छिंदबहार गांव में में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का शुभारंम किया संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने
जगदलपुर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिंदबहार में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय शिविर के शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन तथा श्रम विभाग रेखचंद जैन ने राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्वज फहरा कर किया।
इस अवसर पर एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में अनुशासन, सहकार एवं सेवा भावना का संचार करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रथम सीढ़ी है। युद्ध काल हो या शांति काल दोनों में ही एनएसएस की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने छात्र छात्राओं से शिविर की गतिविधियों मेंबढ़ चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। जैन ने कहा कि शिविर की गतिविधियां बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायक होती हैं। उन्होंने सात दिवसीय शिविर के सफल संचालन की कामना की एवं आयोजन समिति को बधाई दी।
इस अवसर पर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल के सदस्य बलराम मौर्य, जनपद उपाध्यक्ष अनंत राम, जनपद सदस्य द्वय तुलाराम कश्यप व दीनमनी बेसरा, सरपंच छिंदबहार मनबती कश्यप, सोनधर कश्यप, उप सरपंच गंगा कोर्राम, शम्भू बेसरा, लक्ष्मण समरथ, हेमंत नाग, गागरू राम नाग, सहादेव कश्यप, मोहन कश्यप, कमलसाय कश्यप, चिंगपाल के लेम्पस अध्यक्ष फागूराम, मनोनीत पार्षद सुरेन्द्र झा, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमू उपाध्याय, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, चंदर यादव, नरेंद्र यादव, खंड शिक्षा अधिकारी राजेश उपाध्याय एवं शाला के शिक्षक शिक्षिकाएं, एनएसएस कार्यकर्त्ता व छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
जिले के सीमावर्ती थानों में भूसा गाड़ियों एवं सामान को बिना ढके परिवहन करने वाले वाहनों पर कार्यवाही हेतु चलाया गया विषेश मोटर वाहन चेकिंग अभियान
67 लापरवाह वाहन चालकों पर 21,000 रूपये वसूला गया चालान
बालोद :- पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, श्रीमान् अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के मार्गदर्शन में समस्त राजपत्रित अधिकारी (पुलिस) जिला बालोद के पर्यवेक्षण में जिले के थाना/चौकी प्रभारी एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में बालोद जिले के सीमावर्ती थाना डौंडी, देवरी, गुरूर, रनचिराई , अर्जुदा, और गुण्डरदेही क्षेत्र मे विषेश अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान ओव्हरहाईट एवं अगल-बगल एवं पीछे की ओर गाड़ी के बाहर लम्बा माल निकालकर चलने वाले वाहनों, सामान को बिना ढंके वाहन चालन करने वालों के विरूद्व अभियान चलाकर कुल 67 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व मोटरयान अधिनियम् के तहत् कार्यवाही कर 21,000 रू. समन शुल्क वसूल किया गया।
इस चेकिंग अभियान के दौरान वाहन चालको एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने एवं हेलमेट लगाने की समझाईश देकर यातायात संकेतो के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया साथ-साथ ओव्हरहाईट वाहन चालन, ओव्हरलोड़ माल/यात्री परिवहन, प्रेशर हार्न का प्रयोग, तेज गति से वाहन चलाने, शराब सेवन कर वाहन चलाना, दोपहिया वाहन में तीन सवारी बैठाना, नम्बर प्लेट का स्पष्ट न लिखा होना, एवं मौके पर वाहन के दस्तावेज पेश नहीं करने, वाहन चलाते हुए मोबाईल से बात करना बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चलाते पाये जाने वालों पर सख्ती से कार्यवाही किया गया है। इस प्रकार का मोटर वाहन चेकिंग अभियान बालोद पुलिस द्वारा लगातार जारी रहेगा, सभी वाहन चालको से निवेदन है कि अपने गाडी का दस्तावेज़ लेकर यात्रा करे और यातायात पुलिस का चेकिंग अभियान में सहयोग करें |
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मौत हो गई तब भी नही पहुंचे मॉडल हॉस्पिटल के बेदर्द डॉक्टर
बकावंड के सरकारी चिकित्सालय के चिकित्सकों ने मानवता को कर दिया शर्मसार
अर्जुन झा
बकावंड गंभीर रूप से घायल एक युवक अस्पताल में घंटों तड़पता रहा और डॉक्टर साहिबान अपने घरों में आराम फरमाते रहे। युवक ने दम तोड़ दिया, तब भी बेदर्द डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। और तो और जिस नर्स की ड्यूटी थी, वह भी नदारद रही।अस्पताल में भर्ती सारे मरीजों को एक ट्रेनी नर्स के भरोसे छोड़ दिया गया था। किसी मरीज का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था, किसी मरीज की सांसें उखड़ी जा रही थीं, तो किसी मरीज को चढ़ाई गई सलाईन की बोतल खाली हो गई थी और हवा नसों में प्रवेश कर रही थी। डॉक्टरों को किसी की परवाह ही नहीं थी।
ऐसा दर्द भरा नजारा मॉडल हॉस्पिटल बकावंड में हमेशा देखने को मिल जाता है। गुरुवार को दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल ओड़िशा के अमड़ीगुड़ा गांव निवासी अनुसूचित जाति के युवक थबीर बधेल पिता कपूरचंद को उसके परिजन इसी अस्पताल में लेकर आए थे। दोपहर 3 बजे लाए गए इस युवक का इलाज करने के लिए अस्पताल में एक भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। घंटों तड़पते रहने के बाद इस युवक ने आखिरकार दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद भी डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने की जरूरत नहीं समझी। उसका शव उसी वार्ड की एक बेंच पर रखा रहा, जहां दर्जन भर मरीज एडमिट थे। पूरी रात सारे मरीजों के बीच शव रखा रहा। यही नहीं वहां भर्ती मरीजों को महज एक प्रशिक्षु नर्स के भरोसे छोड़कर अस्पताल का सारा स्टॉफ नदारद रहा। इनमें से दो मरीजों का ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ गया था। एक मरीज की सांसें थमती सी जा रही थीं। एक मरीज को जो सलाईन चढ़ाई गई थी, वह खाली हो चुकी थी। सुई के जरिए एयर उसके शरीर में प्रविष्ट हो रहा था। इकलौती प्रशिक्षु नर्स किस मरीज को देखती और किसे नहीं। मरीजों की तिमारदारी करते करते वह भी बेदम हुई जा रही थी। वैसे भी वह प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है, लिहाजा उससे मरीजों की सही देखभाल की उम्मीद भला कैसे की जा सकती है? जिस नर्स की रात्रि ड्यूटी थी, उसका कोई अता – पता नहीं था। अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर सरकारी अस्पताल का सारा अमला अपने घरों में परिजनों के साथ समय गुजारते रहे। बस्तर जिले के बकावंड तहसील मुख्यालय में संचालित सरकारी मॉडल हॉस्पिटल का यहां पदस्थ डॉक्टरों ने मजाक बना रखा है। इस अस्पताल में शासन ने तमाम जरूरी सुविधाएं, संसाधन उपलब्ध करा रखे हैं तथा पर्याप्त डॉक्टर्स और स्टॉफ की नियुक्ति कर रखी है। दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन इन तमाम सहूलियतों का जरा सा भी लाभ अंचल के ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। इसकी इकलौती वजह यहां पदस्थ बीएमओ और डॉक्टरों की बेपरवाही ही है। यह अस्पताल सिर्फ नाम का मॉडल हॉस्पिटल है। इतनी सारी विसंगतियों से भरा यह मॉडल हॉस्पिटल दीगर अस्पतालों के लिए रोल मॉडल भला कैसे साबित हो सकता है? यह सवाल अंचल के हर आदमी की जेहन में गूंज रहा है। उल्लेखनीय है कि बकावंड अंचल में इस मॉडल हॉस्पिटल के अलावा और कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं है। पचास हजार से भी अधिक की आबादी स्वास्थ्य सेवा के लिए इस अस्पताल पर निर्भर है। बकावंड विकास खंड से लगे पड़ोसी राज्य ओड़िशा के गांवों के मरीजों तथा दुर्घटनाओं में घायल लोगों को भी यहां लाया जाता है, मगर यहां के डॉक्टरों की मनमानी के कारण लोगों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जाति, धर्म, राज्य देखते हैं डॉक्टर
कहते हैं डॉक्टर जात पात, धर्म मजहब और राज्य नहीं देखते। इलाज के लिए पहुंचा व्यक्ति किसी डॉक्टर की नजर में सिर्फ मरीज होता है और उस मरीज की जान बचाना डॉक्टर का धर्म। मगर मॉडल हॉस्पिटल बकावंड के डॉक्टरों पर यह बात फिट नहीं बैठती। यहां के डॉक्टर्स पैसा और पहुंच को तरजीह देते हैं। ओड़िशा से लाए गए घायल दलित युवक के परिजन सब कुछ गंवा बैठने के बाद यह कहते सुने गए कि हम ओड़िशा के रहने वाले दलित लोग हैं, हमारी पुकार भला कौन यहां सुनेगा ? पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र पाणिग्रही के समक्ष इस दलित परिवार का यह दर्द छलक पड़ा। पाणिग्राही बीती रात करीब आठ बजे किसी कार्य से मॉडल हॉस्पिटल पहुंचे थे, तब उनके समक्ष घायल युवक के साथ ओड़िशा से आए लोगों और अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।
अव्यवस्था चरम पर : पाणिग्रही
पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता जितेंद्र पाणिग्रही ने कहा है कि मॉडल हॉस्पिटल बकावंड में अव्यवस्था चरम पर है। डॉक्टर अपनी ड्यूटी के प्रति जरा भी गंभीर नहीं हैं। प्रायः सभी डॉक्टर प्राइवेट प्रेक्टिस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। हॉस्पिटल में उपलब्ध कराई गई दवाइयों और इंजेक्शन का इस्तेमाल वे अपनी निजी क्लिनिक में आने वाले मरीजों के लिए करते हैं। यहां के डॉक्टर्स शासन से मोटी तनख्वाह लेते हैं, नक्सली प्रभावित क्षेत्र होने के कारण उन्हें शासन से विशेष भत्ता मिलता है तथा हॉस्पिटल कैम्पस में ही उन्हें सर्व सुविधाओं से युक्त आवास भी उपलब्ध कराए गए हैं। इतनी सारी साहूलियतें हासिल करने के बाद भी ये डॉक्टर्स बदले में मरीजों को कुछ भी नहीं देते। बीती रात जब पाणिग्रही हॉस्पिटल पहुंचे थे, तब उन्हें वहां एक ट्रेनी नर्स ही मौजूद मिली। ड्यूटी वाले डॉक्टर और नर्स नदारद थे। रात में अचानक अपने निजी काम से हॉस्पिटल पहुंचा एक डॉक्टर उनसे दुर्व्यवहार करने पर आमादा हो गया था। डॉक्टर यह बताने को तैयार ही नहीं था कि किस डॉक्टर की नाइट ड्यूटी है। जितेंद्र पाणिग्रही ने ओड़िशा से लाए गए घायल दलित युवक के परिजनों की व्यथा भी सुनाई। उन्होंने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर हॉस्पिटल की व्यवस्था सुधारने की मांग बस्तर के कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी से की है।
करेंगे अस्पताल का निरीक्षण
कल ही अस्पताल में अव्यवस्था और डॉक्टरों के रात में न रहने की शिकायत मिली है। जल्द ही मॉडल हॉस्पिटल का निरीक्षण कर हालात का जायजा लेंगे और दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी। –ओपी वर्मा अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व बस्तर, बकावंड
संसद में सरकार की नाक में दम करने वाले दीपक बैज ने रनों की बौछार से अफसरों को किया बेदम
उसरीबेड़ा क्रिकेट प्रीमियर लीग में दीपक बैज और सुशील मौर्य की जोड़ी ने मचाया धमाल
बस्तर उसरीबेड़ा क्रिकेट प्रीमियर लीग में गुरुवार को सांसद इलेवन और अधिकारी इलेवन के बीच सद्भावना मैच खेला गया। सांसद इलेवन और अधिकारी इलेवन के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। संसद में सवालों की बौछार से सरकार की नाक में दम करने वाले बस्तर के सांसद दीपक बैज ने क्रिकेट की पिच पर रनों की बौछार कर अफसरों की नाक में दम कर दिया।उसरीबेड़ा क्रिकेट प्रीमियर लीग का रोमांच बढ़ता ही जा रहा है। बस्तर के क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों का उसरीबेड़ा में जमावड़ा लग रहा है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी हाथ आजमाने मैदान पर उतर रहे हैं। गुरुवार को खेले गए सद्भावना मैच में सांसद इलेवन ने टास जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। मैच शुरू होने से पहले सांसद इलेवन के कप्तान सांसद दीपक बैज अपनी टीम का जोश हाई बनाए रखने एवं रणनीति तैयार करने में मशगूल नजर आए। उसरीबेड़ा का स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। ओपनर बल्लेबाज के रूप में सांसद इलेवन के कप्तान सांसद दीपक बैज व सुशील मौर्य मैदान पर उतरे। बैज व मौर्य की जोड़ी ने नाबाद 34 रनों की साझेदारी की। सांसद इलेवन के सारे खिलाड़ी जलवा दिखाने में कामयाब रहे। सांसद इलेवन की टीम ने 10 ओवर में 104 रन बनाए। अधिकारी इलेवन को लक्ष्य को छूने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल की पहल पर होंगे विकास कार्य
बकावंड :- करपावंड ब्लॉक की 15 ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने भूमिपूजन किया। इन पंचायतों में एक करोड़ 43 लाख 32 हजार रूपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
आरंभ में ग्रामीणों तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक बघेल का भव्य स्वागत किया। बघेल ने मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मूंग एवं तिल से बनाए गए लड्डू का जायका लिया और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्हें रोजगार बढ़ाने हेतु बाहर भी स्व निर्मित सामग्री भेजने की सलाह बघेल ने दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि रोजगार को बढ़ावा देने में वे हर संभव मदद करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया था। विधायक बघेल ने स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर अपना स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया। लोगों से आग्रह किया कि जिस तरह से हमारी सरकार निरंतर काम करते हुए आप लोगों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं लाकर लोगों को राहत देने की कार्य कर रही है। फिर भी हमारे लोग इन सभी योजनाओं से वंचित हैं। सामुदायिक वन अधिकार पत्र योजना के तहत बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बघेल ने गारेंगा में 140 हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया। इस अवसर पर बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप बस्तर में ग्रामीणों, किसानों और आदिवासियों के हित की सभी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज सुदूर गारेंगा गांव में वन अधिकार पत्र दिए गए हैं। सिर्फ पट्टा देने का काम सरकार नहीं कर रही है, बल्कि ग्रामीण आदिवासी किसानों को समृद्ध बनाने उन्हें आजिविका एवं आर्थिक गतिविधियों से जोड़ भी रही है। वन अधिकार पट्टा प्राप्त किसानों की जमीन के समतलीकरण, उनके खेतों में डबरी निर्माण कर मछली पालन, पशु पालन, उद्यानिकी फसलें लेने को प्रेरित किया जा रहा है। खेती के प्रति बढ़ा ग्रामीणों का रुझान विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के हित में जो कदम उठाए हैं, उससे कृषि के प्रति ग्रामीणों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य बढ़ाकर की जा रही धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना जैसे फैसलों से किसानों का रूझान कृषि की तरफ बढ़ रहा है। पंजीकृत किसानों की संख्या एवं कृषि रकबा में वृद्धि हुई है। कर्जमाफी से किसान कर्जमुक्त हुए हैं, सिंचाई के साधन बढ़े हैं। तेंदूपत्ता की दर प्रति बोरा 4 हजार रु. की जाने से वनांचल के लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। आदिवासी बच्चों की अच्छी शिक्षा हेतु आत्मानंद स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रहे हैं। सालों बंद पडे़ स्कूलों को दोबारा खोला गया है। स्कूलों में स्थानीय युवा ज्ञानदूत के रूप में बच्चों को पढ़ा रहे हैं और उन्हें रोजगार का अवसर मिला है। इस दौरान बकावंड जनपद अध्यक्ष सुखदई बघेल, जिला पंचायत सदस्य धनुरजय कश्यप, ब्लॉक अध्यक्ष करपावंड उत्तम नाइक, जगरनाथ सूर्यवंशी, नंदकिशोर, अर्जुन पांडे, शोभामणि दास, टोपीराम, सोनधर, लक्ष्मी कश्यप, वीरनाथ, रुपसाय, कमलू नाथ, भुनेश्वर, रकुल साय, शरद बघेल, धरमू राम, बद्रीनाथ जोशी, टेंपल, हरीश, जदु, मिठू राम, तुलसी राम, टांकेश्वर, अमरुराम, नंदा पटेल, जयराम, सोमन, नल कुमारी, शीतला, पूर्णादेवी, बालचंद, गणेश राम, राजेश कुमार एवं कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्त्ता तथा ग्रामीण उपस्थिति थे।
खबर का असर : सीटी मीडिया की खबर पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जारी की सहायता राशि
तरेंगा – 2 के झुमरु कश्यप को प्रदान की गई 60 हजार की मदद
बारिश में मकान ढहने के बाद सामुदायिक भवन में रह रहा है पांच सदस्यों वाला परिवार
बस्तर बारिश के कहर के चलते मकान ढह जाने से बेघर हुए आदिवासी परिवार की सुध आखिरकार जिला प्रशासन ने ले ली है। हरिभूमि द्वारा मामला सामने लाए जाने के बाद कलेक्टर बस्तर ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के लिए पहल की है। परिवार की मदद के लिए उनके बैंक खाते में 60 हजार रु. जमा कराए गए हैं। अधिकारियों का दल गुरुवार को गांव पहुंचा था। बस्तर जिले की भानपुरी तहसील की ग्राम पंचायत रतेंगा – 2 निवासी कंडरा आदिवासी झुमरू राम कश्यप का कच्चा मकान बरसात के मौसम के दौरान ढह गया था। तब से झुमरू राम अपनी पत्नी सुकाली बाई, बेटी कमली, बेटा परमेश्वर और बेटी प्रमिला के साथ गांव में निर्मित सामुदायिक भवन से लगकर बनाए गए लगभग दस गज के टीन शेड में रहता आ रहा है। यह टीन शेड संभवतः वाहन पार्किंग के लिए बनाया गया है। मकान ढहने से वहां रखे कपड़े, बिस्तर, चादर, अनाज व अन्य सामान भी नष्ट हो गए थे। झुमरू राम ने हादसे के तुरंत बाद अपने गांव के सरपंच और पटवारी को आवेदन देकर मदद की गुजारिश की थी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। हरिभूमि ने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए पीड़ित परिवार की व्यथा से जुड़ी खबर को विस्तार से प्रकाशित किया था। बस्तर के कलेक्टर चंदन कुमार ने इस खबर पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही की और भानपुरी के तहसीलदार से जानकारी लेकर पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता जारी की। झुमरू कश्यप और उसके परिवार की दारुण दशा की खबर हरिभूमि में प्रकाशित होने के बाद इसे लेकर जगदलपुर, बस्तर, भानपुरी, बकावंड व अन्य स्थानों पर व्यापक चर्चा होती रही। लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था की अहम कड़ी माने जाने वाले पटवारी की भूमिका को लेकर आक्रोश भी देखा गया। लोगों का कहना है कि पटवारी की उदासीनता के कारण ही आदिवासी परिवार को कष्टप्रद जीवन गुजारना पड़ रहा है।
दी गई सहायता राशि
मामला संज्ञान में आने के बाद भानपुरी तहसीलदार से मकान को हुई क्षति की विस्तृत जानकारी ली है। मकान 30 सितंबर को ढहा था। इस माह के आवंटन से सहायता राशि का भुगतान किया गया है। पीड़ित परिवार की मदद के लिए अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। चंदन कुमार कलेक्टर, बस्तर
मसीही धर्मगुरुओं का फूल मालाएं पहनाकर किया गया अभिनंदन
विधायक रेखचंद जैन ने किया टॉफी व पेयजल का वितरण
जगदलपुर विधायक जगदलपुर तथा संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग रेखचंद जैन ने कांग्रेस परिवार के सदस्यों के साथ शहर में निकाली क्रिसमस महारैली का स्वागत किया। उन्होंने मसीही धर्मगुरुओं का फूल मालाएं पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर चाकलेट एवं पेयजल का भी वितरण किया गया। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि यह यात्रा आपसी सद्भाव, प्रेम एवं मैत्रीभाव निर्मित करने में सहायक होगी।
उन्होंने मसीही समाज को इस रैली के सफल संचालन के लिए एवं क्रिसमस व नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर जैन के साथ नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद एवं एमआईसी सदस्य उदयनाथ जेम्स, राजेश राय, विक्रम सिंह डांगी, सुषमा कश्यप, पार्षद लता निषाद, कोमल सेना, दयाराम कश्यप, विजय बढ़ई, मनोनीत पार्षद सुरेंद्र झा, अमरनाथ सिंह, हरीश साहू, कौशल नागवंशी, वरिष्ठ नेता सतपाल शर्मा, मिंटू कर, बटोही शर्मा, जोहन सुता, एम. वेंकट राव, संगीता जैन, रमेश जैन, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, प्रवीण जैन, संयुक्त महामंत्री धर्मेंद्र चौहान, विक्रांत सिंह, लव मिश्रा, अंकित सिंह, कुलदीप भदौरिया, मकसूद रज़ा, अवधेश झा, इदरीश खान, गौतम सेन, आकाश दास, प्रदीप महाराणा, प्रेम, मनोज विश्वकर्मा, जय, अमर समेत बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रंग लाई खबर : सीटी मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर ने सहायता राशि जारी करने का दिलाया भरोसा
तरेंगा – 2 के झुमरु को नया घर बनाने के लिए मिलेगी आर्थिक मदद
बारिश में मकान ढहने के बाद सामुदायिक भवन में रह रहा है पांच सदस्यों वाला परिवार
जगदलपुर बारिश के कहर के चलते मकान ढह जाने से बेघर हुए आदिवासी परिवार की सुध आखिरकार जिला प्रशासन ने ले ली है। दैनिक श्रमबिंदु में पीड़ित परिवार की दुख भरी दास्तां प्रकाशित होने के बाद बस्तर कलेक्टर ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।
बस्तर जिले की भानपुरी तहसील की ग्राम पंचायत रतेंगा – 2 निवासी कंडरा आदिवासी झुमरू राम कश्यप का कच्चा मकान बरसात के मौसम में ढह गया था। तब से झुमरू राम अपनी पत्नी सुकाली बाई, बेटी कमली, बेटा परमेश्वर और बेटी प्रमिला के साथ गांव में निर्मित सामुदायिक भवन से लगकर बनाए गए लगभग दस गज के टीन शेड में रहता आ रहा है। यह टीन शेड संभवतः वाहन पार्किंग के लिए बनाया गया है। मकान ढहने से वहां रखे कपड़े, बिस्तर, चादर, अनाज व अन्य सामान भी नष्ट हो गए थे। झुमरू राम ने हादसे के तुरंत बाद अपने गांव के सरपंच और पटवारी को आवेदन देकर मदद की गुजारिश की थी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। दैनिक श्रमबिंदु ने पीड़ित परिवार की व्यथा से जुड़ी खबर को विस्तार से प्रकाशित किया था। बस्तर के कलेक्टर चंदन कुमार ने इस खबर पर तत्काल कार्यवाही की और भानपुरी के तहसीलदार से जानकारी लेकर पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता जारी की। झुमरू कश्यप और उसके परिवार की दारुण दशा की खबर प्रकाशित होने के बाद इसे लेकर जगदलपुर, बस्तर, भानपुरी, बकावंड व अन्य स्थानों पर व्यापक चर्चा होती रही। लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था की अहम कड़ी माने जाने वाले पटवारी की भूमिका को लेकर आक्रोश भी देखा गया। लोगों का कहना है कि पटवारी की उदासीनता के कारण ही आदिवासी परिवार को कष्टप्रद जीवन गुजारना पड़ रहा है। दी जा रही है सहायता राशि मामला संज्ञान में आने के बाद भानपुरी तहसीलदार से मकान को हुई क्षति की विस्तृत जानकारी ली है। मकान 30 सितंबर को ढहा था। इस माह के आवंटन से सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। – चंदन कुमार कलेक्टर, बस्तर
पॉलीथिन, कांच के सामानों और पत्थर को अलग कर डिस्पोज करता है 214 लाख यह उपकरण
संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने किया मशीन का लोकार्पण
जगदलपुर शहर को कचरे के पहाड़ और शहरवासियों को बदबू से अब राहत मिलने वाली है। शहर भर से निकलने वाले सभी तरह के कचरे को डिस्पोज करने वाली अत्याधुनिक मशीन शहर में आ गई है। यह मशीन कांच की बोतलों, गिलासों व अन्य सामानों, पत्थर समेत अन्य ठोस कचरे को स्वतः अलग कर उन्हें डिस्पोज कर देगी। 2 करोड़ 14 लाख रु. की कीमत वाला यह भारी भरकम उपकरण नगर पालिक निगम जगदलपुर को प्राप्त हो गया है। इसका लोकार्पण गुरुवार को शहर के विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने किया। शहर के महाराणा प्रताप वार्ड स्थित कंगोली डंपिंग यार्ड में पुराने कचरे के निष्पादन के लिए मैकेनिकल फटका स्क्रीनर मशीन का शुभारंभ संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन, इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर सफीरा साहू ने पूजा -अर्चना कर किया। नगर निगम स्वच्छता विभाग सभापति विक्रम सिंह डांगी, पीडब्ल्यूडी सभापति यशवर्धन राव, राजस्व सभापति राजेश राय, पार्षद नेहा ध्रुव, बी. ललिता राव, श्वेता बघेल, दयाराम कश्यप, सूर्या पाणी, मनोनीत पार्षद सुरेंद्र झा, अमरनाथ सिंह, नगर निगम आयुक्त दिनेश कुमार नाग उपस्थित थे । कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड में पुराने कचरे के निष्पादन करने हेतु मैकेनिकल फटका स्क्रीनर वारियर मशीन का शुभारंभ किया गया है इस योजना में मशीन के माध्यम से पुराने कचरे में से पॉलिथीन, कांच की बोतलों, बड़े पत्थरों व सी एंड डी वेस्ट कचरे को पृथक पृथक कर उसे निष्पादन किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से पॉलिथीन व अन्य कचरा अलग तथा सी एंड डी (मिट्टी ) अलग हो जाएंगे।इस योजना की प्रोजेक्ट लागत 214 लाख रुपए है। इस मशीन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 600 टन कचरा का निष्पादन किया जाएगा।
बड़ी समस्या से मिलेगी निजात : जैन इस दौरान संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद ने कहा कि शहर के लिए कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड के कचरे का विनष्टिकरण बहुत गंभीर समस्या रही है। कचरे से उठने वाली बदबू के कारण आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती थी। आज नगर निगम द्वारा कचरा के निष्पादन हेतु मंगाए गए मैकेनिकल फटका स्क्रीनर मशीन के माध्यम से डंपिंग यार्ड के कचरे का निष्पादन तेज गति से होने लगा है। यह नगर निगम की सराहनीय पहल है। इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर की सबसे गंभीर समस्या कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड में कचरों का निष्पादन रही है। अब कचरे के निष्पादन व डंपिंग यार्ड को व्यवस्थित करने में आसानी होगी आसपास के लोगों को गंदगी और बदबू से निजात मिलेगी तथा नगर निगम को भी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
डंपिंग यार्ड में बनेगा खूबसूरत पार्क महापौर सफीरा साहू ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत हमारा लक्ष्य आगामी 6 माह में यार्ड के संपूर्ण कचरे का निष्पादन कर डंपिंग यार्ड में खूबसूरत पार्क का निर्माण करने का है। इस मशीन के सहयोग से प्रतिदिन 600 टन तक के कचरे का निष्पादन कर पॉलिथीन व अन्य कचरे तथा सी एंड डी वेस्ट को अलग अलग कर उसका उपयोग किया जा सकेगा। महापौर ने बताया कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड में वर्तमान में लगभग 44 हजार टन कचरा मौजूद है। इसका निष्पादन करना हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती रही है। नगर निगम की टीम इस चुनौती को दूर करते हुए कचरे का निष्पादन करने में सफलता हासिल करेगी। इस महत्वपूर्ण योजना के प्रारंभ होने से शहर की बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो रहा है। इस दौरान प्रभारी कार्यपालन अभियंता एमपी देवांगन, पूर्व पार्षद गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, उप अभियंता अमर सिंह व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
नगर पालिक निगम के तहत आज शहर के महाराणा प्रताप वार्ड स्थित कंगोली डंपिंग यार्ड में पुराने कचरे के निष्पादन के लिए मैकेनिकल फटका स्क्रीनर मशीन का शुभारंभ संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन ,इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ,महापौर श्रीमती सफीरा साहू के द्वारा विधिवत पूजा अर्चना कर किया गया । जिसमें स्वच्छता सभापति विक्रम सिंह डांगी ,पीडब्ल्यूडी सभापति श्री यशवर्धन राव ,राजस्व सभापति राजेश राय ,पार्षद श्रीमती नेहा ध्रुव ,बी ललिता राव ,श्वेता बघेल ,दयाराम कश्यप ,सूर्या पानी ,मनोनीत पार्षद सुरेंद्र झा ,अमरनाथ सिंह ,आयुक्त श्री दिनेश कुमार नाग उपस्थित थे ।
कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड में पुराने कचरे के निष्पादन करने हेतु मैकेनिकल फटका स्क्रीनर वारियर मशीन का शुभारंभ किया गया है इस योजना में मशीन के माध्यम से पुराने कचरे मे पॉलिथीन ,कांच के बोतल व बड़े पत्थर व सी एंड डी वेस्ट कचरे को पृथक पृथक कर उसे निष्पादन किया जाएगा । इस योजना के माध्यम से पॉलिथीन व अन्य कचरा अलग तथा सी एंड डी (मिट्टी ) अलग हो जाएगा । इस योजना का प्रोजेक्ट लागत 214 लाख रुपए है । इस मशीन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 600 टन कचरा का निष्पादन किया जाएगा । इस दौरान संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद ने कहा कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड मे कचरे को निष्पादन करने की बहुत गंभीर समस्या रही है ,कचरे के बदबू के कारण आसपास के लोगों को काफी समस्या उत्पन्न होती थी ,इसी कड़ी में आज नगर निगम प्रशासन के द्वारा कचरे के निष्पादन हेतु मैकेनिकल फटका स्क्रीनर मशीन का शुभारंभ किया गया इस मशीन के माध्यम से डंपिंग यार्ड के कचरों का निष्पादन करने का कार्य जल्द किया जा रहा है ।
इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा नगर निगम के द्वारा शहर के सबसे गंभीर समस्या कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड में कचरों का निष्पादन करने की समस्या लगातार रही ,आज इसी कड़ी में नगर निगम के द्वारा कचरे के निष्पादन व डंपिंग यार्ड को व्यवस्थित करने हेतु योजना का शुभारंभ किया गया ,जिसमें स्निकर मशीन के माध्यम से कचरा का निष्पादन करते कचरे को पृथक पृथक करने का कार्य किया जाएगा । इस योजना से आसपास के लोगों की समस्या दूर होने के साथ नगर निगम का भी समस्या दूर होगा । वही महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने कहा शहर व महाराणा प्रताप व अन्य वार्ड की बहुत बड़ी समस्या का समाधान करते हुए आज नगर निगम के द्वारा कंगोली डंपिंग यार्ड में पुराने कचरे के निष्पादन के लिए मैकेनिकल फटका स्क्रीनर मशीन का शुभारंभ किया जा रहा है इस योजना में हमारा लक्ष्य की आगामी 6 माह में यार्ड में पूरे कचरो का निष्पादन कर डंपिंग यार्ड में खूबसूरत पार्क का निर्माण किया जाएगा । इस मशीन में प्रतिदिन 600 टन तक के कचरों का निष्पादन कर पॉलिथीन व अन्य कचरे तथा सी एंड डी वेस्ट को पृथक पृथक कर उसका उपयोग किया जाएगा । महापौर ने बताया कंगोली स्थित डंपिंग यार्ड में वर्तमान में लगभग 44 हजार टन कचरा मौजूद है ,इसका निष्पादन करना हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती है जिसे हमारी नगर निगम की टीम इस चुनौती को पूर्ण करते हुए कचरों का निष्पादन करने में सफलता हासिल करेगी । इस महत्वपूर्ण योजना के प्रारंभ होने से शहर की बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो रहा है । इस दौरान प्रभारी कार्यपालन अभियंता एमपी देवांगन ,पूर्व पार्षद गौर नाथ नाग ,हेम उपाध्याय ,उप अभियंता अमर सिंह व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।