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छिटक चुके आदिवासियों को खुश करने में जुटी है भाजपा

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  • नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ ही आदिवासी बहुल इलाकों पर फोकस कर रही है पार्टी

अर्जुन झा

बस्तर भाजपा से छिटक चुके छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को फिर से अपने पाले में करने के लिए पार्टी के नेता कमर कस चुके हैं। इसके लिए भाजपा द्वारा आदिवासियों के बीच कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। केंद्र की भाजपा सरकार ने भी आदिवासियों के कल्याण और वनांचलों तथा आदिवासी बहुल इलाकों में विकासपरक योजनाएं संचालित कर गांवों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 25 मार्च को प्रस्तावित बस्तर जिले के दौरे को भी ऐसी ही कोशिशों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि श्री शाह सीआरपीएफ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने बस्तर आ रहे हैं।आदिवासी समुदाय शुरू से ही कांग्रेसका सबसे बड़ा वोट बैंक रहा है। बाद के वर्षों में अपने अभ्युदय के साथ ही बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के इस वोट बैंक में सेंध लगा दी, मगर आदिवासियों के बीच बसपा का तिलिस्म ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रह सका। वैसे भी छत्तीसगढ़ में बसपा अपना वजूद कायम करने में कामयाब साबित नहीं हो सकी, मगर भारतीय जनता पार्टी जरूर कांग्रेस के गढ़ आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में अपनी मजबूत पैठ बनाने में सफल हो गई। एक समय ऐसा भी आया, जब कांग्रेस की स्थिति इस संभाग में पूरी तरह चरमरा गई। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहले और दूसरे कार्यकाल में भाजपा का परचम बस्तर संभाग में लहराता रहा। तीसरे कार्यकाल में संभवतः भाजपा के नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को यह गुमान हो गया कि अब आदिवासियों को भाजपा से कोई भी ताकत अलग नहीं कर सकती। यह गुमान भाजपा के लिए आत्मघाती साबित हुआ। अगर डॉ. रमनसिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल तो सफलता पूर्वक पूरे कर लिए, मगर वे सियासी चौका लगाने से चूक गए। चौका न लगा पाने का मलाल डॉ. रमन सिंह को ताजिंदगी रहेगा। छत्तीसगढ़ के, खासकर बस्तर संभाग के भाजपा नेताओं और कार्यकर्त्ताओं ने अगर अपने नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह से जरा बहुत सियासी तालीम सीख ली होती, तो भाजपा को छत्तीसगढ़ में आज के जैसे बुरे दिन देखने को नहीं मिलते। नरेंद्र मोदी और अमित शाह बारहों माह, सातों दिन, चौबीस घंटे जिस तरह से चुनावी मोड में रहते हैं, उसी तरह छत्तीसगढ़ के शीर्ष भाजपा नेता और बस्तर संभाग के पार्टी नेता व कार्यकर्त्ता भी रहते, तो भाजपा को कम से कम बस्तर की सभी 11 विधानसभा सीटें और एक लोकसभा सीट गंवानी नहीं पड़ती। डॉ. रमनसिंह के तीसरे कार्यकाल की समाप्ति तक भाजपा के नेता और कार्यकर्त्ता चैन की बंसी बजाते रहे, जब उनकी आंख खुली तो सब कुछ लुट चुका था।

देर से टूटी है भाजपाइयों की नींद

अब प्रदेश के और बस्तर के भाजपा नेता नींद से जाग उठे हैं। हालांकि उनकी नींद टूटने में बड़ी देर हो गई है। खैर देर आए, दुरुस्त आए। भाजपा के प्रदेश स्तर के नेता बस्तर संभाग का लगातार दौरा कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव बस्तर दौरे का पहला राउंड पूरा कर चुके हैं। भाजपा के बस्तर संभाग प्रभारी एवं राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय गाहे बगाहे बस्तर प्रवास पर आते ही रहते हैं। पाण्डेय स्थानीय नेताओं के साथ आदिवासियों के घरों में भोजन कर यह संदेश देने की कोशिश में रहते हैं कि भाजपा आदिवासियों की सबसे बड़ी पैरोकार है। वहीं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत दो दिन पहले ही बस्तर दौरे पर आई थीं। वे मोर्चा की स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में जोश भरकर लौटी हैं। जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष सुधा मिश्रा भी जिले के सभी 11 मंडलों से सतत संपर्क बनाने में लगी हुई हैं।*बेहद अहम है अमित शाह का प्रवास*केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास को कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। शाह 24 मार्च की शाम जगदलपुर आ जाएंगे और 25 मार्च को जगदलपुर से 15 किमी दूर करणपुर में स्थित सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के कार्यक्रम में शिराकत करेंगे। बस्तर संभाग नक्सली गतिविधियों के मामले में काफी ज्यादा संवेदनशील है। यहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती नक्सली गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए की गई है। इन केंद्रीय सुरक्षा बलों ने राज्य की पुलिस और राज्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर अपने लक्ष्य की प्राप्ति में आशातीत सफलता भी पाई है। बीते पांच वर्षों के दौरान 228 नक्सली मारे गए तथा विभिन्न सुरक्षा बलों के 175 जवान शहीद हुए। हालांकि नक्सली हिंसा में 354 निरीह नागरिकों को भी जान गंवानी पड़ी है। मारे गए नागरिकों में अधिकांश आदिवासी समुदाय के ही हैं। सन 2015 में केंद्र सरकार ने नक्सली हिंसा से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और विशेष कार्ययोजना शुरू की। इसके तहत सुरक्षा उपाय, विकासपरक पहल, स्थानीय समुदायों के अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं। इस नीति के सफल कार्यान्वयन के चलते नक्सली हिंसा से जुड़ी घटनाओं में लगातार कमी आ रही है। नक्सली हिंसा की घटनाओं में सन 2010 के मुकाबले सन 2022 में 77 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 2010 की तुलना में 2022 में सुरक्षा जवानों और नागरिकों की मौतों में 90 प्रतिशत की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार ने इसके अलावा नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल इलाकों में ढांचागत विकास पर भी बहुत ज्यादा जोर दिया है। ऐसे संवेदनशील इलाकों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, गुणवत्ता युक्त अच्छी शिक्षा, उद्योग स्थापना, आदिवासियों के कल्याण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

घातक होगी कांग्रेस को कमतर समझने की भूल

कांग्रेस और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कमतर समझने की भूल करना भाजपा के लिए घातक ही होगी। भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने साढ़े चार साल में आदिवासियों और वनवासियों के हित में अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और जमीनी तौर पर ठोस कदम उठाए हैं। आदिवासियों को सबसे ज्यादा लगाव अपनी कला संस्कृति, आस्था, आराध्य देवी देवताओं, खानपान से रहता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस नब्ज को बखूबी टटोल लिया है और उसी के अनुरूप वे आदिवासी बहुल इलाकों में काम भी करा रहे हैं। उदाहरण के लिए देवगुड़ियों के संरक्षण संवर्धन, समर्थन मूल्य पर वनोपजों की खरीदी, बस्तर के पर्यटन स्थलों के विकास को ही लें, जिन पर छ्ग सरकार ने काफी कुछ कर दिखाया है। ऐसा करके मुख्यमंत्री श्री बघेल आदिवासियों का दिल जीतने में काफी सफल भी हुए हैं।

प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी से किसान होंगे सशक्त : जैन

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  • संसदीय सचिव रेखचंद ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का माना आभार
  • किसान पुत्र मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार किसानों के सच्चे हितैषी :जैन

जगदलपुर संसदीय सचिव तथा जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने छत्तीसगढ़ में किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी करने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होने इसे किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में कांग्रेस सरकार द्वारा लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताया है। अब तक राज्य में किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही थी। गुरुवार को राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा की । जैन ने कहा है कि सीएम भूपेश बघेल इससे पूर्व आगामी सत्र से 2800 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य घोषित किया था। इन दोनों फैसलों के लिए जगदलपुर विधायक ने क्षेत्र के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि ये फैसले बताते हैं कि राज्य के किसानों का सशक्तिकरण मुख्यमंत्री श्री बघेल की प्राथमिकताओ मे है। जैन ने कहा है कि किसान पुत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों के सच्चे हितैषी हैं।

कर्ज माफी समेत लिए गए अनेक फैसले

संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा है कि 2018 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से अब तक किसानों के हित में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अनेक निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में किसानों की कर्ज माफी का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था। इससे जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के हजारों किसान लाभान्वित हुए हैं। सीएम ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक स्थानों पर नवीन धान खरीदी केंद्र खोलने को मंजूरी दी है। इसके परिणामस्वरुप अब किसानों का धान उस गांव के खरीदी केंद्र तक आने लगा है और उन्हें अनेक दिक्कतों से निजात मिल गई है। कांग्रेस सरकार हर साल धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों की दशा सुधारने में अहम योगदान दे रही है। किसानों से संबंधित यह ऐसे विषय हैं, जिनका समाधान करने की ओर भाजपा सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया। जबकि छत्तीसगढ़ में भाजपा 15 साल लगातार सत्ता में रही।

अवैध रूप से शराब तस्करी करने वाले दो आरोपी को किया गिरफ्तार

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दल्लीराजहरा :- अवैध रूप से शराब, गांजा की तस्करी को रोकने हेतु पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग आनंद छाबड़ा के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद हरीश राठौर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद बोनीफास एक्का पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद के नेतृत्व में एक संयुक्त विशेष टीम तैयार किया गया। जिसके तारतम्य में दिनांक 22.03.23 को जुर्म जरायम पतासाजी हेतु टाउन देहात रवाना हुआ था कि सूचना प्राप्त हुआ कि ग्राम करिहभदर में अवैध रूप से अधिक मात्रा में शराब लेकर बिक्री करने को सूचना में लोहार तालाब पास करहीभदर के पास घेराबंदी कर पकड़ने पर अपना नाम पुछने पर खुब लाल साहू पिता कार्तिक राम साहू सा. करहीभदर थाना व जिला बालोद जिसके कब्जे से प्लेन शराब कुल 73 नग देशी प्लेन शराब कुल 13.140 तक लीटर कीमती 6000 रू. एवं बिक्री रकम 160 रू को जप्त कर कब्जा पुलिस लेकर थाना बालोद में अप.क्र. 145/2023 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट कायम किया गया है दिनांक 22.03.23 को जुर्म पतासाजी हेतु टऊन देत रवाना हुआ था कि सूचना प्राप्त हुआ कि ग्राम करहीभदर में अवैध रूप से अधिक मात्रा में शराब लेकर विक्री करने की सूचना में अरविन्द कुमार सिन्हा नाम का व्यक्ति अपने घर के आगन में घेराबंदी कर पकने पर अपना नामपता पुछने पर अरविन्द कुमार सिन्हा पिता स्व. राम रतन उम्र 45 साल सा. करहीभदर थाना व जिला बालोद जिसके कब्जे से देशी प्लेन शराब कुल 39 नग देशी प्लेन शराव कुल 7.020 तक लीटर कीमती 3120 रु. एवं बिक्री रकम 160 रू को जा कर कब्जा पुलिस लेकर थाना बालोद में अप.क्र. 146/2023 धारा 34(2) आबकारी एक्ट कायम किया गया है।

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जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने मनाया शहीद दिवस

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आज दिनाँक 23/03/23 को दोपहर 01 बजे जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के सैकड़ों कार्यकर्ता माइंस ऑफिस गेट के पास आन्दोलन स्थल दल्ली राजहरा पर एकत्रित होकर शहीदे आजम भगत सिंग, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव जी के शहादत को एक संकल्प दिवस के रूप में मनाया जिसमें सर्व प्रथम जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के साथी दोपहर 01 बजे पंडाल पर एकत्रित होकर शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव जी के छाया चित्र पर रंग गुलाल लगा कर इंकलाब जिंदाबाद साम्रज्यवाद मुर्दाबाद पूंजीवाद मुर्दाबाद सामन्तवाद मुर्दाबाद जन मुक्ति मोर्चा जिन्दाबाद के नारों के साथ कार्यक्रम की सुरुवात किया गया तीनो वीर शहीदो को श्रद्धांजलि दिया गया और कॉमरेड बसन्त रावटे (सचिव, जन मुक्ति मोर्चा) ने अपना विचार व्यक्त किये…मंच सन्चालन कॉमरेड ईशवर निर्मलकर ने किया…इस कार्यक्रम में यादराम कोर्राम, अनिल दास, रूपा साहू, नवल चन्द्राकर, संजय सिंग, ललित गेडाम, तरुण उर्वशा, के साथ साथ सैकड़ो जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

और अभी जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ का लगातार बैठक का दौर चल रहा है जिसमे दिनाँक 21/03/2023 को दोपहर 01 बजे जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ से सम्बंधित जन खदान श्रमिक संगठन के इलेक्ट्रिकल विभाग CSW प्लांट व MSDS में कार्यरत ठेका श्रमिकों का बैठक और कल दिनाँक 22/03/2023 को दोपहर 01 बजे राजहरा माइंस पर KCS कम्पनी में कार्यरत ठेकाश्रमिको का बैठक लिया गया जिसमें आगामी दिनों में होने वाले जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के आंदोलन की जानकारी व रूप रेखा पर चर्चा किया गया। जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ का आंदोलन जो कि दिनाँक 06/02/23 से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन व दिनाँक 01/03/23 से इस आंदोलन को नया रूप देते हुएअनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रूप दिया गया है। जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के अपने प्रमुख तीन मांग को लेकर दल्ली राजहरा में माइंस ऑफिस गेट के पास दिनाँक 01/03/23 से भूख है। जिसमे अभी तक 12 लोग भूख हड़ताल बैठ चुके है लेकिन स्थानिय BSP प्रबन्धन व BEML प्रबंधन अभी तक कोई भी सार्थक पहल नही किये है जिसके कारण आंदोलनकारीयो में काफी रोष नजर आ रहा है। जन मुक्ति मोर्चा के तीन प्रमुख मांग:-1.उपमुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर, दिनाँक 04/08/22 के आदेश को लागू किया जाए।2. BEML के सभी ठेका श्रमिको को कार्य के अनुसार वर्गीकरण कर वेतन भुगतान किया जाय।3. श्रम मंत्रालय के आदेशानुसार दिनाँक 01/04/2021 से IOC राजहरा (राजहरा के खदान में कर्यरत) सभी ठेका श्रमिको को एरियर्स का भुगतान किया जाय।

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गृहमंत्री के दौरे के पूर्व नक्सलियों का तांडव, पोकलेन – ट्रक में की आगजनी

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  • रेललाईन दोहरीकरण कार्य में लगी पोकलेन को किया आग के हवाले
  • नक्सलवादियों ने बचेली शहर में घुसकर ट्रक को भी जलाया
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल आ रहे हैं बस्तर जिले के दौरे पर

बस्तर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास के ठीक पहले नक्सलियों ने जमकर तांडव मचाना शुरू कर दिया है। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में बीती रात नक्सलियों ने रेललाईन दोहरीकरण कार्य में लगी पोकलेन मशीन को जला दिया और दो अन्य मशीनों को जलाने का प्रयास किया। इसी जिले के बचेली शहर में घुसकर नक्सलियों ने एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया। इन घटनाओं के एक दिन पहले वामपंथी उग्रवादियों ने संभाग के नारायणपुर जिले में भी जमकर उत्पात मचाया था। यहां सड़क निर्माण में लगे वाहनों में आगजनी की गई थी। गृहमंत्री अमित शाह 24 व 25 मार्च को बस्तर जिले के प्रवास पर रहेंगे। इसके ठीक पहले नक्सली उत्पात की घटनाएं बढ़ गई हैं। दो दिन पहले नक्सलियों ने बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में सड़क निर्माण में लगे वाहनों में आगजनी की थी। इसके बाद बुधवार की रात करीब 12 बजे संभाग के ही दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र अंतर्गत पढापुर में नक्सलियों ने रेल लाईन दोहरीकरण कार्य मे लगी एक पोकलेन मशीन में आगजनी कर दी। साथ ही वहां खड़ी दो अन्य मशीनों में भी नक्सलियों ने आगजनी का प्रयास किया, पर सफल नही हो पाए। किरंदुल थाना क्षेत्र के बाद इसी से लगे हुए बचेली नगरीय क्षेत्र में भी नक्सलियों ने शहर में घुसकर वहां पुराना मार्केट के पास बैलाडीला ट्रक यूनियन के दस चक्का ट्रक में भी आगजनी की। आगजनी में ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। बचेली में पुलिस थाना से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर नक्सलियों ने वारदात को अंजाम दिया है। वहीं किरंदुल थाना क्षेत्र में भी पुलिस की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। यहां बिना सुरक्षा व्यवस्था के रेल लाईन दोहरीकरण का काम चल रहा है। साथ ही रात के समय भी सुरक्षा को लेकर कोई उपाय नही किए जा रहें हैं। पुलिस की रात्रि गश्त पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अमित शाह के दौरे का विरोध, चस्पा किए पर्चे

आगजनी वाले स्थल पर नक्सलियों ने पर्चे भी छोड़ रखे हैं। पर्चे में गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे का नक्सलियों ने विरोध किया है।नक्सलियों ने पर्चे में लिखा है कि कार्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का काम बंद करो, बस्तर संभाग में हवाई हमले बंद करो, देश की संपदा को बचाने अमित शाह के दौरे का विरोध करो। नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार को भी कटघरे में खड़े करते उसके खिलाफ भी बातें लिखी हैं। पर्चा नक्सलियों के बस्तर सब जोनल ब्यूरो द्वारा जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री अमित शाह 24 मार्च की शाम जगदलपुर विमान तल पहुंचेंगे, जहां से सीधे करणपुर स्थित सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के कैंप के लिए रवाना हो जाएंगे। शाह 25 मार्च को कैंप में आयोजित सीआरपीएफ के 84वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे।

पुलिस – नक्सलियों में मुठभेड़

जिले के एर्राबोर थाना क्षेत्र के कोत्तालेंडरा जंगल में डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। सुबह 11. 30 बजे हुई मुठभेड़ में 4 – 5 नक्सलियों के घायल होने की खबर है। वहीं इस दौरान चार नक्सलियो को पकड़ने में भी डीआरजी को कामयाबी मिली है।एसपी सुनील शर्मा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा है कि घटना स्थल में सर्चिंग जारी है।

भ्रष्टाचार पर विधानसभा में एक और कांग्रेस विधायक ने तरेरी आंखें

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  • नारायणपुर के कांग्रेस विधायक चंदन कश्यप ने सदन में उठाया सोलर लाइट खरीदी में भ्रष्टाचार का मुद्दा

बस्तर विधानसभा में बस्तर संभाग के एक और कांग्रेस विधायक ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंखें तरेरी। इस विधायक ने आदिवासी अंचल में हुई सोलर लाइट खरीदी में व्यापक गड़बड़ी का आरोप लगाकर सरकार की पेशानी पर बल ला दिए। विधायक चंदन कश्यप विभागीय मंत्री से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग सदन में बार बार करते रहे। अंततः स्थिति सम्हालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत को सामने आना पड़ा। डॉ. महंत ने मंत्री को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। तब कहीं जाकर विधायक के तेवर ढीले पड़े। आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में अफसरशाही और भ्रष्टाचार के मामले आएदिन सामने आते रहते हैं। इसे लेकर संभाग के जनप्रतिनिधि गाहे – बगाहे कड़े तेवर जरूर दिखाते हैं, मगर अधिकारी हैं कि सुधरने का नाम ही नहीं लेते। मजबूर होकर यहां के सांसद – विधायकों को संसद और विधानसभा में मामले उठाने के लिए मजबूर होना पड़ जाता है, उन्हें अपनी ही पार्टी की सरकार पर उंगली उठानी पड़ती है। कुछ ही दिन पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर संभाग में आने वाले कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक मोहन मरकाम ने जिला खनिज न्यास ( डीएमएफ ) की राशि की बंदरबांट की जाने का आरोप लगाकर विधानसभा में सनसनी मचा दी थी। श्री मरकाम ने कोंडागांव जिले में जिला खनिज मद के सात करोड़ रु. की पंचायत विभाग के जरिए जमकर अफरा तफरी की जाने का मामला जैसे ही विधानसभा में उठाया, विपक्ष तुरंत सरकार पर हमलावर हो गया। मरकाम इस मामले की जांच विधानसभा की समिति से कराने की मांग करते रहे। विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। तब मंत्री रविंद्र चौबे मोर्चा ने सम्हाला और जांच राज्य स्तर के अधिकारी से कराने का भरोसा सदन को दिलाया। मरकाम के बाद अब बस्तर संभाग के ही नारायणपुर के कांग्रेस विधायक एवं हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने भ्रष्टाचार का नया मुद्दा विधानसभा में उठाकर सरकार को उलझन में डाल दिया और विभागीय मंत्री की पेशानी पर बल ला दिए। विधायक चंदन कश्यप ने विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र के आश्रमों और छात्रावासों में लगाने के नाम पर की गई सोलर लाइट खरीदी मे भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। विधायक श्री कश्यप ने आदिम जाति कल्याण विभाग के मंत्री प्रेमसाय सिंहटेकाम को घेरते हुए कहा कि नारायणपुर क्षेत्र की आश्रम शालाओं और छात्रावासों मे लगाने के नाम पर सोलर लाइट खरीदी में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने आसंदी के माध्यम से विभागीय मंत्री से जानना चाहा कि सोलर लाइट के एक सेट की कीमत क्या है? इसमें क्या – क्या सामग्री प्रदाय करनी थी और किस प्रक्रिया के तहत सामग्री क्रय की गई है? साथ ही चंदन कश्यप ने विधानसभा में पूछा कि लाइट और सहायक सामग्री का बिना भौतिक सत्यापन कराए सप्लायर को भुगतान कैसे कर दिया गया? उन्होंने कहा कि जहां 24 वाट की लाइटें लगनी थीं, वहां केवल 12-12 वाट की लाइटें लगा दी गई हैं। विधायक ने मंत्री टेकाम को जांच कराने की घोषणा करने के लिए मजबूर कर दिया। आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री टेकाम ने कमेटी बनाकर मामले की जांच कराने की बात कही, तब कहीं जाकर श्री कश्यप को तसल्ली हुई।

मामला उठने की भनक लगते ही लीपापोती

विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि जैसे ही मुझे जानकारी मिली कि सोलर लाइट लगाने के मामले में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता की गई है, मैंने विधानसभा में प्रश्न लगाने से पहले सच्चाई का पता लगाने का फैसला किया। अपने निर्वाचन क्षेत्र की अनेक आश्रम शालाओं और छात्रावासों का मैंने दौरा किया। इस दौरान मैंने पाया कि एक भी काम ढंग से नहीं हुआ है। घटिया स्तर की सोलर लाइटें लगाई गई हैं और बड़े ही स्तरहीन सहायक सामग्री उपयोग में लाई गईं हैं। सोलर लाइटें 12 – 12 वाट की लगाई गई हैं, जबकि 24- 24 वाट की लगाई जानी थीं। इधर मेरे दौरे और विधानसभा में मामला उठाए जाने की भनक लगते ही गड़बड़ी को छुपाने के लिए काम किया जा रहा है। चंदन कश्यप ने भ्रष्टाचार मे दोषी अधिकारियो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग सरकार से की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आदिम जाति कल्याण मंत्री से कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र है माननीय सदस्य की मांग के अनुरूप विशेष समिति बनाकर जांच कराएं।मंत्री ने जल्द जांच कराने का आश्वासन दिया।

पत्रकारों की सुरक्षा का सीएम ने निभाया वादा : जैन

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  • विधानसभा से कानून बनने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दी बधाई

जगदलपुर संसदीय सचिव और जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने बुधवार को राज्य विधानसभा से छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक 2023 के पारित होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई दी है। इस दिन को ऐतिहासिक बताते उन्होने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्रकारों की सुरक्षा का अपना वादा निभाया है। इस कानून के बनने से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को निर्भीक होकर जनता की सेवा करने तथा जनभागीदारी निभाने का अवसर प्राप्त होगा, जो कांग्रेस व प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री की सोच है। ज्ञात हो कि विगत दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में इस कानून के प्रारूप को मंजूरी दी गई थी। इस कानून के अनुसार राज्य के मीडियाकर्मियों का पंजीयन किया जाएगा। जगदलपुर विधायक ने कहा है कि इस कानून के बनने से बस्तर जैसे क्षेत्र में विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले मीडियाकर्मियों को अनुचित अभियोजन और हिरासत से सुरक्षा मिलेगी। इस कानून में जिला से लेकर राज्य स्तर तक समितियों के गठन के द्वारा मीडियाकर्मियों को सुरक्षा प्रदान किया गया है क्योंकि इन समितियों में पत्रकारों को समुचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। जैन ने कहा है कि भाजपा के 15 साल में राज्य विशेषकर बस्तर में अनेक मनगढ़न्त आरोप लगाकर पत्रकार जेल भेजे जाते थे। ऐसा करके भाजपा लोकतंत्र का गला घोटने का कार्य करती रही है। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने न केवल मीडियाकर्मियों को दमन व प्रताडना से बचाने का काम किया है बल्कि मीडियाकर्मियों से किया गया वादा भी पूरा कर दिखाया है।

डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए ननि प्रशासन अलर्ट मोड पर

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  • कलेक्टर के निर्देश के बाद नगर निगम के अमले ने कसी कमर
  • मच्छर उन्मूलन के लिए गली – गली और घर – घर दवा का छिड़काव

जगदलपुर हालिया हुई बेमौसम बारिश के चलते शहर में मच्छरों की बाढ़ सी आ गई है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छर जनित रोगों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए कलेक्टर चंदन कुमार के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मच्छरों पर नियंत्रण के लिए निगम प्रशासन ने बुधवार से शहर में अभियान छेड़ दिया है। शहर भर में मच्छर रोधी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। बस्तर संभाग मलेरिया और डेंगू के मामले में संवेदनशील माना जाता है।

बरसात के मौसम में मच्छर जनित ऐसी बीमारियां यहां अक्सर फैलती हैं। हाल ही में हुई बेमौसम बरसात ने मच्छरों के पनपने के लिए मुफीद वतावरण तैयार कर दिया है। शहर में अनेक जगहों पर जल जमाव हो जाने से मच्छर पनपने लगे हैं। बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार ने इसे स्वतः संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम प्रशासन को अलर्ट रहने तथा मच्छर उन्मूलन के लिए जरूरी उपाय करने एवं जरुरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए हैं कलेक्टर के निर्देश पर अमल करते हुए जगदलपुर नगर निगम के आयुक्त दिनेश नाग ने 22 मार्च से एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए। डेंगू व मलेरिया की रोकथाम व बचावतथा मच्छर उन्मूलन के लिए नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग के अमले लगातार शहर के वार्डो में घर- घर जाकर लोगों को इससे बचाव के संबंध में जानकारी देने के साथ घर-घर तथा जल जमाव वाली जगहों पर व नालियों में मच्छर रोधी दवा का छिड़काव कर रहे हैं। निगम आयुक्त दश कुमार नाग ने बताया शहर के सभी वार्डो डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए अभी से निगम प्रशासन द्वारा स्प्रेयर से दवा का छिडकाव प्रारंभ कर दिया गया है। सभी वार्डों के लोगों से डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए निगम के कर्मचारी अधिकारी जानकारी देकर अपील कर रहे हैं । आयुक्त श्री नाग ने बताया कि लोगों से पानी का जमाव ना होने देने, कूलर, गमलों, पुराने टायरों में पानी जमा न होने देने की अपील कर रहे हैं। नगर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश भी दिया गया है। इस अभियान में निगम स्वच्छता विभाग के अधिकारी, कर्मचारी अन्य विभागीय अमले जुटे हुए हैं।

अवैध रूप से थाना देवरी क्षेत्र में अधिक मात्रा में शराब ब्रिकी करते आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल

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दिनांक 22.03.2023  आरोपी के विरूध्द आबकारी एक्ट की धारा 32(2) के तहत् की गई कार्यवाही। आरोपी के पास से 35 पौवा देशी प्लेन शराब किमती 2800/- रूपये को बरामद किया गया। पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर के मार्गदर्शन, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में जिला बालोद के थाना/चौकी क्षेत्रो में अवैध रूप से शराब बिक्री करने वालो के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था, जिस पर निरीक्षक अरूण नेताम थाना प्रभारी देवरी के नेतृत्व में दिनांक 21.03.2023 को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुआ कि ग्राम नाहंदा बाजार चौक होटल के पास शराब ब्रिकी करने की सूचना पर होटल के पास घेराबंदी कर पकड़ने पर नाम, पता पुछने पर तामेश्वर कुमार पिता स्व.परदेशी राम पटेल उम्र 25 वर्ष साकिन नांहदा थाना देवरी जिला बालोद (छ.ग.) जिसके कब्जे से 35 पौवा देशी प्लेन शराब किमती 2800/- रूपये बरामद कर कब्जा पुलिस लेकर थाना देवरी में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 92/2023 धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत् कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी एवं थाना स्टाफ प्र.आर.रामप्रसाद गजभिये, आर.अजय सिन्हा, किशन पटेल की विशेष भूमिका रही है। थाना देवरी क्षेत्रांतर्गत में अवैध शराब ब्रिकी के विरूद्ध निरंतर कार्यवाही जारी है।अपराध क्रमांक- 92/2023- 34 (2) आबकारी एक्ट आरोपी का नाम- तामेश्वर कुमार पिता स्व.परदेशी राम पटेल उम्र 25 वर्ष साकिन नांहदा थाना देवरी जिला बालोद (छ.ग.)बरामद सामाग्री- 35 पौवा देशी प्लेन शराब किमती 2800/- रूपये।

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कभी भी शोला बनकर भड़क सकती है भेजरीपदर की चिंगारी

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  • आदिवासियों और ईसाई समुदाय के बीच जमकर हुई थी पत्थरबाजी
  • धर्मांतरित आदिवासी महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद
  • भेजरीपदर गांव में अभी भी तैनात है भारी पुलिस बल तैनात

तोकापाल बस्तर जिले की तोकापाल जनपद पंचायत के ग्राम भेजरीपदर में अभी भी तनातनी का माहौल है। ईसाई धर्म अपना चुकी गांव की एक महिला के शव के अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद शुरू हुआ था। प्रशासन ने हालांकि हालात को जल्द काबू में कर लिया, लेकिन दबी हुई चिंगारी, कहीं शोला बनकर भड़क न उठे, इसे देखते हुए गांव में बुधवार को भी भारी पुलिस बल को तैनात रखा गया है। भेजरीपदर गांव के कुछ आदिवासी परिवारों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। इन्हीं धर्मान्तरित परिवारों में से एक परिवार की 45 वर्षीय महिला माते बेको पति मोसू बेको का निधन हो गया। बेको के शव को दफनाने के लिए परिजन गांव में आदिवासियों के श्मशान घाट में ले गए थे। गांव के अन्य आदिवासी परिवार इसके विरोध करने लगे। इस बीच ईसाई समुदाय के लोग भी अन्य धर्मान्तरित परिवारों के साथ बेको परिवार के समर्थन में सामने आ गए। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों पक्षो में जमकर पत्थरबाजी होने लगी। संघर्ष का दौर काफी देर तक चलता रहा। मंगलवार को पथराव में चार पुलिस कर्मी और समुदायों के अनेक लोग घायल हो गए। जख्मी पुलिस कर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालात को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी गांव में पहुंच गए। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ऐश्वर्य चंद्राकर तथा आसपास के थानों के पुलिस बल और जिला मुख्यालय से पहुंचे बल के साथ मंगलवार और बुधवार को भी गांव में डटे रहे।

मंगलवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की समझाईश के बाद माते बेको के शव को गांव में स्थित उनकी निजी बाड़ी में दफना दिया गया। इस बीच पूर्व मंत्री एवं आदिवासी नेता ननकीराम के नेतृत्व में पूर्व मंत्री केदार कश्यप, दिनेश कश्यप, राजाराम तोड़ेम, बैदूराम कश्यप, लच्छूराम कश्यप, रूपसिंह मंडावी, पूर्व विधायक संतोष बाफना, संजय पाण्डेय, महेश कश्यप, शिवनारायण पाण्डेय, सुधीर पाण्डेय, तेजपाल शर्मा आदि भी भेजरीपदर गांव पहुंच गए। नेताओं और भाजपा नेताओं के आने के बाद आदिवासी और भी मुखर होकर आवाज उठाने लगे। पुलिस ने जैसे तैसे स्थिति सम्हाल ली। मगर दूसरे दिन बुधवार को आदिवासी गांव की आबादी के बीच स्थित बाड़ी में शव दफनाए जाने का रह रहकर विरोध करते रहे। वे शव को निकालकर कहीं और दफनाने की मांग करते दिखे। कुल मिलाकर ऐसा लग रहा है कि भेजरीपदर में भड़की हिंसा की आग बुझ जरूर गई है, लेकिन दबी हुई चिंगारी कभी भी शोला बनकर भड़क सकती है।

सामाजिक समरसता बिगाड़ने का प्रयास : कंवर

पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकी राम कंवर ने मंगलवार को पीड़ित आदिवासियों से चर्चा करने और हालात का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर में समुदाय विशेष द्वारा सामाजिक समरसता बिगाड़ने का प्रयास सरकार के संरक्षण में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रताड़ित आदिवासियों की उपेक्षा करते हुए समुदाय विशेष को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। नारायणपुर में भी आदिवासियों के खिलाफ ऐसी ही घटना को अंजाम दिया गया था। अब भेजरीपदर में आदिवासियों पर जुल्म किया गया है। कंवर ने कहा कि पुलिस के अधिकारी और जवानों के साथ समुदाय विशेष के लोगों ने खुलेआम मारपीट की, आम ग्रामीणों और आदिवासियों पर हमले किए गए। सारा घटनाक्रम प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारियों की नजरों के सामने हुआ, लेकिन सरकार के दबाव में हिंसा करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आदिवासियों की आस्था और परंपराओं पर कुठाराघात हो रहा है।

बस्तर में आदिवासियों पर हो रही हिंसा : केदार कश्यप

पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर में आदिवासियों के खिलाफ समुदाय विशेष द्वारा प्रायोजित तरीके से हिंसा की जा रही है। इसके कारण यहां के आदिवासियों में असंतोष और भय का वतावरण निर्मित हो गया है। पूरे बस्तर में अवैध तरीके से धर्मान्तरण कराया जा रहा है। साजिश के तहत आदिवासियों का अस्तित्व खत्म करने की कोशिशें चरम पर हैं। भेजरीपदर में जो घटना हुई है, उसमें प्रशासन ने एक तरह से समुदाय विशेष को खुली छूट दे दी थी। कश्यप ने कहा कि मिशनरी के लोग आदिवासियों पर जुल्म ढा रहे हैं। हम लोग इस मसले को लेकर बस्तर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भी मिलने वाले हैं। इसके अलावा छल प्रपंच और प्रलोभन के जरिए बस्तर में चल अवैध धर्मान्तरण तथा आदिवासियों के खिलाफ हिंसा एवं प्रताड़ना का मामला विधानसभा में भी उठाया जाएगा।

स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

भेजरीपदर मंगलवार को कुछ देर के लिए दो पक्षो में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। गांव में गतिरोध जैसी कोई स्थिति नहीं है। एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। ऐश्वर्य चंद्राकरअनुविभागीय अधिकारी (पुलिस ),तोकापाल

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