जगदलपुर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने धरमपुरा में महारा समाज और परपा थाना के पास बन रहे कोया समाज के भवन निर्माण कार्य का सोमवार को जायजा लिया। महारा समाज के भवन निर्माण के लिए केवल गड्ढा ही खोदा जा सका है, जबकि कोया समाज भवन का काम आधा-अधूरा है। इसे देख मंत्री ने नाराजगी जताते पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को सर्किट हाऊस में तलब कर खूब फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे प्रदेश में सभी समाजों के लोगों को सामाजिक भवन बनाने के लिए जमीन के साथ ही निर्माण के लिए लाखों रूपए भी दे रहे हैं। बस्तर के दो प्रमुख महारा और कोया समाज के लिए मेरे अनुरोध पर जमीन के साथ बड़ी धनराशि मुख्यमंत्री ने प्रदान की है, लेकिन निर्माण कार्य सुस्त गति से चल रहा है ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने अभियंता से कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द काम पूरा कराया जाए। बारिश का मौसम आने पर आप ही लोग काम को छोड़ देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि कब तक काम पूरा होगा यह जल्दी बताओ और उस समय तक समाज को भवन मिल जाना चाहिए। भवन पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री को बुलाकर उनके हाथों से दोनों समाज के लोगों को भवन की सौगात देंगे। अफसर ने दोनों भवन के निर्माण में तेजी लाने और जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। साथ ही गुणवत्ता का भी पूरी तरह पालन करने की बात कही। इस दौरान इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम मौर्य, पार्षद विक्रम सिंह डांगी, कमलेश पाठक समेत अन्य जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद थे।
सांसद दीपक बैज ने लोस में उठाया वाशिंग लाइन का मामला
- जगदलपुर रेलवे स्टेशन में आधा अधूरा काम हो पाया है अब तक
- बजट में प्रावधान न होने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी बस्तर सांसद ने
बस्तर बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने सोमवार को लोकसभा में जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन निर्माण का मामला उठाया। ज्ञात हो कि वर्ष 2018 में वाशिंग लाइन का निर्माण रेलवे ने प्रारंभ किया था, पर उसे आधा अधूरा छोड़ दिया गया है और कार्य वर्षों से बंद पड़ा है। लोकसभा में बैज ने नियम 377 के तहत इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन का निर्माण हो जाने से यहां से चलने वाली और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की सफाई धुलाई करने का प्रस्ताव पूर्व तट रेलवे का था। इससे स्थानीय लोगो को रोजगार का अवसर मिलेगा, लेकिन यह कार्य अधर में लटकाकर रख दिया गया है। चिंता की बात है कि केंद्र सरकार के आम बजट 2023-24 में भी छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्टेशन पर वाशिंग लाइन आधे अधूरे निर्माण को पूर्ण करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बैज ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए।
देवांगन पुराण व माता परमेश्वरी महोत्सव देवांगन समाज कोहका के द्वारा मनाया गया
भिलाई – देवांगन समाज कोहका के द्वारा माता परमेश्वरी के मंदिर प्रांगण में लिमहा तालाब के पास शिक्षक नगर कोहका भिलाई मके पांच दिवसीय देवांगन पुराण कथा आयोजन किया गया। कथा वाचक परम पूज्य पंडित संतोष राव (खरोरा वाले ) के द्वारा कथा किया गया। उक्त जानकारी देते हुए समाज के सचिव मुकेश देवांगन ने बताया कि कथा आयोजन के प्रथम दिवस विशेष शोभायात्रा महिलाओं के कलश एवं गेड़ी नृत्य के साथ यात्रा बहुत ही शोभायमान थी , तथा अंतिम दिवस आज देवांगन समाज के 21 जोड़ों के द्वारा हवन पूजा कार्यक्रम साथ ही गोदान सहस्त्रधारा व अन्य पूजा विधि के पश्चात माता परमेश्वरी महोत्सव मनाया गया तथा साथ ही माता परमेश्वरी की मूर्ति विसर्जित किया गया इस कथा के माध्यम से कथा वाचक ने समाज व अन्य लोगों को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा आपसी संबंधों की मिठास को बढ़ाने व अन्य कई महत्वपूर्ण ज्ञान की बातें लोगों को बताई गई ताकि लोग अपने जीवन मूल्यों को समझकर श्रेष्ठ मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल कर सकें और एक अच्छे और स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरीश देवांगन (अध्यक्ष खनिज विकास निगम छत्तीसगढ़ शासन) मुख्य अतिथि विजय साहू (क्रेड़ा सदस्य) नीरज पाल (महापौर नगर पालिक निगम भिलाई) गिरवर साहू सभापति (नगर पालिक निगम भिलाई) धर्मेंद्र यादव( वरिष्ठ नेता कांग्रेसी ) तथा देवांगन समाज कोहका के पदाधिकारी गण अध्यक्ष सूरज देवांगन सचिव मुकेश देवांगन व समाज के पदाधिकारी गण भूषण देवांगन टीकाराम देवांगन शैलेंद्र देवांगन, गेंदलाल, तारा, पुष्पा, छबीलाल, हीरदे, कन्हैया राजापूजया कन्हैया तरार, मनोज, नरेश, कौशल, गौकरण, गौरीशंकर ,हेमंत ,तरुण तथा महिला पदाधिकारी गण सीमा ,रीना, प्रेमलता ,करुणा, नेहा, मीरा ,कविता, प्रिया, कौशल्या व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ शासन तत्पर :- मंत्री लखमा
- अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए किया गया सम्मेलन का आयोजन


दो दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे
- दो दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन में ग्राम मगरदाह (मरदेल) पहुंचे मुख्य अतिथि विक्रम धुर्वे
दल्लीराजहरा भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे डौंडी ब्लॉक के ग्राम मगरदाह में एम स्टार द्वारा आयोजित दो दिवसीय महिला एवं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर खिलाड़ियों एवं ग्रामीणों ने भी बड़े ही आत्मियता के साथ उनका स्वागत किया । वही विक्रम धुर्वे ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया । विक्रम धुर्वे ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे । विक्रम धुर्वे ने आगे कहा की कबड्डी के क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों के भविष्य के लक्ष्य को साकार करे यह प्रतियोगिता इसी दिशा का प्रयास है।


ग्रामीण क्षेत्र में खेलों के प्रति जो जागरूकता है और उसे हम विभिन्ना खेल आयोजनों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा मंडल अध्यक्ष डौंडी मनीष झा ने भी सभी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने को कहा और आयोजन समिति को इतने अच्छे कबड्डी प्रतियोगिता के लिए धन्यवाद भी दिया। इस दौरान विशेष अतिथि के रूप में हिरदेय राम कोवाची (सरपंच ग्राम मरदेल), रमिता मरकाम (जनपद सदस्य जनपद पंचायत डौंडी), नेहरूराम तेता (सर्कल अध्यक्ष), रामकिशन कोरेटी (सरपंच नर्रलगुड़ा), पतिराम नरेटी, रुपेश नायक (उपाध्यक्ष नगर पंचायत डौंडी) संजीव मानकर (पार्षद व अध्यक्ष युवा मोर्चा डौंडी) आशीष गुप्ता (उपाध्यक्ष युवा मोर्चा डौंडी)समिति के अध्यक्ष अश्वन तेता व समिति के सभी सदस्य, ग्राम मगरदाह (मरदेल) के समस्त खेल प्रेमी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।


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कांग्रेस में नेताम के लिए फिर आये दिन बहार के
- असल सवाल तो यह है कि प्रतिबद्धता कहां होगी? कांग्रेस या आदिवासी समाज के साथ?
अर्जुन झा
जगदलपुर किसी जमाने में बस्तर की राजनीति के चमकदार सितारे रहे और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शोभित होने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद नेताम बदलते वक्त में पार्टी में बेगाने हो कर सर्व आदिवासी समाज नाम के सामाजिक संगठन की राजनीति में सक्रिय हो गए। उन्हें कांग्रेस ने अपनी तरफ से घर बैठा दिया। लेकिन अब उनके लिए कांग्रेस में बहार के दिन फिर से आने के संकेत मिल रहे हैं। रायपुर में होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें स्वागत समिति में शामिल किया गया है। जबकि बीते दिनों में उन्हें कांग्रेस में अहमियत नहीं दी जा रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक अवसर पर उन्हें संदेश दे चुके हैं कि उनकी पारी समाप्त हो चुकी है, अब दीपक बैज और राजमन बेंजाम को खेलने दें। मतलब यह कि अब बस्तर में नई पौध को कांग्रेस के बगीचे में खिलने दिया जाए। वैसे भी प्रकृति का नियम यही है। सूखे पत्ते या तो खुद ब खुद झर जाते हैं अथवा झरा दिए जाते हैं। राजनीति में ऐसा कुछ ज्यादा ही होता है। सूखे पत्तों को मार्गदर्शक बताकर मूकदर्शक बना दिया जाता है। कांग्रेस की बात है तो सिर्फ कांग्रेस की ही बात की जा रही है अन्यथा भाजपा में भी यही रीत है कि आशीर्वाद तो सब लेते हैं लेकिन सुनता कोई नहीं। अब बस्तर में कांग्रेस की तरुणाई को आशीर्वाद देने के लिए बुजुर्ग नेता अरविंद नेताम और उनकी पत्नी छबीली नेताम को मान देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सुध ली है। इस अवसर पर यह भी स्मरण किया जा सकता है कि कुछ अरसे पहले अरविंद नेताम ने मंत्री कवासी लखमा को उपदेश दिया था तो जवाब में कवासी लखमा ने नसीहत दे दी थी कि नाती पोते खिलाने की उम्र है तो नेताम घर बैठकर नाती पोते खिलाएं। आशय यही है कि नेताम राजनीति में दखल नहीं दें। नेताम भी राजनीति के पुराने योद्धा हैं। योद्धा कितना भी बुजुर्ग हो जाये, उसका जोश कम नहीं होता। महाभारत के युद्ध में कौरवों की तरफ से बुजुर्ग सेनापतियों ने ही नेतृत्व किया था। राजनीति भी एक युद्ध का मैदान ही है तो यहां भी बुजुर्गों की स्थिति भीष्म पितामह और गुरु द्रोण जैसी ही है। बुढ़ापे में मोतीलाल वोरा जैसे तपे तपाये नेता की राज्यसभा टिकट काटकर दूसरे आंगन की तुलसी छत्तीसगढ़ के आंगन में स्थापित करना इसका एक उदाहरण समझ में आता है लेकिन यह भी राजनीतिक जरूरत है कि नवीनता को स्थान प्राप्त हो अन्यथा बूढ़ी कांग्रेस देश भर में कृशकाय हो गई है। कांग्रेस में अनुभव और जोश का सामंजस्य बिठाने की परंपरा है, इसलिए अनुभव के धनी मल्लिकार्जुन खड़गे आज कांग्रेस के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। इस हिसाब से देखें तो कांग्रेस अब भी बुजुर्ग पीढ़ी के अनुभव को मान्यता दे रही है। नई और पुरानी पीढ़ी के बीच विचारों में फर्क होता है। यहां समन्वय की दरकार है। अब अरविंद नेताम की याद छत्तीसगढ़ कांग्रेस को क्यों आई है तो सीधी सी बात है कि चुनाव सिर पर है। बस्तर में अरविंद नेताम एक बड़ी शख्सियत हैं। उनके संरक्षण में चल रहा सर्व आदिवासी समाज संगठन तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा है। इसकी बानगी भानुप्रतापपुर उपचुनाव में सामने आ चुकी है। अब अरविंद नेताम जिस मुकाम पर खड़े हैं, वहां सर्व आदिवासी समाज के संगठन को अधर में छोड़कर वे कांग्रेस के लिए पूर्ण समर्पित होने की स्थिति में नहीं हैं। कांग्रेस ने उन्हें मान दिया है, जिसे उन्होंने पुराने रिश्तों की वजह से स्वीकार किया है किंतु सवाल यह है कि उनकी प्रतिबद्धता कहां होगी? कांग्रेस के प्रति या आदिवासी समाज के साथ?
सांसद बैज की पहल पर महरा, माहरा भी जल्द अजा सूची में
- संसद में संवैधानिक मान्यता के लिए तेज हो गई है कवायद
- संसद में प्रस्ताव पारित होते ही मिल जाएगा अनुसूचित जाति का दर्जा
अर्जुन झा
बस्तर बस्तर के सांसद दीपक बैज के प्रयासों से महरा माहरा जाति को जल्द ही अनुसूचित जाति का दर्जा मिल जाएगा। इस मसले से जुड़े लगभग सभी चरणों की प्रक्रियाएं केंद्रीय स्तर पर पूरी हो चुकी हैं। सिर्फ अंतिम चरण की प्रक्रिया के तहत संसद में प्रस्ताव पारित कर इस जाति को अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा दिया जाना ही बाकी रह गया है। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग में महरा, माहरा जाति के लोग बहुतायत में सदियों से निवासरत हैं। इस जाति के लोग अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं, लेकिन इस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा अब तक नहीं मिल पाया है। इस समुदाय के लोग अनुसूचित जाति का दर्जा पाने के लिए वर्षों से संघर्षरत हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बस्तर के संसद इस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने लगातार गंभीरता के साथ पहल कर रहे हैं। सांसद श्री बैज की पहल पर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में माहरा महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। कुछ दिनों पहले सांसद श्री बैज के नेतृत्व में माहरा महरा जाति के प्रतिनिधि मंडल ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और भारत के महारजिस्ट्रार से मुलाकात की थी। श्री बैज ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, आयोग अध्यक्ष एवं महारजिस्ट्रार को इस जाति की पीड़ा और केंद्र व राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं तथा आरक्षण के लाभ से उनके वंचित रहने की जानकारी दी थी। केंद्रीय मंत्री, आयोग अध्यक्ष व महारजिस्ट्रार ने इस संबंध में जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर मंजूरी के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को जल्द केंद्र सरकार के पास भेजने का भरोसा दिलाया था। ज्ञात हो कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर इन तीनों विभागों की सहमति जरूरी है।*बॉक्स**गेंद अब केंद्र सरकार के पाले में*माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का सारा दारोमदार अब केंद्र सरकार पर टिका हुआ है। हाल ही में सांसद श्री बैज को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का एक आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के प्रस्ताव को नियमानुसार परीक्षण एवं विचार के बाद अनुसूचित जाति आयोग, महारजिस्ट्रार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सहमति मिल गई है। अब प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद 341 (2) के तहत संसद के समक्ष विचारार्थ एवं एक विधेयक के रूप में स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि संसद में राज्य सरकार का यह प्रस्ताव जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।*वर्सन – फोटो के साथ लगाएं**समुदाय को अब मिलेगी राहत*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने और केंद्र सरकार ने महरा माहरा जाति के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुझे पूरा भरोसा है कि संसद में भी इस समुदाय को अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा जल्द मिल जाएगा।
तीरथगढ़ माघी मेले में धड़ल्ले से चल रहा है खड़खड़ी का खेल
- आदिवासियों को जुए का आदी बना रहे हैं अपराधी तत्व
- पुलिस की नाक के नीचे चलाया जा रहा जुए का यह अवैध कारोबार
जगदलपुर बस्तर के प्रसिद्ध मड़ई मेलों में अपराधी तत्व खुलेआम खड़खड़ी का खेल चला रहे हैं। यह खेल जुआ का ही एक रूप है। अंतर सिर्फ इतना है कि इस जुए में ताशपत्ती का उपयोग नहीं होता, लेकिन इस खेल के फेर में फंसकर आदिवासी अपनी कमाई दांव पर लगाकर बर्बाद हो रहे हैं।बस्तर में इन दिनों मड़ई मेलों का सीजन चल रहा है।
बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन और देवस्थलों में मांघी मेले का दौर लगातार जारी है। इन मेलों का आकर्षण ऐसा रहता है कि इनका लुत्फ़ उठाने बस्तर संभाग के साथ ही दूर दूर से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। प्राकृतिक छटाओं और विहंगम जलप्रपात के अनुपम सौंदर्य से भरपूर तीरथगढ़ में भी मांघ पूर्णिमा मेला लगा हुआ है। तीरथगढ़ में भी देश- विदेश के पर्यटक आकर इस क्षेत्र के सौंदर्य का दर्शन करते हैं। तीरथगढ़ में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आज से मेला का आयोजन प्रारंभ हुआ है। शांति व्यवस्था बनाने के लिए दरभा थाने का पुलिस बल तैनात है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी का कोई असर अपराधी तत्वों पर पड़ता नहीं दिख रहा है। इस मेले में मनोरंजन के नाम खड़खड़ी का खेल चलाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस के संरक्षण में प्रतिबंधित खड़खड़ी का खेल खेलाया जा रहा है। इस खेल के माध्यम से लोगों को एक रूपए के 16 रूपए देने का झांसा देकर खड़खड़ी संचालक लोगों की जेब काटने पर तुले हुए हैं। एक के सोलह के चक्कर में भोले भाले आदिवासी ग्रामीण सबकुछ लुटाकर तबाह होते जा रहे हैं। पिछले 2 दिनों से इस क्षेत्र में चल रहे मेले में मुर्गा बाजार का भी आयोजन हुआ था। मुर्गा बाजार में भी धड़ल्ले से स्थानीय पुलिसकर्मी खड़खड़ी का खेल चलाने में अपना संरक्षण देते नजर आ रहे थे। पुलिस के संरक्षण में यह खेल आज भी जारी है। मेले में खड़खुड़ी खेलाए जाने के सवाल पर क्षेत्र के डीएसपी ऐश्वर्या चंद्राकर ने कहा कि मेले में तो, नहीं लेकिन मुर्गा बाजार के आसपास कुछ लोग खड़खड़ी जरूर चलाते हैं। चंद्राकर ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों की धरपकड़ कर रही है, फिर भी लोग चोरी छिपे खड़खड़ी चलाने में कामयाब हो जाते हैं।
बस्तर सांसद दीपक बैज की मुहिम रंग लायी, महरा माहरा जाति को मिलेगा उसका हक
- सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री ने दी सांसद को जानकारी
जगदलपुर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बस्तर सांसद दीपक बैज को उनके पत्र के संदर्भ में पत्र लिखा है। जिसमें उनके द्वारा महरा माहरा जाति को छत्तीसगढ़ राज्य की अनुसूचित जातियों की सूची में महार मेहरा मेहर की पर्यायवाची के रूप में शामिल करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में सांसद दीपक बैज को अवगत कराया है कि अनुसूचित जातियों की सूचियों में संशोधन करने के लिए भारत सरकार ने प्रक्रिया निर्धारित की है। जिनके अनुसार किसी जाति आदि को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव सर्वप्रथम संबंधित राज्य सरकार संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन से आवश्यक जातीय सामग्री सहित प्रस्तावित होना आवश्यक है। जिसे भारत के महा रजिस्ट्रार एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के परामर्श से प्रसंस्कृत किया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने सांसद दीपक बैज को लिखे पत्र में बताया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महरा माहरा समुदाय को छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जातियों की सूची में महार, मेहरा, मेहर की पर्यायवाची के रूप में शामिल करने की अनुशंसा अपने पत्र दिनांक 7.12. 2021 दिनांक 23:12 2021 दिनांक 10. 1. 2022 और दिनांक 28.1. 2022 के पत्रों द्वारा की। निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार उक्त प्रस्ताव का भारत के महा रजिस्ट्रार एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के परामर्श से परीक्षण किया गया। जिन्होंने प्रस्ताव पर सहमति जताई है। अब उक्त प्रस्ताव को भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 (2) के तहत संसद के समक्ष विचारार्थ और पारित करने के लिए एक विधेयक के रूप में प्रस्तुत करने हेतु यथा समय प्रसंस्कृत किया जाना है।
पार्टी की गतिविधियों से क्षुब्द हुं इसीलिए सचिव अस्वीकार
- महिला कांग्रेस की नेत्री ने घंटे भर में संगठन को भेजा पत्र
जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर की महिला अध्यक्ष श्रीमती कमलजीत झज्ज को हटाकर श्रीमती सरला तिवारी की नियुक्ति की गई और श्रीमती झज्ज को प्रदेश सचिव बनाया गया लेकिन कुछ घंटों में ही श्रीमती झज्ज ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम को भेजा है। श्रीमती झज्ज ने महिला कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि पार्टी की कुछ गतिविधियों से क्षुब्द हुं इसीलिए मैं इस पद को अस्वीकार कर रही हूं। ज्ञात हो कि की दिनों से महिला कांग्रेस में फेरबदल को लेकर अटकलें तेज थी और एक खेमा श्रीमती झज्ज को हटाने को लेकर लामबंद था। इन सबके बीच महिला नेत्री झज्ज का इस्तीफा कई चर्चाओं के बाजार को गर्म किया हुआ था। वर्तमान में सांसद गुट की नेत्री सरला तिवारी की नियुक्ति हो गई जिसके बाद और राजनीतिक खाई बढ़ना प्रारंभ हो गया है।


