जगदलपुर। बस्तर जिले में लॉकडाऊन लगा हुआ है और लोहंडीगुड़ा थाना के सामने अपहरणकर्ता रिसाली भिलाई निवासी ठेकेदार मिश्रा अपहृत बच्चे के साथ मय गाड़ी पकड़ाया जिसको बडांजी पुलिस के सुपुर्द कर दिया जिसके बाद बड़ांजी पुलिस अपनी नई कहानी गढ़ रही है और ठेकेदार को फरार बता रही हैं। अब यह प्रश्न उठता है कि यह गोल-मोल बातें स्वयं पुलिस क्यों अपने रोजनामचे में कह रही है। प मंगलवार को गुच्चागुड़ा के बच्चे का कथित तौर पर अपहरण किये जाने के मामला सामने आया था और बडांजी पुलिस शुरुआत से ही इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी और थाना प्रभारी राजेंद्र सिंहा स्वयं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शर्मा तक को गुमराह करने से बाज आए किन्तु ग्रामीणों का इतना विरोध हुआ कि भिलाई के ठेकेदार मिश्रा के खिलाफ अंततः कार्रवाई किया गया।
फिर भी सबसे बड़ा सवाल है कि अपहरण में प्रयुक्त होने वाले कार को जप्त नहीं किया ना ही नाबालिग बच्चे के अपहरण के मामले में पास्को एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया। यह गंभीर मामला है और इस मामले में स्वयं आला अधिकारियों को जांच करना चाहिए जिससे बडांजी पुलिस की सच्चाई सामने आए।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जेल से भागने वाले 5 के 5 फरार कैदी अब पकड़ लिए गए हैं। 30 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद अलग-अलग इलाकों से इन बदमाशों को पकड़ने में जिले की पुलिस कामयाब रही । दोपहर तक इस केस के 4 बदमाशों को पकड़ लिया गया था जिसमे कोमाखान इलाके से करण और दौलत, पटेवा से राहुल, और बेमचा इलाके से डमरूधर को पकड़ लिया गया था एक अन्य आरोपी शुक्रवार की रात खल्लारी इलाके से फरार चल रहे कैदी धनसाय को भी पकड़ लिया गया है |
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भागे हुए कैदी में शामिल 33 साल का धनसाय, 24 साल का डमरूधर और 22 साल का राहुल लूट के आरोपी हैं। महासमुंद में ही इन्होंने एक वारदात को अंजाम दिया था साल 2019 से ये इसी जेल में थे। इनमें से राहुल यूपी का रहने वाला है और अन्य दो महासमुंद के ही निवासी हैं। 23 साल के दौलत को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 साल का करण नशीली चीजें रखने के मामले में पकड़ा गया था, ये दोनों भी महासमुंद के ही रहने वाले हैं। पांचों ने कंबल की एक लंबी रस्सी बनाई, इसके आगे लोहे की रॉड से एंगल बनाकर उसे 21 फीट ऊंची दीवार पर फंसाया और इसी के सहारे दीवार फांदकर बाहर चले गए।
लापरवाही बरतने वाले अफसर जिन पर निलंबन की कार्रवाई की गई है इनमे प्रहरी भरत राम सेन, गणेश राम और सुखीराम कोसले के साथ ही मुख्य प्रहरी राजकुमार त्रिपाठी पर की गई है।
रायपुर – मोबाइल के नाम पर दोस्तों के बीच आपस में ही विवाद इतना बढ़ गया कि एक दोस्त ने दुसरे दोस्त की हत्या कर दी और बीच बचाव करने आया दोस्त हुआ घायल जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है |
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना उरला थाना क्षेत्र के बिरगांव का है जहां झम्मन यादव, हिरेन्द्र देवागंन, सुभाष, करण व कार्तिक आपस मे मोहल्ले के रंगमंच मे बैठकर बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान मोहल्ले के ही रविकांत तिवारी ने आकर हिरेन्द्र से मोबाईल को नबंर सेव करने मांगा जिस पर हिरेन्द्र ने अपना मोबाईल रविकांत को दिया जिसके बाद रविकांत तिवारी मोबाईल लेकर अपने घर चला गया।
काफी समय बाद जब रविकांत मोबाइल वापस नहीं किया तब हिरेन्द्र अपने साथियों के साथ मोबाइल वापस मांगने रविकांत के घर पहुँचा तो रविकांत मोबाइल लेने से मुकर गया और इसी बात पर विवाद बढ़ने लगा तभी रविकांत का भाई दीपक तिवारी भी घर से निकल आया और दोनो ने मिलकर घर में रखा चाकू तथा हसिया से झम्मन यादव पर हमला कर दिया जिससे मौके पर ही झम्मन की मौत हो गयी।
विवाद होता देख बीच बचाव करने आये हिरेन्द्र देवागंन की भी हत्या करने की नियत से रविकांत व दीपक तिवारी ने चाकू से उसके पीठ पर वार किया है जिसके बाद हिरेंद्र को गंभीर अवस्था में मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामले की जानकारी पुलिस थाने में दी गई जिसके पश्चात् शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया एवं आरोपियों की गिरफ़्तारी की गई |
जगदलपुर… पंचायतों में भ्रष्टाचार की बात कोई नई बात नहीं है अक्सर पंचायत के सरपंच… सचिव… और रोजगार सहायक मिलकर ग्राम पंचायतों को विकास के लिए शासन की तरफ से उपलब्ध कराए गए शासकीय राशि का बंदरबांट कर लेते हैं और विकास कार्य के नाम पर खानापूर्ति करते हुए गुणवत्ताहीन सड़क पुलिया नाली बनाकर शासकीय राशि का गबन कर लेते हैं और ग्रामीणों द्वारा देखा गया विकास का सपना महज सपना बनकर रह जाता है ताजा मामला शहर सीमा से लगे ग्राम पंचायत आसना का है जहां ग्राम पंचायत आसना ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत पौधारोपण कार्य स्वीकृत करवाते हुए इंद्रावती नदी के किनारे पौधारोपण का कार्य किया |
मनरेगा से हुए इस कार्य के लिए 7.116 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी जिसके अंतर्गत बस्तर की लाइफ लाइन माने जाने वाली इंद्रावती नदी के किनारे पौधारोपण किया जाना था पंचायत ने बकायदा बड़े तामझाम के साथ पौधारोपण किया भी…लेकिन घटिया स्तर के बांस के चंद छोटे टुकड़ों के ट्री गार्ड बनाकर पंचायत पौधों की सुरक्षा करना भूल गया |
ना ही कभी लगाए गए पौधों की सरपंच ग्राम पंचायत आसना ने सुध ली…और ना ही पंचायत सचिव ने झांक कर देखा… क्योंकि यह कार्य मनरेगा से स्वीकृत हुआ था और मनरेगा से किए जाने वाले कार्यों में रोजगार सहायक की भूमिका किए जा रहे कार्यों की निगरानी करने की होती है इसके अलावा रोजगार सहायक ही मजदूरों के भुगतान के लिए जिम्मेदार होता है लेकिन रोजगार सहायक की भूमिका भी इस पौधरोपण रोपण कार्य में संदिग्ध है |
वर्तमान स्थिति यह है कि सैकड़ों की संख्या में नदी किनारे सिर्फ सूखे हुए कुछ बांस के बने ट्री गार्ड नजर आ रहे हैं अधिकतर पौधे तो मर चुके हैं और बचे हुए कुछ छोटे पौधों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं है पंचायत द्वारा लगाए गए पौधे भी जांच का विषय हैं क्योंकि पंचायत द्वारा जिन पौधों को लगाया गया वह बहुत ही छोटे होने के अलावा नवजात पौधे नजर आ रहे थे जिनकी स्थिति कार्यस्थल में अभी भी जस की तस है वर्तमान में इंद्रावती नदी की स्थिति यह है कि लगातार बाढ़ के चलते नदी के दोनों छोर की मिट्टी का लगातार क्षरण हो रहा है जिसके चलते नदी का प्राकृतिक बनावट भी अपना मूल स्वरूप खोता जा रहा है अगर सही ढंग से पौधारोपण का कार्य हुआ होता तो निश्चित तौर पर ही कुछ हद तक मिट्टी के कटाव को यही पौधे बड़े होकर रोकने का कार्य करते लेकिन पंचायत के दुर्भावना वश किए गए पौधरोपण कार्य से यह भी संभव होता नहीं दिख रहा है |
ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2020 – 21 में बस्तर जिला प्रशासन ने युवोदय के माध्यम से बड़े तामझाम के साथ जिले भर में पौधरोपण रोपण का कार्य किया था और इस कार्य में भी ग्राम पंचायत आसना ने युवोदय टीम की मदद ली थी बावजूद इसके देखरेख और उचित प्रबंधन की कमी के चलते सारे पौधे अब मर चुके हैं इस पूरे मामले को लेकर लगभग महीने भर पहले जनपद पंचायत जगदलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी y.k. पटेल को भी अवगत कराया गया था बावजूद इसके CEO महोदय ने इस पूरे मामले को लेकर चुप्पी साध रखी है शहर सीमा से लगे ग्राम पंचायत में खुलेआम हुए इस भ्रष्टाचार के खेल में जनपद पंचायत जगदलपुर की भूमिका भी संदिग्ध है शिकायत के बाद भी जनपद पंचायत के CEO साहब के सुस्त रवैया के चलते भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले दोषियों के हौसले बुलंद हैं शहर के इतनी नजदीक अगर इस तरीके से भ्रष्टाचार किया जा रहा है तो आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं जनपद के अंदरूनी ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों की क्या स्थिति होगी |
आसना के ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मनरेगा से हुए इस कार्य में मजदूरों को किए गए भुगतान में भी ग्राम पंचायत ने सेंधमारी का कार्य किया है क्योंकि इस कार्य के लिए पंचायत ने बस्तर जिला प्रशासन द्वारा गठित युवोदय टीम की भी मदद ली थी ऐसे में कितने मजदूरों से काम लिया गया और कितने मजदूरों को भुगतान किया गया इसकी जानकारी भी ग्राम पंचायत आसना ग्रामवासियों को देने को तैयार नहीं है अब देखना यह है कि इस पूरे मामले को लेकर बस्तर जिला प्रशासन क्या रुख अख्तियार करता है और दोषियों पर क्या वाकई में कुछ कार्यवाही होगी या जांच के नाम पर खानापूर्ति कर मामले को निपटाया जाएगा
जगदलपुर। नवगठित पश्चिम बंगाल की सरकार को अपदस्थ करने के लिए जगदलपुर के भाजपा नेताओं ने अपने-अपने घर के सामने तख्तियां टांगकर सोशल मीडिया में धरना प्रदर्शन किया।इसकी सख्त आवश्यकता जगदलपुर के गरीबों के लिए लड़ने के लिए दिखाई जानी चाहिए थी। भाजपा नगर मंडल द्वारा सड़क चौड़ीकरण के मुद्दों पर जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी को बैकफुट पर ला दिया था फिर व्यवस्था दुरुस्त हुई थी,वैसे आंदोलन की आवश्यकता महसूस किया जा रहा है। बस्तर संभाग मुख्यालय से किसी भी संगठन की कार्यप्रणाली की चर्चाएं ज्यादा होती है किंतु भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर मजबूती के साथ जनता के बीच नहीं पहुंच पा रही है जिसके अलग-अलग निहितार्थ निकाले जा रहें हैं।
ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल की राजनीति सहित अन्य मुद्दों को लेकर घरों के सामने धरना प्रदर्शन किया जा रहा है जबकि भाजपाइयों को स्थानीय सरकार के खिलाफ वर्चुयल ही सहीं बड़े आंदोलन करने की दरकार है। विगत दिनों भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष सूरेश गुप्ता व नेताप्रतिपक्ष संजय पांडे ने संयुक्त रूप से कई मोर्चों पर सरकार को घेरने लगे थे जिसके कारण कांग्रेस बैकफुट पर खड़ी थी किंतु दो कोस चले अढ़ाई कोस वाली कहावत को चरितार्थ कर भाजपा नगर मंडल कोई बड़ा प्रदर्शन करने से परहेज़ कर रही है।
दल्लीराजहरा – कोरोना का संक्रमण अब शहर से अधिक गाँव में देखने को मिल रहा है | दल्ली में कोरोना की रफ़्तार थम रही है वहीँ दूसरी ओर अधिकतर गांवों में लगातार संक्रमण में बढ़ोतरी हो रही है |
डौंडी ब्लॉक के ग्राम बेलोदा में आज 19 संक्रमितों की पुष्टि हुई |
डौंडी ब्लॉक में डौंडी एवं आसपास के क्षेत्र एवं दल्लीराजहरा में वार्डवार मिले संक्रमितों कि जानकारी इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
भीषण गर्मी में पानी की समस्या अक्सर देखने को मिलती है | लोगों को पानी के लिए कितना जूझना पड़ता है | दल्लीराजहरा वार्ड क्र 16 में पेयजल की समस्या को देखते हुए वार्ड पार्षद सोहद्रा ठाकुर द्वारा पार्षद निधि से पाइप लाइन निस्तारीकरण किया गया | वार्ड पार्षद द्वारा वार्ड में जा कर एवं लोगों से मिलकर सभी समस्याओं का त्वरित समाधान एवं निदान करने में हमेशा तत्पर रहती है |
भारतीय जनता युवा मोर्चा के संजीव सिंह ने कहा छत्तीसगढ़ की कॉंग्रेस सरकार ने अपनी कोरोना महामारी की विफलता को छुपाने के लिए छग राज्य में टीकाकरण को आरक्षण के दायरे में लाके अपनी ओछी राजनीति का साबुत एक बार फिर जनता के सामने पेश कर दिया है और अब हाइकोर्ट द्वारा इस योजना पर फैसला सुनने पर अपने अड़ियल रवैया को दर्शाते हुए इस पर रोक लगा दी जिससे राज्य के युवा वर्ग में काफी अक्रोश है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद मंगलवार से 18+ वालों के टीकाकरण पर रोक लगा दिया था, लेकिन इसको लेकर आज हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वक्सीनेशन पर राज्य सरकार रोक नहीं लगा सकता बल्कि सभी वर्ग के 33 प्रतिशत लोगों को टीका लगाया जाए।
संजीव सिंह ने कहा कि कोर्ट का ये आदेश सर्वमान्य एवं जनता के हित पे है, बीमारी कभी अमीरी गरीब देख के नही आती और जब भारत के प्रधानमंत्री ने सभी वर्गों के लिए टीकाकरण की योजना लायी है तो छत्तीसगढ़ की सरकार इस पर अपने राजनीतिकरण कर योजना को ठप करने में लगी हुई है। टीकाकरण शुरुआत होने के कुछ दिन के अंदर ही लोगो की अनुपस्थिति के कारण बहुत से वैक्सीनशन डोज खराब हो गय, बिना किसी योजना एवं तैयारी के आनन फानन में लिया ये फैसला युवाओ के हित के खिलाफ है और जिसके विरोध में आज 7 मई को राज्य भर में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा काला दिवस के रूप में मनाया गया। संजीव सिंह ने मांग की है राज्य सरकार हाईकोर्ट और केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का पालन करते हुए अतिशीघ्र टीकाकरण प्रारंभ कर ताकि इस महामारी से जल्द जल्द जीता जा सके।
बड़ाजी निवासी हरीनारायण और राजेंद्र ने जीती कोरोना की जंग सही सलामत हुई घर वापसी…
धरमपुरा स्थित कोरोना सेंटर से बड़ाजी निवासी हरीनारायण व राजेन्द्र ने कोरोना की जंग जीतकर सहायता केंद्र के वालेंटियर्स से संपर्क कर घर वापसी की बात कही ऐसे में उनका मददगार बना साँसद कोविड जन सहायता केंद्र ज्ञात हो कि इस कोरोना काल मे लोगो को गाड़ियों का आवागमन न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में बस्तर साँसद की पहल पर साँसद कोविड जन सहायता केंद्र द्वारा अस्थायी एम्बुलेंस की निःशुल्क सेवा दी जा रही है। जिसका लाभ हरिनारायण व राजेन्द्र को मिला ऐसे में उन्होंने घर पहुँचते ही साँसद दीपक बैज जी को धन्यवाद दिया।
रायपुर – छत्तीसगढ़ प्रदेश के राजधानी रायपुर से 40 किलोमीटर दूर स्तिथ भारत के पहले मीडिया और मनोरंजन के विश्वविद्यालय एशियन अकेडमी ऑफ फ़िल्म एंड टेलीविजन विश्वविद्यालय जिसको अभिनेत्री श्रीदेवी कपूर जी के नाम से भी जाना जाता है । इस कोरोना काल जैसी महामारी में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन पढाई भी कराया जा रहा है और सभी छात्रों से कह रहे है कि कोरोना की दूसरी लहर जिस तरह से तबाही मचाई है उसमें सहसा हर किसी के मन में डर उत्पन्न हो गया है।
इस महामारी में जहां चारों ओर भयावहता नज़र आ रही हो, सोशल मीडिया और टीवी चैनल समाज को नकारात्मकता परोस रहे हों, वैसे में हम आपसे इसके दूसरे पक्ष को उजागर करने की उम्मीद करते है । यदि सब मिलकर कुछ बेहतर करने की कोशिश करें तो हम कुछ कर सकते है। विपत्ति की इस घड़ी में आपका हर सहयोग समाज और देश के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। अतः खुद भी सुरक्षित रहे तथा दूसरों को भी प्रेरित करें ।