय जल समस्या से निपटने निगम ने त्वरित निर्णय लेकर नया बोर खनन करना शुरू किया है। इससे लोगो को भरपूर पानी प्राप्त होगा। कुछ दिनों से इस वार्ड में पेय जल संकट उतपन्न हो गया था। लेकिन वार्ड पार्षद के साथ वार्ड वासी द्वारा इस वार्ड में जल संकट दूर करने कोई ठोस कदम उठाने कि मांग निगमायुक्त से की गई थी। निगम ने तत्काल निर्णय लेकर न्यू बोर खनन का निर्णय लिया ।
मंत्री ने कहा- ‘एक्सप्रेस वे’ का चुनाव से पहले उद्घाटन कराने की जल्दबाजी से सब सत्यनाश हो गया
निलंबित अफसरों में से दो की बहाली पर सदन में उठे सवाल
रायपुर। रायपुर से केन्द्री एक्सप्रेस-वे का काम पूरा नहीं होने और निलंबित 6 अफसरों में से दो को जांच पूरा होने के पहले बहाल करने का मामला सदन में गूंजा। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने यह मामला उठाया। अपने जवाब में लोकनिर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, आप ही की सरकार चुनाव से पहले जल्दबाजी में इसका उद्घाटन कराना चाह रही थी, जिससे सब सत्यनाश हो गया।
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि रायपुर-केन्द्री एक्सप्रेस-वे की निर्माण एजेंसी कौन थी? उक्त सड़क निर्माण कार्य में पाई गई अनियमितता के लिए किन अफसरों को निलंबित किया गया? उक्त सड़क निर्माण लोकनिर्माण विभाग के अंतर्गत किस कार्पोरेशन द्वारा कराया गया था? अनियमितता के दोषी अधिकारी विभाग के मूल कर्मचारी थे या उन्हें प्रतिनियुक्ति पर रखा गया था? लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने जवाब दिया कि एक्सप्रेस वे निर्माणकर्ता एजेंसी मेसर्स आयरन टैंगल लिमिटेड अहमदाबाद है। उक्त निर्माण छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कराया गया। अनियमितता पाए जाने पर छह अफसरों को निलंबित किया गया था। जिनमें से 2 को बहाल कर दिया गया है। ये सभी अफसर प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे थे। निलंबन की कार्रवाई उनके मूल विभाग द्वारा की गई। शिवरतन शर्मा ने कहा कि न तो अब तक सड़क का काम पूरा हुआ। न ही ठेकेदार को निलंबित कर पाए। ताम्रध्वज साहू ने पलटकर कहा कि आप लोगों को चुनाव से पहले उद्घाटन कराने की जल्दबाजी थी। उसी से सब सत्यनाश हो गया। सबसे बड़ी कार्रवाई ठेकेदार पर ही हुई है। वह नए सिरे से सड़क बना रहा है।
क्या लक्ष्मी की हो गई कृपा?
शिवरतन शर्मा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक्सप्रेस वे का मामला छह सौ करोड़ रुपए का है। मामले में दोषी पाए गए दो अधिकारियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। विधायक ने मंत्री ताम्रध्वज साहू से पूछा कि क्या पीडब्ल्यूडी ने दोनों ही अधिकारियों को क्लीयरेंस सर्टिफिकेट दे दिया है? क्या लक्ष्मी की कृपा हो गई? इस पर ताम्रध्वज साहू ने कहा कि पिछले कार्यकाल में एक्सप्रेस-वे बना। लक्ष्मी की कृपा थी, तभी एक्सप्रेस-वे में गड़बड़ी सामने आई।
खैरागढ़ उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी का नाम तय
चुनाव आयोग ने 4 राज्यों में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। जिसके लिए सभी दल ने तैयारियां तेज कर दी है। इसमें छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है, जिसके लिए मंगलवार को कांग्रेस ने प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया। वहां से यशोदा वर्मा मैदान में उतरी हैं।
कांग्रेस ने खैरागढ़ उप चुनाव के लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। उप चुनाव के लिए यशोदा वर्मा कांग्रेस की उम्मीदवार होंगी। वर्मा अभी जिला पंचायत की सदस्य और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष हैं। यशोदा का चुनाव 24 दावेदारों में से किया गया है। अब पार्टी उनके नामांकन की तैयारी कर रही है।

नक्सलियों की कायराना करतूत, नगर सेना के जवान की निर्मम हत्या
कांकेर जिले के ग्राम गुमझिर नक्सलियों द्वारा शाम को बाजार में करीब 5 बजे बाजार में नक्सलियों द्वारा नगर सैनिक की गोली मारकर हत्या कर दी.

जवान का नाम संजय कुंजाम हैं. संजय अपने दोस्तों के साथ गुमझिर मेला में लगा मुर्गा बाजार देखने गया था. बताया जा रहा हैं की घटना देर शाम करीब 5 बजे की हैं कांकेर शहर से 7 किमी दूर व्यासकोंगेरा का निवासी था. बताया जा रहा हैं की 5 से 6 नक्सलियों ने बाजार स्थल में पहुंच कर इस घटना को अंजाम दिया हमले के पीछे नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा हैं.

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BREAKING: नक्सलियों ने की नगर सेना जवान की निर्मम हत्या, इलाके में सनसनी
बिप्लब कुण्डू,पखांजूर: कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर अमाबेडा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुमझीर के मुर्गा बाजार में नक्सलियों ने एक नगर सेना के
जवान की हत्या कर दी है।
वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज ग्राम पंचायत गुमझीर में वार्षिक देव मेले का आयोजन किया जा रहा था जहां साधारण वेशभूषा में मेले में शामिल नक्सलियों ने नगर सेना में पदस्थ एक जवान की निर्मम हत्या कर दी है। साथ ही सूत्रों के अनुसार नक्सलियों की संख्या 4 से 8 बताई जा रही है नक्सलियों ने जवान को मारने के लिए देसी कट्टे व कुल्हाड़ी का इस्तमाल किया है साथ ही नक्सली नगरसेना के जवान की हत्या करने के बाद जंगल की ओर भाग गए।
ग्राम चिपरा में एक दिवसीय सस्वर मानस गान सम्मेलन का उदघाटन
कुसुमकसा — ग्राम चिपरा में एक दिवसीय सस्वर मानस गान सम्मेलन का उदघाटन मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद के मुख्य अतिथि मे सम्पन्न हुआ ,कार्यक्रम की अध्यक्षता कुमारी बाई भुआर्य (सरपंच ग्राम पंचायत चिपरा), विशेष अतिथि राजाराम तारम (जनपद सदस्य डोंडी लोहारा), कुमान सिंह कुरेटी, अनिल सुथार (पूर्व जनपद सदस्य कुसुमकसा ),जयप्रकाश पिस्दा ,उदेराम सिवना अध्यक्ष शाला प्रबंधन समिति हाईस्कूल चिपरा थे |

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर बने राम दरबार मे विधिवत पूजा अर्चना कर किया गया पंडित हेमकुमार शर्मा द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा सम्पन्न कराया |

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मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ने मुख्य अतिथि के आसंदी से आमजन को रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श को अपने जीवन मे चरितार्थ करने की बात कही साथ ही इस तरह से धार्मिक आयोजन से नई पीढ़ी को सत्य के रास्ते जीवन जीने का महत्व समझ मे आता है आयोजन समिति ने उक्त कार्यक्रम में रामायण प्रसार समिति शास्त्री चौक चिपरा ,माधुर्य मांस परिवार पोटियाडीह( धमतरी) ,जय गुरुदेव मानस परिवार कुडेरा दादर (गरियाबंद), दीप ज्योति बालिका मानस मंडली धनोरा(गुरुर) ,मोर मयारू मानस परिवार गुदगुदा(कुरूद) सहभागिता दर्ज करने की जानकारी दी |

इस अवसर पर सस्वर मांस गान सम्मेलन समिति के विजय धनेंद्र अध्यक्ष , कलेन्द्र यामले उपाध्यक्ष हेमन्त यामले सचिव, किशोर भुआर्य सहसचिव , भागीराम नायक कोषाध्यक्ष ,भुखुराम रावटे ,नारायण रावटे ,रामाधर धनगुन, पतिराम यामले, पनिका भंडारी, सालिक धनेंद्र, थानसिंग नायक, तमेश सिन्हा, टीकम सिवना, हेमन्त सिवना, मेहतर पिस्दा ,कमलदेव बारसागढे सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे, कार्यक्रम का संचालन भुवन अलेन्द्र, भूपेंद्र धनेंद्र ने किया |

भाजपा शासन काल से कांग्रेस के तीन साल में आधे किसानों ने की आत्महत्या
गृहमंत्री ने सदन में दी जानकारी, अब तक 570 किसानों ने की आत्महत्या
रायपुर। विधानसभा में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि भाजपा सरकार के समय तीन साल में जितने किसानों ने आत्महत्या किया उससे आधे से कम किसानों ने कांग्रेस सरकार के तीन सालों में आत्महत्या किया है। यह सरकार की किसानों के हित में लाई गई योजनाओं के कारण हुआ है। किसान आत्महत्या के मामलों में कमी की वजह है शासन की योजनाओं का लाभ किसानों को मिलना।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने सदन में किसान आत्महत्या का मामला उठाया। उन्होंने 2019 से लेकर 2022 के बीच कितने किसानों ने आत्महत्या की और उन्हें दिए गए मुआवजा दिया गया इसकी जानकारी गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से मांगी। जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि जनवरी 2019 से 12 फरवरी 22 तक कुल 570 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें से 2 किसानों ने कृषिगत कारणों से और बाकी सभी ने अन्य कारणों से खुदकुशी की है। उन्होंने बताया कि इन किसानों में से 187 और 79 अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के तथा 304 पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के समय वर्ष 2016 में 585, 2017 में 285 और 2018 में 185 कुल 1052 किसानों ने आत्महत्या किया था।
यूपी के किसान को नहीं दिया गया मुआवजा -साहू
भाजपा विधायक बांधी ने इस पर कहा कि मंत्री ने विभाग की ओर से किसानों के लिए मुआवजा का प्रावधान नहीं होने की बात कही है। क्या मुआवजे का कोई नियम बनाएंगे? यूपी के किसान को 50 लाख रुपये दिए गए हैं। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने उत्तरप्रदेश के किसानों को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 50 लाख रुपये मुआवजा देने का मामला उठाते हुए कहा कि जब वहां के किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार 50 लाख का मुआवजा दे सकती है, तो छत्तीसगढ़ के किसानों को उतनी ही रकम क्यों नहीं दी जा रही। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी कहा कि आगे किसान आत्महत्या न करें उसके कारणों का परीक्षण होगा क्या? क्या मुआवजे का नियम भी बनाए जाएंगे। ताम्रध्वज साहू ने कहा, मुआवजे को लेकर अभी ऐसा नियम नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यूपी के किसान को मुआवजा नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री अपने विवेकधीन से वो राशि देते हैं।
केबल वायर चोरी करने वाले दो चोरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
आरोपीयों द्वारा रात्री में केबल वायर चोरी की घटना को दिया गया अंजाम, पकडे गये चोर
थाना अर्जुन्दा पुलिस की कडी कार्यवाही से सहमे हुए है थाना क्षेत्र के अपराधी
पुलिस अधीक्षक गोवर्धन ठाकुर के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा मेश्राम एवं अनुविभागीय अधिकारी सोनसाय मौर्य के पर्यवेक्षण में तथा थाना प्रभारी अर्जुन्दा कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में चोरी के मामले में एक विशेष टीम तैयार की गई।

मामला थाना अर्जुंदा क्षेत्र का है प्रार्थी डोमन सिंह मरकाम पिता भगवान सिंह मरकाम उम्र 55 साल साकिन ओडारसकरी थाना अर्जुन्दा हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 08.03.2022 के दरमियानी रात को कोई कोई अज्ञात चोर इसके खेत में लगे मोटर पंप के केबल वायर व इन्द्रेश देशमुख तथा घनश्याम साहु के खेत में लगे मोटर पंप के केबल वायर को चोरी कर ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना अर्जुन्दा में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 44/2022 धारा 379 भादवि0 कायम कर पतासाजी किया गया। संदेही विनोद यादव व पुरूषोत्तम मानिकपुरी से पुछताछ करने पर दिनांक 08.03.2022 के दोपहर प्लानिंग कर डुडिया बाट ओडारसकरी पहुंचकर 03 मोटर पंप के केबल वायर को चोरी कर वायर के अन्दर के तांबा को निकालकर टुकडों में कांटकर मटेवा नर्सरी बांध किनारे झाडी में छिपाकर रखना मेमोरेण्डम बताये।

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मेमोरेण्डम के आधार पर आरोपी विनोद यादव व पुरषोत्तम मानिकपुरी के निशानदेही पर केबल वायर के तांबा तार व अपराध में उपयोग में लाये प्लास को बरामद कर गवाहों के समक्ष जप्त कर चोरी गये मशरूका कुल कीमती 6400 रूपये में से 4000 रूपये लगभग तांबा तार को बरामद किया गया। आरोपीगणों के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य सबुत पाये जाने से आरोपीगण 01. विनोद कुमार यादव पिता जगदीश यादव उम्र 31 साल 02. पुरूषोत्तम मानिकपुरी पिता स्व0 प्रहलाद दास मानिकपुरी साकिनान अर्जुन्दा थाना अर्जुन्दा जिला बालोद छ0ग0 को गिरफतारी का कारण बताकर दिनांक 21.03.2022 के क्रमश 14.20, 14.30 बजे गिर0 कर विधि अनुसार गिर0 की सूचना परिजनों को दी गई। जो कि मामला अजमानतीय जुर्म होने से आरोपीगणों को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।

उपरोक्त चोर को पकड़ने में थाना प्रभारी अर्जुन्दा कुमार गौरव साहू,सउनि डोमन साहू, प्रधान आरक्षक विकास सिंह,आर.बलदेव महावीर, धर्मेंद्र चंद्रवंशी, नेमसिंग,कमलेश रावटे की विशेष भूमिका रही।

उरगा थाना द्वारा न्यायिक आदेश की अवहेलना का मुद्दा सदन में उठा
भाजपा विधायक ननकीराम कंवर ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए उठाया मुद्दा
रायपुर 21 मार्च – विधानसभा में आज भाजपा विधायक ननकीराम कंवर ने न्यायिक दण्डाधिकारी कोरबा के दाण्डिक प्रकरण में पारित आदेश का पालन उरगा थाना द्वारा नहीं किये जाने का मुद्दा उठाया।
ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए यह मामला उठाते हुए भाजपा विधायक कंवर ने कहा कि प्रथम वर्ष न्यायिक दण्डाधिकारी कोरबा के दाण्डिक प्र.क्र. 333/2014 में पारित आदेश 03.01.2020 का पालन उरगा थाना जिला कोरबा द्वारा आज दिनांक तक नहीं किया गया है जो न्यायालय के आदेश का खुला उल्लंघन है। आरोपी के विरूद्ध उरगा थाना में अनेकों शिकायत पर प्रथम सूचना दर्ज है। ग्राम भलपहरी के दो प्रकरण और ग्राम कुदूरमाल, देवरमाल, दादरखुर्द के कई किसानों द्वारा जमीन हड़पने संबंधी शिकायत कर प्रथम सूचना दर्ज कराया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं किये जाने से अपराध की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। कोरबा शहर रिसदी में शासकीय जमीन पर घरसा बनाकर सड़क तक आने जाने के लिए रास्त बनाया गया है और राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा उक्त बेजा कब्जा को बेचने की कोशिश की जा रही है। कोरबा में हो रही जमीन अफरा तफरी में पुलिस प्रशासन एवं राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किये जाने से कोरबा जिल के आम जनमानस में सरकार के प्रति असंतोष व्याप्त है।
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने इसके जवाब में कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम वर्ग न्यायिक दण्डाधिकारी कोरबा द्वारा दाण्डिक आई.एस. (केश इंफर्मेेशन सिस्टम) क्रमांक 3033/2014 में 13.12.2019 को न्यायालय ने अपने आदेश में संबंधित थाना को निर्देशित किया है कि देवेन्द्र पाण्डेय के संबंध में अतिरिक्त विवेचना कर अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करें। न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी कोरबा द्वारा थाना प्रभारी उरगा जिला कोरबा को आदेशित किया गया कि उच्च न्यायालय बिलासपुर के सीआरएमपी (क्रिमिनल मिसलिनियस पिटीशन) नंबर 67 ऑफ 2021 में पारित आदेश के पालन में दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 1486/2014 के संबंध में कार्यवाही आगामी आदेश तक स्थगित रखी जावे। थाना प्रभारी उरगा द्वारा न्यायालय के उक्त आदेश के परिपालन में कार्यवाही स्थगित रखी गई है। देवेन्द्र पाण्डेय एवं उनके संबंधित के विरूद्ध थाना उरगा जिला कोरबा में कुल 03 अपराध पंजीबद्ध है। जिनका विवरण इस प्रकार है।
गृहमंत्री ने बताया कि थाना उरगा में ग्राम भलपहरी के प्रार्थी उर्मिला बाई महंत की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 610/2021 की धारा 420 भारतीय दण्ड विधान कायम कर विवेचना में लिया गया है। केस डायरी 14.12.2021 से उच्च न्यायालय बिलासपुर में जमा है। ग्राम देवरमाल के निवासियों की शिकायत की जांच नायब तहसीलदार एनजे गेंदले द्वारा की गई। नायब तहसीलदार गेंदले की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 785/2012, धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना की गई, प्रकरण में सभी 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ग्राम दादरखुर्द के प्रार्थी प्रभाती लाल पटेल की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 1129/2021 धारा 420, 34 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उक्त प्रकरण में उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा दिनांक 16.12.2021 को आरोपियों को अंतिरिम जमानत दिये जाने का निर्णय पारित किया है।
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा शहर के रिसदी क्षेत्र की शाासकीय जमीन पर सृष्टि मेडिकल को आबंटित भूमि खसरा नंबर 296/04, 296/05 एवं शासकीय भूमि खसरा नंबर 296/1 क का आंशिक भाग में कच्चे पहुंच मार्ग के संबंध में अतिरिक्त तहसीलदार कोरबा के प्रतिवेदन अनुसार विधिवत् प्रकरण दर्ज कर सुनवाई की जा रही है। यह विषय शासकीय भूमि अतिक्रमण से संबंधित है अत: अवैध अतिक्रमण पर बेदखली हेतु प्रकरण दर्ज किया गया है। किसी प्रकार की भूमि की अफरा-तफरी नहीं की गई है। पुलिस प्रशासन एवं राजस्व विभाग द्वारा सभी प्रकरणों पर विधि सम्मत कार्यवाही की जा रही है। जिससे आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।
मनरेगा घोटाला, जिला पंचायत सीईओ सहित 15 निलंबित
रिटायर्ड डीएफओ से भी हो सकती है वसूली की कार्रवाई
पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने सदन में की निलंबन की घोषणा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मरवाही वन मंडल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पुलिया और स्टॉपडेम निर्माण में अनियमितता के मामले में पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने माना कि इसमें गड़बड़ी हुई है। उन्होंने मामले में जिला पंचायत सीईओ सहित 15 वन अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने की घोषणा सदन में की। जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र ठाकुर के निलंबन की भी घोषणा की गई. गड़बड़ी करने वाले एक तत्कालीन डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी समन्वय में भेजी जाएगी।
मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल से जुड़ा हुआ है। सत्तापक्ष के विधायक गुलाब कमरो ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से मामला उठाया। उन्होंने कहा, मरवाही वन मंडल के ग्राम चुकतीपानी, टाड़पथरा, पकरिया, केंवची, पंड़वनिया और तराईगांव में पुलिया और स्टापडैम का निर्माण कराना था। इन गांवों में 33 काम के लिए सामग्री की राशि निकालकर गबन कर लिया गया, जबकि काम हुआ ही नहीं है। जिला कलेक्टर की जांच में यह साबित भी हो गया है। सदन में टीएस सिंहदेव ने बताया कि मेरे पास जिला कांग्रेस कमेटी के मनोज गुप्ता की शिकायत आई थी कि मामले में मनरेगा के नियमों का उल्लंघन किया गया है।
80 प्रतिशत समाग्री खरीदी
सदन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि कुल 7 करोड़ की राशि का आबंटन किया गया था, इसमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा समाग्री खरीदी की गई। 14 प्रतिशत लेबर भुगतान किया गया है। मटेरियल का एक मुश्त भुगतान कर दिया गया। यहां पर 6 करोड़ की समाग्री खरीदी में मात्र 1 करोड़ की समाग्री पाई गई है। सीईओ जिला पंचायत ने प्राकलन स्वीकृति के अभाव में काय्र जारी किया यह गलतमी की है। मरवाही के वन मंडलाधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया है। वन और पंचायत दो विभागों के बीच का मामला होने की वजह से कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
अध्यक्ष ने कहा, निलंबित कर जीएडी को दें सूचना
उसके बाद विपक्ष के विधायक भी खड़े हो गए। उनका कहना था, जब अनियमितता साबित हो गई तो दोषी अधिकारियों को क्यों बचाया जा रहा है।
मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, हमारे काम करने की एक सीमा है। हम प्रथम श्रेणी के अधिकारियों और रिटायर्ड डीएफओ पर कैसे कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा, प्रथम श्रेणी के अधिकारियों का मामला उनके विभागों में समन्वय के लिए भेजेंगे। शेष 14 लोगों को निलंबित कर दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इसमें भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा, आप जिम्मेदारों को निलंबित कर सामान्य प्रशासन विभाग को सूचना भेज सकते हैं। इसके बाद मंत्री ने जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ सहित 15 अधिकारियों-कर्मचारियों के निलंबन की घोषणा करता हूं।
सीईओ गजेंद्र ठाकुर पर कार्रवाई
मामले में शामिल सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर अभी जांजगीर-चांपा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ठाकुर के बिलासपुर जिला पंचायत सीईओ रहते हुए मनरेगा में यह गड़बड़ी हुई थी। कलेक्टर की जांच में भी उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्राथमिक जांच में दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को इस घोटाले का जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की गई है।
इन वन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई
राकेश कुमार मिश्र, सेवानिवृत्त तत्कालीन प्रभारी वन मंडलाधिकारी, केपी डिंडौरे तत्कालीन उप वन मंडलाधिकारी गौरेला,गोपाल प्रसाद जांगड़े तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी,अंबरीश दुबे तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक गौरेला, अश्वनी दुबे तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक केंवची,उदय तिवारी तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक पिपरखुंटी,अनूप कुमार मिश्रा तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक पंकरिया, राजकुमार शर्मा सेवानिवृत्त तत्कालीन प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी गौरेला, वीरेंद्र साहू तत्कालीन वन रक्षक चुकतीपानी, दीपक कोसले तत्कालीन वन रक्षक ठाडपथरा, देवेंद्र कश्यप तत्कालीन वन रक्षक पंडवनिया, पन्नालाल जांगड़े तत्कालीन वन रक्षक आमानाला, नवीन बंजारे तत्कालीन वन रक्षक, पकरिया, लाल बहादुर कौशिक तत्कालीन वन रक्षक, केंवची और नीतू ध्रुव तत्कालीन वन रक्षक ठेंगाडांड पर कार्रवाई की गई।


