- परिजनों के हवाले से बैज ने मुठभेड़ पर उठाए सवाल
- मृतकों के परिजनों के आरोपों को गंभीरता से ले सरकार : दीपक बैज
जगदलपुर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कांकेर के कोयलीबेड़ा में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
दीपक बैज ने कहा है कि बीते 25 फरवरी को कांकेर के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में हुई तथाकथित पुलिस और नक्सली मुठभेड़ में मारे गए लोगों के बारे में उनके परिजनों तथा ग्रामीणों द्वारा गंभीर सवाल खड़ा किए गए हैं। उनका कहना है कि मारे गए तीनों लोग नक्सली नहीं थे। दीपक बैज ने कहा – परिजनों और ग्रामीणों का यह आरोप बेहद चौंकाने वाला है। सभी मृतकों के परिजनों ने मृतकों की बैंक पासबुक, आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, पेन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड जैसे सभी प्रमाण सामने रखे हैं। कांकेर जिला मुख्यालय में मृतकों के परिजन स्वयं शिकायत करने पहुंचे थे। ऐसे में मुठभेड़ बेहद संदिग्ध हो चली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि मारे गए लोगों की पत्नियों ने कहा कि वे सब चावल, दाल लेकर रस्सी लेने की बात कहकर अपने अपने घर से निकले थे। अभी तेंदूपत्ता बूटा कटाई का समय है। अप्रेल में तेंदूपत्ता तोड़ाई होती है उसके लिए लोग अभी रस्सी जुगाड़ कर लेते हैं। उसी को लेने ये लोग जंगल गए थे। महिलाओं का कहना है कि उनके पति नक्सली नहीं थे और पुलिस के लोग जो समान दिखा रहे हैं, उसमे सच्चाई नहीं है। हमारे पति को नक्सली बताकर मारा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत बेहद ही गंभीर और संवेदनशील है। आरोप पुलिस पर लगे हैं। इसलिए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह आवश्यक है कि इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में इस मुठभेड़ की जांच कराई जाए।
कोयलीबेड़ा मुठभेड़ की हाईकोर्ट के जज की निगरानी में हो न्यायिक जांच : दीपक बैज
जगदलपुर में 2400 बच्चों को पिलाई जाएगी पल्स पोलियो की खुराक
- अभियान चलेगा 3 मार्च को, कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
जगदलपुर राष्ट्रीय पल्स पोलियो आभियान 3 मार्च को चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकरी डॉ. आरके चतुर्वेदी के निर्देशन में पल्स पोलियो आभियान के दौरान 0 से लेकर 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को ओरल पोलियो की अतिरिक्त खुराक पिलाई जाएगी। शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संजीव दुबे ने बताया कि जगदलपुर शहरी क्षेत्र में लगभग 2400 बच्चों को पोलियों की अतिरिक्त खुराक पिलाने के लिए 72 टीमों की व्यस्था की गई है। ये टीमें शहर के प्रमुख वार्डों व स्थानों की बूथों में 3 मार्च को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक पोलियो की दवा पिलाएंगी।इसके अलावा 3 अतिरिक्त मोबाइल टीमों का भी गठन किया गया है, जो रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और अन्य जगहों पर पोलियो की दावा पिलाएंगी।
पल्स पोलियो आभियान के लिए सभी दल कर्मियों को प्रशिक्षण जिला टीकाकरण अधिकरी डॉ. सी. मैत्री ने बीएससी नर्सिंग कॉलेज के सभागार में दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा पोलियो की अतिरिक्त खुराक से वंचित न रहे। पल्स पोलियो के आभियान के दूसरे दिन जो बच्चे किसी कारण वस छूट गए हों, उन्हे 4 और 5 मार्च को टीकाकरण दल घर घर जाकर दवा पिलाएंगे। इस मौके पर डीपीएम डॉ. रीना लक्ष्मी, जिला टीकाकरण सलाहकर आशु पोद्दार, नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल स्वर्णलता पीटर, प्रशांत श्रीवस्ताव, नरेश मरकाम, चंचल जोशी, शेखर सेठिया के अलावा अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
दस साल में पूरी तरह फेलियर साबित हुई मोदी सरकार: दीपक बैज
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने गिनाई पीएम की नाकामियां
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज मोदी सरकार पर लगातार आक्रामक तेवर नजर आ रहे हैं। बस्तर के शेर दीपक बैज आज फिर मोदी सरकार पर खूब गरजे। उन्होंने ने कहा कि 10 साल में मोदी सरकार चुनावी वादे पूरा करने में फेलियर साबित हुई है।
दीपक बैज ने कहा है कि अच्छे दिन के सपने और 15- 15 लाख रूपए खाते में आने का सब्जबाग दिखाकर जनता का वोट लेने वाली मोदी सरकार जनता से दूध, दही, चावल, दाल, गेहूं, आटा बेसन, पुस्तक, कॉपी, स्टेशनरी, हवाई चप्पल पर टैक्स वसूल रही है। पेट्रोल, डीजल पर बेतहाशा एक्साइज ड्यूटी लगाकर 27 लाख करोड़ रूपए जनता की जेब से निकाल लिया गया। रसोई गैस के दाम में मनमानी वृद्धि कर लूटमार की जा रही है। मोदी सरकार की वादाखिलाफी के लिए जितना भाजपा जिम्मेदार है उतना ही आरएसएस और उनके अनुसांगिक संगठन भी जिम्मेदार हैं। आरएसएस और उनके अनुसांगिक संगठन दम तोड़ती सरकारी कंपनियों, डूबते बैंक व एलआईसी, टूटती सामाजिक समरसता पर बात करने से बच रहे हैं। दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के नेता बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी पर चर्चा करने से भाग रहे हैं। देश की जनता का महंगाई से बुरा हाल है। केंद्र सरकार मात्र 2 लोग अडानी, अंबानी की आय बढ़ाने के लिए ही काम कर रही है। देश की अर्थव्यवस्था डूबने की कगार पर है, बैंक, एलआईसी डूब रहे हैं, सरकारी कंपनियां बिक रही है, आम लोगों के रोजगार छीने जा रहे हैं, महंगाई का प्रकोप घर-घर में दिख रहा है। भाजपा नेता धर्म से धर्म को लड़ाकर, जात से जात को लड़ाकर और वैमनस्यता फैलाकर राजनीतिक रोटी सेक रहे हैं। पीसीसी चीफ सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल साबित हुई है।मोदी पर लगाई सवालों की झड़ी
दीपक बैज ने कहा- हाल ही में देशभर में हुए सर्वे में एक बात सामने आई है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों, रोजगार देने में असफलता, पेट्रोल, डीजल में मनमाना एक्साइज ड्यूटी, रेल यात्रा का महंगा होना, सड़कों पर टोल टैक्स की दरों में वृद्धि एवं आवश्यक वस्तुओं पर भी लगाई गई जीएसटी के चलते आम लोगों की आय एवं बचत घटी है। लोगों को घर चलाने और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए 77 प्रतिशत तक के ऋण लेना पड़ रहा है। मोदी सरकार को कोई इससे वास्ता नहींरह गया है। दीपक बैज ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी ने जनता से वादा किया था कि केंद्र में उनकी सरकार बनेगी तो सभी के खाते में 15-15 लाख रूपए आएंगे। बीते 10 साल से प्रदेश की जनता 15 लाख रूपए खाते में आने का इंतजार कर रही है। किस तारीख को पैसा जनता के खाते में ट्रांसफर होगा? दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा था, 10 साल में प्रदेश के 43 लाख युवाओं को रोजगार मिलना था जो अब तक केंद्र सरकार ने नहीं दिया है। वह रोजगार प्रदेश के युवाओं को कब मिलेगा तारीख बताने की कृपा करें? 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा किया गया था आज हालात यह है कि मोदी सरकार के गलत नीतियों के चलते बढ़ती महंगाई से जनता हताश और परेशान है। महंगाई से जनता को राहत किस तारीख को मिलेगी यह बता दे? 2023 भी निकल चुका है, लेकिन किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है। लोकसभा चुनाव में यह मुद्दे प्रभावी होंगे।
जिनकी आवाज बंदूकों की नोंक पर दबा दी जाती है, उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर में सुनी जनता की आवाज
- नक्सली नेता हिड़मा के गांव पूवर्ती के युवाओं ने देखी विधानसभा की कार्यवाही
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कराया विधानसभा भ्रमण
- नियद नेल्लानार के जरिए विकास से रोशन होंगे गांव
-अर्जुन झा-
जगदलपुर छत्तीसगढ़ के टॉप नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती समेत अन्य धुर नक्सल ग्रस्त गांवों जिन लोगों की आवाज नक्सली बंदूकों की नोंक पर बंद करा दिया करते थे, उन्होंने पहली बार विधानसभा में जनता की आवाज को प्रतिनिधियों के माध्यम से लोकतंत्र के मंदिर में गूंजते सुना।
बस्तर संभाग के सुकमा जिले के पूवर्ती व टेकलगुड़ा के युवाओं ने विधानसभा में देखा कि किस तरह लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष मुद्दों पर सहमति- असमहति के बावजूद चर्चा कर अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचते हैं और जन कल्याण की दिशा में आगे बढ़ते हैं। ये युवा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आमंत्रण पर विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से देर तक अपने गांव के बारे में बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल आतंकवाद की वजह से बरसों आपके इलाकों में विकास प्रभावित रहा। बस्तर के समग्र विकास और आप लोगों तक विकास पहुंचाए बगैर छत्तीसगढ़ का विकास संभव नहीं है। हमने इसके लिए नियद नेल्लानार योजना आरंभ की है। न केवल हम आप लोगों को सुरक्षा प्रदान करने वहां सुरक्षा बलों
के नए कैंप लगा रहे हैं, बल्कि कैंप के 5 किमी के दायरे में नियद नेल्लानार योजना के तहत 25 तरह की मूलभूत सुविधाएं, 32 तरह की व्यक्तिमूलक योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश है कि आप लोगों को सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से बस्तर के विकास का ध्यान रखते हैं। उन्होंने हमें निर्देश दिए कि संवेदनशील इलाकों में सारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसलिए हमने नियद नेल्लानार यानि आपका अच्छा गांव योजना आरंभ की है। इन ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि आपकी पहल से हमारे गांव तक बिजली पहुंच गई है। अन्य सुविधाओं का रास्ता भी खुल गया है। अब घरों में भी बिजली लग गई है अब खेतों में बिजली चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी को भटकना नहीं है। अपने प्रदेश और देश के विकास के लिए अपनी ऊर्जा लगानी है। आपके गांव के विकास के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम हमेशा आपके साथ खड़े हैं। हम सभी सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आपके क्षेत्र में विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। नियद नेल्लनार योजना के माध्यम से आपके गांव में तेजी से विकास करने हम कृतसंकल्पित हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में हम आपके लिए सारी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री साय के साथ ही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं अन्य विधायकों की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ समूह तस्वीर भी ली गई। ग्रामीण इस यात्रा से बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार आज प्रदेश की विधानसभा देखी। बहुत अच्छा और यादगार अनुभव रहा। मुख्यमंत्री ने हमें स्वयं विस्तार से विधानसभा के कार्यों के बारे में बताया, हम सब बहुत खुश हैं।गौरतलब है कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बतौर गृहमंत्री माओवाद प्रभावित इलाकों में शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्होंने माओवाद प्रभावित इलाकों के युवाओं से संवाद के लिए यह पहल की है। इन इलाकों के लिए विशेष रूप से कार्ययोजना तैयार कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।रखी अस्पताल और स्कूल की मांग
युवाओं ने मुख्यमंत्री से दोनों गांवों में स्कूल और अस्पताल की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार के माध्यम से हम इन्हीं कार्यों के लिए आगे बढ़ेंगे। इन गांवों की नई पीढ़ी विकास का उजाला देखेगी। हम सब मिलकर नियद नेल्लनार के माध्यम से अच्छा गांव तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय में आप फोन कर बता सकते हैं अपनी समस्याएं। हम आपकी सभी समस्याओं का हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं स्वयं और मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी इस दिशा में कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय में एक फोन नंबर की व्यवस्था भी की जाएगी, जो केवल आप लोगों के फीडबैक के लिए होगा। आप इससे सीधे संवाद कर सकेंगे। मैं आपके सुख दुख को हमेशा साझा करूंगा।देखेंगे राजिम कुंभ और उन्नत खेती
ये ग्रामीण युवा दो दिनों के राजधानी प्रवास पर हैं। पहले दिन उन्होंने पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ विज्ञान केंद्र, अंबुजा माल के साथ ही रायपुर शहर का भ्रमण किया। कल ग्रामीण जंगल सफारी और राजिम कुंभ का दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वे कृषि महाविद्यालय में उन्नत खेती भी देखेंगे।
युवाओं का मन बदलेगा, तो नक्सल प्रभावित गांवों की तस्वीर भी बदल जाएगी
- उप मुख्यमंत्री एवं विजय शर्मा ने ढूंढ निकाला नायाब तरीका
- नक्सल प्रभावित गांवों के रायपुर दर्शन का नया ‘दर्शन शास्त्र’
-अर्जुन झा-
जगदलपुर आधुनिक मौलिक सुविधाओं और छत्तीसगढ़ की तरक्की की तस्वीर देखने से वंचित रह गए धुर नक्सल प्रभावित गांवों के युवा भी अब प्रदेश की तरक्की की झलक देख पाएंगे और अपने गांव को भी उन्नति की मुख्यधारा से जोड़ने में योगदान दे सकेंगे। अब तक अपने गांव से बाहर की दुनिया देखने से वंचित रहे ये युवा राजधानी रायपुर समेत अन्य शहरों में जाकर आंखों को चौंधिया देने वाली चमचमाती तरक्की देख पाएंगे। यह प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की शानदार पहल से संभव हुआ है। शर्मा की इस पहल की पहली कड़ी में बस्तर संभाग के सुकमा जिले में स्थित कुख्यात नक्सली कमांडर हिडमा के गृहग्राम पूवर्ती के युवा राज्य की तरक्की और राज्य में उपलब्ध अत्याधुनिक साधनों व सुविधाओं को नजदीक से देखने एवं महसूस करने के लिए रायपुर पहुंचे थे।
प्रदेश में हो रहे विकास की झलक दिखाने घनघोर जंगलों के बीच स्थित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी युवाओं को अब रायपुर भ्रमण कराया जाएगा। नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती से 40 युवाओं का पहला जत्था रायपुर पहुंचा। इन युवाओं से गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान में मुलाकात कर उनके साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया। शर्मा ने इन युवाओं से आत्मीयता पूर्वक चर्चा की, उनके गांव की जरूरतों के बारे में पूछा। पूवर्ती के इन युवाओं के जत्थे में शामिल ज्यादातर युवा शर्मा द्वारा हिंदी और छत्तीसगढ़ी में कही जा रही बातों को समझ नहीं पा रहे थे। उन युवाओं को उनके थोड़े बहुत पढ़े लिखे साथी हल्बी, गोंडी और मुरिया बोली में तर्जुमा करके समझाते नजर आए। इन युवाओं को रायपुर के विभिन्न मॉल्स, एग्रीकल्चर कालेज, अंबेडकर अस्पताल आदि जगहों पर घुमाया जा रहा है। वहीं डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में युवाओं को स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों ने विकास कार्यों में बाधा पहुंचाते हुए आदिवासियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर रखा है। प्रदेश में हो रहे विकास से अनजान नक्सली क्षेत्र के युवा नक्सलियों के बहकावे में आ जाते हैं। हाल ही में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद इस बात का अहसास होने पर उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती और नक्सल प्रभावित क्षेत्र टेकलगुड़ा सहित अन्य गांवों के आदिवासियों के रायपुर भ्रमण का कार्यक्रम तय किया है।

जगदलपुर भी नहीं देखा कभी
बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के अति दुर्गम इलाकों में बसे दर्जनों गांवों के सैकड़ों युवा आज तक अपने संभाग मुख्यालय जगदलपुर तक को भी नहीं देख पाए हैं। पूवर्ती गांव से रायपुर गए कई युवा भी इन्हीं बदनसीब युवाओं में शुमार हैं। ऐसे में राजधानी रायपुर की गगनचुंबी ईमारतों, बड़े बड़े अस्पतालों, चकाचक सड़कों, वाहनों की रेलमपेल भव्य शॉपिंग मॉल्स को देख पूवर्ती के युवाओं की आंखों का चौंधियाना स्वभाविक था। ये युवा रायपुर का नजारा देख आश्चर्यचकित लग रहे थे। वे नई सुबह, नई शुरुआत के सपने और उम्मीद लेकर अपने गांव लौटेंगे और जब अपने यार दोस्तों, नाते रिश्तेदारों को जब शेष छत्तीसगढ़ की प्रगति की कहानी सुनाएंगे, तो तय है कि सभी हैरानी में पड़ जाएंगे।
रायपुर टूर से ह्रदय परिवर्तन
उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा की यह पहल बम, बंदूक और बारूद की गंध से धुर नक्सल प्रभावित गांवों को मुक्ति दिलाने तथा नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच दशकों से पिसते चले आ रहे निरीह आदिवासियों को बचाने में निश्चित तौर पर अच्छा काम करेगी। वहीं जब रायपुर से लौटकर उक्त युवा जब अपने गांव वालों को शेष छत्तीसगढ़ में बह रही तरक्की के बयार का अहसास कराएंगे, तो गांव वालों का हृदय परिवर्तन जरूर होगा लोगों का नक्सलियों से मोहभंग होने लगेगा। ऐसे में जो काम संगीनों के साये में संभव हो रहा था, उसे युवाओं के इस रायपुर टूर से संभव कर दिखाने की बेमिसाल पहल उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने की है। उनकी इस दूरदर्शी सोच और पहल की बस्तर के अमन पसंद नागरिक तारीफ कर रहे हैं।
चित्रकोट महोत्सव की तैयारियां देखी कलेक्टर ने
जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने चित्रकोट महोत्सव की तैयारियों का मौके पर जाकर जायजा लिया। चित्रकोट महोत्सव के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह कार्यक्रम, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद गतिविधियों के स्थल और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, एसडीएम लोहांडीगुड़ा एसएल सिन्हा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, जिला और जनपद पंचायत के अधिकारी उपस्थित थे।
पुलिस ने खोए हुए 43000 रुपए को 24 घंटे में ढूंढ के प्रार्थी को लौटाया
- खोये हुए 43,000 रू. को थाना मंगचुवा पुलिस ने ढूंढा 24 घण्टा के अन्दर ।
- 43,000 रूपये को प्रार्थी सोहन लाल सिन्हा को किया सुपुर्द ।
मंगचुवा दिनांक 26.02.2024 को प्रार्थी सोहन लाल सिन्हा पिता स्व. कपिलास सिन्हा उम्र 63 वर्ष निवासी ग्राम रेंगाडबरी थाना मंगचुवा जिला बालोद छ.ग. ने थाना मंगचुवा उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया। दिनांक 26.02.2024 को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा रेंगाडबरी में 43,000 रू. जमा करने आया था। जो लांच ब्रेक हो जाने से पैसा जमा नही होने से पैसा को थैला में रखकर सायकल के हैण्डल में टांगकर वापस अपने घर जा रहा था। सायकल के हैण्डल में थैला के साथ रखे पैसा थैला सहित रास्ते में कंही गिर कर गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया गया। थाना मंगचुवा पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही कर गुम हुए 43,000 रू. का पतासाजी कर प्रार्थी सोहन लाल सिन्हा को सुपुर्द किया गया। उपरोक्त पतासाजी में थाना मंगचुवा के थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार कंवर, प्रधान आरक्षक 1633 राजकिशोर साहू, आर.414 उत्तम कुमार पटेल का विशेष योगदान रहा।
ऑनलाईन सायबर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
- आरोपी द्वारा पैसो की लालच में आकर ठगी करने वालों को देता था अपना बैंक एकाउंट।
- आरोपी के कब्जे से एक नग मोबाईल को किया गया जप्त।
- जिलों में लगातार सायबर जागरूकता अभियान चलाई जा रही है।
दल्लीराजहरा पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग राम गोपाल गर्ग के द्वारा जिलों में बलाई जा रही सापवर जागरूक अभियान कार्यवाही के तहत पुलिस अधीक्षक बालोद एस०आर० भगत के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सुशील नायक एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति डॉ० चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में सायबर सेल बालोद एवं थाना राजहरा पुलिस द्वारा आनलाईन सायबर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को गिरा किया गया। प्रकरण सबर के प्रार्थी दिनेश तिवारी द्वारा थाना उपस्थित आकर एक लिखित आवेदन पेश किया कि दिनांक 06.1.2024 को सुबह करीन 10 बजे अपने घर पर बैठकर मोबाईल से गूगल में एसबीआई ब्रांच मैनेजर अग्रसेन चौक रायपुर शाखा सर्च कर रहा था उसमें दिये नंबर पर काल कर अपने ओवर ड्राम छाता क्रमांक 10460909073 जो अग्रसेन चौक रायपुर में संचालित है निसबत ओवर लिमिट बढ़ाने के लिए दिये काल करने पर एसबीआई बैंक की हेल्प लाईन नंबर पर आरोपी द्वारा अपना मोबाइल नंबर रखा जिसमें बात करने पर प्रार्थी से उसका बैंक संबंधी जानकारी ले लिया, बाद प्रार्थी को वाट्सअप पर लिंक भेजकर लिंक स्वीकर करने बोला स्वीकार करने पर प्रार्थी के मोबाईल नंबर एम पीन बदल गया है करके एसएमएस आया तब प्राथर्थी संदेह हुआ कि मेरे साथ कोई फ्रॉड कर रहा है तब तत्काल राजहरा में स्थित एसबीआई बैंक से संपर्क कर अपना इंटरनेट बैंकिंग, मोबाईल बैंकिंग, एटीएम एवं यूपीआई को बंद कर लॉक करवा दिया था। मेरे द्वारा खाता से कोई ट्रांसजेक्शन नहीं हुआ था। प्रार्थी द्वारा दिनांक 09.02.2024 को होल्ड एवं इंटरनेट बैंकिग को पुनस्थापित कराया गया दिनांक 12.02.2024 को करीबन 10.00 बजे मेरे मोबाईल पर 50000 रूपये आहरण का मेसेज आया। सायबर हेल्प लाईन नंबर 1930 में तत्काल शिकायत किया। कोई अज्ञात व्यक्ति अपना मोबाइल नंबर को गूगल के एसबीआई हेल लाइन में डाल कर अपनी बातो की झांझा में लेकर छल पूर्वक इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 50000 रूपये का धोखाधडी किया है प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना राजहरा में अपराध क्र० 59/2024 धारा 420 भादवि, 66डी आईटी एक्ट कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। प्रकरण के विवेचना के दौरान प्रार्थी की पैसा केनरा बैंक के खाता क्र० 110152644330 मे जाकर होल्ड हो गया। उक्त खाता का पता तलाश करने पर उक्त खाता धारक इम्तियाज शेख निवासी केम्प 2 छावनी का होना पाया गया जिसे पूछताछ करने पर बताया कि वह अपने अन्य साथी अज्जू के कहने पर केनरा बैंक जी ई रोड भिलाई में खाता क्रमांक 110152644330 खोलवाकर अपने मोबाईल नंबर 88815367553 को लिंक कराये थे, और उक्त खाते की एटीएम एवं खाता को अपने साथी अज्जू को देकर आरोपी के खाते में विभिन्न अज्ञात खातो से पैसों की ट्रांसजेक्शन होने लगा जिसमें आरोपी को प्रत्येक ट्रांसजेक्शन का 500 रूपया मिलता था, और उनके खाता में आ रही ट्रांसजेक्शन की जानकारी उनके खाते में लिंग मोबाइल नंबर से जानकारी होता थी। आरोपी द्वारा उक्त अपराध का घटित करना पाये जाने से दिनांक 27.02.2024 को गिरण कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।
उक्त कार्यवाही में सायबर सेल बालोद एवं थाना राजहरा पुलिस की विशेष भूमिका रही।
अवैध प्रतिबंधित नशीली दवाई की बिक्री करने वाले कोगिरफ्तार कर भेजा गया जेल
- आरोपियों से प्रतिबंधित नशीली दवाई SPAS TRANCAN PLUS (TRAMADOL) के कैप्सुल 2448 नग कीमती 15912 रूपये एवं ALPRAZOLAM TABETS IP के टेबलेट 2400 नग कीमती 7440 को किया गया जप्त ।
- नशा के विरुद्ध थाना राजहरा द्वारा लगातार कार्यवाही।
दल्लीराजहरा पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग राम गोपाल गर्ग के द्वारा जिलों में बताई जा रही अवैध नशे के खिलाफ अभियान कार्यवाही के तहत पुलिस अधीक्षक बालोद एस आर भगत के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सुशील नायक एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति डा0 चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में थाना दल्लीराजहरा पुलिस को दिनांक 27.02.2024 को जरिये मुखबीर सूचना मुखबीर से सूचना मिला की सुमीत सोनी, मनीष कुमार निर्मलकर द्वारा वार्ड क्र 07 टिचर कालोनी राजहरा में स्थित गार्डन के पास अधिक मात्रा में नशीली दवाई बिक्री कर रहा है की सूचना पर थाना राजहरा पुलिस मौके पर जाकर रेड कार्यवाही किया जिसमें आरोपी 1. मनीष कुमार निर्मलकर पिता स्व० लखन लाल निर्मलकर 311 35 वर्ष सा० वार्ड क० 7 टीचर कालोनी राजहरा थाना राजहरा के कब्जे से 7 डिब्या में प्रतिबंधित नशीली दवाई SPAS TRANCAN PLUS (TRAMADOL) के कैप्सुल 1008 नग कीमती 6552 रूपये, 2. सुमीत सोनी पिता अशोक सोनी उम्र 25 साल सा0 वार्ड क० 07 टीचर कालोनी राजहरा थाना राजाहरा जिला बालोद घ०१० के कब्जे से 4 डिब्बा में ALPRAZOLAM TABETS IP के टेबलेट 2400 नग कीमती 7440 रुपये तथा 10 डिच्चा में भरा SPAS TRANCAN PLUS (TRAMADOL) के कैप्सुल 1440 नग कीमती 9360 रूपये बरामद की गयी। आरोपियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि उक्त प्रतिबंधित दोनो नशीली दवाई मुकेश उर्फ मुक्कू निर्मलकर के द्वारा लाकर देना बताये है जो घटना दिनांक से फरार है। आरोपी मुकेश उर्फ मुक्यू का पता तलाश की जा रही है। प्रकरण सदर में आरोपियो द्वारा अपराध धारा सदर का घटित करना पाये जाने से अपराध क 60/2024 धारा स्वापक औषधी तथा मनःप्रभावी अधिनियम 1985 की धारा 22, 27 कायम कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण उक्त आरोपियों को गिर कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया। उक्त कार्यवार में ड्रग इन्सपेक्टर श्रीमति दीपिका चुरेन्द्र, नायब तहसीलदार बी० रुद्रपति उपस्थित थे। उक्त प्रकरण संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी राजहरा सुनील तिकी, उपनिरीक्षक उमा ठाकुर, सउनि सूरज साहू, प्र०आर० देवेन्द्र साहू, आर० चुरेन्द्र कुरें, मनोज साहू, शेल अली, छन्नू बजारे सुरेन्द्र देशमुख, प्रेम शंकर भुआर्य का सराहनीय भूमिका रही।
कोंडागांव जिला प्रशासन के ‘लक्ष्य’ को लक्ष्य से भटका दिया अफसरों ने
- प्रशासन का लक्ष्य कोचिंग बंद होने की कगार पर
- डॉक्टर, इंजीनियर कैसे बनेंगे खाने के मोहताज बच्चे
- कोचिंग संचालकों से अब तक नहीं हुआ नया एग्रीमेंट
अमरेश झा
कोंडागांव जिला मुख्यालय कोंडागांव के कलेक्टोरेट परिसर में जिला प्रशासन द्वारा संचालित लक्ष्य कोचिंग अब अपने लक्ष्य से ही भटकता नजर आ रहा है। जिले के बच्चों को एनईईटी एवं जेईई की तैयारी एवं बच्चों को इंजीनियर एवं डॉक्टर बनाने के उद्देश्य से संचालित लक्ष्य कोचिंग अधिकारियों की उदासीनता के चलते बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।
बस्तर संभाग के अमूमन सभी जिलों में सुदूर गांवों के छात्र छात्राओं के डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, जज आदि बनने के ख्वाब को पूरा करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लक्ष्य कोचिंग संस्था का संचालन किया जा रहा है। इस पहल के उत्साहजनक और सकारात्मक नतीजे भी सामने आए हैं। वहीं कोंडागांव जिले में प्रशासन की यह पहल दम तोड़ती नजर आ रही है। बीते वित्तीय वर्ष तक कोंडागांव में लक्ष्य कोचिंग के संचालन के लिए समय पर आवंटन प्राप्त होता रहा है। इससे ग्रामीण अंचलों से पहुंचे बच्चे आवासीय सुविधा का लाभ लेकर अपनी कोचिंग सुचारू रूप से जारी रखे हुए थे। वहीं उनके भोजन की व्यवस्था में अब तक कोई परेशानी नहीं हो रही थी, लेकिन पिछले 5 माह से न तो बच्चों के भोजन के लिए आवंटन जारी किया गया है, और न ही कोचिंग संस्था से फिर से अनुबंध किया जा सका है। ज्ञात हो कि लक्ष्य कोचिंग सेंटर आवासीय प्रशिक्षण केंद्र कोंडागांव को पिछले वर्ष में 80 लाख रुपए आवंटित किए गए थे और यहां मिली कोचिंग के दम पर 5 बच्चों ने जेईई का मेंस क्लीयर भी किया था। बीते वर्षों में इस कोचिंग सेंटर से कई बच्चे डॉक्टरी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भी सिलेक्ट हो चुके हैं। हालांकि बीते वर्ष से संचालित कोचिंग संस्थान लगातार अध्यापन सेवा दे रही है। बच्चे भी कोचिंग से संतुष्ट भी नजर आ रहे हैं, लेकिन स्व-सहायता समूह को बीते 5 माह से भोजन व्यवस्था हेतु आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके चलते अब स्व सहायता समूह ने भोजन बनाना बंद कर दिया है। नतीजतन बच्चों को दूसरे हॉस्टल से भोजन मंगवाकर खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कोचिंग संस्थान व मेस संचालन व्यवस्था हेतु आवंटन प्राप्त नहीं होने का सीधा असर कहीं न कहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। वहीं शासन प्रशासन लाखों करोड़ों खर्च कर जिले के बच्चों के लिए डीएमएफ, सीएसआर व अन्य मदों से आवंटन उपलब्ध करवाता है ताकि जिले के अंदरूनी इलाकों के बच्चे डॉक्टर इंजीनियर बन सकें। आज अधिकारियों की उदासीनता के चलते जहां बच्चों के सपने चूर चूर हो रहे हैं, वहीं शासन प्रशासन की मंशा भी धराशायी हो रही है। इसके लिए सीधे तौर पर वे अधिकारी जिम्मेदार हैं, जो महज खानापूर्ति के लिए ही ‘लक्ष्य’ के प्रति शासकीय दायित्व बेमन से निभारहे हैं।
डीईओ मैम ने दिया था जिम्मा
लक्ष्य कोचिंग के बच्चों के लिए भोजन का इंतजाम करने वाले जय मां सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष हसीना खान का कहना है कि उनका समूह पिछले साल से लक्ष्य कोचिंग में मेस का संचालन कर रहा है। समूह को पिछले पांच माह से राशि भुगतान के नाम पर फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। हमने इस बारे में डीईओ मधुलिका तिवारी से बात की, तो डीईओ ने समस्या को नकाराते हुए मेस को ही बंद करने का आदेश दे दिया और कहा कि आप बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था न करें। जिला शिक्षा अधिकारी के कहने पर ही मेस बंद कर दिया गया है। हसीना खान बताती हैं कि उनका समूह पिछले 5 माह से व्यापारियों के पास से राशन व अन्य सामग्री उधार में लेकर बच्चों को भोजन उपलब्ध करवाते आ रहा था, लेकिन अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान के लिए हम महिलाएं 5 माह परेशा न हैं। अभी तक भुगनात नही हुआ है। पिछले पांच माह से हम डीईओ मैडम के कहने पर ही मेस का संचालन कर रही थी बिना भुगतान के, लेकिन जब मैडम से इसके लिए आदेश और पेमेंट की बात रखी गई तो मैडम ने इस बात को नकारते हुए यह साफ कह दिया कि, मैंने इसका संचालन करने के लिए नहीं कहा था और इस पर अब कोई आदेश जारी नहीं होगा। वहीं नीट की तैयारी कर रही कक्षा 11वीं की छात्रा तनूजा मरकाम और भूमिका बघेल ने बताया कि, आज हॉस्टल में खाना नहीं बना। भोजन अन्य हॉस्टल से लाकर हम लोगों को उपलब्ध कराया गया एवं आज नाश्ता भी उन्हें बाहर से ही लाकर कराया गया।
वर्सन
कर दी है भोजन व्यवस्था
स्व सहायता की महिलाओं ने बिना किसी पूर्व सूचना के खाना बनाना बंद कर दिया। इस बारे में मुझे समूह द्वारा जानकारी ही नहीं दी गई अचानक ही उन्होंने खाना बनाने से इंकार कर दिया, फिर भी हमने बच्चों के भोजन की व्यवस्था कर दी है। लक्ष कोचिंग संस्था के रिन्यूवल और संस्था के बारे में कुछ भी बोलने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं।
–मधुलिका तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी, कोंडागांव


