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नवगठित खदान मजदूर संघ भिलाई की राजहरा शाखा की कमेटी ने मुख्य महाप्रबंधक खदान से किया सौजन्य भेंट, मुश्ताक अहमद

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खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के राजहरा शाखा के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी बताया कि विगत दिनों खदान मजदूर संघ भिलाई की राजहरा शाखा की नवगठित कमेटी नये साल के अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक खदान आर बी गहरवार से उनके कार्यकाल में जाकर मिले और उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर नये वर्ष की बधाई दी और साथ ही खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के राजहरा शाखा की नवगठित कमेटी की प्रति भी सौंपी। नवनियुक्त राजहरा शाखा के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बताया कि सबसे पहले सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का मुख्य महाप्रबंधक खदान से परिचय कराया गया तत्पश्चात चर्चा में सभी पदाधिकारियों ने मुख्य महाप्रबंधक खदान को आश्वस्त किया कि आने वाले ईस वर्ष में प्रबंधन द्वारा उत्पादन के लिए जोभि लक्ष्य निर्धारित किया जावेगा उसे यूनियन और प्रबंधन मिलकर जरुर पूरा करेंगे। संघ प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा ऐसा हम आपको विश्वास दिलाते हैं।

नवनियुक्त राजहरा शाखा के सचिव लखनलाल चौधरी ने चर्चा में कहा कि राजहरा टाऊनशीप की समस्याओं के समाधान के लिए अब प्रबंधन और यूनियन को एकसाथ मिलकर काम करना होगा जिससे टाउनशिप में निवासरत कर्मचारियों को उनकी छोटी बड़ी समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सके। जिसपर मुख्य महाप्रबंधक खदान ने खुले मन से अपनी सहमति दी और सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को नये वर्ष के साथ साथ नई जिम्मेदारी के लिए भी बधाई दी और कहा कि प्रबंधन और यूनियन आपसी सामंजस्य बना कर काम करें सभी छोटी बड़ी समस्याओं का समाधान समय पर कर लिया जावेगा। नवगठित कमेटी में मुख्य रूप से खदान मजदूर संघ भिलाई के अध्यक्ष एम पी सिंग, राजहरा शाखा के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद, सचिव लखनलाल चौधरी, संतोष देवांगन, राजेन्द्र राजपूत, कृष्णामूर्ति, विनोद आर डे,लिखन साहू, पुरूषोत्तम तारम, रजनीश, गजेन्द्र ठाकुर, उल्लास देवांगन, राजेश अग्निहोत्री, कुमार राम घ्रुव उपस्थित थे। मुश्ताक अहमद

अध्यक्ष खदान मजदूर संघ भिलाई राजहरा शाखा

पखांजूर पुराना बाजार चैक में

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पखांजूर रविवार की रात करीब 8 बजे पखांजूर पुराना बाजार चौंक में भाजपा नेता व कांकेर जिला के भाजपा उपाध्यक्ष व पखांजूर नगर पंचायत के पूवर् अध्यक्ष की अज्ञात दो युवकों द्वारा गोली मार कर हत्या के बाद लोगों का आका्रेष फूट पड़ा। लोगों ने रात ही उनके राजनैतिक विरोधियों के घरों में हमला किया और आगजनी कर दी। तो आज परलकोट क्षेत्र इस हत्या के विरोध में पूरी तहर से बंद रहा। उन्हें श्रद्वांजली देने भाजपा के कई बड़े नेता पखांजूूर पहुंचे तो वहीं पुलिस भी इसकी जांच में जुटी हुई है पुलिस के आला अधिकारियों ने पखांजूर में डेरा डाल लिया है। आज असीम राय का उनके गृह ग्राम में अंतिम संस्कार कर दिया गया जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित हो श्रद्वांजली दी। इस दौरान उनका ष्षव पखांजूर स्थित विधायक कायार्लय लाया गया जहां से कुछ देर बाद उनके पखांजूर स्थ्ति निवास में रखा गया। जिसके बाद उनके ष्षव को उनके गृह ग्राम पी.व्ही. 28 ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

 

रविवार की रात करीब 8 बजे पखांजूर स्थित पुराना बाजार बस स्टैंड के ठीक सामने क्षेत्र के भाजपा नेता व कांकेर जिला उपाध्यक्ष असीम राय की दो अज्ञात मोटर सायकल सवारों ने सिर में गोली मार हत्या कर दी। आज पुलिस ने उन हत्यारों का सीसी टीवी पुटेज जारी किया जिसमें यह हत्यारे काली रंग की मोटर सायकल पल्सर में दिखे। हत्यारों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए सिर में हैलमेट पहन रखा था साथ ही मंहगे जूते और ट्ेक सूट पहन रखा था जिससे उनका षरीर का एक हिस्सा भी नहीं दिख रहा है। घटना के बाद पुलिस ने पुलिस विभाग के साथ साथ निजी लोगों के लगे सीसी टीव्ही कैमरों की पुटेज खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है की कही तो इन हत्यारों ने हैलमेट उतारा होगा जिससे उनकी पहचान हो जाऐ पर पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिली है। पुलिस ने जो पुटेज जारी किया है उसमें हत्यारे तो दिख रहे है पर पल्सर में लिखी नंबर प्लेट में पल्सर का नंबर साफ साफ नहीं दिख रहा।

 

भाजपा नेता असीम राय ही हत्या के बाद से ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रात ही पखांजूर स्थित सिविल अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई जो राक करीब 9.30 बजे पुराना बाजार स्थित पखांजूर इन लाॅज पहुंच गई। इस लाॅज का संचालक पूवर् भाजपा नेता विकास पाल द्वारा किया जाता है। वे 2019 में नगर पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा की टिकट से चुनाव जीते थे पर प्रमाण पत्र लेने के तुंरत बाद कांग्रेस के साथ चले गऐ थे। साल 2020 में असीम राय के एक आवास को तोड़ने में भी इनकी भूमिका थी। एसे में इस हत्या के मामले में भी विकास पाल की लिप्तता के षक में लोगों ने लाॅज में धावा बोल दिया। करीब 1 घंटे तक लोगों ने इस लाॅज मे ंजम कर पथराव किया जिसके बाद षटर तोड़ लाॅच में घुस गऐ और लाॅज के अंदर रखा पूरा समाज बाहर निकाल जला दिया। इस दौरान लोगों ने लाॅज के हर कमरे मे ंजम कर तोड़ फोंड़ की। घटना के दौरान जो लोग लाॅज में रूके थे उनके वाहनों को भी जम कर तोड़ फोड़ की गई। पुलिस को इस घटना के बाद लाॅज में हमला होने का षक थो तो पूवर् से ही पुलिस जवान लाॅज के सामने खड़े कर दिऐ गऐ थे और लाॅज को बंद करा दिया गया था पर आई भीड़ के सामने पुलिस वेवस दिखी। जिसके बाद भीड़ सत्यानंद पल्ली स्थित नगर पंचायत अध्यक्ष वप्पा गांगुली के घर पहुंची यहां भी घर मे ंजम कर तोड़ फोड़ की और घर के अंदर घूस घर का पूरा समान तोड़ दिया। घर के बाहर रखी स्कूटी में भी आग लगा दी। घटना के विरोध में आज परलकोट क्षेत्र पूरी तहर से बंद रहा। सुबह से ही लोगों ने दुकाने नहीं खोली तो क्षेत्र में बस टैक्सी माल वाहन भी नहीं चले। कापसी क्षेत्र में तो लोगों ने सड़क में समान रख पूरी तरह से बंद कर दिया। तो पखांजूर में भी घटना स्थल के पास लोगों ने घरना दे हत्यारों को तुंरत पकड़ने की मांग की। क्षेत्र के विधायक विक्रमदेव उसेंडी भी आज पखांजूर पहुंचे और धरना स्थल में विरोध प्रदषर्न कर रहे लोगों को संबोधित कर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का आष्वासन दिया।

घटना के बाद आज प्रदेष के मुख्यमंत्री ने सोसल मिडिया के माध्यम से असीम राय को अपनी श्रद्वांजली दी। तो कांकेर सांसद मोहन मंडावी, कांकेर विधायक आषा राम नेताम भी पखांजूर पहुंचे। प्रदेष के वन मंत्री केदार कष्यप, प्रदेष संगठन महामंत्री पवन साय, पूवर् मंत्री महेष गागरा सहित कांकेर जिला के संगठन मंत्री हैलीकाप्टर से पखांजूर पहुंचे और असीम राय के गांव पी.व्ही. 28 पहुंच श्रद्वांजली दी। इस दौरान वे उसके परिजनों से मिले और उन्हें हत्यारों को पकड़ने दंड दिलाने का आष्वासन दिया। इस दौरान वे उसके अंतिम संस्कार में भी षामिल हुए। घटना के बाद आज पुलिस के आला अधिकारी भी पखांजूर पहुंचे वतर्मान आईजी पी सुंदरराज के साथ पूवर् आईजी विवेकानंद सिन्हा भी पखांजूर पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। इस दौरान जिले के एसपी और कलेक्टर भी रात को ही पखांजूर पहुंचे। जांच के लिए आज पखांजूर में पदस्थ रहे पूवर् थाना प्रभारियों को भी पखांजूर बुला लिया गया है। पुलिस कई एंगल से इस मामले में जांच कर रही है। उनके उपर पूवर् में भी साल 2014 में नगर पंचायत चुनाव के ठीक पहले हत्या का प्रयास हो चुका है इस मामले में पुलिस ने उनके गांव पी.व्ही. 28 के एक आरोपी को चार साल बाद पकड़ा था। उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही वतर्मान में नगर पंचायत पखांजूर में कांगे्रस अध्यक्ष वप्पा गांगुली के खिलाफ लाऐ गऐ अविष्वास प्रस्ताव के एंगल में भी पुलिस जांच कर रही है। पखांजूर नगर पंचायत बनने के पूवर् असीम राय अपने गांव हरिहरपुर के सरपंच थे इस दौरान भी उनके गांव में दो गुट था और काफी विवाद था। पुलिस इस एंेगल में भी जांच कर रही है। इसके साथ साथ अन्य राजनैतिक विरोधियों के मामलों में भी पुलिस जांच कर रही है।

 

विधायक विक्रमदेव उसेंडी ने इस हत्या को राजनैतिक हत्या बताते हुए कहा की उनके साथ साथ पाटीर् के लिए भी असीम राय का जाना एक बड़ा नुकसान है। वे बंग समाज के साथ साथ भाजपा के बड़े और सुलझे हुए नेता थे। उनकी हत्यारों को पुलिस जरूर पकडेगी और उन्हें और उनकी हत्या करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

भाजपा राज में छत्तीसगढ़ बन गया है अपराध गढ़ : दीपक बैज

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  1. रायपुर से बस्तर तक हत्या, लूट की घटनाएं चिंताजनक
  2. सरकार बदलते ही खत्म हो गया है कानून का राज

रायपुर प्रदेश में बढ़ चुकी आपराधिक घटनाओं पर कांग्रेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा राज के एक माह में ही छत्तीसगढ़ अपराध गढ़ बन गया है। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर तक लगातार हत्या, लूट, चाकूबाजी की घटनाएं हो रही हैं। राजधानी में सरेआम चाकू मारकर युवक की हत्या कर दी गई। एक दूसरी घटना में राजधानी में ही अपराधियों ने दौड़ा- दौड़ा कर युवक की हत्या कर दी। जोरा में एक व्यक्ति को गोली मार दी गई। कांकेर के पखांजुर में भाजपा नेता असीम राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रदेश के हर शहर में चाकूबाजी, लूट की वारदातें आम हो गई हैं। सरकार बदलते ही ऐसा लगने लगा है जैसे कानून का राज समाप्त हो गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बेहद ही दुर्भाग्यजनक है कि भाजपा की सरकार को बने अभी एक महिना नहीं हुआ है और प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। बेलगाम अपराधी सरेआम लोगों की हत्याएं कर रहे हैं, गोलियां चल रही हैं। प्रदेश में एकबार फिर वहीं आतंक का दौर वापस आ गया है, जो 2018 के पहले था। गोलियां मारकर लोगों को लूटा जाता था, अपराधी पकड़े नहीं जाते थे। एकबार फिर से गोलिया चल रही हैं, अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे हैं। भाजपा का जंगलराज है राजधानी रायपुर में फिर से आ गया है। दीपक बैज ने कहा कि एक महिने में ही भाजपा की नई सरकार बेचारी और दिग्भ्रमित दिखने लगी है। इस कारण अपराधी और अराजकतत्व फिर सिर उठाने लगे हैं। राज्य में नक्सल गतिविधियां बढ़ गई हैं, अपराधी सरेआम गोलियां बरसा रहे हैं। यह स्थिति राज्य के नागरिकों के लिए चिंता पूर्ण है।

पंखाजूर में भाजपा नेता असीम को अज्ञात लोगों ने मारी गोली

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  •  भाजपा के जिला उपाध्यक्ष थे मृतक असीम राय

जगदलपुर बस्तर संभाग में फिर एक भाजपा नेता की हत्या कर दी गई। कांकेर जिले के पखांजुर में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और बीजेपी नेता असीम राय की गोली मारकर हत्या कर की गई है।रविवार की रात करीब 8 बजे अज्ञात लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। फायरिंग पखांजुर के पुराना बाजार में हुई। गोली लगने के बाद असीम राय को अस्पताल पहुंचाय गया, जहां उन्हें डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अज्ञात आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें जगह- जगह दबिश दे रही हैं। समाचार लिखे जाने तक आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाया है।

बताया जा रहा है कि रविवार रात 8 बजे असीम राय पखांजुर थाना से महज कुछ दूर पहले स्कूटी पर सवार हो गढ़चिरौली मार्ग तिराहे से गुजर रहे थे। वहां रविवार को छोटा बाजार लगता है। इसी का फायदा उठाते हुए बाईक से पहुंचे अज्ञात हमलावर ने उन पर फायरिंग कर दी। फायरिंग होने और असीम राय की सरेराह हत्या कर दी जाने से पखांजुर में सनसनी फैल गई। बीजेपी नेता असीम राय की हत्या को लेकर बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

चर्चा में नगर पंचायत का विवाद

पखांजुर नगर पंचायत में अभी कांग्रेस का कब्जा है। यहां कांग्रेस के बप्पा गांगुली अध्यक्ष हैं। बप्पा गांगुली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया है। 9 जनवरी को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है। बीजेपी के पक्ष में 11 पार्षद हैं। असीम राय भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते रहे हैं। अविश्वास प्रस्ताव के पहले उनकी हत्या को लेकर तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं।कहा जा रहा है कि वोटिंग से पहले टारगेट कर वारदात को अंजाम दिया गया है। नगर पंचायत के चुनाव में बीजेपी के 8 पार्षद और कांग्रेस के 7 पार्षद जीते थे। अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी के 2 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिससे कांग्रेस ने अपना अध्यक्ष बना लिया था।

9 माह में 9 नेताओं की हत्या

बताया जा रहा है असीम राय पर 8 साल पहले भी आपसी रजिश में हमला किया गया था। वहीं अभी पखांजुर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद चल रहा है।

बस्तर संभाग में 9 माह के दौरान 9 भाजपा नेताओं की हत्या हो चुकी है। हालांकि अभी असीम राय की हत्या आपसी रंजिश में हुई या नक्सलियों ने की। यह साफ नहीं हो पाया है। इससे पहले 8 नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। इनमें तीन भाजपा नेता नारायणपुर जिले के थे। 10 फरवरी को नारायणपुर के बीजेपी उपाध्यक्ष सागर साहू की हत्या की गई थी। कांकेर के पुलिस अधीक्षक ने घटना के मूल में आपसी रंजिश होने की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

विसचुनाव में सर्व आदि दल ने दर्ज कराई शानदार मौजूदगी

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  • दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल की पत्रवार्ता

जगदलपुर सर्व आदि दल ने विधानसभा चुनाव में ग्यारह प्रत्याशी उतारे थे। निर्वाचन आयोग में दल का पंजीयन 16 अक्टूबर को हुआ, पर चुनाव चिन्ह नहीं मिला। मात्र तीन सप्ताह और शून्य अर्थव्यवस्था के बावजूद पार्टी का प्रदर्शन बहुत ही उत्साहजनक रहा।

उक्त बातें सर्व आदि दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल ने यहां पत्रवार्ता में कहीं। उनके साथ दल के अंकुश बारिएकर, रामू यादव, ढंकेश्वर साहू, सुभाष महानंद व अमित रॉबर्ट भी मौजूद थे। पन्नालाल ने कहा कि प्रत्याशियों ने बस्तर क्षेत्र की 9 सीटों पर 80, 669 वोट प्रभावित किए तथा ग्यारह सीटों पर 1लाख 14 हजार 286 मतदाताओं को परंपरागत वोटिंग से हटाया।

सरगुजा में इसाई लामबंद

सरगुजा क्षेत्र में इसाई समाज लामबंद हुआ है। अब तक इसाई समाज में आम सहमति से परंपरागत वोटिंग होती थी। 2023 के चुनाव में समाजिक चर्चाओं के बाद चर्च राजनीति से दूर रहा। सक्षम अगुओं की बातें स्वीकार्य रहीं। कांग्रेस पार्टी से ईसाई समाज की नाराज़गी की वजह लाशों को उखाड़े जाने, हत्याएं, हमले, धान लूट पर एफआईआर नहीं होन रही। कुनकुरी में समयाभाव के कारण लोक – स्वीकार्य प्रत्याशी चयन नहीं हो पाया। बाकी सीटों के पर्चे निरस्त हो गए।

कोंटा में डर का माहौल

पन्नालाल ने कहा कि चुनाव में ईसाई वोटरों पर जानलेवा हमले, कोंटा में नामांकन भर रहे दो प्रत्याशियों को हमलों के कारण भूमिगत होना पड़ा। बड़ी हिम्मत से तीसरा प्रत्याशी चन्नाराम ने पर्चा भरा। हथियार से लैस भीड़ ने वोट ना डालने की चेतावनी दी। दो जगहों पर करीब 25 एकड़ धान की खड़ी फसल लूटी गई। पुलिस से संरक्षण नहीं मिला। डर के माहौल के कारण नोटा में करीब 8 हजार वोट पड़ना अभूतपूर्व है। व्याप्त भय के कारण कई चर्च ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ले ली है। कांकेर में भाजपा 16 प्रतिशत अधिक वोटों से जीती, जबकि सर्व आदि दल को 1,506 मिले और कुल 4,235 वोटों को प्रभावित किया। केशकाल में भाजपा 5,560 से जीती सर्व आदि दल का प्रभाव 5,727 वोटों पर रहा। वहीं चित्रकोट में भाजपा 8,370 से जीती तथा ईसाई समाज के 10,398 परंपरागत वोट नहीं पड़े।

परंपरागत वोटिंग से दूर हुए ईसाई

राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल ने कहा कि सरगुजा क्षेत्र में सर्व आदि दल के प्रचार ने ईसाई समाज को परंपरागत वोटिंग से अलग रखा। बस्तर के कोंटा में कांग्रेस 1,981 वोटों से जीती।भाजपा को 30,795 वोट मिले। सर्व आदि दल को 2,881 वोट मिले। अत्याचार के दौर में कांग्रेस की निष्क्रियता रही। भाजपा का नैतिक एवं संवैधानिक समर्थन मिलने से कोंटा का रुख बदल जाता। बस्तर सीट पर कांग्रेस की जीत 6,431 वोटों से हुई और सर्व आदि दल ने 6,539 वोटों को प्रभावित किया।

साय की बातों से समाज खुश

सर्व आदि दल के नेताओं ने कहा कि नारायणपुर दंगों के दौर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बयान ‘सिर्फ 2 प्रतिशत के लिए बाकियों को नाराज नहीं कर सकते’ और अल्पसंख्यक आयोग में समाज के सदस्य को स्थान नहीं देना नाराजगी का कारण था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस संवैधानिक और सेक्युलर मूल्यों को पुनः स्थापित करे। तभी वह कुछ हासिल कर पाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मातरण के मुख्य कारण गरीबी, मूलभूत सुविधाओं और आत्म सम्मान के अभाव को खत्म करने की बात कही है और स्वैच्छिक धर्म मानने की आजादी को बरकरार रखने की घोषणा की है। इससे समाज में हर्ष व्याप्त है।

जहां नहीं पहुंचती सूरज की किरण, वहां फैल रहा विकास का उजाला

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  • चांदामेटा व अन्य गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सुविधा का हुआ विस्तार
  • कलेक्टर विजय के समक्ष ग्रामीणों ने रखी थी मांग
  • कलेक्टर ने अंदरूनी इलाकों में विकास का लिया जायजा

जगदलपुर बस्तर जिले में आज भी ऐसे कई गांव हैं, जहां सूरज की किरण नहीं पहुंच पाती। ऐसे दुर्गम गांवों में भी अब विकास का उजियारा फैलने लगा है। बस्तर के अति संवेदनशील माने जाने वाले चांदामेटा क्षेत्र के पटेलपारा, मुड़ियापारा, गदमेपारा में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी जन-सुविधाओं का विस्तार हुआ है। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सोमवार को अंदरूनी इलाकों में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया।

ज्ञात हो कि कलेक्टर विजय दयाराम के. लगभग आठ माह पहले बस्तर जिले में अपनी नियुक्ति के तीसरे दिन ही कोलेंग, चांदामेटा क्षेत्र के भ्रमण पर निकल गए थे। वहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की थी। ग्रामीणों की मांग के आधार पर सड़क, विद्युत, पेयजल, स्कूल और आंगनबाड़ी की व्यवस्था इन गांवों में की गई है। चांदामेटा से सड़क निर्माण कार्य को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास निगम ने पटेलपारा तक बारिश से पूर्व पूर्ण कर लिया था। पटेलपारा, मुड़ियापारा, गदमेपारा और टोंडरापारा में विद्युत विस्तार का कार्य भी दो माह पूर्व किया गया है। इन इलाकों में इतने बरसों बाद विद्युत की रोशनी मिलने से ग्रामीण में खुशी छा गई है। साथ ही पेयजल की व्यवस्था के तहत सोलर नल जल योजना भी स्थापित की गई है। कलेक्टर ने सड़क, विद्युत और नल जल व्यवस्था के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की। पटेलपारा निवासी ऊरा कुंजाम ने बताया कि विद्युत लाइन विस्तार नहीं होने पर मिट्टीतेल से लालटेन व खाद्य तेल से दीया जलाकर घर में रौशनी करते थे या आग की रोशनी का ही सहारा था। अब बिजली आ गई है तो बल्ब जलाकर उजाला करते हैं। उसने अपना मोबाइल भी चार्च करने की जानकारी दी। कलेक्टर ने ऊरा को गर्भवती पत्नी की बेहतर देखभाल कर उसका प्रसव कोलेंग अस्पताल में करवाने के लिए प्रेरित किया। पटेलपारा की पीसो बाई ने बताया कि सोलर नल जल योजना से शुद्ध पेयजल मिल रहा है। अब नाले का पानी पीने की मजबूरी नहीं रह गई है। पहले नाले या झिरिया का पानी उपयोग करते थे, जिससे कभी कभी तबियत भी खराब हो जाती थी। पीसो बाई ने कहा अब मेरे घर में भी बिजली लाइन से रोशनी होती है। गांव के सरपंच आयता ने बताया कि पहले सड़क नहीं होने से पटेलपारा वासियों को बहुत दिक्कत होती थी। सड़क का निर्माण से सभी नागरिकों को सहूलियत हो गई है।कलेक्टर विजय ने कहा कि विकास कार्य को गति देते हुए क्षेत्र के नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। कोलेंग में स्कूल की स्थापना कर बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है। गांव के दो युवाओं से अतिथि शिक्षक के रूप में काम लिया जा रहा है। सोमवार को आंगनबाड़ी का भी शुभारंभ किया गया। स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया है। आगामी दिनों में आंगनबाड़ी के बच्चों का भी जाति प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा। कोलेंग के ग्रामीणों से चर्चाकर बच्चों को नियमित स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भेजने की अपील की।

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कोलेंग कन्या आश्रम के लिए लगभग 100 मीटर पहुंच मार्ग मनरेगा के समन्वय से बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम की अन्य जरूरतों की पूर्ति करवाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कोलेंग बाजार शेड के निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि कलेक्टर ने अपने पहले कोलेंग क्षेत्र के दौरे में कोलेंग बाजार को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तोकापाल सुब्रत प्रधान, दरभा जनपद सीईओ, सहायक आयुक्त श्री चंदेल, विद्युत विभाग के श्री पोयाम, पीएमजीएमवाय के राहुल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बच्चों से कराया आंगनबाड़ी का उद्घाटन

कलेक्टर ने कोलेंग आंगनबाड़ी केंद्र का बच्चों से उद्घाटन करवाया। उन्होंने बच्चे को गोद में लेकर केंद्र का फीता कटवाकर और बच्चों को बिस्किट वितरण कर केंद्र का शुभारंभ किया। जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम ने भी बच्चों को गोद में लेकर प्रवेश करवाया। बच्चों का पुष्पमाला के साथ स्वागत भी किया गया। कलेक्टर ने कोलेंग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने यहां विगत माह जन्म लेने वाले बच्चों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और सामान्य प्रसव की स्थिति में जन्म के 48 घंटे तक जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की निगरानी अनिवार्य तौर पर करने की हिदायत डॉक्टरों और कर्मियों को दी। अस्पताल को व्यवस्थित और साफ सुथरा रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कर्तव्य स्थल पर अनुपस्थित रहने वाले आरएमए को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर के आसपास साफ सफाई करवाने और परिसर में रखी एंबुलेंस का उपयोग करने के निर्देश दिए। निर्माण विभाग को अस्पताल के शेष बचे कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

पारखी धान की गुणवत्ता

कलेक्टर ने कोलेंग धान खरीदी केंद्र में किसानों द्वारा विक्रय हेतु लाए गए धान की नमी मापक यंत्र से नमी की जांच करवाई। किसानों से धान की गुणवत्ता पर चर्चा की। उन्होंने संग्रहण केंद्र में रखे धान का उठाव जल्द करवाने के निर्देश दिए। किसानों का रकबा समर्पण पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक संतोष वर्मा से उसके द्वारा दी जा रही सेवाओं और वित्तीय ट्रांजेक्शन के संबंध में चर्चा की। संतोष ने बताया कि उसकी ट्रांजेक्शन क्षमता दो लाख रुपए तक है। पहले घर में सीएससी संचालित करता था, जिससे प्रतिमाह दो हजार की आमदनी होती थी। गत जून माह में कलेक्टर विजय दयाराम के. के कोलेंग प्रवास के दौरान उसे शासकीय दूकान आबंटित की गई है। दुकान में बैंक सखा के रूप में और शासकीय योजनाओं के अन्य वित्तीय कार्यों के रूप में हितग्राहियों को राशि का वितरण करने का काम कर रहा है। इसके अलावा कोलेंग क्षेत्र में एकमात्र सीएससी सेंटर होने के कारण शासन से संबंधित अन्य ऑन लाइन कार्य संतोष द्वारा किया जाता है। संतोष के कार्यों की कलेक्टर ने सराहना कर उसे प्रोत्साहित किया।

हसदेव के मसले पर एकजुट होकर उठाएं आवाज : दीपक बैज

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हसदेव के जंगल में खड़े होकर दहाड़े पीसीसी चीफ बैज

  • आदिवासियों और छग की अस्मिता का है सवाल यह अर्जुन झा

जगदलपुर हसदेव अरण्य क्षेत्र के जंगलों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने जंग का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने हसदेव के जंगलों को उजाड़े जाने और वहां कोल ब्लॉक आवंटन को छत्तीसगढ़ एवं यहां के आदिवासियों के अस्तित्व व अस्मिता का सवाल बताते हुए केंद्र सरकार व छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले के खिलाफ एकजुट होकर आवाज मुखर किए जाने की जरूरत बताई।

 

पीसीसी चीफ दीपक बैज रविवार को सरगुजा जिले में स्थित हसदेव के जंगलों में जाकर खूब गरजे। हसदेव अरण्य के पेड़ों की कटाई और कोयला खनन हेतु खदानों के आवंटन से प्रभावित आदिवासियों व दूसरे समुदायों के हजारों ग्रामीणों को दीपक बैज ने जंगल के बीच खड़े होकर संबोधित किया। पुलिस और प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेताओं को हसदेव तक जाने से रोकने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। बावजूद प्रदेश कांग्रेस के कप्तान हसदेव पहुंचने में सफल रहे। वहां हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए बस्तर के आदिवासी पुत्र दीपक बैज ने कहा कि हसदेव के जंगलों की कटाई और कोल ब्लॉक आवंटन का मामला केवल सरगुजा जिले का ही मसला नहीं है, यह समूचे छत्तीसगढ़ और यहां निवासरत लाखों आदिवासियों के अस्तित्व एवं अस्मिता का सवाल बन गया है। श्री बैज ने कहा कि मैं भी बस्तर का आदिवासी हूं हूं। इसलिए आदिवासियों के दुख दर्द को भलिभांति समझता हूं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में नया प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए वहां के निवासियों को विश्वास में लिया जाना चाहिए, ग्रामसभा की सहमति लेनी चाहिए। हसदेव के मामले में ग्रामसभा की फर्जी सहमति का दस्तावेज पेश किया गया है। श्री बैज ने माना कि कांग्रेस शासनकाल में चूक हुई कि हमने ग्रामसभा के प्रस्ताव का परीक्षण नहीं कराया। दीपक बैज ने कहा कि जल, जंगल, जमीन तथा खनिजों की खदानों पर उस क्षेत्र के निवासियों और आदिवासियों का पहला हक होता है। उनका हक छीनकर किसी भी प्रोजेक्ट की स्थापना नहीं कराई जा सकती। श्री बैज ने बस्तर संभाग के बोधघाट परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना से बस्तर के 42 गांव उजड़ रहे थे। प्रभावित हो रहे गांवों के ग्रामीणों और आदिवासियों ने एकजुट होकर बोधघाट परियोजना का विरोध शुरू किया। मैंने स्वयं उनकी आवाज बनकर उनका नेतृत्व किया। तब हमने कहा था कि बस्तर को सिंचाई सुविधा तो चाहिए, लेकिन 42 गांवों को उजाड़ने की कीमत पर नहीं। मैंने अपने मुख्यमंत्री से बात की, उन्हें आदिवासियों की मंशा से अवगत कराया। मुख्यमंत्री मुझ पर थोड़ा नाराज भी हुए, मगर उन्होंने बस्तर के आदिवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बोधघाट परियोजना को रुकवा दिया। श्री बैज ने कहा कि भाजपा की सरकारें आदिवासी क्षेत्रों के जल, जंगल, जमीन, कोयला, लौह अयस्क को बेचने पर आमादा है। उन्होंने सवाल किया कि जंगल ही नहीं रहेंगे, तो आदिवासियों का वजूद भला कैसे बच पाएगा ? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज हसदेव को बेचा जा रहा है, आगे चलकर पूरे छत्तीसगढ़ को बेच दिया जाएगा। इसलिए हम सभी को सजग और सचेत रहने की जरूरत है। यह लड़ाई सिर्फ हसदेव, सरगुजा, सूरजपुर, अंबिकापुर की ही नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के अस्तित्व की लड़ाई है। हम सभी को एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है।

एक ओर हसदेव, दूसरी ओर विष्णुदेव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हसदेव की लड़ाई सिर्फ एक जंगल और यहां की जमीन की लड़ाई नहीं है, यह छत्तीसगढ़ को बचाने की लड़ाई है। इस लड़ाई में एक तरफ हसदेव है, तो दूसरी तरफ विष्णुदेव हैं। अब फैसला आप सबको करना है कि आपको हसदेव के साथ रहना है या फिर विष्णुदेव के साथ? वैसे मेरा मानना है कि हसदेव के साथ रहने में ही हम सबकी भलाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आदिवासी को बिठाकर भाजपा छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का हक छीन रही है। श्री बैज ने कहा कि बस्तर में भी नगरनार इस्पात संयंत्र, नंदराज पहाड़ व अन्य खदानों को बड़े उद्योगपतियों के हाथों में बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई है। धीरे – धीरे पूरे छत्तीसगढ़ के जंगल, जल, जमीन और खनिज संपदा को बेच दिया जाएगा। इसे बचाने के लिए सभी आगे आएं।

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  • हसदेव के मसले पर एकजुट होकर उठाएं आवाज : दीपक बैज
  • हसदेव के जंगल में खड़े होकर दहाड़े पीसीसी चीफ बैज
  • आदिवासियों और छग की अस्मिता का है सवाल यह

अर्जुन झा

जगदलपुर हसदेव अरण्य क्षेत्र के जंगलों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने जंग का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने हसदेव के जंगलों को उजाड़े जाने और वहां कोल ब्लॉक आवंटन को छत्तीसगढ़ एवं यहां के आदिवासियों के अस्तित्व व अस्मिता का सवाल बताते हुए केंद्र सरकार व छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले के खिलाफ एकजुट होकर आवाज मुखर किए जाने की जरूरत बताई।

पीसीसी चीफ दीपक बैज रविवार को सरगुजा जिले में स्थित हसदेव के जंगलों में जाकर खूब गरजे। हसदेव अरण्य के पेड़ों की कटाई और कोयला खनन हेतु खदानों के आवंटन से प्रभावित आदिवासियों व दूसरे समुदायों के हजारों ग्रामीणों को दीपक बैज ने जंगल के बीच खड़े होकर संबोधित किया। पुलिस और प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेताओं को हसदेव तक जाने से रोकने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। बावजूद प्रदेश कांग्रेस के कप्तान हसदेव पहुंचने में सफल रहे। वहां हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए बस्तर के आदिवासी पुत्र दीपक बैज ने कहा कि हसदेव के जंगलों की कटाई और कोल ब्लॉक आवंटन का मामला केवल सरगुजा जिले का ही मसला नहीं है, यह समूचे छत्तीसगढ़ और यहां निवासरत लाखों आदिवासियों के अस्तित्व एवं अस्मिता का सवाल बन गया है। बैज ने कहा कि मैं भी बस्तर का आदिवासी हूं हूं। इसलिए आदिवासियों के दुख दर्द को भलिभांति समझता हूं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में नया प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए वहां के निवासियों को विश्वास में लिया जाना चाहिए, ग्रामसभा की सहमति लेनी चाहिए। हसदेव के मामले में ग्रामसभा की फर्जी सहमति का दस्तावेज पेश किया गया है। बैज ने माना कि कांग्रेस शासनकाल में चूक हुई कि हमने ग्रामसभा के प्रस्ताव का परीक्षण नहीं कराया। दीपक बैज ने कहा कि जल, जंगल, जमीन तथा खनिजों की खदानों पर उस क्षेत्र के निवासियों और आदिवासियों का पहला हक होता है। उनका हक छीनकर किसी भी प्रोजेक्ट की स्थापना नहीं कराई जा सकती। श्री बैज ने बस्तर संभाग के बोधघाट परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना से बस्तर के 42 गांव उजड़ रहे थे। प्रभावित हो रहे गांवों के ग्रामीणों और आदिवासियों ने एकजुट होकर बोधघाट परियोजना का विरोध शुरू किया। मैंने स्वयं उनकी आवाज बनकर उनका नेतृत्व किया। तब हमने कहा था कि बस्तर को सिंचाई सुविधा तो चाहिए, लेकिन 42 गांवों को उजाड़ने की कीमत पर नहीं। मैंने अपने मुख्यमंत्री से बात की, उन्हें आदिवासियों की मंशा से अवगत कराया। मुख्यमंत्री मुझ पर थोड़ा नाराज भी हुए, मगर उन्होंने बस्तर के आदिवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बोधघाट परियोजना को रुकवा दिया।  बैज ने कहा कि भाजपा की सरकारें आदिवासी क्षेत्रों के जल, जंगल, जमीन, कोयला, लौह अयस्क को बेचने पर आमादा है। उन्होंने सवाल किया कि जंगल ही नहीं रहेंगे, तो आदिवासियों का वजूद भला कैसे बच पाएगा ? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज हसदेव को बेचा जा रहा है, आगे चलकर पूरे छत्तीसगढ़ को बेच दिया जाएगा। इसलिए हम सभी को सजग और सचेत रहने की जरूरत है। यह लड़ाई सिर्फ हसदेव, सरगुजा, सूरजपुर, अंबिकापुर की ही नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के अस्तित्व की लड़ाई है। हम सभी को एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है।

एक ओर हसदेव, दूसरी ओर विष्णुदेव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हसदेव की लड़ाई सिर्फ एक जंगल और यहां की जमीन की लड़ाई नहीं है, यह छत्तीसगढ़ को बचाने की लड़ाई है। इस लड़ाई में एक तरफ हसदेव है, तो दूसरी तरफ विष्णुदेव हैं। अब फैसला आप सबको करना है कि आपको हसदेव के साथ रहना है या फिर विष्णुदेव के साथ? वैसे मेरा मानना है कि हसदेव के साथ रहने में ही हम सबकी भलाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आदिवासी को बिठाकर भाजपा छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का हक छीन रही है।  बैज ने कहा कि बस्तर में भी नगरनार इस्पात संयंत्र, नंदराज पहाड़ व अन्य खदानों को बड़े उद्योगपतियों के हाथों में बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई है। धीरे – धीरे पूरे छत्तीसगढ़ के जंगल, जल, जमीन और खनिज संपदा को बेच दिया जाएगा। इसे बचाने के लिए सभी आगे आएं।

नगरनार और लालबाग की टीमों ने जीते अपने अपने मैच

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  •  20- 20 क्रिकेट, दूसरे दिन के मैचों में रोमांचक मुकाबले =

जगदलपुर बस्तर में चल रही नेताजी सुभाषचंद्र बोस 20- 20 कप क्रिकेट प्रतियोगिता में रविवार को खेले गए दो मैचों में नगरनार और लालबाग की टीमों ने जीत दर्ज की। नगरनार ने फ्रेजरपुर को और लालबाग ने भोपाल पटनम को शिकस्त दी।

आज का पहला मैच नगरनार और फ्रेजरपुर के बीच खेला नगरनार ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का निर्णय लिया। अखिलेश और प्रसाद बल्लेबाजी करने उतरे। दोनों के बीच केवल 6 रन की ही पार्टनरशिप हो पाई। अखिलेश सिर्फ एक रन बनाकर चंदन का शिकार बन गए। प्रसाद को कुणाल ने 8 रनों पर लेग आउट कर दिया। 2 विकेट गिरने के बाद अनुभवी बल्लेबाज मनोज बघेल 50 रनों की शानदार पारी खेली। मनोज ने टीम का स्कोर 68 रनों तक पहुंचाया। मनोज बघेल को कीपर पृथ्वी ने रन आउट किया। निचले क्रम में बल्लेबाज जगरनाथ और मेंगो ने 16 रन और 13 रन बनाकर 18 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 136 रन बटोरे।फ्रेजरपुर के चंदन नेताम ने तीन ओवर में 17 रन देकर दो विकेट और अजय शुक्ला ने चार ओवर में 21 रन देकर एक विकेट लिए। 136 रनों के जवाब में फ्रेजरपुर की टीम 104 रन बनाकर 17 ओवर में आल आउट हो गई। फ्रेजरपुर के लिए पृथ्वी ने सर्वाधिक 21 रन बनाए। अजय ने 17 रन व सुरेंद्र ठाकुर ने 13 रन बनाए। नगरनार के दिवेश ने चार ओवर में 19 रन देकर दो विकेट झटके। मैन ऑफ द मैच का खिताब मैंगो को दिया गया।

आज का दूसरा मुकाबला लालबाग और भोपाल पटनम

के बीच खेला गया। भोपाल पटनम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। विल्सन और इरफान मैदान पर उतरे। विल्सन 5 रन बनाकर अनस की गेंद में बोल्ड आउट हुए। इरफान भी 4 रन बनाकर जयदीप का शिकार बन गए।लालबाग के लिए अनस ने 5 विकेट व सागर शर्मा ने 3 विकेट लिए। भोपाल पटनम के चार बल्लेबाज बिना रन बनाए ही आउट हो गए। 16 ओवर में सिर्फ 76 रन बनाकर भोपाल पटनम टीम आल आउट हो गई। लालबाग ने 10 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली। लालबाग के अनस ने 19 रन, पलाश मंडल ने 25 रन और सूर्यवीर ने नाबाद 23 रन बनाए।

मलेरिया ग्रस्त बच्चे की जान नहीं बचा सके सरकारी डॉक्टर

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  •  जिला अस्पताल नारायणपुर में नहीं मिल सका इलाज
  • परिजनों का आरोप -एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई अर्जुन झा

जगदलपुर मच्छर रहेगा, मलेरिया नहीं’ स्लोगन कई दशक पुराना है। देश में अनेक दशकों से मच्छर और मलेरिया उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस पर अब तक शासन अरबों रुपए खर्च कर चुका है। करोड़ों रू. खर्च कर सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इतना सब कुछ जतन करने के बावजूद मलेरिया भी है और मच्छरों की आबादी घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। मलेरिया से मौतों का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। मलेरिया के मामले में बेहद संवेदनशील बस्तर संभाग के सरकारी जिला चिकित्सालयों में भी मलेरिया का ढंग से ईलाज नहीं हो पाता। मलेरिया के मरीजों के लिए जिला अस्पताल महज रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। इसका एक ताजा उदाहरण बस्तर संभाग के नारायणपुर के जिला चिकित्सालय में देखने को मिला, जहां एक शिशु की मौत मलेरिया के चलते हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर बच्चे को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रेफर करने पर आमादा थे। इसी फेर में बच्चे की जान चली गई।

नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर ग्राम बाहकेर निवासी आज्ञाराम सलाम व उसकी पत्नी अपने 9 माह के बीमार बच्चे को उप स्वास्थ्य केंद्र छोटेडोंगर लेकर गए थे। बच्चे के पिता ने बताया उप स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने बच्चे को जिला अस्पताल नारायणपुर रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर शाम करीब 4.30 बजे जिला अस्पताल नारायणपुर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर बताई। उसके बाद लगभग रात 8 बजे अचानक डॉक्टर ने बच्चे को जगदलपुर रेफर करने की बात कही। इससे बच्चे का पिता घबरा गया और उसने निजी अस्पताल ले जाने हेतु एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग डॉक्टरों से की। अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस देने से साफ इंकार कर दिया और कुछ दस्तावेजों पर बच्चे के पिता से हस्ताक्षर कराने के बाद अस्पताल से जाने को कह दिया। परिजन अपने बच्चे की जान बचाने उसे मोटर साइकिल से दूसरे अस्पताल जाने वाले ही थे, तभी बच्चे ने अस्पताल के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया। बच्चे के शरीर मे हलचल थम जाने के बाद माता समझ गई अब उसका लाल नही रहा। महिला अपने 9 माह के लाल के शव को गोद में लेकर अस्पताल में रोती बिलखती रही, लेकिन अस्पताल प्रबंधन का दिल नहीं पसीजा। आसपास मौजूद लोगों से सूचना मिलने पर मीडिया कर्मी वहां पहुंच गए। मीडिया के लोगों ने प्रभारी कलेक्टर को मामले की जानकारी दी। प्रभारी कलेक्टर जितेंद्र कुर्रे ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार को मौके पर भेजा। तहसीलदार ने महिला को अस्पताल के अंदर चलने का निवेदन करते हुए मरीज के सामानों को स्वयं लेकर अस्पताल के अंदर लेकर गए। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन नींद से जाग व स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी व डाक्टर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एंबुलेंस की व्यवस्था कर बच्चे के शव और परिजनों को उनके गृह ग्राम भेजा।

नाजुक थी बच्चे की हालत डॉ. केकती

पूरे मामले पर जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. आदित्य केकती ने कहा कि मरीज को मलेरिया था और परिजनों को बताया गया कि स्स्थिति नाजुक है, रेफर करना पड़ेगा। लेकिन परिजनों ने इंकार करते हुए दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही। दूसरे अस्पताल ले जाते वक्त मरीज की मृत्यु हो गई। पश्चात एम्बुलेंस उपलब्ध कराकर उन्हे गृहग्राम रवाना कर दिया गया। ज्ञात हो कि जिला अस्पताल में दो शिशुरोग विशेषज्ञ सहित बीस से अधिक चिकित्सक पदस्थ हैं, फिर भी मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।

सीएमएचओ डॉ. कुंवर का कथन

घटना के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नारायणपुर डॉ. टीआर कुंवर ने जानकारी दी कि 9 माह के शिशु उत्तम सलाम पिता आज्ञाराम सलाम को कंपकंपी, बुखार, उल्टी, पेट फूलने, झटके आने की शिकायत थी। उसे मल एवं पेशाब भी नहीं हो रहा था। बच्चे को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छोटेडोंगर में दोपहर 12. 30 बजे भर्ती कराया गया, जहां जांच में मलेरिया से ग्रसित होना पाया गया। उसका उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छोटेडोंगर में किया जा रहा था दोपहर 2:30 बजे तक मरीज को पेशाब न होने पर जिला अस्पताल नारायणपुर के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल में बच्चे को लेकर परिजन शाम 6. 30 बजे पहुंचें। डॉ. एकता निर्मलकर रंगारी ने परीक्षण के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया।भर्ती के वक्त उसे पेशाब नहीं हो रही थी और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।मरीज उसे ऑक्सीजन में रखा गया था। बच्चे के माता- पिता को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बताकर इलाज हेतु सरकारी एंबुलेंस से जगदलपुर ले जाने की सलाह दी गई थी। मरीज के परिजन द्वारा जगदलपुर नहीं जाने की बात लिखित में कही। नतीजतन उसका इलाज जिला अस्पताल नारायणपुर में चल रहा था। रात 9 बजे परिजन बच्चे को किसी प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए जिला अस्पताल से बाहर जा रहे थे तभी रात्रि 9.10 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई। इसके बाद तत्काल सरकारी एंबुलेंस से उन्हें उनके घर तक छोड़ा गया। जिला अस्पताल नारायणपुर में हमेशा शासकीय एंबुलेंस तथा 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहती है।

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