डौंडी – डौंडी ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में दो दिन पहले से ही मुनियादी कर लोगो को सूचित कर दिया गया था और जंगल जाने के लिए माना किया गया है क्युकि वर्तमान में प्राप्त लोकेशन के आधार पर डोंडी और दल्ली रेँज क्षेत्र के कुंजकंहार जंगल मे देखा गया था | इस
हाथियों के झुण्ड में लगभग 22 से ज्यादा हाथी नजर आ रहा है जिसमे इनके छोटे बच्चे भी शामिल है । प्राप्त जानकारी के अनुसार अब इनका झुण्ड दल्लीराजहरा- डौंडी वन क्षेत्र में आ धमके वन विभाग के साथ साथ ग्रामीणों को भी सकते में डाल दिया।
सुबह ग्राम पंचायत कुंजकन्हार आश्रित ग्राम लैनकसा के किसानों के खेतों की धान फसल को हाथियों झुंड ने पैरों से रौंद रौंदकर काफी नुकसान पहुंचा दिया। वही एक अन्य किसान खेत की
बोर एवं बोर पाईप को सुठ से उखाड़कर तहस नहस कर दिया। इन हाथियों का झुंड डौंडी क्षेत्र के लैनकसा में उत्पात मचाने बाद कुंजकन्हार जंगल से ख़ुर्शीटिकुर बांध एवं आसपास जंगल की ओर आगे बढ़ रहा है।
किसानो के लिए सर दर्द बना हाथियों का झुण्ड
किसानों का फसल एक ओर पकने के लिए तैयार है। जिन्हे मौसम और किटनाशक के प्रकोप झेलना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ किसानों को हाथियों द्वारा खेतो में तैयार फसल कुचलते हुए आगे बढ़ने से फसल चौपट हो रहा हैं जिसका तकलीफ झेलना पड़ रहा है। जिसकी भरपाई कौन करेगा इसका चिंता अब किसानो को सता रहा है। फिर हाल अभी कोई ज्यादा छति की जानकारी नहीं मिली है लेकिन किसान चिंतित है।
मुरादाबाद – नवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिर के अन्दर साधू का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से लोगों में सनसनी फैली हुई है | जब श्रद्धालु सुबह मंदिर पहुंचे तब उन्होंने साधू (रामदास) का शव देख पुलिस को सुचना दी | शव पर किसी भी प्रकार के चोट के निशान नहीं
मिले है पुलिस मौके पर पहुँच शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है | प्राप्त जानकारी के अनुसार नवरात्रि पर साधू मंदिर में ही सो गए थे | यह घटना मुरादाबाद के गलशहीद थाना क्षेत्र की है |
साधू के परिजनों का मानना है एक संत का इस प्रकार मंदिर में ही शव मिलना संदेहास्पद लग रहा है वे नवरात्रि के पर्व पर नौ दिन मंदिर में ही रुकने वाले थे | वे काफी सक्रिय थे और गंगा
नदी के सफाई अभियान से भी जुड़े हुए थे और साथ ही अवैध खनन करने वालों के खिलाफ आवाज भी उठाते रहते थे | पुलिस वालों का कहना है कि उनकी मौत की वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पायेगा |
रायपुर – जब से आईपीएल शुरू हुआ है तब से सटोरियों और जुआरियों की धर पकड़ जारी है | अभी एसएसपी के निर्देश पर पूरे जिले में IPL सट्टा, जुआ खिलाने वालों के खिलाफ
अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस को लगातार सफलताएं मिल रही है। इसके पहले भी मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के फार्म हाउस में बड़ी कार्यवाही की गई थी |
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी पुलिस ने देर रात जुआ खेलते 24 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। मामला आजाद चौक थाना मोमिनपारा का है। मुखबीर से सूचना मिलने के बाद ASP
के नेतृत्व में पुलिस टीम सकरी गलियों से होते हुए जुआरियों के ठिकाने पर पहुंची और सभी आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। उनके पास से 10 लाख रूपए नकद और 23 नग मोबाइल भी जब्त किए गए। सभी पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ धारा 13 जुआ एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा में कल राहतभरी खबर देखने को मिली लेकिन आज फिर से कोरोना संक्रमितों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दिखी और इसी बीच आज दल्लीराजहरा में 28 संक्रमितों की पहचान हुई |
एक नजर – दल्लीराजहरा के किस वार्ड से कितने संक्रमित मिलें | आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 01 से 09, वार्ड क्र 05 से 01, वार्ड क्र 07 से 01, वार्ड क्र 08 से 03, वार्ड क्र 12 से 02, वार्ड क्र 19 से 02, वार्ड क्र 21 से 02, वार्ड क्र 22 से 02, वार्ड क्र 23 से 01, वार्ड क्र 26 से 02, पखांजूर से 02 और चिखलाकसा के वार्ड क्र 10 से 01 इस प्रकार आज कुल 28 लोग संक्रमित मिले | आज पाए गए संक्रमितों में 17 एंटीजन से, RTPCR से 08 और True Not टेस्ट रिपोर्ट से 03 लोग मिले |
विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |
दल्लीराजहरा – खदान मजदूर संघ भिलाई के सचिव लखन लाल चौधरी ने उप क्षेत्रीय निदेशक डीएव्ही स्कूल हुडको, भिलाई जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ को ज्ञापन सौंपकर डीएव्ही स्कूल राजहरा के सुब्रत रंजन दास, खेल शिक्षक, का डीएवी स्कूल राजहरा से तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की है साथ ही संघ द्वारा उनके समक्ष निम्न तथ्यों को रखते हुए उनसे त्वरित कार्यवाही की अपेक्षा की है-
1) सुब्रत रंजन दास, खेल शिक्षक ,वर्तमान में डीएवी स्कूल राजहरा में पदस्थ हैं। 2) सुब्रत रंजन दास के विरुद्ध डीएवी स्कूल की ही शिक्षिका श्रीजा सोनवानी ने दल्ली राजहरा थाने में दिनांक 21.09.2020 को एफ आई आर दर्ज करते हुए शिकायत की थी सुब्रत रंजन
सुब्रत रंजन दास
दास खेल शिक्षक डीएवी स्कूल राजहरा ने 16.08. 2020 को जबरदस्ती उनके घर में प्रवेश करते हुए उनके साथ बद्तमीज़ी की उनके साथ शारीरिक रूप से छेड़छाड़ किया और श्रीजा सोनवानी द्वारा चिल्लाते हुए विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए सुब्रत रंजन दास भाग गए।
3) इससे पूर्व भी इसी स्कूल के कुछ पुरुष शिक्षकों द्वारा स्कूल के छात्राओं के साथ गलत हरकत करने की बात सामने आई थी जिसका संघ ने विरोध किया था एवं आपसे शिकायत भी की गई थी जिसके उपरांत उनका स्थानांतरण कर दिया गया था। 4)इसी तरह इस स्कूल के पूर्व प्राचार्य द्वारा भी स्कूल के शिक्षिकाओं के साथ गलत व्यवहार करने की शिकायत सामने आई थी जिसके उपरांत संघ के पुरजोर विरोध के बाद उनका भी स्थानांतरण अन्यत्र किया गया।
5)स्कूल शिक्षा का मंदिर कहलाता है और स्कूल के प्रत्येक शिक्षक से मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। 6) उपरोक्त घटनाक्रमों से साफ परिलक्षित होता है कि डीएवी स्कूल राजहरा में कुछ ऐसे शिक्षक मौजूद है जो छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं के साथ गलत नियत और गलत व्यवहार करने की महारत हासिल कर चुके हैं और स्थानीय स्कूल प्रबंधन एवं बी.एस.पी के द्वारा नियुक्त एलएमसी कमेटी के कुछ मेंबर्स और संरक्षक मुख्य महाप्रबंधक खदान द्वारा भाई भतीजावाद और जातिवाद का सहारा लेकर दास को निर्दोष साबित करने में लगे हैं जिससे डीएवी स्कूल प्रबंधन के नाम की बदनामी हो रही है एवं डीएवी प्रबंधन के क्रियाकलाप पर भी कई सवालिया निशान लग रहे हैं।
7) दास के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार नहीं कहे जा सकते हैं क्योंकि एफ.आई.आर दायर होने के बाद जब स्थानीय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर के न्यायालय में प्रस्तुत किया तब सुब्रत रंजन दास ने लिखित रूप से अपने कृतियों पर शर्मिंदा होते हुए माफी मांगी। 8)पूर्व में भी दास पर स्कूल के छात्राओं के साथ गलत हरकत करने का आरोप लग चुका है और थाने में ही इन्होंने लिखित माफी मांगी है। 9) स्कूल के पुरुष शिक्षक द्वारा इस तरह की गिरी हरकत करने के बावजूद आज तक डीएवी स्कूल प्रबंधन एवं बीएसपी के एल.एम. सी कमेटी के चुनिंदा सदस्यों एवं अध्यक्ष द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही ना करना बल्कि दास को श्रेष्ठ शिक्षक की उपाधि देना और उन्हें बचाने का प्रयास करना यही दर्शाता है कि डीएवी स्कूल राजहरा में इसी तरह के भ्रष्ट और अपराधी प्रवृत्ति के पुरुष शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है जिसके भ्रष्टाचार एवं अपराधिक कार्यों में संभवत एलएमसी कमेटी के सदस्य कमेटी के संरक्षक सीजीएम माइंस तपन सूत्रधार एवं डीएवी स्कूल प्रबंधन के अधिकारियों की भी हिस्सेदारी है। 10, अगस्त माह के 16 तारीख को सुब्रत रंजन दास जी द्वारा श्रीजा सोनवानी के घर शराब के नशे में घुस कर शारीरिक छेड़छाड़ किया और संघ को ऐसी जानकारी मिली है किजिसकी प्रारंभिक शिकायत श्रीजा सोनवानी मैडम द्वारा स्कूल की प्राचार्या अलका शर्मा से किया था मगर स्कूल प्रबंधन द्वारा उनकी शिक़ायत पर किसी तरह कोई कार्रवाई नहीं की ,बल्कि सुब्रत रंजन दास को शिक्षक दिवस 5 सितंबर को स्कूल का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक से सम्मानित किया गया है।जो कि बहुत ही शर्मनाक है संघ ईसकी कड़ी निंदा करता है, की किसके कहने पर एक ऐसे शिक्षक को सर्वश्रेष्ठशिक्षक का सम्मान दिया गया जिसके खिलाफ लगभग15 दिन पहले उसी स्कूल की महिला शिक्षक द्वारा शारीरिक छेड़छाड़ की शिकायत की थी,क्यो डीएव्ही स्कूल राजहरा के योग्य शिक्षकों को ईस सम्मान के लिए नहीं चुना गया जबकि डीएव्ही स्कूल राजहरा के कुछ शिक्षकों की मेहनत के कारण स्कूल के बोर्ड कक्षाओं का रिजल्ट नगर में सबसे अच्छा आता है , मगर उन शिक्षकों को छोड़कर शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाले शिक्षक को सर्वश्रेष्ठशिक्षक से सम्मानित करना , स्कूल प्रबंधन की भाई-भतीजावाद और चापलूसी करने वाले को प्राथमिकता देने की नियत दिखाता है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर संघ यह मांग करता है कि फर्जी तरीके से ,भाई भतीजावाद और भाषावाद का परिचय देते हुए सीजीएम खदान ,एलएमसी के सदस्यगण, श्री सुब्रत रंजन दास को बचाने का प्रयास ना करें एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए सुब्रत रंजन दास का तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण करें।साथ ही संघ यह भी मांग करता है कि डीएवी के साथ जुड़े इस्पात शब्द को भी तत्काल हटाया जावे क्योंकि जिस तरह से भाई भतीजावाद और भाषावाद का परिचय देकर सुब्रत रंजन दास को सीजीएम खदान श्री तपन सूत्रधार द्वारा बचाने का कुत्षित प्रयास किया जा रहा है उसे कंपनी का भी नाम बदनाम हो रहा है और आम जनता में खदान प्रबंधन और खदान के मुखिया तपन सूत्रधार पर शहर के लोग खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि बीएसपी द्वारा जिस अधिकारी को नियम कानून और आपराधिक गतिविधि एवं भ्रष्टाचार रोकने का दायित्व दिया गया है वह खुद ही बिका हुआ है और संभवत डीएवी में चल रहे सभी दुष्कर्मों का सहभागी भी बना हुआ है जिससे कंपनी का नाम धूमिल हो रहा है। ईस ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रभारी निदेशक बी एस पी भिलाई,ई, डी,एम एंड आर, ई, डी, पी एंड ए, बी एस पी भिलाई, मुख्य महाप्रबंधक खदान राजहरा खदान समूह, महाप्रबंधक कार्मिक राजहरा खदान समूह, प्रार्चाय डीएव्ही सिनीयर सेकेंडरी स्कूल राजहरा, महामंत्री खदान मजदूर संघ भिलाई को भी दी गई है। भवदीय – लखन लाल चौधरी, सचिव खदान मजदूर संघ, भिलाई
दल्लीराजहरा – आज दोपहर आशा टॉकिज के सामने दो कारें जिसमे एक कार क्र CG07 BT 4163 दुर्ग की ओर से और दूसरी कार CG 19 BC 1155 भानुप्रतापपुर की ओर से आ रही थी जिससे दोनों कारें आमने सामने से टकरा गई जिससे चालक को मामूली चोंटे आई है
और कार का सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है | प्राप्त जानकारी के अनुसार
भानुप्रतापपुर की ओर से जो कार आ रही थी उसके गलत दिशा में आने के कारण यह दुर्घटना
हुई | कार क्र CG07 BT 4163 राहुल वासवानी दुर्ग से दल्ली अपने जीजा ओम प्रकाश के
यहां आये थे दूसरी कार CG 19 BC 1155 मनीष कुमार साहू कांकेर से आ रही थी | उक्त घटना की सुचना पुलिस दी गई मौके पर पुलिस पहुंचकर कार को किनारे खड़ी करवा आवागमन को सुचारू किया दोनों वाहन चालकों को पुलिस अपने साथ लेकर गई है |
गुंडरदेही – राज्य के मरवाही विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार डॉ. के के ध्रुव जी के पक्ष में जनसमर्थन प्राप्त करने के लिए संसदीय
सचिव एवं विधायक गुंडरदेही माननीय कुंवर सिंह निषाद जी क्षेत्र के गांव परासी, भर्रा टोला, चंगेरी पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ निषाद समाज के
पदाधिकारियों एवं आम जनता से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास में डॉ. के के ध्रुव जी को अपना आशीर्वाद प्रदान करने का निवेदन किया ।
इस दौरान छोटेलाल जी अध्यक्ष जिला मछुआ कांग्रेस , भैयालाल जी , कुंज लाल जी , बिहान लाल जी, बिहारी लाल जी, जगदीश तिवारी जी, अमरसाए जी , दुर्गा प्रसाद जी,
कोमल प्रसाद जी ,मती सुमन जी, काशी प्रसाद तोमर जी, जयकुमार जी , डब्बू माझी जी, सुखराम जी , श्याम लाल जी स्थानीय एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
प्रतिदिन की भांति संत राम बालक दास जी द्वारा उनके ऑनलाइन सत्संग का आयोजन सीता रसोई संचालन ग्रुप में प्रातः 10:00 से 11:00 बजे और दोपहर 1:00 से 2:00 बजे किया गया जिसमें सभी भक्तगण जुड़कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कीये आज सत्संग परिचर्चा में पुरुषोत्तम अग्रवाल जी ने जिज्ञासा रखी की व्यक्ति के जीवन में नामकरण संस्कार का क्या महत्व है, नाम किस प्रकार के होने चाहिये तथा नाम के अनुरूप गुण विकसित करने
कौन से प्रयत्न किये जाने चाहिये ? कृपया प्रकाश डालेंगे महाराज जी, मानव जीवन के इस विषय पर प्रकाश डालते हुए बाबा जी ने बताया कि हमारे जीवन में हिंदू धर्म के अनुसार 16 संस्कार बताए गए हैं जिसमें एक नामकरण संस्कार भी है जो कि बहुत महत्वपूर्ण है, हमारे जीवन में सबसे अधिक महत्व हमारे नाम का ही क्योंकि नाम ऐसा है जिसको हमारी मृत्यु के
बाद भी जाना व माना जाता है वह मृत्यु के पश्चात भी नहीं मिटता, वह हमारी अमिट पहचान है जो हमारे जन्म से लेकर हमारी मृत्यु के बाद भी हमारे साथ बनी रहती है इसीलिए जब भी नामकरण किया जाए तो सावधानी पूर्वक किया जाना चाहिए क्योंकि जीवन में एक ही बार नामकरण होता है विवाह भी दो या तीन बार किया जा सकता है मृत्यु को भी कभी-कभी कुछ लोग मात देकर वापस आ जाते हैं लेकिन एक बार नाम रख दिया जाए तो वह अंत तक चलता है | नाम को किसी महापुरुष के सानिध्य में विचार करके शुभ घड़ी और शुभ मुहूर्त में सही तरीके
और सही भाव के साथ राशि के अनुसार ही रखा जाना चाहिए राशि नाम का उपयोग की पूजा, उच्चारण में किया जाना चाहिए कई बार लड़कियों की शादी हो जाने पर गोत्र बदल जाने पर उनका नाम भी बदल दिया जाता है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए जो राशि नाम है उसी का उपयोग हर समय किया जाना चाहिए क्योंकि यह हमारे ग्रह नक्षत्रों को प्रभावित करता है और उनका प्रभाव हमारे जीवन के ऊपर पड़ता है इसीलिए राशि नाम का बहुत अधिक महत्व है,
शिशु के जन्म के पश्चात 6 दिन पर शिशु का नामकरण संस्कार के साथ किया जाना चाहिए कहा जाता है कि उस दिन ब्रह्मा जी उनके श्रवण द्वार को खोलते हैं इसके पश्चात पूर्वजों के द्वारा प्रचलित परंपराओं को क्रम अनुसार ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह धार्मिक दृष्टि से ही नहीं वैज्ञानिक दृष्टि से भी सही है रामफ़ल जी के द्वारा सुंदरकांड की चौपाई ” जग महू सखा……… के भाव को स्पष्ट करने की विनती बाबाजी से की, बाबा जी ने इन पंक्तियों के भाव को स्पष्ट करते हुए बताया कि, भगवान श्रीराम का जन्म केवल राक्षस रावण को मारने के लिए नहीं हुआ था उनका जन्म ऋषि-मुनियों के उद्धार के लिए, शबरी माता के उद्धार के लिए माता कौशल्या के मातृत्व के संतुष्टि के लिए, धर्म की स्थापना के लिए अपने भक्तों के उद्धार के लिए हुआ था, इसीलिए इन पंक्तियों का भाव यही है कि लक्ष्मण जो कि स्वयं शेषनाग के अवतार हैं उनका मात्र एक बान ही पूरे राक्षसों का नाश कर सकता था, भगवान राम का जन्म रावण की वध हेतु नहीं अपितु धर्म की स्थापना हेतु हुआ क्योंकि धर्म ही राम है और राम ही धर्म दाताराम साहू जी ने कबीर दास जी की पंक्तियां नाम रत्न धन मुझ में,खान खुली घट माहिं।सेंत मेंत ही देते हौं,ग्राहक कोई नाहिं।। पूज्य गुरुदेव जी इस पर प्रकाश डालने की कृपा करें, बाबा जी ने इन पंक्तियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत गणों द्वारा मनुष्य को ईश्वर से मिलाने हेतु सेतु का निर्माण किया गया यह सेतु निर्माण उनके द्वारा रचित ग्रंथों महापुराण रामचरितमानस भगवत गीता उपनिषदों में उद्धृत है, परंतु मनुष्य अपने सांसारिक समुद्र में इस प्रकार फंसा हुआ है कि वह मोह माया लोभ प्रपंच झूठ छल कपट से उबर नहीं पा रहा है और ईश्वर मिलन सेतु मार्ग को ना देखते हुए संसार के मोह में फंसा हुआ है, इसी दुर्भाग्य को देखते हुए कबीर जी ने कहा है कि, वह राम नाम के रत्न की दुकान खोल कर बैठे हैं और इसको पाने का कोई मूल्य भी नहीं है परंतु यहां कोई भी ग्राहक नहीं आ रहा है अर्थात प्रपंची, जीव मोहमाया छल कपट जुआ शराब के लिए लाइन लगाकर खड़ा है जो दुख का हेतू है, लेकिन जो सुख व मुक्ति का हेतु है ऐसे पवित्र भगवान नाम और सत्संग के लिए लोगों की कमी हो रही है इस प्रकार आज का आनंद दायक एवं ज्ञान पूर्ण रहा जय गौ माता जय गोपाल जय सियाराम
बालोद–जिले में हाथियों की झुंड ने दस्तक दे दी है, वही गुरुर ब्लाक के ग्रामीणों ने मुनादी कर लोगो को जंगल जाने से मना कर दिया है, बताया जा रहा है की हाथियों का दल गरियाबंद,
कांकेर धमतरी के जंगलों से महानदी डुबान को पार कर बालोद जिले में दस्तक दे दिया है । वही हाथियों का दल अब बालोद जिले के गुरुर वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर बड़भूम के भीतरी
जंगलों से होकर दल्लीराजहरा व डौंडी वन परिक्षेत्र की ओर बढ़ रहे है । वही हाथियों के झुंड पहुँचने के बाद वन विभाग भी एलर्ट हो गया है । जंगली चंदा हाथियों का दल पहुँचने की जानकारी बड़भूम के जंगल मे कॉलर आईडी से मिली थी इस हाथियों के दल में 18 हाथी और
चार बच्चे भी शामिल है ।एसा अनुमान लगाया जा रहा है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है. अभी तक किसी भी प्रकार की कोई जन हानि की जानकारी नहीं है.. वन विभाग पूरी तरह से सक्रिय है।
बालोद जिले के अर्जुन्दा थाना क्षेत्र में बघमरा पूल के पास कल रात एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई | प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक मोहन यदु
ग्राम चिचलगोंदी का निवासी था | मृतक और उसका साथी दुखहरन यादव दोनों साइकिल पर
सवार होकर अपने गाँव जा रहे थे तभी एक तेज गति से जा रही अज्ञात वाहन द्वारा मोहन यदु को ठोकर मारकर निकल गई जब उसके साथी ने देखा कि मोहन यदु गिरा हुआ है तो उसे उठाने के लिए जैसे ही हाथ बढाया तो देखा उसका सिर कुचला हुआ है अपने साथी को इस तरह
लहूलुहान देखकर उसे (दुखहरन यादव) भी चक्कर आ गया और वह भी वहीँ गिर पड़ा जिसे आसपास के ग्रामीणों द्वारा इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया | अर्जुन्दा थाना क्षेत्र से पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के भेज दिया गया है और अज्ञात वाहन के सम्बन्ध में जांच पड़ताल की जा रही है |