दल्लीराजहरा- एन.सी.जे महाविद्ययालय दल्ली राजहरा के राष्टीय सेवा योजना इकाई के जिला संगठन डॉ लीना साहू जी व महाविद्यलाय के प्रचार्य अरुण कुमार वी.के. निर्देशानुसार तथा रा.से.यो के कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर एन. के.कुर्रे जी के मार्ग दर्शन से रा.से.यो.के वरिष्ठ छात्रा कु कल्पना बाम्बोड़े के नेतृत्व में अमर लालवानी, करण कुरेटी, नॉमिश जगनायक व खुशबु बामबेश्वर व्दारा नगर के शहीद
अस्पताल में कोविड – 19 के टीकाकरण मे स्वयंसेवको व्दारा सेवा की भावना से निस्वार्थ काम करने का संदेश दिया व टीकाकरण में अपना सहयोग प्रदान किया। इस कार्य में उन्हें शहीद हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ शैबाल जाना, डॉ विदित सर, डॉ प्रिदर्श सर और सभी डॉ व कर्मचारियों का सहयोग प्राप्त हुआ।
जगदलपुर।विगत दिनों चित्रकोट रेस्ट हाउस में शराब पार्टी की कथित विडियो के मामले पर सांसद दीपक बैज को कटघरे में खड़े करने वाले भाजपा के पूर्व मंत्री केदार कश्यप अब घिरते नजर आ रहें हैं। इस मामले में केदार कश्यप की कथित पत्नी के स्थान पर अन्य महिला के परीक्षा देने के मामले को जोर -शोर से उठाया जा रहा है। भाजपाई जहां कथित चित्रकोट रेस्ट हाउस कांड़ को मुद्दा बना रही है तो कांग्रेसियों द्वारा सोशल मीडिया में हमलावर है। ज्ञात हो कि सोमवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केदार कश्यप ने एक निजी टिव्ही चैनल को जो कोरोना को लेकर जो बयां दिया है, उससे उल्टे केदार कश्यप घिर गए हैं।
बीती रात जिला युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष जीशान कुरैशी ने एक पोस्ट टिप्पणी की जिसके बाद भाजपाई कम केदार कश्यप के समर्थक प्रकाश झा, अमर झा, अविनाश श्रीवास्तव, खितेश मौर्य, राम प्रसाद मौर्य सांसद दीपक बैज सहित कांग्रेस पार्टी को घेरने लगे तो हमलावर अंदाज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोहंडीगुड़ा परीक्षा प्रकरण मामले पर सिने पूर्व मंत्री केदार कश्यप के घर तक पहुंच गये जिसमें सेमल नाग, अनुराग महतो, मोना पाढ़ी जैसे और कई नाम शामिल हैं ।गत दिवस का मामला बढ़ा नहीं था किंतु भाजपाइयों खासकर केदार कश्यप के हो-हल्ला मचाने से मामला और तुल पकड़ रहा है। इसी प्रकार फेसबुक में अन्य कई पोस्ट हैं जिसके कारण सोशल मीडिया की तकरार आगामी दिनों में कानूनी दांव पेंच में न फंस जाएं उसकी सर्वत्र चर्चा हो रही है।
जगदलपुर। कोविड सेंटरों को सर्वसुविधायुक्त होने का दावा बस्तर प्रशासन जरुर कर रहीं हैं किंतु धरमपूरा में कोविड़ सेंटरों में रहने वालों को यातनाएं झेलना पड़ रहा है। कोविड सेंटर एक तरह से बंदी गृह से भी कम नहीं हैं ना यहां नियमित साफ_सफाई हो रही है ना ही बाथरुमों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था है जिससे स्वस्थ लोग भी गंभीर बिमारी से ग्रसित हो जाते ऐसी आशंका जताई जा रही है। ज्ञात हो कि धरमपूरा कोविड़ सेंटर 250 बिस्तरों वाला है जिसमें 210 बेड भरे पड़े हैं जिसमें महिला-पुरुष अलग-अलग रखें गयें हैं जिनको अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के साथ लाया गया है किंतु यह लोग त्रासदी पूर्ण जीवन जीने को मजबूर हैं।
कोविड सेंटर में भर्ती रत महिलाओं के अनुसार सुबह से ही शौच जाने के लिए महिलाओं को भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। कोविड़ सेंटर के नाम पर लाखों रुपए फूंकें जा रहें हैं किंतु प्रबंधन आपदा को अवसर में बदल रहा है। कल शाम चाय व बिस्कुट उपलब्ध कराई गई जोकि गुणवत्ता हीन थी तो और जो चाय- बिस्कुट खाने के बाद जो कचरे हैं उसे अभी तक नहीं फेंका गया है। दूसरी तरफ जो भोजन परोसा गया, उसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। इस संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारी गीता रायस्त को सूचना दिया गया तो उन्होंने इस मामले को दिखाने का दावा किया लेकिन घंटों बाद भी महिला वार्ड की व्यवस्था नहीं सुधरी है।
भारत सरकार ने देश में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी है. मोदी सरकार ने सोमवार को ये फैसला लिया. फैसले के मुताबिक भारत सरकार ने 1 मई से COVID-19 टीकाकरण के तीसरे चरण के रणनीति की घोषणा की. इसके तहत अब 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग टीका लगवा सकते हैं |
कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में ज्यादा संख्या में युवाओं के आने पर 18 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्ति को टीका लगवाने की छूट मिलने की मांग उठ रही थी. आखिरकार सरकार ने इस दिशा में मंथन के बाद बड़ा निर्णय लिया.
सरकार ने कहा, “विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में टीकों की खरीद और टीका लगवाने की पात्रता में ढील दी जा रही है. एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोग कोविड-19 का टीका लगवा सकेंगे.” सरकार ने कहा कि टीका निर्माताओं को उत्पादन और बढ़ाने के लिए तथा नए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विनिर्माताओं को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन दिये जा रहे हैं.
देश में कोरोना से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मीटिंग में ये बड़ा निर्णय लिया गया. फिलहाल, 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीका लगवाने का कार्य पहले की तरह चलता रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों, फार्मा कंपनियों और कोविड प्रबंधन से जुड़े अफसरों के साथ मीटिंग के बाद यह अहम निर्णय लिया.
आज अचानक हुई बारिश है आंधी तूफान से चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई कई पेड़ टूट कर गिर गए एवं कई लोगों के आशियाने उजड़ गए कई घरों के शेड भी उखड़ गए इस आंधी तूफान में 2 घंटे तक बिजली भी गुल रही आधे घंटे की लगातार बारिश में चारों ओर पानी ही नजर आ रहा था इस बारिश का क्या नुकसान किसानों को भी उठाना पड़ेगा एवं मंडियों में रखे धान भी अचानक हुई बारिश से भी गए |
वार्ड क्रमांक 17 में इसी प्रकार तेजराम साहू राजेश साहू के घर की टीन सैड उड़ गए पेड़ की डाल गिरने से उनकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई |
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा एवं आसपास के गांवों में कोरोना का रफ़्तार थमने का नाम नहीं ले रहा है | कोरोना संक्रमितों के साथ साथ मौतों का सिलसिला भी लगातार बढ़ते ही जा रहा है | अस्पतालों में टीकाकरण किया जा रहा है |
दल्लीराजहरा में आज संक्रमित मिले, वार्डवार जानकारी इस प्रकार है
डौंडी ब्लॉक में दल्ली के अलावा जो संक्रमित मिले, इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
आज दिनांक 19/04/2021 दिन सोमवार से जिला नारायणपुर में साप्ताहिक लाॅकडाऊन प्रारंभ हुआ है और नक्सलियों ने कायराना हरकत करते हुए अपनी मौजुदगी दर्ज करते हुए ओरछा मार्ग के ग्राम राजनाथ के पास अवरुद्ध किया व बैनर पोस्टर लगाये जहाँ हमारे जवान कोरोना काल में मुस्तैदी से कोरोना से जंग लड़ते हुए शहरी क्षेत्रों में जूझ रहे हैं लाॅकडाऊन को सफल बनाने में अपना जी जान लगा दिए हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्र में नक्सलीयो द्वारा किये जा रहे कायराना करतूतों का मुस्तैदी से जवाब भी दे रहे हैं मिली जानकारी के अनुसार पुलिस पार्टी के द्वारा मार्ग खोल दिया गया है व नक्सलियों द्वारा रचित यह कायराना हरकत उनकी मंशा को दर्शा रहा है कि वो इस महामारी में केवल और केवल देश के अहितकर ही है वर्तमान में उनके द्वारा किये जा रहे हरकतों से ग्रामीण क्षेत्रों में दहसत का माहौल भी देखा जा सकता है
टीकाकरण अभियान में झोंके गए एक हजार से ज्यादा कर्मी, नेशनल पार्क समेत इंद्रावती पार इलाके में जारी है कोरोना से जंग
बीजापुर@ कोरोना की रफ्तार के बीच जिले के अंदरूनी इलाकों में कोविड टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने स्वास्थ्य कर्मियों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पामेड़, पटनम के सेंड्रा, भैरमगढ़ के मंगलनार से लेकर इंद्रावती पार बसे गाँव तक फ्रंटलाइन वर्कर टीके का बक्सा लेकर पहुँच तो रहे है मगर महुआ का सीजन टीकाकरण में खलल डाल रहा है। गाँव मे महुआ संग्रहण से लोंगो से सम्पर्क मुश्किल हो रहा है। सम्पर्क हो भी जाये तो टीका लगवाने घण्टो समझाइश की नौबत आ रही है।
इस जद्दोजहद के बीच फ्रंटलाइन वर्कर(स्वस्थ्य कर्मियों) को भरी गर्मी में दुर्गम इलाकों का सफर कभी नाव तो कभी पैदल ही तय करना पड़ रहा है, हालाँकि परेशानियों से जूझ रहे मैदानी कर्मचारियों की कोशिश से अंदरूनी इलाकों टीकाकरण की शरुआत अवश्य हो चुकी है। जिला टीकाकरण अधिकारी आदित्य साहू के मुताबिक महुआ का सीजन के चलते ग्रामीण इलाकों में लोग घरों में कम जंगल मे समय ज्यादा बीता रहे है। उनसे संपर्क साधने में दिक्कतें पेश आ रही है, वही तरह तरह की भ्रांतियां है, जिसके चलते कई इलाकों में ग्रामीण टीका लगवाने से संकोच करते दिखे है। समझाइश के बाद भी कई ग्रामीण बुखार इत्यादि कि शिकायत करते टीके से परहेज कर रहे है,
बाबजूद पामेड़, भैरमगढ़ इंद्रावती पार, सेंड्रा जैसे कठिन इलाकों में स्वास्थ्य कर्मी कोविड टीकों के साथ आमद दे रहे है, लोगो को प्रेरित कर रहे है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के सामने यह समस्या भी है कि वर्तमान में महुआ के चलते अंदरूनी गाँव मे टीकाकरण की रफ्तार शरुआती दौर में धीमी है, ऐसे में जल्द ही तेंदूपत्ता की खरीदी शरू होते ही ग्रामीण इलाकों में यह परिस्थिति परेशानी अवश्य बढ़ाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के आकड़ो के अनुसार जिले में 60000 टीकाकरण का लक्ष्य सुनिश्चित है। जिसमें 26115 वैक्सिनेशन हो चुके है। इसमें भोपालपट्टनम सीएचसी अंतर्गत 62 प्रतिशत,उसूर में 38 प्रतिशत,बीजापुर में 40 प्रतिशत,भैरमगढ़ में 26 प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण है। कोरोना को मात देने टीकाकरण अभियान में 300 स्वास्थ्य कर्मी, 150 शिक्षा विभाग कर्मी,300 मितानिन, 300 आब्जर्वर शामिल है।
बस्तर जिले के सालेमेटा 1 मे बनाया गया कोसारटेड़ा जलाशय जो बस्तर ब्लॉक के लगभग दर्जनों से अधिक गांव तक की किसानों के लिए सिंचाई सुविधा साथ ही किसानों की लहलाती खेत खलियान तक मुख्य नहर के माध्यम से पानी मुहैया कराई जाती है , लेकिन अब भी सिंचाई विभाग के द्वारा हर वर्ष मनरेगा के तहत मरम्मत कार्य नहर स्थल में कराया जाता है, टुट फुट जगह को अभी तक सुधार कार्य नही किया गया है। जल संसाधन सिंचाई विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का नजर नहीं आ रहा,जो ग्राम सोरगांव के कुछ
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी गर्मी फसल के लिए खेत तक पानी छोड़ने के लिए मुख्य नहर के माध्यम से छोड़ा जाता है और अत्यधिक बहाव होने से ग्राम सोरगांव के मुख्य केनाल का कुछ हिस्सा पैचिंग प्लास्टर होल बना दरारें आने से केनाल का कुछ जगहों में धराशाह होने की संभावना बनी रहती है। किसानो ने बताया भारी नुकसान होने का डर इस वर्ष भी है । जो पिछले वर्ष भी खेत तक पानी भर गया था। जिस कारण लगभग 10 एकड़ के आसपास का खेत पर भारी फसल का नुकसान हुआ था । अगर जल्दी मरम्मत नहीं किया गया तो आने वाली कुछ दिनों में केनाल का फूटने का संभावना है।
बीजापुर@ आदिवासी बहुल बस्तर के ग्रामांचलों में कोविड टीके को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां ग्रामीणों की जुबा सुनने को मिल रही है, नतीज़तन टीकाकरण दर में अपेक्षाकृत बढ़ोत्तरी नहीं हो पाई है। ऐसे में बीजापुर नगर पालिका की एक खास पहल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
दरसल नगर पालिका बीजापुर के अध्यक्ष बेनहुर रावतिया, उपाध्यक्ष पुरषोत्तम सल्लुर और सीएमओ पवन मेरिया ने एक अनूठी सोच का प्रदर्शन करते लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया है। यहाँ पालिका के टीकाकरण केंद्र में आने वाले हर शख्स को टीका लगवाने के एवज में 2 किलो टमाटर प्रोत्साहन स्वरूप भेंट किये जा रहे है। जिससे लोगों में टीकाकरण को लेकर जबरदस्त उत्साह भी है।
चूँकि लॉक डाउन के कारण हाट बाजर बन्द है। सब्जियों की किल्लत तो रसोई में है ही ऐसे में टीकाकरण केंद्र में टमाटर की सौगात ने ना सिर्फ टीके से परहेज कर रहे लोगो को आकर्षित कर रही है बल्कि भ्रांतियां दूर कर जागरूक करने का काम भी कर रही है। कुल मिलाकर जहाँ चाह वहाँ राह की तर्ज पर बीजापुर पालिका ने आदिवासी बहुल इलाके में कोविड से जंग में इस पहलबके जरिये लोगो को सचेत और जागरूक किया है।